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पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 180 करोड़ की सब्सिडी वितरित

भोपाल सेवा पर्व के दौरान पश्चिम मप्र में हजारों उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं। एक पखवाड़े के दौरान मालवा निमाड़ में 1000 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने यहां रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए हैं। अब तक 42 हजार स्थानों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। पिछले वर्ष से लागू पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मालवा निमाड़ में 24 हजार से ज्य़ादा उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर 180 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पर्यावरण संरक्षण, बिल में बचत और स्वयं के उपयोग की बिजली खुद तैयार करने की भावना के साथ हो रहे प्रेरक कार्य करने वाले उपभोक्ताओं को बधाई दी है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जारी सेवा पर्व में 15 जिलों में अभियान चलाकर व्यापक प्रचार प्रसार कर हजारों नए उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर से जोड़ा गया है। श्री सिंह ने बताया कि सेवा पर्व में पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना की व्यापक रूप से जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई। साथ ही वाहनों के माध्यम से दृश्य, श्रव्य प्रचार भी किया गया, ताकि योजना के लाभ एवं विशेषताओं को जन-जन तक व अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सके। प्रबंध निदेशक ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मालवा निमाड़ में रूफ टॉप सोलर से जुड़ने वालों की कुल संख्या 42 हजार पार कर गई। कंपनी की कुल रूफ टॉप सोलर नेट मीटर क्षमता अब 300 मेगावॉट से ज्य़ादा हो गई है। कंपनी क्षेत्र में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से संबंद्ध उपभोक्ता 24 हजार से ज्यादा है। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में प्रति उपभोक्ता 78 हजार तक सब्सिडी दी जाती है, अब तक 180 करोड़ रूपए से ज्य़ादा की सब्सिडी दी जा चुकी है। इंदौर में सर्वाधिक 21500 उपभोक्ता म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि रूफ टॉप सोलर से सबसे ज्यादा उपभोक्ता इंदौर शहर सीमा अंतर्गत कुल 21500 जुड़ चुके हैं। इंदौर शहर सीमा में ही रूफ टॉप सोलर नेट मीटर योजना अंतर्गत कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 125 मेगावॉट के करीब है।  

सभी अधिकारी बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तत्परता से कार्यवाही करें- अपर मुख्य सचिव मती शमी

संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल सभी अधिकारी बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तत्परता से कार्यवाही करें- अपर मुख्य सचिव मती शमी संभागीय बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए बिजली, सड़क और जल जीवन मिशन से जुड़े मुद्दे भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विशेष पहल पर संभागीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों से संभाग के सभी जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है। ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माण तथा सिंचाई परियोजनाओं में गति आई है। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव बैठक में उठाए गए राज्य स्तर के मुद्दों पर विभागीय समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाईयों को दूर कराएं। संभागीय कमिश्नर जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके भू अर्जन तथा अन्य बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें। ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। ऊर्जा विभाग के अधिकारी फीडर सेपरेशन तथा अन्य कार्यों की कार्ययोजना और कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराएं। सीधी तथा सिंगरौली जिले में पीपीपी मोड पर स्व वित्त पोषित गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें। विकास कार्यों की बाधाओं को अधिकारी समन्वय से दूर करें। वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा अन्य मुद्दों पर लगातार प्रयास करें। नईगढ़ी माइक्रो तथा त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा कराने के लिए तत्परता से कार्यवाही करें। राज्यमंत्री ग्रामीण विकास मती राधा सिंह बगदरा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू कराने, बिजली की आपूर्ति में सुधार, चितरंगी में 132 केव्ही सब स्टेशन की स्थापना का सुझाव दिया। सांसद रीवा  जनार्दन मिश्र ने बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आरडीएसएस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई, छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार, समूह नलजल योजना के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा कराने तथा सोहागी घाट में सड़क सुधार का सुझाव दिया। सांसद सतना  गणेश सिंह ने सतना में 650 बिस्तर अस्पताल को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री जी और उप मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। सांसद ने भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने, टाइगर प्रोजेक्ट, मैहर के नवरात्रि मेले और चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन के लिए बजट आवंटन, खाद की आपूर्ति, टोंस बराज की जमीन किसानों को वापस करने तथा बरगी बांध परियोजना के संबंध में सुझाव दिए। सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा ने रेल परियोजना के लिए सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन तेजी से पूरा करने, सोन घड़ियाल अभ्यारण्य तथा बगदरा अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने, सीधी में ट्रांसफार्मर डिपो बनाने और सिंगरौली से सरई होकर कटनी तक फोरलेन सड़क निर्माण का सुझाव दिया। विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक ने देवसर में औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, गोंड़ सिंचाई परियोजना, बिजली व्यवस्था में सुधार तथा विधायक मैहर कांत चतुर्वेदी ने मॉडल नर्सरी के निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब  गिरीश गौतम ने गिरदावरी में सुधार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों को उपयुक्त स्थल में बनाने का सुझाव दिया। विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह ने डभौरा से सिरमौर तक सड़क में सुधार एवं त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना की गुणवत्ता की जाँच का मुद्दा उठाया। विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण, तीन स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खाद वितरण के संबंध में सुझाव दिए। विधायक सीधी मती रीति पाठक ने हर जिले में गौ अभ्यारण्य के निर्माण तथा मोहनिया से पिपरोहा मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुधार के सुझाव दिए। विधायक देवसर  राजेन्द्र मेश्राम तथा विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण पूरा कराने, बरगवां से बैढ़न तक फोरलेन सड़क निर्माण, सरई में सौ बेड अस्पताल निर्माण एवं सिंगरौली में स्टेडियम निर्माण के संबंध में सुझाव दिए। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन तथा मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को पूरा करने का सुझाव दिया। विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल ने पुलिस बल में वृद्धि, आरडीएसएस योजना से फीडर सेपरेशन की जाँच, बिजली बिलों में सुधार, नलजल योजना, बिजली की आपूर्ति में सुधार तथा अदवा में सोलर प्लांट लगाने का सुझाव दिया। विधायक त्योंथर  सिद्धार्थ तिवारी राज ने फीडर सेपरेशन योजना से गलत स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने, त्योंथर में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। विधायक चित्रकूट  सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने दौरी सागर बांध के लिए भू अर्जन, 6 नए बांधों का मंजूरी, बगदरा में गौ अभ्यारण्य की स्थापना, टोंस बराज से सिंचाई के लिए पानी देने तथा सतना से रीवा फोरलेन सड़क का अधूरा कार्य पूरा कराने एवं गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया। कमिश्नर बीएस जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी। बैठक में पुनर्घनत्वीकरण योजना, रिक्त पदों की पूर्ति, सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए गए। बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, महापौर रीवा  अजय मिश्र बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा मती नीता कोल, सतना  रामखेलावन कोल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

दिल्ली में पहली बार! छठ पूजा अब यमुना के दोनों किनारों पर, सीएम रेखा गुप्ता ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि आस्था का छठ पर्व इस बार यमुना नदी के दोनों किनारों पर आयोजित किया जाएगा। ऐसा दिल्ली में पहली बार होगा। यमुना के किनारों पर छठ पूजा को लेकर विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि व्रत करने वालों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के अलावा जहां कहीं भी छठ पूजा का आयोजन होगा, सरकार वहां पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगी। मुख्मयंत्री के अनुसार आस्था, प्रकृति और भावनाओं से जुड़े इस पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित ढंग से मनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। यमुना में विसर्जन की मनाही है, पूजा की नहीं छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा, मुख्य सचिव धमेंद्र के अलावा संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे। छठ पर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की, जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों के अनुसार यमुना नदी में विसर्जन की मनाही है और छठ पर्व के अनुष्ठानों में विसर्जन का कोई प्रविधान नहीं है। उन्होंने कहा कि राजधानी में पूर्वांचलवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए उनकी धार्मिक आस्था व सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थल पल्ला से लेकर अंतिम स्थल ओखला तक दोनों किनारों पर छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों किनारों पर जहां भी छठ पर्व के लिए समतल किनारे उपलब्ध होंगे, वहां सरकार की ओर से व्रतधरियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। पल्ला से ओखला तक होंगे विशेष इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि पल्ला से लेकर वजीराबाद तक के किनारों पर तो विशेष व्यवस्था की ही जाएगी, साथ ही आईटीओ, ओखला जैसे पुराने स्थलों पर भी व्यवस्थाएं और दुरुस्त की जाएंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि छठ पूजा के दौरान वहां सफाई व स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा, व्रतधारियों व उनके अपनों को धूल आदि की परेशानी से बचाने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। पुलिस व ट्रैफिक पुलिस को वहां सुरक्षा व यातायात व्यवस्था चौकस रखने के आदेश जारी किए गए हैं। आश्वयकता हुई तो पूजा स्थलों पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को छठ पर्व से पूर्व यमुना से जलकुंभी निकालने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस बार इन स्थलों पर प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। छठ के अन्य घाटों का भी ध्यान रखेगी सरकार मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में यमुना के किनारो के अलावा मुनक नहर, मुंगेशपुर ड्रेन के अलावा कृत्रिम तालाबों में भी छठ पूजा आयोजित की जाती है। राजधानी में कुल मिलाकर 929 स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाती है। इन स्थलों पर सरकार की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। अगर किसी संस्थान को एनओसी चाहिए तो उसे भी बिना किसी परेशानी से उसे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों बाद वह यमुना नदी व अन्य स्थानों का दौरा करेंगी, ताकि तैयारियों की किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे विशेष स्थान भी चिह्नित किए जाएंगे, जहां छठ पूजा का विशेष आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगर यमुना में अतिरिक्त पानी की जरूरत होगी तो हरियाणा सरकार से निवेदन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पूर्वांचलवासियों की आस्था और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है और इसे पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए दिल्ली सरकार पूरी तरह तैयार है। यह पर्व हमें प्रकृति और स्वच्छता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार श्रद्धालुओं को छठ पर्व पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हों और पर्व का आयोजन स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य रूप में हो।  

कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की किरण: IIT मद्रास ने लॉन्च किया जीनोम और टिशू बैंक

नई दिल्ली  कैंसर अभी भी दुनिया भर में एक जानलेवा बीमारी है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है. बढ़ते मामलों के चलते वैसा इलाज चाहिए जो हर व्यक्ति के जीन और टिशू के अनुकूल हो. इस ज़रूरत को देखते हुए आईआईटी मद्रास ने एक नई पहल की है, एक कैंसर जीनोम और टिशू बैंक बनाकर, जो भारत में पर्सनलाइज्ड (व्यक्ति-विशेष) कैंसर उपचार को एक नई राह दे सकती है. सवाल आता हो कि कैसे करेगा काम ये बैंक? तो इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है देश भर के कैंसर रोगियों से लगभग 7,000 ट्यूमर सैंपल्स इकट्ठे करना और उन्हें लैब में बढ़ाना. इन नमूनों पर अलग-अलग थेरेपी ट्राय की जाएगी, ताकि यह देखा जाए कि किस थेरेपी का कौन से रोगी पर सबसे असर है. इस तरह, डॉक्टर अनुमान लगाने की बजाय पहले यह जान सकेंगे कि किस इलाज से बेहतर परिणाम मिलेंगे. आईआईटी मद्रास की खोज आईआईटी मद्रास की टीम ने पहले ही एक दिलचस्प खोज की है. आपको बता दें कि एक स्तन कैंसर में ऐसा म्यूटेशन पाया है जो भारत में ज्यादा आम है, जबकि पश्चिमी देशों में नहीं. इससे यह पता चलता है कि सिर्फ विदेशी जीनोमिक डेटा पर भरोसा करना सही नहीं है, बल्कि भारत-विशिष्ट अध्ययन ज़रूरी हैं. भारत में नयापन और असर यह कैंसर जीनोम-टिशू बैंक भारत के एटलस (Bharat Cancer Genome Atlas) से जुड़ा है. इस डेटाबेस में भारत के कई कैंसर मामलों का जीनोमिक डेटा शामिल किया जाएगा. यह इंफॉर्मेशन डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को मदद करेगी कि कौन सी दवाएं और इलाज कैसे काम करें. इस पहल का एक बड़ा मकसद है प्रिसिजन मेडिसिन लाना यानी ऐसा इलाज जो हर रोगी की जीन और बॉडी प्रोफ़ाइल को ध्यान में रखते हुए तय किया जाए. इससे इलाज अधिक असरदार होगा, साइड इफेक्ट कम होंगे और मरीज को बेहतर जीवन मिलेगा. क्यों जरूरी होते हैं कैंसर जीनोम और टिशू बैंक कैंसर जीनोम और टिशू बैंक जरूरत इसलिए पड़ती है क्योंकि हर इंसान के डीएनए अलग होते हैं. कैंसर भी अलग अलग लोगों में अलग तरीकों से बढ़ता है. अभी तक ज्यादातर इलाज विदेशी रिसर्च और डेटा पर होते हैं, जबकि भारतीयों के जीन और टिश्यूज में अंतर पाया जाता है. अगर भारतीयों के पास अपना डेटा और टिश्यू बैंक होगा तो डॉक्टर और वैज्ञानिकों को समझने में आसानी होगी कि किस तरह का कैंसर ज्यादा होता है और कौन सी दवा या थेरेपी बेहतर असर करेगी. दूसरा कारण है कि कैंसर के इलाज में समय और सटीकता बहुत मायने रखती है. अगर डॉक्टरों के पास पहले से जानकारी होती कि किस मरीज को कौन सी दवा कितनी असरदार होती, तो इलाज में देरी नहीं होगी और सही दवा और थेरेपी भी दी जा सकेगी.  

इतिहास रच गया Maruti, फोर्ड और फॉक्सवैगन को पछाड़कर पहुंचा टॉप-10 ऑटो कंपनियों की लिस्ट में

नईदिल्ली  भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी ने ग्लोबल ऑटोमोबाइल मार्केट में एक नई पहचान बना ली है. कंपनी अब दुनिया की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कार कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है. ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति सुज़ुकी 8वें स्थान पर पहुंच गई है और सबसे तगड़े मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ फोर्ड, जनरल मोटर्स और फॉक्सवैगन जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है. वही मारुति जिसे आपने गली-मोहल्ले में खड़े अल्टो, वैगनआर और स्विफ्ट के रूप में देखा है, वही मारुति अब फोर्ड, जनरल मोटर्स और यहां तक कि फॉक्सवैगन जैसे बिग शॉट्स को पीछे छोड़ चुकी है. ताजा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब 57.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हो चुका है. यह उपलब्धि भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है. अब सवाल उठता है कि मारुति की यह छलांग संभव कैसे हुई? इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है हाल ही में लागू हुई संशोधित जीएसटी स्ट्रक्चर. छोटे और बजट-फ्रेंडली कारों, जैसे अल्टो, एस-प्रेसो और वैगनआर पर टैक्स में राहत मिलने से ये कारें और सस्ती हुईं हैं. इसका असर सीधे बुकिंग पर पड़ा और ग्राहकों की कतारें लंबी हो गईं. विदेशी निवेशकों की नज़र भी एक बार फिर भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट पर गई, जहां मारुति का ब्रांड भरोसे का दूसरा नाम बन चुका है. अगर ग्लोबल लेवल की तस्वीर देखें तो टेस्ला अभी भी बादशाह है. जिसका मार्केट कैप 1.4 ट्रिलियन डॉलर है. इसके बाद टोयोटा (314 बिलियन डॉलर) और चीन की BYD (133 बिलियन डॉलर) का नंबर आता है. फेरारी (92.7 बिलियन डॉलर), बीएमडब्ल्यू (61.3 बिलियन डॉलर) और मर्सिडीज़-बेंज (59.8 बिलियन डॉलर) भी टॉप लिस्ट में शामिल हैं. लेकिन मारुति सुज़ुकी ने अपने 57.6 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन के दम पर जनरल मोटर्स (57.1 बिलियन डॉलर), वोक्सवैगन (55.7 बिलियन डॉलर) और फोर्ड (46.3 बिलियन डॉलर) जैसे बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया है. दुनिया की टॉप 10 ऑटोमोबाइल कंपनियां   रैंक  कंपनी मार्केट कैप (अमेरिकी डॉलर में) 1  टेस्ला 1.4 ट्रिलियन 2 टोयोटा  314 बिलियन 3  बीवाईडी  133 बिलियन 4   फेरारी 92.7 बिलियन 5  बीएमडब्ल्यू   61.3 बिलियन 6 मर्सिडीज़-बेंज  59.8 बिलियन 7 होंडा मोटर  59  बिलियन  8  मारुति सुज़ुकी   57.6 बिलियन 9  जनरल मोटर्स 57.1 बिलियन 10   फॉक्सवैगन   55.7 बिलियन 11 फोर्ड   46.3 बिलियन पैरेंट कंपनी Suzuki भी हुई मारुति के पीछे देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी ने अपने ही पैरेंट ब्रांड सुज़ुकी मोटर कॉरपोरेशन, जापान को भी पीछे छोड़ दिया है. जिसका वर्तमान मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 29 बिलियन डॉलर है. ग्लोबल रैंकिंग में अब मारुति, होंडा मोटर (59 बिलियन डॉलर) से ठीक नीचे स्थित है. यानी जल्द ही मारुति सुजुकी होंडा को भी पीछे छोड़ सकती है.  

असुरक्षा और भय के जीवन से मिली मुक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना से

रायपुर कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे ग्राम पंचायत एलमागुंडा निवासी श्री सोड़ी हुंगा का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना आखिरकार पूरा हो गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृह विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’’ (विशेष परियोजना नियद नेल्लानार योजना) के अंतर्गत उनका नाम चयनित किया गया। कलेक्टर बीजापुर के मार्गदर्शन में आवास प्लस ऐप सर्वे और प्राथमिकता क्रम मं  लक्ष्य आवंटन के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ।            पूर्व में नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे श्री हुंगा ने लगातार असुरक्षा और भय से जीवन व्यतीत किया। शासन-प्रशासन पर विश्वास जताते हुए उन्होंने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें प्रोत्साहन राशि और अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता से पक्का मकान मिला। एलमागुंडा ग्राम पंचायत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। सीमित परिवहन सुविधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्री हुंगा ने परिवार के सहयोग से अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया।          प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राप्ति से श्री सोड़ी हुंगा ने भावुक होकर कहा कि पहले नक्सल गतिविधियों में जीवन हमेशा खतरे में रहता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।          प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और नियद नेल्ला नार योजना न केवल आवासीय सुविधा उपलब्ध करा रही है, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री सोड़ी हुंगा जैसे हितग्राहियों की सफलता की कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाएँ सही दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।

जंबो तबादला की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार, 12 कलेक्टरों पर गाज गिरने का खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हटाया जाना तय जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। नहीं दिए बेहतर परिणाम लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

पीएम मोदी का टीम इंडिया को संदेश सोशल मीडिया पर छाया, मिले करोड़ों व्यूज

नई दिल्ली टीम इंडिया को एशिया कप में ऐतिहासिक जीत मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बधाई दी। पीएम मोदी का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कुछ ही मिनटों के अंदर के इस पोस्ट पर लाखों यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी। बता दें कि टीम इंडिया ने एशिया कप के फाइनल मैच में पाकिस्तान को पांच विकेट से शिकस्त दी। टीम इंडिया के 9वीं बार एशिया कप जीतने के कुछ ही मिनट बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई दी। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, "खेल के मैदान पर ऑपरेशन सिंदूर, परिणाम वही- भारत की जीत! हमारे क्रिकेटरों को बधाई।" रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में पाकिस्तानी टीम 19.1 ओवरों में महज 146 रनों पर सिमट गई थी। पाकिस्तान के लिए साहिबजादा फरहान ने सर्वाधिक 57 रन बनाए, जबकि फखर जमां ने 46 रन की पारी खेली। भारत की ओर से कुलदीप यादव ने 4 विकेट झटके, जबकि जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 2-2 शिकार किए। इसके जवाब में टीम इंडिया ने 19.4 ओवरों में मुकाबला अपने नाम किया। टीम इंडिया की ओर से तिलक वर्मा ने 53 गेंदों में नाबाद 69 रन की पारी खेली, जबकि शिवम दुबे ने 33 रन टीम के खाते में जोड़े। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत की जीत के बाद विवाद भी देखने को मिला। खिताब अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।

भारत हर मैदान में विजेता: नायब सिंह सैनी का बड़ा बयान

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खेल के मैदान में हमारे खिलाड़ी हों या युद्ध के क्षेत्र में सैनिक, जीत हमेशा भारत की हुई है। एशिया कप में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को हराकर एक भव्य जीत दर्ज की है। एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाज मंडी में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरा ध्यान रख रही है।  अनाज मंडियों में धान खरीद को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज के मशीनी युग में सारे काम मशीनों से होते हैं। पहले हाथ से कटाई में कई दिनों तक फसल खेतों में पड़ी रहती थी, जिसे नमी की मात्रा नियंत्रण में रहती थी, लेकिन अब मशीनों की कटाई के तुरंत बाद फसल अनाज मंडी में पहुंच रही है। धान खरीद से पहले फसल में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से ज्यादा न हो, इसके लिए किसानों से सहयोग की अपील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेट पास, फसल पंजीकरण से लेकर अन्य सभी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इतना ही नहीं फसल खरीद के बाद भुगतान भी जल्द से जल्द करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नायब सिंह सैनी ने कहा कि 3 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं, जो पहले सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और इसके बाद कुरुक्षेत्र में नए आपराधिक कानून की उपलब्धियां पर लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में हिस्सा लेंगे। 

देशभर में चर्चा का विषय बना नया पोस्टर- ‘I Love India & Rahul Gandhi’

भोपाल  देश में इन दिनों पोस्टर वॉर का सिलसिला जारी है। ‘I Love Mohammad’ पोस्टरों को लेकर मचे बवाल के बीच, मध्य प्रदेश से एक नया पोस्टर सामने आया है। इस पोस्टर में ‘I Love India’, ‘I Love Rahul Gandhi’, ‘जय बाबू जय भीम जय संविधान’ और ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ लिखा हुआ है। यह पोस्टर कहीं और नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाया गया है। इस पोस्टर को प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे ने लगवाया है। पोस्टर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अजय सिंह, और अरुण यादव की तस्वीरें भी शामिल हैं। देशभर में ‘I Love Mohammad’ पोस्टर के विवाद के बीच यह पोस्टर अब सोशल मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।