samacharsecretary.com

अपनों ने ठुकराया, योगी सरकार ने अपनाया तो जज बन सपने को किया साकार

अपनों से उपेक्षित बेटियां और महिलाओं का संबल बना योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर पिछले साढ़े आठ वर्षों में वन स्टॉप सेंटर बना 2.39 लाख महिलाओं का सहारा, एक छत के नीचे मिल रही हर मदद त्वरित न्याय से लेकर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन रही अपनों से तिरस्कृत बेटियां और महिलाएं पूरे देशभर में महिला सुरक्षा में योगी सरकार ने तैयार की मजबूत व्यवस्था, 75 जिलों में संचालित हो रहे 94 वन स्टॉप सेंटर लखनऊ, अपनाें की उपेक्षाओं का शिकार महिलाओं काे जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन स्टॉप सेंटर का साथ मिला तो उन्होंने अपने सपनों को नई ऊचाइयां दीं। कहते हैं जहां चाह है वहां राह है। और यह राह समाज से उपेक्षित महिलाओं को याेगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर दिखा रहा है। जहां लाखों की संख्या में महिलाएं न केवल अपने सपनों काे पंख दे रही हैं बल्कि प्रदेश का नाम भी रौशन कर रही हैं। इसके साथ ही यह महिलाओं आधी आबादी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं। ऐसी ही एक महिला जिनसे अपनों से उपेक्षित होकर वन स्टॉप सेंटर का सहारा लिया और अपनी लगन से बिहार में पीसीएस जे की परीक्षा में सफलता हासिल कर सबको चौंका दिया। सेंटर में कराई जा रही ट्रामा काउंसिलिंग महिला कल्याण विभाग की डायरेक्टर संदीप कौर ने बताया कि डबल इंजन की सरकार की ओर से प्रदेश भर में अपनों से उपेक्षित और जरूरतमंद महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन स्टॉप सेंटर द्वारा हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश भर में 94 वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे हैं, जहां पिछले साढ़े आठ वर्षों में 2.39 लाख महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के साथ आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाया गया। सेंटर में इन महिलाओं को न केवल न्याय दिलाया जा रहा है बल्कि उनकी ट्रामा काउंसिलिंग भी करायी जा रही है। इस दौरान उनके सामान्य होने पर उन्हें योगी सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कार्सों की ट्रेनिंग भी दी जाती है। ऐसे में इन सभी को कौशल विकास मिशन से जोड़ा जा रहा है। बहुप्रतिष्ठित कंपनियों दे रहीं ट्रेनिंग और रोजगार डायरेक्टर ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत लाखों की संख्या में महिलाओं और बेटियों को होटल मैनजमेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई समेत विभिन्न प्रकार के कोर्सेज की ट्रेनिंग दी गयी है। वर्तमान में ट्रेनिंग पूरी कर लाखों की संख्या में महिलाएं प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बड़ी बहुप्रतिष्ठित कंपनियों जैसे लेक्मे सैलून, स्टारबक्स और फाइव स्टार होटल्स द्वारा भी ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी का नतीजा है कि कई महिलाएं और बेटियां वर्तमान में कई फाइव स्टार होटल्स, स्टारबक्स काफी हाउस, लेक्मे सैलून में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तमान में लखनऊ में एक बेटी फाइव स्टार होटल में सुपरवाइजर की सेवा दे रही है। जज बन रौशन किया प्रदेश का नाम योगी सरकार के वन स्टाॅप सेंटर बेटियों और महिलाओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए विभिन्न तरह की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि लखनऊ की एक बेटी ने बिहार में पीसीएस-जे की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश को नाम रौशन किया। इसके अलावा एक बेटी में हाल ही में आयुष विभाग के होम्योपैथिक विंग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर ज्वाइन किया है। योगी सरकार द्वारा संचालित लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर को पूरे देश में अच्छे कार्य के लिए वर्ष 2019 में राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं पिछले वर्ष 8 मार्च को राज्यपाल द्वारा लखनऊ के वन स्टॉप सेंटर का सम्मानित किया गया।

योगी सरकार ने 138 बेटियों का किया कन्यादान, मुस्लिम जोड़ों का हुआ निकाह, मौलवियों ने पढ़ा निकाह

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह का आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत  आगरा जिले के चार विकास खंडों-सैंया, खेरागढ़, जगनेर और शमशाबाद में कुल 138 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत सरकार प्रति जोड़े एक लाख रुपये की सहायता राशि एवं सामग्री उपलब्ध करा रही है। मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवियों द्वारा संपन्न कराया गया सामूहिक विवाह समारोह में सभी जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामा। सैंया में 43, खेरागढ़ में 27, जगनेर में 27 और शमशाबाद में 41 शादियां कराई गईं। सभी विकास खंडों में भव्य पंडाल सजाए गए थे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लिए। वहीं अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम) के जोड़ों का निकाह मौलवियों द्वारा संपन्न कराया गया। समारोह में हजारों लोग हुए शामिल समारोह में हजारों लोगों ने शामिल होकर माहौल को उत्सव जैसा बना दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी जी.आर. प्रजापति ने बताया कि प्रति जोड़ा 60 हजार रुपये कन्या के खाते में डीबीटी के रूप में 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री और 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की कार्यक्रम में विधायक भगवान सिंह कुशवाह, विधायक छोटेलाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की और नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और मजदूर परिवारों को अपनी बेटियों की शादी में आर्थिक तनाव से मुक्त करती है। जिले में इस वर्ष कुल 951 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य निर्धारित है। 10 से 13 दिसंबर के बीच विभिन्न विकास खंडों में 800 से अधिक जोड़ों के विवाह संपन्न कराने की तैयारी की गई है।

घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: योगी सरकार ने जांच तेज करने को दिए कड़े निर्देश

वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को काशी के दौरे पर आ रहे हैं। वे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इससे पूर्व बुधवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक हुई।  'सही ढंग से कराई जाए जांच' बैठक में महापौर ने सभी जोनल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार शहर में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की जांच शत-प्रतिशत सही ढंग से कराई जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।         होगी सख्त कार्रवाई महापौर ने कहा कि वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों द्वारा फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसकी जांच के लिए अपर नगर आयुक्त सविता यादव के नेतृत्व में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति द्वारा दोषी पाए जाने वाले फर्जी प्रमाण-पत्रों को तत्काल निरस्त करने तथा संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।  

योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर

मिशन शक्ति : उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति को मिली नई उड़ान  योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर  आत्मनिर्भर दीदी बना रहीं समृद्ध उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद से ही आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन पर जोर दिया है। नारी को सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति पर सरकार का जोर है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नारी सम्मान का ऐसा मॉडल बना है, जहां सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से महिलाओं को नई दिशा मिल रही है। मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया मॉडल है।  मिशन शक्ति 5.0- उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति का नया दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश है 'नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है'। 24 दिसंबर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत हर विभाग प्रतिदिन जागरूकता अभियान चला रहा है। पुलिस चौपालों से लेकर सड़क रैलियों तक 'सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार' का उद्घोष गूंज रहा है।  प्रदेश के 1647 थानों में हेल्प डेस्क सक्रिय, अब हर महिला का सहारा ग्रामीण-शहरी हर क्षेत्र में व्यापक महिला बीट प्रणाली और एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से हर महिला को अभूतपूर्व सुरक्षा का कवच प्रदान किया जा रहा है। पिंक पेट्रोल 24×7 उपलब्धता के साथ स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तुरंत पहुंच रहा है। तकनीक का व्यापक उपयोग – 1090, साइबर मॉनिटरिंग सेल और डिजिटल ट्रैकिंग ने स्टॉकिंग, फर्जी अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। कॉलेजों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप से छात्राओं को सशक्त बनाया जा रहा है।  सुरक्षा-सम्मान का यूपी मॉडल, नारी उत्थान से समृद्ध प्रदेश महिला अपराधों में त्वरित जांच से हर पीड़िता को पूर्ण न्याय सुनिश्चित, अभूतपूर्व निस्तारण दर के साथ कठोर सजाएं दी जा रही हैं। मिशन शक्ति केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी 3-5 वर्ष तक तैनात रहेंगे। आर्थिक सशक्तिकरण में भी क्रांति आ रही है। ग्राम पंचायतों में बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन ने बेटियों को नई उड़ान दी है। हर नारी को मिलेगा सम्मान और अपराधियों पर होगी दो-गुनी तेजी से कार्रवाई  मिशन शक्ति के साथ ही उज्ज्वला और स्वामित्व योजना ने घर-घर तक सशक्तिकरण पहुंचाया है। पोषण अभियान, रानी लक्ष्मीबाई कोष ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत किया।  मिशन शक्ति 5.0 सशक्त नारी से समृद्ध प्रदेश का आधार बन गया है।

सौर ऊर्जा पॉलिसी का असर: यूपी में बिजली उत्पादन और रोजगार दोनों में वृद्धि

पीएम सूर्य घर योजना से आगरा मंडल में रिकॉर्ड 82 हजार से अधिक लोगों ने किया आवेदन ब्रज क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा ग्रीन एनर्जी की ओर, लोगों के घर और प्रतिष्ठान हो रहे सौर ऊर्जा से रोशन सूर्य मित्र मुफ्त प्रशिक्षण पाकर सोलर सेक्टर में युवाओं को मिल रहे करियर बनाने के अवसर वेंडरों और कंपनियों के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर मिल रहा रोजगार आगरा  योगी सरकार की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति उत्तर प्रदेश को विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर बना रही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। केंद्र की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' को आगरा मंडल में जबरदस्त सफलता मिली है। यहां 82 हजार से अधिक लोगों ने सौर ऊर्जा से अपने घर और प्रतिष्ठान रोशन करने के लिए आवेदन किया है, जिससे ब्रज क्षेत्र ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यूपी नेडा परियोजना अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) खगेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन नीतियों और पीएम सूर्य घर योजना के कारण सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है। आगरा मंडल में अब तक 82759 लोगों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन किया है। जिसमें आगरा जनपद से 30502 आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली प्रदान कर रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देते हुए पर्यावरण और रोजगार दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस योजना से आगरा मंडल में अब तक 3200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। 'सूर्य मित्र' से युवाओं को मिल रहा स्थायी करियर इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'सूर्य मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम है। यूपी नेडा द्वारा युवाओं को सोलर पैनल लगाने और रखरखाव का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को सोलर सेक्टर में करियर बनाने और रोजगार पाने का अवसर मिल रहा है। हजारों वेंडरों, कंपनियों और प्रशिक्षित तकनीशियनों के माध्यम से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। सोलर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के तकनीकी सहायक पंकज यादव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी नेडा से प्रशिक्षण लेने के बाद मुझे सोलर कंपनी में तुरंत काम मिल गया। पहले मैं बेरोजगार था, लेकिन अब मैं एक स्थायी करियर बना रहा हूँ। योगी सरकार का यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रहा है। उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली और बचत पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ता भी बेहद उत्साहित हैं। आगरा की विजय नगर निवासी और उपभोक्ता रोमा ने बताया कि बिजली बिलों से बहुत परेशानी होती थी, लेकिन पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने के बाद अब हमारा घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा हैं। इससे बिजली के बिल में बड़ी बचत हो रही है। यह सरकार की बहुत बड़ी राहत है।

योगी सरकार का अवैध नशे पर बड़ा प्रहार, कोडीन के दुरुपयोग पर 128 फर्मों पर एफआईआर

– मुख्यमंत्री के निर्देश पर औषधि प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी में लाखों की अवैध दवाएं जब्त, आधा दर्जन से अधिक गिरफ्तार   – सबसे अधिक वाराणसी में 38, जौनपुर में 16, कानपुर नगर में 8, गाजीपुर में 6 और लखीमपुर खीरी-लखनऊ में 4-4 एफआईआर दर्ज की गई – प्रदेश के 28 जिलों में कोडीन के संगठित दुरुपयोग पर विभिन्न फर्मों पर दर्ज की गई एफआईआर लखनऊ, योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नशे की आगोश में धकेलने वाले अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। सीएम योगी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा बड़ा एक्शन लिया गया है। इसी क्रम में एफएसडीए द्वारा प्रदेश भर में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक्स श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय और वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। इस विशेष अभियान में अब तक प्रदेशभर में लाखों की अवैध नॉरकोटिक और कोडीनयुक्त औषधियां जब्त की गई हैं जबकि अब तक 128 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं आधा दर्जन से अधिक अवैध नशे के सौदागरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेला गया है। दो दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर लगाई रोक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, डॉ. रोशन जैकब ने बताया की मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में अब तक  प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण/छापेमारी की गई, लाखों की औषधियां सीज की गईं। जांच में संदिग्ध पाए गए अभिलेखों की अग्रिम विवेचना तक दो दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। प्रदेश भर में कोडीन युक्त / नॉरकोटिक्स/साईकोट्रॉपिक श्रेणी औषधियों की अवैध आवाजाही की जांच हेतु संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच, विशेष अभियान के रूप में जारी है। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से नकली एवं नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधि के भंडारण, क्रय-विक्रय अथवा आवाजाही से संबंधित सूचना विभाग द्वारा जारी व्हाट्सप्प नंबर 8756128434 पर दी जा सकती है। अवैध नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कई जिलों में छापेमारी की है और एनडीपीएस एक्ट में सख्त कार्रवाई की गई। इन जिलों में दर्ज की गई एफआईआर आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान के दौरान 28 जिलों में कुल 128 एफआईआर दर्ज की गई। इनमें वाराणसी में 38, जौनपुर में 16, कानपुर नगर में 8, गाजीपुर में 6, लखीमपुर खीरी 4, लखनऊ 4 और बहराइच, बिजनौर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सोनभद्र, बलरामपुर, रायबरेली, संतकबीर नगर, हरदोई, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, बस्ती, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, सहारनपुर, बरेली, सुल्तानपुर, चंदौली, मीरजापुर आदि जिलों में 52 एफआईआर दर्ज की गई।

यूपी में खेलों का नया दौर शुरू, सीएम योगी के आदेश पर सभी जिलों में अमल

 गोरखपुर  उत्तर प्रदेश में कभी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित रहने वाली खेल सुविधाएं अब गांवों और ब्लॉकों तक पहुंचाने की योजना पर सरकार ने तेजी से काम शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि खेलों को लेकर उनकी सरकार किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है. उन्होंने घोषणा की प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ स्टेडियम और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम का निर्माण तेजी से शुरू किया जा चुका है. यह घोषणा मुख्यमंत्री ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता 2025 (ग्रीको-रोमन) कुश्ती के प्रतिभागियों और विजेताओं को सम्मानित करते हुए की. कार्यक्रम में अंडर-17 और अंडर-19 श्रेणी के पदक विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया, लेकिन असली चर्चा मुख्यमंत्री की उस दूरदर्शी खेल नीति की रही, जिसकी वजह से यूपी देश के खेल नक्शे पर एक तेज़ी से उभरता हुआ राज्य बनता दिख रहा है. हमारी तैयारी उससे दो कदम आगे होगी अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत आज दुनिया में खेलों की शक्ति बनकर उभर रहा है. उन्होंने कहा, यह गर्व की बात है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ा रहे हैं. खेल व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करते हैं और इसी सोच के साथ हम उत्तर प्रदेश में खेलों का मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं. 75 जिलों में एक-एक स्टेडियम, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सबसे बड़ा ऐलान करते हुए कहा राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक अत्याधुनिक स्टेडियम बनेगा और हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा. यह निर्णय सिर्फ घोषणा नहीं है, बल्कि कई जिलों में काम तेजी से शुरू भी हो चुका है. 18 जिलों के सरकारी कॉलेजों में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है. गोरखपुर और महाराजगंज के सरकारी कॉलेजों में भी खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार की मंशा साफ है अब खेल अब शहरों की सीमा में नहीं रहेंगे, खेल की संस्कृति गांव-गांव पहुंचेगी. शिक्षण संस्थानों को पहली बार मिला इतना बड़ा खेल बजट मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए आवश्यक है कि खेलों को शिक्षा जितना महत्व दिया जाए. इसी उद्देश्य से सरकार ने एक नई पहल शुरू की है कि प्रत्येक कॉलेज को 25,000 रुपये, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों को 5,000 रुपये, जूनियर हाई स्कूलों को 10,000 रुपये खेल सामग्री खरीदने, कोचिंग गतिविधियां बढ़ाने और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही है. यह पहली बार है जब राज्य में इतने व्यापक स्तर पर संस्थागत खेल बजट दिया जा रहा है. मेरठ में बनेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मुख्यमंत्री ने मेरठ में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय उत्तर भारत में खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा. उन्होंने बताया कि इसका नाम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जा रहा है. यह विश्वविद्यालय खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, फिटनेस और कोचिंग के क्षेत्र में नई दिशा देगा. 2030 राष्ट्रमंडल खेलों पर फोकस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का लक्ष्य लेकर तैयारी करने की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा, कि अंडर-17 और अंडर-19 के यह युवा खिलाड़ी 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की रीढ़ बन सकते हैं. अहमदाबाद में होने वाले इस आयोजन में आपको तिरंगा लहराना है. यह लक्ष्य अभी से तय कर लें. मुख्यमंत्री ने उपविजेताओं और पदक से चूकने वाले खिलाड़ियों को भी संबोधित करते हुए कहा कि हार किसी भी खिलाड़ी की यात्रा का अंत नहीं है. उन्होंने कहा कि पहली प्रतिस्पर्धा हमेशा खुद से होती है. अपनी कमजोरियों को पहचानें, उनसे सीखें और आगे बढ़ते रहें. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के विज़न का जिक्र करते हुए कहा कि इसका मूल तत्व युवा शक्ति है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त भारत की नींव बनेंगे. इसकी शुरुआत खेलों से होती है. इसलिए संस्थानों में खेलों को शिक्षा के बराबर स्थान दिया जाना चाहिए. देश की शीर्ष 3 राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य अधिकारियों का मानना है कि जिस फोकस के साथ यूपी में खेलों की बुनियाद मजबूत की जा रही है, आने वाले वर्षों में राज्य खेलों के क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे पारंपरिक मजबूत राज्यों को कड़ी टक्कर दे सकता है. सरकारी स्तर पर जो संरचना तैयार हो रही है, वह यही संकेत देती है कि यूपी अब सिर्फ आबादी का सबसे बड़ा राज्य नहीं रहेगा, बल्कि खेलों में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा.

माता पिता नहीं, बीमारी या गरीबी का बोझ, अब अकेले नहीं लड़ेंगे बच्चे, योगी सरकार देगी 1200 रुपये तक हर माह

बरेली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्यमंत्री बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत कामकाजी बच्चों को आर्थिक सहयोग और शिक्षा से जोड़ने के लिए श्रम विभाग ने स्पष्ट श्रेणीवार प्राथमिकता तय कर दी है। ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जो परिवार की मजबूरी में ढाबों, होटलों, फैक्टरियों या अन्य प्रतिष्ठानों पर काम करते हैं। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 20 जिलों जिसमें बरेली भी शामिल है-को चुना गया है। प्रत्येक जिले में 100 बच्चों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सहायक श्रमायुक्त बाल गोविंद ने बताया कि बरेली में अब तक इस योजना से 500 बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी बच्चे को मजबूरी में मजदूरी न करनी पड़े और उसे शिक्षा व सुरक्षा दोनों मिल सके। सबसे पहले मदद उन बच्चों को-जिनके माता-पिता नहीं, आय का एकमात्र सहारा वही योजना में बच्चों के चयन के लिए शासन ने नौ प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं। सबसे पहले प्राथमिकता उन बच्चों को दी जाएगी। जिनके माता-पिता दोनों नहीं रहे। परिवार की पूरी आय उन्हीं के काम पर निर्भर है। श्रम विभाग के सर्वे में उन्हें कामकाजी बच्चा चिन्हित किया गया है। ऐसे बच्चे जिनके पिता की मृत्यु, माता-पिता स्थायी दिव्यांग, माता-पिता गंभीर रोग से ग्रसित, परिवार की मुखिया विधवा/तलाकशुदा महिला, माता की मृत्यु या गंभीर बीमारी और भूमिहीन परिवारों के बच्चे शामिल किए गए हैं। सभी श्रेणियों में ऐसे बच्चे को चिन्हित किया गया है तो सर्वेक्षण में कामकाजी निकला हो। 20 जिलों में पहले चरण का संचालन, कुल 2000 बच्चों को लाभ का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में पहले चरण में आगरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, बलिया, लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, बदायूं, गाजियाबाद, गोरखपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, मुरादाबाद, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, वाराणसी और गाजीपुर। इन 20 जिलों में प्रति जिले 100 लाभार्थी, यानी कुल 2000 बच्चों को सहायता दी जानी है। इसमें बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता-बालक 1000 रुपये, बालिका 1200 रुपये दिये जा रहे हैं। लाभार्थी बच्चा लगातार पढ़ता रहता है तो कक्षा 8, 9 और 10 उत्तीर्ण करने पर हर कक्षा पास होने पर 6000 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

योगी सरकार के कृषि मॉडल से अन्नदाता खुशहाल, बिचौलिए खत्म होने से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि के लिए बीज से बाजार तक एक मजबूत और एकीकृत मूल्य श्रृंखला का निर्माण किया है। अन्नदाता को फसल उगाने से लेकर बाजार तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पिछले साढ़े 8 वर्ष में बड़े फैसले लिए हैं। उत्तर प्रदेश में आधुनिक और किसान-केंद्रित मॉडल बनाया गया है। किसानों की आय में वृद्धि के लिए मूल्य श्रृंखला का निर्माण डिजिटल युग में किसान पीछे न छूट जाएं इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष ध्यान दिया है। सरकार के प्रयासों से कृषि विकास दर वर्ष 2016-17 में 8.6% से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 17.7% हो गयी है। राज्य प्रति वर्ष 400 लाख टन फल एवं सब्जियों का उत्पादन करते हुए देश में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान सरकार केवल अनाज उगाने तक नहीं, बल्कि किसानों को लगातार आय के नए साधन विकसित करने की पूरी व्यवस्था बना रही है।  मोबाइल ऐप के द्वारा किसानों को निशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिल रहा है। किसानों के खेत की मिट्टी का जो स्वास्थ्य कार्ड बनता है उसमें उनके मिट्टी के बारे में पूरी जानकारी रहती है। एमएसपी बढ़ने से किसानों की आय सुनिश्चित किसानों के लिए सबसे बड़ा बदलाव योगी सरकार द्वार एमएसपी की समय समय पर समीक्षा करना है। इस बार साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड ए धान का मूल्य 2,389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 69 रुपये अधिक है। अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य  400 रुपये प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 390 रुपये प्रति कुंतल किया गया है। इससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। कृषि योजनाओं से किसानों को लाभ उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए यूपी एग्रीस प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसका लक्ष्य खेत की पैदावार बढ़ाना, किसानों को आधुनिक तरीकों से जोड़ना और गांवों में कृषि-आधारित रोजगार के नए रास्ते खोलना है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को सस्ती ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों के हित में किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। इस साल 25 लाख नए किसानों को KCC देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही 50% सब्सिडी योजना चलाई जा रही है। इससे ट्रैक्टर, कटाई मशीन, ड्रोन और फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण आधी कीमत में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों को बाजार एवं मौसम की प्रतिदिन जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को बाजार भाव एवं मौसम की जानकारी प्रतिदिन निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है। किसानों का रजिस्ट्रेशन करते हुए 1.45 करोड़ से ज्यादा फार्मर कार्ड आईडी निर्गत की गयी है। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सीडलिंग का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग 60 हजार महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। लखनऊ में 251 करोड़ की लागत से भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी के नाम पर एक सीड पार्क की स्थापना की जा रही है। उत्तर प्रदेश में खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि   योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 4000 से अधिक सक्रिय खरीद केंद्रों की स्थापना अपने आप में एक  क्रांतिकारी कदम है। इनमें से 35 से 40 फीसद केंद्र उन ब्लॉकों में खोले गए, जहां दशकों से किसानों को कोई स्थाई खरीद सुविधा नहीं थी। अब गांव के पास ही खरीद व्यवस्था होने से परिवहन खर्च कम हुआ, फसल की त्वरित बिक्री हुई और किसानों को बाजार भाव में उतार-चढ़ाव का डर नहीं रहा।

योगी सरकार ने प्रदेश में बिछाया सड़कों का बड़ा नेटवर्क

सड़कों के गोल्डन नेटवर्क से उत्तर प्रदेश बनेगा देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था  योगी सरकार ने प्रदेश में बिछाया सड़कों का बड़ा नेटवर्क   उत्तर प्रदेश : गांव से शहरों तक लॉजिस्टिक व्यवस्था सुधरने से आर्थिक विकास को गति लखनऊ उत्तर प्रदेश में आज एक्सप्रेस वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यमार्ग और ग्रामीण मार्ग का एक विशाल नेटवर्क स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आधारभूत संरचना और सड़क मार्ग के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। वो इस बात को भलीभांति जानते हैं कि उद्योगों के विकास और निवेश के लिए प्रदेश में सड़कों का गोल्डन नेटवर्क तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।  उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे नेटवर्क  डबल इंजन सरकार सरकार की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है। राज्य में 2017 से पहले मात्र 3 एक्सप्रेस वे थे आज 22 एक्सप्रेस वाले राज्य के रूप में गणना हो रही है। इससे यातायात परिवहन में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है और तेजी से आर्थिक विकास हो रहा है। एक्सप्रेस वे की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे की संख्या 1949-50 में 0 से बढ़कर 2016-17 में 3 और 2025-26 में 22 हो गई है। इसमें वर्तमान में निर्माणाधीन और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामिल हैं। सड़क अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक आदि तक आसान पहुंच के लिए एक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का विकास भी हो रहा है। सभी जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले एक सड़क नेटवर्क ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है।    उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग से आर्थिक प्रगति एक्सप्रेस वे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उपलब्धियों और विकास की राह पर तेजी के साथ अग्रसर है।  2004-05 और 2023-24 (अंतिम उपलब्ध आंकड़े) के बीच, उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुने से भी ज़्यादा बढ़कर 5,599 किलोमीटर से 12,292 किलोमीटर हो गया। भारत के कुल राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 2016-17 में 7.48% से बढ़कर 2023-24 में 41% हो गया।   प्रदेश में यातायात व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार सड़कों का विस्तार राज्य के भीतर कनेक्टिविटी में सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किए गए ठोस प्रयासों को दर्शाता है। इसकी वजह से राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। इसने व्यापार, शिक्षा व चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को आसान बनाया है और प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आर्थिक विकास को भी गति मिली है। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में इस उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी में सुधार किया है, बल्कि माल ढुलाई को भी सुगम बनाया है।  PMGSY सड़क नेटवर्क का तीन गुना विस्तार उत्तर प्रदेश ने पिछले आठ सालों में ग्रामीण विकास को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाया और राज्य भर में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुल सडक लम्बाई वर्ष 2013-14 में 51549.23 कि. मी. से बढ़कर वर्ष 2016-17 में मात्र 56846.93 कि.मी. हो गई थी। वहीं वर्ष 2017 के बाद तेजी से सड़कों का विस्तार हुआ है। सीएम योगी की नीतियों से बेहतर क्रियान्वयन और एकीकरण के साथ, कुल सडक लम्बाई बढ़कर वर्ष 2024-25 तक 77425.14 कि.मी. हो गयी है, जिससे अंतिम छोर तक ग्रामीण कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।