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मारीच की तरह छिपा था आरोपी, गोली लगते ही शूटर ने दिया एनकाउंटर: CM योगी

लखनऊ   यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार एक शूटर की तुलना राक्षस 'मारीच' से की। लखनऊ के लोक भवन में एक समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपने कल देखा कि महिला संबंधी अपराध में शामिल एक अपराधी दूसरे राज्य से यूपी आया था। वह संभवतः 'मारीच' (वेश बदलने में माहिर राक्षस) की तरह घुसा था। लेकिन जब यूपी पुलिस की गोली उसे लगी, तो वह चिल्ला रहा था कि वह गलती से उत्तर प्रदेश में घुस आया और अब कभी ऐसा दुस्साहस नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, हर उस अपराधी को राज्य से बाहर जाना ही करना होगा जो महिला सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएगा, जो उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता में बाधा बनने की कोशिश करेगा। बरेली पुलिस के अनुसार, फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक घर पर गोलीबारी करने वाले पांच शूटरों में से एक आरोपी रामनिवास को उसके साथी अनिल के साथ शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि मुठभेड़ बरेली में हुई, जिसमें आरोपी रामनिवास के पैर में गोली लगी। घटना के वायरल वीडियो में रामनिवास हाथ जोड़कर जमीन पर लेटा हुआ दिख रहा है और कह रहा है, बाबा के यूपी में कभी नहीं आएंगे साहब। पुलिस ने आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्तौल, चार कारतूस और चार खोखे बरामद किए। आर्य ने बताया कि पूछताछ में रामनिवास ने गोलीबारी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और यह भी बताया कि वह घटना के बाद से फरार था।  

बाहरी शोर को नजरअंदाज करें, जरूरी बातें पकड़ें – सूर्यकुमार

दुबई भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाले एशिया कप सुपर 4 के महत्वपूर्ण मैच से पहले कहा कि दोनों टीम के बीच संबंधों को लेकर बाहर हो रही बातों को पूरी तरह से नजरअंदाज करना मुश्किल है लेकिन उन्होंने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि इनमें से कुछ बातें महत्वपूर्ण भी हो सकती हैं। पिछले रविवार को इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नाबाद 47 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने वाले भारतीय कप्तान ने न तो टॉस के समय विपक्षी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ मिलाया और न ही उस दिन छक्का लगाकर मैच समाप्त करने के बाद खेल के अंत में उनसे हाथ मिलाया। पहलगाम हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने और जीत को भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित करने के उनके कदम से सुपर 4 मुकाबले से पहले तनाव बढ़ गया। तो फिर बाहरी शोर को बंद करने का तरीका क्या है? इस सवाल के जवाब में सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘अपना कमरा बंद करो, अपना फोन बंद करो और सो जाओ। मुझे लगता है कि यह सबसे अच्छी बात है। यह कहना आसान है, लेकिन कभी-कभी यह मुश्किल होता है क्योंकि आप बहुत सारे दोस्तों से मिलते हैं। आप डिनर के लिए बाहर जाते हैं और आपके साथ बहुत सारे खिलाड़ी होते हैं जो ये सब चीजें देखना पसंद करते हैं, इसलिए यह बहुत मुश्किल है।’’ भारतीय कप्तान हालांकि जानते हैं कि बाहरी शोर को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता है और अपने विवेक का उपयोग करके कुछ अच्छी चीजों को सुना जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह आप पर निर्भर करता है कि आप क्या सुनना चाहते हैं, आप अपने मन में क्या रखना चाहते हैं और आगे बढ़कर अभ्यास सत्र या खेल खेलना चाहते हैं।‘‘ सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर हम इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं तो यह बहुत महत्वपूर्ण है, हमें बाहर से आने वाले शोर को बंद करना होगा और जो आपके लिए अच्छा है उसे ही आत्मसात करना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि बाहर होने वाली बातों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दीजिए। उनमें कुछ अच्छी और महत्वपूर्ण बात भी हो सकती है जिससे आपको खेल में और मैदान पर मदद मिल सकती है।’ मैच की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि तीन मैचों के बाद टीम अच्छी स्थिति में है। भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टूर्नामेंट से पहले हमारी तैयारी वाकई अच्छी रही है और हमने तीन अच्छे मैच भी खेले हैं। इसलिए हम वास्तव में इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि हम क्या सर्वश्रेष्ठ कर सकते हैं।‘‘ सूर्या का मानना है कि गर्म और उमस भरे हालात को देखते हुए टॉस से कोई अतिरिक्त फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें शुरू से ही अच्छा खेल दिखाना होगा। जो भी टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी वह मैच जीतेगी।’’  

एच.पी. सिंह निलंबित, सतना खनिज विभाग में दीपमाला तिवारी संभालें जिम्मेदारी

सतना मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग, भोपाल ने सतना जिले के प्रभारी खनिज अधिकारी एच.पी. सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन के पीछे मुख्य कारण शासकीय कार्यों में उदासीनता, अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई न करना बताया गया है। आदेश 19 सितंबर, 2025 को जारी किया गया। इसके साथ ही रीवा जिले की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी को सतना जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई खनिज प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि दीपमाला तिवारी के नेतृत्व में सतना जिले में खनिज क्षेत्र में सुधार और प्रभावी निगरानी किस प्रकार लागू होती है। यह है पूरा मामला जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सतना जिले का औसत दैनिक ई-टीपी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में गिरकर 1226 से 482 रह गया, जो गंभीर रूप से चिंताजनक है। इसके अलावा, क्षेत्र उपलब्धता के तीन प्रकरण और खदानों के लेप्स प्रपोजल के पांच प्रकरण लंबित पाए गए। शासन ने पाया कि कार्यालय में पर्याप्त नियंत्रण न रखने के कारण प्रभारी अधिकारी ने अपने कर्तव्यों में स्वेच्छाचारिता और गंभीर लापरवाही बरती।   निलंबन अवधि के दौरान एच.पी. सिंह का मुख्यालय रीवा स्थित संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म रहेगा, और उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की सुविधा प्राप्त होगी। रीवा की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी अब सतना का प्रभारी जिला खनिज अधिकारी होंगी। उनके नेतृत्व में जिले में खनिज कार्यों की निरंतरता और अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है। आदेश अवर सचिव शर्मिला ठाकुर द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी किया गया। इसमें रीवा संभाग के आयुक्त, संचालनालय के अधिकारी, कलेक्टर सतना और क्षेत्रीय प्रमुखों को सूचनार्थ अवगत कराया गया है।

नई GST दरों के लागू होने से पहले बाजार में हड़कंप, रिटेलर्स कर रहे खरीदारी

मुंबई  जीएसटी की नई दरें सोमवार से लागू होने से पहले ही बाजार में उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में कमी दिखने लगी है। आइसक्रीम से लेकर साबुन और शैंपू तक की चीजें दुकानों में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रही हैं। ब्रांड्स और रिटेलर्स लास्ट-मिनट स्टॉकिंग की रेस से बचने के साथ-साथ सकारात्मक उपभोक्ता रुझानों का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। रिटेलर्स अपनी दुकानों को एफएमसीजी उत्पादों से तेजी से भर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को तुरंत फायदा मिल सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस हफ्ते कहा था कि जीएसटी परिवर्तनों के बाद 12 प्रतिशत स्लैब वाले 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत स्लैब में आ जाएंगे। इसमें बटर, पनीर, मिठाइयां और नमकीन स्नैक्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। बिस्किट्स, आइसक्रीम, साबुन और टूथपेस्ट जैसे कई उत्पादों पर भी 18 प्रतिशत की जगह अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि नई टैक्स दरें सोमवार से प्रभावी होंगी, लेकिन कंपनियां पहले से ही टैक्स के अंतर को खुद वहन करके रिटेलर्स को उत्पाद भेज रही हैं। आइसक्रीम ब्रांड बास्किन रॉबिन्स के मालिक ग्रेविस फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ मोहित खट्टर ने कहा, "हमारे सारे बिल अब 5 प्रतिशत जीएसटी पर शिफ्ट हो चुके हैं।" पहले प्रोडक्टस दिखने का फायदा? इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, किराना उत्पाद निर्माताओं ने वितरकों और खुदरा दुकानों को चुनिंदा कम कीमत वाले उत्पाद भेजना शुरू कर दिया है। एक पर्सनल केयर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कम कीमत वाले हमारे कुछ बड़े पैक पहले से ही खुदरा विक्रेताओं के पास दिखाई दे रहे हैं, और हम हफ्ते के अंत तक इसे और बढ़ा देंगे। उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि 22 सितंबर की सुबह कम कीमत वाले हमारे उत्पाद दुकानों में उपलब्ध हों। इन उत्पादों का बिल नई जीएसटी दरों पर दिया जा रहा है, और हम कम से कम कुछ हद तक अंतर को माफ करने को तैयार हैं।" प्रॉक्टर एंड गैंबल (पीएंडजी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), लॉरियल, आईटीसी और ब्रिटानिया जैसी प्रमुख कंपनियों ने अखबारों में विज्ञापनों या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए नई कीमतों की घोषणा की है। पीएंडजी ने अपने हेड एंड शोल्डर्स और पैंटीन शैंपू ब्रांड, पैम्पर्स डायपर, जिलेट शेविंग क्रीम, ओल्ड स्पाइस डियोडोरेंट और विक्स डिकंजेस्टेंट की कीमतें कम कर दी हैं। वहीं, एचयूएल ने डव और क्लिनिक शैंपू, ब्रू कॉफी, किसान जैम, लक्स और लाइफबॉय साबुन की कीमतों में कटौती की है।   बिक्री में उछाल की उम्मीद क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स कंपनियां भी पहले कदम उठाने का लाभ उठाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में बिक्री और छूट शुरू कर रही हैं। क्विक-डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमितेश झा ने कहा कि वे शनिवार से कई उत्पादों पर छूट देकर जीएसटी बचत का लाभ जल्दी उठा रहे हैं। त्वरित-वाणिज्य क्षेत्र में देर से आई कंपनी अमेजन नाउ अपने ऐप पर दैनिक आवश्यक वस्तुओं के लिए ‘25,000 रुपये की वार्षिक बचत’ अभियान चला रही है, साथ ही 200 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है। सरकार ने जीएसटी दरों को तीन मुख्य स्लैब में सरल बना दिया है: 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत। जहां 5 प्रतिशत की दर अधिकांश दैनिक आवश्यक वस्तुओं और घरेलू सामानों पर लागू होगी, वहीं 18 प्रतिशत की दर अधिकांश अन्य उपभोक्ता उत्पादों और सेवाओं के लिए नया मानक बनेगी। लक्जरी वस्तुओं और ‘सिन’ श्रेणियों जैसे गैसयुक्त पेय और तंबाकू को 40 प्रतिशत के उच्चतम कर दायरे में रखा गया है। कंपनियां विभिन्न श्रेणियों में बिक्री सुधारने के लिए जीएसटी लाभों पर भारी निर्भर हैं, खासकर पांच तिमाहियों से चली आ रही मंदी के बाद, जब महंगाई से प्रभावित उपभोक्ताओं, विशेष रूप से शहरों में, ने या तो खपत कम कर दी थी या कम कीमत वाले पैक अपना लिए थे, जिससे बिक्री की मात्रा और मूल्य वृद्धि दोनों प्रभावित हुई थीं। उपभोग में बढ़ोतरी की संभावना सिंथॉल साबुन बनाने वाली कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक सुधीर सीतापति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उपभोग में थोड़ी नरमी रही है, लेकिन आयकर और जीएसटी उपायों के संयोजन से सभी क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "न केवल उन श्रेणियों को लाभ होगा जहां दरों में कमी की गई है, बल्कि उन श्रेणियों को भी लाभ होगा जहां जीएसटी में कमी नहीं की गई है, क्योंकि उपभोग और विवेकाधीन खर्चों पर कुल उपलब्ध खर्च बढ़ जाएगा।"  

बेटियों का सशक्तिकरण: CM योगी बोले, अब वे खुद तय करती हैं अपना भविष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन सभागार में नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति-5.0’ का भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन आज वे खुद अपने रास्ते बना रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान उनकी प्राथमिकता है, यही वजह है कि 2017 के बाद से प्रदेश में महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती है तो योजनाएं खुद अपना रास्ता बना लेती हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 1,647 थानों में नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का बटन दबाकर उद्घाटन किया। साथ ही, मिशन शक्ति केंद्रों की एसओपी पुस्तिकाओं, बुकलेट और ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर का विमोचन भी किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के अधिकारीगण और मंत्रीगण इस ऐतिहासिक पल से जुड़े रहे। सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधन करते हुए कहा कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ करते हुए उन्हें गर्व और प्रसन्नता हो रही है। पांच साल पहले, 2020 में इस अभियान की शुरुआत के समय लोग संशय में थे कि क्या होगा, कैसे होगा, इसकी थीम क्या होगी? लेकिन मिशन शक्ति को नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़कर इसे नारी गरिमा के अनुरूप ढाला गया। आज इसके सकारात्मक परिणाम सबके सामने हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का मार्ग दिखाया है, जिसे तेजी से आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से 2017 तक पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या महज 10,000 थी, लेकिन 2017 से अब तक यह संख्या 44,000 से अधिक हो गई है। हर भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है और उनकी समय पर ट्रेनिंग सुनिश्चित की जा रही है। हाल ही में संपन्न 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती में 12 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुई हैं, जो वर्तमान में ट्रेनिंग ले रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि यह ‘मिशन रोजगार’ और बिना भेदभाव के नौजवानों को जोड़ने का परिणाम है कि 2017 से पहले जो ट्रेनिंग क्षमता महज 3,000 थी, उसे बढ़ाकर अब 60,000 से अधिक कर दिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा और अन्य विभागों में भी महिला भर्ती को बढ़ावा दिया गया। 2017 से पहले ट्रेनिंग की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में ही 60,200 से अधिक पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग संभव हो रही है। इसके अलावा, बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि 2017 से पहले 70-75 फीसद बेटियां नंगे पांव और पुराने कपड़ों में स्कूल जाती थीं। एक मार्मिक घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि बुंदेलखंड दौरे के दौरान उन्होंने एक बच्ची से बात की, जिसने कहा, “मेरे भाई के लिए जूते आए, लेकिन मुझे नहीं, क्योंकि मैं बेटी हूं।” इस घटना ने उन्हें प्रेरित किया और अब हर बच्चे के लिए दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर की व्यवस्था की गई, जिसकी लागत 1,200 रुपये प्रति बच्चे है। सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की चर्चा करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये का पैकेज दिया जाता है। जन्म पर 5,000 रुपये, एक वर्ष पर 2,000 रुपये (टीकाकरण के बाद), पहली और छठी कक्षा में 3,000-3,000 रुपये, नौवीं में 5,000 रुपये और 12वीं पास करने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना से 26 लाख से अधिक बेटियां सीधें लाभान्वित हो रही हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हर बेटी को 1 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जो पहले चेहरा देखकर दी जाती थी, अब बिना भेदभाव के उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, फिट इंडिया मूवमेंट, स्वच्छ भारत मिशन (12 करोड़ शौचालय) और उज्ज्वला योजना (10 करोड़ कनेक्शन) से महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली है, महिला स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत (50 करोड़ लाभार्थी) और 80 करोड़ को मुफ्त राशन जैसी योजनाओं को नारी गरिमा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि परिवार में बीमारी के समय नारी अपना आभूषण तक गिरवी रखती है, इसलिए ये योजनाएं उसके सम्मान से जुड़ी हैं। उत्तर प्रदेश ने 3 करोड़ ग्रामीण भू-अभिलेख में 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के नाम किए और 60 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में शुरू की गई बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंस सखी योजना से 40,000 से अधिक महिलाएं हजारों करोड़ का लेन-देन कर रही हैं और मुनाफा कमा रही हैं। पोषाहार मिशन में पहले ठेकेदारों की धांधली थी, लेकिन अब 204 टेक होम राशन प्लांट से 60,000 महिलाएं 8,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं और 2 करोड़ बहनें लाभान्वित हो रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि साफ नीयत से योजनाएं अपना रास्ता बनाती हैं। सीएम योगी ने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि 1 जनवरी 2024 से अगर सिर्फ 2024-25 तक के मामले देखें तो 9,513 मामलों में 12,271 अपराधियों को दंडित किया गया, 12 को मृत्युदंड, 987 को आजीवन कारावास, 3,455 को 10 साल से अधिक और 817 को 10 साल से कम सजा दिलाई गई। सीएम योगी ने बरेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बाहरी अपराधियों ने महिला सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से वह चिल्लाया, “गलती से उत्तर प्रदेश आ गया, आगे नहीं करूंगा।” यह अपराधियों के लिए चेतावनी है।  

675 करोड़ की ई-बस योजना कागजों में फंसी, नोएडा एयरपोर्ट की उड़ान अब भी टिकी

लखनऊ  देश के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचे में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर को प्रस्तावित है, लेकिन एयरपोर्ट तक सुगम यातायात सुविधा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ई-बस सेवा अब भी कागजों में उलझी हुई है. बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होने की वजह से यात्रियों का सीधे एयरपोर्ट पहुंचना मुश्किल होगा. 500 बसों की योजना जिले में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना तैयार की गई थी जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्रों को शामिल किया गया है. योजना के मुताबिक नोएडा में 300, ग्रेटर नोएडा व यीडा क्षेत्र में 100-100 बसें चलाई जानी है. इसके लिए 25 रूट प्रस्तावित किए गए है.   कंपनी का गठन अधर में लटका अभी तक बस संचालन के लिए आवश्यक जरूरतें जैसे बस स्टैंड, ई-चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप आदि पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है. इतना ही नहीं तीनों प्राधिकरणों की सहमति के बावजूद बसों के संचालन के लिए गठित की जाने वाली संयुक्त कंपनी ग्रीन ट्रांसपोर्ट लिमिटेड का औपचारिक गठन भी अधर में लटका हुआ है. करीब 675 करोड़ की लागत इस योजना की लागत लगभग 675 करोड़ रुपये आंकी गई है इसे प्लान करके लागू करने पर विचार किया जा रहा है. शासन स्तर पर दो निजी कंपनियों ट्रैवल टाइम मोबिलिटी इंडिया प्रा. लि. और डेलबस मोबिलिटी का चयन कर लिया गया है, जो बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी. यात्रियों के बिना कैसे चलेंगी बसें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त यात्री संख्या के रूट पर बसें चलाने से तीनों प्राधिकरणों पर फाइनेंशियल बोझ बढ़ सकता है. इसलिए बसों के संचालन से पहले एक बार इस रूट का सर्वे करना जरूरी है. यीडा ने शुरू की तैयारी यीडा ने एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए अपने ई-बस रूट में एयरपोर्ट को प्रमुख ठहराव बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से यात्रियों की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ई-बस रूट की शुरुआत नोएडा एयरपोर्ट से ही की जाएगी. एयरपोर्ट उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर विमान सेवाएं शुरू होने की संभावना है. ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के बेहतर कनेक्टिविटी होनी जरूरी है.

पितृपक्ष में गयाजी पहुंची राष्ट्रपति, पुरखों की मोक्ष प्राप्ति के लिए किया पिंडदान

गयाजी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को देश और दुनिया में मोक्ष स्थली के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी पहुंची। यहां उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंची। इसके बाद सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर पहुंची। गया हवाई अड्डा पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के पिंडदान के लिए जिला प्रशासन के जरिए विष्णुपद मंदिर परिसर में ही विशेष व्यवस्था की गई थी और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। गयापाल पुरोहित राजेश लाल कटरियाल ने वैदिक क्रियाओं के साथ कर्मकांड कराया। उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विष्णुपद मंदिर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रसिद्ध व्यवसायी मुकेश अंबानी भी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गयाजी पहुंचे थे और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति को लेकर पिंडदान किया था। प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार अपने पितरों के मोक्ष तथा शांति के लिए पिंडदान करने के लिए गयाजी आते हैं। यहां विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षय वट एवं अन्य कई पवित्र स्थानों पर स्थित वेदियों पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य की आत्मा इस भौतिक जगत में ही विचरण करती रहती है। केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर रहती है। यदि व्यक्ति का परिवार पिंडदान करता है, तो उस आत्मा को इस लोक से मुक्ति मिलती है और वह सदैव के लिए बंधनों से मुक्त हो जाती है। पितृपक्ष में देश-विदेश से हजारों पिंडदानी अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी पहुंचते हैं। पिंडदानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। पितृपक्ष मेला 21 सितंबर तक चलेगा।

डोंगरगढ़ में ट्रेन सुविधाएं बढ़ीं: नवरात्रि के लिए 1 मेमू स्पेशल, 2 मेमू ट्रेनें अब गोंदिया तक

 रायपुर भारत में नवरात्र का पर्व एक विशेष धार्मिक अवसर है, जिसे भक्तों के लिए यात्रा करना अक्सर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस समय हर साल रेलवे प्रशासन भक्तों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करता है।इस बार भी, 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ देवीधाम रेलवे स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को 9 दिनों के लिए स्टापेज दिया गया है, जिससे यात्रियों को बहुत राहत मिल सकेगी। इसके साथ ही, 2 मेमू ट्रेनों का गोंदिया तक विस्तार भी किया गया है और 1 स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। दो मेमू का किया विस्तार नवरात्र के दौरान ही गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमू का रायपुर तक विस्तार किया गया है। यह शाम 5.15 बजे रायपुर से रवाना होगी। 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू रात रायपुर रात 10.40 बजे आएगी। इसी तरह रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू का गोंदिया तक विस्तार किया गया है। मेमू 68729 रात 11.40 बजे डोंगरगढ़ से रवाना होकर 1.20 गोंदिया पहुंचेगी। 68730 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू 1.45 गोंदिया से रवाना होकर 3.20 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव रेलवे प्रशासन ने नवरात्र पर्व के दौरान डोंगरगढ़ माता मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पांच जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की घोषणा की है। इन ट्रेनों में शामिल हैं: दुर्ग-डोंगरगढ़ के बीच स्पेशल श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच मेमू स्पेशल चलाएगा। यह मेमू 06886 डोंगरगढ-दुर्ग 1 बजे डोंगरगढ़ से निकलेगी, जो कि 1.05 जतकनहार, 1.11 मुसरा, 1.19 बकल, 1.30 राजनांदगांव, 1.40 परमलकसा, 1.50 मुरहीपार, 1.57 रसमरा, 2.20 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इसी प्रकार 06885 दुर्ग- डोंगरगढ़ मेमू दुर्ग से 2.40 बजे निकलेगी, जो कि 2.45 रसमरा, 2.53 मुरहीपार, 3.01 परमलकसा, 3.09 राजनांदगांव, 3.19 बकल, 3.28 मुसरा, 3.35 जतकनहार और 4 बजे      बिलासपुर-भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-चेन्नई-बिलासपुर एक्सप्रेस     बिलासपुर-पुणे-बिलासपुर एक्सप्रेस     रायपुर-सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव दो मिनट के लिए दिया गया है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। मेमू ट्रेनों का विस्तार: गोंदिया-दुर्ग मेमू ट्रेन का फेरा 9 दिनों के लिए रायपुर तक बढ़ाया गया है, जबकि रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेन को गोंदिया तक बढ़ाया गया है। स्पेशल मेमू ट्रेन: दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जो यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगी। नवरात्र के दौरान रेलवे प्रशासन की तैयारी: रेलवे प्रशासन ने नवरात्र के पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की है। विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-चेन्नई, बिलासपुर-पुणे और रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए ठहराव दिया गया है। गोंदिया-दुर्ग मेमू का फेरा रायपुर तक बढ़ाया गया नवरात्र के दौरान गोंदिया से दुर्ग तक चलने वाली मेमू ट्रेन को रायपुर तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन गोंदिया से दुर्ग तक पहुंचने के बाद भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, भिलाई, देव बलौदा चरौदा, डी-केबिन, कुम्हारी, सरोना होते हुए रायपुर पहुंचेगी। वापसी में यह वही मार्ग अपनाते हुए गोंदिया लौटेगी। यह ट्रेन नवरात्र के दौरान भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्शन बनेगी, जिससे वे आसानी से यात्रा कर सकेंगे और अपनी धार्मिक यात्रा का आनंद ले सकेंगे।  रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू को गोंदिया तक बढ़ाया गया दूसरी ओर, रायपुर से डोंगरगढ़ के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को भी 9 दिनों के लिए गोंदिया तक बढ़ा दिया गया है। यह ट्रेन डोंगरगढ़ से गुदमा, आमगांव, धानौली, सालेकसा, दरेकसा, बोरतलाव, पनिया-जोब होते हुए गोंदिया पहुंचेगी। वापसी में यह गोंदिया से डोंगरगढ़ होते हुए रायपुर तक पहुंचेगी। यह विस्तार न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए एक सुविधा है, बल्कि इससे इस क्षेत्र के अन्य यात्रियों को भी यात्रा में आसानी होगी।  दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच मेमू स्पेशल इसके अतिरिक्त, दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक विशेष मेमू ट्रेन भी चलायी जाएगी। यह ट्रेन दुर्ग से रसमरा, मुरहीपार, परमलकसा, राजनांदगांव, बकल, मुसरा, जटकन्हार होते हुए डोंगरगढ़ पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन नवरात्र पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चलाई जाएगी। नवरात्र पर रेलवे की तैयारी: भक्तों के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भारतीय रेलवे ने हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, गोंदिया-दुर्ग और रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेनों का विस्तार, साथ ही विशेष मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन सभी उपायों से यह सुनिश्चित किया गया है कि यात्रियों को न केवल धार्मिक यात्रा का आनंद मिले, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।   छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ देवी धाम की विशेषताऐं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में स्थित डोंगरगढ़ देवी धाम को मां बम्लेश्वरी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां लाखों भक्त हर साल दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को लगभग 1,100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, और जो सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।  मां बम्लेश्वरी मंदिर की मुख्य बातें:     स्थान: यह मंदिर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले के डोंगरगढ़ शहर में स्थित है।      ऊंचाई: यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी की चोटी पर बना है।     इतिहास: इस शक्तिपीठ का इतिहास करीब 2,000 वर्ष पुराना माना जाता है।     छोटी बम्लेश्वरी: पहाड़ी के समतल पर एक और मंदिर है जिसे छोटी बम्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है।     पहुँच: भक्तों के लिए मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 1,100 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।     रोपवे: सीढ़ियाँ न चढ़ पाने वाले भक्तों के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।     मेला: नवरात्रि के समय यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इन ट्रेनों के डोंगरगढ़ में ठहरने का समय दो मिनट के लिए निर्धारित किया गया है। यह यात्रियों को मंदिरों के दर्शन करने के … Read more

शहीद रंजीत कश्यप की कहानी: 3 बेटियों के पिता और बुजुर्ग माता-पिता का था इकलौता सहारा

रायपुर  मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में आतंकवादियों ने असम राइफल्स के एक वाहन पर हमला किया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए, जबकि 5 घायल हो गए। शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बालेंगा गांव निवासी रंजीत कुमार कश्यप भी शामिल हैं।  ग्रामीणों और दोस्तों के मुताबिक रंजीत पिछले महीने ही छुट्टी पर गांव आया था। करीब एक महीने तक वो अपने परिजनों के साथ रहा। पिछले रविवार को ही ड्यूटी पर लौटा था। उसने अपने साथियों से कहा था कि सेवा के तीन साल बाकी हैं। इसके बाद रिटायर होकर गांव लौटेगा और बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनेगा। परिजन बताते हैं कि, रंजीत शुरू से ही देश की सेवा करना चाहता था। उसका सपना था फोर्स ज्वाइन कर देश की रक्षा करना। रंजीत की तीन बेटियां हैं। एक बहन की शादी भी बीएसएफ जवान से हुई है। शुक्रवार को हुआ था हमला जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। अचानक हुई गोलीबारी में एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हमले में एक ऑफिसर और जवान रंजीत कुमार कश्यप शहीद हो गए। इनके अलावा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, रंजीत कश्यप बस्तर के बालेंगा इलाके के रहने वाले थे। असम में अपनी सेवा दे रहे थे। तलाशी अभियान और श्रद्धांजलि हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी. सेना ने तलाशी अभियान जारी रखा है ताकि हमलावरों को पकड़ा या मार गिराया जा सके. असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. पीएम मोदी के दौरे के बाद मणिपुर की शांति पर सवाल यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर दौरे पर गए थे, उन्होंने चुराचांदपुर में 7000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था और मणिपुर को शांति और विकास का प्रतीक बनाने का वादा किया था, लेकिन दौरे के कुछ ही दिनों बाद हुई यह आतंकी घटना राज्य में शांति बहाल करने की कोशिशों पर सवाल खड़े करती है.

क्या कैटरीना कैफ हैं प्रेग्नेंट? वायरल तस्वीर पर सोशल मीडिया में मचा हलचल

मुंबई  कैटरीना कैफ बीते एक साल से फिल्मी पर्दे से दूर हैं. पिछली बार एक्ट्रेस फिल्म मैरी क्रिसमस में दिखी थीं, जो साल 2024 में रिलीज हुई थी. इसके बाद से कैटरीना को किसी भी फिल्म में नहीं देखा गया है. ऐसे में लंबे समय से पर्दे से दूर रहने की वजह उनका प्रेग्नेंट होना बताया जा रहा है. बार-बार कैटरीना की प्रेग्नेंसी की खबरें उड़ रही हैं. अब सोशल मीडिया पर कैटरीना कैफ की एक तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में कैटरीना का बेबी बंप होने का दावा किया जा रहा है. अब इस वायरल पोस्ट पर कैटरीना के फैंस बहुत खुश हैं और खुद को कमेंट्स करने से रोक नहीं पा रहे हैं. तेज हुईं कैटरीना कैफ की प्रेग्नेंसी की अटकलें अब जैसे जैसे ये अटकलें तेज हो रही हैं और कैटरीना कैफ की प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज हो रही है, फैंस बस इंतजार कर रहे हैं कि आखिरकार विक्की और कैटरीना कब ऐलान करेंगे. 30 जुलाई को कैटरीना कैफ की प्रेग्नेंसी को लेकर अटकलें शुरू हुईं, जब मुंबई के एक फेरी पोर्ट पर कैटरीना और विक्की का वीडियो वायरल हुआ. कैटरीना ने ढीली सफेद शर्ट और बैगी पैंट पहनी थी, और उनके आरामदायक कपड़े और सावधानी से चलने के तरीके ने कई फैंस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या वह प्रेग्नेंट हैं. पोस्ट पर “क्या वह प्रेग्नेंट हैं?” और “लगता है वह जरूर प्रेग्नेंट हैं” जैसे कमेंट्स की बाढ़ आ गई, जिससे इंटरनेट पर चर्चा शुरू हो गई. इससे पहले, कैटरीना के न्यू ईयर ईव पोस्ट में पोल्का-डॉट ड्रेस ने भी प्रेग्नेंसी की बातें शुरू कर दी थीं. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके लुक को बॉलीवुड के “पोल्का-डॉट प्रेग्नेंसी मिथ” से जोड़ते हुए अनुष्का शर्मा और दीपिका पादुकोण के साथ तुलना की, जो प्रेग्नेंसी के दौरान इसी तरह के प्रिंट में देखी गई थीं. हालांकि, एक ढीली ड्रेस और एक वायरल वीडियो से ही प्रेग्नेंसी की पुष्टि नहीं होती, और ये अटकलें ज्यादातर बेबुनियाद रहीं. रेडिट पर वायरल इस तस्वीर में कैटरीना कैफ को मरून रंग के गाउन में देखा जा रहा है. वह कैमरा से अलग खड़ी हुई हैं. वहीं, गुड न्यूज यह है कि इस तस्वीर में कैटरीना कैफ का बेबी बंप नजर आ रहा है. अब उनके फैंस इस तस्वीर को देख बहुत खुश हैं और उन्हें अब कैटरीना के पहले बच्चे का इंतजार है. इससे पहले खबर आई थी कि कैटरीना और विक्की बहुत जल्द अपने पहले बच्चे के पेरेंट्स बनने जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि विक्की-कैटरीना अक्टूबर या नवंबर में मां-बाप बन जाएंगे. वहीं, प्रेग्नेंसी की अफवाहों के बीच कैटरीना फिल्मी पर्दे से गायब हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो मां बनने के बाद कैटरीना कैफ मैटरनिटी लीव पर रहेंगी और अपने बच्चे को संभालेंगी.