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पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने ट्रेनों के समय पालन क्षमता बढ़ाने के लिए किया संशोधन

इंदौर आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ये खबर आपके काम की है। जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इंदौर-देवास-उज्जैन रेल मार्ग पर ट्रेनों की समय पालन क्षमता सुधारने के लिए तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव किए हैं। इसलिए जो भी पैसेंजर यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं उन्हें पहले चेक करना जरूरी होगा। यह संशोधित समय-सारणी अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ट्रेनों के सुचारु संचालन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इन ट्रेनों की बदली रहेगी टाइमिंग -गाड़ी संख्या 19343 इंदौर-नैनपुर पेंचवैली एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 13:15 बजे प्रस्थान करेगी। गाड़ी संख्या 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन 25 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 15:05 बजे चलेगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 15:31 बजे तथा प्रस्थान 15:33 बजे निर्धारित किया गया है। -गाड़ी संख्या 22191 इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 19:35 बजे रवाना होगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 20:01 बजे तथा प्रस्थान 20:03 बजे रहेगा।

एग फ्रीजिंग का खर्च और प्रक्रिया: सानिया मिर्जा ने शेयर किया अनुभव

मुंबई  आज के समय में महिलाएं करियर और लेट शादी की वजह से जल्दी मां बनने का फैसला नहीं ले पाती है, लेकिन भविष्य में मां बनना चाहती हैं. जो महिलाएं लेट मां बनना चाहती हैं उनके लिए एग फ्रीजिंग एक सुरक्षित विकल्प है. एग फ्रीजिंग की मदद से महिलाएं लेट प्रेग्नेंसी भी कंसीव कर सकती हैं. हाल ही में सानिया मिर्जा ने पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने बेटे को जन्म देने के बाद एग फ्रीज करवाया है. ताकि वह भविष्य में मां बन सके. आइए जानते हैं क्या एग फ्रीजिंग और इसके फायदे.  सनिया मिर्जा ने कराया एग फ्रीज  पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा हाल ही में फिल्म मेकर फराह खान के यूट्यूब शो में नजर आई. इस दौरान सनिया मिर्जा ने बताया है कि उन्होंने फराह खान के डॉक्टर की मदद से एग फ्रीज कराया था. एग फ्रीज का फैसला उन्होंने बेटे के जन्म के बाद लिया. सानिया मिर्जा ने बताया है कि उनके एग फ्रीज के बारे में बहुत कम लोगों को पता है. सानिया मिर्जा ने बताया है कि एग फ्रीज कराना उनकी लाइफ सबसे अच्छा फैसला है. उन्होंने बोला कि अन्य महिलाओं को भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए.  क्या नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए  नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए. एक बार नेचुरल कंसीव करने के बाद भी भविष्य में प्रेग्नेंसी कंसीव में दिक्कत हो सकती है. अगर कोई महिला 30 साल की उम्र में मां बनने के बाद एग फ्रीज करवाती हैं तो वह 40 की उम्र में दूसरी प्रेग्नेंसी को आसानी कंसीव कर सकती हैं. 30 की उम्र की एग की क्वालिटी काफी अच्छी होती है.  किसी उम्र कराना चाहिए एग फ्रीजिंग  एग फ्रीजिंग के लिए 25 से 35 साल की उम्र सबसे अच्छी मानी जाती है. इस उम्र में एग की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है. 35 साल की उम्र तक एग फ्रीज करवाना बेहतर माना जाता है. 40 साल की उम्र में भी एग फ्रीज करवा सकती हैं, लेकिन इस उम्र के बाद एग्स की गुणवत्ता और संख्या कम होने लगती है.  एग फ्रीजिंग क्यों जरूरी  करियर या पढ़ाई पर फोकस करने वाली महिलाएं भविष्य में मां बनने के लिए एग फ्रीज करवा सकती हैं. वहीं देर से शादी होने पर मां बनने के सपने को बरकरार रहें.  कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पहले एग फ्रीज कराना चाहिए ताकि आगे चलकर मां बनने का सपना पूरा हो सके.  एग फ्रीजिंग का खर्च  एक बार एग फ्रीज करवाने में 2 से 3 लाख का खर्च हो सकता है. वहीं रोजाना एग फ्रीज स्टोर का  खर्च 30 से 60 हजार हो सकता है.  एग फ्रीज करवाने के बाद मां बनने की संभावना  एग फ्रीजिंग से मां बनने की सफलता महिला की उम्र और अंडाणुओं की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. कम उम्र में फ्रीज किए गए से प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक होती है. इसलिए एक्सपर्ट कम उम्र में एग फ्रीज कराने की सलाह देते हैं. एग फ्रीज की मदद से 40 की उम्र के बाद भी प्रेग्नेंसी कंसीव की जा सकती है लेकिन यह प्रोसेस काफी महंगा होता है.   

सोयाबीन के लिए भावांतर योजना में नया मॉडल रेट: 4255 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4255 रुपए भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 18 नवंबर को 4255 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए तथा 17 नवंबर को 4236 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। भावान्तर का मॉडल रेट बढ़ने का आशय यह है कि मंडी में सोयाबीन का भाव बढ़ रहा है। नमी कम होने से सोयाबीन की गुणवत्ता ठीक होने से रेट का बढ़ना स्वाभाविक है। किसानों को मंडी में अच्छा भाव मिल रहा है। वैसे भी मॉडल भाव पिछले चौदह दिन के सोयाबीन के बाजार भाव का भारित औसत है। एमएसपी से ऑक्शन भाव / मॉडल भाव के अंतर की राशि सरकार दे रही है और किसान के नुक़सान की भरपाई कर रही है। प्रदेश में भावान्तर योजना के सफल क्रियान्वयन ने किसानों को एमएसपी की राशि मिलने की गारंटी दी है। व्यापारियों को मंडी से व्यापार मिल रहा है, जो उपार्जन की वजह से प्रभावित हो जाता है।  

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से ताराबाई को उच्च स्तरीय इलाज के लिए इंदौर भेजा, परिजनों ने CM मोहन यादव को किया धन्यवाद

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से ताराबाई को उच्च स्तरीय इलाज के लिए इंदौर भेजा मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया इंदौर  खुशियों की दास्तां पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रदेश में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजने हेतु वरदान सिद्ध हो रही है। इस योजना के तहत मंगलवार सुबह खंडवा जिले के पंधाना विकासखण्ड के ग्राम शाहपुरा निवासी श्रीमती ताराबाई पति बलराम उम्र 73 वर्ष को खंडवा की हवाई पट्टी से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से इंदौर के एम वाय हॉस्पिटल में उच्च स्तरीय इलाज के लिए भिजवाया गया। मरीज के साथ उनके परिजन श्री लक्ष्मण ओसवाल भी गए। उन्होंने ताराबाई के उपचार के लिए एयर एंबुलेंस की निशुल्क सुविधा मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव और श्री मुकेश तन्वे भी मौजूद थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण ताराबाई लकवा ग्रस्त हो गई थी, मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए आज एयर एंबुलेंस के माध्यम से इंदौर भिजवाया गया है, जिससे वहां उन्हें उच्च स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। डॉ. जुगतावत ने बताया कि एयर एम्बुलेंस से आयुष्मान कार्ड धारको को राज्य के भीतर और बाहर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए भेजने हेतु निशुल्क सेवा उपलब्ध है। गैर आयुष्मान कार्ड नागरिको को राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों तक निशुल्क तथा राज्य के बाहर अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, अस्पताल अधीक्षक डॉ.रंजीत बड़ोले, नोडल अधिकारी एयर एंबुलेंस डॉ.दीपशिखा इवने व अधिकारी मौजूद थे।

डीआईजी भुल्लर के परिवार के खातों पर रोक, आर्थिक संकट के बीच डी-फ्रीज की मांग

चंडीगढ़  रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार को अब आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा उनके साथ-साथ उनके बेटे और पिता के बैंक खातों को भी फ्रीज किए जाने के बाद रोजमर्रा का घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी सिलसिले में सोमवार को डीआईजी भुल्लर की ओर से जिला अदालत में बैंक खातों को डी-फ्रीज करने की मांग करते हुए एक अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने इस पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिस पर 20 नवंबर को सुनवाई होगी। भुल्लर के वकील ने दलील दी कि जबकि सीबीआई उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी रखे, लेकिन उनके परिवार के खाते फ्रीज होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, खेती-बाड़ी सहित घर के खर्चे और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त आय तक पहुंच न होने से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। खाते फ्रीज होने से बढ़ी परेशानीसीबीआई ने न केवल भुल्लर का सैलरी अकाउंट बल्कि उनके बेटे का वेतन खाता और पिता का पेंशन खाता भी फ्रीज कर दिया है। उनके बेटे के पंजाब में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल होने के बावजूद वह अपनी सैलरी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भुल्लर के परिवार को किराए और खेती से होने वाली आमदनी भी अब बैंक खाते फ्रीज होने के कारण नहीं मिल पा रही है, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। रिश्वतखोरी और जांच की पृष्ठभूमिगौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले महीने डीआईजी भुल्लर और उनके सहयोगी कृष्णु शारदा को मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप व्यापारी आकाश बत्ता से ₹8 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज किया गया। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एक महीने पहले जिस घर से नोटों के ढेर बरामद किए गए थे, वहीं अब परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझ रहा है। अदालत में सुनवाई के साथ यह मामला अब और गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है।

कैश में कार खरीद और दिल्ली धमाका—डॉ. शाहीन-मुजम्मिल की करतूत से उठे बड़े सवाल

नई दिल्ली  दिल्ली बम धमाके मामले में आरोपी शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील को लेकर कुछ नए खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों नई मारुति सुजुकी ब्रेजा खरीदी थी, जो विस्फोटक सामग्री ले जाने या बम पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही 32 कारों में से एक थी। जांचकर्ताओं से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को एनडीटीवी को यह जानकारी दी। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े दोनों डॉक्टरों शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील गिरफ्तार हो चुके हैं। इन्होंने 25 सितंबर को शोरूम में सिल्वर रंग की यह कार खरीदी थी। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उन्होंने पेमेंट कैश में किया था। 30 कारों की जानकारी आई सामने बीते सोमवार को लाल किले के पास हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह गाड़ी उन 30 कारों में शामिल थी जिन्हें सीरियल धमाकों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। इन हमलों का निशाना कई जगहें थीं, जिनमें दिल्ली में 6 ठिकाने शामिल थे। ये हमले 6 दिसंबर को होने वाले थे। ये वही तारीख है जब 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भीड़ ने 16वीं शताब्दी की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। कई गाड़ियां हो चुकीं बरामद रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक कई गाड़ियां बरामद हो चुकी हैं। इनमें वो ब्रेज़ा भी शामिल है जिसकी रजिस्ट्रेशन नंबर HR 87U 9988 है और यह हरियाणा में रजिस्टर्ड है। यह गाड़ी फरीदाबाद स्थित अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के कैंपस से बरामद हुई। यूनिवर्सिटी अब दिल्ली कार बम कांड की जांच के केंद्र में है। पिछले सोमवार को एक मारुति स्विफ्ट डिजायर जब्त की गई थी, जिसमें असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद मिला था। बुधवार को फरीदाबाद में लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट भी मिली थी।  

चेहरे पर नहीं थी कोई शिकन: दिल्ली धमाके के आरोपी से मुलाकात के बाद वकील का बड़ा बयान

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट के मामले में एनआईए ने आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के सहयोगी आमिर राशिद अली को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में है। इस बीच उसकी सरकारी वकील का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने राशिद से बात की थी और उसके चेहरे पर ना तो कोई पछतावा था और ना ही कोई अपराध बोध। एडवोकेट स्मृति चतुर्वेदी ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आगे की जांच के लिए आमिर राशिद अली की रिमांड (पुलिस हिरासत) मांगी और कहा कि यह बहुत ज़रूरी है। उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने ने आमिर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह धमाके में इस्तेमाल की गई गाड़ी का रजिस्टर्ड मालिक है। एडवोकेट स्मृति चतुर्वेदी ने कहा,आमिर राशिद अली के चेहरे पर कोई अपराध बोध नहीं था, पछतावे की कोई भावना नहीं थी और ना ही चेहरे पर कोई शिकन थी।  

भारत में पहली बार ‘नेट योजना’ की शुरुआत, पंजाब ने बढ़ाया कदम

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने संचार तकनीकी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पंजाब पूरे भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने संशोधित भारत नेट योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तकनीकी विकास को प्राथमिकता देती आई है. इसी कड़ी में पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी सिन्हा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सीजीएम बीसएनएल सर्कल अजय कुमार करड़ा द्वारा चंडीगढ़ में प्रदान किया गया. भगवंत मान सिंह के नेतृत्व में मुख्य सचिव के.ए.पी सिन्हा ने इस उपलब्धि को पंजाब की तकनीकी का बड़ा प्रतीक बताया उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 43 छाया क्षेत्रों में इंटरनेटट सेवाएं सफलतापूर्वक पहुंचा दी गई हैं और केवल एक ही गांव बाकी है. नवंबर के अंत तक उस गांव में भी ब्रॉडबैंड सुविधाएं पहुंच जाएंगी, जिससे लोग डिजिटल सेवाओं तक आसानी से पहुंच पाएंगे. भारत नेट योजना का मुख्य उद्देश्य देश की सभी ग्राम पंचायतों, घरों और शैक्षणिक सामाजिक संस्थानों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ना है. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ई-हेल्थ, ऑनलाइन शिक्षा और अन्य डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए बनाई गई है. यह योजना सबसे पहले अमृतसर के हर्षा चिन्ना ब्लॉक से शुरू की गई थी. कई सरकारी एजेंसियों और जिला अधिकारियों की सहायता से अब तक न 1000 किलोमीटर OFC बिछाई जा चुकी है. भगवंत मान सिंह के नेतृत्व में मुख्य सचिव और दूरसंचार की संयुक्त बैठक में लिए गए फैसले से ये उपलब्धि हासिल हुई है. बीएसएनएल ने बताया कि पठानकोट कोट इंडो-पाक सीमा के पास स्थित गांव रमकलवां को ‘विद्या मित्रम’ योजना के तहत वाई-फाई की सेवा उपलब्ध कराई गई है. बीएसएनएल ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि राज्यभर के सरपंचों को ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरित किया जाए.

मान सरकार की पहल: बच्चों को साइबर सुरक्षा के रक्षक बनाने में जुटी पंजाब पुलिस

चंडीगढ़ पंजाब के स्कूलों में एक खामोश क्रांति हो रही है। यह किताबों में नहीं लिखी, न ही सिर्फ पारंपरिक शिक्षकों द्वारा पढ़ाई जा रही है। यह एक ऐसी क्रांति है जहां मलेरकोटला की एक बच्ची ऑनलाइन खतरों से खुद को बचाना सीख रही है, पठानकोट का एक लड़का समझ रहा है कि दादी की बैंकिंग जानकारी क्यों गुप्त रखनी चाहिए, और पूरी पीढ़ी को डर से नहीं बल्कि जागरूकता से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में, पंजाब पुलिस की ‘सांझ’ पहल ने पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर विश्वास, साझेदारी और सक्रिय सामुदायिक जुड़ाव का एक पुल बना दिया है जो अब पंजाब के बच्चों का भविष्य गढ़ रहा है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन द्वारा शुरू की गई ‘साइबर जागो’ पहल प्रतिक्रियात्मक पुलिसिंग से निवारक शिक्षा की ओर एक बड़ा बदलाव दर्शाती है, जो पंजाब के हर कोने में पहुंच रही है जहां युवा मन जटिल डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं। पहले प्रशिक्षण कार्यशाला में 75 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया और पंजाब भर के 3,968 सरकारी हाई स्कूलों को कवर करने की योजना बनाई गई है।  यह सिर्फ एक और सरकारी कार्यक्रम नहीं है – यह मान सरकार द्वारा पंजाब के सबसे कीमती संसाधन यानी इसके बच्चों के चारों ओर बुनी जा रही एक सुरक्षा कवच है। इस पहल का भावनात्मक महत्व तब स्पष्ट हो जाता है जब हम जानते हैं कि 14-16 वर्ष की आयु के 76 प्रतिशत बच्चे अब सोशल मीडिया के लिए स्मार्टफोन का उपयोग करते है, जो उन्हें साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी और ऑनलाइन शोषण के प्रति संवेदनशील बनाता है। आप सरकार के तहत पंजाब पुलिस के दृष्टिकोण को जो चीज़ अनोखा बनाती है, वह है ‘सांझ’ शब्द में निहित गहरी सहयोगी भावना – जिसका अर्थ है साझेदारी। सांझ परियोजना ने पूरे राज्य में ज़िला सामुदायिक पुलिस संसाधन केंद्र, 114 उप-मंडल सामुदायिक पुलिसिंग सुविधा केंद्र और 363 पुलिस स्टेशन आउटरीच केंद्र स्थापित किए है, एक अभूतपूर्व नेटवर्क बनाया है जहां पुलिस अधिकारी केवल कानून लागू नहीं करते बल्कि आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शक, गाइड और रक्षक बनते हैं। हर हफ्ते, पंजाब पुलिस के जवान स्कूलों में अधिकार की डराने वाली वर्दी में नहीं, बल्कि बड़े भाई-बहन और शिक्षकों के रूप में जाते है जो देखभाल और चिंता की भाषा बोलते है। साइबर क्राइम डिवीजन की प्रमुख स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा ने ज़ोर देकर कहा कि “डिजिटल सामग्री की व्यापक उपलब्धता के साथ, बच्चे ऑनलाइन अवसरों और खतरों दोनों का सामना कर रहे हैं,” यह उजागर करते हुए कि कोविड महामारी ने बच्चों के डिजिटल विसर्जन को कैसे तेज किया, जो अक्सर उनके माता-पिता की समझ से आगे निकल गया। मान सरकार ने इस कमज़ोरी को जल्दी पहचाना और एक व्यापक रणनीति के साथ जवाब दिया। साइबर जागो के तहत प्रशिक्षित शिक्षक केवल साइबर स्वच्छता नहीं सिखाते – वे छात्रों को संभावित खतरों की पहचान करने, एआई से संबंधित खतरों को समझने और ऑनलाइन बाल यौन शोषण का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए सशक्त बनाते है। साझ पहल की खूबसूरती पंजाब के ‘साझे चूल्हे’ की सांस्कृतिक भावना के साथ इसकी भावनात्मक प्रतिध्वनि में निहित है – वह साझा चूल्हा जो सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। शक्ति हेल्पडेस्क कार्यक्रमों के माध्यम से, पंजाब पुलिस श्री मुक्तसर साहिब और एसबीएस नगर जैसे जिलों के स्कूलों में जागरूकता सेमिनार आयोजित करती है, छात्रों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श, बाल शोषण, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों और हेल्पलाइन नंबर 112/1098 के बारे में शिक्षित करती है। मान सरकार ने सुनिश्चित किया है कि पंजाब में हर बच्चा जानता है कि उनकी पुलिस बल में एक रक्षक है। इस पहल को पुलिसिंग से एक सामाजिक आंदोलन में बदलने वाली चीज़ है प्रौद्योगिकी का मानवीय संवेदनशीलता के साथ एकीकरण। पीपीसाझ मोबाइल एप्लिकेशन नागरिकों को डिजिटल रूप से पुलिस सेवाओं तक पहुंचने, एफआईआर की प्रतियां प्राप्त करने और पंजाब में कहीं से भी सत्यापन प्रक्रिया करने की अनुमति देता है, जबकि एक साथ ही पुलिस कर्मी स्कूलों में आमने-सामने सत्र आयोजित करते है। सीएम भगवंत मान के शासन दर्शन के तहत, पुलिस दूर के प्रवर्तक नहीं बल्कि सामुदायिक कल्याण में सुलभ भागीदार है। जब एक 14 वर्षीय छात्र ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बारे में सीखता है, तो वह ज्ञान दादा-दादी को यूपीआई घोटालों से बचाने के लिए घर जाता है। जब एक लड़की अपने डिजिटल अधिकारों को समझती है, तो वह अपने दोस्तों की सुरक्षा की वकालत करने वाली बन जाती है। जैसा कि डीजीपी नीरजा ने कहा, यह एक बार की मुहिम नहीं बल्कि साइबर सुरक्षा को पंजाब की स्कूली संस्कृति का हिस्सा बनाने के दीर्घकालिक प्रयास की शुरुआत है। मान सरकार का विजन स्पष्ट है: एक ऐसी पीढ़ी बनाना जो डिजिटल रूप से साक्षर, सामाजिक रूप से जागरूक और खुद को और दूसरों की रक्षा करने में सशक्त हो। आप सरकार के तहत सांझ की सफलता शासन दर्शन में एक मौलिक बदलाव को दर्शाती है – ऊपर से नीचे के निर्देशों से लेकर नीचे से ऊपर की साझेदारी तक। प्रत्येक साझ केंद्र पुलिस-जनता समितियों के साथ एक स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी के रूप में संचालित होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सामुदायिक आवाज़ें पुलिसिंग प्राथमिकताओं को आकार दे। सीएम मान द्वारा समर्थित इस लोकतांत्रिक दृष्टिकोण ने पुलिस की सार्वजनिक धारणा को प्रवर्तकों से सक्षमकर्ताओं में, अधिकार के आंकड़ों से अधिवक्ताओं में बदल दिया है।  

बैठक में भावुक हुए तेजस्वी यादव, कहा— अगर मैं बोझ हूँ तो हटा दीजिए

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव की हार को पचाना लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के लिए मुश्किल हो रहा है। उनके बेटे तेजस्वी यादव भले ही आरजेडी विधायक दल के फिर से नेता चुन लिए गए हैं, लेकिन पार्टी में सब कुछ सहज नहीं है। यहां तक कि तेजस्वी यादव सोमवार को विधायक दल की मीटिंग के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने अपनी तरफ से ही यहां तक कह दिया कि यदि विधायक चाहें तो नेतृत्व छोड़ने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि विधायकों की राय हो तो वे अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को अपना नेता चुन सकते हैं। उन्होंने साथी विधायकों से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि मेरे स्थान पर किसी और के आने से संगठन मजबूत हो सकता है तो ऐसा कर सकते हैं।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक विधायक ने कहा कि तेजस्वी यादव टिकट बंटवारे और हार को लेकर लगे आरोपों से आहत थे। मीटिंग के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आखिर मैं क्या करूं। परिवार को देखूं या फिर पार्टी को देखूं। बहन रोहिणी आचार्य की ओर से लगाए आरोपों के चलते तेजस्वी यादव फिलहाल दबाव की स्थिति में दिख रहे हैं। हालांकि अब तक उन्होंने खुलकर कुछ भी कहा नहीं है। उनके सलाहकार और करीबी संजय यादव एवं रमीज नेमत खान पर भी आरोप लग रहे हैं कि तेजस्वी यादव सिर्फ उनकी ही सुनते हैं और कार्यकर्ताओं से दूर हो गए हैं। भावुक हुआ माहौल, लालू यादव को खुद देना पड़ा दखल तेजस्वी यादव की ओर से अचानक ऐसे ऑफर से माहौल भावुक दिखा। वहां मौजूद तमाम विधायक आग्रह करने लगे कि आप ही हमारे नेता रहें। इस बीच खुद लालू यादव ने दखल दिया और उन्होंने विधायकों से कहा कि वे राजी करें। इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को अपना नेता चुन लिया। इस दौरान राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव भी मौजूद थे। बता दें कि मीसा भारती को भी असंतुष्ट बताया जा रहा है, लेकिन वह खुलकर कुछ भी नहीं कह रही हैं। दरअसल आरजेडी को इस चुनाव में 25 सीटें ही मिली हैं, जबकि वह 143 पर उतरी थी। वह तीसरे नंबर का दल बन गई है, जिसे पार्टी के लिए करारा झटका माना जा रहा है। मीटिंग में EVM पर उठे सवाल, बोले- ऐसे नतीजे गड़बड़ी करके ही आए इससे पहले 2010 में ही ऐसा हुआ था, जब आरजेडी को महज 22 सीटें मिली थीं। तब नेता विपक्ष का पद भी नहीं मिल पाया था, लेकिन इस बार नेता विपक्ष बनने में तेजस्वी यादव कामयाब रहे हैं। तेजस्वी यादव को नेता चुने जाने वाली मीटिंग में जगदानंग सिंह ने कहा कि हमारी यह हार ईवीएम के चलते हुई है। उन्होंने कहा कि इन मशीनों का बेजा इस्तेमाल हुआ है। उनकी इस दलील को विधायक भाई वीरेंद्र ने भी सही ठहराया। उन्होंने कहा कि हमें ईवीएम के खिलाफ लड़ना होगा। हमें डिमांड करनी चाहिए कि इलेक्शन सिर्फ बैलेट पेपर से ही हो।