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WhatsApp ला रहा नया सेफ्टी फीचर, बच्चे चुनिंदा लोगों से ही कर पाएंगे बातचीत

नई दिल्ली यह कुछ और नहीं बल्कि लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में आने वाला नया फीचर है। इस फीचर की मदद से माता-पिता सेकेंडरी अकाउंट के जरिए अपने बच्चों के व्हाट्सऐप अकाउंट की एक्टिविटी पर नजर रख पाएंगे। इसमें मेन अकाउंट से सेकेंडरी अकाउंट के तौर पर बच्चों का अकाउंट लिंक हो जाएगा। इससे माता-पिता बच्चों की प्राइवेसी सेटिंग्स को आसानी से देख और अपने अनुसार मैनेज कर सकेंगे। यह फीचर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। लिंक के जरिए जुड़ेगा अकाउंट व्हाट्सऐप के अपकमिंग फीचर पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के लिए कुछ प्रतिबंधों और सीमित क्षमताओं के साथ व्हाट्सऐप में नया फीचर Primary Controls आने वाला है। यह पैरंट्स को बच्चों के अकाउंट पर अधिक कंट्रोल देगा। व्हाट्सऐप पर बच्चों के लिए बनाया गया सेकेंडरी अकाउंट मेन अकाउंट के साथ एक डिजिटल लिंक के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे माता-पिता उन प्राइवेसी सेटिंग्स को रिव्यू कर पाएंगे, जिन्हें बच्चे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इन सेकेंडरी अकाउंट्स में मैसेज और कॉल केवल कॉन्टैक्ट्स तक ही सीमित रहेंगे।फिलहाल, WhatsApp पर ऐसा कोई ऑप्शन नहीं है, जिससे यूजर यह चुन सकें कि उन्हें सिर्फ अपने कॉन्टैक्ट के मैसेज ही चाहिए। यह सुविधा बच्चों के लिए जरूरी है और सेकेंडरी अकाउंट इसी कमी को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे हैं। क्या माता-पिता बच्चों की चैट देख पाएंगे? माता-पिता बच्चों की चैट और कॉल को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। हालांकि, उन्हें अकाउंट के इस्तेमाल और पैटर्न से जुड़ी रिपोर्ट मिलेंगी। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बच्चों की बातचीत को सुरक्षित रखेगा, जिससे निजी मैसेज को कोई और नहीं पढ़ पाएगा। इस तरह, माता-पिता बच्चों पर नजर रख सकेंगे, लेकिन उनकी निजी बातचीत में दखल नहीं दे पाएंगे। अभी चल रही टेस्टिंग यह फीचर अभी डेवलपमेंट में है। व्हाट्सऐप टेस्टिंग कर रहा है कि नए पैरंटल कंट्रोल मौजूदा अकाउंट सेटिंग्स के साथ कैसे काम करेंगे, ताकि यह एक्सपीरियंस आसान और सेफ हो। इंटरफेस को इस तरह से बेहतर बनाया जा रहा है कि माता-पिता आसानी से सेकेंडरी अकाउंट को कॉन्फिगर कर सकें। जब यह फीचर जारी होगा, तो माता-पिता यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि उनके बच्चे के अकाउंट में उम्र के हिसाब से सही सेटिंग्स हों, जिससे उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

WhatsApp यूजर्स के लिए अलर्ट: GhostPairing से खतरा, सरकार ने दी सुरक्षा टिप्स

 नई दिल्ली WhatsApp यूजर्स के लिए एक सरकारी एजेंसी ने जरूरी वॉर्निंग जारी की है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) ने एक नए खतरे के बारे में  बताया है और उससे सावधान रहने को कहा है.  ये हाई रिस्क GhostPairing को लेकर है, जिसमें हैकर्स का ग्रुप बड़ी ही चालाकी के साथ WhatsApp अकाउंट को टेकओवर कर सकता है. वॉर्निंग में बताया है कि हैकर WhatsApp के डिवाइस-लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. बिना किसी ऑथेंटिकेशन के पेयरिंग कोड के जरिए अकाउंट को हाइजैक कर सकते हैं. यह इतना ज्यादा खतरनाक है कि हैकर्स रियल टाइम चैटिंग को पढ़ सकते हैं और सीक्रेट्स को लीक कर सकते हैं.   साइबर ठग ऐसे हाइजैक करते हैं WhatsApp  WhatsApp हैकिंग की शुरुआत एक सिंपल से मैसेज से होती है. जब विक्टिम को किसी जान-पहचान वाले कॉन्टैक्ट की तरफ से एक सिंपल सा मैसेज भेजा जाता है कि Hi, check this photo. मैसेज में एक लिंक होता है, जिसके अंदर फेसबुक जैसा प्रीव्यू नजर आता है.  CERT-In का पोस्ट  जब विक्टिम उस प्रीव्यू को देखने की कोशिश करते हैं तो प्रोसेस के दौरान वह फोन नंबर की डिमांड करता है और वेरिफिकेशन करने को कहते हैं. वॉर्निंग में बताया है कि साइबर अटैकर्स इस तरह से विक्टिम के WhatsApp अकाउंट को हाइजैक कर लेते हैं.  WhatsApp यूजर्स ना करें ये गलती  कोई भी परिचित शख्स ऐसा मैसेज भेजता है और उस मैसेज में मोबाइल नंबर एंटर करने को कहता है तो सतर्क होने की जरूरत है. ऐसे किसी भी लिंक पर मोबाइल नंबर को वेरिफाई ना करें, जिसमें आपका WhatsApp हैक हो सकता है.  WhatsApp की सेटिंग्स में है खास ऑप्शन WhatsApp की सेटिंग्स के अंदर लिंक्ड डिवाइस नाम का फीचर है, जिसको चेक करके जान सकते हैं कि WhatsApp अकाउंट कहां-कहां लॉगइन है. अनजान जगह लॉगइन होने पर उसे तुरंत लॉगआउट भी कर सकते हैं. यह सर्विस एंड्रॉयड और iOS दोनों में है.

बड़ा साइबर अलर्ट: WhatsApp यूजर्स पर मंडराया खतरा, बिना नोटिफिकेशन जासूसी कर सकता है नया टूल

नई दिल्ली दुनिया भर में व्हाट्सऐप के तीन अरब से ज्यादा यूजर्स की निजता खतरे में पड़ सकती है। एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने ऐसा टूल बनाया है जो सिर्फ फोन नंबर जानकर किसी की भी एक्टिविटी पर नजर रख सकता है। यह टूल चुपके से काम करता है और यूजर को पता भी नहीं चलता। इस तरीके को 'साइलेंट व्हिस्पर' नाम दिया गया है। यह व्हाट्सऐप और सिग्नल ऐप में मौजूद एक कमजोरी का फायदा उठाता है। हमला करने वाला कोई संदेश नहीं भेजता, फिर भी वह फोन से जानकारी ले सकता है। यह जासूसी करने का एक सीक्रेट टूल है, जो आपकी निजता के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। चलिए समझते हैं कि यह टूल कैसे काम करता है और आप ऐसे साइबर अटैक को कैसे पहचान सकते हैं? अटैकर्स कैसे करते हैं हमला? साइबर न्यूज की एक रिपोर्ट (Ref.) के मुताबिक, व्हाट्सऐप और सिग्नल में जब कोई मैसेज आता है तो ऐप अपने आप एक कन्फर्मेशन भेजता है कि मैसेज मिल गया। यह कन्फर्मेशन बहुत तेजी से होता है और यूजर को दिखाई नहीं देता। हमलावर इस कन्फर्मेशन के आने-जाने के समय को मापता है। इस समय के आधार पर वह पता लगा सकता है कि फोन चालू है या बंद, यूजर फोन इस्तेमाल कर रहा है या नहीं, घर पर है या बाहर घूम रहा है। अगर फोन वाई-फाई पर है तो जवाब तेज आता है, मोबाइल डेटा पर तो थोड़ा धीमा। लंबे समय तक नजर रखने से यूजर की रोज की आदतें, सोने-उठने का समय और ट्रेवल का पता चल जाता है। यह सब बिना कोई मैसेज पढ़े या कॉन्टैक्ट लिस्ट देखे हो जाता है। साइबर अटैक को ऐसे पहचानें यह हमला फोन की बैटरी को बहुत तेज खराब करता है। नॉर्मल सिचुएशन में खाली फोन एक घंटे में एक फीसदी से कम बैटरी खाता है। लेकिन इस हमले के दौरान आईफोन 13 प्रो में 14 फीसदी, आईफोन 11 में 18 फीसदी और सैमसंग गैलेक्सी एस23 में 15 फीसदी बैटरी प्रति घंटे कम हो जाती है। मोबाइल डेटा भी ज्यादा खर्च होता है लगातार हमला करने से मोबाइल डेटा भी बहुत खर्च होता है। वीडियो कॉल जैसी चीजें चलाने में दिक्कत आती है। यूजर को लगता है फोन खुद ही गर्म हो रहा है या बैटरी जल्दी खत्म हो रही है, लेकिन कारण पता नहीं चलता। क्या रीड रिसीप्ट बंद करने से बच जाएंगे? टूल बनाने वाले ने कहा है कि यह सिर्फ रिसर्च के लिए है और गलत इस्तेमाल न करें। लेकिन कोई भी इसे डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकता है। दिसंबर 2025 तक व्हाट्सऐप और सिग्नल में यह कमजोरी ठीक नहीं हुई है। रीड रिसीप्ट बंद करने से कुछ मदद मिलती है, लेकिन पूरी सुरक्षा नहीं। व्हाट्सऐप में अज्ञात नंबरों से ज्यादा मैसेज ब्लॉक करने का ऑप्शन है, लेकिन उसकी लिमिट कितनी है, यह स्पष्ट नहीं है।

भारत की ‘डिजिटल स्ट्राइक’! WhatsApp उपयोग पर नए नियम से ISI में हड़कंप, गुप्त बैठकें शुरू

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने साइबर नियमों को और सख्‍त बनाते हुए गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत अब WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे लोकप्रिय ऐप बिना एक्टिव SIM कार्ड के काम नहीं कर सकेंगे. दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह नियम Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत लागू किया है. इस दिशानिर्देश में जो नई बात सामने आई है, वो ये है कि लैपटॉप, डेस्‍कटॉप पर भी ‘व्हाट्सएप वेब’ या अन्‍य प्‍लेटफॉर्म का इस्‍तेमाल करने वाले यूजर्स को हर 6 घंटे में लॉग आउट करना होगा. इसके बाद क्यूआर कोड के जरिए ही लॉगिन हो सकेगा. सरकार की गाइडलाइन पर कंपनियों का कहना कि लगातार सिम जांच और 6 घंटे के भीतर एक बार लॉगआउट के नियम से यूजर्स की प्राइवेसी में बाधा आ सकती है और एक से ज्‍यादा डिवाइस पर इन ऐप्‍स के इस्‍तेमाल की सुविधा खत्‍म हो सकती है. हालांकि, दूरसंचार कंपनियों ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया है. वहीं सूत्रों के अनुसार इस कदम से पड़ोसी देश पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. यही वजह है कि, आनन फानन में पाक इंटेलिजेंस एजेंसी ISI ने इसका तोड़ निकालने एक सीक्रेट मीटिंग बुलाई है. सरकारी सर्कुलर में क्‍या कहा गया? दूरसंचार विभाग की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि अगर मोबाइल या टैब में मूल सिम मौजूद न हो तो 90 दिनों के बाद इन ऐप्स का उपयोग नहीं कर पाएंगे. वेब आधारित प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, अराटाई, स्नैपचैट, शेयरचैट और ऐसे सभी अन्य प्लेटफॉर्म पर ये नियम लागू होंगे. यूजर्स के रजिस्‍ट्रेशन के समय उपयोग किया जाने वाला SIM यानी सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल सर्विसेज से जुड़ा होना चाहिए. इस मतलब ये हुआ कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की सर्विसेज सिम से जुड़ी हुई होंगी. यानी जब सिम यूजर्स के फोन में मौजूद होगी, तभी आप इन ऐप्स की सर्विसेज का उपयोग कर पाएंगे जैसे ही सिम बंद हो जाएगी, आप सर्विसेज उपयोग नहीं कर पाएंगे. सरकार यह कदम क्यों उठा रही है? DoT के मुताबिक, अभी ज्यादातर मैसेजिंग ऐप सिर्फ पहली बार इंस्टॉल करते समय मोबाइल नंबर को वेरिफाई करते हैं. उसके बाद ऐप SIM हटाने या बंद होने पर भी चलता रहता है. COAI (सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने कहा कि यह तरीका बड़ी सुरक्षा खामी पैदा करता है. इसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी SIM बदलने या बंद करने के बाद भी ऐप का इस्तेमाल जारी रखते हैं. उनकी लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड या कैरियर डेटा ट्रेस नहीं हो पाता. इसके अलावा इस नए नियम से सीमा पार आतंकवाद पर भी नकेल कसने में मदद मिलेगी. क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? कुछ साइबर एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे धोखाधड़ी और स्पैम कम हो सकते हैं, क्योंकि यूजर, नंबर और डिवाइस की ट्रेसिंग आसान होगी. लेकिन कई विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी आसानी से फर्जी या उधार लिए हुए दस्तावेजों पर नए SIM ले लेते हैं, इसलिए फायदा सीमित ही रहेगा. वहीं टेलीकॉम उद्योग का मानना है कि भारत में मोबाइल नंबर ही सबसे मजबूत डिजिटल पहचान है और इस नियम से साइबर सुरक्षा बेहतर हो सकती है. आम यूजर पर क्या असर? यह कदम करोड़ों भारतीयों की रोजमर्रा की डिजिटल आदतों में बदलाव ला सकता है. कारण, अब यूजर लगातार कई दिनों तक WhatsApp Web खुले नहीं रख पाएंगे. हर 6 घंटे पर लॉगआउट होना पड़ेगा. वहीं अगर SIM बंद हो गया या SIM स्लॉट में नहीं है तो ऐप खुलेगा ही नहीं. इसके अलावा जिन यूजर्स के पास दो डिवाइस हैं, वे पहले की तरह स्वतंत्र रूप से ऐप नहीं चला पाएंगे.

मल्टी-अकाउंट फीचर जल्द ही WhatsApp में: अलग नंबरों से एक साथ चलेंगे कई अकाउंट

नई दिल्ली ​WhatsApp एक बड़ा अपग्रेड लाने वाला है। हालांकि, यह अपडेट पहले से ही एंड्रॉयड यूजर्स के लिए अपलब्ध है, लेकिन अब लंबे इंतजार के बाद आईफोन चलाने वालों के लिए भी आने वाला है। आईफोन यूजर्स जल्द एक ही फोन में कई व्हाट्सऐप अकाउंट चला पाएंगे। जी हां, यह बिल्कुल इंस्टाग्राम, जीमेल और फेसबुक जैसा होगा। जिस प्रकार आप एक फोन में कई जीमेल, इस्टाग्रांम अकाउंट जोड़ सकते हैं। उसी प्रकार व्हाट्सऐप में भी मल्टीपल अकाउंट बना और जोड़ सकेंगे। फिर अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार कई अकाउंट्स के बीच आसानी से स्विच कर सकेंगे। इस फीचर का काफी लंबे समय से इंतजार हो रहा था। फीचर की डिटेल के लिए नीचे पढ़ें। अभी चल रही टेस्टिंग WAbetainfo की लेटेस्ट रिपोर्ट से पता चला है कि अभी यह फीचर टेस्टिंग फेज में है। इसे बाद में स्टेबल वर्जन के लिए रोल आउट किया जाएगा। व्हाट्सऐप के इस मल्टी-अकाउंट फीचर की मदद से यूजर एक ही फोन में अपने बिजनेस, ऑफिस और पर्सनल व्हाट्सऐप अकाउंट को आसानी से मैनेज कर पाएगा। इस फीचर के बाद उन्हें अलग-अलग फोन में विभिन्न व्हाट्सऐप अकाउंट चलाने की जरूरत नहीं होगी। ये लोग अभी से कर सकते हैं यूज जैसा कि हमने ऊपर बताया कि अभी इसे टेस्टिंग के लिए रोल आउट किया गया है। अगर आप टेस्टफ्लाइट पर व्हाट्सऐप के बीटा वर्जन का इस्तेमाल करते हैं, तो इस फीचर को एक्सपीरियंस कर सकते हैं। आपके अकाउंट के लिए आया है या नहीं, ऐसे करें पता फीचर आपके अकाउंट के लिए आया है या नहीं, ये जानने के लिए आपको ऐप के सेटिंग्स मेन्यू में जाना होगा। उसके बाद आपको "अकाउंट लिस्ट" नाम से एक सेक्शन दिखेगा। या फिर QR कोड आइकन के बगल में एक खास बटन दिखेगा। अगर यह ऑप्शन है तो इसका मतलब है कि फीचर आपके लिए आ गया है। यह सेक्शन यूजर्स को बिना किसी सेकेंडरी डिवाइस या WhatsApp Business के सीधे ऐप से नया अकाउंट जोड़ने की सुविधा देता है। अभी सिर्फ दो अकाउंट कर सकते हैं इस्तेमाल आपकी जानकारी के लिए बात दें कि फिलहाल, बीटा वर्जन में यूजर्स एक बार में सिर्फ दो व्हाट्सऐप अकाउंट इस्तेमाल कर सकते हैं। टेस्टर्स एक बिल्कुल नया नंबर जोड़ सकते हैं, जिसे उन्होंने पहले कभी व्हाट्सऐप पर इस्तेमाल नहीं किया हो। इसके अलावा, यूजर्स अपने पुराने व्हाट्सऐप बिजनेस अकाउंट्स को भी फिर से कनेक्ट कर पाएंगे। जैसे ही अकाउंट लिंक होगा, सभी चैट और प्रेफरेंसेज अपने आप सिंक हो जाएंगे। इस फीचर के जरिए व्हाट्सऐप अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप से काफी अलग हो जाएगा। सभी अकाउंट्स की सेटिंग होंगी बिल्कुल अलग WhatsApp में जोड़े गए हर अकाउंट के लिए सभी सेटिंग्स और प्रेफरेंस अलग-अलग रहती हैं। हर प्रोफाइल के लिए अलग चैट हिस्ट्री, बैकअप कॉन्फिगरेशन और नोटिफिकेशन टोन सेट कर सकते हैं। यूजर अपने डेटा इस्तेमाल की प्रेफरेंस या स्टोरेज की जरूरतों के आधार पर और मीडिया ऑटो-डाउनलोड ऑप्शन को अलग से मैनेज भी कर सकते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो हर एक अकाउंट के लिए सभी सेटिंग अलग होगी। कब होगा रोल आउट? अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि फीचर को कब रोल आउट किया जाएगा। उम्मीद है कि कंपनी सफल टेस्टिंग के बाद फीचर सभी यूजर्स के लिए रोल आउट कर देगी, लेकिन अभी इसके लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इस फीचर से Arattai जैसे ऐप्स के लिए मुश्किलें खड़ीं हो सकती हैं।

अब WhatsApp पर नहीं भेज पाएंगे अनगिनत मैसेज! नया नियम रोक सकेगा स्पैम

WhatsApp पर सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है. आने वाले दिनों में यूजर्स को मैसेज लिमिट देखने को मिलेगी. न्यू चैट पर निर्धारित संख्या के मैसेज करने के बाद उस चैट पर मैसेज रुक जाएंगे. इसकी मदद से लोगों को स्पैम मैसेज और अनचाहे मैसेज से बचाया जा सकेगा. इस फीचर का नाम New Chat Message Limit है, जिसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है.  WhatsApp के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने बताया है कि व्हाट्सऐप में एक नया फीचर दस्तक देने जा रहा है. इसका नाम  New Chat Message Limit है और यह अभी बीटा वर्जन में है. इसको अभी Android 2.25.31.5 वर्जन में स्पॉट किया है. स्मार्टफोन यूजर्स को आने वाले दिनों में ये बदलाव देखने को मिलेगा.  WhatsApp देगा अलर्ट  WhatsApp के इस अपकमिंग फीचर को लेकर बताया है कि लिमिट करीब आने पर यूजर्स को अलर्ट भी मिलेगा. ऐसे में आप समझ सकेंगे कि जल्द ही मैसेज लिमिट लागू होने वाली है. ऐसे में यूजर्स सिर्फ जरूरी मैसेज ही कर पाएंगे.  WhatsApp यूजर्स को क्या होगा फायदा ?  WhatsApp का यह न्यू फीचर इसलिए तैयार किया है, जब किसी न्यू यूजर्स को मैसेज भेजे जाते हैं और वह रिप्लाई नहीं करता है. ऐसी चैट्स पर लिमिटेड मैसेज ही सेंड किए जा सकेंगे. इस फीचर की मदद से मैसेजिंग ऐप अपने यूजर्स को अनजान और स्पैम मैसेज से दूर रखना चाहती है. शेयर किया स्क्रीनशॉट्स  Wabetainfo की तरफ से इस अपकमिंग फीचर को लेकर एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है. इस फीचर की मदद से यूजर्स आसानी से स्पैम और अनचाहे मैसेज से बचेंगे.  हालांकि अभी तक मैसेज लिमिट को लेकर कोई डिटेल्स सामने नहीं आई है. यह लिमिट मंथली होगी या वीकली, उसके बारे में भी डिटेल्स आनी बाकी है. 

आइफोन यूजर्स के लिए लैपटॉप पर वॉट्सऐप उपयोग करने के टिप्स

पिछले साल वॉट्सऐप ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए डेस्करटॉप तथा लैपटॉप वर्जन शुरू किया था। बाद मं् इस फीचर को विंडोज फोन तथा ब्लैसकबेरी यूजर्स के लिए भी शुरू कर दिया गया था। अब वॉट्सऐप ने ऐपल यूजर्स के लिए भी लैपटॉप वर्जन शुरू किया है। ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टीम आइओएस में हुए बदलावों की वजह से यह संभव हो सका है। अब ऐपल यूजर्स भी लैपटॉप पर अपना वॉट्सऐप मैसेंजर चला सकते हैं। आइए जानते हैं कि इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है तथा किस प्रकार से उपयोग कर सकते हैं… -सबसे पहले अपने ब्राउजर पर ‘वेब डाॅट व्हाट्सएप डाॅट काॅम’ टाइप करिए तथा क्यू आर कोड आने का इंतजार करिए। -अब अपने फोन का वॉट्सऐप ऑन करिए और उसके सेटिंग मेनू में जाइए। -हालांकि ऐसा करने से पहले आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपका वॉट्सऐप मैसेंजर अपडेट हो। -अब आप सेटिंग मेनू में से वॉट्सऐप वेब को चुनिए। -ऐसा करते ही आपके आइफोन का कैमरा एक्टिवेट हो जाएगा। लैपटॉप में दिखाई दे रहे क्यूअआर कोड को आप आइफोन के व्यूहफाइंडर से स्कैसन करिए। जैसे ही आप व्यू फाइंडर को लैपटॉप स्क्रीयन के सामने ले जाएंगे, वह स्कैसनिंग शुरू कर देगा और ऐसा होते ही आपके वेब ब्राउजर में वेब वॉट्सऐप एक्टिवेट हो जाएगा। -इस वेब वॉट्सऐप को आप क्रोम, सफारी और फायरफॉक्सा में भी चला सकते हैं। -वेब वॉट्सऐप फोन से कनेक्टत रहता है, इसलिए आपको इसे इस्तेीमाल करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका फोन ऑन रहे।  

WhatsApp हुआ आउट! 170 MP कॉलेजों में शुरू होगा ‘अरत्तई’ ऐप का इस्तेमाल

ग्वालियर वॉट्सएप की जगह स्वदेशी 'अरत्तई' एप लेने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संगीत एवं कला के एक मात्र शैक्षणिक संस्थान ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध लगभग 170 कॉलेजों में यह बदलाव किया जा रहा है। इसके मूल में केंद्र सरकार का स्वदेशी अपनाने का आह्वान है। अब कॉलेज स्तर पर की जाने वाली सूचना के आदान प्रदान के लिए सिर्फ 'अरत्तई' एप का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय संस्थान के कुलसचिव अरुण चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया है। अब संस्थान में होने वाले आधिकारिक सूचना व दस्तावेजों का आदान प्रदान, छात्रों के मार्गदर्शन के लिए ग्रुप बनाना यह सभी काम पूरी तरह से इसी एप पर होंगे। छात्रों से जुड़ी हर अपडेट को अरत्तई पर बने ग्रुप में ही साझा किया जाएगा इस लिहाज से भी छात्र इसका उपयोग शुरू करेंगे। प्रबंधन का कहना है कि किसी अन्य एप से दस्तावेजों का आदान प्रदान स्वीकार नहीं किया जाएगा।   क्या है 'अरत्तई' अरत्तई भारतीय मैसेजिंग एप है, जिसे जोहो कॉर्पोरेशन ने 2021 में लान्च किया था। अरत्तई एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या गपशप। यह वाट्सएप के भारतीय विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसमें टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो, दस्तावेज शेयरिंग, साथ ही वाइस और वीडियो कालिंग की सुविधा मिलती है। ग्रुप चैट, स्टिकर्स और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी विशेषताएं इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाती हैं। सबसे खास बात, इसका डेटा भारत में ही स्टोर होता है, जिससे यूजर्स को अधिक प्राइवेसी और भरोसा मिलता है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा स्वदेशी अपनने के क्रम में विश्वविद्यालय यह बदलाव पूरे प्रदेश के स्तर पर करने जा रहा है। वॉट्सएप के उपयोग को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा। – अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय।

न्याय व्यवस्था में तकनीक की दस्तक: केरल हाई कोर्ट WhatsApp से देगा कानूनी सूचना

तिरुवनंतपुरम  सूचना तक पहुंच बढ़ाने और समय पर संचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केरल हाई कोर्ट ने घोषणा की है कि वह 6 अक्टूबर से अपने केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में WhatsApp मैसेजिंग शुरू करेगा. यह नई सेवा मौजूदा सूचना चैनलों के साथ-साथ रियल टाइम में अपडेट प्रदान करके वकीलों, वादियों और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने वाले पक्षकारों को लाभान्वित करेगी. केरल हाई कोर्ट द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह सुविधा शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी. WhatsApp के माध्यम से भेजे जाने वाले अपडेट में ई-फाइलिंग में खामियों, मामलों की लिस्ट, कार्यवाही और अन्य प्रासंगिक अदालती संचार से संबंधित विवरण शामिल होंगे. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि WhatsApp मैसेज केवल संचार के एक अतिरिक्त माध्यम के रूप में काम करेंगे और आधिकारिक नोटिस, सम्मन या अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं का स्थान नहीं लेंगे, जब तक कि अन्यथा निर्दिष्ट न किया जाए. सुरक्षा और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए, सभी संदेश केवल सत्यापित प्रेषक आईडी "केरल उच्च न्यायालय" से ही भेजे जाएंगे. हितधारकों से आग्रह किया गया है कि वे धोखाधड़ी वाले संदेशों के प्रति सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि अपडेट केवल इसी आधिकारिक प्रेषक आईडी से प्राप्त हों. अदालत ने सभी अधिवक्ताओं और वादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके CMS प्रोफाइल में एक सक्रिय WhatsApp-सक्षम नंबर शामिल हो. यदि रजिस्ट्रेशन प्राथमिक नंबर WhatsApp से लिंक नहीं है, तो एक द्वितीयक WhatsApp-सक्षम नंबर अवश्य जोड़ा जाना चाहिए. प्राथमिक नंबरों को मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ईमेल के माध्यम से अनुरोध प्रस्तुत करके अपडेट किया जा सकता है, जबकि द्वितीयक नंबरों को CMS में एडवोकेट पोर्टल के माध्यम से सीधे संशोधित किया जा सकता है. केरल हाई कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि WhatsApp मैसेज की किसी भी देरी या गैर-डिलीवरी से हितधारकों को अदालत में उपस्थित होने या कार्यवाही का पालन करने की उनकी ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जाएगा. उपयोगकर्ताओं को हाई कोर्ट के आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपडेट की बार-बार जांच करने की सलाह दी गई है. यह पहल हाई न्यायालय के डिजिटल आधुनिकीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य संचार को सुव्यवस्थित और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ बनाना है.

व्हाट्सएप पर बिना इंटरनेट वीडियो कॉलिंग की सुविधा, गूगल का कमाल

नई दिल्ली  Google ने हाल ही में अपनी Pixel 10 सीरीज को वैश्विक बाजार में लॉन्च किया है, जिसमें एक बेहद उपयोगी और नया फीचर दिया गया है। कंपनी के दावे के अनुसार, यह दुनिया की पहली ऐसी स्मार्टफोन सीरीज है जो बिना किसी नेटवर्क के भी WhatsApp के माध्यम से ऑडियो-वीडियो कॉल की सुविधा प्रदान करती है। यह सीरीज 28 अगस्त से बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। सैटेलाइट के जरिए होगी ऑडियो-वीडियो कॉल Google ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में बताया कि Pixel 10 सीरीज के यूजर्स जल्द ही सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ WhatsApp पर कॉल कर पाएंगे। यह फीचर उन आपातकालीन स्थितियों में बहुत काम आएगा जहां कोई नेटवर्क या वाई-फाई उपलब्ध नहीं होता। इस तकनीक के माध्यम से यूजर्स अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स का उपयोग करके कम्यूनिकेट कर सकेंगे। Google के पोस्ट में एक टीजर भी दिखाया गया है, जिसमें सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ ऑडियो-वीडियो कॉल की संभावना को दर्शाया गया है। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ उन टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ही काम करेगी जो सैटेलाइट सर्विस देते हैं। भारत में इस फीचर का लाभ लेने के लिए यूजर्स को अभी इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि देश में सैटेलाइट सर्विस की शुरुआत अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, BSNL ने सोशल मीडिया पर इस सेवा के बारे में संकेत जरूर दिए हैं। सैटेलाइट के जरिए होगी ऑडियो-वीडियो कॉल Google ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में बताया कि Pixel 10 सीरीज के यूजर्स जल्द ही सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ WhatsApp पर कॉल कर पाएंगे। यह फीचर उन आपातकालीन स्थितियों में बहुत काम आएगा जहां कोई नेटवर्क या वाई-फाई उपलब्ध नहीं होता। इस तकनीक के माध्यम से यूजर्स अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स का उपयोग करके कम्यूनिकेट कर सकेंगे।  Google के पोस्ट में एक टीजर भी दिखाया गया है, जिसमें सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ ऑडियो-वीडियो कॉल की संभावना को दर्शाया गया है। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ उन टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ही काम करेगी जो सैटेलाइट सर्विस देते हैं। भारत में इस फीचर का लाभ लेने के लिए यूजर्स को अभी इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि देश में सैटेलाइट सर्विस की शुरुआत अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, BSNL ने सोशल मीडिया पर इस सेवा के बारे में संकेत जरूर दिए हैं। दुनिया का पहला फोन होने का दावा Google का दावा है कि Pixel 10 सीरीज सैटेलाइट के जरिए WhatsApp ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा देने वाला दुनिया का पहला फोन होगा। हालांकि, कंपनी ने इस तकनीक के काम करने के तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है। अभी तक, सैटेलाइट सेवाओं का उपयोग केवल उन क्षेत्रों में ऑडियो कॉल और SMS भेजने के लिए होता है जहां कोई नेटवर्क नहीं होता। यह सेवा भी केवल उन्हीं देशों में उपलब्ध है जहां सैटेलाइट सर्विस शुरू हो चुकी है।  दुनिया का पहला फोन होने का दावा Google का दावा है कि Pixel 10 सीरीज सैटेलाइट के जरिए WhatsApp ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा देने वाला दुनिया का पहला फोन होगा। हालांकि, कंपनी ने इस तकनीक के काम करने के तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है। अभी तक, सैटेलाइट सेवाओं का उपयोग केवल उन क्षेत्रों में ऑडियो कॉल और SMS भेजने के लिए होता है जहां कोई नेटवर्क नहीं होता। यह सेवा भी केवल उन्हीं देशों में उपलब्ध है जहां सैटेलाइट सर्विस शुरू हो चुकी है।