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दीपावली यात्रा के लिए हवाई किराए में 100% से अधिक की वृद्धि, बेंगलुरु-चेन्नई की वापसी भी महंगी

लखनऊ दीपावली मनाने के लिए अपने घरों को आने वाले यात्रियों की वापसी भी मुश्किल भरी होगी। दीपावली बाद मुंबई सहित सभी बड़े नगरों का विमान किराया महंगा हो गया है। सबसे अधिक मांग 26 अक्टूबर को लखनऊ से कई शहरों के विमान के टिकट की हो रही है। इस कारण लखनऊ से मुंबई का 26 अक्टूबर का विमान का किराया 25 हजार रुपये तक पहुंच गया है। दीपावली 20 अक्टूबर को है, ऐसे में 17 और 18 अक्टूबर को मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद व चेन्नई सहित कई शहरों से लखनऊ आने वाली ट्रेनें अधिक वेटिंग लिस्ट के कारण स्थिति रिग्रेट हो चुकी हैं। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने का असर विमानों के किराए पर पड़ रहा है। इस बार विमान का किराया पिछले साल की अपेक्षा अधिक हो गया है। लखनऊ आने के बाद 26 अक्टूबर की वापसी के लिए विमानों का किराया पांच से छह गुणा महंगा हो चुका है। एयरलाइन सेक्टर के जानकारों के मुताबिक ट्रेनों में वेटिंग रिग्रेट की स्थिति के कारण विमान कंपनियों के टिकट पिछले साल की अपेक्षा 10 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं। अगले दो दिनों में इसमें और वृद्धि संभव है।   ट्रेनों से वापसी भी मुश्किल दीपावली के बाद वापसी के लिए 26 अक्टूबर की ट्रेनों में सबसे अधिक वेटिंग है। इस कारण कारपोरेट सेक्टर की ट्रेन तेजस एक्सप्रेस की एसी चेयरकार श्रेणी में लखनऊ से नई दिल्ली की वेटिंग 122 पहुंच गई है। इसी तरह वंदे भारत एक्सप्रेस की एसी चेयरकार की वेटिंग 138, शताब्दी एक्सप्रेस में 164 तक हो गई है। आनंद विहार डबल डेकर की वेटिंग 89 और गोमती एक्सप्रेस की सेकेंड सीटिंग क्लास में वेटिंग 85 है।   गोमतीनगर पनवेल में सीटें खाली रेलवे 25 अक्टूबर को लखनऊ से पनवेल के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएगा। ट्रेन नंबर 05037 गोमतीनगर से 25 अक्टूबर को सुबह 5:25 बजे छूटेगी। इस ट्रेन में 25 अक्टूबर को स्लीपर में 339, एसी थर्ड में 454 और एसी सेकेंड में 55 सीटें खाली हैँ।  

कोहरे के कारण 66 दिन तक नहीं चलेगी सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों को झटका

रायपुर  उत्तर भारत में ठंड के मौसम में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस को तीन महीनों में कुल 66 दिन रद्द करने का फैसला लिया है।यह ट्रेन 1 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक अलग-अलग तिथियों में दोनों दिशाओं से नहीं चलेगी। इससे प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाले यात्रियों की यात्राएं प्रभावित होंगी, क्योंकि यह ट्रेन उन मार्गों की प्रमुख कनेक्टिविटी मानी जाती है। उत्तर पूर्व रेलवे ने 15159 (छपरा-दुर्ग) और 15160 (दुर्ग-छपरा) सारनाथ एक्सप्रेस की सेवाएं कोहरे के पूर्वानुमान के आधार पर स्थगित करने का निर्णय लिया है। निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में यह ट्रेन सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलती रहेगी। इन तारीखों पर नहीं चलेगी ट्रेन छपरा से दुर्ग आने वाली सारनाथ एक्सप्रेस (15159) – दिसंबर: 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 – जनवरी: 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 – फरवरी: 2, 4, 7, 9, 11, 14 दुर्ग से छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस (15160) – दिसंबर: 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 – जनवरी: 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 – फरवरी: 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15 रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा की योजना बनाते समय इन तिथियों की जांच अवश्य करें। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ट्रेनों की बुकिंग समय पर करा लें, ताकि यात्रा में बाधा न आए।

सात समुद्र पार तक चमकी भारतीय दीवाली, विदेशी धरती पर भी बिखरी भारतीय संस्कृति की रोशनी

नई दिल्ली दीवाली 2025 अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी दुनिया में रोशनी और खुशियों का प्रतीक बन चुकी है। यह त्योहार अच्छाई की बुराई पर जीत और आशा की किरण का संदेश देता है। भारत में पांच दिनों तक चलने वाला यह उत्सव – धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज – घरों, गलियों और बाजारों को दीपों से जगमगा देता है। नेपाल में ‘तिहार’ भारत की तरह ही नेपाल में इसे ‘तिहार’ के रूप में मनाया जाता है। यहां पहले दिन कौवों, दूसरे दिन कुत्तों और तीसरे दिन गाय की पूजा होती है। चौथे दिन लक्ष्मी पूजा और आखिरी दिन ‘भाई टीका’ का खास आयोजन किया जाता है, जो भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है।   मलेशिया में ‘हरि दीपावली’ श्रीलंका और मॉरीशस में भी यह पर्व बेहद लोकप्रिय है। तमिल समुदाय और भारतीय मूल के लोग घरों को सजाकर, मिठाइयां बनाकर और दीये जलाकर दीपावली मनाते हैं। सिंगापुर और मलेशिया में हिंदू समुदाय के बीच दीवाली की झलक ‘लिटिल इंडिया’ की सड़कों पर रोशनी और सजावट के रूप में देखी जा सकती है। मलेशिया में इसे ‘हरि दीपावली’ कहा जाता है, जहां सुबह तेल स्नान और पूजा का विशेष महत्व है। – फिजी, त्रिनिदाद और टोबैगो, गुयाना जैसे कैरेबियन देशों में भारतीय मूल के लोगों के कारण दीवाली बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है। – पश्चिमी देशों जैसे यूके, अमेरिका और कनाडा में भारतीय प्रवासी समुदाय दीवाली परेड और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। लीसेस्टर की दीवाली परेड विश्व की सबसे बड़ी मानी जाती है। – ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में स्थानीय सरकारें भी इन उत्सवों में भाग लेती हैं, जिससे दीवाली अब एक वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुकी है।

दीपावली 2025: 71 साल बाद आए ये खास पांच संयोग, शुभ मुहूर्त से करें धन की प्राप्ति

रुड़की दीपावली पर्व को लेकर संशय की स्थिति 125 वर्ष पूर्व 1900 और 1901 में बनी थी। वहीं 2024 के बाद अब लगातार दूसरे साल 2025 में भी ऐसी स्थिति बन रही है। उधर, इस बार दीपावली पर 71 वर्ष बाद पांच महासंयोग पड़ रहे हैं। जिनमें हंस राजयोग, बुधादित्य योग, कलानिधि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग तथा आदित्य मंगल योग शामिल है। ये योग पड़ने से दीपावली खास होगी। यह पर्व सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आएगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दीपावली का पर्व मनाया जाता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की परिसर स्थित श्री सरस्वती मंदिर के आचार्य राकेश कुमार शुक्ल बताते हैं कि पिछले वर्ष की तरह इस साल भी दीपावली पर्व को लेकर संशय की स्थिति बन रही है। हालांकि वाराणसी के सभी पंचांगों में 20 अक्टूबर को दीपावली मनाने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अन्य पंचांग में सूर्यास्त के अनुसार 21 अक्टूबर को दीपावली मनाने का निर्देश है। आचार्य शुक्ल ने बताया कि 20 अक्टूबर को अमावस्या तिथि का प्रारंभ दोपहर बाद 3:45 पर होगा। 21 अक्टूबर को अमावस्या तिथि सायंकाल 5:55 तक व्याप्त रहेगी। 21 अक्टूबर को प्रदोष व्यापिनी और निशीथ कालव्यापिनी अमावस्या न होने से 20 अक्टूबर को दीपावली पर्व मानने का निर्देश दिया गया है। जबकि निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार दीपावली पर्व 21 अक्टूबर को भी मनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि दीपावली (20 अक्टूबर) पर पांच महासंयोग पड़ने से गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करेंगे। घरों में पूजन को संध्या में 5:45 से 8:20 के मध्य उत्तम समय दीपावली पर सोमवार को व्यावसायिक पूजन का समय दोपहर लगभग 1:30 से सायंकाल 6:00 बजे के मध्य उचित रहेगा। इस दौरान चर लाभ, अमृत चौघड़िया तथा स्थिर लग्न विद्यमान होगा। इस अवधि में खरीदारी करना भी बहुत शुभ रहेगा। वहीं घरों में पूजन का समय प्रदोष काल के समय संध्या में लगभग 5:45 से 8:20 के मध्य उत्तम रहेगा। इस दौरान स्थिर लग्न एवं चर चौघड़िया रहेगी। निशीथ काल का समय रात्रि लगभग 8:20 से 10:55 के मध्य का होगा। इस दौरान साधना आदि के लिए उचित समय रहेगा। महानिशा काल का समय रात्रि लगभग 10:50 से 1:30 तक रहेगा। यह समय तांत्रिक क्रियाएं तथा सिद्धियां करने वालों के लिए उचित रहेगा। माता लक्ष्मी की विधिविधान से पूजा के बाद करें श्रृंगार अर्पण आचार्य राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि दीपावली पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश तथा इंद्र, वरुण, यम, कुबेर आदि की पूजा करनी चाहिए। माता लक्ष्मी की विधिविधान से पूजा करने के बाद श्रृंगार अर्पण करना चाहिए। इसके बाद श्री लक्ष्मी सूक्त, श्री सूक्त, कनकधारा स्तोत्र और पुरुष सूक्त का पाठ करके मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। घर में सुख-समृद्धि आती है।  

दीपावली के दिन भी नहीं मिली राहत, जेल से छूटते ही अनूप शुक्ला को गिरफ्तार किया गया

कानपुर दीपावली के एक दिन पहले जेल से बाहर आए अनूप शुक्ला को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। तीन माह पूर्व रंगदारी के मामले में जेल गए दीनू गैंग के सदस्य अधिवक्ता अनूप शुक्ला को रविवार को नौबस्ता पुलिस ने जेल से छूटते ही फिर से गिरफ्तार कर लिया। नौबस्ता पुलिस ने यह कार्रवाई कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी,धमकाने और रंगदारी के मामले में की है। आरोपित अधिवक्ता ने मामले में कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर किया था। सीसामऊ से रंगदारी के मुकदमे में फरार चल रहे अधिवक्ता अनूप शुक्ला के घर की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 20 अगस्त को कुर्की की थी। इस दौरान पुलिस को चकमा देकर अधिवक्ता ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया गया जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। रविवार सुबह करीब आठ बजे अधिवक्ता अनूप शुक्ला को जेल से जैसे ही रिहा किया गया नौबस्ता पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी,धमकाने और रंगदारी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपित अधिवक्ता को जेल गेट से गिरफ्तार किया गया है उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएग। 

शराब के शौकीनों के लिए खबर: दिल्ली में आज कोई दुकान नहीं खुलेगी

नई दिल्ली दिवाली के पावन पर्व के अवसर पर आज दिल्ली में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सोमवार को राजधानी में किसी भी शराब की दुकान को संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय त्योहार के दौरान शांति और मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग ने सभी शराब विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में हर साल त्योहारों के दौरान शराब की बिक्री पर रोक लगाने की परंपरा रही है, ताकि उत्सव का माहौल शांतिपूर्ण रहे। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस नियम का सम्मान करें।  

त्योहारों में खरीदारी का धमाका: ऑटो से गोल्ड तक बाजार में उछाल

नई दिल्ली भारत में इस साल फेस्टिव सीजन के दौरान अच्छी आर्थिक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं और देश में जीएसटी सुधार लागू होने के बाद से ऑटोमोबाइल, गोल्ड और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री वैल्यू में करीब 25 प्रतिशत बढ़ी है और ऑटो इंडस्ट्री की सेल्स वॉल्यूम में भी बढ़त देखने को मिली है। विश्लेषकों के अनुसार, त्योहारी सीजन में सोने की खरीदारी के लिए नया उत्साह देखने को मिल रहा है। धनतेरस पर अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) ने कीमतों में हाल की गिरावट के बाद सोने और चांदी की खरीदारी में उछाल को रिपोर्ट किया। जीजेसी के अध्यक्ष राजेश रोकड़े के अनुसार, "हमें उम्मीद है कि त्योहारी बिक्री 50,000 करोड़ रुपए को पार कर जाएगी। सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद, शादी और रणनीतियों उद्देश्यों के लोग खरीदारी कर रहे हैं।" सोने के सिक्कों और हॉलमार्क वाली हल्की ज्वेलरी की मांग बढ़ी है और चांदी में सिक्को और पूजा से जुड़े प्रोडक्ट्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इसकी मांग में 40 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है।टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी अमित कामत के अनुसार, इस साल धनतेरस और दिवाली की डिलीवरी शुभ मुहूर्त के अनुसार दो-तीन दिनों में होगी। उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर मांग मजबूत रही है और जीएसटी 2.0 सुधार ने इसे और भी सकारात्मक गति प्रदान की है। हमें इस अवधि के दौरान 25,000 से अधिक वाहनों की डिलीवरी की उम्मीद है।" यह सकारात्मक गति त्योहारी उत्साह, बाजार के उत्साहजनक माहौल और जीएसटी 2.0 सुधारों के उत्साहजनक प्रभाव से प्रेरित है। हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) के पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ तरुण गर्ग ने कहा, "हमें ग्राहकों की अच्छी मांग देखने को मिल रही है और डिलीवरी लगभग 14,000 यूनिट होने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।" सीएआईटी के अनुसार, धनतेरस पर पूरे भारत में भारी खरीदारी देखी गई, कुल व्यापार 1 लाख करोड़ रुपए को पार करने का अनुमान है, जो हाल के वर्षों में सबसे मजबूत त्योहारी सीज़न में से एक है। अकेले सोने और चांदी की बिक्री में 60,000 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान रहा, जबकि स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ने से दिल्ली के बाजारों में 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन दर्ज किया गया।

सोने की तस्करी का पर्दाफाश: मुंबई एयरपोर्ट से 1.2 किलो सोना बरामद, दो गिरफ्तार

मुंबई सीमा शुल्क विभाग की खुफिया एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने सोने की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। 'ऑपरेशन गोल्डन स्वीप' के तहत कार्रवाई करते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेश का 1.2 किलोग्राम सोना जब्त किया गया। इस सोने की कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपए बताई जा रही है। डीआरआई की मुंबई जोनल यूनिट (एमजेडयू) को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्री और हवाई अड्डे के अंदरूनी कर्मचारी मिलकर विदेशी सोने की तस्करी कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, सोना विमान के अंदर छिपाया जाता था और बाद में एयरपोर्ट सर्विस स्टाफ द्वारा उसे निकालकर बाहर पहुंचाया जाता था। जानकारी के बाद डीआरआई अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर डिस्क्रीट सर्विलांस (गुप्त निगरानी) शुरू की। यात्रियों के उतरने के बाद जब सफाई कर्मचारी विमान की सफाई कर रहे थे, तभी डीआरआई अधिकारियों ने कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत तलाशी शुरू की। इस दौरान, एक सफाईकर्मी घबराहट में एयरोब्रिज की सीढ़ियों पर चढ़ गया और एक पैकेट को कोने में छिपाकर वापस समूह में शामिल हो गया। डीआरआई टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीढ़ियों के उस हिस्से की तलाशी ली, जहां से सफेद कपड़े में लिपटी मोम जैसी परत में छिपा सोने का पाउडर बरामद हुआ। जांच में पाया गया कि यह काम एयरपोर्ट की एक सेवा कंपनी के क्लीनिंग स्टाफ के टीम लीडर ने किया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि उसने तलाशी से बचने के लिए सोना छिपाया था। उसने आगे बताया कि विमान से सोना निकालने का काम उसके सुपरवाइजर ने किया था, जिसने उसे पैकेट सौंपा था। डीआरआई ने आरोपी की पहचान के आधार पर सुपरवाइजर को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पूछताछ के बाद कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्री विमान में ही विदेशी सोना छिपा कर छोड़ देते थे। बाद में एयरपोर्ट सर्विस स्टाफ के भरोसेमंद कर्मचारी विमान से सोना निकालकर एयरपोर्ट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी संभालते थे। डीआरआई अधिकारियों ने बताया कि ये मामला एक बार फिर इस बात को साबित करता है कि एयरपोर्ट के अंदरूनी कर्मचारियों की मिलीभगत से सोने की तस्करी कितनी संगठित रूप से की जा रही है। यह न केवल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी सीधा प्रभाव डालता है। डीआरआई ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

रामलला के अपमान पर CM योगी ने किया हमला, सपा पर जमकर बरसे अयोध्या में

अयोध्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने न केवल रामलला को कैद करके रखा, बल्कि रामभक्तों पर गोली चलवाई और अयोध्या की पहचान मिटाने की कोशिश की। सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम को 500 सालों तक अपमान सहना पड़ा, लेकिन सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। सीएम योगी ने कहा, "सपा ने अयोध्या के साथ अन्याय किया। राम मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाए गए और रामभक्तों पर गोलीबारी की गई। यह वही लोग हैं जिन्होंने हमारी आस्था को खंडित करने की कोशिश की। अयोध्या की पहचान को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन सत्य की हमेशा जीत होती है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि रामलला को 500 साल तक तिरस्कार और अपमान का सामना करना पड़ा, लेकिन अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है, जो देश की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में सपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर अयोध्या के विकास को बाधित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब सपा की सरकार थी, तब अयोध्या की उपेक्षा की गई। मंदिर निर्माण में बाधाएं डाली गईं, लेकिन आज अयोध्या विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रही है। यह न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र भी है।"  

2-4 वोट की राजनीति: अखिलेश के दीये-मोमबत्ती बयान पर VHP-BJP ने साधा निशाना

नई दिल्ली  समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव दिवाली और क्रिसमस को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे बवाल मच गया। दिवाली के मौके पर जब अखिलेश से पूछा गया कि वह कुछ सुझाव देंगे तो उन्होंने क्रिसमस से तुलना की और कहा कि दीये और मोमबत्ती पर बार-बार क्यों खर्च करना। उनके इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी भड़क गई है। वीएचपी ने कहा है कि अखिलेश को वेटिकन सिटी जाना चाहिए, वहां दो-चार वोट मिल जाएंगे। वहीं, बीजेपी ने घेरते हुए कहा कि जब अयोध्या चमक रही है तो अखिलेश यादव को दिक्कत हो रही। अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ''भगवान श्रीराम जी पर सुझाव देता हूं। दुनिया में क्रिसमस के समय पूरे शहर जगमगा जाते हैं और महीनों तक जगमगाते हैं। उन्हीं से सीख लेना चाहिए। क्यों खर्चा करना दीये और मोमबत्ती का, क्यों दिमाग लगाना। हम लोग बहुत सुंदर रोशनी करवाएंगे।'' इस पर वीएचपी के विनोद बंसल ने कहा कि यह वो पार्टी है जो निहत्थे रामभक्तों को मारने पर खुद को गौरवान्वित महसूस करती है। रामचरितमानस जलवाती है। यह पार्टी दिवाली के दीयों से नहीं जलेगी तो क्या होगा। वो बात पीडीए की करते हैं, उन्होंने कहा, ''जो दीपक जलाने वाली कम्युनिटी कुम्हार है, वो पूरी दुनिया को अपने दीये से रौशन करना चाहते हैं। इनको चिंता है कि पीडीए का वो घटक कहीं रौशन न हो जाए, उनके घर चार पैसे न चले जाएं। इसलिए उन दीये से उनका दिवाला निकल रहा है। जब से क्रिश्चियनटी शुरू नहीं हुई तब से दिवाली चल रही है। कह रहे हैं कि क्रिसमस से सीख लेनी चाहिए, जबकि अभी दिवाली आ रही है और क्रिसमस दो महीने बाद है। इनको यही नहीं पता कि कौन सा त्योहार आने वाला है।'' उन्होंने आगे कहा, ''मैं पूछना चाहता हूं कि अखिलेश यादव की जो सोच है, वह कब ठीक होगी। ये आखिरकार अपने कैबिनेट में जिहादियों-अपराधियों को रखते थे। अब जब अयोध्या में भव्य दिवाली मनाई जा रही है तो इस पर इतनी चिढ़ क्यों हो रही। ये दिवाली की शुभकामनाएं नहीं दे सकतीं। आप क्रिसमस मनाइए और धूमधाम से बखान कीजिए। इनको वेटिकन सिटी में जाना चाहिए, वहां दो-चार वोटर मिल जाएंगे। ये जो वोटों के लालची नेता हैं, किस हदतक जा सकते हैं और अपनी ही संस्कृति पर हमला कर सकते हैं, यह उनके बयान से सामने आती है।'' वहीं, अखिलेश यादव के इस बयान पर बीजेपी ने भी हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी के राज में अयोध्या को अंधेरे में रखा गया था। उस समय की समाजवादी पार्टी सरकार ने पहले भी राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। अब, जब अयोध्या चमक रही है, तो अखिलेश यादव को दिक्कत हो रही है। ये लोग सैफई में नाच-गाने के फेस्टिवल ऑर्गनाइज करते थे, लेकिन अगर अयोध्या में दिवाली मनाई जा रही है, तो अखिलेश यादव को दिक्कत हो रही है।"