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तेज रफ्तार का कहर! नेशनल हाइवे 44 पर भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने गंवाई जान

सागर नेशनल हाइवे 44 सागर-झांसी मार्ग पर थाना मालथौन के सुखालीपुरा के पास बुधवार दोपहर 1 बजे अज्ञात वाहन ने जैन श्रद्धालुओं को लेकर जा रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। वाहन को ओवरटेक करने के दौरान यह भीषण सड़क हादसा हो गया। इसमें दो लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई एवं दो ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं पांच अन्य लोग घायल हो गए। घटना की सूचना पर थाना पुलिस सहित अधिवक्ता एवं स्थानीय लोगों ने पहुंचकर घायलों को एम्बुलेंस की मदद से स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी अनुसार दमोह जिले के जबेरा निवासी सचिन जैन अपनी पत्नी ऋतु और अपने चार बच्चों और रिश्तेदारों के साथ हैं तीर्थ क्षेत्र गोलाकोट जा रहे थे। तभी मालथौन के पास यह भीषण हादसा हो गया।   इसमें सचिन जैन, पत्नी ऋतु जैन और साले सुखेन्द्र जैन और उनके बेटे अक्ष निवासी गढ़ाकोटा की मौत हो गई। पांच अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में चेतना जैन पति सुखेन्द्र 25 साल निवासी गढ़ाकोटा, अनोखी पिता सचिन जैन 05 साल , आराध्या पिता सचिन जैन 4 साल ,अरबी पिता सचिन जैन 8 साल का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा हैं। घटना में मृतक सचिन जैन की तीन बेटियां ही बची हैं। बाकी पूरा परिवार उजड़ गया हैं। घटना स्थल से सिविल कोर्ट नजदीक है। इसके चलते गुरुदीप सिंह सिसोदिया एवं अन्य अधिवक्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल भेजा। वहीं पुलिस ने शवों को परिजनों को सौंप घटना की जांच में जुट गई हैं। घटना के कारणों का पता अभी नहीं चल सका हैं ,साथ ही वाहन की भी तलाश की जा रही हैं।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी की फोन पर बात – व्यापार से लेकर वैश्विक मुद्दों तक हुई चर्चा

नई दिल्ली  पीएम नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने इस बातचीत के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई और यूक्रेन में संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने में आपसी रुचि व्यक्त की। अपने पोस्ट में पीएम मोदी ने आगे लिखा कि पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और IMEEEC पहल के माध्यम से संपर्क को बढ़ावा देने में इटली के सक्रिय सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (EU) से भारत और चीन पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का आग्रह किया है, ताकि रूस पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सके। यह मांग 9 सितंबर 2025 को वॉशिंगटन में वरिष्ठ अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों की एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान उठाई गई, जिसमें रूस की युद्ध फंडिंग को रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। ट्रंप का कहना है कि भारत और चीन रूसी तेल और गैस के प्रमुख खरीदार हैं, जिससे रूस को आर्थिक समर्थन मिलता है और वह यूक्रेन में युद्ध जारी रख पाता है। इस संदर्भ में, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल की बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें यूक्रेन संकट और वैश्विक आर्थिक स्थिरता शामिल हो सकती है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत-अमेरिका संबंध तनावपूर्ण हैं। ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए पहले 25% और फिर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जिससे भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में कुल 50% शुल्क लागू हो गया है। हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भारत के साथ व्यापारिक संबंध सुधारने और पीएम मोदी से जल्द बातचीत की इच्छा व्यक्त की है।  

भारत से गहरा नाता और बेबाक छवि… कौन हैं सुशीला कार्की जो संभाल सकती हैं नेपाल की कमान

काठमांडू  नेपाल में तख्तापलट और खूनी हिंसा के बाद अब नई सरकार का इंतजार किया जा रहा है। जेन-जी प्रदर्शनकारी पहले काठमांडू के मेयर बालेन शाह को देश की कमान देना चाहते थे, लेकिन अब नया नाम सामने आया है। प्रदर्शनकारी नेपाल की पूर्व सीजेआई सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। यह दावा नेपाल के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव ने किया। नेपाल की अंतरिम सरकार के मुखिया को चुनने के लिए आयोजित की गई एक वर्चुअल मीटिंग में करीब पांच हजार से ज्यादा जेन-जी युवा शामिल हुए। इसमें सुशीला कार्की को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। उनका भारत से भी कनेक्शन है। दरअसल, कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पोस्ट ग्रैजुएट की पढ़ाई की है। भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर नेपाल पिछले तीन दिनों से जल रहा है। केपी ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिसके बाद बालेन शाह का नाम सबसे आगे आया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांग पर अपनी सहमति नहीं दी, जिसके बाद दूसरे नामों पर विचार किया जाने लगा। सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनती दिख रही है। कौन हैं सुशीला कार्की? नेपाल के विराटनगर में सात जून, 1952 को जन्मीं सुशीला कार्की वहां की पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं। वह नेपाल की पहली और एकमात्र महिला सीजेआई हैं। उन्होंने 2016 में सीजेआई का पद संभाला। विराटनगर के कार्की परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुशीला कार्की अपने माता-पिता की सात संतानों में सबसे बड़ी हैं। साल 1972 में उन्होंने विराटनगर में ही महेंद्र मोरंग कैंपस से बीए की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने 1975 में वाराणसी की बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में पीजी किया। उन्होंने 1978 में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से फिर बैचलर की डिग्री हासिल की। उन्होंने 1979 में विराटनगर में ही वकालत की शुरुआत की और फिर असिस्टेंट टीचर के रूप में भी काम किया। 2009 में उन्हें नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में एडहॉक जज के रूप में नियुक्त किया गया। वहीं, 2016 में वे अपने देश की सीजेआई बनीं और सात जून, 2017 तक इस पद पर रहीं।  

पंजाब के साथ हरियाणा खड़ा: कुरुक्षेत्र से रवाना हुई CM सैनी की राहत राहत convoy

पंजाब  पंजाब में भीषण बाढ़ से हुई त्रासदी पर हरियाणा लगातार नजर बनाए हुए है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव मदद और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में आज कुरुक्षेत्र से सीएम नायब सिंह सैनी ने पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री से भरे 20 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, इन ट्रकों में विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री, पशुओं के लिए चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान भरा गया है। बता दें कि शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं, भाजपा संगठन और जिला प्रशासन के सहयोग से ये राहत सामग्री एकत्रित की गई है। अब इस सामग्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जाएगा, ताकि संकट के समय लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में जो प्राकृतिक आपदा आई है। उससे बहुत लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंन कहा हरियाणा के लोगों ने पंजाब की बाढ़ आपदा में लगातार राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया है। भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाएं मिलकर पंजाब के लोगों की मदद करने के लिए निरंतर राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रही है।  सीएम सैनी ने कहा कि बुधवार को कुरुक्षेत्र से राहत सामग्री लेकर 21 ट्रक पंजाब भेजे गए हैं। हमने हरियाणा की तरफ से बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए पंजाब को 5 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 5 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 5 करोड़ रुपये तुरंत सहायता के रूप में भेजने का काम किया है।   वहीं मौके पर मौजूद पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि हरियाणा की नायब सैनी सरकार संकट की इस घड़ी में पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है। उन्हें हर संभव मदद हरियाणा सरकार और हरियाणा के लोग भेज रहे हैं। हरियाणा सरकार ने पंजाब की मदद के लिए 5 करोड़ रुपए की सहायता भी की है और जरूरत पड़ने पर हम पीछे नहीं हटेंगे।

किसान भाइयों ध्यान दें: पीएम किसान की 21वीं किस्त पाने के लिए अभी करें ये काम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद मिलती है, जो ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान बेसब्री से 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, अगर आपने कुछ जरूरी काम नहीं किए हैं, तो आपकी अगली किस्त रुक सकती है। ई-केवाईसी (e-KYC) कराना है अनिवार्य यह किस्त पाने की सबसे जरूरी शर्त है। अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो आपकी किस्त रोकी जा सकती है। ऑनलाइन तरीका: सबसे पहले pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं। 'Farmers Corner' में जाकर ई-केवाईसी ऑप्शन चुनें। अपना आधार नंबर डालें और ओटीपी वेरिफाई करें। चाहें तो पीएम किसान मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन तरीका: अगर इंटरनेट नहीं है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। वहाँ बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से ई-केवाईसी हो जाएगी। आधार कार्ड साथ ले जाना न भूलें। बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करें आपकी किस्त सीधे आपके बैंक खाते में तभी आएगी जब आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक हो। अगर यह लिंक नहीं है, तो पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) से नहीं आएगा। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार लिंकिंग कराएं और DBT सुविधा एक्टिव कराएं। भूमि सत्यापन कराएं अपनी किस्त बिना किसी रुकावट के पाने के लिए अपनी जमीन से जुड़े कागजात का सत्यापन करा लें। अगर आपकी जमीन का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो किस्त अटक सकती है। इसके लिए आपको अपने तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग से संपर्क करना होगा। आप पीएम किसान पोर्टल पर भी जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपने रजिस्ट्रेशन के दौरान जो भी जानकारी दी है, वह पूरी तरह सही हो। नाम, आधार नंबर, या बैंक डिटेल्स में कोई भी गलती किस्त को रोक सकती है। कब आएगी 21वीं किस्त? रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त नवंबर या दिसंबर 2025 में जारी हो सकती है। सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन आमतौर पर हर चार महीने में एक किस्त जारी होती है। हाल ही में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की शिकायतों के लिए एक विशेष पोर्टल बनाने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके। अगर आप चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त न अटके, तो इन तीनों कामों को जल्द से जल्द पूरा कर लें।  

मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक हुई आयोजित, कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल भोपाल स्थित होटल पलाश में मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने की। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 की अवधि में हुए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें निम्न प्रमुख बिंदु सामने आए 3500+ नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए। 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे। 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। परिषद ने बताया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा FDA का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली के माध्यम से  स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी। सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन किया जाएगा।पंजीकरण प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन तथा डॉ. पवन दुबे उपस्थित रहे। सरकारी पक्ष से श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री (मुख्य विश्लेषक, म.प्र. शासन) तथा चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी बैठक में सम्मिलित हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने अब तक हुई प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई ज्योति मल्होत्रा की पेशी, जानें अगली तारीख

हिसार  जासूसी के मामले में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा आज हिसार कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। ज्योति के वकील कुमार मुकेश चालान कॉपी की डिमांड कर रहे हैं। मगर अब तक उनको चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है। 14 अगस्त को हिसार पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट जमा करवाई थी। अब इस मामले में 16 सितंबर को अगली पेशी होगी। बता दें इस केस की सुनवाई करने वाले जज के छुट्टी पर जाने के कारण ज्योति की वीसी के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आज ज्योति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अगली पेशी पर ज्योति कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होगी। इस दौरान चालान कॉपी की डिमांड की जाएगी। बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में 16 मई को हिसार से गिरफ्तार किया गया था। 

हर घर तक मदद पहुँची: ऑपरेशन राहत ने बदल दी पंजाब की तस्वीर

पंजाब  पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ ने लोगों के घर, खेत और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। लेकिन इस संकट की घड़ी में पंजाब सरकार ने “ऑपरेशन राहत” के तहत प्रभावित लोगों को नई उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में न केवल प्रशासन बल्कि कैबिनेट मंत्री भी खुद गांव-गांव जाकर पीड़ितों के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस “ऑपरेशन राहत” के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में लगातार लगे हुए हैं। उन्होंने न सिर्फ सरकारी स्तर पर राहत कार्यों को तेज़ किया, बल्कि खुद भी आगे आकर लोगों का सहारा बने। अपने परिवार की ओर से 5 लाख रुपये देकर लगभग 50 घरों की मरम्मत करवाई। गांव-गांव जाकर फॉगिंग और दवाइयों की व्यवस्था करवाई, पशुओं के टीके लगवाए और अपने घर को भी 24 घंटे लोगों के लिए खोल दिया। इस वजह से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली। मंत्री बैंस हर रोज़ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़-प्रभावित गांवों की मदद की निगरानी कर रहे हैं। तय किया गया है कि गिरदावरी रिपोर्ट 3 दिनों में, पानी और बिजली 24 घंटों में, और टूटे रास्ते 48 घंटों में बहाल किए जाएँगे। अगले 3 दिन वे खुद रोज़ शाम अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो। हाल ही में उनकी इंसानियत का उदाहरण उस समय सामने आया जब कांग्रेस पार्टी ने आनंदपुर साहिब में हाईवे जाम कर दिया। जाम में एक एंबुलेंस फंस गई, जिसमें गंभीर मरीज पीजीआई चंडीगढ़ जा रहा था। यह देखकर बैंस साहिब ने तुरंत अपनी पायलट गाड़ी आगे भेजी और खुद रास्ता साफ करवाया, जिससे एंबुलेंस समय पर निकल गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने उनकी तारीफ की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पर सवाल खड़े हुए कि बाढ़ जैसे संकट के समय सड़कें जाम करना न केवल प्रशासनिक काम में बाधा है, बल्कि सीधे-सीधे ज़रूरतमंद लोगों की जान से खिलवाड़ भी है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में सक्रिय हैं। उनके परिवार ने भी राहत कार्यों में योगदान दिया अजनाला हलके के गांव निसोके में उनकी धर्म पत्नी सरदारी सुहिंदर कौर जी ने राहत सामग्री और पशुओं का चारा वितरित किया। मंत्री हरभजन सिंह ने खुद दरियाओं पर जाकर बांध बनाने और प्रभावित लोगों की मदद की। ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोढ़ ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत सामग्री, राशन और पीने योग्य पानी लोगों तक पहुंचाया। बाढ़ के पहले दिन से ही कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। घुल्लेवाला गांव में बांध टूटने का खतरा था, लेकिन मंत्री भुल्लर और स्थानीय लोगों ने मिलकर इसे बचाया और तुरंत राहत सामग्री वितरित की। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल भी सीधे गांवों में जाकर राहत कार्यों का जायजा लेते रहे और सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे। पंजाब सरकार हर मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ी है। “राहत” के तहत पटियाला से 16 ट्रक राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजी गई। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक दवाई, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बाढ़ प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में सक्रिय हैं। उन्होंने डिर्बा कार्यालय में स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत किट तैयार किए और ध्यान रखा कि कोई भी परिवार मदद से पीछे न रह जाए।  

आजम खान की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला, डूंगरपुर केस में कोर्ट ने जताई सहानुभूति

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान को कथित डूंगरपुर मामले में बुधवार को जमानत दे दी। इस मामले में एक रिहायशी कॉलोनी को कथित तौर पर बलपूर्वक खाली कराया गया था। रामपुर की एमपी-एमएलए (सांसद-विधायक) अदालत ने आजम खान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति समीर जैन ने आजम खान द्वारा दायर जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया। इससे पूर्व, 12 अगस्त को अदालत ने आजम खान और बरकत अली नाम के एक ठेकेदार की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बरकत अली ने भी उच्च न्यायालय में एक आपराधिक अपील दायर की है। कथित डूंगरपुर मामले में अबरार नाम के एक व्यक्ति ने आजम खान, पुलिस से क्षेत्राधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए आले हसन खान और ठेकेदार बरकत अली के खिलाफ अगस्त, 2019 में रामपुर के गंज पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आजम खान, आले हसन खान और बरकत अली ने दिसंबर, 2016 में उसकी पिटाई की थी और उनके घर में तोड़फोड़ करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इसके साथ ही इन तीनों ने उसका घर भी ध्वस्त करा दिया था। इस मामले में रामपुर की एमपी..एमएलए विशेष अदालत ने 30 मई, 2024 को आजम खान को 10 वर्ष और बरकत अली को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों ने कॉलोनी खाली कराने का आरोप लगाते हुए 12 मामले दर्ज कराये थे। ये मामले गंज थाने में लूट, चोरी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज कराये गए थे।

गुमशुदा मोबाइल लौटाने पर मंडला पुलिस को गोवा में किया गया सम्मानित

 मंडला भारत सरकार के दूरसंचाल विभाग द्वारा गोवा में आयोजित वेस्ट जोन वार्षिक सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया था. जिसमें पश्चिम क्षेत्र के जो कई राज्य हैं हैं, जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ शामिल हुए थे. इसमें जिसने सबसे अच्छी रिकवरी की थी, उसे सम्मानित किया गया है. मध्य प्रदेश के मंडला साइबर सेल को सम्मानित किया गया. यह क्षण आदिवासी जिला मंडला के लिए गौरव का क्षण है. मंडला पुलिस को सीईआईआर पोर्टल का इस्तेमाल कर 74 फीसदी मोबाइल रिकवरी के साथ वेस्ट जोन में पहला स्थान मिला है. मंडला पुलिस ने जब्त किए गुमशुदा मोबाइल दरअसल, मंडला पुलिस ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर डेढ़ साल में 2031 मोबाइल जब्त किए हैं. जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है. उन मोबाइलों को तलाश कर पुलिस ने उनके मालिकों को सौंपे. वहीं साल 2024 में 1046 और 2025 में 985 मोबाइल पुलिस ने रिकवर किए हैं. बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश डीजीपी द्वारा मंडला पुलिस को उनकी कार्यशैली को लेकर सम्मानित किया जा चुका है. मंडला पुलिस को 50 हजार रुपए के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था. मंडला पुलिस ने इस सफलता के लिए पंच स्तरीय कार्य प्रणाली लागू की गई थी. थाना स्तर पर मोबाइल फोन की शिकायतों व अन्य साइबर फ्रॉड को ऑनलाइन दर्ज करने साइबर डेस्क का गठन किया गया था. नेशनल साइबर रिपोर्टिंग हेल्पलाइन 1930, CEIR पोर्टल व लोकल साइबर हेल्पलाइन नंबर 7587644088 का प्रचार किया गया. सभी थानों में हेल्पलाइन नंबर, स्कूल व साप्ताहिक बाजार में प्रचार, चौराहों पर फ्लेक्स बैनर लगाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया गया. शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया हुई आसान थाना पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को थाना स्तर पर ही तत्काल दर्ज की गई. वहीं लोकल स्तर पर जारी हेल्पलाइन नंबर से आमजन को मोबाइल के गुम जाने वाली शिकायत दर्ज करने में आसानी हुई. खरीद बिल या IMEI नंबर अनुपलब्ध होने पर भी शिकायत प्राप्त की गई. डिस्ट्रिक्ट, थाना व बीट स्तर पर मोबाइल फोन का डिस्ट्रीब्यूसन मोबाइल फोन पहले जिला स्तर पर ट्रेस कर लिए जाते थे. अब विकेन्द्रीकृत वितरण से सीधे मोबाइल फोन को पुलिस स्टेशन स्तर पर या माइक्रो बीट पुलिसकर्मियों द्वारा दूर गांवों में लोगों के घर जाकर सौंपा गया.