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चूहों के हमले से मचा हड़कंप: इंदौर अस्पताल में अधीक्षक छुट्टी पर, विभागाध्यक्ष की छुट्टी

इंदौर इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहों के हमले में दो नवजात बच्चियों की मौत के बाद सरकारी अस्पताल ने शिशु शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख को उनके पद से हटा दिया, जबकि अधीक्षक अचानक 15 दिन की छुट्टी पर चले गए.   महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहों के हमले की घटनाओं की जांच करने वाली राज्य स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन ने प्रोफेसर डॉ. ब्रजेश लाहोटी को एमवायएच के शिशु शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख पद से हटा दिया है. लाहोटी की जगह एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक लड्ढा को नियुक्त किया गया है. इसी क्रम में, एमवायएच के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव अपने 'बेहद खराब स्वास्थ्य' का हवाला देते हुए 15 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं. चूहों के काटने से नवजात शिशुओं की मौत के मामले में एमवायएच प्रशासन पहले ही 6 अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुका है, जिसमें निलंबन और उनके संबंधित पदों से निष्कासन भी शामिल है. बता दें कि 31 अगस्त और 1 सितंबर की दरम्यानी रात को एमवायएच के आईसीयू में चूहों ने जन्मजात विकृतियों से ​​पीड़ित दो नवजात बच्चियों पर हमला कर दिया. बाद में दोनों की मौत हो गई. अस्पताल के अधिकारियों ने चूहों के काटने के बजाय, पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और जन्मजात विकृतियों को इसका कारण बताया. इनमें से एक बच्ची का परिवार देवास जिले में रहता है, जबकि दूसरी नवजात के परिजन धार जिले के रहने वाले हैं. देवास और धार, इंदौर के पड़ोसी जिले हैं. उधर, आदिवासी संगठन 'जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस)' शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और एमवायएच अधीक्षक यादव को निलंबित करने और मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहा है.

सुशीला कार्की का बड़ा बयान: मोदी जी को किया नमस्कार, भारत को लेकर दिए ये संदेश

 नई दिल्ली/काठमांडू  हिंसा से जूझ रहा नेपाल धीरे-धीरे शांति की ओर बढ़ रहा है. पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की नेपाल की अंतिरम सरकार की प्रमुख बनने के लिए रजामंद हो गई हैं. नेपाल की कमान संभालने से पहले ही कार्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. कार्की ने कहा कि मैं मोदी जी को नमस्कार करती हूं. मुझ पर मोदी जी का बहुत अच्छा प्रभाव है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं. नेपाल में हालिया मूवमेंट की अगुवाई कर रहे Gen-Z ग्रुप ने मुझ पर विश्वास जताया है कि मैं भले ही छोटी अवधि के लिए लेकिन सरकार की अगुवाई करूं. उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता उन लोगों का सम्मान करने की होगी, जिन्होंने प्रदर्शनों में अपनी जान खोई है. कार्की ने कहा कि हमारा पहला काम प्रोटेस्ट के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए कुछ करने का होगा.  कार्की ने नेपाल का समर्थन को लेकर भारत की भूमिका की बात करते हुए कहा कि मैं भारत का बहुत सम्मान करती हूं और उनसे प्यार करती हूं. मैं मोदी जी की कार्यशैली से प्रभावित हूं. भारत ने नेपाल की बहुत मदद की है. नेपाल के अस्थिर राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कार्की ने कहा कि नेपाल में शुरू से ही समस्याएं रही हैं. अब स्थिति मुश्किल है. हम नेपाल के विकास के लिए काम करेंगे. हम देश की नई शुरुआत करेंगे. बता दें कि कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रही हैं. उन्होंने 2016 में यह पद संभाला था. लेकिन उन पर सरकार के काम में दखल देने का  आरोप लगाकर महाभियोग लाया गया था. लेकिन कार्की ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, कोर्ट ने इसके बाद उन्हें राहत देने से फैसले को पलट दिया था.  नेपाल में बवाल: जेलब्रेक के दौरान कैदियों पर सेना की फायरिंग, 2 की मौत नेपाल में उथल-पुथल और राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है. इस बीच नेपाल के रामेछाप में कैदियों ने जेल से भागने की कोशिश की, जिसके बाद सेना ने गोली चला दी. सेना की गोली लगने से दो कैदियों की मौत हो गई है. सेना से झड़प के दौरान 10 और कैदियों को गोली लगी है. नेपाल में सेना का नियंत्रण होने के बाद गोलीबारी की ये पहली घटना है.  इससे पहले काठमांडू जेल ब्रेक से भागे बांग्लादेशी नागरिक को एसएसबी ने पकड़ा. यह शख्स सोने की तस्करी के आरोप में पांच साल से नेपाल में बंद था. बिहार-नेपाल सीमा के रक्सौल सीमा की सुरक्षा में लगी SSB की 47 बटालियन ने एक बांग्लादेशी नागरिक महमद अबुल हसन ढाली को हिरासत में लिया. SSB 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडे ने बताया कि नेपाल में तीन दिनों से बदले स्थिति को देखते हुए सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. बुधवार लगभग तीन बजे दिन में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. जांच में महमद अबुल हसन ढली ने बताया कि यह नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित जेल में पांच साल से कैद है और नेपाल में हुए जेल ब्रेक में भाग कर यह रक्सौल पहुंचा है, जिससे आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए हरपुर थाना को सौंपा जा रहा है. बता दे कि नेपाल में ओली सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दूसरे ओर तीसरे दिन नेपाल के विभिन्न जिलों से लगभग 15000 कैदी जेल से भाग निकले हैं.

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में बढ़ी सुरक्षा, लगे अत्याधुनिक सिस्टम

ग्वालियर देश की पहली शताब्दी एक्सप्रेस का दर्जा प्राप्त नई दिल्ली से ग्वालियर होते हुए भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन तक जाने वाली ट्रेन को नए स्वचालित दरवाजों से लैस कर दिया गया है। दरवाजों को अब इमरजेंसी बटन और वैक्यूम लॉकिंग सिस्टम से जोड़ दिया गया है। गति पकड़ते ही ट्रेन के दरवाजे बंद हो जाएंगे। ट्रेन जब अगले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचेगी या आउटर में रुकेगी, तभी ट्रेन के गेट खुल पाएंगे। इसके लिए ट्रेन के रैक में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, सिर्फ दरवाजों को बदलकर उनमें नया सिस्टम लगाया गया है। नए सिस्टम से रुकेंगे हादसे दरअसल, शताब्दी एक्सप्रेस में आरक्षण का सिस्टम कुछ ऐसा है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच बुक होने वाली ज्यादातर सीटें एक ही कोच में आवंटित की जाती हैं। ऐसे में स्टेशन पर उतरने के लिए यात्रियों की भीड़ जुट जाती है। कई यात्री जल्दी उतरने के चक्कर में प्लेटफॉर्म आने से पहले ही दरवाजा खोल देते थे और हादसों का शिकार हो जाते थे। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। ऐसी ही व्यवस्था हजरत निजामुद्दीन से ग्वालियर होते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस में भी है। चूंकि ये दोनों ट्रेनें एक जैसे रैक के साथ ही संचालित होती हैं, इसलिए इस रूट पर गतिमान के बाद शताब्दी एक्सप्रेस को भी इस सिस्टम से जोड़ा गया है। रेल मंडल झांसी के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि इस बदलाव से सफर भी सुरक्षित रहेगा और दुर्घटना की आशंका कम होगी। लोको पायलट के पास कंट्रोल, प्लेटफॉर्म की तरफ के गेट ही खुलेंगे इन दरवाजों का कंट्रोल लोको पायलट और गार्ड के पास रखा गया है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जब ट्रेन किसी स्टेशन पर पहुंचती है, तो सिर्फ उसी दिशा के दरवाजे खुलें जिस तरफ प्लेटफॉर्म रहेगा। दूसरी दिशा के दरवाजों को बिना लोको पायलट की मर्जी के नहीं खोला जा सकता है। इससे इन लक्जरी ट्रेनों में अनावश्यक प्रवेश को भी रोका जा सकता है। बेस किचन हुई शिफ्ट, खाने का समय भी बदला शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्रियों के खाने के समय में भी परिवर्तन किया गया है। पहले ग्वालियर में इस ट्रेन का बेस किचन था और यहीं से खाना ट्रेन में भेजा जाता था। ऐसे में यात्रियों को झांसी स्टेशन गुजरने के बाद लगभग साढ़े 11 बजे खाना परोसा जाता था। अब बेस किचन को झांसी में ही शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में यात्रियों को अब ललितपुर गुजरने के बाद लगभग साढ़े 12 बजे खाना परोसा जाता है। भोपाल से लौटते समय ग्वालियर स्टेशन से ट्रेन गुजरने के बाद खाना परोसना शुरू किया जाता है।

इंदिरा एकादशी 2025: महत्व, पूजा नियम और सही समय जानें, 16 या 17 सितंबर का फिक्स टाइम

हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. सालभर में कुल 24 एकादशियां आती हैं और हर एकादशी की अपनी धार्मिक मान्यता होती है. पितृपक्ष में आने वाली एकादशी को बेहद पवित्र माना गया है. इस एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया व्रत और पूजा पितरों को समर्पित होती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. कब है इंदिरा एकादशी 2025 द्रिक पंचांग के अनुसार इस साल इंदिरा एकादशी का व्रत 17 सितंबर, बुधवार को रखा जाएगा. एकादशी तिथि की शुरूआत सुबह 12 बजकर 21 मिनट से होगी और इसका समापन रात 11 बजकर 39 मिनट पर होगा. इस दिन व्रत रखा जाएगा और पारण अगले दिन यानी 18 सितंबर को किया जाएगा. पंचांग के अनुसार, 18 सितंबर को सुबह 06:07 से 08:34 बजे के बीच स्नान-ध्यान कर पूजा-पाठ के बाद व्रत खोल सकते हैं. इंदिरा एकादशी का महत्व इंदिरा एकादशी को श्राद्ध एकादशी भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और तर्पण करने से जातक के पापों का नाश होता है और उनके पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसा करने से साधक को सुख-समृद्धि और शांति मिलती है. माना जाता है कि इस व्रत को करने वाला जातक सांसारिक सुखों का आनंद लेने के बाद अंत में बैकुंठ धाम को प्राप्त करता है. पूजन विधि इस व्रत की पूजा विधि भी विशेष मानी गई है. प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें. पितरों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करें. इसके बाद पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित कर दीपक जलाएं. उन्हें पीले फूल और मिठाई अर्पित करें क्योंकि पीला रंग श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है. इसके बाद पूजा सामग्री चढ़ाकर व्रत कथा सुनें और अंत में विष्णुजी की आरती कर प्रसाद बांटें. पितरों की शांति के लिए करें इन चीजों का दान पितरों की शांति और संतुष्टि के लिए इस दिन दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. इस दिन घी, दूध, दही और अन्न का दान करने से घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है. साथ ही जरूरतमंदों को भोजन कराने से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है.

वजन कम करने की नई उम्मीद! ओजेम्पिक से दोगुनी ताकतवर दवा विकसित

 आज की दुनिया में मोटापा सिर्फ एक हेल्थ इश्यू नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। अब तक ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी दवाओं ने वजन कम करने के क्षेत्र में क्रांति तो लाई है, लेकिन इनके साथ उल्टी, जी मिचलाना, मांसपेशियों की कमजोरी और कभी-कभी दुबारा वजन बढ़ने जैसे साइड इफेक्ट भी देखने को मिले हैं। ऐसे में अब वैज्ञानिकों ने एक नई उम्मीद जगाई है एक ऐसी दवा जो सर्जरी जितना असरदार, लेकिन अधिक सुरक्षित और आसान हो सकती है। कैसी है नई दवा?- स्टडी अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक एक्सपेरिमेंटल दवा तैयार की है, जो एक साथ चार हार्मोन पर काम करती है GLP-1, GIP, ग्लूकागन और PYY।     GLP-1 भूख को कम करता है और पाचन को धीमा करता है।     GIP मतली को कंट्रोल करता है और फुलनेस की फीलिंग बढ़ाता है।     ग्लूकागन शरीर की एनर्जी खपत को बढ़ाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है।     PYY पाचन की रफ्तार को और धीमा कर अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है।     वैज्ञानिकों का दावा है कि यह दवा 30% तक वजन घटा सकती है, जो कि आम तौर पर बैरियाट्रिक सर्जरी में देखने को मिलता है। जानिए नई दवा ओजेम्पिक से कैसे अलग है? ओजेम्पिक जैसी मौजूदा दवाएं सिर्फ GLP-1 पर काम करती हैं। नई दवा चार हार्मोन का संतुलन बनाकर असर दिखाने की कोशिश करती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे मतली और उल्टी जैसी शिकायतें कम होंगी, साथ ही मांसपेशियों और हड्डियों की ताकत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और मोटापा घटने के बाद दुबारा बढ़ने का रिस्क भी कम हो सकता है। कोशिकाओं पर टेस्ट किया गया? अभी यह दवा प्रारंभिक प्रयोगशाला चरण (preclinical stage) में है। ये न तो जानवरों पर और न ही इंसानों पर इसका ट्रायल हुआ है। फिलहाल इसे कोशिकाओं पर टेस्ट किया गया है, जहां इसके अच्छे नतीजे मिले हैं। अगला कदम होगा पहले जानवरों पर, फिर इंसानों पर ट्रायल। उसके बाद ही इसे दवा के रूप में लॉन्च करने की प्रक्रिया शुरू होगी। क्यों है यह खोज अहम? भारत से लेकर अमेरिका तक लाखों लोग मोटापे से जूझ रहे हैं। वहीं मोटापा कम करने के लिए कई दवाएं बनाई गई हैं, जो काफ़ी असरदार हैं, लेकिन दवाओं के साइड इफेक्ट्स, इंजेक्शन की झंझट और महंगे दाम लोगों को परेशानी में डालते हैं।वहीं अगर नई दवा पर रिसर्च सफल रही, तो यह वजन घटाने में न सिर्फ मदद करेगी बल्कि इसके कम साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं और इस दवा को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।

हिंदी में मेडिकल पढ़ाई की शुरुआत, जबलपुर में खुल रहा पहला हिंदी माध्यम कॉलेज

 जबलपुर  मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जल्द ही जबलपुर में देश का पहला हिंदी चिकित्सा कॉलेज आरंभ करने जा रहा है। एमबीबीएस की 50 सीटों के साथ यह कालेज शैक्षिक सत्र 2027-28 से आरंभ होगा। इसमें पढ़ाई हिंदी माध्यम से कराई जाएगी। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने प्रस्ताव मध्य प्रदेश सरकार को भेजा विश्वविद्यालय कार्य परिषद की हरी झंडी मिलने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इसके लिए एक करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट भी प्रस्तावित किया गया है। विश्वविद्यालय ने मातृभाषा हिंदी में इसे कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। अभी तक विश्वविद्यालय स्वयं कोई कॉलेज संचालित नहीं करता है। सिर्फ संबद्धता और परीक्षा संबंधी कार्य ही विश्वविद्यालय के जिम्मे होते हैं। अब विश्वविद्यालय का अपना कालेज होने से अकादमिक गुणवत्ता भी निखरेगी। हिंदी में चिकित्सा की पढ़ाई से ग्रामीण व आदिवासी अंचल से आने वाले छात्रों को सुविधा हो जाएगी। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में पारित हुआ है। जबलपुर के सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से रहेगा संबद्ध यह कॉलेज, जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध रहेगा और एनएमसी के सभी मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। कॉलेज को पूरी तरह आवासीय बनाया जाएगा। राज्य शासन से मंजूरी और एनएमसी से मान्यता के बाद निर्माण व फैकल्टी चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। विश्वविद्यालय अपना जनरल हिंदी में प्रकाशित करेगामध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयू) अपना जनरल भी हिंदी में प्रकाशित करेगा। कॉलेज के शुरू होने के साथ भाषाई दिक्कत शिक्षकों व छात्रों को न आए, इस दिशा में एमयू लगातार कार्य में जुटा हुआ है। हिंदी पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए एमयू ऐसी लाइब्रेरी पर काम कर रहा है जिसमें कोर्स से संबंधित पाठ्य पुस्तकें हिंदी में अनुवादित होंगी। नए कॉलेज का मसौदा राज्य सरकार को भेज दिया     कार्य परिषद की स्वीकृति के बाद नए कॉलेज का मसौदा राज्य सरकार को भेज दिया गया है। वहां से अनुमति के बाद इस दिशा में कार्य और तेज हो सकेगा। उम्मीद है जल्द ही सरकार इस पर फैसला लेगी। यह अपनी तरह का देश में पहला कालेज होगा, जहां चिकित्सा की पढ़ाई हिंदी में होगी। -डॉ पुष्पराज सिंह बघेल, कुलसचिव, मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर  

आज का राशिफल 11 सितंबर 2025: इन राशियों पर मेहरबान होंगे ग्रह-नक्षत्र

मेष मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आपको किसी काम में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। वृषभ वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। मिथुन आज के दिन वृश्चिक राशि वालों को सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। जिससे आर्थिक बजट गड़बड़ा सकता है। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। कर्क कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में नौकरी पेशा करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। सिंह सिंह राशि वालों को दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। इस दौरान आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। कन्या आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। जिससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। इस दौरान आपको मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। तुला तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आपके आय के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मन चाहा लाभ होगा। परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। वृश्चिक आज के दिन किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। विवाहित जातकों की लव लाइफ अच्छी रहेगी। किसी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। धनु आज के दिन धनु राशि वालों को किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। कुछ छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। मकर आज दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। मकर राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। कुंभ आज के दिन ऑफिस में प्रमोशन मिल सकता है। दोपहर के समय गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। इस दौरान आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। समय और धन दोनों को सोच-समझकर खर्च करें। मीन मीन राशि के जातकों को किसी भी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ साबित हो सकता है।

वसीयत विवाद ने बढ़ाई टेंशन: संजय कपूर की संपत्तियों पर कानूनी जंग तेज

नई दिल्ली दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान कपूर ने अपनी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था और प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगा था। वहीं, अब संजय की मां रीना कपूर ने अपने दिवंगत बेटे की वसीयत में हिस्सा मांगा है।   उनके वकील वैभव गग्गर ने कहा कि संजय की वसीयत से संबंधित किसी भी दस्तावेज की जानकारी उनकी मां को नहीं दी गई है। इस मामले को लेकर वकील वैभव गग्गर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ''आज के मामले में, संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों की ओर से दावा किया है कि उन्हें एक वसीयत दिखाई गई है, जिसके आधार पर उनके बच्चों को संजय कपूर की निजी संपत्ति से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने इस वसीयत को फर्जी बताया है।'' उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में 'इंटेस्टेट सक्सेशन' यानी बिना वसीयत के उत्तराधिकार लागू हो, जिसके अनुसार संजय कपूर की संपत्ति पांच हिस्सों में बांटी जाए, करिश्मा के दो बच्चे, संजय की पत्नी प्रिया, उनका बेटा और संजय कपूर की मां रानी कपूर के बीच संपत्ति का विभाजन हो। बता दें कि प्रिया सचदेव कपूर का दावा है कि संजय कपूर ने 21 मार्च को एक वैध वसीयत बनाई थी, जिसके अनुसार संपूर्ण संपत्ति उन्हें सौंपी गई है। इस वसीयत को लेकर विवाद और गहरा हो गया है क्योंकि करिश्मा कपूर के बच्चों ने आरोप लगाया है कि यह वसीयत सात हफ्ते तक छुपाई गई और फिर अचानक एक पारिवारिक बैठक में पेश की गई, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हुई। वकील गग्गर ने कहा, ''मैं इस वक्त मामले की मेरिट्स पर ज्यादा नहीं बोलूंगा, क्योंकि यह मामला अदालत के विचाराधीन है, लेकिन जो केस दायर किया गया है, उसकी यही मूल भावना है।'' कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर को 12 जून 2025 (संजय कपूर की मृत्यु की तारीख) तक की सभी निजी संपत्तियों का विस्तृत विवरण कोर्ट में दाखिल करना होगा। साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी याचिकाएं, जवाब और कानूनी रुख लिखित में कोर्ट के समक्ष पेश करें। इस हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की गई है।

भारत-यूरोपीय संघ में बढ़ी साझेदारी: वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति

ब्रसेल्स भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने ब्रसेल्स में आयोजित आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्यकारी समूह की 15वीं बैठक में आतंकवाद के सभी स्वरूपों और खासतौर पर सीमा-पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है और इससे निपटने के लिए सतत एवं व्यापक वैश्विक सहयोग की जरूरत है। बैठक की सह-अध्यक्षता यूरोपीय बाहरी कार्य सेवा (ईईएएस) के सुरक्षा एवं रक्षा नीति निदेशक मचीज स्टाडेजेक और भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) के. डी. देवाल ने की। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, “भारत और ईयू ने संयुक्त राष्ट्र, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म फोरम और एफएटीएफ जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग की अहमियत पर बल दिया। बैठक के दौरान घरेलू, क्षेत्रीय और वैश्विक खतरे के आकलनों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थिरता और संघर्ष आतंकवाद व उग्रवाद को बढ़ावा देते हैं।” बैठक में आतंकवाद के वित्त पोषण को रोकने, ऑनलाइन कट्टरपंथ की रोकथाम, आतंकियों और आतंकी संगठनों की सूचीबद्धता में सहयोग तथा नई उभरती प्रौद्योगिकियों के दुष्प्रभाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भविष्य में आतंकवाद-रोधी सहयोग को और मजबूत करने के रास्तों की पहचान की। अगली बैठक नई दिल्ली में पारस्परिक सहमति से तय तिथि पर होगी। भारत और ईयू ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी निंदा की। ईयू ने निर्दोष नागरिकों की हत्या पर भारत के प्रति संवेदना व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत में भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर के क्रियान्वयन पर सहमति जताई गई। दोनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, सतत विकास, रक्षा, सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का स्वागत किया। पीएम मोदी ने दोनों नेताओं को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का आमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया, “दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के रूप में भारत और यूरोपीय संघ के बीच भरोसे, साझा मूल्यों और साझा दृष्टिकोण पर आधारित मजबूत संबंध हैं। नेताओं ने वैश्विक मुद्दों से निपटने, स्थिरता लाने और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने में भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की अहम भूमिका को रेखांकित किया।” बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और जल्द से जल्द शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रति भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

माँ नर्मदा की उद्गम स्थली में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा : लोक निर्माण मंत्री सिंह भोपाल  लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने अमरकंटक में कपिलधारा पहुँच मार्ग का भूमिपूजन किया। माँ नर्मदा की उद्गम स्थली को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल सड़क नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था को आधुनिकता से जोड़ने वाला पथ बनेगा। कपिलधारा जलप्रपात, जिसे ऋषि कपिल की तपोभूमि माना जाता है, हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि पाँच किलोमीटर लंबे इस नए पहुँच मार्ग को ऐसा रूप दिया जाएगा, जिससे यह केवल सड़क न लगकर एक पर्यटन स्थल जैसा अनुभव प्रदान करेगा।इस दो लेन चौड़े मार्ग पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ, छायादार आश्रय स्थल, कम्पोस्ट शौचालय और सौर ऊर्जा से संचालित दीपक लगाए जाएँगे। मार्ग की बाउंड्री पर कपिल मुनि की तपस्या, राजा सगर के पुत्रों और माँ गंगा के अवतरण की गाथाएँ उकेरी जाएँगी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह मॉडल भीमबेटका और भोजपुर जैसे स्थलों पर भी लागू किया जाएगा। समीक्षा बैठक में विभागीय निर्णय लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंत्री श्री सिंह ने गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने औचक निरीक्षणों में सख़्ती दिखाई है, वहीं कुछ ने बिल्कुल भी कार्रवाई नहीं की। यह रवैया अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान और लापरवाही करने वालों को दंड मिलेगा। लोक कल्याण सरोवर योजना पर जोर बैठक में लोक कल्याण सरोवर योजना पर चर्चा हुई। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परिक्षेत्र में 10-10 सरोवरों का चयन कर मुख्य अभियंता स्वयं उनका भौतिक निरीक्षण करें। इन सरोवरों पर सूचना पट्टिकाएँ लगाई जाएँ और इन्हें स्थानीय समाज के लिए उपयोगी धरोहर बनाया जाए। टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार मंत्री श्री सिंह ने बताया कि 18 से 20 सितम्बर तक प्रदेश की सभी सड़कों और पुलों का सर्वेक्षण रोड़ ट्रेकिंग एंड सर्वे मोबाइल ऐप से किया जाएगा। यह ऐप मुख्यमंत्री द्वारा अभियंता दिवस पर लोकार्पित किए जाने का प्रस्ताव है। भास्कराचार्य संस्थान द्वारा तैयार मास्टर प्लान रोड मैपिंग टूल पर भी चर्चा हुई, जिसे 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस टूल से सड़क योजना वैज्ञानिक और डेटा आधारित होगी। नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह पथ श्रद्धालुओं के लिए केवल एक रास्ता नहीं होगा, बल्कि आस्था और संस्कृति का अनुभव बनेगा। इसमें ठहरने, भोजन और शौचालय जैसी सुविधाएँ होंगी। घाटों और मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा तथा पूरी योजना ईको-फ्रेंडली सिद्धांतों पर आधारित रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संत समुदाय और स्थानीय समाज की राय लेकर ही इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल समीक्षा बैठक में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि “जनता को हर सड़क और भवन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।