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संभल जाएं लोग! अगले 48 घंटों में इस राज्य में मौसम का कहर, विभाग ने दी चेतावनी

रांची झारखंड में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों को चौंका दिया है। आमतौर पर मार्च में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार ठंड ने फिर से वापसी कर ली है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लातेहार में यह 12 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है। इसके कारण ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि स्थिति पहले की तुलना में थोड़ी बेहतर हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इन जिलों में वज्रपात की संभावना अधिक लातेहार, लोहरदगा, पलामू और गढ़वा जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इन इलाकों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना अधिक है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इधर, पाकुड़ जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान जोरदार बारिश दर्ज की गई है, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन दिन में चल रही ठंडी हवाएं लोगों को राहत दे रही हैं। जहां एक ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल झारखंड में मौसम का यह बदला हुआ रूप चर्चा का विषय बना हुआ है।  

किसानों के लिए दोधारी तलवार: बारिश से गेहूं को लाभ, पर सड़न का खतरा बढ़ा

अमृतसर. पंजाब में दो दिन तक लगातार हुई बारिश के बाद शनिवार से मौसम साफ चल रहा है। हालांकि, शनिवार कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। इस बदलाव से गेहूं की फसल को लेकर चिंतित किसानों को फिलहाल राहत मिली है। फसल पकने के अंतिम चरण में होने के कारण किसान लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए थे। हाल के वर्षों में कटाई से पहले हुई बेमौसमी बारिश से फसलों को नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे किसानों की चिंता स्वाभाविक थी। इस बार हालांकि बारिश हल्की रही और तेज हवाएं नहीं चलीं, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश धीमी रही और तेज हवाओं का अभाव रहा, जो फसल को गिरने से बचाने में अहम कारक है। हालांकि उन्होंने किसानों को आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। 34.5 लाख  हेक्टेयर में हुई गेहूं की बुवाई इस वर्ष पंजाब में लगभग 34.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। ऐसे में मौसम में थोड़ा सा बदलाव भी बड़े स्तर पर असर डाल सकता है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। लंबे समय से गिरते जल स्तर से जूझ रहे राज्य के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गुरदासपुर के कुछ क्षेत्रों में फसल के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे सीमित और मामूली बताया है। इसे बड़े स्तर का नुकसान नहीं माना जा रहा। चिंताएं अभी कम नहीं हुई मौसम विभाग ने 26 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में फसल के दाने बनने के इस महत्वपूर्ण चरण में किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इससे पहले फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया था, जिससे फसल पर गर्मी के असर का खतरा बढ़ गया था। कुछ इलाकों में गेहूं की फसल पर हल्का बैंगनी रंग भी देखा गया, जिसे तापमान में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वीसी डाॅ. सतबीर सिंह गोसल ने स्पष्ट किया कि यह रंग परिवर्तन अस्थायी है और इससे फसल को स्थायी नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहता है, तब तक फसल सुरक्षित रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल हालात नियंत्रित हैं, लेकिन कटाई के करीब पहुंच चुकी फसल के लिए तेज हवा, ओलावृष्टि या लंबी बारिश खतरा पैदा कर सकती है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

IMD की चेतावनी: यूपी-बिहार समेत 13 राज्यों में आंधी-बारिश, जानें 22 मार्च का पूरा मौसम अपडेट

नई दिल्ली देश के पूर्वी भाग से लेकर उत्तरी भाग तक बारिश- आंधी का प्रचंड प्रहार जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने 22 मार्च के लिए एक बार फिर से यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 13 राज्यों में बारिश और तूफानी हवा की चेतावनी जारी कर दी है। लोगों को इस दौरान बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और वज्रपात कहर बरपा सकता है। वहीं, इस दौरान 70 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। तेज बारिश के चलते तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी जा सकती है। किसानों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है। तो चलिए आपलोगों को बताते हैं कल देश के अन्य राज्यों के जिलों में मौसम का हाल कैसा रहेगा… देश के 13 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड)     कल यानी 22 मार्च को दिल्ली में भी हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है। वहीं, इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।     मौसम विभाग के मुताबिक 23 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है और साथ में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलेगी।     आईएमडी के मुताबिक 22 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और तूफान कहर बरपा सकती है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवा चल सकती है। पूर्वी भारत में मौसम का हाल (बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम)     मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 22 मार्च को भी बिहार में कुछ जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है     आईएमडी के मुताबिक 22 मार्च से 25 मा पश्चिम बंगाल,सिक्किम और ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।     22 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में कल यानी 22 मार्च को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान तेज हवा मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। लक्ष्मी नगर, आनंद विहार, आईटीओ, राजघाट, इंडिया गेट, लाजपत नगर, कालकाजी, मयूर विहार में बारिश का अधिक प्रभाव दिख सकता है। वहीं, कल दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा। यूपी में कल मौसम कैसा रहेगा आईएमडी के मुताबिक पूवी उत्तर प्रदेश में कल यानी 22 मार्च को बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। यूपी के जिन जिलों में बारिश की संभावना है उनमें बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अंबेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, सोनभद्र शामिल हैं। वहीं, कल लखनऊ का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा। बिहार में कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बिहार में 22 मार्च को भी बारिश-तूफान मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं। बिहार के जिन जिलों में बारिश की पूरी संभावना है उनमें पटना, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, खगड़िया, बांका, जमुई और भागलपुर शामिल हैं। वहीं, पटना में कल अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहेगा। उत्तराखंड में कल मौसम कैसा रहेगा आईएमडी के मुताबिक उत्तराखंड में 23 मार्च को बारिश और आंधी की प्रबल संभावना है। उत्तराखंड के जिन जिलों में बारिश की चेतावनी है उनमें चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्र प्रयाग शामिल हैं। 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चलेगी। वहीं, कल देहरादून में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहेगा। हिमाचल में कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में भी 23 मार्च को तूफानी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल के जिन जिलों में बारिश की प्रबल संभावना है उनमें चंबा, लाहौल और स्पीति, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी शामिल हैं। वहीं, कल मनाली में अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस रहेगा। राजस्थान में कल मौसम कैसा रहेगा आईएमडी के मुताबिक राजस्थान 22 मार्च को राजस्थान में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के जिन जिलों में बारिश की चेतावनी है उनमें जयपुर, अजमेर, जैसलमेर और बाड़मेर शामिल हैं। वहीं, कल जयपुर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत में मौसम का हाल     मौसम विभाग के मुताबिक 22 मार्च को असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अगले 5 दिनों तक गरज और बिजली चमकने की संभावना है।     आईएमडी के मुताबिक 27 मार्च को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में; तथा 24 व 27 मार्च को अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत तटीय आंध्र प्रदेश में 23 मार्च, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 22 मार्च को गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) के साथ कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे, तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 22 मार्च को बिजली चमकने की संभावना है। पश्चिम भारत मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 23 और 24 मार्च को गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) के साथ कहीं-कहीं हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना है।    

ओलावृष्टि और बारिश से 42 जिलों में फसलों की तबाही, 14 जिलों में आज भी जारी है खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली है कि हालात चिंताजनक बन गए हैं। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार पिछले 72 घंटों से सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण पूरे प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज़ आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 42 जिलों में इसका असर साफ देखने को मिला है। शुक्रवार को कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में पारा अचानक 23.9°C तक पहुंच गया, जो एक ही दिन में 10.6 डिग्री की गिरावट दर्शाता है। मौसम में इस बदलाव ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन नुकसान कहीं ज्यादा हुआ। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज आंधी ने बढ़ाई तबाही बारिश के साथ चली तेज आंधी ने हालात और खराब कर दिए। आगर-मालवा में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी और नरसिंहपुर में 46 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण फसलें टूटकर गिर गईं और खेतों में पानी भर गया। धार और खरगोन में सबसे ज्यादा नुकसान धार जिले के मनावर क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश से केले और पपीते की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। एक किसान के करीब 2 हजार केले के पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं खरगोन में तेज हवा से मक्का की फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी, लेकिन मौसम ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।  रायसेन में हाईवे पर बर्फ जैसी चादर रायसेन जिले में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि नेशनल हाईवे पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। सड़क पर जमी ओलों की चादर ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि यह नजारा देखने लायक था, लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का संकेत बन गया। तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं इंदौर में 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है।  किसानों पर संकट, मुआवजे की मांग तेज बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई किसान कर्ज में डूबने की आशंका जता रहे हैं और सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।  आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता अभी कम होती नजर नहीं आ रही है। IMD ने शनिवार को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जैसे जिले शामिल हैं, जहां तेज़ आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और 22 मार्च (रविवार) से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। तब तक लोगों को सतर्क रहने और किसानों को अपनी बची फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में करीब 70 स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है, जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक बदले इस मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे सभी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं।

पंजाब में बारिश से बदला मौसम, विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

चंडीगढ़. शहर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। वीरवार सुबह से लगातार हुई बारिश के चलते ट्राईसिटी में ठंडक बढ़ गई और लोगों को मार्च के महीने में एक बार फिर हल्की सर्दी का अहसास हुआ। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण शहर के अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम 14.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। खास बात यह रही कि दिन और रात के तापमान में केवल 6 डिग्री का अंतर रहा, जो सामान्य से कम है। पिछले 24 घंटों में शहर में 4.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए चंडीगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आज भी शहर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद हल्की गिरावट के बाद फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंडी चीजों से परहेज करने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिन: धीरे-धीरे साफ होगा मौसम – शुक्रवार : बारिश और तेज हवाएं, तापमान 21 °डिग्री /14°डिग्री शनिवार : मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान 23°डिग्री/13°डिग्री रविवार : आंशिक बादल, तापमान 25°डिग्री/14°डिग्री

मौसम का यू-टर्न: पंजाब में तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना, सतर्क रहने की सलाह

लुधियाना. लुधियाना. पंजाब के कुछ हिस्सों में वीरवार और शुक्रवार मौसम का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें ओलावृष्टि के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। इससे पहले वीरवार भी विभिन्न जिलों में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं वर्षा भी हुई। पिछले चौबीस घंटे में जिला पठानकोट में 4.5 एमएम वर्षा, अमृतसर में 0.5 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। जिला पटियाला में दिन का तापमान सबसे अधि 27.7 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर का तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने पंजाब के लिए दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत तकरीबन सभी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और साथ में बारिश व ओलावृष्टि होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक इससे आने वाले दिनों में पंजाब में दिन के तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सबसे अधिक 27.7 डिग्री का पारा पटियाला का दर्ज किया गया। हालांकि पंजाब के न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य के नजदीक दर्ज किया गया। सबसे कम 12.5 डिग्री का पारा फरीदकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री, लुधियाना का 26.2 डिग्री, पठानकोट का 22.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फिरोजपुर का 23.0 डिग्री, होशियारपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 14.8 डिग्री, लुधियाना का 15.6 डिग्री, पटियाला का 14.7 डिग्री, पठानकोट का 14.0 डिग्री और बठिंडा का 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने चंडीगढ़ के लिए अगले 48 घंटों का येलो अलर्ट जारी किया है। शहर में 19 और 20 मार्च को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। बारिश और बादलों के असर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जबकि रात का पारा 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हालांकि, 21 से 23 मार्च के बीच मौसम में कुछ सुधार देखने को मिलेगा। इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार हाल ही में शहर का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। वहीं कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिली। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Weather Alert Haryana: छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कटी फसल को लेकर किसानों के लिए चेतावनी

हिसार. हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम ने करवट ले ली है। हाल ही में हुई वर्षा, ओलावृष्टि के असर से तापमान में गिरावट आई है। सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना है। आगामी दिनों में मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, करनाल व पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य 16 जिलों में येलो अलर्ट है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि ऊपरी सतह पर चलने वाली जेट धाराओं में बदलाव के कारण पश्चिमी विक्षोभ अब दक्षिण की ओर सक्रिय हो रहा है। 18 मार्च की रात से एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 19 से 21 मार्च के बीच हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा होगी। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी है। दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान में चक्रवातीय परिसंचरण बनने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी पहुंचेगी। मौसमी गतिविधियां तेज होंगी। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में दिन और रात के तापमान में और गिरावट आएगी। लोगों को मार्च में ही हल्की सर्दी का अहसास हो सकता है। हाल ही में हुई ओलावृष्टि व वर्षा के चलते सभी जिलों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना है। मंगलवार को हिसार का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरसा का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम रहा। सबसे अधिक तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस मेवात का रहा। मेवात का न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को कितना रहा तापमान? जिला     न्यूनतम तापमान (°C)     अधिकतम तापमान (°C) अंबाला     14.0     29.7 हिसार     11.0     28.7 करनाल     11.7     27.5 महेंद्रगढ़     13.1     28.0 रोहतक     14.8     28.7 भिवानी     14.1     29.5 चरखी दादरी     14.2     29.9 गुरुग्राम     14.4     31.5 जींद     11.4     27.8 करनाल     12.5     29.6 मेवात     15.3     31.6 किसानों को बरतनी होगी विशेष सावधानी मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल-जमाव न होने दें। निकासी की उचित व्यवस्था करें कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें। ओलावृष्टि के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। सब्जियों व कतार वाली फसलों में मिट्टी चढ़ाएं। वर्षा के पूर्वानुमान के दौरान उर्वरक व कीटनाशकों का छिड़काव न करें। तेज हवाओं के दौरान सिंचाई से बचें।  

मध्यप्रदेश में मौसम में बदलाव, 4 दिन बारिश का अनुमान; 13 जिलों में अलर्ट, गर्मी के बाद होगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। बुधवार से प्रदेश में सक्रिय हो रहा नया सिस्टम अगले चार दिनों तक बारिश, आंधी और बादलों का दौर लेकर आएगा।  ग्वालियर सहित करीब 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी 21 मार्च तक असर देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। इसके कारण 19 से 21 मार्च के बीच कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।  सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो गया है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 19 से 21 मार्च तक प्रदेश में बारिश होगी। 5 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को एमपी के ऊपर पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव रहे। वहीं, दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर रहा। इस वजह से ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। तापमान की बात करें तो खरगोन में ही पारा सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में तापमान 37.1 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर में सबसे ज्यादा 36.1 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, उज्जैन-ग्वालियर में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं। पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में  बादल छाने और तापमान में गिरावट के संकेत मिल हैं। तापमान का हाल मंगलवार को कई शहरों में गर्मी का असर बना रहा। खरगोन में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो, नरसिंहपुर और रायसेन जैसे जिलों में भी पारा 37 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। फरवरी में ओले, अब मार्च में नया सिस्टम इस साल फरवरी में चार बार मौसम बिगड़ा और कई जगह ओले-बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के पहले हिस्से में जहां तेज गर्मी रही, वहीं अब पहली बार इस महीने मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जो पूरे प्रदेश में असर दिखाएगी। आगे क्या रहेगा असर? यह सिस्टम 4 से 5 दिन तक सक्रिय रह सकता है, जिससे कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिलेंगी। हालांकि, इसके बाद 22 मार्च से एक बार फिर गर्मी तेज होने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अप्रैल और मई में लू का असर तेज रहेगा। मार्च के अंत से ही गर्म हवाओं की शुरुआत हो सकती है, जो आने वाले महीनों में 15 से 20 दिन तक प्रभावी रह सकती है। 

कल से MP में मौसम का मिजाज बदलेगा, आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ तेज गर्मी का असर

भोपाल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 मार्च से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर करीब आधे मध्यप्रदेश में नजर आएगा। इस सिस्टम के चलते तीन दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी मौसम बदलेगा। हालांकि इससे पहले मंगलवार तक गर्मी का असर बरकरार रहेगा और दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करेगी।मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा यह सिस्टम 17 मार्च की रात से असर दिखाना शुरू करेगा, जो 18 से 20 मार्च के बीच मध्यप्रदेश में व्यापक प्रभाव डालेगा।  फिलहाल प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन इनका खास असर अभी दिखाई नहीं दे रहा है. इसी वजह से कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।  खंडवा रहा सबसे गर्म शहर प्रदेश में सोमवार को सबसे ज्यादा गर्मी खंडवा में दर्ज की गई. यहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसके अलावा नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में भी तापमान 37 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।  अगर बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 35.8°C, भोपाल में 35.2°C, इंदौर और उज्जैन में करीब 35°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं ग्वालियर में अधिकतम तापमान 34.1°C रहा।  वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है. इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा. इसी वजह से 18 मार्च से 20 मार्च के बीच प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आएगा. कई जगहों पर तेज हवा, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।  18 मार्च को इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 18 मार्च को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।  19 मार्च को इन इलाकों में बदलेगा मौसम 19 मार्च को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।  20 मार्च को भोपाल-जबलपुर समेत कई शहरों में असर 20 मार्च को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुई इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया भोपाल: 20.0°C इंदौर: 19.0°C जबलपुर: 19.6°C ग्वालियर: 17.1°C उज्जैन: 15.8°C

हवाओं ने बढ़ाई सर्दी: हरियाणा में मौसम का यू-टर्न, छह दिन तक बारिश की संभावना

अंबाला. मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। दिन में हल्की गर्माहट के बावजूद सुबह और शाम की हवाओं ने शहरवासियों को हल्की ठंडक का एहसास कराया। शनिवार को न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम का मिजाज थोड़ा सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक रहा। इससे पहले शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया था। वहीं, अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा है। सुबह के समय वातावरण में 76 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जिसके कारण सुबह हल्की नमी और ठंडक महसूस हुई। दिन चढ़ने के साथ धूप निकली, लेकिन बीच-बीच में चलने वाली हवाओं ने गर्मी को ज्यादा बढ़ने नहीं दिया। शाम के समय भी हवा चलने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। 15 और 16 मार्च को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने के साथ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके बाद भी सप्ताह के दौरान मौसम में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अगले कुछ दिनों में हो सकती है तापमान में गिरावट पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। 16 मार्च को अधिकतम तापमान 26 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के इस समय में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में ऐसे बदलाव सामान्य हैं। बादलों की आवाजाही और संभावित हल्की बारिश से दिन के तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है और मौसम में हल्की ठंडक बनी रह सकती है। शहर में शनिवार को सूर्यास्त शाम छह बजकर 30 मिनट पर हुआ, जबकि रविवार को सूर्योदय सुबह छह बजकर 35 मिनट पर होने का अनुमान है। आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के चलते मौसम का मिजाज कुछ हद तक बदला-बदला रहने की संभावना है।