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एमपी जेलों में 46 हजार कैदियों के बीच एनआरआई भी पड़ सकते हैं परेशान, एसआईआर ने बढ़ाई टेंशन

भोपाल  मध्य प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों में मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानि एसआईआर शुरू हो गया है. इसमें बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की वोटर लिस्ट का मिलान कर रहे हैं. लेकिन मिलान साल 2003 की मतदाता सूची से किया जा रहा है. ऐसे में कई लोगों को अगले चुनाव में मताधिकार से वंचित रहना पड़ सकता है. इस समस्या को लेकर अब तक सरकार ने कोई दिशा-निर्देश भी जारी नहीं किया है. ऐसे समझें एसआईआर की प्रक्रिया एसआईआर का मतलब है मतदाता सूची का विशेष गहन निरीक्षण यानि मतदाता सूची को अपडेट कर वास्तविक मतदाताओं की पहचान करना. इसके लिए बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना पत्र वितरित कर रहे हैं. मतदाताओं द्वारा इस फार्म को भरकर बीएलओ को वापस लौटाना अनिवार्य है. अन्यथा मतदाता सूची से नाम काटा जा सकता है. एसआईआर में यहां उलझ रहा पेंच दरअसल प्रत्येक मतदाता को जो फार्म दिया गया है, उसमें जन्मतिथि, माता-पिता का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर भरना है. इसके साथ ही पुरानी वोटर लिस्ट का एपीआईसी नंबर भी दर्ज करना होगा. फार्म के साथ एक पासपोर्ट साइज फोटो भी लगानी है. खास बात यह है कि वर्तमान वोटर लिस्ट को वर्ष 2003 की लिस्ट से मिलाया जा रहा है. लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जो साल 2003 में किसी और स्थान पर थे, लेकिन अब कहीं और निवास कर रहे हैं, ऐसे में उन लोगों के लिए एसआईआर प्रक्रिया चुनौती बन सकती है. सरकारी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को टेंशन कर्मचारी नेता उमाशंकर तिवारी ने बताया कि सेंट्रल गवर्नमेंट और राज्य के लाखों ऐसे कर्मचारी हैं, जो साल 2003 में किसी और जिले में पदस्थ थे. उन्होंने उस समय कहीं और वोट डाला था. लेकिन आप ट्रांसफर के बाद किसी और जिले में पदस्थ हो गए हैं या फिर ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी जो सेवाकाल में किसी और शहर में थे और रिटायरमेंट के बाद किसी और शहर में बस गए हैं. ऐसे लोगों को साल 2003 की मतदाता सूची से वोटर लिस्ट का मिलान कराना बड़ी कठिनाई प्रक्रिया होगी. 46 हजार कैदियों का सत्यापन अधर में जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया में व्यक्ति की प्रत्यक्ष मौजूदगी जरूरी नहीं होती है. वह व्यक्ति कहीं भी रहे, लेकिन उसके परिजन या प्रतिनिधि साल 2003 की मतदाता सूची के साथ वर्तमान सूची का मिलान कर फार्म भरकर बीएलओ को दे सकते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश की जेलों में बंद करीब 46 हजार कैदियों लिए यह काम काफी कठिन है. यही कठिनाई एनआरआई या प्रवासियों के साथ है. क्योंकि इन लोगों के परिजन या रिश्तेदार यदि दूसरे राज्यों में रहते हैं, तो उन्हें फार्म भरने और जमा करने में काफी संघर्ष करना पड़ सकता है. ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं एनआरआई जो लोग लंबे समय से विदेश में रह रहे है, उनके परिजनों को गणना प्रपत्र में उनकी जानकारी देना होगी. 2003 की वोटर लिस्ट में अगर उनका या उनके माता-पिता का नाम है तो वह यह फार्म भर सकते है. यदि उन्होंने दूसरे देश की नागरिकता ले ली है तो वे वोटिंग लिस्ट से बाहर कर दिए जाएंगे. हालांकि यदि फिजिकल फार्म नहीं भर सकते, तो ऐसी परिस्थिति में एनआरआई ऑनलाइन फार्म भी भर सकते है. अधिकारी भी नहीं दे रहे जबाव इस मामले में जब गोविंदपुरा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही. वहीं डिप्टी डीईओ भी इसका जबाव नहीं दे सके. वहीं इस मामले में जेल डीजी वरुण कपूर का कहना है कि इलेक्शन कमीशन से अभी जेलों में बंद कैदियों के एसआईआर को लेकर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. इस संबंध वही जानकारी दे पाएंगे. 

लापरवाही बर्दाश्त नहीं: पुलिस से जुड़े मामलों में कठोर कदम उठाने के निर्देश

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि पुलिस से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ितों की मदद में विलंब और लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है, तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझकर कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाए। सीएम योगी ने यह निर्देश मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही दो टूक समझाया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। कुछ प्रकरणों पर उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि यह भी पता लगाएं कि यदि किसी को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है, तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधि सम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया। हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें चॉकलेट दिया। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़-रोटी खिलाया। 

विधानसभा नियुक्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा—अभी नहीं होगी CBI जांच

रांची झारखंड विधानसभा में नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल इस मामले में सीबीआई जांच शुरू नहीं होगी। अदालत ने मंगलवार को सीबीआई द्वारा दायर उस इंटरलोक्यूटरी आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उसने विधानसभा नियुक्ति घोटाले पर लगी रोक हटाकर प्रारंभिक जांच (प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी) आगे बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने सुनवाई के दौरान झारखंड विधानसभा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।  जब भी इस तरह के मुद्दे आते हैं, सीबीआई बिना कारण बीच में कूद पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट पहले ही सीबीआई जांच पर रोक लगा चुकी है, इसलिए सीबीआई का इस मामले में आगे बढ़ने का कोई आधार नहीं है। सीबीआई की ओर से एएसजी एसवी राजू ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि नियुक्तियों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और एजेंसी को जांच करने दी जानी चाहिए। हालांकि, पीठ ने यह तर्क अस्वीकार कर दिया और कहा कि दायर आवेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है। सुनवाई के दौरान पीठ ने सीबीआई की भूमिका पर तीखी टिप्पणी की। सीजेआई गवई ने सवाल किया, ''आप अपनी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए एजेंसी का इस्तेमाल क्यों करते हैं? कई मामलों में हमने कहा है कि जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर रोक लगनी चाहिए।'' दरअसल, सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि विधानसभा में बड़े पैमाने पर अवैध नियुक्तियां हुई हैं, जिनकी सीबीआई कराई जानी चाहिए। याचिका में कहा गया था कि 2018 में तत्कालीन राज्यपाल ने विधानसभा में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए 30 बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। सितंबर 2024 में झारखंड हाईकोर्ट ने शर्मा की याचिका स्वीकार करते हुए सीबीआई को प्रारंभिक जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि आरोप गंभीर हैं और इनमें ''उच्च पदों पर बैठे लोगों की मिलीभगत'' की आशंका है, इसलिए राज्य पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं मानी जा सकती।  हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ झारखंड विधानसभा और राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। इस याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने बिना मजबूत आधार के, राज्य की एजेंसी को अयोग्य बताते हुए सीधे सीबीआई को पहली जांच एजेंसी बना दिया, जो न्यायिक दृष्टि से सही नहीं है। इस याचिका पर नवंबर 2024 में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहले यह तय किया जाएगा कि क्या सीबीआई को सीधे जांच सौंपने का आधार मजबूत था या नहीं। मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सीबीआई के आवेदन और हाईकोर्ट के आदेश की वैधता पर विस्तृत सुनवाई करेगा।

350वें शहीदी दिवस पर CM सैनी का नमन: कहा- गुरु तेग बहादुर की त्याग-परंपरा सदैव अमर

यमुनानगर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज यमुनानगर पहुंचे, जहां उन्होंने सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले साढ़ौरा स्थित ऐतिहासिक गुरुघर में पूरे सम्मान के साथ शीश नवाया और माथा टेका।  गुरु तेग बहादुर का जीवन पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर श्री गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदानों और शहादत को नमन करते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का जीवन और उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने पूरी दुनिया को सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने इस बात को राज्य का सौभाग्य बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत की याद में निकाली जा रही 'हिन्द की चादर यात्रा' का आयोजन हरियाणा में हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा प्रदेश के हर कोने में निकाली जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य गुरु श्री तेग बहादुर जी के ऐतिहासिक बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाना है।  24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा पवित्र यात्रा का समापन  मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि इस पवित्र यात्रा का समापन 24 नवंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होगा। प्रदेशभर से निकली सभी यात्राएं कुरुक्षेत्र में एकत्रित होंगी। इसके उपरांत, 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय महा समागम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे और गुरु साहिब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।  ये रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुज्जर समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में सिख संगत ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। मुख्यमंत्री सैनी ने सभी को गुरु तेग बहादुर जी के बलिदानों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।  

दिल्ली कूच की तैयारी पर ब्रेक: 100 किसानों को नर्मदापुरम में ट्रेन से रोका, विरोध में रेलवे स्टेशन पर किया प्रदर्शन

नर्मदापुरम अपनी मांगों के लिए तमिनलाडु से दिल्ली प्रदर्शन करने जा रहे लगभग 100 किसानों को पुलिस ने सोमवार शाम रेलवे स्टेशन पर उतारा। राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन के तत्वावधान में किसान जीटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर किसानों को उतारा। किसानों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया ट्रेन से उतारे जाने के विरोध में किसानों ने रेलवे स्टेशन पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। साथ ही तमिल भाषा में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी किसानों में पुरुषों के साथ बुजुर्ग, महिलाएं भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारी किसानों को उतारने के साथ ही प्रशासन अब उन्हें वापस करने का इंतजाम कर रहा है। वर्तमान में शहर के एक निजी गार्डन में किसानों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी उतारे किसान नर्मदापुरम की तरह की इटारसी रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस से प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लगभग 80 किसानों को उतारा गया। सभी किसानों को बस के माध्यम से नर्मदापुरम लाया गया। इन किसानों के लिए रात्रि भोजन की व्यवस्था भी नर्मदापुरम में प्रशासन ने की है। साथ ही सुबह सभी किसानों को वापस तमिलनाडु पहुंचाने का इंतजाम किया जाएगा।

नई सरकार का मंत्रिमंडल फाइनल? इस मंत्रालय पर बढ़ी खींचतान, BJP-JDU में मंथन तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनने से पहले जेडीयू–बीजेपी गठबंधन में मंत्रिमंडल के स्वरूप और विभागों के बंटवारे को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। दिल्ली में जेडीयू नेताओं राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ करीब ढाई घंटे लंबी बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रालयों के बंटवारे, विधानसभा अध्यक्ष पद और दोनों दलों की भूमिकाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। गृह मंत्रालय पर अटका मामला बीजेपी इस बार गृह मंत्रालय और शिक्षा विभाग अपने पास चाहती है और इसके बदले स्वास्थ्य व वित्त मंत्रालय छोड़ने के लिए तैयार है। जेडीयू शिक्षा विभाग छोड़ने पर सहमत दिख रही है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है। साल 2005 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गृह मंत्रालय अपने पास रखते आए हैं। कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार नियंत्रण पर सीधी पकड़ की वजह से वे इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय को लेकर सहमति बनना अभी मुश्किल माना जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष पद पर बनी सहमति विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर चली खींचतान अब खत्म हो गई है। बीजेपी के खाते में विधानसभा अध्यक्ष और जेडीयू के खाते में उपाध्यक्ष पद तय कर दिया गया है। इसके बाद मंत्रिमंडल की संभावित संरचना पर बातचीत और तेज हो गई है। संभावित विभागीय बंटवारा   बीजेपी के खाते में संभावित प्रमुख विभाग: राजस्व सहकारिता पशु एवं मत्स्य संसाधन विधि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण उद्योग पर्यटन पथ निर्माण (बीजेपी गृह और शिक्षा विभाग भी चाहती है; बदले में स्वास्थ्य और वित्त छोड़ने की पेशकश) जेडीयू के खाते में संभावित प्रमुख विभाग: कृषि खान एवं भूतत्व जल संसाधन संसदीय कार्य ऊर्जा योजना एवं विकास विज्ञान एवं प्रावैधिकी तकनीकी शिक्षा ग्रामीण विकास खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण अंतिम सहमति का इंतजार दोनों दलों के बीच कुल हिस्सेदारी लगभग तय मानी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा मतभेद गृह मंत्रालय को लेकर है, जिसे नीतीश कुमार अपने पास रखने पर अडिग हैं। विधानसभा अध्यक्ष पद पर सहमति के बाद उम्मीद है कि आज देर रात एक और बैठक होगी, जिसमें सरकार की अंतिम रूपरेखा स्पष्ट होने की संभावना है।  

उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड! दिल्ली, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में शीतलहर, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली  देश में मौसम का बदलाव तेज़ी से महसूस (Weather Update) किया जा रहा है। एक तरफ उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की लपेट में है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। IMD ने पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, तेलंगाना और विदर्भ में 18 से 20 नवंबर के दौरान विभिन्न स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 18 से 22 नवंबर तक समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह भी दी है।   उत्तर भारत में ठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में सुबह-शाम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है और लोग दिन के समय होने वाली धूप का आनंद लेते दिख रहे हैं। वहीं, दक्षिण भारत पिछले कुछ दिनों से बारिश की मार झेल रहा है, जिससे कई इलाके जलभराव और खराब मौसम की स्थिति से जूझ रहे हैं।   मध्य प्रदेश में शीतलहर  मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 18 नवंबर को शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है और 19-20 नवंबर को कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-20, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 18 और मध्य महाराष्ट्र में 19 नवंबर को कुछ स्थानों पर शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है।   दिल्ली-एनसीआर में मौसम  आईएमडी के अनुसार, 18 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। तापमान में और गिरावट की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।   यूपी का मौसम  उत्तर प्रदेश में भी शीतलहर का असर तेज है। प्रयागराज में सोमवार को सीजन का पहला कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग का कहना है कि पूरे प्रदेश में ठंड का यही रुख बरकरार रहेगा। 17 नवंबर को लखनऊ का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बिहार का मौसम  बिहार में 18 नवंबर से तापमान में तेज गिरावट की संभावना है। सुबह के समय कई जिलों में शीतलहर का असर महसूस हो सकता है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों का मौसम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी है। 18 नवंबर को इन राज्यों में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है।

नए बिजली कनेक्शन वालों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार ने किया अहम ऐलान

चंडीगढ़ पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य सरकार के एक बड़े जन-हितैषी फैसले का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) अब आवेदकों को आवश्यक गारंटी जमा करवाने के बाद बिना NOC  के भी बिजली कनेक्शन जारी करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि नागरिकों को बिना देरी के बुनियादी सुविधाएं मिलें और कानूनी प्रक्रिया भी सुचारू रूप से पूरी हो सके। मंत्री ने बताया कि पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदकों को स्थानीय निकायों जैसे MC, GAMADA, GLADA, JDA, ADA, PDA या BDA से NOC, रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट या पास बिल्डिंग प्लान आदि दस्तावेज जमा करवाने पड़ते थे। कई बार यह मंज़ूरियां मिलने में देरी होती थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अब इसका व्यावहारिक समाधान लागू कर दिया गया है। नए नियम क्या कहते हैं?     यदि आवेदक यह लिखित रूप में देगा कि भविष्य में किसी भी योग्य विभाग द्वारा उसकी इमारत को अवैध घोषित किया जाता है तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है,     तो उसे सप्लाई कोड 2024 के अनुसार कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा।     आवेदक को सामान्य शुल्कों के साथ-साथ डिसमेंटलिंग (तोड़–फोड़) चार्ज को कवर करने के लिए सर्विस कनेक्शन चार्ज के बराबर राशि सुरक्षा के रूप में जमा करानी होगी।     मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था जनता की सुविधा और सुरक्षा—दोनों को ध्यान में रखकर लागू की गई है।     उन्होंने कहा कि मान सरकार का मानना है कि हर परिवार को बुनियादी सेवाएं मिलनी चाहिए और कोई भी नागरिक बिजली जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। फार्म सरल होंगे, रिकॉर्ड डिजिटल होंगे बिजली मंत्री ने बताया कि बिजली कनेक्शन से जुड़े आवेदन फॉर्म को सरल बनाया जा रहा है और रिकॉर्डों का डिजिटलाइजेशन तेज गति से किया जा रहा है।

फरीदाबाद हथियार मामला: पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बताया यात्रा रोकने का षड्यंत्र, जांच की मांग

छतरपुर दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा संपन्न होने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं को धन्यवाद दिया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में जो भारी विस्फोटक और हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था, लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी। हनुमान जी की कृपा से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई। पूरी दुनिया ने इसमें हिंदुओं का ज्वार भाटा देखा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का हमने जो प्रण लिया है, वह सबकी एकजुटता से अवश्य पूरा होगा। सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई और 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई।   पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां बांके बिहारी के दर्शन कर बागेश्वर धाम पहुंचे। मंगलवार को बालाजी की दर्शन पूजा कर पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए भक्तों को आशीर्वाद दिया। पदयात्रा से त्वरित मिली तीन सफलताएं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक जा रहा है। इसकी तीन सफलताएं त्वरित दिखाई दे रही हैं। इससे न सिर्फ हिंदू एकता को ताकत मिली, बल्कि समरसता का संदेश भी गया है। रास्ते में जहां भी उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया जिन्हें लोग अछूत कहते हैं वहां-वहां समरसता की चर्चा हुई।

बांग्लादेश में उग्र प्रदर्शन: हसीना की सजा के विरोध में सड़कों पर बवाल, 50 घायल

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में तनाव और हिंसा फैल गई। फैसले के बाद रातभर कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और हमलों की रिपोर्ट आई है। कम से कम 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। अदालत का फैसला बना कारण सोमवार को ICT ने शेख हसीना को पिछले साल जुलाई में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरुद्ध अपराधों के आरोपों में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनके दो शीर्ष सहयोगियों  पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी दोषी ठहराया गया। हालांकि मामून को अपराध की गंभीरता को देखते हुए हल्की सजा दी जाएगी।फैसले के कुछ ही घंटों बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह सड़कों पर मार्च निकाले और कुछ स्थानों पर प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया।   ढाका में सबसे उग्र प्रदर्शन सबसे ज्यादा उग्रता ढाका के धानमंडी 32 इलाके में देखी गई। यह वही स्थान है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है।ढाका ट्रिब्यून और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार:     प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार टकराव हुआ     दंगाइयों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की     साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया     50 से ज्यादा लोग घायल हुए     5 जिलों में गाड़ियां जलाई गईं फैसले के बाद कम से कम पांच जिलों केरनिगंज, नारायणगंज, चिटगांव, सिराजगंज और बोγρα में वाहनों को आग लगाने की घटनाएं हुईं। सुरक्षा एजेंसियों को रातभर हालात काबू में करने के लिए तैनात रहना पड़ा। पिछले हफ्ते ही देश में 50 से ज्यादा आगजनी और देसी बम हमले हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। अदालत के फैसले ने इस तनाव को और भड़का दिया है। हमला पूर्व राष्ट्रपति के घर तक पहुंचा किशोरगंज जिले में स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भी देर रात हमला किया गया।प्रथम अलो की रिपोर्ट के अनुसार:     फैसले के बाद इलाके में कुछ लोगों ने जुलूस निकाला     तभी 20–30 लोगों की भीड़ ने अचानक घर पर धावा बोल दिया     तोड़फोड़ की गई, हालांकि बड़े नुकसान से बचा लिया गया बांग्लादेश में तनाव बरकरार देश में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा बलों को कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है। विशेष बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि इंटरनेट सेवाएं और संचार पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।