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त्योहारी सीजन में सोने की चमक बढ़ी, 1 अक्टूबर को गोल्ड रेट में कोई गिरावट नहीं

नई दिल्ली सोने में गिरावट का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए आज भी राहत की खबर नहीं आई है। फेस्टिव सीजन में सोना नया रिकॉर्ड बना रहे है और यह आम लोगों के पहुंच से दूर होता जा रहै हे। अक्टूबर माह की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। MCX पर सोना 1,17,500 रुपए प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी की कीमत 1,43,640 रुपए प्रति किग्रा के आसपास है।  दिल्ली में सोना, चांदी के भाव नए शिखर पर राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोना 500 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1.20 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने का भाव सोमवार को 1,500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,500 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा था।  स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह 500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,400 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले बाजार सत्र में इसकी कीमत 1,18,900 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। इसके अलावा मंगलवार को चांदी की कीमत 500 रुपए बढ़कर 1,50,500 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए शिखर पर पहुंच गई। सोमवार को यह 7,000 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम रही थी।    

मल्लिकार्जुन खड़गे की तबीयत खराब, इलाज के लिए बेंगलुरु अस्पताल में भर्ती

 बेंगलुरु अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है, जहां कम्प्लीट चेकअप के लिए उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा है. वे इलाज के लिए बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे (88) एक सीनियर सांसद और कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं. अक्टूबर 2022 से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई चुनावी मुकाबलों में पार्टी का नेतृत्व किया है और राष्ट्रीय रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.  1942 में जन्मे खड़गे का राजनीतिक सफर दशकों लंबा है, इस दौरान उन्होंने एक सांसद, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया है. उनके करियर की पहचान एक ज़मीनी नेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा है, जिसमें मज़बूत संगठनात्मक कौशल भी शामिल है. पार्टी अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने कांग्रेस को उसके सबसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर से उबारने का भार उठाया है.

CM नायब सिंह सैनी का ऐलान: फरीदाबाद में खुलेंगे नए सरकारी प्ले स्कूल, बच्चों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़/फरीदाबाद  हरियाणा में दो हजार प्ले स्कूल खोले जाएंगे, जहां छोटे बच्चों को उनके घर के पास ही गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र में पोषण माह की 8वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में यह घोषणा की। सीएम की घोषणा से फरीदाबाद को भी सौ से अधिक स्कूल मिलने की उम्मीद बंधी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में आंगनबाड़ी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए आज 15 करोड़ रुपये की लागत से 500 नवीनीकृत आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण और नौ करोड़ रुपये की लागत से बने 64 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पोषण कैलेंडर का भी अनावरण किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया। राज्य सरकार बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण माह केवल विभागीय योजना नहीं, बल्कि शिक्षा, कृषि, पंचायत, महिला एवं बाल विकास और ग्राम विकास विभागों के संयुक्त प्रयास से एक बहुआयामी आंदोलन है। इसके तहत समेकित बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत 6 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक विकास की देखरेख की जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में 4 हजार प्ले-वे स्कूल खोले गए हैं। इनमें 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस वित्त वर्ष के बजट में 2 हजार और प्ले-वे स्कूल खोले जाएंगे। ये स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों में ही संचालित किए जाएंगे। इनकी पहचान कर ली गई है। प्रदेश में चल रहे 500 क्रेच : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए विस्तृत क्रेच नीति लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। भारत सरकार ने हरियाणा के सभी जिलों में 628 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी-सह-क्रेच में बदलने की स्वीकृति दी है। इस समय प्रदेश में 500 क्रेच चल रहे हैं। इनमें से 303 क्रेच आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करके बनाए गए हैं। शेष 197 स्टैंडलोन क्रेच चल रहे हैं। इन क्रेच सेवाओं का लाभ 3,670 से अधिक कामकाजी महिलाओं को हो रहा है। खेड़ी कलां में आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन जिला स्तर के कार्यक्रम में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने हिस्सा लिया। इस दौरान फरीदाबाद के गांव खेड़ी कलां में हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने नव-नवीनीकृत आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन किया। मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा का मजबूत आधार बनेंगे। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मंत्री ने दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं दीं और पोषण माह 2025 को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने मोटापे पर नियंत्रण और संतुलित आहार के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर गर्भवती महिला की गोद भराई, बच्ची का अन्नप्राशन और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी मिनाक्षी चौधरी ने पोषण जागरूकता पर जानकारी दी। कार्यक्रम में गीतिका सभरवाल, डॉ. मंजू श्योरान सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर भी मौजूद रहे। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति ● 1294 आंगनबाड़ी केंद्र ● 117 प्ले स्कूल चल रहे ● 9 केंद्र स्कूल सहित आंगनबाड़ी ● 3 स्टैंड अलोन केंद्र ● 6 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र  

हर सेक्टर में है अपार संभावनाएं, CM ने दिया पंजाब में निवेश का न्योता

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को उद्योगपतियों को देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आमंत्रण देते हुए कहा कि पंजाब राज्य अपनी उद्योग-हितैषी नीतियों और अनुकूल व्यापारिक माहौल के कारण अब दुनिया भर में सबसे पसंदीदा स्थान के रूप में उभरा है. इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों से बातचीत करते हुए कहा कि उद्योगपति अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं, क्योंकि वे कई परिवारों को रोजगार देते हैं. उन्होंने कहा कि कई प्रमुख उद्योगपतियों ने राज्य में निवेश और अपने व्यवसाय का विस्तार किया है, क्योंकि पंजाब में मौजूद अपार संभावनाएं उन्हें निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत की कुल भूमि का केवल 1.5 प्रतिशत होने के बावजूद, पंजाब आज देश के कुल जीडीपी में 3 प्रतिशत योगदान देता है. पंजाब ने दुनिया में बनाई विशिष्ट पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र भूमि के मेहनती और साहसी लोगों ने दुनिया भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की भूमि है और पंजाब की उपजाऊ धरती पर कुछ भी उग सकता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि भले ही कठिन समय ने राज्य के उद्योगों को बड़ा झटका दिया था, फिर यह पुनः सृजित हुआ और अच्छी तरह से विकसित हुआ. कहा कि पंजाब वीडियो और फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयुक्त माहौल प्रदान करता है और यह हर क्षेत्र में अग्रणी रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में एक फिल्म सिटी की योजना बना रही है, क्योंकि यहां फिल्म उद्योग के लिए बड़ी संभावनाएं हैं. कहा कि आम तौर पर देश में और खासकर पंजाब में मनोरंजन के बुनियादी ढांचे की कमी है. जिससे मनोरंजन उद्योग संघर्ष कर रहा है और अब राज्य सरकार इस ओर विशेष ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि पवित्र शहर अमृतसर में एक और क्रिकेट स्टेडियम बन रहा है, जो खेल उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन देगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ओद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्त से अधिक कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पांच पावर प्लांट हैं, जिनमें से सभी राज्य सरकार के हैं. कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन के लिए कोयले के बड़े भंडार मौजूद हैं. पंजाब देश का अन्नदाता है, इसलिए यहां खाद्य उत्पादन उद्योग के लिए बड़ी संभावनाएं हैं. राज्य ने सिंगल विंडो प्रणाली को सही मायने में लागू किया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य तेजी से दुनिया भर में सबसे पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में उभर रहा है. पंजाब को इसकी साहसी और उद्यमी भावना तथा समृद्ध विरासत के लिए हमेशा जाना गया है. कहा कि पिछले तीन सालों में पंजाब के ओद्योगिक सफर में बड़ी बदलाव और प्रगति देखने को मिली है. आज राज्य एक बड़ा उद्योगिक हब बन गया है, जो फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, हैंड टूल, बाई-साइकिल, आईटी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरा है. पंजाब की ओद्योगिक प्रगति ने वास्तव में दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ी है, क्योंकि दुनियाभर के निवेशकों ने राज्य की क्षमता को पहचाना है.   2022 से पंजाब को मिले 1.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से पंजाब को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक नौकरियों के सृजन की संभावना है. इसके चलते पंजाब ओद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक उभरता केंद्र बन गया है. यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का घर है, जिनमें नेस्ले, क्लास, फ़्रोडेनबर्ग,कारगिल, बर्बियो , डीनोन और अन्य शामिल हैं. जो यहां अपने कार्यालय स्थापित कर राज्य की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं. इन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब की अपार क्षमता और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए अनुकूल माहौल पर भरोसा जताया है. जापान, अमेरिका, जर्मनी, यूके, यूएई, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों के निवेश से राज्य की वैश्विक पहुंच स्पष्ट होती है. कहा कि उनका मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, क्योंकि पंजाब वास्तव में न केवल भारतीय निवेशकों के लिए बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए एक पसंदीदा निवेश स्थल बन गया है.  

भूकंप ने मचाई तबाही: फिलीपींस में ज़ोरदार झटकों से इमारतें ढहीं, 60 की गई जान

मनीला फिलीपींस में  6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने देश के कई हिस्सों में तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई इमारतें ढह गईं और 60 लोगों की मौत हो गई. एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी है. भूकंप के केंद्र और प्रभावित क्षेत्रों का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में भारी नुकसान और हताहतों की पुष्टि हुई है. अधिकारी ने बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों-ऑफिस से बाहर निकल आए. भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि कई इमारतें, खासकर पुरानी संरचनाएं, पूरी तरह ढह गईं. इससे कई लोग मलबे में दब गए.  बढ़ सकती है मृतकों की संख्या फिलीपींस के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव टीमें दिन-रात काम कर रही हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं. जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है, जहां चिकित्सा टीमें उनकी देखभाल में जुटी हैं. बचाव एवं राहत कार्य शुरू एक वरिष्ठ आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा, '6.9 तीव्रता का भूकंप बेहद शक्तिशाली था. कई इमारतें ढह गईं और 60 लोगों की जान चली गई. हम प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों को तेज कर रहे हैं.' उन्होंने ये भी बताया कि बिजली और संचार सेवाएं कुछ क्षेत्रों में बाधित हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां आ रही हैं. हमेशा बना रहता है भूकंप का खतरा फिलीपींस में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां बार-बार भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट का कारण बनती हैं. हाल के सालों में फिलीपींस में कई बड़े भूकंपों आए हैं, जिनमें 2013 का बोहोल भूकंप (7.2 तीव्रता) शामिल है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

चिप डील पर ताइवान की दो टूक, अमेरिका के साथ बराबर की साझेदारी से किया इनकार

न्यूयॉर्क ताइवान ने अमेरिका के साथ चिप प्रोडक्शन को लेकर 50 फीसदी हिस्सेदारी के समझौते पर असहमति जताई है. यह ऐलान बुधवार को ताइवान के शीर्ष टैरिफ वार्ताकार ने घर लौटने के बाद हुआ है. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने सुझाव दिया था कि चिप निर्माण में 50-50 का विभाजन हो, जिसका ज्यादातर हिस्सा मौजूदा वक्त में ताइवान में बनता है. ताइवान की उप-प्रीमियर चेंग ली-चियुन ने साफ किया है कि उनकी टीम ने ऐसी किसी भी शर्त पर न तो चर्चा की और न ही वे सहमति देंगे. अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने वीकेंड में यूएस टेलीविजन नेटवर्क न्यूज़ नेशन को बताया था कि वॉशिंगटन का प्रस्ताव चिप बनाने में 50-50 का विभाजन होगा.  ताइवान की उप-प्रीमियर चेंग ली-चियुन ने वापस देश लौटने पर पत्रकारों को बताया कि उन्होंने वार्ता के दौरान अमेरिका द्वारा सुझाए गए 50-50 के विचार पर चर्चा नहीं की थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम ऐसी शर्तों पर सहमत नहीं होगी. TSMC का निवेश और टैरिफ छूट की उम्मीद ताइवान दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकर टीएसएमसी (TSMC) का हब है. टीएसएमसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लीकेशन्स की मजबूत मांग की वजह से तेजी से आगे बढ़ रही है. टीएसएमसी मौजूदा वक्त में अमेरिका के एरिजोना स्टेट में चिप कारखाने बनाने के लिए $165 बिलियन का इन्वेस्टमेंट कर रही है.  हालांकि, कंपनी का ज्यादातर प्रोडक्शन ताइवान में ही रहेगा. ताइवान की सरकार ने पिछले महीने उम्मीद जताई थी कि टैरिफ वार्ता में 'कुछ प्रगति' हासिल होने के बाद अमेरिका से ज्यादा अनुकूल टैरिफ दर मिलेगी. कृषि खरीद और राजनयिक मुलाकात… ताइवान के प्रधानमंत्री चो जुंग-ताई ने मंगलवार को ताइपे में संसद में कहा था कि चेंग ने टैरिफ मुद्दों पर अमेरिका के साथ कई बार बातचीत की है. चेंग ने एयरपोर्ट पर कहा कि विस्तृत चर्चा हुई है, जिससे कुछ प्रगति हुई है. इस बीच, ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने मंगलवार देर रात यूएस कृषि विभाग के अंडर सेक्रेटरी फॉर ट्रेड एंड फॉरेन एग्रीकल्चरल अफेयर्स ल्यूक जे. लिंडबर्ग से मुलाकात की. लाइ ने कहा कि सितंबर में अमेरिका का दौरा करने वाले ताइवान के कृषि प्रतिनिधिमंडल ने अगले चार वर्षों में $10 बिलियन के अमेरिकी कृषि सामान खरीदने की योजना बनाई है, जिसमें सोयाबीन, गेहूं, मक्का और बीफ शामिल हैं.

सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश

रायपुर : सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्न सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुई। सांसद श्रीमती चौधरी ने बैठक में शासन के जनहितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने एवं समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में कार्यरत है। क्षेत्र के विकास के लिए हम सभी जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भागीदार होना होगा। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। समीक्षा के दौरान सांसद श्रीमती चौधरी ने अधूरे सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य शासन की अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की।      बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मनरेगा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, खनिज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम कार्यक्रम, पशुपालन, समेकित बाल विकास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विकास योजना, एकीकृत विद्युत विकास, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खेल, मत्स्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं खाद्य सुरक्षा क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।         बैठक में मौजूद राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने कहा कि हम सभी का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाए ताकि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति को अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।  बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका परिषद गरियाबंद के अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उप निदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, श्री नवीन भगत और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी सहित दिशा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन

रायपुर : छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई 'स्मार्ट', नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय: नवा रायपुर में देश का पहला स्मार्ट पंजीयन कार्यालय आज से शुरू मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल 15 से 20 मिनट में पूरी होगी पंजीकरण प्रक्रिया, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से नागरिकों को मिलेगा आरामदायक अनुभव “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मंत्र से साकार हुआ स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का सपना 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य मुफ्त वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले, हेल्पडेस्क और कैशलेस भुगतान जैसी बड़ी क्रांतियों से बदलेगा रजिस्ट्री का अनुभव रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और  स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर रायपुर की मती वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया। पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। 117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है। उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।

मध्यप्रदेश सरकार का स्पष्टीकरण: ओबीसी आरक्षण पर दाखिल हलफनामे की स्थिति स्पष्ट

भोपाल     राज्य शासन के संज्ञान में यह आया है कि कतिपय शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहते हुए कुछ टिप्पणियां/सामग्री वायरल की जा रही है कि वह टिप्पणियां माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है।     शासन द्वारा उक्त शरारती सामग्री का गंभीरता से परीक्षण कराया गया है I माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पिछड़ा वर्ग आरक्षण के प्रचलित प्रकरण में अभिलेख के प्रारंभिक परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि उल्लेखित सोशल मीडिया की टिप्पणियां एवं कथन पूर्णतः असत्य, मिथ्या एवं भ्रामक है एवं दुष्प्रचार की भावना से किए गए हैं।     यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल की जा रही सामग्री मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य की किसी घोषित या स्वीकृत नीति अथवा निर्णय का भाग हैं ।     प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वस्तुतः उल्लेखित सामग्री मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष श्री रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। उक्त आयोग का गठन दिनांक 17-11-1980 को किया गया था। आयोग द्वारा दिनांक 22-12-1983 को अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य शासन को प्रेषित किया था।     राज्य शासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय में ओबीसी आरक्षण संबंधित प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए हैं, जो शासन के अभिलेखों में सुरक्षित हैं। इन प्रतिवेदनों में महाजन आयोग की रिपोर्ट के साथ-साथ 1994 से 2011 तक के वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2022 का राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का प्रतिवेदन भी सम्मिलित है।     महाजन आयोग का उक्त प्रतिवेदन माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी अभिलेख का भाग रहा है। अतः माननीय उच्चतम न्यायालय में भी उक्त प्रतिवेदन स्वतः ही न्यायिक अभिलेख का हिस्सा है।     मध्यप्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ एवं सामाजिक सद्भावना के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शासन स्पष्ट करता है कि वायरल की जा रही सामग्री शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य शासन के किसी स्वीकृत या आधिकारिक नीति या निर्णय का हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि महाजन रिपोर्ट में 35% आरक्षण की अनुशंसा की गई थी, जबकि राज्य शासन ने 27% आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।     भारतवर्ष में आरक्षण को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के प्रतिवेदन, समय-समय पर गठित आयोग के रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रतिवेदन तथा अन्य आधिकारिक सामग्री जो पूर्व से ही शासकीय अभिलेखों का भाग है एवं विभिन्न प्रकरणों में अभिलेखों का भी भाग है, माननीय न्यायालय के समक्ष हमेशा से प्रस्तुत की जाती रही हैं I     ऐसे एकेडमिक विश्लेषण एवं समय-समय पर गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के अत्यंत विस्तृत प्रतिवेदनों एवं रिपोर्ट के किसी एक भाग को, बिना किसी संदर्भ के स्पष्ट किए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना एक निंदनीय प्रयास है I इसके संबंध में राज्य शासन द्वारा गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।    

मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बड़ी बैठक, मुख्यमंत्री साय की अगुवाई में हुए महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर    मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरूद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग द्वारा प्रक्रिया में पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया।      मंत्रिपरिषद द्वारा दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि रूपये 24,50,05,457/- (रूपये चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन मात्र) एकमुश्त वापस किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण प्रदाय किया जाता है।      मंत्रिपरिषद द्वारा स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिये छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है। शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया।      मंत्रिपरिषद की बैठक में आज मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमिताभ जैन को भावभीनी  विदाई दी गई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव श्री विकास शील (भारतीय प्रशासनिक सेवा 1994 बैच) का स्वागत किया गया।