samacharsecretary.com

स्वस्थ नारी अभियान में निजी और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वस्थ नारी अभियान में निजी और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल सशक्त परिवार के लिए जरूरी है निजी व सामाजिक सहभागिता : उप मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आह्वान – ‘स्वस्थ नारी’ अभियान में सभी की हो सक्रिय भूमिका स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की वृहद समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की और मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण और सुदृढ़ पारिवारिक संरचना के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसमें निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए जिससे इसकी पहुँच और प्रभावशीलता बढ़े। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  तरुण राठी, संचालक  नीरज कुमार सिंह तथा एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एएनएम और नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और अधिकारियों को इन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की मज़बूती के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। तकनीकी पदों एवं फ़ार्मासिस्ट-टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्योपुर और सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के विस्तार के पुनरीक्षित प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएँ। उन्होंने सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बांड डॉक्टर्स को एनओसी ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था पर चर्चा की और निर्देश दिए कि यह प्रणाली शीघ्र पूर्ण की जाए जिससे डॉक्टर्स को पारदर्शी और त्वरित सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि 30 सितम्बर को पोर्टल की समीक्षा की जायेगी। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन्नयित चिकित्सा संस्थानों में पदों की स्वीकृति के लिए आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति शीघ्र की जाए। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में 10 लाख से अधिक स्क्रीनिंग एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि 17 से 22 सितम्बर 2025 के बीच ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में 10 लाख से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं। प्रदेश स्तर पर इस अवधि में 66,201 महिलाओं एवं किशोरियों की एचबी जाँच, 33,753 एएनसी जाँच, 1,29,918 सिकल-सेल स्क्रीनिंग, 1,15,636 एमसीपी कार्ड वितरण और 1,29,687 एनसीडी स्क्रीनिंग की गई है। महिला एवं किशोरी हीमोग्लोबिन (Hb) जाँच में बालाघाट (4138), खरगोन (3106) और मंदसौर (2932) शीर्ष पर रहे। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जाँच में सीधी (3437), जबलपुर (2835) और मंदसौर (2645) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सिकल-सेल स्क्रीनिंग में इंदौर (5283), धार (4807) और सागर (4533) अग्रणी रहे। एमसीपी कार्ड वितरण की श्रेणी में बालाघाट (12706), बैतूल (9777) और सिवनी (8871) शीर्ष रहे, वहीं एनसीडी स्क्रीनिंग में भोपाल (12448), इंदौर (11372) और ग्वालियर (9787) ने सर्वश्रेष्ठ प्रगति दर्ज की है।  

सीएम योगी के निर्देश पर योजना के 7 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में आयोजित किये गये विभिन्न कार्यक्रम

आयुष्मान भारत योजना ने पूरे किए 7 साल, उत्तर प्रदेश बना आयुष्मान कार्ड निर्माण में देश का अग्रणी राज्य  – सीएम योगी के निर्देश पर योजना के 7 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में आयोजित किये गये विभिन्न कार्यक्रम  पूरे देश में सबसे अधिक यूपी में 5.38 करोड़ लोगों को बनाया जा चुका है आयुष्मान कार्ड  – योजना के जरिये गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराया जा रहा निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंगलवार को पूरे प्रदेश में  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY)के सात साल पूरे होने आयुष्मान भारत दिवस के रूप में विभिन्न कार्यक्रमाें का आयोजन किया गया। इसके तहत प्रदेश के हर जिले में विशेष रूप से शिविर का आयोजन किया गया है, जहां पर आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने 23 सितंबर 2018 को योजना का शुभारंभ किया गया था। अब यह दुनिया की सबसे बड़ी सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बन चुकी है। इस योजना का उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, और इसमें उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।  पूरे देश में सबसे अधिक यूपी में 5.38 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके सांची की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत योजना में अपनी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में अब तक कुल 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से 5.38 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। राज्य के 87 प्रतिशत पात्र परिवारों में कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन चुका है, जो इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 के बाद, कई महत्वपूर्ण श्रेणियों के लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। इनमें कुम्भ वर्कर्स, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थी, NFSA डेटा, STPHH, मान्यता प्राप्त पत्रकार, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स और सहायकाएं, निर्माण श्रमिक (BOCW), अंत्योदय कार्ड धारक, अत्यंत पिछड़ी जनजातियाँ (PVTG), और 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। योगी योजना को और अधिक व्यापक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में घोषणा की है कि अब प्रदेश के शिक्षक भी इस योजना से लाभान्वित होंगे। इस तरह यह योजना अब एक यूनिवर्सल कवरेज की दिशा में आगे बढ़ रही है, और इसका उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके। अब तक 74.40 लाख लाभार्थी योजना का उठा चुके हैं लाभ सीईओ ने बताया कि अब तक प्रदेश में 74.40 लाख लाभार्थियों को योजना के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार प्रदान किया जा चुका है। इस पर कुल 12,283 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उपचार सेवाओं की सहज उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 2921 सरकारी और 3088 निजी अस्पतालों सहित कुल 6099 चिकित्सालयों को सूचीबद्ध किया गया है, जो पूरे देश में सर्वाधिक संख्या है। योजना के तहत तृतीयक उपचार सेवाओं पर अब तक 4200 करोड़ खर्च किए गए हैं, जिसमें कैंसर, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, अंग प्रत्यारोपण, शिशु कैंसर, प्लास्टिक सर्जरी और अन्य विशिष्ट उपचार शामिल हैं। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने सात वर्षों में यह साबित कर दिया है कि यह योजना न केवल गरीब और वंचित वर्ग को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराती है, बल्कि भारत को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में मजबूत और निर्णायक कदम भी प्रदान करती है। इस योजना का आगे और अधिक परिवारों तक विस्तार होने की पूरी संभावना है, और यह अपने उद्देश्यों को पूर्ण करेगी।  

चौंकाने वाली खबर: MP Police भर्ती में अब हिंदी-अंग्रेजी परीक्षा नहीं होगी!

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) गृह विभाग के लिए सूबेदार शीघ्रलेखक (स्टेनोग्राफर) और सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) के 500 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस तरह की भर्ती आठ साल बाद होने जा रही है। इस परीक्षा के लिए ईएसबी ने नियमावली जारी कर दी है। उसके मुताबिक इन पदों पर चयन के लिए सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति और गणितीय दक्षता तो जांची जाएगी, लेकिन हिंदी या अंग्रेजी भाषा की दक्षता जांच के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी।   नियमावली के मुताबिक, यह भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान, बौद्धिक क्षमता व गणित-विज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रविधान नहीं है। सूबेदार और एएसआई की परीक्षा में 40 अंक सामान्य और तार्किक ज्ञान के रहेंगे, 30 अंक बौद्धिक क्षमता और मानसिक अभिरुचि के होंगे, जबकि 30 अंक विज्ञान एवं सरल अंक गणित के होंगे। वहीं, परीक्षा के दूसरे चरण में दस्तावेज सत्यापन व प्रायोगिक परीक्षा (टंकण/आशुलिपि) ली जाएगी। पहली बार शीघ्रलेखक पद के लिए पहली परीक्षा व शार्टहैंड टाइपिंग प्रायोगिक परीक्षा के अंक को मिलाकर अंतिम सूची बनेगी। दोनों परीक्षा के लिए 100-100 अंक तय किए हैं। पिछली बार जो परीक्षा हुई थी, उसमें टंकण/आशुलिपि दक्षता परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी। उसमें न्यूनतम अंक पाने वाले को दक्ष मानकर लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरीट बन गया था। बताया गया है कि पहले चरण की लिखित परीक्षा के कटआफ के सात गुना अभ्यर्थियों को प्रायोगिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा में कट ऑफ के बराबर पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के लिए बुलाया जाएगा, भले ही कुल संख्या विज्ञापित रिक्तियों की सात गुना से अधिक हो। 3 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए आवेदन तीन अक्टूबर से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। वहीं, पहले चरण की लिखित परीक्षा 10 दिसंबर से शुरू होगी। इस भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है। आवेदक के पास कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र (सीपीसीटी) होना अनिवार्य है। 500 पदों पर होगी भर्ती इस परीक्षा के जरिए गृह विभाग के कुल 500 पदों पर भर्ती होनी है। सूबेदार शीघ्रलेखक की सामान्य शाखा में 90 पद, वहीं विशेष शाखा में 10 पदों पर भर्ती होगी। वहीं सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) की सामान्य शाखा में 110 पद, मैदानी इकाई में 220 पद, विशेष शाखा में 55 पद व अपराध अनुसंधान विभाग में 15 पद पर भर्ती होनी है। साकेत मालवीय (डायरेक्टर, ईएसबी) के मुताबिक, पुलिस विभाग में रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रश्नपत्रों का पैटर्न विभाग ने तैयार कर दिया है। मंडल की जिम्मेदारी परीक्षा आयोजित कराने की है। इस बार प्रायोगिक परीक्षा के लिए भी अंक होंगे।

उत्तर प्रदेश में हड़कंप: नकली नियुक्तियों में शामिल कर्मचारियों-शिक्षकों पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ  सरकारी दफ्तरों और शैक्षिक संस्थानों में अनुकंपा नियुक्तियों की आड़ में गलत तरीके से नौकरी पाने वाले कर्मचारियों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। शासन ने ऐसे मामलों की जांच तेज कर दी है और सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्रता से बाहर जाकर नौकरी पाने वालों की पहचान कर रिपोर्ट भेजी जाए। अनुकंपा नियुक्ति का नियम साफ है कि यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए, तो उसके आश्रित को नौकरी दी जा सकती है। लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों ही सरकारी सेवा में हों और उनमें से किसी एक का निधन हो जाए, तो आश्रित बच्चों को यह सुविधा नहीं मिलती। इसके बावजूद कई जगह अधिकारियों की अनदेखी या मिलीभगत से ऐसे लोगों को भी नियुक्ति मिल गई जो पात्र नहीं थे।   विभागों में खलबली, विरोधियों से शिकायतें सूत्रों के मुताबिक, गलत तरीके से नौकरी पाने वालों में खलबली मची हुई है। विरोधियों द्वारा शासन स्तर पर शिकायतें पहुंचने के बाद कई मामलों का खुलासा हुआ है। हालांकि, पहले मिली शिकायतों पर विभागों ने सिर्फ फाइलें तलब कर दस्तावेज मांगे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की। अब शासन की सख्ती के बाद मामले फिर से खंगाले जा रहे हैं। निकायों में भी उजागर हो सकती हैं गड़बड़ियां नियम कहता है कि अनुकंपा नियुक्ति केवल मृतक के पति, पत्नी या बेटे-बेटी को दी जा सकती है। इसके बावजूद कई नगर निकायों और विभागों में मृतक के भाई या अन्य रिश्तेदारों को भी नौकरी दे दी गई। यदि यहां जांच गहराई से हुई तो बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी सामने आ सकते हैं जो पात्र ही नहीं थे। अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज किसी भी अनुकंपा नियुक्ति से पहले विभागीय अधिकारियों को तथ्यों की जांच करनी होती है। ऐसे में यह भी स्पष्ट है कि यदि गलत तरीके से किसी को नौकरी मिली है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हाईकोर्ट के आदेश से खुली नींद इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक ऐसे मामले पर सख्त रुख अपनाया जिसमें एक व्यक्ति ने अनुकंपा नौकरी लेते समय अपनी मां के सरकारी शिक्षिका होने की बात छिपा ली थी। अदालत के आदेश के बाद शासन और विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए हैं। अब सभी विभागों को शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी, जिससे यह सामने आ सकेगा कि कितने कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर नौकरी हासिल की है।

भारत का सबसे अमीर बनने का सपना सच होने के क़रीब: गौतम अदाणी की संपत्ति में दो दिन में 13 अरब डॉलर का उछाल

नई दिल्ली देश के दिग्गज उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति में बीते दो कारोबारी सत्रों में 13 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी शेयरों की कीमत में तेजी आने के कारण हुई है। गौतम अदाणी की संपत्ति में इस साल 17.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति में 8.02 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अदाणी ग्रुप के शेयरों में बढ़ोतरी की वजह सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की ओर से शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग मामले में क्लीन चिट देना है। शॉर्ट-सेलर द्वारा व्यापक रूप से प्रचारित दावों के झूठे होने की पुष्टि करने वाले अपने अंतिम आदेश में, सेबी ने निष्कर्ष निकाला कि अदाणी समूह ने दो निजी फर्मों के माध्यम से धन का प्रवाह करके किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया, जिससे छिपे हुए संबंधित पक्ष लेनदेन और धोखाधड़ी के दावों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया गया। बीते तीन कारोबारी सत्रों में अदाणी पावर का शेयर करीब 30 प्रतिशत, अदाणी टोटल गैस का शेयर भी करीब 18 प्रतिशत, अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर करीब 15 प्रतिशत, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर का दाम 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। इस दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुका है, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर ने करीब 3 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दुनिया के अरबपतियों की सूची में 452 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क शीर्ष पर हैं। इसके बाद 388 अरब डॉलर के साथ लैरी एलिसन दूसरे, 269 अरब डॉलर के साथ मार्क जुकरबर्ग तीसरे, 250 अरब डॉलर के साथ जेफ बेजोस चौथे और 221 अरब डॉलर के साथ लैरी पेज पांचवे स्थान पर होंगे। मौजूदा में समय में अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी 98.6 अरब डॉलर के साथ 18 वें स्थान पर, गौतम अदाणी 95.7 अरब डॉलर के साथ 19 वें स्थान पर हैं।

महानवमी विशेष: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में करें कन्या पूजन, जानें शुभ समय

नई दिल्ली  आदिशक्ति मां दुर्गा के उत्‍सव का महापर्व शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से प्रारंभ हो चुका है। इस साल शारदीय नवरात्रि 10 दिन के हैं। दरअसल नवरात्र में दस दिन का योग बहुत उत्तम है। इस साल चतुर्थी तिथि दो बार होने के कारण शारदीय नवरात्र दस दिन के हैं। अब ऐसे में कन्या पूजन और महाष्टमी तिथि को लेकर कंफ्यूजन है।इस साल महाष्टमी तिथि 30 सितंबर को है। इस दिन कन्या पूजन होगा। इस दिन शोभन योग बन रहा है। इसके अलावा इस दिन पूर्वाषाढा नक्षत्र रहेगा। इस बार नवरात्रि के 10वें दिन कन्या पूजन कर उपवास खोला जाएगा।  28 को बिलवाभिमंत्रण दो अक्टूबर को अपराजिता पूजन 28 सितंबर रविवार को बिलवाभिमंत्रण व देवी बोधन आमंत्रण पूजन की जाएगी। वहीं, 29 सितंबर को पत्रिका प्रवेश, पूजन मूर्ति स्थापन के बाद पट खुलते ही भक्त देवी दर्शन कर सकेंगे। उसी रात महानिशा पूजन की जाएगी। महाष्टमी व्रत 30 सितंबर को होगा। एक अक्टूबर को नवमी के दिन हवन और दो अक्टूबर को अपराजिता पूजन और विजया दशमी मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि का प्रारंभ 29 सितंबर शाम करीब 4:31 बजे से होगा और समाप्ति 30 सितंबर शाम 6:06 बजे पर होगी। इसके अगले दिन नवमी तिथि का प्रारंभ 30 सितंबर को शाम करीब 6:06 बजे होगा और समाप्ति 1 अक्टूबर को शाम 7:01 बजे होगी। नवरात्र के आठवें दिन किसकी होती है पूजा नवरात्रि के आठवे दिन मां दुर्गा के महागौरी की पूजा की जाती है। कहीं, कहीं इस दिन कन्या पूजन होता है। इस का बहुत अधिक महत्व है, क्यों कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाअष्टमी के दिन ही देवी दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था। इसलिए इस दिन कन्या पूजन और हवन किया जाता है। छोटी कन्याओं को मां स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उनको हलवा -चने और पूरी का भोग लगाकर उपहार दिया जाता है। कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त 04:37 ए एम से 05:25 ए एम अभिजित मुहूर्त 11:47 ए एम से 12:35 पी एम विजय मुहूर्त 02:10 पी एम से 02:58 पी एम अमृत काल 02:56 ए एम, अक्टूबर 01 से 04:40 ए एम  

युद्ध के साए में इज़राइल का हथियार निर्यात, गाजा-ईरान तनाव के बीच 14 अरब डॉलर की बिक्री

तेल अवीव इजरायल दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है, लेकिन वह जंग लड़ते हुए भी बड़ा व्यापार कर रहा है. गाजा में लंबी जंग और ईरान के साथ तनाव के बावजूद, 2024 में इजरायल ने रिकॉर्ड 14.7 अरब डॉलर (करीब 1.23 लाख करोड़ रुपये) के हथियार बेचे. सबसे हैरानी की बात ये है कि इनमें से आधे से ज्यादा यूरोपीय देशों ने खरीदे. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने जून 2025 में यह आंकड़ा जारी किया. यह चौथा साल लगातार है जब इजरायल के हथियार निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया.  2024 में हथियार बिक्री का रिकॉर्ड: आंकड़े क्या कहते हैं? इजरायल के रक्षा उद्योग ने 2024 में 13% की बढ़ोतरी के साथ 14.7 अरब डॉलर का टर्नओवर किया. यह 2023 की तुलना में 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा है. मुख्य खरीदार यूरोप था, जिसने कुल निर्यात का 54% (करीब 8 अरब डॉलर) लिया. 2023 में यह हिस्सा सिर्फ 35% था. एशिया-पैसिफिक दूसरे नंबर पर रहा, लेकिन यूरोप ने सबको पछाड़ दिया. सबसे ज्यादा बिके हवाई रक्षा सिस्टम, जैसे आयरन डोम के हिस्से. इनकी बिक्री 48% रही. इसके अलावा मिसाइलें, ड्रोन, रडार और साइबर हथियार भी लोकप्रिय रहे. इजरायल एयर इंडस्ट्रीज (आईएआई), राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और एल्बिट सिस्टम्स जैसी कंपनियों ने बड़ा योगदान दिया. जंग के बीच व्यापार कैसे फला-फूला? गाजा में 2023 से चल रही जंग ने इजरायल को भारी नुकसान दिया. हजारों सैनिक घायल हुए, लेकिन इसने इजरायली हथियारों की ताकत दिखाई. यूरोपीय देशों को लगा कि इजरायल के हथियार असली जंग में काम करते हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध से यूरोप को हथियारों की भारी जरूरत पड़ी. इजरायल ने मौका लपका और तेजी से डिलीवरी दी. ईरान के साथ तनाव ने भी मदद की. ईरान ने अप्रैल 2024 में इजरायल पर मिसाइल हमला किया, लेकिन इजरायल ने उसे रोक लिया. इससे उसके डिफेंस सिस्टम की डिमांड बढ़ी. यूरोप में भी रूस का खतरा है, इसलिए वे इजरायली तकनीक चाहते हैं. बावजूद बॉयकॉट कॉल्स के (गाजा जंग पर निंदा के कारण) बिक्री बढ़ी. यूरोपीय देश क्यों खरीद रहे? यूरोप इजरायल का सबसे बड़ा पार्टनर बन गया. जर्मनी, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों ने बड़े ऑर्डर दिए. उदाहरण के लिए…     जर्मनी: आयरन डोम जैसे सिस्टम के लिए अरबों डॉलर खर्च.     पोलैंड: ड्रोन और मिसाइल सिस्टम.     रोमानिया: रडार और एयर डिफेंस. यूरोपीय संघ (ईयू) ने गाजा पर सख्त बातें कीं, लेकिन व्यापार जारी रहा. ईयू इजरायल का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, जिसने 2024 में 45.5 अरब डॉलर का व्यापार किया. हथियारों पर दबाव है, लेकिन अभी कोई बड़ा प्रतिबंध नहीं. कुछ देशों ने कहा कि अगर गाजा जंग न रुकी, तो ट्रेड बेनिफिट्स काट देंगे. इजरायल के लिए फायदे और चुनौतियां यह बिक्री इजरायल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है. रक्षा उद्योग 7% जीडीपी देता है. 50 हजार नौकरियां पैदा करता है. जंग के खर्च (करीब 60 अरब डॉलर) को पूरा करने में मदद मिलती है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय निंदा बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में 'नरसंहार' का आरोप लगाया. अमेरिका ने 18 अरब डॉलर की मदद दी, लेकिन यूरोप में बॉयकॉट मूवमेंट तेज हो रहा. नेतन्याहू सरकार ने कहा कि यह आत्मनिर्भरता का सबूत है. वे और निर्यात बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, खासकर एशिया और अफ्रीका में.  दुनिया पर असर: शांति या हथियार दौड़? यह खबर दिखाती है कि जंग के बीच भी पैसा कमाया जा सकता है. लेकिन गाजा में 40000 से ज्यादा मौतें हो चुकीं हैं. ईरान तनाव बढ़ रहा है. यूरोप के हथियार खरीदने से मिडिल ईस्ट में संतुलन बिगड़ सकता है. हथियार व्यापार को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक नियम सख्त करने चाहिए. इजरायल की यह सफलता तकनीकी ताकत दिखाती है, लेकिन नैतिक सवाल भी खड़े करती है. क्या जंग के बीच हथियार बेचना सही है?

भोपाल की छात्राओं की आंखों पर खतरा! AIIMS जांच में 22% में पाई गई बीमारी

भोपाल एम्स भोपाल द्वारा आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में भोपाल की स्कूली बालिकाओं में आंखों की बीमारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22% बालिकाओं में आंखों की विभिन्न बीमारियां पाई गई हैं। दरअसल एम्स ने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के अंतर्गत शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय, गार्गी, भोपाल में नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस शिविर में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 100 छात्राओं की जांच की गई, जिसमें 18% छात्राओं में आंखों की समस्याएं पाई गईं। आंखों की समस्याएं रिफ्रेक्टिव एरर: 17 छात्राओं में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया, जिसमें मायोपिया (निकट दृष्टि दोष), हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) और एस्टिग्मेटिज्म (अनियमित दृष्टि) शामिल हैं। एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस: 2 छात्राओं में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस पाया गया, जो आंखों की एलर्जी के कारण होता है। एब्लियोपिया: 2 छात्राओं में एब्लियोपिया पाया गया, जो एक आंख की दृष्टि कमजोर होने के कारण होता है। नाइट ब्लाइंडनेस: 1 छात्रा में नाइट ब्लाइंडनेस पाया गया, जो विटामिन ए की कमी के कारण होता है। आंखों की समस्याओं के मुख्य कारण 1- स्क्रीन टाइम: बढ़ता स्क्रीन टाइम और डिजिटल डिवाइसों का उपयोग आंखों की समस्याओं का एक मुख्य कारण है। 2- अपर्याप्त प्रकाश: अपर्याप्त प्रकाश में पढ़ाई या काम करने से आंखों पर दबाव पड़ता है। 3- पोषण की कमी: विटामिन ए और अन्य पोषक तत्वों की कमी से आंखों की समस्याएं हो सकती हैं। 4- आनुवंशिक कारक: कुछ आंखों की समस्याएं आनुवंशिक हो सकती हैं। 34 छात्राओं ने नेत्रदान की ली शपथ इस कैंप के दौरान केवल स्क्रीनिंग ही नहीं हुई, बल्कि जागरूकता भी फैलाई गई। 34 छात्राओं ने नेत्र दान फॉर्म भी भरा। नेत्र स्वास्थ्य पर जूनियर रेजिडेंट डॉ. सौरभि ने मौजूद स्टूडेंट्स को जानकारी दी। उनके साथ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर महेश मीणा ने आंख दान पर व्याख्यान दिया। ऑप्टोमेट्रिस्ट टीम ने व्यक्तिगत और मासिक धर्म स्वच्छता पर भी छात्राओं को जागरूक किया। जिससे ना केवल नेत्र बल्कि संपूर्ण स्वास्थ के प्रति छात्राओं को जागरूक किया जा सके। आंखों के लिए सावधानी  – हर 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लें। – 20-20-20 रूल: हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकेंड देखें। – रोज कम से कम 1 घंटे आउटडोर खेलकूद जरूरी। – संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, दूध और फल शामिल करें। – आंखों में जलन या धुंधलापन हो तो तुरंत जांच कराएं। 

Nokia की बाजार में वापसी तय, क्या एक बार फिर जीत पाएगा यूज़र्स का भरोसा?

मुंबई  Nokia एक बार फिर मार्केट में वापसी कर रही है. कंपनी ने HMD ग्लोबल के साथ अपने ब्रांड लाइसेंस एग्रीमेंट को बढ़ा दिया है. इसका मतलब है कि HMD अगले कुछ सालों तक Nokia की ब्रांडिंग वाले फोन्स बेच पाएगी. हालांकि, ये एग्रीमेंट सिर्फ फीचर फोन्स के लिए है. यानी मार्केट में आपको नोकिया के स्मार्टफोन नहीं मिलेंगे.  दोनों कंपनियों के बीच साल 2016 में ब्रांड लाइसेंसिंग एग्रीमेंट हुआ था, जो 2026 में एक्सपायर होने वाला था. हालांकि, लाइसेंस एक्सपायर होने से पहले ही HMD ने नोकिया ब्रांड का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था.  कौन-से फोन होंगे लॉन्च? कंपनी पिछले कुछ वक्त से HMD ब्रांड नेम के तहत स्मार्टफोन और फीचर फोन्स मार्केट में बेच रही है. रिपोर्ट्स की मानें, तो कंपनी ने नोकिया के साथ अपने लाइसेंस को अगले दो से तीन साल के लिए बढ़ा लिया है. इसकी वजह से हमें मार्केट में नोकिया ब्रांडिंग वाले फीचर फोन्स एक बार फिर देखने को मिल सकते हैं.  HMD ने नोकिया ब्रांडिंग के साथ कई क्लासिक फोन्स को मार्केट में दोबारा लॉन्च किया था. इन फोन्स को अच्छा रिस्पॉन्स भी मिला, लेकिन स्मार्टफोन के जमाने में फीचर फोन्स कहां तक मुकाबला करते. वहीं दूसरी तरफ नोकिया की ब्रांडिंग के बाद भी HMD के स्मार्टफोन्स मार्केट में कोई कमाल नहीं कर पाए.  अब तक कंपनी को नहीं हुआ फायदा पिछले कुछ वक्त से कंपनी HMD ब्रांडिंग के साथ स्मार्टफोन को लॉन्च कर रही है. मगर इसका भी कोई फायदा होते ब्रांड को नहीं दिख रहा है. नोकिया ब्रांड की फीचर फोन मार्केट में वापसी कंपनी को राहत पहुंचा सकती है. खासकर भारत और चीन जैसे मार्केट में जहां आज भी फीचर फोन्स की मांग है.  भारत की बात करें, तो फीचर फोन्स की डिमांड यहां सबसे ज्यादा है. IDC के डेटा के मुताबिक, HMD ग्लोबल भारतीय फीचर फोन मार्केट में एक मजबूत प्लेयर है. साल 2024 में कंपनी का मार्केट शेयर लगभग 22 फीसदी था. लाइसेंस एक्सटेंशन से HMD को मजबूती मिलेगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस पारी में नोकिया और HMD की जोड़ी कोई कमाल करेगी.

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना से सपन मंडावी बने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर, बिजली बिल हुआ शून्य

रायपुर के सपन मंडावी की सफलता कहानी, सोलर पैनल से बने आत्मनिर्भर, अब बिजली बिल नहीं आता पीएम सूर्यघर योजना से बिजली बिल हुआ जीरो रायपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवारों को महंगे बिजली के बिल से निजात दिलाया जा रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना  से ग्रीन एनर्जी मिशन को बढावा देकर पर्यावरण को संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना का लाभ आज जिले के दूरस्थ वनांचल तक भी पहुंच रही है। यह योजना अब जिले के सुदूर ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के ग्राम शामपुर निवासी सपन राम मंडावी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर को न सिर्फ रोशन किया, बल्कि बिजली मामले में आत्मनिर्भर हो गया है।   बिजली बिल से मिली मुक्ति            सपन मंडावी ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी सबसे पहले अखबार के माध्यम से मिली। जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्थानीय बिजली विभाग से संपर्क किया और अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। इस पहल के बाद अब उनके घर की सभी बिजली की आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं और अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो रहा है। श्री मंडावी ने बताया कि पूर्व में हर महीने 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल आता था, लेकिन अब उनका पूरा बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, उनके द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त ऊर्जा सीधे विद्युत ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में उन्हें अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा।           सपन ने इस योजना को शासन की अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे घरेलू बिजली उपभोक्ता न केवल ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो सकते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकते हैं।  मंडावी को इस योजना के अंतर्गत कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता शामिल है। इस मदद से सौर संयंत्र लगाने की कुल लागत में बहुत राहत मिली है। दूर दराज के क्षेत्र व ऐसे क्षेत्र जहां बिजली बहुत ज्;ादा आ रहा है, ऐसे लोगों को इस योजना का भरपूर फायदा मिल रहा है। शासन से मिल रहा है डबल अनुदान      इस योजना के तहत विभिन्न क्षमता वाले संयंत्रों के लिए सब्सिडी की राशि तय की गई है। 1 किलोवाट के संयंत्र, जिसकी लागत लगभग 65 हजार रुपये होती है, जिस पर केंद्र सरकार 30 हजार और राज्य सरकार 15 हजार रुपये की सब्सिडी देती है। इसी प्रकार 2 किलोवाट क्षमता वाले संयंत्र पर 60 हजार रुपये की सहायता एवं 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलती है। इसके साथ ही किसानों और ग्रामीणों के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे और अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।            जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने कई हितग्राही आगे आ रहे हैं और पंजीयन करा रहे हैं। इच्छुक उपभोक्ता इस योजना का लाभ विद्युत विभाग की मदद से या फिर वेब पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in और मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण कर आसानी से उठा सकते हैं।