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इंदौर पुलिस की नई पहल: विजय नगर और लसुड़िया थानों में दो-दो प्रभारी तैनात

इंदौर  शहर में लगातार हो रहीं आपराधिक घटनाओं को देखते हुए इंदौर पुलिस कमिश्नर ने एक थाने में 2 थाना प्रभारियों की पोस्टिंग की है. इसको लेकर एक आदेश में जारी किया गया है ताकि शहर में आपराधिक गतिविधियों पर रोकथाम लगाई जा सके. इंदौर में कमिश्नर सिस्टम लागू हुए 2 साल से अधिक हो चुके हैं. लेकिन अभी भी शहर में आपराधिक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. जिससे एक थाने में 2 थाना प्रभारियों की पोस्टिंग की गई है. 2 थानों में 2 टीआई की नियुक्ति इंदौर शहर में अपराध के ग्राफ को कम करने के लिए करीब 2 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया था. लेकिन 2 साल बीतने के बाद भी इंदौर में अपराध के ग्राफ में लगातार इजाफा हो रहा है. इसी कड़ी में इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने के लिए इंदौर के 2 स्थानों पर 2 थाना प्रभारी की नियुक्ति की है. काफी बड़ा है इन दोनों थाना क्षेत्र का एरिया इसको लेकर एक आदेश भी जारी किया गया है कि, शहर में अपराध पर रोक लगाने के लिए 2 थाना प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. जिसमें इंदौर के लसूडिया और विजयनगर थाने पर 2 थाना प्रभारी को तैनात किया गया है. इंदौर के विजय नगर और लसुड़िया थाने का एरिया काफी बड़ा है. इन क्षेत्रों में काफी रहवासी क्षेत्र आते हैं. इसी के चलते दोनों थानों पर सबसे पहले 2 थाना प्रभारी को इंदौर पुलिस कमिश्नर के द्वारा तैनात किया गया है. इन थानों के टीआई बदले गए इंदौर के विजय नगर और लसुड़िया थाना के अलावा द्वारकापुरी, आजाद नगर, हीरानगर, छत्रीपुरा, और सराफा समेत कई थानों के टीआई बदले गए हैं. विजयनगर में टीआई चंद्रकांत पटेल की पोस्टिंग है. वहीं, उनकी मदद के लिए मीना बौरासी को भी विजयनगर थाने में नियुक्त किया गया है. वहीं, लसूड़िया थाना में नीतू सिंह की नियुक्ति हुई है. तारेफ सोनी पहले से यहां टीआई हैं. लॉ एंड ऑर्डर पर रखेंगे निगरानी इन दोनों थाने का मूल काम क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर पर निगरानी रखने और आपराधिक घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से करवाई करना रहेगा. 2 थाना प्रभारी की तैनाती होने के बाद क्षेत्र में अपराध के ग्राफ में कमी आने की पूरी संभावना है. इसके साथ ही इंदौर प्रदेश का ऐसा जिला बन गया है, जहां एक थाने पर 2 थाना प्रभारियों को नियुक्त किया गया है.  

प्रधान सचिव बोले: भर्ती में योग्यता, कार्य में टीमवर्क और नैतिक मूल्य सर्वोपरि

मुंबई  प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने कहा कि अब केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्तियां डोमेन की विशेषज्ञता, योग्यता और साख के आधार पर हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मल्टी-सोर्स फीडबैक प्रणाली, मिशन कर्मयोगी और इंटरव्यू खत्म करने जैसे कदमों से नौकरशाही में पारदर्शिता बढ़ी है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने शनिवार को एक कार्यक्रम में नौकरशाही की पार्दर्शिता को लेकर कई बाते कही।उन्होंने बताया कि सरकार ने शासन में आते ही चुपचाप कई सुधार शुरू किए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार और राज्य संचालित कंपनियों में नियुक्तियों में विशेषज्ञता, योग्यता और प्रतिष्ठा को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार की नियुक्तियों में अब वरिष्ठ नौकरशाहों और सार्वजनिक उपक्रमों में शीर्ष पदों पर तैनाती सिर्फ अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि डोमेन की विशेषज्ञता, योग्यता और साख को ध्यान में रखकर की जा रही है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने मुंबई स्थित आईआईएम के दीक्षांत समारोह में यह बात कही। कब शुरू हुए थे रणनीतिक बदलाव मिश्रा ने कहा कि 2014 से कर्मियों के प्रबंधन में जो रणनीतिक बदलाव शुरू हुए थे। वे अब एक नए युग की सिविल सेवा के निर्माण की दिशा में ले जा रहे हैं। इस बदलाव से वरिष्ठ पदों जैसे संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव और सचिव स्तर की नियुक्तियां अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हुई हैं। मल्टी-सोर्स फीडबैक सिस्टम का इस्तेमाल उन्होंने बताया कि 2016 में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती के लिए मल्टी-सोर्स फीडबैक प्रणाली लागू की गई। इसमें वरिष्ठों, कनिष्ठों, सहकर्मियों और बाहरी हितधारकों से फीडबैक लेकर निर्णय लिए जाते हैं। इससे अधिकारियों की निर्णय लेने की क्षमता, जवाबदेही, कामकाज और ईमानदारी जैसे गुणों का आकलन किया जाता है। मिशन कर्मयोगी से प्रशिक्षण में क्रांति मिश्रा ने कहा कि मिशन कर्मयोगी ने सिविल सेवाओं के प्रशिक्षण की तस्वीर बदल दी है।आई.जीओटी प्लेटफॉर्म पर 3,300 से अधिक कोर्स मौजूद हैं और 1.3 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इससे जुड़ चुके हैं। इनमें 50 लाख से अधिक अधिकारियों ने भूमिका-विशेष प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इसे अब वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली से भी जोड़ा गया है। समूह बी और सी पदों पर इंटरव्यू खत्म प्रधान सचिव ने बताया कि समूह बी और सी पदों की नियुक्तियों में 2016 से इंटरव्यू खत्म कर दिए गए हैं। इससे चयन प्रक्रिया से पक्षपात और व्यक्तिपरकता हट गई है। उन्होंने कहा कि इस कदम से पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है और टैलेंट पूल भी विस्तृत हुआ है।   बदलते दौर में टीमवर्क और नैतिकता पर जोर मिश्रा ने स्नातकों से कहा कि बदलते दौर में तकनीकी कौशल के साथ ही टीमवर्क, पारदर्शिता, विनम्रता और नैतिक मूल्यों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं होती बल्कि शिक्षकों, परिवार और सहकर्मियों के सहयोग से मिलती है। भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव प्रधान सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत @2047 की दृष्टि में ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ का मंत्र शामिल है। भारत आज 100 से अधिक यूनिकॉर्न और 1.9 लाख स्टार्टअप के साथ वैश्विक नवाचार शक्ति बन चुका है। सरकार ने अनुसंधान और तकनीक के लिए एक लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान राष्ट्रीय कोष, इंडियाAI मिशन और डीप टेक फंड ऑफ फंड्स जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं। 

मिशन शक्ति का शुभारंभ: योगी सरकार ने त्योहारों में सुरक्षा कड़ा करने का लिया निर्णय

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन, मिशन शक्ति केंद्रों से संबंधित SOP की पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया। सीएम विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के इस अभियान नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन के साथ जोड़ा गया है। आज इसके परिणाम हम सबके सामने हैं। यूपी पुलिस में आजादी के बाद से 2017 तक महिला कार्मिकों की संख्या मात्र 10 हजार थी। 2017 के बाद से अब तक जो भर्ती हुई है उसके चलते यूपी पुलिस में आज 44 हजार से अधिक महिला कार्मिक हैं। हर भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य रूप से करनी है। उधर, आने वाले दिनों पर पड़ने वाले त्योहारों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। कल यानी शुक्रवार 19 सितम्बर 2025 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक में आदेश दिया था कि आगामी पर्व-त्योहार पर लोगों की सुरक्षा, सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। माहौल खराब करने वाले अराजक तत्वों के साथ पुलिस कठोरता से निपटे। इसके बाद शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में त्योहारों को लेकर पुलिस की तैयारी नजर आई। अयोध्या में एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया एएनआई से बातचीत में बताया कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। कांस्टेबल से लेकर सभी अधिकारी, सभी जगह का निरीक्षण कर रहे हैं। आयोजन समितियों के साथ विस्तृत बैठकें की गई हैं। त्योहारों को उत्साह के साथ सुरक्षित रूप से मनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

यासीन मलिक मामले पर BJP का रुख साफ, महबूबा मुफ्ती के बयान को बताया निराधार

श्रीनगर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अशोक कौल ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती द्वारा गृह मंत्री से यासीन मलिक के मामले की समीक्षा की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस अनुरोध में कोई दम नहीं है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कौल ने कहा, यासीन मलिक के अपहरण मामले में उनके परिवार के सदस्य ने उनकी पहचान की है। अब मानवीय आधार पर समीक्षा की मांग करने का क्या मतलब है? अगर ऐसा होता, तो उनकी पहचान ही नहीं होनी चाहिए थी। कानून अपना काम करेगा। उन्होंने मलिक से जुड़ी बातों पर आगे टिप्पणी करते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले व्यक्ति के दिमाग में क्या था। ये आंतरिक विवाद हैं। मलिक का दावा है कि कांग्रेस ने उन्हें पाकिस्तान भेजा था, जबकि दूसरे लोग कुछ और कहते हैं। कौल ने कहा, आखिरकार, उनके अपने परिवार ने ही उनकी पहचान की। उनके अपहरण की कहानियां तो चलती रहेंगी, लेकिन मैं कश्मीरियों से ऐसी कहानियों से दूर रहने का आग्रह करता हूँ। इन नेताओं का असली चेहरा सामने आ गया है, और आगे और भी खुलासे होंगे। कौल ने ऐतिहासिक घटनाओं का भी हवाला देते हुए कहा, नरसिंह राव को किसी को भेजना था, लेकिन उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को भेज दिया, जो उस समय विपक्ष के नेता थे। उन्हें भारत के लिए बोलने का अवसर मिला और उन्होंने विदेश में देश को बदनाम करने से इनकार कर दिया, जैसा कि कुछ पूर्व नेताओं ने भारत की छवि खराब करने के लिए विदेश में जाकर किया था।

कृषि मंत्री की बड़ी घोषणा: राज्य सरकार मंजूरी दे तो सोयाबीन खरीदी जाएगी समर्थन मूल्य पर

हरदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को हरदा पहुंचे। उन्होंने खिरकिया ब्लाक के बावड़िया गांव में एक शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर पौधारोपण किया। मीडिया के सोयाबीन को समर्थन मूल्य पर खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार का है। इस संबंध में राज्य सरकार से प्रस्ताव मिलने पर समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर दरें कम हो रही हैं। 22 सितंबर से कृषि यंत्रों की दरों में पांच प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे किसानों को इन्हें खरीदने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान 35 एचपी का ट्रैक्टर खरीदता है तो उसे सीधे 63 हजार रुपये की बचत होगी। इसी तरह बागवानी के लिए जो किसान ट्रैक्टर खरीदता है उस पर उसे 23 हजार रुपये तक की बचत होगी। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने कृषि यंत्र बनाने वाली विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधियों से कहा कि जीएसटी की दरों का सीधा लाभ किसानों को मिलना चाहिए ताकि उन्हें खेती के कार्यों में मदद मिले और उनका आर्थिक विकास हो सके। कई जगह हुआ स्वागत, महिलाओं ने बताई समस्या कृषि मंत्री कार के माध्यम से जिले में पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही छीपानेर में उन्होंने कुछ महिलाओं से मिलाकात की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं तो महिलाओं ने कहा कि उन्हें हर माह राशि प्राप्त हो रही है। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें राशि नहीं मिल रही है, जिस पर उन्होंने मामले की जांच कराकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। अबगांवखुर्द में कृषि मंत्री का किसानों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया- मुरैना ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना ने ग्रीन ऊर्जा और स्टोरेज को दी नई दिशा

पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना … Read more

नौकरी में अनुचित शर्त असंवैधानिक, ग्वालियर कोर्ट ने विधवा को न्याय दिलाया

ग्वालियर हाई कोर्ट की ग्वालियर पीठ ने एक शासकीय सेवक की विधवा को पारिवारिक पेंशन दिए जाने का आदेश सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नियमित सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर विधवा को पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। दस वर्ष से कम सेवा अवधि की शर्त नहीं लगाई जा सकती है। याचिकाकर्ता कमलीबाई के पति की 1998 में सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनकी कुल शासकीय सेवा अवधि सात साल छह माह आठ दिन थी। विभाग ने 10 साल की सेवा पूरी नहीं होने का हवाला देकर पेंशन देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने पेंशन नियम 1976 की धारा 47 का हवाला दिया। इसके अनुसार सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन का अधिकार है।   नियम सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है- कोर्ट कोर्ट ने कहा कि नियम 43(2) सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है। सेवा में मृत्यु की स्थिति में नियम 47 लागू होगा। कोर्ट ने विभाग के दो जुलाई 2012 के आदेश को रद कर दिया है। कोर्ट ने दो माह के भीतर याचिकाकर्ता की पेंशन तय करने और भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।  

सेमीकंडक्टर में नई क्रांति: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में लॉन्च हुआ नया मिशन

नई दिल्ली  भारत ने अगली पीढ़ी की सेमीकंडक्टर तकनीक में ऐतिहासिक कदम रखा है। बेंगलुरु में ब्रिटिश कंपनी एआरएम (ARM) का नया डिजाइन ऑफिस 2 नैनोमीटर (nm) चिप तकनीक पर काम शुरू करेगा, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जो इस अत्याधुनिक तकनीक पर काम कर सकते हैं। यह कदम भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बेंगलुरु में बनेंगे 2nm चिप केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अब 2nm चिप डिजाइन और निर्माण की दिशा में पूरी तरह तैयार है। बेंगलुरु में स्थापित एआरएम के नए डिजाइन सेंटर में ये अत्याधुनिक चिप डिजाइन किए जाएंगे। 16 सितंबर को मंत्री ने इस सेंटर का उद्घाटन किया, जो भारत की तकनीकी प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ता है। इससे पहले मई 2025 में नोएडा और बेंगलुरु में 3nm चिप डिजाइन सेंटर खोले जा चुके हैं। 2nm चिप क्या है और क्यों है खास? सेमीकंडक्टर चिप्स में लाखों ट्रांजिस्टर होते हैं, जो बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। ट्रांजिस्टर का आकार जितना छोटा होता है, चिप उतनी ही तेज और ऊर्जा-कुशल होती है। 2nm तकनीक के ट्रांजिस्टर अत्यंत छोटे होते हैं, जो स्मार्टफोन्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइसेज और सुपरकंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन प्रदान करते हैं। अब तक केवल ताइवान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, चीन और जापान ही इस तकनीक के करीब थे। भारत की इस क्षेत्र में एंट्री उसे वैश्विक तकनीकी नेताओं की कतार में लाकर खड़ा करती है। वर्तमान में फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स जैसे iPhone और सैमसंग गैलेक्सी में 3nm चिप वाले प्रोसेसर का उपयोग हो रहा है, लेकिन अगले एक-दो साल में 2nm चिप्स का इस्तेमाल शुरू हो सकता है। भारत के लिए क्यों जरूरी है 2nm चिप? वैश्विक सेमीकंडक्टर मार्केट का आकार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें भारत 100-110 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। 2nm तकनीक की दिशा में यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह भारत को वैश्विक चिप सप्लाई चेन में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेगा, जिससे देश की तकनीकी और आर्थिक ताकत बढ़ेगी।   सेमीकंडक्टर मिशन के तहत तेजी से प्रगति भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 6 राज्यों में 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनमें कुल 1.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके लिए 76,000 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता भी आवंटित की गई है। पिछले 11 वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 6 गुना बढ़ी है, जिससे सेमीकंडक्टर की मांग में तेजी आई है। सरकार का लक्ष्य केवल असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।  

ऑडियो वायरल: डांसिंग कॉप रंजीत सिंह पर अब पैसे की मांग का आरोप

इंदौर  इंदौर के प्रसिद्ध 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह से जुड़ा विवाद और गहरा गया है, क्योंकि आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने शनिवार को एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया है जिसमें रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का आरोप है।  इंदौर के ट्रैफिक हवलदार और 'डांसिंग कॉप' के नाम से मशहूर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे रंजीत की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राधिका ने शनिवार तड़के लगभग 5:30 बजे इंस्टाग्राम पर दो नई पोस्ट साझा कीं, जिनमें एक ऑडियो क्लिप भी शामिल है। इन पोस्ट के जरिए राधिका ने रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी बीच, शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद रंजीत सिंह को शहर के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। युवती ने ऑडियो पोस्ट कर लगाए नए आरोप राधिका ने शनिवार सुबह एक वीडियो के साथ ऑडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, "ये तुम्हारा फेमस सेलेब्रिटी… हाथ जोड़कर पैसे मांग रहा है, किसी और औरत से… उसने शेयर किया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है इसकी… ऐसी भीख मांग कर चला रहा था यह अपनी जिंदगी। ऑडियो सुनकर और मजा आया। मुझे यह किसी अन्य महिला ने भेजा है।" राधिका ने यह भी दावा किया है कि जिस महिला से पैसे मांगे गए, वह भी जल्द ही रंजीत के खिलाफ सामने आएगी।   अस्पताल में भर्ती रंजीत सिंह, हालत स्थिर शेल्बी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी ने रंजीत सिंह के स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया, "रंजीत सिंह को गुरुवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। अब उनकी हालत ठीक है और बीपी भी सामान्य है। आज (शनिवार) उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कल (रविवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।" कई और लड़कियों को धमकी देने का दावा अपनी दूसरी पोस्ट में राधिका ने दावा किया कि रंजीत सिंह से पीड़ित और भी कई लड़कियां हैं। उसने लिखा, "और कई लड़कियां हैं। कुछ तो मैरिड हैं, इसलिए सामने नहीं आना चाहतीं। कुछ को इसने (रंजीत) पुलिस की धमकी दी है। अब सब खुश हैं कि सीखो इससे सबक।" 

जीएसटी रिफॉर्म मूलरूप से हर एक भारतीय पर से टैक्स का बोझ कम करने के लिए है- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा- Next-Gen GST Reform नीतिगत समायोजन के साथ ही मोदी सरकार के एक दशक के अथक, स्थिर और दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन की परिणति है  जीएसटी रिफॉर्म को लेकर अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की बैठक – व्यापारियों से लेकर ग्राहकों तक पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, बताएंगे स्वदेशी उत्पाद और जीएसटी रिफॉर्म के फायदें  – जीएसटी रिफॉर्म से किसान से लेकर व्यापारी, विद्यार्थी और महिलाओं को होगा सीधा फायदा, हर वर्ग को बताएं रिफॉर्म से होने वाले फायदें – ‘घटी जीएसटी, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार’ के स्लोगन के साथ ग्राहकों और व्यापारिक संगठनों से करें मुलाकात – हर प्रतिष्ठानों पर लगेगा ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर, आत्मनिर्भर व विकसित भारत में स्वदेशी उत्पादों से होने वाले लाभ को बताएं  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश सरकार में शामिल एनडीए के सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के पहले चरण (22 सितंबर से 29 सितंबर 2025) की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अभियान का उद्देश्य जीएसटी में किए गए सुधारों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि त्योहारी सीजन में व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का नेतृत्व सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके इलाके में हर रोज अलग-अलग स्थानों पर होगा। मुख्यमंत्री खुद इस अभियान में शामिल होंगे। साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री भी इस अभियान लगातार सात दिन आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सांसद, मंत्री, विधायक, एमएलसी और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में रोजाना 1-2 घंटे बाजारों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उन्हें अभियान से जोड़ेंगे, ताकि यह पहल हर स्तर पर प्रभावी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग बाजारों का दौरा किया जाएगा। दुकानदारों को गुलाब का फूल भेंट कर धन्यवाद दें। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दुकानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर लगाएं। साथ ही, दुकानदारों से आग्रह करें कि वे अपने यहाँ स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले। अभियान के दौरान यह संदेश दें कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के श्रम, हुनर और परिश्रम की पहचान है। स्थानीय और भारतीय उत्पादों को अपनाने से ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का सपना साकार होगा। दुकानदारों और ग्राहकों को प्रेरित करें कि वे गर्व के साथ स्वदेशी सामान का उपयोग करें, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को गति मिले। त्योहारों की खरीदारी के मौके पर ग्राहकों से संवाद कर उन्हें बताएं कि जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे सस्ता सामान उपलब्ध हो रहा है। ग्राहकों को भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्राहकों के छोटे-छोटे वीडियो बनाए जाएंगे, जिसमें वे सस्ते सामान मिलने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देंगे। ये वीडियो अभियान के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करेंगे। सभी जनप्रतिनिधि दुकानदारों और ग्राहकों को सरल भाषा में समझाएंगे कि जीएसटी रिफॉर्म ने व्यापार को आसान बनाया है, जनता को सस्ता सामान उपलब्ध कराया है और स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग से भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनेगा। हर स्तर पर जागरूकता फैलाने का प्रयास होगा, ताकि यह सुधार व्यापारी और उपभोक्ता दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जनपदों में जाएं और वहां के स्थानीय निकायों और व्यापरिक संगठनों, किसानों और आम जनता से मुलाकात कर उन्हें इसका फायदा बताएं। इसे एक साथ पूरे प्रदेश में लागू करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से वस्तुएं सस्ती होंगी, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, इससे निवेश आएगा और रोजगार का सृजन होगा। आम लोगों को इसके बारे में जागरूक करना जरूरी है। त्योहारों में खरीदारी करने वाले लोगों से भी संवाद करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वदेशी को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के सहयोग से ही ये सुधार अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। इससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से उनके अगले सात दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा भेजने और उसे तत्परता से लागू करने का निर्देश दिया।