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तरनतारन में उपचुनाव प्रचार तेज, प्रत्याशी घर-घर जाकर करेंगे संपर्क; कल रहेगें स्कूल और ऑफिस बंद

 चंडीगढ़/तरनतारन विधानसभा के हलका तरनतारन-21 में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर पार्टियों का चुनाव प्रचार रविवार को समाप्त हो गया। आयोग ने सभी बाहरी लोगों को विधानसभा क्षेत्र छोड़ने को कहा है। इसी बीच चुनाव आयोग ने शांतिपूर्वक मतदान करवाने के लिए केंद्रीय बल की 12 कंपनियों को तैनात कर दिया है। यह पहली बार है कि जब राज्य में किसी उपचुनाव के दौरान इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बल को तैनात किया गया हो। हालांकि चुनाव आयोग ने इसका कारण जिले का पाकिस्तान की सीमा से सटा होना बताया है। इसकी पुष्टि मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने की है। उन्होंने बताया कि 222 पोलिंग स्टेशनों को कवर करते हुए सभी 114 पोलिंग केंद्रों पर केंद्रीय बल के जवान तैनात रहेंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिनकी निगरानी रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर चुनाव आयोग की देखरेख में की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील मतदान केंद्र स्थलों की निगरानी के लिए 46 माइक्रो आब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। वहीं, जिला चुनाव अधिकारी एस राहुल ने बताया कि अब प्रत्याशी केवल डोर टू डोर प्रचार कर सकेंगे। दस नवंबर की दोपहर को सभी पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी जाएंगी। मतदान के बाद ईवीएम को इंटरनेशनल कालेज आफ नर्सिंग (पिद्दी) में बनाए गए स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। विधानसभा में मतदाताओं की स्थिति     कुल मतदाता : 1,92,838     पुरुष : 1,00,933     महिलाएं : 91,897     थर्ड जैंडर : 8     सर्विस मतदाता : 1,357     85 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाता : 1,657     18 से 19 वर्षीय मतदाता : 3,333     एनआरआइ मतदाता : 306     दिव्यांग मतदाता : 1,488  

फरीदाबाद में पुलिस का बड़ा खुलासा — डॉक्टर के ठिकाने से 2550 किलो विस्फोटक मिला

फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉक्टर मुज्जमिल शकील के दूसरे घर से भी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। डॉक्टर मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातार यहां छापेमारी कर रही है। इसी छापेमारी के दौरान एक इमाम को गिरफ्तार करने की सूचना है। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल इस इमाम के सम्पर्क में था। रिपोर्ट के मुताबिक अब पुलिस को 2563 किलोग्राम विस्फोटक मिला है। ये घर भी डॉ मुज्जमिल ने किराय पर लिया हुआ था जो धोज से 4 किलोमीटर दूर फतेहपुर तागा गांव में स्थित है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक बरामद की गई सामग्री शायद अमोनियम नाइट्रेट है। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस सुबह से ही इस घर पर छापेमारी कर रही है।फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज औरअस्पताल में कार्यरत शकील को हाल ही में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2 डॉक्टरों समेत 7 लोग गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएस) संगठनों के एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो डॉक्टरों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान में आईईडी बनाने की 2,900 किलोग्राम सामग्री के अलावा अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो डॉक्टर शामिल हैं। उनके पास से पहले हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। इनमें से एक चिकित्सक फरीदाबाद का है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने यहां कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह मॉड्यूल प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और एजीयूएच से जुड़ा था। इस अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में समन्वित छापेमारी के दौरान आतंकवादियों की गिरफ्तारी की गई और हथियारों, गोला-बारूद एवं विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि 19 अक्टूबर को शहर के बनपोरा नौगाम इलाके में विभिन्न स्थानों पर जैश-ए-मोहम्मद के कई पोस्टर चिपके हुए पाए गए, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकाने एवं डराने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि इसी के अनुसार पुलिस थाना नौगाम में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम) अधिनियम , बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। प्रवक्ता ने कहा, जांच से एक सफेदपोश आतंकवादी तंत्र का पता चला है जिसमें कट्टरपंथी पेशेवर और छात्र शामिल हैं। ये पाकिस्तान और अन्य देशों से काम कर रहे विदेशी आकाओं के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि यह समूह विचारधारा का प्रसार करने, समन्वय करने, धन का लेन देन करने और साजो-सामान की व्यवस्था के लिए ‘एन्क्रिप्टेड’ (गुप्त) माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक/धर्मार्थ कार्यों की आड़ में पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के जरिए धन जुटाया गया। आरोपी व्यक्ति लोगों को कट्टरपंथी बनाने, आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने, धन जुटाने, साजो-सामान की व्यवस्था करने, हथियार/गोला-बारूद और आईईडी तैयार करने की सामग्री जुटाने में शामिल पाए गए। जांच के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवक्ता ने गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान श्रीनगर के नौगाम निवासियों आरिफ निसार डार उर्फ ​​साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ ​​शाहिद, शोपियां निवासी मौलवी इरफान अहमद (एक मस्जिद के इमाम), गंदेरबल में वकुरा इलाके के निवासी जमीर अहमद अहंगर उर्फ ​​मुतलशा, पुलवामा के कोइल इलाके के निवासी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी उर्फ ​​मुसैब और कुलगाम में वानपोरा इलाके के निवासी डॉ. आदिल के रूप में की गई है। डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी के पास से लगभग 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया है। इस विस्फोटक के अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है। फरीदाबाद स्थित उसके किराए के मकान से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। गनी अल फलाह विश्वविद्यालय में शिक्षक है। इससे पहले, फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने चिकित्सक को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि यह चिकित्सक श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में भी वांछित था। श्रीनगर में पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनका पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल और शोपियां जिलों में कई जगहों पर छापे मारे। उन्होंने बताया कि इसी तरह जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर सहारनपुर में भी छापे मारे। अब तक की जांच में आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, हथियार/गोला-बारूद और आईईडी बनाने की सामग्री बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि जो सामान बरामद हुआ है उनमें कारतूस के साथ एक चीनी स्टार पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, एके 56 राइफल, एके क्रिंकोव राइफल के अलावा विस्फोटक, रसायन, ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और धातु की चादरों समेत आईईडी बनाने की 2,900 किलोग्राम सामग्री शामिल है। प्रवक्ता ने बताया कि धन के प्रवाह के संबंध में वित्तीय जांच जारी है और यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि इससे और कौन जुड़ा है।

हरियाणा में अपराधियों का डरावना ट्रेंड, DGP ने चालकों को सुरक्षा के लिए दी चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के DGP यानी पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने थार गाड़ी चलाने वालों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने थार चालकों के तार उनकी मानसिकता से जोड़े हैं और कहा है कि जो भी इस गाड़ी को चलाता है, उसका दिमाग 'घूमा हुआ' होगा। इस दौरान उन्होंने हरियाणा पुलिस अधिकारी के बेटे के थार वाहन से हुए हादसे का भी हवाला दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने कहा, 'अब थार गाड़ी है, उसे छोड़ने का क्या मतलब है, बुलेट मोटरसाइकिल है। सारे बदमाश इन पर ही चलते हैं। जिस तरह की गाड़ी की चॉइस है, ये आपका माइंडसेट दिखाता है। थार देखिए स्टंट करेंगे। हमारे एक एसीपी का बेटा है, उसने गाड़ी चढ़ा दी। अब वह घूम रहा है कि मेरे बेटे को छोड़ दो। अरे किसके नाम से थार है। हमारे नाम से तो फिर तू ही बदमाश है।' उन्होंने साफ कर दिया है कि दादागिरी करने वालों को पुलिस नहीं छोड़ेगी। डीजीपी ने कहा, 'अब लिस्ट निकालें पुलिस की तो कितने लोगों के पास थार होगी। जिसके पास भी थार होगी, दिमाग घूमा हुआ होगा उसका। वो एक स्टेटमेंट है। थार गाड़ी नहीं, एक स्टेटमेंट है कि हम ऐसे हैं। ठीक है फिर भुगतो। दोनों मजे थोड़ी होंगे। दादागिरी भी हो और फंसे भी न ऐसा कैसे होगा।' पुलिस को भी निर्देश शनिवार को सिंह ने ट्रैफिक नियमों के संबंध में उन्होंने कहा कि पुलिस को कभी अपनी शक्तियों का एकतरफा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि किसी वाहन चालक के पास वाहन से संबंधित चार आवश्यक दस्तावेज हैं, तो पांचवां दस्तावेज न होने पर उसे परेशान करने या चालान जारी करने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस आम जनता को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए है। गुरुग्राम क्षेत्र में सामान्य दुर्घटनाओं और नशे में वाहन चलाने के कारणों पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि पुलिस को यह स्वीकार करना चाहिए कि युवा आबादी वाले शहर में रात की जिंदगी और 'क्लबिंग' आम है। डीजीपी ने नशे में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जोर देकर कहा कि संबंधित प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय किया जाए ताकि ग्राहक घर जाने के लिए कैब बुक करें या समूह के साथ जाने वाले वाहन चालक को शराब न दी जाए।

BJP का यूनिटी मार्च, सीएम योगी की अगुवाई में GBC-5 के लिए बढ़ाई गई तैयारियां

लखनऊ  लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत भाजपा ने सोमवार से यूनिटी मार्च शुरू कर दिया। यह पदयात्राएं 20 नवंबर तक होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक पदयात्राओं का नेतृत्व कर रहे हैं। सीएम योगी गोरखपुर में यूनिटी मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक, इन यात्राओं का आयोजन विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर होगा। पदयात्राओं के दौरान जनमानस को सरदार पटेल के ऐतिहासिक निर्णयों और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान के बारे में बताया जाएगा। उधर, उत्तर प्रदेश में जल्द आयोजित होने वाले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के आयोजन को लेकर सोमवार को कंपनी के चयन पर विचार किया जाएगा। इसके लिए इंवेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय किरण आनंद की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति में इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, वित्त नियंत्रक, महाप्रबंधक (विधि) व महाप्रबंधक (निवेश प्रोत्साहन) को सदस्य तथा महाप्रबंधक (इवेंट) को सदस्य सचिव बनाया गया है। औद्योगिक विकास विभाग ने जीबीसी के लिए विभिन्न विभागों को दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा भी शुरू कर दी है। इन्वेस्ट यूपी की टीमें रोजाना 29 विभागों के साथ संपर्क कर लक्ष्य की प्राप्ति की रिपोर्ट ले रही हैं। अभी तक करीब तीन लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। शेष दो लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी अगले एक सप्ताह में प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् गाना जरूरी, CM योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य करने का ऐलान किया है। सोमवार को उन्होंने गोरखपुर में एकता यात्रा का आरंभ करने से पहले कहा कि हम इसे अनिवार्य करेंगे जिससे हर नागरिक के मन में अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो। नया जिन्ना चुनौती दे इससे पहले उसे दफन करना होगा, एकता यात्रा में गरजे योगी सीएम योगी ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन देश में नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। अब भारत के अंदर फिर से कोई नया जिन्ना पैदा न होने पाए। वो जिन्ना यदि पैदा होने की कोशिश करता है तो इससे पहले कि वो भारत की एकता को चुनौती दे हमें उसे दफ्न कर देना होगा।

राजा वड़िंग फिर विवादों में, सिख ककारों को लेकर टिप्पणी पर सभी दलों ने जताई नाराजगी

चंडीगढ़  तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नाबालिग सिख बच्चों के जूड़ों से मजाक करने वाला उनका वीडियो वायरल होने के बाद अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) भी मैदान में उतर आई है। वायरल वीडियो में राजा वड़िंग बच्चों के केसों को दोनों हाथों से छूते हुए और मजाकिया अंदाज में बोलते नजर आ रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसजीपीसी ने तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत देकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि वड़िंग ने प्रचार के दौरान दो नाबालिग सिख बच्चों के केसों (जूड़ों) के साथ मजाक करते हुए वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समिति ने आरोप लगाया कि यह हरकत सिख आस्था और धार्मिक प्रतीकों का खुला अपमान है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वड़िंग की इस हरकत को ‘सिख धर्म के विरुद्ध अपवित्र कृत्य’ बताया। उन्होंने 17 सेकंड का वायरल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए कहा कि ‘गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने सिखों को जो पांच कक्कड़ प्रदान किए, उनमें केश पवित्रता का प्रतीक हैं। राजा वड़िंग ने उनका मजाक उड़ाकर सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।’ बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेने और सख्त कार्रवाई की मांग की। बच्चों के साथ केवल मजाक किया था : कांग्रेस वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जसकरण काहलों ने इस विवाद को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने बच्चों के साथ केवल मजाक किया था। इसे धार्मिक या राजनीतिक विवाद बनाना गलत है।

नई डिजिटल व्यवस्था लागू, AIIMS का पेमेंट सिस्टम बनेगा पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड

भोपाल   एम्स में मरीजों को अब शुल्क जमा कराने के लिए बिलिंग काउंटर की लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। एम्स प्रबंधन ने एक डिजिटल नवाचार की घोषणा की है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक स्मार्ट कार्ड आधारित भुगतान सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह कदम मरीजों और उनके परिजनों को हो रही दिक्कतों से बड़ी राहत देगा। शुरु होगा डिसेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम वर्तमान में मरीजों को जांच, टेस्ट या अन्य सेवाओं का भुगतान करने के लिए बार-बार बिलिंग काउंटर तक जाना पड़ता है। एम्स प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर पेमेंट सिस्टम पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड हो जाएगा। अस्पताल के प्रत्येक विभाग में स्कैनर लगाए जाएंगे, जहां मरीज तुरंत कार्ड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल के बड़े परिसर में बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। एसबीआइ संभाल रहा जिम्मेदारी इस अत्याधुनिक स्मार्ट कार्ड प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सौंपी गई है। एसबीआई की टीम वर्तमान में कार्ड निर्माण और स्कैनर सेटअप का अंतिम ट्रायल करने की तैयारी में है। सफल परीक्षण के बाद यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी। इस स्मार्ट कार्ड में मरीज से जुड़ी पूरी मेडिकल जानकारी सुरक्षित रहेगी। किसी भी यूनिट में कार्ड स्कैन करते ही उसका विवरण कंप्यूटर पर खुल जाएगा। उपचार के दौरान मरीज कार्ड के माध्यम से तुरंत भुगतान कर सकेगा, जिससे नकद लेनदेन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और पूरा प्रोसेस तेज हो जाएगा।- संदेश कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स  

मर्डर का रहस्य सुलझा? राजा रघुवंशी केस में विपिन ने खोले चौंकाने वाले राज

इंदौर  इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में अब एक नया अध्याय शुरू हो गया है. इस सनसनीखेज मामले में मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने अपनी अगली कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है. इस बार मोर्चा संभाला है राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने, जो अब आरोपियों सोनम और राज के खिलाफ कोर्ट में निर्णायक बयान देने के लिए तैयार हैं. विपिन रघुवंशी आज इंदौर से शिलॉन्ग (मेघालय) के लिए रवाना हो गए हैं, जहां यह केस चल रहा है. 11 नवंबर की सुबह शिलॉन्ग कोर्ट में उनके अहम बयान दर्ज किए जाएंगे. परिवार को उम्मीद है कि विपिन का बयान केस को एक मजबूत आधार देगा और आरोपियों को सख्त सज़ा मिल सकेगी. भाई का आरोप हत्या का मोटिव सिर्फ हवस शिलॉन्ग रवाना होने से पहले, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने एक सनसनीखेज और भावनात्मक बयान दिया है. उनका गुस्सा और दर्द उनके शब्दों में साफ झलक रहा था. विपिन रघुवंशी ने सीधे तौर पर मृतक की पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राज पर क्रूर आरोप लगाते हुए कहा कि विपिन रघुवंशी का बयान “सोनम और राज ने अपनी हवस मिटाने के लिए राजा को मार डाला. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्मम मर्डर का सिर्फ एक ही मोटिव था हवस. विपिन का यह बयान पूरे मामले को एक भावनात्मक और स्पष्ट दिशा देता है. परिवार का मानना है कि हत्या का पूरा षड्यंत्र राजा की संपत्ति या किसी अन्य कारण से नहीं, बल्कि सोनम और राज के बीच के अवैध संबंध और वासना के कारण रचा गया था. इंदौर से शिलॉन्ग, 11 नवंबर को होगा अहम बयान विपिन रघुवंशी अब अपने भाई को न्याय दिलाने की उम्मीद में इंदौर से शिलॉन्ग पहुंच चुके हैं. विपिन रघुवंशी आज (10 नवंबर) इंदौर से शिलॉन्ग के लिए रवाना हुए. 11 नवंबर की सुबह शिलॉन्ग कोर्ट में विपिन के बयान दर्ज किए जाएंगे. विपिन का बयान इस हाई प्रोफाइल केस में अभियोजन पक्ष (Prosecution) के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है. परिवार को उम्मीद है कि वह कोर्ट के सामने सभी तथ्य मजबूती से रखेंगे ताकि साज़िश का पर्दाफ़ाश हो सके. यह हनीमून मर्डर केस एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है, और सभी की निगाहें 11 नवंबर को शिलॉन्ग कोर्ट में होने वाली इस अहम कार्यवाही पर टिकी हुई हैं.

भोपाल लकड़ी मार्केट में भीषण अग्निकांड, लाखों का व्यापार तबाह

 भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ओल्ड टिंबर मार्केट (लकड़ी मार्केट) में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई, जो इतनी भयावह थी कि पूरे चार घंटे तक धधकती रही. आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. टिंबर मार्केट से कुछ ही दूरी पर रेल ट्रैक होने के कारण इस अग्निकांड की संवेदनशीलता और अधिक थी. अगर आग रेल ट्रैक के पास तक फैल जाती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी या रेल यातायात प्रभावित हो सकता था.  टिंबर मार्केट में आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. भोपाल नगर निगम, भापाल फायर सर्विस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के कुल 40 से ज्यादा फायर टेंडर्स ने मिलकर आग पर काबू पाया. फायर फाइटर्स ने चार घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया. टिंबर मार्केट में सैकड़ों टन लकड़ी और उससे बने सामान जलकर खाक हो गए. टिंबर व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.  इलाके में कई टिंबर मिलें, आरा मशीनें और भारी मात्रा में लकड़ी का स्टॉक होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. जांच जारी है. भोपाल टिंबर मार्केट के ठीक पीछे से दिल्ली-चेन्नई रेलवे ट्रैक गुजरता है, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण रेलवे लाइनों में से एक है. आग की घटना से रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन आसपास के इलाके में धुएं और गर्मी का असर जरूर महसूस किया गया. फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आग लगने की इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और लेकिन कुछ लकड़ी व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है. भोपाल में पात्रा पुल के पास स्थित ओल्ड टिंबर मार्केट एक व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है, जहां लकड़ी के फर्नीचर और अन्य सामान बनते हैं. यहां आरा मशीनें हैं और लकड़ी के गोडाउन बने हैं. रविवार शाम करीब 7:30 बजे ऐसे ही एक लकड़ी के गोदाम से आग लगी, जो देखते ही देखते आसपास के कुछ गोदामों और आरा मशीनों को अपनी चनेट में ले किया. जिला प्रशासन के मुताबिक आग की इस घटना में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. 48 साल बाद शिफ्टिंग तय… पर डेवलपमेंट कछुआ चाल से यह टिंबर मार्केट करीब 48 साल पुराना है। धीरे-धीरे इस मार्केट के आसपास रहवासी इलाके बस गए। आरा मशीनों में हर साल आग की बड़ी घटनाओं को देखते हुए मेट्रो के बहाने इन्हें करीब 30 किलोमीटर दूर परवलिया के छोटा रातीबड़ में शिफ्ट करने का प्रोजेक्ट बना। इससे पहले आरा मशीनों को शिफ्ट करने के लिए करीब 50 बार प्रशासन स्तर पर चर्चाएं हो चुकी थीं। 8 लोकेशन देखी गईं। लंबी जद्दोजहद के बाद छोटा रातीबड़ में 18 एकड़ जमीन अलॉट की गई। यहां पर पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए मेट्रो कॉरपोरेशन ने साढ़े 5 करोड़ रुपए भी दे दिए। शुरुआती कुछ महीनों तक तो टेंडर की प्रक्रिया के बीच ही फाइल दौड़ती रही। जब काम की शुरुआत हुई तो वह कछुए की चाल जैसा चल रहा है। फिलहाल यहां पानी की टंकी और सड़क का बेस बन रहा है। इस काम को सितंबर तक पूरा करने का टारगेट था, लेकिन इसकी रफ्तार देखते हुए कहा जा सकता है कि अभी भी कम से कम छह महीने लगेंगे। ऐसे में शहर के बीच में बड़ा खतरा बरकरार रहेगा। सबसे पहले 2007 में उठी थी शिफ्टिंग की बात इन आरा मशीनों को छोटा रातीबड़ से पहले कबाड़खाना, ऐशबाग स्टेडियम के पास, गोविंदपुरा से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर और चांदपुर में शिफ्ट करने के प्रयास हुए थे, लेकिन बात नहीं बन सकी। करीब दो साल पहले पहली बार आरा मशीन संचालकों को नोटिस जारी कर छोटा रातीबड़ में शिफ्ट होने का ऑप्शन दिया गया। कहा गया कि वे शिफ्ट नहीं होंगे तो हटा दिया जाएगा। इसके बाद सभी संचालकों ने लिखित में दिया था कि वे शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। जमीन जिला उद्योग केंद्र को दी गई थी। फिर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MESE) ने टेंडर कॉल किए थे। आरा मशीनों की शिफ्टिंग के बारे में सबसे पहले साल 2007 में बात हुई थी। यानी इस मुद्दे को उठे ही 18 साल बीत चुके हैं। आरा मशीनों की वजह से ही अटका मेट्रो का दूसरा फेज भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन, एम्स से करोंद के बीच 14.99 किमी में बन रही है। एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी) के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम पूरा हो गया है और मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। इसी लाइन के दूसरे फेज सुभाषनगर से करोंद (8.77 किमी) तक का काम आरा मशीनों की वजह से अटका हुआ है। दरअसल, मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए कुल 108 में से 46 मशीनें पहले शिफ्ट होंगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से अंडरग्राउंड रूट का काम प्रभावित हो रहा है। आग लगने के बाद अब जल्दी शिफ्टिंग का दावा इस मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आरा मशीनों की शिफ्टिंग जल्द करने का दावा किया है। रविवार रात आग लगने की घटना के बाद वे भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया- छोटा रातीबड़ में जमीन डेवलप की जा रही है। जल्द ही काम पूरा करेंगे और फिर वहां टिंबर मार्केट को शिफ्ट कर देंगे।  

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 8 वेन्यू चयनित, खिताबी मुकाबले की मेजबानी संभव

 नई दिल्ली     आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन फरवरी-मार्च के महीने में भारत और श्रीलंका में होना है. इस मेगा टूर्नामेंट के शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने शेड्यूल का ऐलान नहीं किया है. वैसे इसी हफ्ते पूरा शेड्यूल आने की संभावना है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक टी20 वर्ल्ड कप कुल 8 वेन्यू पर आयोजित होंगे. भारत में अहमदाबाद (नरेंद्र मोदी स्टेडियम), कोलकाता (ईडन गार्डन्स), मुंबई (वानखेड़े स्टेडियम), दिल्ली (अरुण जेटली स्टेडियम) और चेन्नई (एमए. चिदंबरम स्टेडियम) को वर्ल्ड कप मैचों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. वहीं श्रीलंका में तीन वेन्यू पर मुकाबले होंगे, जिसमें कोलंबो के दो मैदान (आर. प्रेमदासा स्टेडियम, सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब) और कैंडी (पल्लेकेल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम) शामिल हैं. अगर श्रीलंका या पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचते हैं, तो उनके सेमीफाइनल मुकाबले कोलंबो में होंगे. अगर पाकिस्तान या श्रीलंका दोनों ही सेमीफाइनल में नहीं पहुंचते हैं, तो दोनों सेमीफाइनल भारत में आयोजित होंगे. भारत में यदि दो सेमीफाइनल होते हैं, तो एक का आयोजन अहमदाबाद में होगा. जबकि दूसरे की मेजबानी कोलकाता करेगा. कहां पर होगा खिताबी मुकाबला? अगर पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हो सकता है. पाकिस्तानी टीम यदि फाइनल में नहीं पहुंचती है, तो अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम फाइनल की मेजबानी कर सकता है. अहमदाबाद ने ओडीआई वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल की भी मेजबानी की थी. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 20 टीमें भाग लेने जा रही हैं. इन 20 टीम्स को 5-5 के चार ग्रुप्स में बांटा जाएगा. हर ग्रुप से 2 टीमें सुपर-8 में जाएंगी. सुपर-8 के बाद सेमीफाइनल और फिर फाइनल मैच खेले जाएंगे. टी20 वर्ल्ड कप में टेस्ट खेलने वाली सभी 13 टीमें तो भाग लेंगी ही. इसके अलावा कनाडा, नीदरलैंड्स, यूएई, नेपाल, ओमान, नामीबिया और इटली ने भी मेगा टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया है. इटली की टीम तो पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलने जा रही है. भारत मौजूदा चैम्पियन है, जिसने जून 2024 में साउथ अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीता था. हाल ही में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैइकिया और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के बीच भी बैठक हुई. यह बैठक आईसीसी की आधिकारिक मीटिंग का हिस्सा नहीं थी, बल्कि अलग से और अनौपचारिक रूप से हुई. इस मीटिंग का उद्देश्य एशिया कप ट्रॉफी विवाद को जल्द सुलझाना था. एशिया कप 2025 में भारतीय टीम ने खिताब जीता था, लेकिन उसे अब तक ट्रॉफी हासिल नहीं हुई है. भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से गतिरोध बरकरार है.

राजेश मिश्रा के परिवार की कुंडली में खुला राज: घर में मिले ढेरों नोट, पुलिस थक गई गिनते-गिनते

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ, जब किसी तस्करी के मामले में इतनी बड़ी रकम बरामद हुई कि नोट गिनने वालों के हाथ थक गए. पुलिसवालों को 22 घंटे लगातार बैठ कर पैसे गिनना पड़ा.  सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुन्दीपुर गांव में अचानक पुलिस की एक साथ कई गाड़ियां पहुंची. थाना प्रभारी के साथ भारी पुलिस बल एक पुराने पक्के मकान की ओर बढ़ा. सूचना थी कि यहीं से जेल में बंद राजेश मिश्रा अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है. राजेश मिश्रा वही नाम, जो कभी शराब, फिर जमीन और अब नशे के कारोबार से प्रदेश भर में कुख्यात हो चुका है. राजेश इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि उसका गिरोह वहीं से चालू था. जेल के भीतर से  डील फाइनल होती, और बाहर से उसका परिवार डिलीवरी और कैश की वसूली संभालता. 22 घंटे तक चली गिनती जब पुलिस ने राजेश मिश्रा के घर पर दबिश दी, तो सबसे पहले अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया. घर में रीना मिश्रा (राजेश की पत्नी), बेटा विनायक, बेटी कोमल, रिश्तेदार यश और अजीत मिश्रा मौजूद थे. जब दरवाजा खुलवाया गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने हर किसी को चौंका दिया.  कमरे में चारों तरफ काले पन्नियों में लिपटे नोटों के बंडल, गत्तों में पैक गांजा, और लोहे के ट्रंक में रखी स्मैक. एक कोने में इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन थी, जिससे साफ था कि गिरोह सिर्फ तस्करी ही नहीं, कमाई की गिनती का पूरा इंतजाम भी रखता था. पुलिस ने जब गिनती शुरू की तो 2,01,55,345 रुपये की नकदी बरामद हुई. इसके अलावा 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) मिली. जिसकी अनुमानित कुल कीमत  3 करोड़ रुपये से अधिक है. कहने को बस तीन घंटे का ऑपरेशन था, लेकिन नोटों की गिनती पूरी करने में 22 घंटे लग गए. फर्जी जमानत से लेकर करोड़ों की कुर्की तक छानबीन में सामने आया कि रीना मिश्रा और उसका बेटा विनायक मिश्रा, राजेश की जेल से रिहाई के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में जमानत करवा चुके थे. इस खुलासे के बाद उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि पहले भी इस परिवार की ₹3,06,26,895.50 रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. यह कुर्की भी राजेश और रीना के नाम पर दर्ज की गई थी. बावजूद इसके, गिरोह ने जेल से नेटवर्क चलाना जारी रखा. रीना मिश्र: घर बैठी माफिया क्वीन स्थानीय पुलिस के अनुसार, रीना मिश्रा सिर्फ नाम की गृहिणी नहीं थी. राजेश मिश्रा के जेल जाने के बाद उसने ही पूरा सिंडिकेट संभाला. गांव में उसका खौफ इस कदर था कि कोई भी उसके घर की ओर नजर उठाकर नहीं देखता था. लोगों का कहना है कि मकान में कभी-कभी ट्रक रुकते थे, फिर कुछ लोग आते-जाते दिखते थे. सबको मालूम था, मगर कोई बोलता नहीं था. रीना का रोल सिर्फ घर की देखरेख का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की बुक-कीपिंग का था. वह तय करती थी किस इलाके में कितना माल जाएगा और कितनी रकम वापस आएगी. जेल में बैठे राजेश से वह रोज़ बात करती, और उसी के कहने पर डील फाइनल करती थी. जेल की दीवारों के भीतर से चलने वाला नेटवर्क पुलिस के अनुसार, राजेश मिश्रा पहले से ही कई गंभीर मामलों में अभियुक्त है. जेल से बाहर उसकी कमान उसकी पत्नी और बच्चों के पास थी. वह फोन और मुलाकातों के ज़रिए गिरोह को निर्देश देता था कि कहाँ से माल मंगाना है, कहाँ सप्लाई करनी है, और कौन पुलिसकर्मी कब ड्यूटी पर होता है. पुलिस का कहना है कि गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था. बिहार और मध्य प्रदेश तक इसके तार फैले हुए हैं. प्रतापगढ़, प्रयागराज और कौशांबी के कई गांव इस नेटवर्क के रूट बने हुए थे. एसपी दीपक भूकर बोले- यह तो बस शुरुआत है पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ हमारी लंबी रणनीति का हिस्सा है. इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं, लेकिन अब इनके नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा. जो भी इसमें शामिल है, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त गिरोहों की फाइलें अब डिजिटल रूप से ट्रैक की जा रही हैं. कई बैंक खातों और संपत्तियों की जांच भी चल रही है. एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले गिरफ्तार अभियुक्तों पर एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है. फर्जी जमानत के मामले में भी पुलिस ने अलग एफआईआर की है.  गिरफ्तार अभियुक्तों की लिस्ट: – रीना मिश्रा, पत्नी राजेश मिश्रा (40 वर्ष) – विनायक मिश्रा, पुत्र राजेश मिश्रा (19 वर्ष) – कोमल मिश्रा, पुत्री राजेश मिश्रा (20 वर्ष) – यश मिश्रा, पुत्र अजीत कुमार मिश्रा (19 वर्ष) – अजीत कुमार मिश्रा, पुत्र पवन कुमार मिश्रा (32 वर्ष) सभी को मानिकपुर थाना पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया. सवा तीन करोड़ की बरामदगी  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. बरामद नकदी और ड्रग्स की कुल कीमत करीब ₹3 करोड़ 17 लाख है. इतनी भारी मात्रा में कैश की बरामदगी ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि राजेश मिश्रा का नेटवर्क सिर्फ नशे तक सीमित नहीं है. कई जगहों पर उसकी अंडरग्राउंड इन्वेस्टमेंट की जानकारी मिली है. कुछ को जमीन खरीद के नाम पर और कुछ को लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में छिपाया गया था. जांच टीमें अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाल रही हैं.