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छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग

रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।                  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे। मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी। होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं। निवेश प्रक्रिया की सरलता मुख्यमंत्री  साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। नई तकनीक और एआई सेक्टर मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पावर हब की ओर कदम उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा। कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र की नई पहचान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई … Read more

महाकाल महालोक तक उज्जैन में अंडरपास बनेगा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित

उज्जैन  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध उज्जैन शहर में हरिफाटक चौराहे से महाकाल महालोक तक नया अंडरपास बनने जा रहा है। इस पर 40 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, अंडरपास न केवल हरिफाटक पुल पर यातायात का दबाव कम करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को महाकाल मंदिर और प्रमुख स्थलों तक सुगम और सुरक्षित पहुंच भी सुनिश्चित करेगा। निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। निर्माण के दौरान भी यातायात को सुचारू रखने के लिए योजना बनाई जा रही है। अंडरपास की डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि इंदौर-देवास की तरफ से आने वाले श्रद्धालु हरिफाटक पुल पर चढ़े बिना सीधे महाकाल महालोक के नंदी द्वार (जहां भगवान गणेश की विशाल मूर्ति स्थापित है) तक पहुंच सकें। इसकी लंबाई 600 और चौड़ाई 22 मीटर तय की है। मार्ग का कुछ हिस्सा भूमिगत होगा। निर्माण से जिला पंचायत का संभागीय हाट बाजार भी प्रभावित होगा। नया मार्ग महाकाल महालोक के साथ चारधाम मंदिर, त्रिवेणी कला संग्रहालय और रोपवे के बनने वाले दूसरे स्टेशन तक की पहुंच आसान बनाएगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयारी परियोजना को उज्जैन में वर्ष 2028 में लगने जा रहे महाकुंभ सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उस समय करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे और तब यह अंडरपास भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इससे न केवल पुलिस और प्रशासन का प्रबंधन आसान होगा, बल्कि आम श्रद्धालुओं को भी परेशानी नहीं होगी। ऐतिहासिक नगरी की सबसे बड़ी जरूरत अंडरपास न केवल एक ट्रैफिक प्रबंधन उपाय है, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन हब के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम भी है। यह परियोजना उज्जैन को ऐसे माडल शहर के रूप में स्थापित करेगी, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हो। इस अंडरपास से उज्जैन का महाकाल क्षेत्र पहले से ज्यादा पहुंच योग्य, सुविधाजनक और सुरक्षित बन जाएगा और यही इस ऐतिहासिक नगरी की सबसे बड़ी जरूरत है। – रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर

पंजाब की महिला DSP मनदीप कौर का बड़ा खुलासा – प्रदर्शन के दौरान की गई बदसलूकी, बताया क्या-क्या हुआ

नाभा  नाभा में किसान और पुलिस आमने-सामने हुई झड़प में सुर्खियों में आई नाभा की DSP मनदीप कौर को लेकर अहम खबर सामने आई है। महिला DSP अब इस पूरे विवाद को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विवाद में किसानों की पगड़ी पुलिस द्वारा नहीं उतारी गई थी, बल्कि विवाद वहां पर मौज गलत लोगों के कारण हुआ। महिला  DSP ने बताया कि मौके की वीडियो क्लिप्स को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। दरअसल, वहां पर किसानों के वेश में गुंडे आए थे जिन्होंने उन्हें पीछे से गलत तरीके से छुआ था।  महिला DSP ने बताया कि पिछले दिन चोरी हुई ट्रालियों को लेकर नगर काउंसिल की अध्यक्ष सुजाता चावला के पति पंकज पप्पू की गिरफ्तारी के बाद 22 सितंबर को डीएसपी दफ्तर के बाहर किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इस विरोध प्रदर्शन में 4 यूनियनों ने भाग लिया, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आजाद, भारतीय किसान यूनियन भटेड कलां और क्रांतिकारी यूनियन शामिल थीं। डीएसपी मनदीप अपने दफ्तर से बाहर निकलीं तो उनके और किसानों के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि, उनके साथ कुछ किसानों ने बदतमीजी की थी। DSP मनदीप कौर ने मौके पर कहा कि मैंने किसानों को धरने से बिल्कुल भी नहीं रोका और वे धरना दे रहे थे। मैं उनसे बातचीत करने आई थी, और जब मैं गाड़ी लेकर जरूरी काम के लिए जाने लगी तो उन्होंने मेरी गाड़ी रोककर मेरे साथ खींच-तानी की और वर्दी को भी हाथ लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों ने मेरा जूड़ा भी खींचा गया था। अब DSP मनदीप कौर ने कहा है कि उन्हें एक भी ऐसा वीडियो लाकर दिखा दो कि पुलिस ने किसानों की पगड़ी उतारी है। नहीं उस वीडियो लाइव कर दें। यही नहीं श्री दरबार साहिब जाकर कसम खाकर कह दो कि मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है। वहां पर किसानों के भेष में गुंडे थे, इसीलिए मैंने धरने प्रदर्शन के दौरान गुंडे शब्द का इस्तेमाल किया था। वहीं धरने से पहले किसानों ने कहा था कि,  सरकारी गाड़ियों को आने जाने के लिए जगह दी जाएगी। जोकि नहीं हुआ। जहां बात जुड़ा खोलने की है तो भी इन्होंने धक्का मुक्की में खोला है। लेकिन वीडियो क्लिप में दिखाया गया है कि, मैने खुद जुड़े को खोला है। दरअसल मेरा हाथ मेरे सिर पर गया था। उसका कारण ये था कि एक महिला के हाथ में कोई पत्थर जैसी वस्तु थी जो हमारे ऊपर हमला कर रही थी। उसे रोकने केलिए ही मेरा हाथ सिर के ऊपर गया था। इस क्लिप को भी गलत तरीके से पेश किया गया है। DSP मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि धरने के दौरान कहा जा रहा था कि इनके ऊपर चढ़ जाओ, पकड़ों इन्हें। ऐसे-ऐसे गलत शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे। यहां तक कि मुझे गलत तरीके से टच किया गया था। मुझे ही वहीं बल्कि इस दौरान मौजूद अन्य महिला मुलाजिमों को भी गलत तरीके से टच किया गया था। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस मुलाजिम कभी भी नहीं चाहेगा कि उसके इलाके का माहौल खराब हो। उसके थाने के बाहर धरना लगाया जाए। महिला DSP किसानो से अपील की है कि,  जब कभी आप लोग इकट्ठ करें और धरने लगाएं तो  कृप्या इस बात का ध्यान जरुर रखें कि आपके धरनें में कैसे-कैसे लोग शामिल होने आ रहे हैं। कुछ गलत लोगों की वजह से विवाद बढ़ जाता है और आपकी मांगे सही होने के बावजूद सरकार व अफसरों तक नहीं पहुंच पाती।

Chrome को टक्कर देने आया Comet ब्राउज़र, अरविंद श्रीनिवास ने किया भारतीय यूजर्स के लिए लॉन्च

नई दिल्ली Google Chrome वेब ब्राउजर को अब भारत में कड़ी टक्कर मिल सकती है. दरअसल Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने ऐलान किया है कि अब भारतीय यूजर्स के लिए भी Perplexity Comet ब्राउजर एवेलेबल हो जाएगा. आपको बता दें कि पिछले कुछ महीने में कॉमेट ब्राउजर काफी सुर्खियां बटोर रहा है.  परप्लेक्सिटी के कॉमेट ब्राउजर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमे कंपनी Agentic AI का सपोर्ट दिया है. इस ब्राउजर में इनबिल्ट असिस्टेंट दिया गया है जो आपके दिए गए कमांड के बेसिस पर खुद से टास्क परफॉर्म करता है. उदाहरण के तौर पर आप इस ब्राउजर में दिए गए असिस्टेंट को कमांड दे कर टिकट बुक करा सकते हैं.  एजेंटिक वेब ब्राउजर्स की सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि ये आपके लिए खुद से आपके टैब्स को टेकओवर लेकर उसमें काम कर सकते हैं. आपको इसे सिर्फ कमांड देना है और ये खुद से वेबसाइट्स के साथ इंट्रैक्ट कर सकता है.  Perplexity Comet अब तक इन्वाइट बेस्ड ब्राउजर है यानी सभी को इसका ऐक्सेस नहीं मिला है. अब भारत में इसे विंडोज और मैक कंप्यूटर्स और लैपटॉप्स में यूज किया जा सकेगा. हालांकि एंड्रॉयड और आईफोन में कॉमेट ब्राउजर के लिए और इंतजार करना होगा, क्योंकि अभी सिर्फ साइन अप कर सकते हैं. जब एवेलेबल होगा तब ही आप इसे मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सकेंगे.  Perplexity CEO अरविंद श्रीनिवास ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा है कि भारत के सभी Perplexity Pro यूजर्स के लिए Comet ब्राउजर रोलआउट किया जा रहा है. यानी परप्लेक्सिटी के फ्री यूजर्स को कॉमेट ब्राउजर नहीं मिलेगा.  गौरतलब है कि अमेरिका में कंपनी ने सबसे पहले Perplexity AI ने कॉमेट ब्राउजर को इन्वाइट ऑनली जारी किया था. शुरुआत में इसे खूब सराहना मिली और लोगों ने भी खूब पसंद किया. क्योंकि ये यूजर्स को इफिशिएंट और फास्ट बना रहा है. कई यूजर्स ने इसे डिफॉल्ट भी बना लिया, लेकिन धीरे धीरे इसे लेकर लोग शिकायत कर रहे हैं.  Perplexity का कॉमेट ब्राउजर क्रोम की तरह ही ज्यादा एनर्जी कंज्यूम कर रहा है यानी आपके कंप्यूटर का ज्यादा सीपीयू इसी ब्राउजर के लिए यूज होगा. प्राइवेसी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि Perplexity Comet का असिस्टेंट आपके ब्राउजर और टैब को पूरी तरह कंट्रोल में ले सकता है. इतना ही नहीं आगे ये भी प्लान है कि कंप्यूटर के नेटिव सेटिंग्स के साथ भी Perplexity का कॉमेट असिस्टेंट काम कर सकता है.  कैसे करें यूज? अगर आपके पास Perplexity Pro सब्सक्रिप्शन है तो आप कॉमेट ब्राउजर की वेबसाइट पर जा कर इसे डाउनलोड कर सकते हैं. लॉगइन करने के बाद आप इसे यूज कर सकते हैं.

पंजाब कैबिनेट ने दी धर्मसोत पर केस चलाने की मंजूरी, विजिलेंस ने 2022 में दर्ज की थी एफआईआर

चंडीगढ़  पंजाब कैबिनेट की बैठक आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सीएम आवास पर हुई। पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत पर भ्रष्टाचार के मामले में केस चलाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।  विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2022 में धर्मसोत पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि धर्मसोत ने 1.67 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। पूर्व मंत्री पर पीएमएलए 2022 के तहत भी कार्रवाई होगी। कैबिनेट ने राज्यपाल को केस चलाने की सिफारिश भेज दी है।   कैबिनेट में ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के तहत कॉमन भूमि की समीक्षा कर अवैध कब्जों पर जुर्माना लगाने और राजस्व वसूली का निर्णय लिया गया। इससे प्राप्त राशि का आधा हिस्सा पंचायत व आधा हिस्सा नगरपालिका को जाएगा। पंजाब में जो पुरानी खालें या पगडंडिया हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। जिन खालों को कमर्शियल बिल्डिंग दुकानें या अन्य निर्माण करके बेच दिया गए हैं, उसमें बिल्डर से चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा। डीसी की तरफ से राशि निर्धारित की जाएगी।   कैबिनेट ने सिविल सप्लाई से जुड़े 1688 मिलर्स को राहत देते हुए बकाया राशि जमा करने के लिए ओटीएस स्कीम पेश की है। मूल राशि पर ब्याज और पेनल्टी माफ की जाएगी। जिन मामलों में 15% तक एम्बेजलमेंट है, वे किस्तों में राशि जमा कर सकेंगे। इसी तरह प्री-जीएसटी एरियर से जुड़े मामलों में भी ओटीएस योजना लाई गई है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एक्ट और अन्य एक्ट के करीब 2039 मामलों में टैक्स व पेनल्टी माफ की जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 20 हजार व्यापारियों को मिलेगा। स्कीम 31 दिसम्बर तक लागू रहेगी। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि जीएसटी में केंद्र सरकार की तरफ से कटौती के फैसलों को कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। आने वाले विधानसभा सेशन में इसे पास करेंगे। उन्होंने बताया एनआईए के तहत जो केस अलग अलग कोर्ट में चलते हैं उन सभी केसों के निपटारे के लिए मोहाली में सेशन जज के अंडर स्पेशल कोर्ट बनाई जाएगी। सारे केस मोहाली अदालत में चलेंगे। इसका इंतजाम पंजाब सरकार करेगी। जबकि इसका भुगतान केंद्र सरकार करेगी। गावों में अवैध कब्जों की वसूली होगी पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि गांवों की कॉमन जमीन (विलेज कॉमन लैंड) में जो रास्ते खाली छोड़े गए थे और उन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है, उनसे अब पैसे वसूले जाएंगे। इसके लिए जिला उपायुक्त (डीसी) की अगुआई में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो रेट तय करेगी। जब रेट तय हो जाएंगे तो उसी हिसाब से कब्जाधारियों से रकम ली जाएगी। वसूले गए पैसों का आधा हिस्सा कमेटी को और आधा हिस्सा विभाग को जाएगा। दो तरह की ओटीएस स्कीमें शुरू पंजाब के शैलरों के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 188 केस आएंगे, जिनसे पैनल्टी और ब्याज नहीं लिए जाएंगे। पंजाब सरकार ने दो तरह की ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीमें शुरू की हैं, ताकि लोगों को अपने पुराने बकाए चुकाने में आसानी हो सके। इनमें पहला फूड सप्लाई डिफाल्टरों के लिए है। यह स्कीम उन 1,688 शैलर मालिकों के लिए है, जिन्होंने फूड सप्लाई विभाग का पैसा नहीं लौटाया। वे अपनी बकाया राशि तीन किस्तों में जमा कर सकते हैं। पैसा जमा करने के बाद ही वे अपनी दुकानें चला सकेंगे। दूसरा प्री-जीएसटी मामलों के लिए। इसमें 20,039 केस शामिल हैं। अगर टैक्स मामला 1 करोड़ तक का है, तो 50% जुर्माना और मूल टैक्स माफ होगा। 1 करोड़ से 25 करोड़ तक के मामलों में 25% माफी मिलेगी। बाकी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी। दोनों स्कीमें 31 दिसंबर तक लागू रहेंगी। उसके बाद ऐसी कोई ओटीएस स्कीम नहीं लाई जाएगी।   उद्योग जगत के लिए राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन कर बड़ी राहत दी गई है। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी की इंडस्ट्री तथा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को 5 से 18 दिनों में अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित करने का फैसला किया है, जहां एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैनात किया जाएगा। कैबिनेट ने केंद्र सरकार की सिफारिशों पर जीएसटी स्लैब और कम्पंसेशन से जुड़े संशोधनों को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों और प्रभावितों को मुआवजा जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

गर्भपात की अनुमति न मिलने पर हरियाणा सरकार 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को देगी ₹4 लाख मुआवजा: हाईकोर्ट

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने यह निर्णय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर लिया, जिसमें बताया गया कि पीड़िता की गर्भावस्था 29 सप्ताह छह दिन की हो चुकी है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति गर्भपात के लिए उपयुक्त नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट का हवाला मेडिकल बोर्ड ने अदालत को सूचित किया कि पीड़िता की नाड़ी और रक्तचाप असामान्य हैं, ऐसे में गर्भपात चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति में गर्भपात से पीड़िता की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी निर्णायक चिकित्सकीय राय के बाद संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत गर्भपात की अनुमति देना संभव नहीं है। अंतरिम राहत और सहायता हालांकि, अदालत ने पीड़िता को राहत देते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि वह उसे कम से कम चार लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा तत्काल प्रदान करे। इसके साथ ही, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भी कहा गया है कि वह भारतीय न्यायतंत्र संहिता (BNS) की धारा 396(4) या किसी अन्य उपयुक्त योजना के अंतर्गत पीड़िता को अतिरिक्त मुआवजा और सहायता देने पर विचार करे। यह समस्त राहत अदालती आदेश प्राप्त होने के दो महीने के भीतर दी जानी चाहिए। चिकित्सकीय देखभाल की व्यवस्था अदालत ने निर्देश दिया कि पीड़िता को चंडीगढ़ के पीजीआई (PGIMER) में भर्ती कराया जाए, जहां बच्चे के जन्म तक उसे सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं और सहायता प्रदान की जाएंगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चे के जन्म के बाद उसका डीएनए नमूना संरक्षित किया जाए और जांच अधिकारी को सौंपा जाए, ताकि आपराधिक जांच आगे बढ़ सके। यदि पीड़िता बच्चे को गोद देने की इच्छुक होती है, तो हरियाणा सरकार व संबंधित एजेंसियां बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी लेंगी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पालन-पोषण या गोद लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। गोपनीयता बनाए रखने का निर्देश कोर्ट ने यह स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़िता और उसके माता-पिता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। किसी भी न्यायिक, पुलिस या प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान उनकी पहचान उजागर नहीं की जाएगी।

क्रिकेट जगत में झटका! ICC ने USA क्रिकेट बोर्ड को किया निलंबित

नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने यूएसए क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया है. इस फैसले ने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) क्रिकेट में प्रशासनीय रूप से बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. मंगलवार को ICC की वर्चुअल बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है. बोर्ड के सस्पेंड होने के बावजूद यूएसए क्रिकेट टीम 2026 टी20 वर्ल्ड कप का हिस्सा बनेगी, जो अगले साल भारत और श्रीलंका में खेला जाना है. ICC के पास अमेरिकी क्रिकेट से जुड़ी कई शिकायतें आ रही थीं. यह मुद्दा तब चर्चा में आया जब पिछले साल श्रीलंका में हुई वार्षिक कॉन्फ्रेंस में आईसीसी ने यूएसए क्रिकेट बोर्ड को नोटिस भेजा था. वहीं इस साल वार्षिक कॉन्फ्रेंस सिंगापुर में हुई, जिसमें यूएसए क्रिकेट को व्यवस्थित ढांचा तैयार करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था. कई हफ्तों से ICC लगातार यूएसए क्रिकेट बोर्ड और उसके चेयरमैन वेणु पिसिके को चेतावनी दी गई थी कि पारदर्शी शासन लाने के लिए निष्पक्ष प्रक्रियाएं लागू की जाएं. यूएसए क्रिकेट बोर्ड में चुनाव से ठीक पहले बोर्ड के अंदर उम्मीदवारों के अनुचित चयन और कुछ विशेष व्यक्तियों की जरूरतों अनुसार प्रक्रिया में हेर फेर करने के मामले सामने आते रहे. ईएसपीएन क्रिकइन्फो के मुताबिक यूएसए क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन वेणु पिसिके ने बताया कि सस्पेंशन के संबंध में अभी तक आईसीसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है. इस सस्पेंशन का लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स 2028 में क्रिकेट खेले जाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बताते चलें कि मेजबान होने के चलते, यूएसए क्रिकेट टीम उन 6 टीमों में से एक हो सकती है, जो 2028 ओलंपिक खेलों में भाग लेंगी. यहां तक कि यूएसए ओलंपिक और पैरालंपिक समिति (USOPC) ने भी यूएसए क्रिकेट बोर्ड में बदलावों का समर्थन किया था. इस मामले पर ICC और USOPC एकमत हैं, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद भी बोर्ड वेणु पिसिके अपना पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं. यह भी माना जा रहा है कि पिसिके ने अपने साथ-साथ अन्य सदस्यों को भी अपना पद किसी हाल में ना छोड़ने के लिए कहा.  

फिल्मी सितारों को बड़ी पहचान: शाहरुख-रानी को नेशनल अवॉर्ड, मोहनलाल को दादा साहब फाल्के

नई दिल्ली   दिल्ली में 71 नेशनल अवॉर्ड (71 National Awards) हुआ जिसमें शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, करण जौहर, विक्रांत मैसी (Rani Mukerji, Karan Johar, Vikrant Massey) समेत कई बॉलीवुड कलाकारों को अवॉर्ड मिला है उनके काम के लिए। इस इवेंट के कई वीडियोज और फोटोज वायरल हो रहे हैं। हालांकि एक वीडियो है जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। इस वीडियो में शाहरुख, रानी का पल्लू पकड़ते हैं जब वह अपनी सीट के लिए जाती हैं। इस वीडियो को देख सब किंग खान की तारीफ कर रहे हैं। दोनों का पहला नेशनल अवॉर्ड बता दें कि यह अवॉर्ड शाहरुख और रानी के लिए काफी खास है क्योंकि दोनों का यह पहला नेशनल अवॉर्ड है। शाहरुख को जवान के लिए बेस्ट एक्टर और रानी को मिसेस चैटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला है। लोगों के कमेंट्स फैंस इस वीडियो पर खूब कमेंट्स कर रहे हैं। एक ने लिखा, शाहरुख खान के जैसे जेंटलमैन कोई नहीं हो सकता। एक ने लिखा, इसी वजह से शाहरुख खान को किंग कहा जाता है। एक ने लिखा कि एक ही तो दिल है, कितनी बात जीतोगे शाहरुख बाबू। शाहरुख खान का दमदार जलवा फिल्म ‘जवान’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े और दुनियाभर में शानदार कमाई की. शाहरुख ने इस फिल्म में डबल रोल निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया. एक्शन, इमोशन और दमदार एक्टिंग से उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे हर किरदार को जीवंत बनाने वाले सुपरस्टार हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शाहरुख को अवॉर्ड प्रदान किया. उनके मंच पर आते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार इस समारोह में मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. उन्होंने चार दशकों में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और उनका अभिनय रेंज कॉमेडी से लेकर थ्रिलर व गंभीर किरदारों तक फैला है. यह अवॉर्ड उनके आजीवन योगदान की स्वीकृति है. रानी मुखर्जी और विक्रांत मैसी की जीत रानी मुखर्जी को फिल्म ‘मिसेज चैटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला. वहीं, विक्रांत मैसी को ‘12वीं फेल’ के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार शाहरुख के साथ साझा करना पड़ा. विक्रांत के समर्पित अभिनय ने दर्शकों और जूरी दोनों को प्रभावित किया. इसी फिल्म के लिए निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा को भी सम्मानित किया गया. अन्य विजेता और पुरस्कार इस बार बेस्ट हिंदी फिल्म ‘कटहल: ए जैकफ्रूट मिस्ट्री’ बनी, जबकि सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब ‘12वीं फेल’ को मिला. द केरला स्टोरी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला और करण जौहर की ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ ने बेस्ट पॉपुलर एंटरटेनमेंट फिल्म और बेस्ट कोरियोग्राफी का अवॉर्ड जीता. इसके अलावा विभिन्न भाषाओं और तकनीकी कैटेगरी में भी कई फिल्मों को सम्मानित किया गया. मुख्य कैटेगरी के विजेता श्रेणी विजेता / फिल्म बेस्ट हिंदी फिल्म कटहल: ए जैकफ्रूट मिस्ट्री सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म 12वीं फेल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता शाहरुख खान (जवान), विक्रांत मैसी (12वीं फेल) सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री रानी मुखर्जी (मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे) दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मोहनलाल सर्वश्रेष्ठ निर्देशन द केरला स्टोरी (सुदीप्तो सेन) सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी क्षेत्रीय भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ फिल्में श्रेणी विजेता / फिल्म बेस्ट तेलुगु फिल्म भगवंत केशरी बेस्ट गुजराती फिल्म वश बेस्ट तमिल फिल्म पार्किंग बेस्ट कन्नड़ फिल्म द रे ऑफ होप तकनीकी और अन्य कैटेगरीज श्रेणी विजेता / फिल्म सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका शिल्पा राव (चलेया- जवान) सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक प्रेमिष्ठुन्ना (बेबी, तेलुगु) सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी द केरला स्टोरी सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी रॉकी और रानी की प्रेम कहानी (ढिंढोरा बाजे रे) सर्वश्रेष्ठ मेकअप और कॉस्ट्यूम डिजाइन सैम बहादुर विशेष उल्लेख एनिमल (री-रिकॉर्डिंग मिक्सर – एम.आर. राधाकृष्णन) सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन एनिमल (हिंदी) सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक उत्पल दत्ता (असम) सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन हनुमान (तेलुगु) सर्वश्रेष्ठ गीतकार बलगम (द ग्रुप) (तेलुगु) नॉन-फीचर फिल्म कैटेगरी श्रेणी विजेता / फिल्म सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक उत्पल दत्ता सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन सर्वश्रेष्ठ पटकथा सनफ्लावर वर द फर्स्ट वन टू नो (कन्नड़) सर्वश्रेष्ठ फिल्म नेकल: क्रॉनिकल ऑफ द पैडी मैन (मलयालम), द सी एंड सेवन विलेजेस (ओड़िया) सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन द फर्स्ट फिल्म (हिंदी) सर्वश्रेष्ठ संपादन मूवी फोकस (अंग्रेजी)

उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित

रायपुर : जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत नगरीय निकायों में भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज के लिए मिशन मोड पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर सभी नगरीय निकायों के लिए तीन दिवसीय गहन ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग ने इस साल 20 मई को शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) लांच किया था। प्रशिक्षण के बाद निकायों द्वारा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव ने विगत 22 सितम्बर से शुरू तीन दिनों के प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। वे आज अपने मुंगेली प्रवास के दौरान सभी अधिकारियों और प्रशिक्षण दे रहे विशेषत्रों से वर्चुअली जुड़े और उन्हें संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भू-जल का संरक्षण और रिचार्ज आज की बड़ी चुनौती है। शहरों की बढ़ती आबादी और वहां जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कार्य करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से हमारे नगरीय निकायों के अधिकारियों को भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलेगी। वे एक्वीफर मैपिंग, भूजल पुनर्भरण तकनीक तथा शहरी जल प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत होकर अपने शहर के विकास की कार्ययोजना बनाते समय इनका ध्यान रख सकेंगे। इससे वे भू-जल के संवर्धन के लिए भी प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नगरों के विकास की योजना बनाते समय जल संरक्षण को प्राथमिकता से शामिल करना होगा। जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने को कहा।  साव ने राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ ही प्रशिक्षण दे रहे सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से हम नगरीय निकायों में भू-जल के संरक्षण और रिचार्ज के लिए प्रभावी काम कर सकेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण से ऑनलाइन जुड़े।    ये विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण प्रदेशभर के नगरीय निकायों के वरिष्ठतम अधिकारियों और अभियंताओं को अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन 22 सितम्बर को राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, नवा रायपुर की वैज्ञानिक सु बिजिमोल जोस के साथ ही सीजीडब्ल्यूबी, चेन्नई के वैज्ञानिक डॉ. एम. सेंथिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों के जल भू-विज्ञान के बारे में जानकारी दी। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के प्राध्यापक डॉ. अरुणांग्शु मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भू-जल परिदृश्य के बारे में बताया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. दीपांकर साहा ने उथले जलभृतों (Aquifer) में भूजल की गुणवत्ता, सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक  एस.के. मोहिद्दीन ने भारत के मेट्रो शहरों में वर्षा जल संचयन और प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) तथा डेनमार्क के आरहूस विश्वविद्यालय के फैकल्टी डॉ. फिलिप ने डेनमार्क के शहरी जलभृत प्रबंधन के अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के तीसरे दिन 24 सितम्बर को सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक  मधुकर सिंह शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण के सरल और व्यावहारिक तरीकों, बायोम एनवायर्नमेंटल, बेंगलुरु के संस्थापक और निदेशक  एस. विश्वनाथ बेंगलुरु के शहरी जलभृत प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के डॉ. उदय भोंडे शहरी विकास एजेंडा के तहत शहरी जलभृत प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री साय का बयान – महतारी सदन होंगे राज्य की प्रगति के केंद्र

रायपुर : छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार  रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा और सांसद मती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक  अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की। कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री  अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।