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नेटवर्क न होने पर शिक्षक ने पेड़ पर चढ़कर लगाई ई-अटेंडेंस, देखिए अनोखा तरीका

अगार मालवा  मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगाने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ रहा है। मोबाइल नेटवर्क न होने की वजह से रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे अटेडेंस प्रभावित हो रही है। दरअसल, सरकार ने शिक्षकों को ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया है। जिससे बड़ौद और उसके आसपास के गांवों मे नेटवर्क की समस्या आ रही है। नेटवर्क नहीं मिलने से ऐप ठीक तरह से काम नहीं करता। जिसके लिए कई बार शिक्षकों को पेड़ पर चढ़कर तो कई बार छतों पर चढ़कर ई-अटेंडेंस लगानी पड़ती है। ताकि वह अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकें। नेटवर्क के कारण आ रही समस्याएं शिक्षकों ने बताया कि स्कूल परिसर में होने के बावजूद भी ऐप में लोकेशन दूसरी दिखती है। नेटवर्क भी नहीं आता, जिसके कारण अलग-अलग लोकेशन दिखाई देती है। कभी-कभी तो अटेंडेंस भी दर्ज नहीं हो पाती। जिससे विभागीय पोर्टल पर अनुपस्थित दिखाई देता है। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क बड़ी चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। कई गांवों में कमजोर सिग्नल के कारण लोग डिजिटल दुनिया से वंचित हैं। शिक्षकों को ई-अटेंडेंस, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं में दिक्कतें आ रही हैं। 

लखनऊ वाले ध्यान दें: यूपी अग्निवीर भर्ती रैली 8 दिसंबर से, तैयार रहें

लखनऊ  यूपी के युवाओं के लिए सेना में शामिल होने का सुनहरा मौका आया है। प्रदेश में 8 दिसंबर से अग्निवीर भर्ती रैली की शुरुआत होगी। इसके लिए मध्य कमान प्रशासन ने आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, यह भर्ती रैली बरेली स्थित जाट रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित की जाएगी। यूनिट हेडक्वार्टर कोटा के तहत होने वाली यह भर्ती 8 दिसंबर से 16 दिसंबर तक चलेगी। कार्यक्रम के अनुसार, लखनऊ जिले के अभ्यर्थियों की भर्ती रैली 11 दिसंबर को होगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तारीख पर समय से पहुंचे।  

जल्द आएगा फोल्डेबल आईफोन! एप्पल 2026 के अंत में कर सकता है लॉन्च

 नई दिल्ली  एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि एप्पल अपने यूजर्स के लिए इस वर्ष के अंत में फोल्डेबल आईफोन पेश कर सकता है। यह फोन ग्राहकों की उम्मीदों को नए सिरे से परिभाषित करेगा और फोल्डेबल फोन को नए मेनस्ट्रीम अडॉप्शन फेज में लाएगा। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 के अंत में एप्पल के फोल्डेबल आईफोन के साथ एक सबसे बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल की एंट्री से ग्राहकों की जागरूकता बढ़ेगी और हाई-इनकम सेगमेंट में रिप्लेसमेंट डिमांड बढ़ेगी। इस नए फोन के लॉन्च के साथ ब्रांड डायनामिक्स में बदलाव होंगे और कंपनी का कुल मार्केट वॉल्यूम भी बढ़ जाएगा। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अमेरिकी फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट इस वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 68 प्रतिशत बढ़ेगा क्योंकि यह कई वर्षों के एक्सपेरिमेंट के बाद अब मजबूत वृद्धि के दौर में एंट्री ले रहा है। यह मजबूत वृद्धि फोल्डेबल डिजाइन की बेहतर ड्यूरेबिलिटी और मल्टीपल ब्रांड के डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो की वजह से देखी जा रही है। इस वर्ष पोर्टफोलियो विस्तार और इकोसिस्टम की तैयारी बाजार को नए सिर से परिभाषित कर रही है। दूसरी ओर, सैमसंग अपने गैलेक्सी जेड फोल्ड और फ्लिप लाइनअप के साथ अपनी लीडरशिप को बनाए हुए है। कंपनी ने ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए एक नया फैन एडिशन वेरिएंड भी पेश किया है। इसी के साथ कंपनी इस वर्ष के अंत में कंपनी अपने ट्राई-फोल्ड डिवाइस को भी लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके लिए ग्राहक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उधर, मोटोरोला अपनी रेजर सीरीज का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस विस्तार के साथ मोटोरोला की सैमसंग के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता में भी सुधार हो रहा है और सैमसंग के साथ कंपनी का शेयर अंतर कम होता जा रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की एसोसिएट डायरेक्टर लिज ली ने कहा कि इस वर्ष सैमसंग मैच्योरिटी और इकोसिस्टम की स्ट्रेंथ के साथ सबसे आगे बना रहेगा। वहीं, मोटोरोला के क्लैमशेल सेगमेंट में तेजी से विस्तार और गूगल की एआई-ड्रिवन अप्रोच प्रतिस्पर्धा को एक नया आकार दे रही है। उन्होंने कहा कि 2026 में एप्पल की एंट्री न केवल मार्केट का विस्तार करेगी बल्कि फोल्डेबल फोन को मेनस्ट्रीम प्रीमियम स्मार्टफोन फॉर्मेट में भी लाने का काम करेगी।

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट की नई डेडलाइन, संत रविदास मंदिर की फिनिशिंग अधूरी

सागर  सागर जिले के बडतूमा में निर्माणाधीन 101 करोड़ की लागत से बन रहा संत रविदास मंदिर एवं संग्रहालय का काम जारी है. जिस विधानसभा क्षेत्र में ये मंदिर बन रहा है, वहां के भाजपा विधायक प्रदीप लारिया का दावा है कि अगली रविदास जयंती यानि फरवरी माह में मंदिर का लोकार्पण करने का लक्ष्य है. उम्मीद है कि जनवरी में काम पूरा हो जाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे. संत रविदास मंदिर बडतूमा में निर्माणाधीन ये मंदिर सागर की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के बडतूमा में निर्माणाधीन है. इसका करीब 70 फीसदी काम हो चुका है. निर्माण एजेंसी का वादा किया है कि मंदिर जनवरी तक बनकर तैयार हो जाएगा. हालांकि बजट की कमी की चर्चा काम में देरी के लिए जिम्मेदार मानी जा रही है. वहीं, विधायक प्रदीप लारिया का कहना है कि ऐसी कोई समस्या नहीं है. हम चाहते हैं कि फरवरी में रविदास जयंती पर प्रधानमंत्री मंदिर का लोकार्पण करने एक बार फिर सागर आएं. 12 एकड़ में बन रहा रविदास मंदिर संत रविदास मंदिर 101 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है. मंदिर और संग्रहालय का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में किया था. संत रविदास के विचार, दर्शन और अध्यात्म्य को एक परिसर में स्थान देने मध्य प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग संत रविदास मंदिर और संग्रहालय का निर्माण कर रहा है. 12 एकड़ परिसर में ये भव्य मंदिर और संग्रहालय बनाया जा रहा है. राजस्थान के धौलपुर के वंशीपहाडपुर के लाल पत्थरों से मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. अगस्त 2025 में पूरा होना था निर्माण कार्य संत रविदास मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य अगस्त 2025 रखा गया था. पिछले कुछ दिनों से मंदिर का काम बंद पड़ा था. हालांकि निर्माण एंजेसी पर्यटन निगम का कहना है "मंदिर का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी है." लेकिन मंदिर निर्माण अपने तय समय अगस्त माह तक पूरा नहीं हो पाया. इस मामले में विधायक प्रदीप लारिया ने पिछले दिनों निर्माण एजेंसी और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी. संत रविदास मंदिर अगले साल के मार्च तक काम पूरा होगा     101 करोड़ की लागत से आकार ले रहा पीएम मोदी का सपना, राजस्थान के शाही पत्थरों से हो रही सजावट     "न राम, ना रविदास, कांग्रेस को दोनों मंदिरों से नफरत, इसलिए निर्माण का विरोध"- मोदी का चौतरफा वार क्या खास है संत रविदास मंदिर और संग्रहालय में नरयावली विधानसभा की मकरोनिया नगर पालिका के बडतूमा में 55 वर्गफीट जगह पर नागरशैली में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है. इसमें गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप का निर्माण हो रहा है. इसके अलावा यहां पर रविदास के जीवन का वर्णन दीवार पर कलाकृति (म्युरल स्कल्प्चर) के जरिए किया जा रहा है. संत रविदास के दर्शन को प्रदर्शित करने कुल 14 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में व्य़ाख्या संग्रहालय ( इंटरप्रिटेशन म्यूजियम)     प्रथम गैलरी – संत रविदास की जीवनगाथा का प्रदर्शन     द्वितीय गैलरी – संत रविदास का भक्ति मार्ग और निर्गुण पंथ में योगदान     तृतीय गैलरी – संत रविदास का दर्शन और रविदासिया पंथ     चतुर्थ गैलरी– संत रविदास के साहित्य का विवरण     विशाल जलकुंड का निर्माण, जिसके चारों तरफ शानदार बगीचा, आकर्षक  नक्काशी के साथ संत रविदास के दर्शन और जीवन से जुडी मूर्तियों की स्थापना     10 हजार वर्गफीट का पुस्तकालय, जहां संत रविदास के कृतित्व, शिक्षा, अध्यात्मय की पुस्तकें होगीं     फूलों की पंखुड़ियों की तरह संगत सभाखंड का आकर्षक भवन, जिसमें संत रविदास और अन्य धर्म के दर्शन, शिक्षा आध्यात्म्य से प्रेरित संगोष्ठी, कार्यशाला, प्रवचन, आख्यान और सम्मेलन होंगे.     संत रविदास परिसर में देश-विदेश से आने वाले श्रृद्धालुओं के लिए विशाल भक्त निवास 12 हजार 500 वर्गफीट में बनाया जा रहा है. 15 एसी कमरे, अटैल बाथरूम वाले और एक साथ 50 व्यक्तियों की क्षमता वाला आवासगृह भी होगा.     परिसर में 15 हजार वर्गफीट का अल्पाहार गृह का निर्माण किया जा रहा है. तंबू के आकार वाले गृह में बैठने की व्यवस्था.

सोने के बढ़ते दामों के बीच ट्रेंड बदला — लोग पुराने गहने एक्सचेंज कर खरीद रहे नए

नई दिल्ली इस साल सोना ने अपनी चमक से नहीं बल्कि अपनी कीमतों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। 2025 में इसकी कीमतें 50 फीसदी से अधिक भाग चुकी हैं। सोना इस समय लोअर मिडिल क्लास की पहुंच से कोसो दूर है। जिनके यहां शादियां हैं वो नए गहने बनवाने की बजाए पुराने गहनों को बदलकर ही नए गहने बनवा रहे हैं। यानी यहां पर कहावत ओल्ड इज गोल्ड (Old is Gold) आज सच में गोल्ड के संदर्भ में सही साबित होती दिख रही है।यानी लोगों के लिए पुराना सोना आज भी बहुत कीमती है। वही, उनके लिए सच में नए गोल्ड जैसा ही है। टाटा की कंपनी तनिष्क को उम्मीद है कि इस साल धनतेरस पर बिक्री का लगभग 50% हिस्सा एक्सचेंज से आया, जो पिछले साल के 35% से काफी ज्यादा है। रिलायंस रिटेल ने बताया कि अब उसकी ज्वेलरी बिक्री का लगभग एक तिहाई हिस्सा एक्सचेंज से आता है, जो पहले 22% था, जबकि कोलकाता की सेन्को गोल्ड ने कहा कि यह हिस्सा 35% से बढ़कर 45% हो गया है। "Old सच में है Gold" रिलायंस रिटेल के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर दिनेश तालुजा ने कहा कि बढ़ती कीमतों के कारण कस्टमर्स नई ज्वेलरी खरीदने के बजाय पुरानी सोने की ज्वेलरी को रीसायकल कर रहे हैं। पिछले हफ़्ते उन्होंने एनालिस्ट्स से कहा, "कीमतें बढ़ने की वजह से एवरेज बिल वैल्यू काफी बढ़ गई है। अब पूरी इंडस्ट्री में यह हुआ है कि वॉल्यूम कम हो गया है क्योंकि सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण खरीदने की पावर पर असर पड़ा है।" ET के अनुसार, धनतेरस (18 अक्टूबर) पर सोने की कीमतें 3% GST मिलाकर 1.34 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गईं। धनतेरस भारत में कीमती धातु खरीदने के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक है। यह पिछले साल इसी दिन दर्ज की गई 80,469 रुपये की कीमत से 69% ज्यादा है। सरकार और इंडस्ट्री के अनुमानों से पता चलता है कि भारतीय घरों में कुल मिलाकर लगभग 22,000 टन बेकार सोना पड़ा हुआ है, और हाल ही में कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण कई लोग पुराने पारिवारिक गहनों को नए डिजाइन के गहनों से बदल रहे हैं। कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए, तनिष्क ने फेस्टिव सीजन के दौरान सभी कैरेट के गोल्ड एक्सचेंज पर जीरो प्राइस-डिडक्शन प्रोग्राम शुरू किया था। धनतेरस से पहले ET को दिए एक इंटरव्यू में, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अजय चावला ने कहा कि नवरात्रि के दौरान, तनिष्क की कुल बिक्री में पुराने सोने के एक्सचेंज का योगदान 38-40% रहा। उन्होंने आगे कहा, "हमें उम्मीद है कि दिवाली के आखिर तक यह आंकड़ा कुल बिक्री का लगभग 50% तक पहुंच जाएगा।" सोने में गिरावट का दौर शुरू इस हफ्ते सोने की कीमतों में गिरावट से ज्वैलर्स को राहत मिली है। उन्हें उम्मीद है कि शादी के सीजन में बिक्री बढ़ेगी और कुल कंजम्पशन में भी तेजी आएगी। रिपोर्ट के मुताबिक,  शाम को सोना 10 ग्राम के लिए करीब 1.26 लाख रुपये (GST मिलाकर) पर ट्रेड कर रहा था, जो धनतेरस के लेवल से 7,900 रुपये से ज्यादा कम था। ग्लोबल फाइनेंशियल एडवाइजरी फर्म डेवेरे ग्रुप के CEO नाइजल ग्रीन ने कहा, "एक जबरदस्त तेजी के बाद, मार्केट को एक ब्रेक की जरूरत थी, थोड़ा आराम करने का मौका चाहिए था, और अभी हम वही देख रहे हैं।"

कुरनूल के बाद तेलंगाना में भी बस पलटी, 20 लोग हुए घायल — यात्रियों में मचा हड़कंप

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक लग्जरी बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत के एक दिन बाद, शनिवार को हैदराबाद से आंध्र प्रदेश के गुंटूर जाते समय एक प्राइवेट बस पलट गई। बस में सवार सभी 20 लोग घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। एक वीडियो में तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में पेड्डा अंबरपेट म्युनिसिपैलिटी के पास आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर बस को दाहिनी ओर पलटा हुआ देखा जा सकता है और बचाव दल उसे घेरे हुए हैं। जिस रेलिंग पर बस टकराई थी वह गिर गई, जिससे पता चलता है कि हादसा कितना भयानक था।   तुरंत शुरू हुआ बचाव अभियान पुलिस, ओआरआर रखरखाव कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर बचाव अभियान शुरू किया। इससे पहले शुक्रवार को हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक बस में आग लग गई थी, जिसमें 43 लोग सवार थे। कुरनूल बस हादसे को लेकर पुलिस ने क्या कहा? कुरनूल के पुलिस अधीक्षक विक्रांत पाटिल ने कहा, "सुबह करीब 3 बजे हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक बस ने एक टू-व्हीलर को टक्कर मार दी, जो बस के नीचे फंस गया। शायद इसी वजह से चिंगारी निकली जिससे आग लग गई।"  

कोर्ट का कड़ा फैसला: राममंदिर केस में वकील को चुकाने पड़े 6 लाख रुपए

नई दिल्ली  पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के बयान को आधार बनाते हुए राममंदिर फैसले को रद्द कराने की मांग करने वाले एक वकील को अदालत से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने वकील महमूद प्राचा पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। दिल्ली की एक जिला अदालत से प्राचा ने 2019 के फैसले को अमान्य घोषित करने की मांग की थी, जिसे हाल ही में खारिज कर दिया गया। प्राचा ने जिला अदालत में उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की, जिसमें अदालत ने उनके दीवानी मुकदमे को नामंजूर कर दिया था। प्राचा ने दावा किया पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (राममंदिर पर फैसला देने वाले पांच जजों में से एक) ने पिछले साल स्वीकार किया कि अयोध्या का निर्णय में उन्होंने वह समाधान दिया जो भगवान श्री राम लला विराजमान ने उन्हें सुझाया, देवता खुद इस मुकदमें में एक पक्षकार बनाए गए थे। पटियाला हाउस कोर्ट में जिला जज धर्मेंद्र राणा ने कहा कि प्राचा की याचिका का कोई ठोस आधार नहीं। यह भ्रमित और अदालत का समय बर्बाद करने के लिए दायर की गई थी। अदालत ने प्राचा पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जिला अदालत ने ट्रायल कोर्ट की ओर से लगाए गए एक लाख के जुर्माने में 5 लाख का इजाफा करते हुए 6 लाख भरने को कहा। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की ओर से लगाया गया जुर्माना अपने उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सका। इसलिए इस तरह के फिजूल मुकदमों को रोकने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। गौरतलब है कि अपने भाषण में (जिसका अंग्रेजी अनुवाद आदेश में शामिल किया गया), पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने 'रामलला' का उल्लेख नहीं किया, बल्कि केवल यह कहा था कि उन्होंने अयोध्या मामले में समाधान के लिए भगवान से प्रार्थना की थी। मशहूर वकील प्राचा ने एक दीवानी वाद दायर कर यह घोषित करने की मांग की थी कि 2019 का अयोध्या फैसला शून्य है। उन्होंने मामले की फिर से सुनवाई की मांग की थी और अपने मुकदमे में श्री रामलला विराजमान को भी प्रतिवादी बनाया था और उनके अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ का नाम डाला था। ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2025 में प्राचा की याचिका खारिज कर दी और न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए उन पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया। प्राचा ने इस आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी। 18 अक्टूबर 2025 को जिला न्यायाधीश राणा ने फैसला सुनाया। उन्होंने अयोध्या के फैसले और पूर्व सीजेआई के भाषण दोनों के अंश का उल्लेख करते हुए कहा, 'चंद्रचूड़ का ‘भगवान से प्रार्थना’ करने का उल्लेख एक आध्यात्मिक भावना का प्रतीक था, न कि पक्षपात या बाहरी दखल का प्रमाण।' न्यायाधीश राणा ने यह भी साफ किया कि आस्था के स्तर पर ईश्वर से मार्गदर्शन मांगना ‘धोखाधड़ी’ नहीं कहा जा सकता।

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 25 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर 53 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 41.50 लाख से अधिक सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 11.50 लाख से अधिक सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 26 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 25 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2.5 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 13 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र से 12.50 लाख से ज्यादा और अर्बन डेवलेपमेंट से 10.77 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी,, इंडस्ट्री, आईटी व टेक, पर्यटन, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, समाज कल्याण, नगरीय एवं स्वास्थ्य तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी व्यापक पैमाने पर सुझाव प्राप्त हुए हैं।  सर्वाधिक सुझाव देने में जौनपुर अव्वल जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं। जौनपुर से 3.21 लाख से ज्यादा, संभल से 3 लाख से ज्यादा, प्रतापगढ़ से 1.76 लाख से ज्यादा, बिजनौर से 1.67 लक्ष्य ज्यादा और गोरखपुर से 1.58 लाख से ज्यादा फीडबैक मिले हैं। इसके अलावा बरेली से 1.28 लाख से अधिक,  बाराबंकी से करीब 1.25 लाख, सोनभद्र से 1.20 लाख से ज्यादा, गोंडा से 1.12 लाख से अधिक और हरदोई से करीब 1.15 लाख सुझाव मिले हैं। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।

उपचुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं, पंजाब में उठा नया राजनीतिक तूफ़ान

तरनतारन आगामी उपचुनावों से ठीक पहले तरनतारन जिले में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के दो कांग्रेस नेता आज दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं में ब्लॉक समिति के अध्यक्ष और पी.पी.सी.सी. समन्वयक रणजीत सिंह ढिल्लों (राणा गंदीविंड) और पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ता एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गंदीविंड के अध्यक्ष एडवोकेट जगमीत सिंह ढिल्लों गंदीविंड शामिल हैं। दोनों नेताओं को आज दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की उपस्थिति में भाजपा में शामिल किया गया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और देशहित में किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। 

भोपाल में राज्य स्तरीय कला उत्सव का रंगारंग समापन

स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग का राज्य स्तरीय कला उत्सव का रंगारंग समापन भोपाल में शनिवार को हुआ। राजधानी भोपाल स्थित वाल्मी संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव में स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कला उत्सव में प्रदेश के विभिन्न संभागों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गायन, वादन, नृत्य, लोकगीत, लोकनृत्य, नाटक, कहानी वाचन, मूर्तिकला, चित्रकला एवं स्थानीय शिल्प जैसी 12 श्रेणियों में अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अपनी कला प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में अपर परियोजना संचालक श्रीमती मनीषा सेतिया ने विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं और पुरस्कार वितरित किये। कला उत्सव का उद्देश्य स्कूल विद्यार्थियों में भारतीय कला परंपरा की समझ विकसित करना तथा उनके सर्वांगीण विकास में कला की भूमिका को सशक्त बनाना है। प्रतियोगिता परिणाम संगीत वादन – तबला: भोपाल संभाग के आश्रय जायसवाल प्रथम, उज्जैन की गीत अखंड द्वितीय एवं रीवा के श्लोक तिवारी तृतीय स्थान पर रहीं। संगीत वादन स्वर – सागर संभाग के एकांश भट्ट को प्रथम, भोपाल के अंश पाटीदार को द्वितीय तथा शहडोल के अनमोल केवट को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। लोक वाद्य समूह – वादन में भोपाल के लक्ष्मण नारायण एवं समूह प्रथम, उज्जैन के सत्यम पाटीदार एवं समूह द्वितीय, नर्मदापुरम के कपिल परिहार एवं समूह तृतीय स्थान पर रहे। कहानी वाचन : ग्वालियर संभाग प्रथम, जबलपुर द्वितीय एवं भोपाल तृतीय स्थान पर रहा। नाटक वर्ग में ग्वालियर संभाग ने रानी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नाटिका को प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आधारित नाटिका पर जबलपुर को द्वितीय एवं रानी दुर्गावती पर आधारित नाटिका की प्रस्तुति पर भोपाल संभाग तृतीय रहा। लोकनृत्य में भोपाल संभाग प्रथम, सागर संभाग द्वितीय (बधाई लोकनृत्य) एवं ग्वालियर संभाग तृतीय (धीमीराई लोकनृत्य) स्थान पर रहा। शास्त्रीय नृत्य (एकल) : इंदौर की तपस्या त्रिपाठी प्रथम, जबलपुर की अवनी अग्रवाल द्वितीय एवं रीवा की प्रांजल जोशी तृतीय रहीं। कला उत्सव में शास्त्रीय गायन : एकल में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रीवा के सृजन मिश्रा प्रथम, ग्वालियर की भारती यादव द्वितीय एवं भोपाल के कुणाल ठाकुर तृतीय स्थान पर रहे। स्थानीय शिल्प में शासकीय श्रमोदय विद्यालय जबलपुर के साहिल नाथ एवं दिव्यांशी पांडे को प्रथम, नर्मदापुरम के स्नेह एवं राहुल को द्वितीय स्थान मिला। मूर्तिकला में श्रमोदय विद्यालय जबलपुर के दिनेश विश्वकर्मा को प्रथम, भोपाल की रेचल गौर को द्वितीय एवं नर्मदापुरम के सत्यम नामदेव को तृतीय पुरस्कार मिला। चित्रकला में भोपाल की विदिका जैन प्रथम, ग्वालियर के प्रतीक बलिया द्वितीय एवं जबलपुर की कशिश मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं। राष्ट्रीय स्तर पर चयन राज्य स्तरीय कला उत्सव में चयनित सभी प्रतिभागी आगामी 15 नवंबर को पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 से एनसीईआरटी के सहयोग से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय कला परंपरा को सजीव रखना, विद्यार्थियों में एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को विकसित करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और विरासत से जोड़ना है।