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रेलवे स्टेशन का नाम बदला: औरंगाबाद अब छत्रपति संभाजीनगर

मुंबई दक्षिण मध्य रेलवे ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए ‘औरंगाबाद रेलवे स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन’ कर दिया है। रेलवे ने बताया कि यह नाम परिवर्तन औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है और स्टेशन के सभी साइनबोर्ड, टिकट, घोषणाएं और डिजिटल सिस्टम में नया नाम अपडेट किया जा रहा है। आधिकारिक नोटिस में लिखा है कि प्राधिकृत अधिकारी द्वारा "औरंगाबाद" रेलवे स्टेशन नांदेड मंडल, दक्षिण मध्य रेलवे का नाम बदलकर "छत्रपति संभाजीनगर" रेलवे स्टेशन करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्टेशन का नया स्टेशन कोड "CPSN” होगा। सभी जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी रेलवे के मुताबिक, यह फैसला महाराष्ट्र सरकार की अनुशंसा और गृह मंत्रालय की स्वीकृति के बाद लिया गया। स्टेशन का नया नाम छत्रपति संभाजीनगर मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस बदलाव के बाद यात्रियों को स्टेशन से जुड़ी सभी सूचनाएं और टिकटें नए नाम से जारी होंगी। एक अधिकारी ने कहा रेलवे ने सभी जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। अब सभी प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की घोषणाओं में स्टेशन का नाम ‘छत्रपति संभाजीनगर’ सुनाई देगा। इससे पहले, केंद्र सरकार ने 2022 में औरंगाबाद शहर का नाम भी छत्रपति संभाजीनगर करने की मंजूरी दी थी। अब रेलवे स्टेशन के नाम परिवर्तन के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। 15 अक्तूबर को जारी हुआ था गजट नोटिफिकेशन गौरतलब है कि भाजता नेता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने  विगत 15 अक्तूबर को इसका नाम बदलने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। तीन साल पहले तत्कालीन सरकार ने औरंगाबाद शहर का नाम छत्रपति संभाजीनगर किया था। ये फैसला छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र और मराठा राज्य के दूसरे शासक छत्रपति संभाजी के सम्मान में लिया गया। औरंगाबाद का नाम पहले मुगल सम्राट औरंगजेब के नाम पर रखा गया था। इतिहासकारों के मुताबिक औरंगाबाद रेलवे स्टेशन 1900 में हैदराबाद के सातवें निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल में खोला गया था। छत्रपति संभाजीनगर एक पर्यटन केंद्र है और अजंता और एलोरा की गुफाओं सहित कई ऐतिहासिक स्मारकों से घिरा हुआ है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र की इकाई- यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है।

राज्यपाल पटेल ने कहा- पुस्तकीय ज्ञान के साथ समसामयिक जानकारी जरूरी

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ ही देश में हो रही प्रगति और विकास के बारे में समसामयिक जानकारी होना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम ऐसी अद्भुत पहल है, जिसमें देश में हो रहे नवाचारों और प्रगति की जानकारी मिलती है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में मन की बात कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण की व्यवस्था करने के लिए भी कहा है। राज्यपाल श्री पटेल रविवार को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में मन की बात के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान विज्ञान भवन में किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय आगमन पर ज्ञान विज्ञान भवन परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय की छात्राओं जैनस्वी शर्मा, खुशी सेन ने "हम उठे जग उठे", लक्ष्य गीत का गायन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' और 'परीक्षा पे चर्चा' जैसे कार्यक्रम राष्ट्र जागरण की अभूतपूर्व पहल है। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के द्वारा गरीब, वंचित और पिछड़े व्यक्तियों और क्षेत्रों के द्वारा देश-समाज के निर्माण में दिये जा रहे योगदान की जानकारी दी जाती है। इन प्रेरक प्रसंगों से आत्मबल से विकास और परिवर्तन के लिए समाज को आत्मविश्वास, प्रेरणा और उत्साह प्राप्त होती है। इसी तरह 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के द्वारा प्रधानमंत्री ने विद्यार्थी परीक्षा की कैसे तैयारी करें, पालक बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें, इन सभी विषयों पर विस्तार से समझाइश देकर छात्र-छात्राओं पर अनावश्यक रूप से परीक्षा के समय बनने वाले भारी दबाव कम करने में बहुत मदद की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत@2047 की नई पहल की है। आज़ादी की 100वीं वर्षगांठ पर राष्ट्र का स्वरूप कैसा होगा इस दिशा में विवेकानंद जयंती के अवसर पर नई पहल की है। देश भर के विद्यार्थियों से राष्ट्र के भावी स्वरूप के संबंध में उनके विचार प्राप्त किये। चयनित 3 हजार युवाओं के साथ नई दिल्ली में गोष्ठी भी की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार से ही जीवन अच्छा जीवन होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देना केवल शिक्षण संस्थाओं का दायित्व नहीं हो सकता। परिवार को भी बच्चों में संस्कार देने की जिम्मेदारी समझना होगी। बच्चे माता-पिता के आचरण से संस्कार ग्रहण करते हैं। परिवार का वातावरण संस्कारित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से प्राप्त प्रगति अधूरी है। यदि उसमें अपने माता-पिता, राष्ट्र, समाज के प्रति सम्मान और सेवा का भाव नहीं है। उन्होंने कहा माता-पिता अपने बच्चों की अंगुली पकड़ कर चलना सिखाते हैं। वृद्धावस्था में उनके साथ दुर्व्यवहार करके कोई भी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र उन्नति नहीं कर सकता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलगुरू श्री एस.के. जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन कुल सचिव डॉ. अनिल शर्मा ने किया। संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण श्री पवन मिश्रा ने किया।  

LIC ने हाथ खींचा, अमेरिकी बीमा कंपनियों ने अडानी पर लगाया बड़ा निवेश

नई दिल्ली  अडानी समूह की कंपनियों में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का निवेश भले ही सुर्खियों में हो, लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि अरबपति गौतम अडानी द्वारा नियंत्रित इकाइयों में कुछ सबसे बड़े निवेश सरकारी बीमा कंपनी से नहीं, बल्कि प्रमुख अमेरिकी और वैश्विक बीमा कंपनियों से आए हैं। इस कंपनी में 6650 करोड़ रुपये का निवेश जून, 2025 में, अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा 57 करोड़ अमेरिकी डॉलर (5,000 करोड़ रुपये) के निवेश के एक महीने बाद, अमेरिका स्थित एथेन इंश्योरेंस ने अडानी के मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में 6,650 करोड़ रुपये (75 करोड़ डॉलर) के लोन निवेश का नेतृत्व किया, जिसमें कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां शामिल हुईं। एथेन की मूल कंपनी – अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट – ने 23 जून को एक बयान में कहा कि उसके प्रबंधित फंड, सहयोगी और अन्य दीर्घकालिक निवेशकों ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (मायल) के लिए 75 करोड़ डॉलर का ‘निवेश ग्रेड रेटेड वित्तपोषण’ पूरा कर लिया है। यह अपोलो द्वारा मायल के लिए दूसरा बड़ा फंडिंग था। अन्य फंड जुटाने में अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा डीबीएस बैंक, डीजेड बैंक, राबोबैंक और बैंक सिनोपैक कंपनी लिमिटेड सहित वैश्विक कर्जदाताओं के एक समूह से लगभग 25 करोड़ डॉलर जुटाना शामिल था। 10 लाख अमेरिकी डॉलर के लोन डॉक्यूमेंट पर हुआ साइन एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की अगस्त की एक रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने वर्ष की पहली छमाही में बंदरगाह इकाई (एपीएसईजेड), ग्रीन ऊर्जा एनर्जी (एजीईएल), प्रमुख कंपनी (अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड में कुल मिलाकर 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की नई लोन सुविधाओं पर हस्ताक्षर किए। एलआईसी ने आरोपों पर क्या कहा था? ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ग्लोबल इंवेस्टर्स की हिचकिचाहट के बीच सरकारी अधिकारियों ने एलआईसी के निवेश निर्णयों को प्रभावित किया। इससे अडानी समूह में एलआईसी का निवेश सुर्खियों में आ गया। शनिवार को, एलआईसी ने इस रिपोर्ट को ‘झूठा, निराधार और सच्चाई से कोसों दूर’ बताया और कहा कि अडानी समूह की कंपनियों में उसका निवेश स्वतंत्र रूप से और विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद उसके निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित नीतियों के अनुसार किया गया था। भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में, बुनियादी बातों और विस्तृत जांच-पड़ताल के आधार पर विभिन्न कंपनियों में निवेश के फैसले लिए हैं। भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में इसका निवेश मूल्य 2014 से 10 गुना बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये से 15.6 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो मजबूत फंड मैनेजमेंट को दर्शाता है। अडानी समूह में इसका निवेश समूह के कुल 2.6 लाख रुपये के कर्ज के दो प्रतिशत से भी कम है। इसके अलावा, अडानी एलआईसी की सबसे बड़ी होल्डिंग नहीं है – रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आईटीसी और टाटा समूह हैं। किस कंपनी में एलआईसी का कितना निवेश एलआईसी के पास अडानी के चार प्रतिशत (60,000 करोड़ रुपये मूल्य के) शेयर हैं, जबकि रिलायंस में 6.94 प्रतिशत (1.33 लाख करोड़ रुपये), आईटीसी लिमिटेड में 15.86 प्रतिशत (82,800 करोड़ रुपये), एचडीएफसी बैंक में 4.89 प्रतिशत (64,725 करोड़ रुपये) और एसबीआई में 9.59 प्रतिशत (79,361 करोड़ रुपये) शेयर हैं। एलआईसी के पास टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में 5.02 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसका मूल्य 5.7 लाख करोड़ रुपये है।  

हापुड़ में योगी का अनाउंस्ड दौरा: गंगा पूजन और अफसरों के साथ हुई रणनीति मीटिंग

हापुड़  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अचानक से हापुड़ पहुंच गए। दोपहर 01:20 बजे हेलीकाप्टर से उतरने के बाद वह सीधे गढ़मुक्तेश्वर गए, जहां पर उन्होंने गंगा में दूध चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। बाद में उन्होंने आरती में भाग लिया। इसके बाद वह पैदल कार्तिक मेले के मुख्य द्वार पर पहुंचे और पैदल ही कुछ दुकानों का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक शुरू कर दी। मुख्यमंत्री का गढ़मुक्तेश्वर पहुंचने पर अधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। गढ़मुक्तेश्वर की पावन धरा में इन कार्तिक मास के प्राचीन गंगा मेले का आयोजन हो रहा है। मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने का कार्यक्रम शनिवार देर शाम को अधिकारियों को मिला था। जिसके बाद अधिकारियों ने मेला स्थल के पास में हैलीपेड से लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। रविवार सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में जुटे हुए थे। रविवार दोपहर 01:20 बजे मुख्ययमंत्री का हैलीकॉप्टर हैलीपैड पर पहुंचा। जहां पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री हैलीपेड से सीधे गंगा घाट पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने दूध चढ़ाया और पूजा में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने गंगा की आरती की। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्तिक मेले के लिए बनाए गए मुख्य द्वार पर पहुंचे और पैदल ही दुकानों का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ में समीक्षा बैठक शुरू कर दी।  

क्रिकेट सिटी में कलंक! विदेशी महिला खिलाड़ियों के साथ बदसलूकी से सन्न हुआ इंदौर

इंदौर जिस इंदौर की पहचान मां अहिल्या की नगरी के रूप में होती है, जिस शहर की पहचान देश स्वच्छता के कारण हो, उस शहर पर अकील खान नाम के मनचले की हरकतों बदनामी के छींटे डाल दिए। इंदौर की सराफा चौपाटी पर आधी रात को महिलाएं बिना किसी संकोच के पारंपरिक भोजन का स्वाद लेने पहुंचती हों, वहां दिनदहाड़े आस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों से छेड़छाड़ से पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सहित पूरा शहर स्तब्ध है। उनमें घटनाक्रम को लेकर रोश भी है। भारतीय टीम की पूर्व कप्तान और मप्र क्रिकेट संगठन की प्रबंधकारिणी सदस्य संध्या अग्रवाल दुखी हैं। कहती हैं, इंदौर बहुत शालीन शहर है। देश-दुनिया में इसका बड़ा नाम है। यहां सफलता के साथ सभी मैचों का आयोजन हुआ। खिलाड़ियों ने प्रशंसा की, लेकिन एक घटना ने नाम खराब किया। एक व्यक्ति की हरकत ने शहर का नाम बदनाम किया।   यह भी गौर किया जाना चाहिए कि क्या दोनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन किया था और वे टीम प्रबंधन या सुरक्षा अधिकारी को जानकारी देकर गई थीं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बिंदेश्वरी गोयल ने कहा- इंदौर की पहचान महिला सशक्तीकरण के लिए होती है। मां अहिल्या ने यहीं पर पहली बार महिला सेना का गठन किया था। यह बहुत दुखद घटना है। इंदौर में ऐसा कभी नहीं हुआ। इससे खिलाड़ियों के मन में शहर की खराब छवि बनती है, जबकि हमारा इंदौर ऐसा नहीं है। एक व्यक्ति की हरकत से पूरे शहर के बारे में धारणा नहीं बनना चाहिए। घटना की आलोचना होनी चाहिए पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चित्रा बाजपेयी कहती हैं, इंदौर महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ हुई घटना दुखद है और इसकी आलोचना होना चाहिए। एक मनचले की हरकत ने सभी को स्तब्ध किया है। इस घटना ने हमें सोचने पर विवश किया है कि महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव जगाना जरूरी है। इंदौर में सिर्फ महिला क्रिकेटर ही नहीं, विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी भी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार से आहत हैं। हॉट स्पॉट पर हुई छेड़छाड़ की घटना घटना रोबोट चौराहे से थोड़ी दूर की है। इस स्थान को पुलिस ने हॉट स्पॉट के रूप में घोषित किया था। सब्जी मंडी के पास तो खजराना पुलिस चेकिंग अभियान भी चला चुकी है। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन के बाद भी पुलिस की अनुपस्थिति निगरानी सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपित से पूछताछ की जा रही है। जवानों के भरोसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इंटेलिजेंस एडीसीपी प्रमोद सोनकर ने 17 अक्टूबर को ड्यूटी चार्ट तैयार करवाया था। इसमें विजय नगर एसीपी आदित्य पटले को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया था। पटले का स्थानांतरण हो चुका है। उनके स्थान पर राजकुमार सराफ प्रभारी एसीपी हैं। रेडिसन ब्लू होटल में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक एएसआई आरएस मावई, प्रधान आरक्षक शीतलराव और महिला आरक्षक आयुषी की ड्यूटी लगाई गई थी। दूसरी शिफ्ट में एएसआई किशोर खेड़ेकर और आरक्षक प्रमोद व अर्पिता की ड्यूटी लगाई गई थी। रेडिसन ब्लू होटल विजयनगर थाना अंतर्गत आता है। थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा में गंभीरता नहीं दिखाई। सेल्फी लेने के बहाने छेड़छाड़ पुलिस सूत्रों ने बताया अकील ने आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेने के बहाने छेड़छाड़ की है। हालांकि खिलाड़ियों ने कथनों में इससे इन्कार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने एक खिलाड़ी के साथ हरकत की थी। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी फुटेज भी ले लिए हैं।  

तीन ट्रैक्टर थाने में, अवैध रेत का मामला तूल पकड़ता ही दबंगों ने छीना!

छतरपुर रेत से भरे तीन ट्रैक्टरों को पकड़े जाने के बाद उनको थाने में रखवा दिया गया था लेकिन बाद में दबंग आए और ट्रैक्टरों को ले गए। प्रशासन की कार्रवाई पर दबंगों के भारी पड़ने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से ले लिया है और ट्रैक्टर छोड़े जाने के मामले में एसडीएम अखिल राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इधर जिन ट्रैक्टरों को दबंग थाने से ले गए थे उनमें दो यादवों और एक तिवारी का ट्रैक्टर बताया गया है। बताया गया है जब मामले को गंभीरता से लिया गया और कलेक्टर के नोटिस के बाद फिर से तीन और ट्रैक्टरों को पकड़ लिया गया है और थाने में रखवा दिया गया है। कलेक्टर ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल रूप से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।   साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद ट्रैक्टरों को छुड़ा ले जाने का या कोई पहला मामला नहीं इससे पहले भी दो बार पुलिस और माइनिंग की कार्रवाई के दौरान दबंग भारी पड़े और ट्रैक्टरों को छुड़ाकर ले गए थे लेकिन यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है कि जिन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया और थाने में रखवा दिया गया उनको नेताओं के दबाव में जाकर छोड़ दिया गया। अब इस मामले को लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया है लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था पर दबंग भारी पड़ रहे हैं। कलेक्टर द्वारा गठित विशेष टीम इस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में एसडीएम अखिल राठौर का कहना है कि तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है और उनको थाने में रखवा दिया गया है। दोषियों पर इसमें कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह का कहना है कि यह माइनिंग और राजस्व अधिकारियों की करवाई है इस संबंध में वही जवाब दे सकते हैं।

जुए की महफिल से 6 पटवारी गिरफ्तार, 20 लाख का माल जब्त — अफसरों में मचा हड़कंप!

जांजगीर चांपा शहर के सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार देर रात रमन नगर जांजगीर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ खेलते आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए जुआरियों में राजस्व पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सहित छह पटवारी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से नकद 40 हजार रुपये, 52 पत्तियां ताश, छह मोबाइल फोन, दो कार, दो स्कूटी सहित लगभग 20 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। कोतवाली थाना प्रभारी मणिकांत पांडेय ने बताया कि जांजगीर के रमन नगर निवासी रवि राठौर के मकान में लंबे समय से जुआ खेलने की शिकायत मिल रही थी। शनिवार की रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी, जहां पर जुआ का फड़ चल रहा था।   मौके से ज्योतिष कुमार सार्वे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, राजस्व पटवारी संघ), हेमचंद तिवारी, रवि राठौर, उमेश कुमार पटेल, गोविंद कांवर, राहुल प्रताप सिंह, देवेश अंबष्ट और पटवारी का निजी कंप्यूटर आपरेटर हरीश सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पकड़े गए जुआरियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। खास तौर पर पटवारी संघ की साख पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि संगठन का शीर्ष पदाधिकारी ही जुआ खेलते पकड़ा गया है। एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, इस घटना से राजस्व विभाग में भी भारी नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

भयानक हादसा: इलेक्ट्रिक बस की बैट्री में विस्फोट, पलभर में राख हो गई पूरी बस

कुरनूल आंध्र प्रदेश के कुरनूल में इलेक्ट्रिक बस में आग लगने को लेकर पुलिस का कहना है कि बाइक से टक्कर के बाद बस में लगीं दो 12 केवी की बैट्रियों में धमाका हुआ था। वहीं शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि बस पर बड़ी मात्रा में स्मार्टफोन रखे हुए थे। उनके पास ही वाहन की बैट्री थी। इसी वजह से आग लगी थी। बता दें कि शुक्रवार को बस और बाइक की टक्कर के बाइक बस के नीचे आकर रगड़ने लगी। इस वजह से उसका फ्यूल टैंक फट गया और बस भी आग का गोला बन गई। इस घटना में बस में सावर 19 यात्रियों के साथ बाइक सवार की मौत हो गई थी। एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही इस बस में 234 स्मार्टफोन रखे थे। ये स्मार्टफोन किसी व्यापारी के थे। आग लगने के बाद स्मार्टफोन की लीथियम आयन बैट्री में धमाका होने लगा। इस वजह से आग तुरंत यात्रियों के केबिन तक पहुंच गई। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि बस के सामने पेट्रोल लीक होने की वजह से आग लगी थी। अधिकारियों ने कहा कि बस की एल्युमिनियम फ्लोरिंग पिघलने लगी और आग बढ़ती चली गई। आंध्र प्रदेश दमकल विभाग और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादा मात्रा में स्मार्टफोन और बैट्री की वजह से लोगों की जान चली गई। कुरनूल रेंज के डीआईजी कोया प्रवीण ने कहा, बाइक के फ्यूल टैंक की वजह से आग नहीं लगी बल्कि बस के मेन एग्जिट डोर के पास आग लगी थी। इसके अलावा बस के पीछे की तरफ जहां बैट्री होती है वहां आग लगी थी। बैट्री में विस्फोट हो गया। उन्होंने कहा कि बाइक में लगी आग की वजह से केवल बस की टूल किट प्रभावित हुई थी। कुरनूल जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रांत पाटिल ने बताया कि शिव शंकर की मोटरसाइकिल सड़क पर फिसलकर गिर गई और वह डिवाइडर से टकरा गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना उसी रास्ते से गुजर रही एक बस के शिव शंकर के दोपहिया वाहन को अपनी चपेट में लेने के कुछ देर पहले हुई। पाटिल ने बताया कि हादसे में दोपहिया वाहन के पीछे बैठे एरी स्वामी को मामूली चोटें आई थीं।  

श्री बजरंग सेना के प्रमुख हितेश विश्वकर्मा ने दी दीपावली और छठ पर्व की शुभकामनाएं

नई दिल्ली श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा ने देशवासियों को दीपावली और छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी से भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इसी प्रकार छठ पर्व भी भारतीय आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देता है। हितेश विश्वकर्मा ने कहा कि श्री बजरंग सेना सूरत से कार्यरत एक हिंदूवादी संगठन है, जो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। संगठन का उद्देश्य समाज में एकता, संस्कार और राष्ट्रीयता की भावना को प्रबल करना है। उन्होंने बताया कि संगठन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है, बल्कि सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। श्री बजरंग सेना द्वारा समय-समय पर जरूरतमंदों को मदद, पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा, स्वच्छता अभियान और शिक्षा के क्षेत्र में जनजागृति जैसे कार्य किए जाते हैं। हितेश विश्वकर्मा ने कहा कि दीपावली और छठ पर्व का अवसर समाज में भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करने का संदेश लेकर आता है, जिसे हर भारतीय को आत्मसात करना चाहिए।

सलमान खान पर पाकिस्तान की गिरी नजर, बयान के बाद भड़का इस्लामाबाद!

मुंबई  बॉलिवुड अभिनेता सलमान खान के बयान से बिलबिलाए पाकिस्तान ने उन्हें आतंकी घोषित कर दिया है। हाल में ही सलमान खान ने सऊदी अरब में एक कार्यक्रम में बलूचिस्तान को अलग देश बताया था। इसके बाद शहबाज शरीफ सरकार बुरी तरह चिढ़ गई। इसके बाद अब शहबाज शरीफ की सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए उन्हें आतंकवाद रोधी अधिनियम के तहत आतंकी घोषित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने उनका नाम चौथे शेड्यूल में शामिल किया है। जानकारी के मुताबिक चौथी सूची में शामिल कनरे का मतलब होता है कि उनपर कट्टरपंथी गतिविधियों के चलते नजर रखी जाएगी। अब तक सलमान खान या फिर उनके किसी प्रतिनिधि की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सलमान खान ने क्या कहा था? सऊदी अरब में एक फोरम में संबोधित करते हुए सलमान खान ने कहा था, ये बलूचिस्तान के लोग हैं, अफगानिस्तान के लोग हैं, पाकिस्तान के लोग हैं, हर कोई सऊदी अरब में मेहनत से काम कर रहा है। इसी बयान पर पाकिस्तान को मिर्ची लग गई थी। दरअसल लंबे समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तान से अलग होने के लिए आंदोलन चल रहा है जिसे पाकिस्तानी सेना अपने अत्याचारों से रौंदने की कोशिश करती है। सलमान खान के बयान से भी ऐसा लगता था कि वह बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग बता रहे हैं। ऐसे में उसका बौखलना तय था। एक तरफ जहां पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है तो दूसरी तरफ बलूचिस्तान के अलगाववादी नेता उनसे खुश हैं। उन्होंने सलमान खान को धन्यवाद भी दिया है। हालांकि यह अब तक नहीं पता चला कि सलमान खान ने बातों ही बातों में इस तरह बोल दिया था या फिर जानबूझकर बलूचिस्तान का अलग से नाम लिया था। बात दें कि बलूचिस्तान में आजादी के लिए आंदोलन लंबे समय से चल रहा है। अकसर यहां हिंसा की घटनाएं भी सामने आती हैं। दरअसल बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों के मामले में धनी है लेकिन आर्थिक रूप से यह क्षेत्र काफी पिछड़ा है। यहां चीन के प्रोजेक्ट्स का भी विरोध होता रहता है। अकसर विद्रोही पाकिस्तान की सेना या फिर अन्य इलाके के लोगों को निशाना बनाते हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान के 46 फीसदी हिस्से में है लेकिन यहां की आबादी केवल 1.5 करोड़ के आसपास है।