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बालाघाट में पुलिस का एकल सुविधा केन्द्र बना बदलाव का माध्यम, नक्सल प्रभावित क्षेत्र लाभान्वित

बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित एकल सुविधा केन्द्र की उल्लेखनीय सफलता एकल सुविधा केन्द्र के रोजगार मेले में 105 युवाओं को मिला रोजगार युवको ने हैदराबाद में किया प्रशिक्षण पूर्ण, L&T कंपनी ने देशभर के शहरों में किया पदस्थ भोपाल बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी क्रम में 36वीं बटालियन, कनकी में दिनांक 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) द्वारा 105 युवाओं का प्रथम चरण में टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया। कंपनी द्वारा चयनित सभी युवाओं को हैदराबाद में दो माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रहने, भोजन एवं यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था भी कंपनी द्वारा ही की गई थी। अब इन सभी 105 युवाओं ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है तथा उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में L&T कंपनी के तकनीशियन के रूप में पदस्थ कर किया गया है। इनमें मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणास्रोत उदाहरण भी है। “एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों सकें। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाए जिससे वे स्थायी आजीविका की दिशा में अग्रसर हों। इस पहल ने बालाघाट पुलिस की छवि को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में ही  नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित किया है। इस सफलता के साथ “एकल सुविधा केन्द्र” ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।  

पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत

योगी सरकार की पहल से काशी में मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत आकाशवाणी के जरिये वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान होगी मंदिर की गलियां कालभैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि पहले से गूंज रही है  वाराणसी    काशी में आने वाले पर्यटक आकाशवाणी के माध्यम से यहाँ के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां सुन सकेंगे। योगी सरकार द्वारा इस योजना के तहत, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट तक एक विशेष ऑडियो सिस्टम स्थापित किए जाने की योजना है।  मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां इस प्रणाली के माध्यम से अनवरत मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियाँ एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएंगी। जबकि काल भैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि गूंज रही है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएगी बल्कि काशी की प्राचीन परंपराओं को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत बनाए रखने का कार्य करेगी। वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव काशी में उत्तरवाहिनी गंगा के किनारे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ विराजमान है। शिव की त्रिशूल पर बसी काशी का कण-कण पौराणिक कथा से जुड़ा हैं, अब काशी की प्रमुख कथा व जानकारियां ऑडियो सिस्टम से प्रसारित की जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ के अंतर्गत वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण एवं सार्वजनिक अनुभव को बेहतर करने के लिए कई कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें से एक काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर गेट सं-4 वाया गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट तक स्थापित होना है। सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगा मंत्रोच्चार सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक ॐ एवं  नमः शिवाय ध्वनि, मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियां एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएँगी। वीडीए के अपर सचिव डॉ गुडाकेश शर्मा ने बताया कि काल भैरव चौराहे से मंदिर जाने के मार्ग तक ऑडियो सिस्टम लग चुका है, इसमें 3 बार ॐ की ध्वनि और 1 बार ॐ नमः शिवाय बजता है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को काशी के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी देना जिससे उन्हें शहर की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समझने में सहायता मिले सके। स्थानीय नागरिकों एवं आगंतुकों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना है। मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक ध्वनियों के माध्यम से क्षेत्रीय वातावरण को विशिष्ट धार्मिक स्वरूप देना, जो काशी की प्राचीन परम्पराओं एवं मान्यताओं को संजोए रखे।

मुख्यमंत्री योगी बोले—हर प्रोजेक्ट के लिए नियुक्त हों नोडल अधिकारी

हर प्रोजेक्ट के लिए तय हों नोडल अधिकारी : मुख्यमंत्री योगी अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम योगी ने दिए निर्देश एक निश्चित अवधि पर प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग की रिपोर्ट ली जाए – योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल अधिकारी तय करते हुए उनसे मॉनिटरिंग की साप्ताहिक या पाक्षिक रिपोर्ट ली जाए। हर परियोजना की एक समय सीमा तय होती है और कार्य में तेजी लाते हुए उसे उसी अवधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की जो परियोजनाएं अगले साल मानसून के बाद पूरी होनी हैं, उनके कार्यों में और तेजी लाकर मानसून से पहले ही पूरा करने के विशेष प्रयास किए जाएं। गोरखपुर दौरे पर आए सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में अधिकारियों के साथ गोरखपुर में गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए एक नोडल अधिकारी को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाए। नोडल अधिकारी एक निश्चित अवधि पर प्रगति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए। वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस पर पूरा ध्यान देना होगा। उन्होंने नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की हिदायत भी अफसरों को दी।   कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने ठंड की दस्तक होने के साथ ही पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। ट्रैफिक प्रबंधन को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सड़कों पर जाम न लगने पाए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र: 18 नवंबर को क्या होगा और नए भवन में शिफ्टिंग के नियम क्या हैं?

रायपुर   छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का उद्घाटन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्योत्सव के दौरान एक नवंबर को नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विस भवन का लोकार्पण किया। इस नए भवन में अगल शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाएगा। याने रेगुलर सत्र अब नए भवन में होंगे। मगर शीतकालील सत्र से पहले 18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसे विदाई सत्र कहा गया है। इसमें विधायक पुराने विधानसभा भवन में अपने अनुभवों को शेयर करेंगे। सदन की सहमति जरूरी संसदीय नियमों के तहत विधानसभा या लोकसभा को नए भवन में शिफ्ट किया जाता है तो उसके लिए सदन की सहमति आवश्क होती है। जिस तरह किसी विधयेक को पारित करने के लिए सदन की अनुमति जरूरी होती है, उसी तरह विधानसभा और लोकसभा को शिफ्थ करने के लिए भी चाहिए होता है। दिल्ली में जब पिछले साल लोकसभा और राज्यसभा नए भवन में शिफ्ट हुआ तो उसमें प्रस्ताव पारित किया गया था। क्या होगा 18 को विशेष सत्र में 18 नवंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। ये नियमित सत्र नहीं है, इसलिए इसमें प्रश्नकाल नहीं होगा। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद स्पीकर, सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष समेत मंत्री, विधायक अपने अनुभव शेयर करेंगे। फिर आएगा महत्वपूर्ण क्षण, जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ0 रमन सिंह विधानसभा को नए भवन में शिफ्ट करने के साथ ही अगला शीतकालीन सत्र नए विधानसभा भवन में रखने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इस प्रस्ताव पर सदन की सहमति लगेगी। विधायक हाथ उठाकर इस प्रस्ताव को पारित करेंगे, फिर विधानसभा अध्यक्ष नए विधानसभा भवन में अगले सत्र होने का ऐलान करेंगे। इतिहास बन जाएगा विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद केंद्रीय जल संसाधन विभाग के भवन को विधानसभा के लिए चुना गया था। दिलचस्प यह है कि इस बिल्डिंग की बनावट ऐसी की गई थी मानो विधानसभा के लिए ही तैयार किया गया हो। इसीलिए सरकार को इस भवन में ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी। हर साल बजट, मानसून और शीतकालीन मिलाकर 25 साल में 75 सत्र आयोजित किया गया। तीन विशेष सत्र भी बुलाए गए। 18 नवंबर की शाम के बाद विधानसभा भवन अब इतिहास बनकर रह जाएगा। अब इसे पुराना विधानसभा भवन कहा जाएगा। आगे इस बिल्डिंग को किस रूप में उपयोग किया जाएगा, ये अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले—स्वस्थ जीवन ही विकसित समाज की नींव

स्वस्थ जीवन ही विकसित समाज का आधार है: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल हनुमना नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में 2514 के स्वास्थ्य की हुई जाँच भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने हनुमना मण्डी में आयोजित विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में 2514 लोगों के स्वास्थ्य की जाँच की गई तथा दवाएं दी गईं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ जीवन ही विकसित समाज का आधार है। हर व्यक्ति को 6 माह में अपने स्वास्थ्य की जाँच करानी चाहिए। जाँच के बाद शरीर को आवश्यक उपचार देना चाहिए। जब हमारा तन और मन स्वस्थ होगा तभी हम अपने समाज और देश के विकास में योगदान दे पाएंगे। हनुमना में स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए विधायक मऊगंज ने विशेष पहल की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का काम आसान कर दिया है। शिविर बड़े अस्पताल के रूप में काम कर रहा है। हजारों रोगियों को जाँच और उपचार की सुविधा मिली है। जो गंभीर रोगी हैं उन्हें बसों के माध्यम से बड़े अस्पताल भेजा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को लाड़ली बहना बनाने के साथ उनके स्वास्थ्य की भी चिंता कर रही है। हर गर्भवती महिला का पंजीयन करके नि:शुल्क जाँच की जाती है। उन्हें समय पर टीके और आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर भी नि:शुल्क उपचार दिया जा रहा है। हर गर्भवती महिला का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराकर समय पर सभी जाँचे कराएं जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण हो सके। महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा के लिए हमारी सरकार पूरी सजगता से प्रयास कर रही है। समारोह में विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री की आज विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हो रहा है। दूर दराज से आए हजारों रोगियों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल रही है। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद ने कहा कि शिविर में हजारों लोगों को जाँच और उपचार की सुविधा मिली है। शिविर 18 नवम्बर को भी जारी रहेगा। सभी रोगी इस शिविर का लाभ उठाएं। शिविर में 2514 लोगों की प्राथमिक जाँच, 711 की नेत्र जाँच, 1249 लोगों की क्षय रोग की जाँच की गई। जाँच में 16 रोगियों को एंजियोग्राफी के लिए चिन्हित किया गया तथा एक हजार से अधिक रोगियों को दवाओं का वितरण किया गया। शिविर का आयोजन स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, एलएन मेडिकल कालेज एवं जेके हास्पिटल भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर में कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला, एलएन मेलिकल कालेज के संचालक डॉ. डी.के. सत्पथी, डॉ. रमेश शुक्ला तथा हजारों रोगी उपस्थित रहे।  

मऊगंज जिला चिकित्सालय में उप मुख्यमंत्री का दौरा, व्यवस्थाओं की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय मऊगंज का किया निरीक्षण मऊगंज उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय मऊगंज का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयासों को प्राथमिकता दें। सभी डॉक्टर पूरी संवेदनशीलता के साथ रोगियों का उपचार करें। निर्माणाधीन दो सौ बिस्तर अस्पताल भवन का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं जिससे आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। सभी डॉक्टर नियमित रूप से ओपीडी में रोगियों का उपचार करें। रोगी अपना कष्ट मिटाने के लिए अस्पताल आता है। उनका सेवाभाव से उपचार करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सिविल अस्पताल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार सेवाएं बेहतर होंगी तो मेडिकल कालेज संजय गांधी हास्पिटल पर रोगियों की संख्या घटेगी। निरीक्षण के समय कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला तथा अधिकारी उपस्थित रहे।  

बीजेपी और जेडीयू में मंत्रिपद साझा करने को लेकर चर्चा, पुराने फार्मूले को किया जाएगा बदल

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। चुनाव से पहले बीजेपी और जेडीयू ने बराबर सीटों (101) पर अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला किया था। ऐसे में दोनों ही दलों को बराबर मंत्रिपद भी मिल सकते हैं। सरकार गठन के फार्मूले पर बात करें तो चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को दो मंत्रिपद और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) को 01 वह उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी को एक मंत्रिपद दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि एनडीए के घटक दलों के बीच सरकार बनाने को लेकर बातचीत चल रही है और कई पहले के मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदलने पर भी विचार हो रहा है।  सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को बीजेपी के विधायक दल की बैठक संभावित है। बता दें कि 243 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने अकेले 89 सीटें जीती हैं। दूसरे नंबर पर जेडीयू के खाते में 85 सीटें गई हैं। एलजेपी (आरवी) को 19, HAM (S) को पांच और आरएमएम को चार सीटें मिली हैं। 2020 की बात करें तो बीजेपी को 74 सीटें मिली थीं और जेडीयूके पास 43 सीटें थीं। वहीं सरकार में बीजेपी के 22 और जेडीयू के 12 मंत्री थे। बता दें कि बिहार की मौजूदा विधानसबा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है। ऐसे मे बुधवार या फिर गुरुवार को ही शपथ ग्रहण हो सकता है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को बिहार चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष के बीच संक्षिप्त बैठक हुई थी जिसमें सरकार बनाने पर चर्चा की गई थी। जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। वहीं उपमुख्यमंत्रियों को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है। मौजूदा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भ्रष्टाचारा के आरोपों और फिर नामांकन पेपर में गड़बड़ी के बाद सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा या नहीं, इसपर अभी असमंजस की स्थिति है। बता दें कि गांधी मैदान में बिहार की नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो सकता है। 2015 में नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में ही शपथ ली थी। 17 से 20 नवंबर तक गांधी मैदान को आम लोगों के लिए बंद किया गया है। माना जा रहा है कि गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा शपथ ग्रहण के लिए भव्य मंच तैयार किया जाएगा।

ऑल-गर्ल्स बैंड के जरिए नेहा भसीन ने पेश की अपनी कहानी, आवाज में छिपा जादू

मुंबई   भारतीय संगीत जगत में कई ऐसी आवाजें हैं, जिन्होंने समय के साथ अपनी एक अलग पहचान बनाई है, लेकिन कुछ आवाजें शुरुआत से ही इतनी खास होती हैं कि उनका सफर अपने आप में एक प्रेरणा बन जाता है। नेहा भसीन ऐसी ही कलाकारों में से एक हैं। बचपन से ही गाने के प्रति उनके जुनून को देख लोग कहते थे कि वह एक दिन देश की सबसे खास गायिकाओं में गिनी जाएंगी। आज भले ही लाखों लोग उन्हें 'जग घूमेया' और 'कुछ खास' जैसे सुपरहिट गानों की वजह से पहचानते हों, लेकिन उनके करियर की नींव उस समय पड़ी थी जब उन्होंने भारत के पहले ऑल-गर्ल्स बैंड विवा में जगह बनाई थी। करियर के इस मोड़ ने उनकी पहचान को नई उड़ान दी। नेहा भसीन का जन्म 18 नवंबर 1982 को दिल्ली में हुआ था। महज नौ साल की उम्र में उन्होंने मारिया कैरी का गाना 'हीरो' गाया और एक प्रतियोगिता में जीत हासिल की। इसी स्टेज ने उनके मन में संगीत के प्रति लगाव को बढ़ा दिया। पढ़ाई के दौरान भी नेहा हमेशा प्रोग्राम में हिस्सा लेती और अपनी आवाज से सबका ध्यान खींच लेती थीं। बाद में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से ली, जिसने उनकी आवाज को और भी प्रभावशाली बनाया। कॉलेज के दिनों के दौरान नेहा भसीन ने चैनल वी के शो 'कोक वी पॉपस्टार्स' के लिए ऑडिशन दिया, जो उस समय के सबसे बड़े म्यूजिक टैलेंट सर्च शोज में से एक था। यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन नेहा न सिर्फ चुनी गईं बल्कि 18 साल की उम्र में यह शो जीत भी लिया। शो जीतने के बाद नेहा और बाकी चार लड़कियों ने मिलकर भारत का पहला ऑल-गर्ल्स पॉप बैंड 'विवा' बनाया। यह बैंड उस समय युवाओं में एक क्रेज बन चुका था। टीवी, रेडियो और म्यूजिक चैनल्स पर हर तरफ विवा की चर्चा होने लगी। यह वह समय था जब भारत में पॉप कल्चर अपने सबसे चमकदार दौर से गुजर रहा था और विवा की सफलता ने इसे और भी आगे बढ़ाया। हालांकि यह बैंड कुछ सालों बाद टूट गया, लेकिन इस दौरान नेहा ने जितनी लोकप्रियता हासिल की, वह उनके आगे के करियर के लिए एक मजबूत नींव साबित हुई। बैंड टूटने के बाद नेहा ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। 2007 में फिल्म 'फैशन' के गाने 'कुछ खास है' से उन्हें वह पहचान मिली, जिसने बॉलीवुड में उनका नाम स्थापित कर दिया। इस गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में नामांकन भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'धुनकी', 'जग घूमेया', 'स्वैग से स्वागत', 'हीरिए' और कई अन्य गानों से अपनी जगह मजबूत की। उनकी खासियत यह है कि वे सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि पंजाबी, तमिल और तेलुगु सहित कई भाषाओं में गाती हैं और हर भाषा में उनकी आवाज उतनी ही मधुर लगती है। नेहा ने साउथ इंडस्ट्री में भी कई सुपरहिट गाने दिए, जिनमें तमिल गाना 'पेसुगिरेन पेसुगिरेन' और तेलुगु गाना 'अतु नुव्वे' शामिल हैं। इन गानों ने उन्हें साउथ की फिल्मों में पसंदीदा गायिकाओं में शामिल कर दिया। उनके करियर में कई अवॉर्ड जुड़े, जिनमें दो फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी शामिल हैं।

टीम इंडिया में हलचल: शुभमन बाहर, चौथे नंबर पर किसे मिलेगी जगह?

 गुवाहाटी साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट मैच के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल को नेक इंजरी हो गई थी. शुभमन भारत की पहली पारी में सिर्फ गेंद खेलकर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. वहीं दूसरी पारी में शुभमन बैटिंग नहीं कर पाए थे. शुभमन को हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा था. भारतीय टीम को शुभमन की अनुपस्थिति काफी खली. भारतीय टीम 124 रनों का आसान सा टारगेट भी हासिल नहीं कर पाई और उसे 30 रनों से हार का सामना करना पड़ा. कप्तान शुभमन गिल को अब अस्पताल से तो छुट्टी मिल गई है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि शुभमन को लेकर अगले 24 घंटों में फैसला लिया जाएगा, बोर्ड शुभमन के मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता और डॉक्टरों की सलाह के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि शुभमन दूसरे टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं, लेकिन अगली मेडिकल स्कैन रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, यदि जरूरत पड़ी तो गिल को पूरा आराम और रिकवरी का समय दिया जाएगा. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. अगर शुभमन गिल गुवाहाटी टेस्ट से बाहर होते हैं तो ऋषभ पंत भारतीय टीम की कप्तानी संभालेंगे. कोलकाता टेस्ट मैच में शुभमन की मौजूदगी में ऋषभ पंत ने ही स्टैंडिंग कैप्टन  के रूप में दिखे थे. …तो इन दोनों में से एक को मिलेगा मौका! अगर शुभमन गिल बाहर होते हैं, तो उनकी जगह चौथे नंबर पर कौन बल्लेबाजी करेगा? ये सवाल सबके मन में है… शुभमन की जगह लेने के लिए साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल तगड़े दावेदार दिख रहे हैं. दोनों में से किसी एक को गुवाहाटी टेस्ट मैच में चौथे नंबर पर आजमाया जा सकता है. चयन समिति पर पहले से ही ये सवाल उठ रहे हैं कि वो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को तवज्जो दे रही है, लेकिन अब इसे बदला नहीं जा सकता. साई सुदर्शन ने 5 टेस्ट मैचों में 30.33 की औसत से 273 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे. वहीं पडिक्कल ने भी 3 पारियों में 30 के एवरेज और 1 अर्धशतक की मदद से 90 रन बनाए. साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के टेस्ट रिकॉर्ड लगभग समान हैं, इसलिए चयन का आधार दाएं हाथ के स्पिनर्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन हो सकता है.  बता दें कि कोलकात टेस्ट मैच में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने कुल 8 विकेट लिए थे और साउथ अफ्रीकी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. साई सुदर्शन दाएं हाथ के स्पिनर्स के खिलाफ 2 बार आउट हुए हैं. वो दोनों बार रोस्टन चेज का शिकार बने. वही देवदत्त पडिक्कल भी एक मौके पर राइट आर्म स्पिनर (शोएब बशीर) का शिकार बन चुके हैं. यानी यहां भी कोई बड़ा अंतर नहीं है. आंकड़े निर्णायक नहीं हैं, लेकिन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज सीरीज में टीम मैनेजमेंट ने साई सुदर्शन पर जो भरोसा दिखाया है, उसके आधार पर वह गुवाहाटी टेस्ट मैच में शुभमन गिल की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार दिखाई देते हैं.

अनिल विज ने महबूबा मुफ्ती पर साधा निशाना, उग्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप

अंबाला बीते दिन दिए महबूबा मुफ्ती के बयान पर 'गब्बर' हमलावर हो गए हैं। दरअसल महबूबा मुफ्ती ने बयान दिया था कि लाल किले पर जो धमाका हुआ है यह कश्मीर की आवाज है। इस पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महबूबा मुफ्ती पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि अगर महबूबा मुफ्ती मुबारक लाल किले पर हुए आतंकी हमले पर इस तरह का बयान दे रही है तो वह उग्रवाद का समर्थन कर रही है। विज ने कहा ति इन्होंने पहले भी उग्रवाद का समर्थन किया है इसलिए वास्तव में यह उग्रवाद की मां है, जो इतनी बड़ी घटना को कश्मीर की आवाज बता रही है। विज ने भड़कते हुए कहा कि इसका मतलब यह कश्मीर की आवाज सुनाने के लिए देश में जगह-जगह बम विस्फोट करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद महबूबा मुफ्ती पूरी तरह से इस देश की भावनाओं के विरुद्ध बात कर रही है ।