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मकर राशि को मिलेगा बड़ा लाभ! जानें 17 अक्टूबर को आपकी राशि का क्या है योग

मेष राशि- आज मेष राशि वालों को मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। धन लाभ होने की संभावना है, लेकिन आपको अपने गुस्से पर काबू रखना होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे और भविष्य के बारे में बातचीत कर सकते हैं। नौकरी पेशा करने वालों को कलीग का सहयोग और तारीफ मिलेगी। व्यापार करने वालों के लिए शुभ दिन है। वृषभ राशि- आज आपको अपने खानपान पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि सेहत बिगड़ सकती है। यात्रा के संकेत हैं, लेकिन फलीभूत नहीं होगी। आज का दिन आपको थकाने वाला और तनावपूर्ण साबित हो सकता है, लेकिन आर्थिक तौर पर फायदेमंद भी साबित होगा। अपने जीवनसाथी के साथ सुकून, आराम और प्यार पाएंगे। किसी नई स्किल को सीख सकते हैं। मिथुन राशि– आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। कार्यक्षेत्र या व्यापार में कोई भी लापरवाही आज आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। आप अपने सपनों को साकार होते देखेंगे। आज आप अपने खाली समय का सदुपयोग करेंगे और उन अधूरे कामों को पूरा करने की कोशिश करेंगे। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कर्क राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। धन के मामलों में सावधानी बरतें, वरना नुकसान हो सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। आज प्यार में अनबन का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको बॉस का सहयोग मिलेगा, जिसका फायदा अप्रेजल में मिलेगा। जीवनसाथी आपको कोई खास सरप्राइज दे सकता है। सिंह राशि- आज आपको ध्यान और योग का फायदा मिलेगा, मानसिक तनाव दूर होगा। अगर आप छात्र हैं और विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो घर की आर्थिक तंगी आज आपको परेशान कर सकती है। कुछ जातकों की दोस्ती रोमांस में बदल सकती है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत आज रंग लाएगी। आज आपको लोगों के साथ गपशप करने से बचना चाहिए। कन्या राशि- आज आपके घर पर मेहमानों का आगमन हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे धन का आगमन होगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। जीवनसाथी के साथ किसी पुरानी याद को ताजा कर मन खुश होगा। व्यापारिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। तुला राशि- ऑफिस में आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ज्यादा काम लेने से बचें। आज आपको अपना धन खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। व्यवसायियों को अपने प्रमोटरों से धन लाभ हो सकता है।। अपने जीवनसाथी के साथ कुछ समय बिताना भी बहुत जरूरी है। धन लाभ के संकेत हैं। वृश्चिक राशि– आज आपकी यात्रा लाभकारी रहेगी। आज निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र में चीजें आपके लिए काफी बेहतर हो सकती हैं। आप अपने जीवनसाथी के साथ एक बेहतरीन शाम बिता सकते हैं। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। धनु राशि- आज आपको धन लाभ हो सकता है। आपको अपनी लीडरशिप स्किल दिखाने का मौका मिलेगा। दूसरों को प्रभावित करने की आपकी क्षमता आपको सकारात्मक परिणाम दिलाएगी। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। व्यापारियों को विदेश यात्रा का मौका मिल सकता है। मकर राशि- आज आपको भाई-बहन से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। महत्वपूर्ण टास्क या कार्यों को पूरा करने के लिए दिन अनुकूल रहने वाला है। साहसिक कदम और फैसले अनुकूल परिणाम लाएंगे। परिवार के साथ यात्रा के योग हैं। जीवनसाथी आपके साथ समय बिताकर खुश होगा। कुंभ राशि- आज आपको किसी पारिवारिक मामले को हल करना पड़ सकता है। पुराने निवेशों से इनकम में वृद्धि होने की संभावना है। दोस्त और जीवनसाथी आपके लिए खुशियां लाएंगे। काम के सिलसिले में भागदौड़ करनी पड़ सकती है। आज आप अपने वैवाहिक जीवन के सबसे खास दिन का अनुभव करेंगे। ऑफिस में अपने कार्यों को निपटा लें। मीन राशि– आज आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। किसी भी जरूरी कागजात या धन से जुड़े मामले पर साइन करते समय सावधानी बरतें, वरना नुकसान हो सकता है। महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा।

ट्रंप के दावे पर भारत का पलटवार! कहा—मोदी से कोई बातचीत नहीं हुई

नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक फोन कॉल का जिक्र कर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें पीएम मोदी की तरफ से यह कहा गया है कि भारत अब रूस से कच्चे तेल का व्यापार नहीं करेगा। अब डोनाल्ड ट्रंप के इन दावों पर भारत का जवाब सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के दावों पर एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें ट्रंप के दावों में जिक्र किए गए किसी भी फोन कॉल की जानकारी नहीं है। जायसवाल ने बताया, "अमेरिका से ऊर्जा को लेकर जो टिप्पणी आई है उसे पर भारत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। जहां तक टेलीफोन की बात है, तो मैं यह कह सकता हूं कि मेरी जानकारी के हिसाब से प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कल कोई बातचीत नहीं हुई है।” भारत का दो टूक जबाव वहीं इससे पहले विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर ट्रंप के दावों पर अमेरिका को दो टूक जवाब दिया था। रूस से तेल आयात बंद करने के अमेरिकी दबावोंं के बीच भारत ने अपने रूख को एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा है कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारत अपने लोगों के हितों की रक्षा करेगा और देश की आयात नीति इसी उद्देश्य को पूरा करने पर आधारित हैं। विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा, “भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक है। अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी निरंतर प्राथमिकता रही है। हमारी आयात नीतियां पूरी तरह इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं।" बयान में आगे कहा गया कि स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की ऊर्जा नीति के लक्ष्य रहे हैं। इसमें ऊर्जा स्रोतों का व्यापक आधार बनाना और बाजार की स्थितियों के अनुरूप विविधता लाना भी शामिल है। वहीं अमेरिका से तेल आयात के संबंध में बयान में कहा गया," जहां तक अमेरिका का संबंध है, हम कई वर्षों से अपनी ऊर्जा खरीद का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दशक में इसमें लगातार प्रगति हुई है। मौजूदा अमेरिकी सरकार ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को गहरा करने में रुचि दिखाई है। इस पर चर्चा जारी है।" ट्रंप का अजब-गजब दावा गौरतलब है कि गुरुवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार अजब गजब दावा किया। ट्रंप ने कहा उनके मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। ट्रंप ने बुधवार को अपने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका इस बात से खुश नहीं है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। उन्होंने कहा कि इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध के लिए पैसा मिलता है। ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मोदी मेरे मित्र हैं, हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। हम उनके द्वारा रूस से तेल खरीदे जाने से खुश नहीं थे क्योंकि इससे रूस को यह बेतुका युद्ध जारी रखने का मौका मिला। इस युद्ध में उन्होंने लाखों लोगों को खो दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से खुश नहीं था कि भारत तेल खरीद रहा है और मोदी ने आज मुझे आश्वासन दिया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। यह एक बड़ा कदम है। अब हमें चीन से भी यही करवाना होगा।’’ ट्रंप ने आगे कहा, ‘‘उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि रूस से कोई तेल नहीं खरीदा जाएगा। मुझे नहीं पता, शायद यह बड़ी खबर हो। क्या मैं ऐसा कह सकता हूं?… वह रूस से तेल नहीं खरीद रहे हैं। यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वह इसे तुरंत नहीं कर सकते…लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।’’  

RSS पर शिकंजा कसने की तैयारी, कर्नाटक कैबिनेट ने शैक्षणिक संस्थानों में गतिविधियों पर लगाया प्रतिबंध

बेंगलुरु  कर्नाटक मंत्रिमंडल ने सरकारी स्कूलों और कॉलेज परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों को रोकने के लिए नियम लाने का फैसला किया है। राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को कर्नाटक कैबिनेट ने राज्य के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के परिसरों में RSS की गतिविधियों को रोकने के लिए नियम लाने का फैसला किया है। खरगे की यह टिप्पणी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने एक दिन पहले ही कहा था कि उनकी सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि कैसे सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी संगठन लोगों को परेशान न करे। खरगे ने सीएम सिद्धारमैया को लिखी थी चिट्ठी कर्नाटक कैबिनेट के इस फैसले से राज्यभर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों के परिसरों में अब आरएसएस की बैठकों और अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगने की संभावना है। RSS केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा की मातृ संस्था कही जाती है। बता दें कि प्रियांक खरगे ने ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी मंदिरों में आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने का आग्रह किया था, और इस संगठन पर युवाओं का ब्रेनवॉश करने और संविधान के विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया था। खरगे के इस अनुरोध के बाद उन्हें धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे। धमकी देने पर एक व्यक्ति गिरफ्तार इस बीच, बेंगलुरु पुलिस ने महाराष्ट्र के एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर प्रियांक खरगे को फोन किया था और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों को बैन करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखने को लेकर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कीं। इस आरोपी ने जब खरगे को फोन किया था तब मंत्री ने इस बातचीत का वीडियो बना लिया था। उसके बाद सदाशिवनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद ‘बेंगलुरु सेंट्रल डिवीजन’ और कलबुर्गी पुलिस के संयुक्त अभियान में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। खरगे को धमकी देने वाला शख्स कौन? पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की पहचान धनेश नरोने उर्फ ​​दानप्पा नरोने के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के सोलापुर का रहने वाला है। सोलापुर कर्नाटक की सीमा से लगा हुआ एक जिला है। खरगे को फोन पर गालियां देने के बाद आरोपी अपने शहर से भागकर लातूर में छिप गया था। लेकिन बेंगलुरु और कलबुर्गी की पुलिस टीम ने उसका पता लगाया, उसे गिरफ्तार किया और बेंगलुरु ले आई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि धनेश बिस्कुट और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियों के लिए मार्केटिंग एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने एक सर्च इंजन की मदद से खरगे का फ़ोन नंबर हासिल किया था। खरगे ने बुधवार को एक वीडियो पोस्ट किया था बेंगलुरु पुलिस धनेश के पिछले रिकॉर्ड और ऐसे अपराधों में उसकी संलिप्तता की जांच के लिए पूछताछ कर रही है। खरगे ने बुधवार को एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कथित तौर पर धनेश द्वारा की गई कॉल शामिल है। आरोपी ने मंत्री को उनके उस पत्र के लिए गाली दी जिसमें उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की थी। भाजपा ने बैन लगाने की दी चुनौती मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति फोन कॉल पर उन्हें गालियां और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा है। सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी, जबकि राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। दूसरी तरफ, भाजपा ने खरगे के इस रुख की कड़ी आलोचना की और उन्हें राज्य में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की चुनौती भी दी।  

टीम इंडिया का ऑस्ट्रेलियाई ट्रेंनिंग कैंप शुरू, कोहली-रोहित की जोड़ी फिर दिखी एक्शन में

नई दिल्ली  सीनियर स्टार विराट कोहली और रोहित शर्मा ने पर्थ पहुंचते ही जमकर अभ्यास किया और रविवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम के पहले ट्रेनिंग सत्र के दौरान नेट्स पर काफी पसीना बहाया। सभी की निगाहें रोहित और कोहली पर है जो पिछली बार भारत के लिए फरवरी-मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान खेले थे और अब केवल 50 ओवर के प्रारूप में ही उपलब्ध हैं। दोनों पूर्व भारतीय कप्तान ने नेट्स में करीब 30 मिनट तक बल्लेबाजी की। भारतीय टीम 29 अक्टूबर से शुरू होने वाले तीन वनडे और पांच टी20 मैच के सीमित ओवरों के दौरे के लिए बुधवार और गुरुवार को दो ग्रुप में पर्थ पहुंची। रोहित को नेट्स में समय बिताने के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ लंबी बातचीत करते भी देखा गया। भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने इस साल की शुरुआत में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और पिछले साल बारबडोस में विश्व कप जीतने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा था। यह आखिरी बार हो सकता है जब ये दोनों महान खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में खेलें। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में सभी की निगाहें रोहित और कोहली के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी। यह सीरीज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इन दोनों के भविष्य को लेकर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्व कप 2027 में इन दोनों की भागीदारी अभी तय नहीं है क्योंकि उस समय उनकी फॉर्म और फिटनेस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। हालांकि नए कप्तान शुभमन गिल ने दोनों सुपरस्टार्स के अपार अनुभव को देखते हुए उनका समर्थन किया है। नेट सत्र के बाद कोहली को गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत करते देखा गया जिसके बाद उन्होंने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के साथ भी बात की। टीम का शुक्रवार और शनिवार को एक ट्रेनिंग सत्र है।  

बड़ी चुनौतियों के बीच नेतन्याहू ने जताई उम्मीद, शांति के अवसर कम नहीं

तेल अवीव इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने 'दुश्मनों की बड़ी चुनौतियों' के बीच भी 'शांति के बड़े अवसर' की बात की है। माउंट हर्जल में आयोजित एक राजकीय कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ये विचार रखे। युद्ध में मिली सफलता की सराहना करते हुए, नेतन्याहू ने कहा, "हमारे दुश्मन अभी भी एक बड़ी चुनौती हैं। वे फिर से हथियार उठाने की फिराक में हैं।" उन्होंने स्पष्ट तौर पर ईरान का नाम नहीं लिया, लेकिन द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार इशारा उन्हीं की ओर था। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए नेतन्याहू ने कहा, "बड़ी चुनौतियां—और उनके साथ-साथ, शांति के दायरे को व्यापक बनाने के और बड़े अवसर हैं। हम अपने इस दावे को दोहराते हैं कि युद्ध के बाद इजरायल पड़ोसी अरब देशों के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने और शांति समझौतों का विस्तार करने के लिए तैयार है।" नेतन्याहू ने माना कि राष्ट्रीय एकता जरूरी है। वे बोले, "हम एक साथ दोनों स्तरों पर काम कर रहे हैं, और दोनों ही स्तरों पर एकता जरूरी है, युद्ध में भी और शांति में भी। हम अपने सभी लक्ष्य हासिल करेंगे, सिर्फ आंतरिक एकजुटता, आपसी जिम्मेदारी और उन बंधनों को मजबूत करके जो तोड़ते नहीं बल्कि जोड़ते हैं।" इससे पहले उन्होंने हर बंधक (शव) को वापस लाने की बात कही। बोले, "हम हर एक बंधक को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा, "संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। लेकिन आज एक बात स्पष्ट है: जो कोई भी हमारे खिलाफ हाथ उठाएगा, वह पहले से ही जानता है कि उसे अपनी आक्रामकता की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम उस जीत को हासिल करने के लिए दृढ़ हैं जो आने वाले कई वर्षों तक हमारे जीवन की दिशा तय करेगी।" उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों से कहा, "मैं आपके दुख की गंभीरता को समझता हूं। मैं युद्ध में लड़ने वाले सभी सैनिकों—यहूदियों, ड्रूज, ईसाइयों, मुसलमानों, बेडोइन, सर्कसियन, और अन्य समूहों के सदस्य जो कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे—का राष्ट्र की ओर से आभार व्यक्त करता हूं।"

पहली बार बीजेपी को हराने वाले पिता की राह पर, नगरोटा में देवयानी कमल करेंगी मुकाबला

जम्मू- कश्मीर बिहार में विधानसभा चुनाव के शोर के बीच कई राज्यों की कुछ सीटों पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं, इसमें जम्मू- कश्मीर की 2 सीटें शामिल हैं. बडगाम के अलावा नगरोटा सीट पर सभी की नजर है. नगरोटा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था और विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद यहां पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं. पार्टी ने देवेंद्र सिंह की बेटी देवयानी राणा को टिकट दिया है. जबकि शिया मुस्लिम नेता आगा सैयद मोहसिन को बडगाम सीट से उतारा गया. देवेंद्र सिंह राणा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के छोटे भाई थे और उनका पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था. तब से यह सीट खाली थी. देवेंद्र सिंह साल 2014 में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर चुनाव जीतने में कामयाब रहे. तब उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी और 2 बार के विधायक नंद किशोर को हराया था. बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए. धारा 370 के समर्थन में छोड़ दी थी पार्टी दो बार विधायक रहे देवेंद्र सिंह पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) में थे. उन्हें जम्मू में एनसी का बड़ा चेहरा माना जाता था. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के विरोध में, गुप्कर घोषणापत्र गठबंधन (PAGD) के तहत कश्मीरी पार्टियों- जिनमें उनकी अपनी एनसी भी शामिल थी- के एकजुट होने के बाद, उन्होंने साल 2021 में कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे दिया था. बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए. जम्मू-कश्मीर में पिछले साल विधानसभा चुनाव कराया गया तो बीजेपी ने नगरोटा सीट से देवेंद्र सिंह राणा को टिकट दिया. इस बार उन्होंने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रत्याशी जोगिंदर सिंह को 30,472 मतों के अंतर से हराया था. हालांकि चुनाव जीतने के कुछ समय ही लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया. ऐसे में अब इस सीट से उनकी बेटी देवयानी राणा को पार्टी ने उतारा है. अमेरिका से पढ़ाई, पिता का बिजेनस पिछले साल अक्टूबर में अपने पिता के निधन के बाद सक्रिय राजनीति में आईं देवयानी राणा को इस साल जनवरी में भारतीय जनता युवा मोर्चा का जम्मू-कश्मीर उपाध्यक्ष बना दिया गया. वह एक व्यवसायी भी हैं और काफी समय से पिता के साथ बिजनेस देखती थीं. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की भतीजी, देवयानी राणा ने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में बैचलर की डिग्री हासिल की है. देवयानी 3 भाई-बहनों (2 बहनों और एक भाई) में सबसे बड़ी हैं और व्यवसायी भी हैं. वह अपने पिता के निधन से पहले भी उनके बिजनेस का मैनेजमेंट देखा करती थीं. इस दौरान वह नगरोटा निर्वाचन क्षेत्र का नियमित दौरा भी करती रही हैं. अपने क्षेत्र में लगातार सक्रियता की वजह से पहले से ही उन्हें इस सीट का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था.  

दुनिया की बड़ी कंपनियाँ पंजाब की तरफ़ क्यों? CM भगवंत मान ने किया खुलासा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बेंगलुरु में आज प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि आज पंजाब दुनिया के सबसे बेहतरीन निवेश स्थलों में से एक बन गया है. उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब को अपार संभावनाओं की भूमि बताते हुए नामी कंपनियों को राज्य में निवेश करने का निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि देश के तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पंजाब में निवेश करके उद्यमियों को बड़े स्तर पर लाभ होगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना का माहौल है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास और खुशहाली की मजबूत नींव है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आर्थिक विकास का इंजन है और पंजाब सरकार इसे भलीभांति समझते हुए आवासीय, व्यावसायिक और कृषि—सभी क्षेत्रों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने कारोबार के विस्तार के लिए राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे, निर्बाध बिजली, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का अधिकतम लाभ उठाएं. पंजाब को औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाना है-सीएम मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के छठे संस्करण के लिए आमंत्रित किया और बताया कि यह सम्मेलन 13, 14 और 15 मार्च 2026 को मोहाली (पंजाब) में आयोजित होगा. इस दौरान उद्योगपति, नीति-निर्माता और शोधकर्ता पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपने विचार साझा करेंगे. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की विशेषज्ञता और दूरदर्शिता पंजाब के भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह सम्मेलन पंजाब की क्षमता को प्रदर्शित करने, सहयोग के अवसरों को तलाशने और नेटवर्किंग के लिए आदर्श मंच प्रदान करेगा. पंजाब की धरती मेहनतकश और उद्यमियों की- मान आज यहां उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती को उसकी मेहनतकश और उद्यमी भावना तथा अमीर विरासत के लिए सदैव जाना जाता रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब को भारत के अन्न भंडार होने का गौरव प्राप्त है, जो देश के खाद्य उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान देता है. उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव और प्रगति देखने को मिली है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर चुका है, जो फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी बनकर सामने आया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक प्रगति ने वास्तव में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, क्योंकि दुनिया भर के निवेशकों ने पंजाब की क्षमता को पहचाना है. उन्होंने बताया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 1.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है. इस उपलब्धि ने पंजाब को औद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित किया है. नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, वरबियो जैसे ब्रांड का हब भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब आज नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, कारगिल, वरबियो, डैनोन जैसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का घर बन चुका है, जो यहां अपने संचालन के माध्यम से राज्य की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं. अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने व्यवसाय के लिए पंजाब की अपार क्षमता और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए अनुकूल माहौल पर अपनी मुहर लगाई है. उन्होंने बताया कि जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, यूएई, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों के निवेश पंजाब की वैश्विक पहुंच को दर्शाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद से ही उन्होंने एक निवेश-अनुकूल माहौल तैयार किया है, जो व्यापार में सुगमता को प्रोत्साहित करता है. राज्य सरकार की उद्योग-पक्षीय नीतियों के कारण आज पंजाब कारोबार की सहजता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है. उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल की शुरुआत की है, जो भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम है. यह पोर्टल एकल प्रवेश और निकास के साथ 150 से अधिक सरकारी-से-व्यवसाय (जी2बी) सेवाएं प्रदान करता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने ऑफलाइन आवेदन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है और पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट के तहत 125 करोड़ रुपए तक के योग्य प्रोजेक्ट्स को सिर्फ पाँच दिनों में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाती है पंजाब में 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब बड़े नियामक सुधार करने वाला पहला राज्य है, जिसमें 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी, डीम्ड अप्रूवल, एस्केलेशन तंत्र और प्रमुख लाइसेंसों की वैधता अवधि में वृद्धि शामिल है. उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप अलर्ट, एआई चैटबॉट और कॉल सेंटर के माध्यम से निवेशक सहायता रियल टाइम जवाबदेही सुनिश्चित करती है. इसके अतिरिक्त, डिजिटल सीआरओ रिपोर्ट, फायर एनओसी की बढ़ी हुई वैधता और लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में परिवर्तन जैसी व्यवस्थाएं प्रक्रियाओं को और सरल बना रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी ही सफलता की कुंजी है और राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब दोनों समान भागीदार के रूप में कार्य करें. उन्होंने बताया कि यही सिद्धांत वर्ष 2022 में प्रस्तुत की गई नई औद्योगिक नीति का मार्गदर्शन करता है. यह नीति उद्योग जगत के विशेषज्ञों और साझेदारों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है ताकि उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार ने उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों की अध्यक्षता में 24 सेक्ट्रल कमेटियां गठित की हैं जो विशेष क्षेत्रों के अनुसार नीतियाँ तैयार करेंगी. समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पहचान मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों और व्यवसायों के साथ समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पर आधारित साझेदारी स्थापित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों की कारोबारी यात्रा को सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए वचनबद्ध है. भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि उद्योग जगत राज्य सरकार को अधिक से अधिक सहयोग देगा जिससे पंजाब में औद्योगिकीकरण की गति और तेज़ होगी. मुख्यमंत्री ने इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर … Read more

2021 जैसी गलती नहीं दोहराएगी BJP, ममता बनर्जी के लिए तैयार है नया चुनावी हथियार

कोलकाता  अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी की है. बीजेपी की रणनीति में बदलाव की वजह पिछले विधानसभा चुनाव से मिले सबक और सीख है.2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी रणनीति मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द ही तैयार की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी नेताओं ने चुनाव प्रचार में सीएम ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले किए जो कि बंगाल के लोगों को पसंद नहीं आए. खासकर एक महिला सीएम के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी को वोटरों ने पसंद नहीं किया, जिसका खामियाजा बीजेपी को चुनाव में उठाना पड़ा. साथ ही ममता बनर्जी पर बीजेपी नेताओं के व्यक्तित्व हमले का फायदा ममता बनर्जी और टीएमसी को ही हुआ. अब पार्टी ने रणनीति में बदलाव करते हुए तय किया है कि ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले नहीं किए जाएंगे पर सरकार की मुखिया के नाते सत्ताधारी पार्टी और नेताओं-मंत्रियों के भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की नाकामी को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा और इस पर ममता बनर्जी को निशाने पर रखते हुए जवाब मांगा जाएगा. कानून-व्यवस्था को बनाया जाएगा मुद्दा बीजेपी टीएमसी के उन मंत्रियों और नेताओं के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर जल्द अभियान शुरू करेगी, जिन पर करप्शन के आरोप हैं और जो जेल जा चुके हैं या जेल में हैं. बीजेपी अपने चुनावी अभियान का एक प्रमुख मुद्दा राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाना चाहती है. हाल ही में सामने आए बलात्कार के मामले और आरजी कर अस्पताल की घटना को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के तौर पर उठाया जाएगा. पार्टी ने ये भी तय किया है कि वो पूरा फोकस स्थानीय मुद्दों पर ही रखेगी. पार्टी इस बार चुनावों में दूसरे दलों से नेताओं को शामिल करने पर ज्यादा जोर नहीं देगी बल्कि उन वरिष्ठ और वफादार कार्यकर्ताओं और नेताओं से दोबारा संपर्क साधा जाएगा, जिन्होंने उतार-चढ़ाव के दौर में भी बीजेपी का साथ नहीं छोड़ा. ऐसे ही लोगों को टिकटों में भी प्राथमिकता दी जाएगी. लोगों को बताएगी डबल इंजन सरकार के फायदे बीजेपी अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से मिले इनपुट के आधार पर चुनाव प्रचार के मुद्दे और टिकट वितरण तय करेगी. राज्य के सभी बूथों पर सक्रियता जल्द शुरू की जाएगी. चुनावी अभियान में राज्य की संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाएगी. डबल इंजन सरकार के फायदे को खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को आकर्षित करने के लिए प्रमुखता से पेश किया जाएगा. इसके अलावा राज्य की अल्पसंख्यक बहुल सीटों के लिए अलग से रणनीति बनाई जाएगी. दरअसल पार्टी की रणनीति है कि राज्य की 83 मुस्लिम बहुल सीटों में उलझने और ज्यादा ताकत लगाने की बजाय टीएमसी और राज्य सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जाए. इसकी शुरुआत बीजेपी जल्द ही बिहार चुनाव के बाद टीएमसी नेताओं के मजबूत गढ़ों से की जाएगी. बीजेपी का खास फोकस कोलकात्ता और दक्षिण 24 परगना पर रहेगा, जहां से टीएमसी के कई शीर्ष नेता आते हैं.  

स्पेशल ट्रेन से रेवाड़ी आगमन: रेल मंत्री ने दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन का लिया जायजा

रेवाड़ी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीरवार सुबह करीब 8:15 बजे एक स्पेशल ट्रेन से रेवाड़ी जंक्शन पहुंचे। दिल्ली से जयपुर जाते समय उनकी ट्रेन कुछ देर के लिए रेवाड़ी स्टेशन पर रुकी। इस दौरान रेल मंत्री कोच से उतरकर ऑब्जर्वेशन डिब्बे में बैठे और रेलवे अधिकारियों के साथ ट्रैक की स्थिति व अन्य तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री दिल्ली से जयपुर के बीच रेलवे लाइन का निरीक्षण कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जयपुर पहुंचकर वे रेलवे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। रेल मंत्री के आगमन को देखते हुए रेवाड़ी जंक्शन पर रेलवे प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं और सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। रेल मंत्री का यह दौरा रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं में सुधार लाने के उनके सतत प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है। रेवाड़ी में कुछ देर रुकने के बाद उनकी स्पेशल ट्रेन जयपुर के लिए रवाना हो गई। उम्मीद है कि इस निरीक्षण से दिल्ली-जयपुर रेलखंड के रखरखाव और अपग्रेडेशन कार्यों को नई गति मिलेगी।  

खतरे की घंटी पंजाब में! बॉर्डर पर उड़ रहे हेक्साकॉप्टर ड्रोन, BSF चौकन्ना

अमृतसर एक तरफ जहां भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ ने 203 ड्रोन पकड़ने का आंकड़ा पार कर लिया है लेकिन इसके विपरीत ड्रोन की मूवमेंट कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। अब तो अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों में बड़े हेक्साकॉप्टर ड्रोन उड़ने शुरू हो गए हैं जो 10 से 15 किलो या इससे भी ज्यादा वजन उठाने में सक्षम रहते हैं। जानकारी के अनुसार बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव राजाताल और कक्कड़ के इलाके में दो हेक्साकॉप्टर ड्रोन जब्त किए हैं। यह ड्रोन खेतों में क्षतिग्रस्त हालत में पड़े मिले हैं। फिलहाल यह ड्रोन किसने मंगवाए और किसको क्या डिलीवर करके आए इसकी जांच शुरू हो गई है। ड्रोन के माध्यम से जिस प्रकार से ग्रेनेड, एक-47 राइफले, 9 mm गलाक और जिगना जैसे अत्याधुनिक पिस्टल मंगवाई जा रही हैं। उससे यह साबित हो रहा है कि पंजाब में बड़ी गैगवार और माहौल खराब करने के लिए हथियार मंगवाए गए हैं। पुलिस की तरफ से भी अकेला सिटी पुलिस की तरफ से पिछले 15 दिनों के दौरान 53 पिस्टल जब्त किए जा चुके हैं जबकि देहाती पुलिस की तरफ से भी लगभग इतने ही पिस्टल जब्त किया जा चुके हैं जिसमें काउंटर इंटेलीजेंस और अन्य एजेंसियों के नाम शामिल है।