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विंटर शेड्यूल के तहत राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोवा डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू होगी 28 अक्टूबर से

भोपाल  राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विंटर शेड्यूल के अंतर्गत 28 अक्टूबर से गोवा के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने जा रही है। इसी के साथ दिल्ली और हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ान सेवा की सुविधा भी यात्रियों को मिलेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि विंटर शेड्यूल जारी कर दिया गया है। गोवा के अलावा कई अन्य शहरों के लिए अतिरिक्त उड़ान सेवा विंटर सीजन में संचालित की जाएंगी। फिलहाल इंडिगो एयरलाइंस द्वारा इंटरनेशनल लाइट कनेक्टिविटी के लिए दुबई की घोषणा नहीं की गई है। उल्लेखनीय है की इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस दुबई के लिए डायरेक्ट फ्लाइट संचालित करती है। इसे भोपाल से कनेक्टिविटी देने की लंबे समय से मांग की जा रही है। ये सुविधाएं मिलेंगी गोवा से इंडिगो की डायरेक्ट फ्लाइट 28 अक्टूबर से दोपहर बाद 2.40 पर भोपाल आएगी और 3.20 बजे वापस गोवा के लिए रवाना होगी। हैदराबाद उड़ान संख्या 6 ई-7594 हैदराबाद से शाम 6.55 बजे रवाना होगी और रात 9 बजे भोपाल पहुंचेगी। वहीं 6ई-7595 भोपाल से रात 9:20 बजे रवाना होगी और रात 11.30 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसके शुरू होने से हैदराबाद भोपाल के लिए दो फ्लाइट्स की सुविधा हो जाएगी।

भारतीय नौसेना को मिलेगी बड़ी ताकत, ISRO 2 नवंबर को लॉन्च करेगा सबसे भारी सैटेलाइट

बेंगलुरु  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 2 नवंबर 2025 को अपनी शक्तिशाली LVM3 रॉकेट से CMS-03 कम्यूनिकेशन सैटेलाइट को लॉन्च करेगा. यह LVM3 का 5वीं ऑपरेशनल फ्लाइट (LVM3-M5) होगी. CMS-03 भारत का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह होगा, जिसका वजन लगभग 4,400 किलोग्राम है.  यह उपग्रह समुद्री इलाकों और भारतीय भूमि पर संचार सेवाएं देगा. पिछला LVM3 मिशन ने चंद्रयान-3 को चांद पर भेजा था, जहां भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग की थी. LVM3 रॉकेट: भारत की 'बाहुबली' लॉन्च व्हीकल LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) ISRO की सबसे ताकतवर रॉकेट है, जिसे 'बाहुबली' भी कहा जाता है. यह तीन चरणों वाली मध्यम-भारी लिफ्ट रॉकेट है, जो भारी उपग्रहों को अंडाकार जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में भेज सकती है. क्यों खासः LVM3 भारत की स्वदेशी तकनीक का प्रतीक है. यह 4 टन तक के उपग्रह GTO में भेज सकती है, जो PSLV या GSLV Mk-II से ज्यादा है. पहले विदेशी रॉकेट्स पर निर्भरता थी, लेकिन अब ISRO खुद बड़े उपग्रह लॉन्च करता है. विकास: 2000 के दशक में शुरू. पहली सफल फ्लाइट 2014 में. अब तक 7 सफल मिशन.  पिछला मिशन: LVM3-M4 ने जुलाई 2023 में चंद्रयान-3 लॉन्च किया. विक्रम लैंडर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की. इससे भारत चांद पर पहुंचने वाला चौथा देश बना. LVM3 की मुख्य स्पेसिफिकेशन्स      ऊंचाईः 43.5 मीटर (14 मंजिल ऊंचा.)     लिफ्ट-ऑफ वजनः 640 टन (एक बड़े हाथी का 800 गुना वजन)     चरणः 3 (2 सॉलिड बूस्टर + 1 लिक्विड कोर + 1 क्रायोजेनिक अपर)     बूस्टर इंजनः S200 (सॉलिड फ्यूल, 205 टन HTPB ईंधन)     कोर स्टेजः L110 (लिक्विड फ्यूल, Vikas इंजन)     अपर स्टेजः CE-20 (क्रायोजेनिक, LOX/LH2 फ्यूल)     पेलोड फेयरिंगः 5 मीटर व्यास (उपग्रह को ढकने वाला ढक्कन)     GTO पेलोड क्षमताः 4 टन (CMS-03 जैसा भारी उपग्रह आसानी से.)     लॉन्च साइटः श्रीहरिकोटा (सतीश धवन स्पेस सेंटर) यह रॉकेट उड़ान के दौरान अलग-अलग चरणों में काम करता है. पहले दो मिनट में बूस्टर जलते हैं. फिर कोर स्टेज. आखिर में अपर स्टेज उपग्रह को सही कक्षा में छोड़ता है. पूरी उड़ान 20-25 मिनट की होती है. CMS-03 उपग्रह: भारत का सबसे भारी संचार सैटेलाइट CMS-03 (कम्युनिकेशन सैटेलाइट-03) एक मल्टी-बैंड संचार उपग्रह है, जो GSAT-7R या GSAT-N2 के नाम से भी जाना जाता है. यह भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया है (रक्षा मंत्रालय द्वारा फंडेड), जो समुद्री इलाकों में सुरक्षित संचार देगा. वजन 4,400 किलोग्राम का यह उपग्रह भारत से GTO में लॉन्च होने वाला सबसे भारी संचार सैटेलाइट होगा. क्या करेगा? यह Ka-बैंड हाई-थ्रूपुट (HTS) तकनीक से काम करेगा. 40 बीम्स (सिग्नल कवरेज एरिया) के साथ 70 Gbps (गीगाबिट प्रति सेकंड) स्पीड देगा. भारतीय महासागर, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और भारतीय भूमि पर सेवाएं – जैसे वॉयस, डेटा, वीडियो कॉल, नेविगेशन और सैन्य कम्युनिकेशन. कब तक काम करेगा: 14-15 साल. GEO (36,000 किमी ऊंचाई) में स्थापित होगा, जहां से हमेशा एक ही जगह दिखेगा. तकनीक: एडवांस ट्रांसपोंडर (सिग्नल भेजने वाले), सोलर पैनल (बिजली के लिए) और बैटरी. यह मौसम-रोधी और सुरक्षित है. दुश्मन जैमिंग से बचेगा. महत्व: नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों और तट रक्षकों को रीयल-टाइम कनेक्टिविटी. आपदा प्रबंधन, मछली पकड़ने और पर्यटन में भी मदद. LVM3-M5 मिशन: पूरी डिटेल्स स्टेप बाय स्टेप     यह मिशन LVM3 का 5वां ऑपरेशनल फ्लाइट है. कुल 8वां लॉन्च (टेस्ट सहित).     लॉन्च डेट: 2 नवंबर 2025, सुबह (सटीक समय जल्द घोषित).     लॉन्च साइट: श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश. रॉकेट को 26 अक्टूबर 2025 को असेंबल करके लॉन्च पैड पर ले जाया गया.     उद्देश्य: CMS-03 को GTO में प्लेस करना. फिर उपग्रह अपने इंजन से GEO पहुंचेगा. फ्लाइट सीक्वेंस     लिफ्ट-ऑफ: S200 बूस्टर जलेंगे, रॉकेट 126 किमी ऊंचाई पर पहुंचेगा.     स्टेज सेपरेशन: 2 मिनट बाद बूस्टर अलग, L110 कोर चलेगा.     अपर स्टेज: CE-20 इंजन उपग्रह को 5,325 मीटर/सेकंड स्पीड देगा.     पेलोड डिप्लॉयमेंट: 20 मिनट में उपग्रह अलग, पैराशूट से नीचे आएगा (अगर जरूरी).     टीम: ISRO के 500+ वैज्ञानिक. चेयरमैन वी. नारायणन के नेतृत्व में.     चुनौतियां: मौसम, इंटीग्रेशन टेस्ट. लेकिन LVM3 की सफलता दर 100% है. मिशन का महत्व: भारत के लिए क्यों बड़ा कदम?     तकनीकी: भारत अब भारी उपग्रह खुद लॉन्च कर सकता है, विदेशी मदद कम.     रणनीतिक: नौसेना की ताकत बढ़ेगी, समुद्री सीमाओं पर नजर.     आर्थिक: NSIL (New Space India Ltd) के जरिए कॉमर्शियल लॉन्च, 10,000 करोड़+ कमाई.     भविष्य: अगला LVM3 US का BlueBird-6 सैटेलाइट लॉन्च करेगा. फिर गगनयान, इंडियन स्पेस स्टेशन.  

आज का राशिफल 28 अक्टूबर 2025: सिंह और तुला राशि की किस्मत चमकेगी, जानें सभी राशियों का हाल

मेष राशि- आज का दिन नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आएगा। कार्यस्थल पर आपकी परफॉर्मेंस दूसरों को प्रभावित करेगी। किसी पुराने अटके काम के पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन खर्चों पर नज़र रखें। प्रेम संबंधों में ईमानदारी और स्पष्टता ज़रूरी रहेगी। परिवार के किसी सदस्य के साथ बातचीत दिल को सुकून देगी। सेहत के मामले में लापरवाही न करें। सही खानपान और नींद जरूरी है। वृषभ राशि- आज धन लाभ के संकेत हैं। निवेश या किसी बिजनेस डील में फायदा हो सकता है। काम के सिलसिले में दिन उपयोगी रहेगा और वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बढ़ेगी। हेल्थ को लेकर थोड़ा ध्यान रखें, खासकर गले या पेट से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है। शाम का समय परिवार के साथ बिताना मन को शांति देगा। मिथुन राशि- आज दिमाग बेहद सक्रिय रहेगा। नई योजनाओं पर काम करने का सही समय है। जो लोग मीडिया, कम्युनिकेशन या लेखन से जुड़े हैं, उनके लिए दिन खास रहेगा। रिश्तों में ईमानदारी और संतुलन बनाए रखें। छोटी बातों पर प्रतिक्रिया न दें। आर्थिक रूप से दिन स्थिर रहेगा। शाम का समय अपने लोगों के साथ बिताना आपको भावनात्मक संतुलन देगा। कर्क राशि- सुबह का समय थोड़ा धीमा रहेगा, मन कुछ बेचैन रहेगा, लेकिन दोपहर के बाद हालात बदल जाएंगे। ऑफिस या कामकाज में किसी सहकर्मी से सहयोग मिलेगा। परिवार में किसी की सलाह काम आ सकती है। पुरानी यादें मन को इमोशनल बना सकती हैं, लेकिन खुद को वर्तमान पर केंद्रित रखें। सेहत में हल्की थकान रह सकती है। जल तत्व से जुड़े कामों या सफर से बचें। सिंह राशि- आज का दिन सफलता देने वाला रहेगा। आपकी लीडरशिप स्किल्स लोगों को प्रभावित करेंगी। नौकरी या व्यवसाय में तरक्की के संकेत हैं। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन दिखावे में खर्च करने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। कन्या राशि- दिन की शुरुआत सामान्य रहेगी, लेकिन दोपहर के बाद कामकाज में तेजी आएगी। ऑफिस में आपका प्रयास नोटिस किया जाएगा। बॉस या सीनियर की तरफ से तारीफ मिल सकती है। किसी पुराने दोस्त से संपर्क मन को हल्का करेगा। सेहत में सुधार होगा, लेकिन नींद पूरी न होने से थकान रह सकती है। किसी भी तरह के बड़े निर्णय में जल्दबाजी न करें। तुला राशि- सूर्य आपकी ही राशि में है, इसलिए आज आत्मविश्वास उच्च रहेगा। जो भी काम करेंगे, उसमें सफलता के संकेत हैं। लोगों से जुड़ने और नेटवर्क बढ़ाने के लिए दिन बेहतरीन है। प्रेम जीवन में नई शुरुआत संभव है। जो अविवाहित हैं, उनके लिए रिश्ता आने के योग हैं। आर्थिक रूप से दिन स्थिर रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन ओवरथिंकिंग से बचें। वृश्चिक राशि- आज भावनात्मक रूप से गहराई महसूस करेंगे। किसी पुराने रिश्ते की याद या अधूरी बात मन में आएगी, पर खुद को उस भावनात्मक दौर में अटकने न दें। कामकाज में सोच-समझकर निर्णय लें। जो लोग नौकरी या कारोबार बदलने का विचार कर रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल है। आध्यात्मिकता और ध्यान से मन को शांति मिलेगी। शाम को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। धनु राशि- दिन सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से सक्रिय रहेगा। दोस्तों या टीम के साथ जुड़ाव मजबूत होगा। जो लोग ट्रैवल, मीडिया या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। रिश्तों में संवाद और समझदारी बनाए रखें। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। लंबी दूरी की यात्रा का योग भी बन रहा है। मकर राशि- आज करियर में कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। मेहनत का सही फल मिलने वाला है। सीनियर से तारीफ मिल सकती है या प्रमोशन की चर्चा हो सकती है। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, इसलिए आराम जरूर करें। दिन के अंत में मानसिक सुकून महसूस होगा। कुंभ राशि- भाग्य का साथ मिलेगा। जो लोग विदेश या उच्च शिक्षा से जुड़े काम कर रहे हैं, उनके लिए दिन लाभदायक है। किसी पुराने विवाद का समाधान मिल सकता है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें और जल्दबाज़ी में कोई बात न कहें। परिवार से जुड़ा कोई शुभ कार्य तय हो सकता है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। मीन राशि- आज इन्ट्यूशन स्ट्रॉन्ग रहेगी। किसी पुराने काम से लाभ मिलने की संभावना है। अटका हुआ पैसा वापस आ सकता है। प्रेम जीवन में स्पष्टता और सच्चाई बनाए रखें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। सही दिनचर्या अपनाएं। शाम का समय शांति और आत्ममंथन के लिए शुभ है।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: पूरे राज्य में उत्सव और कार्यक्रमों की भरमार

प्रदेश में हर्षोल्लास से मनाया जायेगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड भोपाल में होगा जिला-स्तर पर भी आयोजित होंगे कार्यक्रम भोपाल मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर एक से तीन नवम्बर तक 3 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। एक नवम्बर को शासकीय भवनों पर रात्रि में प्रकाश व्यवस्था की जायेगी। अनेक नवाचारों का होगा शुभारंभ स्थापना दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम एक नवम्बर को प्रात: 11 बजे से लाल परेड मैदान पर आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में "विकसित मध्यप्रदेश @2047" दृष्टि पत्र का विमोचन, एमपीई-सेवा एवं 'इन्वेस्ट एमपी' पोर्टल का शुभारम्भ होगा। साथ ही प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति तथा आतिशबाजी की जायेगी। सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। विभिन्न विभागों की लगेगी विकास प्रदर्शनी स्थापना दिवस पर 2 एवं 3 नवम्बर को स्व-सहायता समूह एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित शिल्पियों की 'आर्ट एण्ड क्राफ्ट' प्रदर्शनी सह विक्रय स्टॉल के माध्यम से प्रदेश की बहुआयामी कला-संस्कृति का लोकव्यापीकरण और मंचीय कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन एवं सुगम संगीत का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की सतत प्रगति, विरासत से विकास, उद्योग/विज्ञान क्षेत्र की विशिष्ट उपलब्धियों पर केन्द्रित आकर्षक प्रदर्शनी एवं मध्यप्रदेश के विकास पर केन्द्रित फिल्म का प्रदर्शन प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर होगा। स्कूल-कॉलेजों में होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएँ युवाओं को जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत, बहुआयामी संस्कृति, पर्यटन, उद्योग, विज्ञान के क्षेत्र से संबंधित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता, मध्यप्रदेश के विकास, पर्यटन एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर आधारित चित्र/फोटो प्रदर्शनी/पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में किया जायेगा। सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाएँ, विज्ञान और उद्योग व्यवसाय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाली संस्थाओं सहित संवाद, गोष्ठी, युवा वैज्ञानिक सम्मेलन भी आयोजित किये जायेंगे। जिला-स्तरीय समारोह जिला मुख्यालयों पर स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियाँ, जिलावार उत्कृष्ट कार्यों तथा जिला उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रभारी मंत्रियों के समन्वय से जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे। जिला मुख्यालय पर प्रमुख शासकीय भवनों पर एक नवम्बर की रात्रि को प्रकाश की व्यवस्था की जायेगी। स्थापना दिवस के कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यावसासियों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं, शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों, जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों एवं शहीद सैनिकों के परिवारों तथा महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूह/स्टार्टअप के पदाधिकारियों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया जायेगा। जिससे कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।  

डॉ. यादव करेंगे ‘अनुगूँज’ कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन

डॉ. यादव करेंगे 'अनुगूँज' कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन सांस्कृतिक महोत्सव अनुगूँज का शुभारंभ, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शासकीय विद्यालयों के 500 विद्यार्थी करेंगे अपनी सांस्‍कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता से आयोजित किये जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम "अनुगूंज" का आयोजन मंगलवार 28 अक्‍टूबर को भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, शिवाजी नगर में शाम 5:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि होंगे। जनजातीय कल्‍याण मंत्री कुँवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अनुगूँज के प्रथम भाग 'धनक' के अंतर्गत वाद्य संगीत के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियाँ होंगी। कार्यक्रम के द्वितीय भाग 'रंगकार' के अंतर्गत 'नाटक ताना बाना टूट न जाए' का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के सहभागी विद्यार्थियों ने एक माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्‍न अंचलों से शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। उल्‍लेखनीय है कि अनुगूँज समारोह स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे है। इनमें सुप्रसिद्ध संगीतकार मॉरिस लाजरस, ओडसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू सु बिंदु जुनेजा, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सु भारती होम्‍बल, ख्‍याति प्राप्‍त कथक नृत्‍य गुरू मती पद्मजा रघुवंशी और मणिपुरी नृत्‍य शैली के प्रसिध्‍द आचार्य और राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू  एम.के. होजाइनगम्‍बा सिेंह, ख्‍यात रंग निदेशक  सादात भारती के साथ ही प्रसिद्ध मंच संचालक  विनय उपाध्‍याय जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए देश की विभिन्‍न प्रदर्शनकारी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों के प्रदर्शन के लिये विशाल मंच का निर्माण महाकाल की नगरी उज्‍जैन के महाकाल लोक के मॉडल पर तैयार किया गया है।  

नरसिंहपुर से 10 हजार का इनामी राजा हाशमी पकड़ा गया, इंदौर किन्नर विवाद में फिनाइल पिलाने का मामला

इंदौर    इंदौर पुलिस को किन्नर समाज से जुड़े एक विवादित में बड़ी सफलता हाथ लगी है. झगड़े के दौरान एक को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने की घटना में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी राजा हाशमी को गिरफ्तार कर लिया गया है.   किन्नर समाज से जुड़े विवाद में एक व्यक्ति को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप. आरोपी राजा हाशमी घटना के बाद से पिछले एक हफ्ते से फरार चल रहा था, जिस पर डीसीपी जोन ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस टीम को तकनीकी जानकारी और मुखबिर की मदद से राजा हाशमी की लोकेशन गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर (जबलपुर के पास) में मिली. पुलिस ने उसके बहनोई के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया. आरोपी को हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है और पुलिस पूछताछ के लिए उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. इस मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. एक आरोपी सपना हाजी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. आरोपी अक्षय कुमायूं और पंकज जैन अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास लगातार जारी हैं. 

महासमुंद जिले के 323 तीर्थयात्री मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत निकल पड़े प्रयागराज-काशी यात्रा पर

विधायक श्री सिन्हा ने फूल माला पहनाकर तीर्थयात्रियों को दी शुभकामना महासमुंद मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत महासमुंद जिले के पांचों विकासखंडों से आज कुल 323 श्रद्धालु 18 बसों के माध्यम से पवित्र तीर्थस्थलों — प्रयागराज, हनुमानगढ़ एवं काशी विश्वनाथ — के दर्शन हेतु रवाना हुए। यह पांच दिवसीय यात्रा 27 से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की गई है। रवाना होने के पूर्व सभी श्रद्धालुओं का मेडिकल चेक अप कराया गया। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने ध्वज दिखाकर श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए रवाना किया। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी, श्री येतराम साहू, श्री पवन पटेल, श्री महेंद्र सिक्का, श्री राजू चंद्राकर, श्री माखन पटेल, श्री मीना वर्मा, श्री रिंकू चंद्राकर, श्री शरद मराठा, श्री राकेश चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज कल्याण विभाग, जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। विधायक श्री सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा आरंभ की गई थी, किंतु पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में यह योजना बंद रही। वर्तमान में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस जनकल्याणकारी योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को फूल माला पहनाकर और तिलक लगाकर शुभकामनाएं दी।  ज्ञातव्य है कि योजना अंतर्गत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालु तीर्थ यात्रा के पात्र हैं। यदि पति-पत्नी साथ यात्रा करना चाहें तो उनमें से एक को आयु सीमा में छूट दी जाती है। योजना के तहत प्रत्येक माह पात्र श्रद्धालुओं को शासन द्वारा निर्धारित तीर्थस्थलों का निःशुल्क दर्शन कराया जाएगा। यह योजना पूर्णतः निःशुल्क है । यात्रा के दौरान आवागमन, ठहरने एवं भोजन की सभी व्यवस्थाओं का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाता है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा, बल्कि समाज और संस्कृति से उनका आत्मिक जुड़ाव भी सुदृढ़ होगा। महासमुंद जनपद से 52, बागबाहरा से 47, पिथौरा से 50, बसना से 40, सरायपाली से 43, नगरपालिका महासमुंद से 50, बागबाहरा से 6, सरायपाली से 15, तुमगांव से 6, पिथौरा से 6 तथा नगर पंचायत बसना से 5 श्रद्धालु शामिल हैं। इनके साथ कुल 9 अनुरक्षक भी यात्रा पर गए हैं। इस तीर्थ यात्रा से श्रद्धालुओं में उत्साह एवं श्रद्धा का भाव देखा गया। श्रद्धालु सुखिया ध्रुव,मचेवा, दुलारी साहू, बागबाहरा से फौज सिंह और ठाकुर दीवान,पिथोरा की रेखा प्रधान सहित सभी श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस जनकल्याणकारी योजना को जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

जनजातीय वन-भूमि पट्टाधारी किसानों के लिए खुशखबरी, सब्जी उत्पादन पर मिलेगा विशेष अनुदान

भोपाल प्रदेश में जनजाति बाहुल्य ग्रामों में वनपट्टाधारी परिवारों को सब्जी उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित कर, उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, इसके तहत प्रदेश के चार संभाग के 16 जिलों में जनजाति वर्ग के लोगों को वन भूमि पर पैदावार बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सब्जियों के उत्पादन के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। अनुदान राशि प्रति हैक्टेयर इकाई लागत का 90% तक हो सकता है। आयुक्त उद्यानकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में नर्मदापुरम संभाग में नर्मदापुरम , बैतूल, हरदा, जबलपुर संभाग में जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा कटनी, नरसिंहपुर, डिंडोरी और बालाघाट, शहडोल संभाग में शहडोल, उमरिया और अनूपपुर तथा भोपाल संभाग में भोपाल और सीहोर जिलों के कोलार बांध के आसपास के वनपट्टाधारी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। इन किसानों को कृषि तकनीकी विशेषज्ञ और मार्केटिंग एक्सपर्ट की सलाह पर उच्चमूल्य वाली सब्जी फसलों जैसे:- टमाटर, लौकी, करेला, फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली ब्रुसेल्स, स्प्राउट, बाकलावली, हरी मटर, बैंगन, शिमला मिर्च, भिंडी, खीर, हरी मिर्च, गाजर चुकंदर, शलजम, मूली, गांठ गोभी, राजमा, शकरकंद, केल-करम साग, सहजना की फली या मुनगा तथा पात्तिदार सब्जियों पर अनुदान सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को विभाग के एमपीएफएसटीएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य है। जिन किसानों का चयन योजना के अंतर्गत किया जाएगा, उनको उद्यानकी विभाग द्वारा सब्जी फसल उत्पादन की नवीन तकनीकियों, फसलोत्तर प्रबंधन, विपणन एवं संस्करण और विषयों का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।  

किसानों के लिए बड़ी राहत: शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना जारी रहेगी

किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना निरंतर जारी रहेगी राज्य शासन ने किया आदेश जारी भोपाल राज्य शासन ने वर्ष 2025-26 के लिये सहकारी बैंकों के माध्यम से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य शासन ने आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार खरीफ 2025 सीजन के लिये देय तिथि 28 मार्च 2026 तथा रबी 2025-26 सीजन के लिये देय तिथि 15 जून 2026 नीयत की गई है। राज्य शासन द्वारा अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले सभी किसानों को गत वर्ष के समान 1.5 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित देय तिथि तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) दिया जायेगा। 

महिला क्रिकेट की न्यूजीलैंड स्टार ऑलराउंडर ने ODI से लिया संन्यास, 19 साल का शानदार करियर पूरा

नई दिल्ली  क्रिकेट की दुनिया में उजली यादों का एक युग अब थमने को है. महिला वर्ल्ड कप 2025 (Women World Cup 2025) में सोफी डिवाइन (Sophie Devine) ने अपना आखिरी वनडे (ODI) मैच खेला और यह सिर्फ एक खेल का अंत नहीं बल्कि एक प्रेरक अध्याय का समापन है. न्यूजीलैंड की महिला टीम में उनकी मौजूदगी ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया. न्यूजीलैंड के लिए यह वर्ल्ड कप बिल्कुल सही नहीं गया. लीग स्टेज में टीम को सिर्फ एक मैच में ही जीत का स्वाद चखने को मिला. इसके साथ ही वह प्वाइंट्स टेबल में छठे स्थान पर रही. कीवी महिला टीम ने अपना आखिरी मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेला जहां उन्हें 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. इसी के न्यूजीलैंड टीम की कप्तान और स्टार ऑलराउंडर सोफी डिवाइन का सफर भी समाप्त हो गया. सोफी को मिला साथियों से सम्मान सोफी डिवाइन ने यह घोषणा पहले ही कर दी थी कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा, इससे उन्हें मानसिक रूप से तैयार होने का समय मिला. उनके फेयरवेल मैच में उनके साथी खिलाड़ी, विरोधी टीम और फैंस सभी ने उन्हें हौसला दिया. उन्होंने मैदान छोड़ते समय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर (Guard Of Honour) भी पाया और भावनात्मक रूप से भावुक हो उठे. इस तरह की विदाई केवल एक खत्म नहीं बल्कि सालों के संघर्ष, समर्पण और टीम के प्रति निष्ठा का सम्मान भी है. सोफी इस पूरे वाक्या के समय काफी इमोशनल भी नजर आई.  जीत के साथ विदा चाहती थी मुकाबला खत्म होने के बाद सोफी डिवाइन ने बयान देते हुए कहा कि उनकी कोशिश जीत के साथ इस सफर को खत्म करने और विदा लेने की थी. लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके साथ ही आगे उन्होंने इमोशनल होने को लेकर कहा कि मैने जितना सोचा था उतना नहीं रोई थी. क्योंकि मैं पहले ही इस बात को बता चुकी थी कि यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा, जिसके चलते मुझे पहले से ही अपनी भवनाओं के बारे में पता था.  करियर का सफर बता दे कि सोफी का इंटरनेशनल करियर लगभग 19 साल का रहा है. उन्होंने महिला क्रिकेट में एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में अपनी छाप छोड़ी. सोफी डिवाइन ने अपनी लगन, मेहनत और टीम को आगे बढ़ाने की चाह से यह मुकाम बनाया. उनकी अगुवाई में टीम ने कई कठिनाइयों का सामना किया, बदलावों से जूझा और नए खिलाड़ियों को पंख दिए. इस सफर में उन्होंने न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता पाई बल्कि टीम की नींव भी मजबूत की. विरासत और आगे का पथ जब एक महान खिलाड़ी जाता है, तो वह खाली नहीं छोड़ता बल्कि विरासत सौंप जाता है. डिवाइन का जाना केवल एक खिलाड़ी के करियर का अंत नहीं बल्कि उस कथानक का समापन है जिसमें उन्होंने महिलाओं की क्रिकेट को एक नए मुकाम तक पहुंचाया. अब यह जिम्मेदारी उन खिलाड़ियों और टीम की होगी कि उस विरासत को संभालें, आगे बढ़ाएं और नए कीर्तिमानों का निर्माण करें. सोफी की तरह, अब नए सितारे अपनी चमक बिखेरेंगे, लेकिन यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने रास्ता तैयार कर दिया.