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राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश

नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनाएं वैज्ञानिक पद्धति – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश  मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार  भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में वाटर कंजर्वेशन महत्वपूर्ण- मुख्यमंत्री – रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मिले सिंचाई की सुविधा  सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है। इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके। साथ ही, कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में सजा दिलाने में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल

योगी सरकार की सख्ती से यूपी में सांप्रदायिक हिंसा पूरी तरह खत्म  यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल  NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम – 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का बन चुका है गढ़  – विभिन्न अपराध श्रेणियों में भी यूपी में दर्ज की गई उल्लेखनीय कमी  – अपराध में कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम  लखनऊ राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की है। NCRB के आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का गढ़ बन चुका है।   सांप्रदायिक दंगों पर जीरो टॉलरेंस की नीति बनी कारगर एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई, जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है।  सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम  सीएम योगी की सख्त नीतियों की वजह से राज्य में अपराध पर लगाम लगा है एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।

NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से यूपी में महिला सुरक्षा मजबूत NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम  सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी – योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई ने घटाए विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन ने यूपी को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में योगी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था और महिलाओं सुरक्षा को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 66,381 मामले दर्ज हुए, लेकिन प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर केवल 58.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 से करीब 11 प्रतिशत कम है। इस आधार पर यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में देशभर में 17वें स्थान पर है। विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन  वहीं प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सम्मान भंग (शील भंग) से जुड़े मामलों में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में रहा। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या 83,891 रही और अपराध दर 12.4 रही। जबकि उत्तर प्रदेश में केवल 9,453 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 8.3 रही। इस श्रेणी में यूपी अन्य राज्यों की तुलना में 19वें स्थान पर है। वहीं दुष्कर्म (IPC 376) के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति संतोषजनक रही। पूरे देश में ऐसे 29,670 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.4 रही। वहीं यूपी में 3,516 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 3.1 रही। इस आधार पर प्रदेश 22वें स्थान पर है, यानी राष्ट्रीय औसत से नीचे। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO एक्ट के मामलों में भी यूपी की तस्वीर बेहतर दिखी। देशभर में कुल 67,694 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 15.2 रही। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,706 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 10.2 रही। इस श्रेणी में यूपी देश में 24वें स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी का क्राइम रेट 58.6 रहा, जबकि देश का औसत 66.2 था। इस लिहाज से यूपी कई बड़े राज्यों से बेहतर स्थिति में है। मिशन शक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और कार्रवाई का दिख रहा असर महिला अपराध दर में आई कमी केवल पुलिस की सक्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भी नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आएं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित हुआ है।

छात्रों के लिए खुशखबरी! इस सरकारी स्कॉलरशिप से हर महीने होगी कमाई, आवेदन प्रक्रिया शुरू

कासगंज राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की तिथि शासन स्तर से बढ़ा दी गई है। यह परीक्षा अब नौ अक्टूबर को होगी। इसके लिए आनलाइन आवेदन चार अक्टूबर तक किए जाएंगे। कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को अभी से तैयारियां में जाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृति योजना परीक्षा 2026-27 की लिखित परीक्षा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। परीक्षा की तिथि में परिवर्तन किया गया है। नौ अक्टूबर को परीक्षा का जिले में आयोजन होगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि चार अक्टूबर कर दी गई है। निर्धारित तिथि पर आनलाइन आवेदन किए जाएंगे। आवेदनों की जांच एवं संशोधन के लिए पांच से सात अक्टूबर तक तिथि का निर्धारण किया गया है। कक्षा सात की परीक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीण करने वाले विद्यार्थी पात्र माने जाएंगे। एससी और एसटी के लिए पांच प्रतिशत की छूट होगी। राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त स्थानीय निकाय के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा आठ के परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिन अभिभावकों की वार्षिक आय तीन लाख 50 हजार से अधिक होगी उन्हें अपात्र माना जाएगा। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उत्तीर्ण प्रतिभागी को दिए जाएंगे। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिक से अधिक आवेदन कराएं जा रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।

ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन

तीसरी बार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी  ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन  कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने समापन समारोह को किया सम्बोधित – सीएम योगी-पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कारीगरों को मिला वैश्विक मंच : राकेश सचान  – रूस पार्टनर कंट्री, 30 से ज्यादा रुसी प्रतिनिधियों ने दिखाई निवेश में रुचि – 2,200 से अधिक स्टॉल, 80 देशों के 500 खरीदारों ने की खरीदारी – 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार, छात्रों ने देखा नया कारोबार – ओडीओपी और एमएसएमई से कारीगरों को ऑर्डर और  मिली पहचान – खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन ने खादी को दी नई उड़ान – 24 हजार से अधिक मीटिंग्स और 2400 एमओयू से 11,200 करोड़ का कारोबार – दीपावली से पहले सभी जिलों में लगेगा यूपीआईटीएस का मेला – उद्यमियों को बड़ा बाजार देने के लिए घर-घर पहुंचेगा लोकल प्रोडक्ट – मंत्री नंदी बोले- यह आयोजन चौथे संस्करण की शुरुआत का संकेत ग्रेटर नोएडा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के तृतीय संस्करण का सोमवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उद्बोधन दिया और इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा और उन्हें नया आत्मविश्वास दिया। निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि  पिछले संस्करण में 70 हजार विजिटर्स, 1.25 हजार बी2बी और 4 लाख से अधिक बी2सी सहभागिता दर्ज हुई थी। इस बार रूस पार्टनर कंट्री रहा और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि पहुंचे। 2,200 से अधिक स्टॉल लगे और 80 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा खरीदारों ने खरीदारी की। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार राकेश सचान ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी अभियान से 90 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने करार किए और छात्रों ने नए बिजनेस अवसरों के बारे में जानकारी ली। ओडीओपी और एमएसएमई योजनाओं से कारीगरों को मंच और ऑर्डर मिले, वहीं श्रम सम्मान योजना ने भी उन्हें मजबूती दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कर सम्मान दिया। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनमी बनने की और अग्रसर यूपी खादी को प्रोत्साहित करने के लिए खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों को आकर्षित किया। प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ तक पहुंचा है और यह यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी लक्ष्य की ओर ले जा रहा है। 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में लगेंगे यूपीआईटीएस मेले सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि दीपावली से पहले 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में यूपीआईटीएस के तहत स्थानीय उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे, ताकि हर उद्यमी को बड़ा बाजार मिल सके और लोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित हों। चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन तृतीय संस्करण का समापन ही नहीं, बल्कि चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत है। उन्होंने इसे कारीगरी, हुनर और शिल्प का आधुनिक मेला बताया, जिसमें एक छत के नीचे 2500 एग्जिबिटर्स ने स्टॉल लगाए। नंदी ने कहा कि पिछले चार दिनों में 24,400 से अधिक मीटिंग्स हुईं और 2400 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 11,200 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक व्यापार हुआ है। पांचवें दिन यह आंकड़ा और ऊंचाई पर पहुंचेगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी आज ऐसे रनवे पर है जो अनस्टॉपेबल हैः पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित  केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों और समस्त उद्यमियों से किया स्वदेशी को अपनाने का आह्वान   कहा – विकसित भारत 2047 के लिए स्वदेशी और समावेशी विकास का लें संकल्प उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बनाया जीएसटी दरों में बदलाव आजादी के बाद सबसे बड़ा रिफॉर्म, दशकों तक लोग इसे याद करेंगे  2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुआ नया सवेरा, समावेशी विकास की हुई शुरुआत  ओडीओपी आज देश के 750 से अधिक जिलों में पहुंची, 1200 से अधिक उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान हर राज्य में बनाए जा रहे यूनिटी मॉल, प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद होंगे प्रदर्शित ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा संस्करण सोमवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आयोजन की सफलता पर उत्तर प्रदेश सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक क्षमता का आईना है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, उद्यमिता को बढ़ावा दें और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक संकल्प लें। केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में बीते आठ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्णायक एवं संवेदनशील नेतृत्व ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। आज यूपी ऐसे रनवे पर है, जो अनस्टॉपेबल है। उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।  इस अवसर पर पीयूष गोयल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम यूपीईपीसी, टीम ओडीओपी, टीम सीएम युवा मिशन, टीम आईईएमएल को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।  स्टेकहोल्डर्स का परफेक्ट समागम पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीआईटीएस 2025 इस मायने में अनोखा है क्योंकि, इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं। मंच पर उद्योग, सरकार और उसके दोनों अंग मंत्री और अधिकारी मौजूद हैं तो मंच के नीचे उद्यमी, निर्यातक, एमएसएमई, महिला उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। जब सब मिलते हैं तो यह परफेक्ट मिक्स बनता है और यही उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का असली राज है। जीएसटी बचत उत्सव – नवरात्रि का तोहफ़ा अपने संबोधन में गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में घोषित “जीएसटी बचत उत्सव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में कमी उपभोक्ताओं के लिए नवरात्रि का बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा सुधार है, जिसका असर आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा।   भारत की वैश्विक पहचान मजबूत पीयूष गोयल ने 2014 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ा दिया था। विकास दर मात्र 4 प्रतिशत थी, महंगाई 8 से 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर था। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने लगातार 11 वर्षों की मेहनत से व्यवस्था बदली। अब खदानें, स्पेक्ट्रम और अन्य संसाधन केवल नीलामी से दिए जाते हैं। इससे सरकारी खजाने को राजस्व मिलता है और जनता का विश्वास बढ़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। विदेशी मुद्रा भंडार में व्यापक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का पासपोर्ट सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। दुनिया के विकसित देश भारत के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं।  कानून-व्यवस्था से उद्योग को बल गोयल ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तब दहशत और अपराध का माहौल था। व्यापारी असुरक्षित थे, नोएडा के आधे प्रोजेक्ट अधूरे थे, फैक्ट्रियां बंद थीं। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद हालात बदल गए। कानून-व्यवस्था सख्त हुई और निवेशकों का विश्वास लौटा। उन्होंने कहा कि जब 2017 में प्रदेश की जनता ने दो तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बनाई तब उत्तर प्रदेश में नया सवेरा शुरू हुआ और समावेशी विकास की शुरुआत हुई।  एक्सपोर्ट प्रमोशन में यूपी कर रहा नेतृत्व उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने निर्यात प्रोत्साहन के लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना आज पूरे देश में 750 से अधिक डिस्ट्रिक्ट्स में पहुंची है और 1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। आज जहां भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मत्री या राजदूत कहीं जाते हैं, वे इन्हीं ओडीओपी को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं। इससे उद्यमियों का मनोबल बढ़ा है।  यूनिटी मॉल से स्वदेशी को नई पहचान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित यूनिटी मॉल का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि हर राज्य में यह मॉल बनाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तीन जिलों (लखनऊ, आगरा और वाराणसी) में यूनिटी मॉल बनेंगे। इनमें प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद प्रदर्शित होंगे। यह महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए अवसर का मंच बनेगा।  स्वदेशी का आह्वान गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी की परिभाषा को दोहराते हुए कहा कि मोदी जी ने आह्वान किया है कि अब जो भी सामान हम खरीदते हैं उसमें यथासंभव स्वदेशी वस्तु खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है जो सामान भारत के लोगों के खून पसीने से बना हो, जो भारत मिट्टी में बना हो वो स्वदेशी भारत है। कंपनी विदेश की हो सकती है, निवेश विदेश से आ सकता है, टेक्नोलॉजी बाहर से आ सकती है, लेकिन उत्पादन भारत में होना चाहिए और रोजगार भारत के लोगों को मिलना चाहिए। मोदी जी के इस आह्वान को हम सबको अपनाना चाहिए।  तेजी से बढ़ता औद्योगिक ढांचा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले 400-500 … Read more

जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

बूढ़ी मां के दर्द को सुन द्रवित हुए सीएम योगी, कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री, सभी की समस्या सुन निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री आवास से सरकारी एंबुलेंस द्वारा सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया मरीज     नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री  लखनऊ  शक्ति स्वरूपा मां जगतजननी की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रूप देख द्रवित मां के कलेजे ने उन्हें खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था, लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। कभी दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह सोमवार को 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं।  सीएम ने सरकारी एंबुलेंस से पीड़ित को भिजवाया हॉस्पिटल  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। इसी बीच कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री जी से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की यह बात सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उस बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'जनता दर्शन' से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।  नर सेवा ही नारायण सेवा मुख्यमंत्री ने हर पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर सेवा, नारायण सेवा को अंगीकृत कर कार्य कर रही है। सभी प्रदेशवासियों के चेहरे पर खुशी लाना सरकार का उद्देश्य है। इसे लेकर ही सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए किसी भी पीड़ित ने स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी भी माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, उसे सहायता उपलब्ध कराई गई है। हमारी सरकार हर पीड़ित के साथ है। इलाज के लिए सरकार आगे भी आर्थिक सहायता निरंतर रूप से उपलब्ध कराती रहेगी। अन्य पीड़ितों ने भी सीएम को बताई पीड़ा  'जनता दर्शन' में मथुरा-वृंदावन और लखनऊ से आए व्यक्ति ने अवैध निर्माण की भी शिकायत की। वहीं साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर भी नोएडा के पीड़ित ने अपनी बात रखी। इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस, प्रशासन, राजस्व, बिजली आदि से जुड़े मामले भी लोगों ने रखा।  नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।

बरेली हिंसा पर कड़ा संदेश: योगी बोले — दंगा फैलाओ तो भुगतना होगा अंजाम

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर के दौरे पर हैं। यहां लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने बरेली बवाल पर 24 घंटे में तीसरी बार दंगाइयों को अलटीमेटम दिया। कहा कि यूपी में अराजकता और दंगा करने वालों को जहन्नुम का टिकट दूंगा। गजवा-ए-हिंद की कल्पना पर नरक का टिकट  मिलेगा। भारत में उन महान आत्माओं के आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया। सीएम ने रविवार की सुबह देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी के दर्शन कर उनके पांव पखारे। इसके बाद आरती की। यहां से वह गोशाला पहुंचे। वहां पर गायों को चना… गुड़ और रोटियां खिलाकर गोसेवा की। इसके बाद सीएम ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से बातचीत की। बच्चों को दुलारा और टाफियां दीं। बताते चलें कि सीएम योगी शनिवार की रात यहां पहुंचे थे। उस समय मंदिर में दर्शन करके विश्राम को चले गए थे। उन्होंने रात्रि विश्राम यहीं मंदिर में ही किया था। सीएम ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं से मुलाकात करके बच्चों से भी मिले। बच्चों को टाफियां देकर उन्हें दुलार किया और खूब मन लगाकर पढ़ने को कहा। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे। 826 करोड़ की 124 परियोजनाओं की दी सौगात मंदिर से निकलने के बाद सीएम धूधुलपुर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही 826 करोड़ की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का उद्घाटन किया। 2047 में विकसित भारत के लिए आम लोगों से सुझाव भी मांगे। सीएम ने छांगुर को कहा कालनेमि राक्षस इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने एक बार फिर प्रदेश में अराजकता और दंगा फैलाने वालों को चेतावनी दी। कहा कि यूपी में ऐसा करने की हिम्मत की तो जहन्नुम का टिकट दूंगा। बरेली का हवाला देते हुए सबक लेने को कहा। उन्होंने छांगुर की कालनेमि राक्षस से तुलना की। कहा कि विकास में बाधा डाली तो ऐसे राक्षसों का विनाश होगा। सपा और कांग्रेस के अराजकतत्वों से मिले होने की बात कही। भारत में नहीं चलेगा गजवा-ए-हिंद सीएम ने कहा कि कुछ लोग भारत में रहते हैं, लेकिन गजवा-ए-हिंद का नारा लगाकर देश के भीतर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। गजवा-ए-हिंद भारत की धरती पर नहीं होगा। भारत की धरती महान आत्माओं की भूमि है। यह उन महान आत्माओं के आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया है। गजवा-ए-हिंद की कल्पना करना, इसके बारे में सपना देखना भी नरक का टिकट बन जाएगा। जो लोग ऐसी गतिविधियों में लगे हैं, वे कान खोलकर सुन लें। देर-सवेर उनका भी हश्र छांगुर जैसा ही होगा।  

योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा

यूपीआईटीएस 2025  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल हैः सुरेश खन्ना प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी सेशन को किया संबोधित योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा  जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा ग्रेटर नोएडा  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल बन चुका है। अब यूपी सुरक्षा और सुशासन का पर्याय बन चुका है। प्रदेश विकास के पैमाने पर चौतरफा तरक्की कर रहा है। यह बातें उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित 'ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी' में कहीं। कार्यक्रम को प्रदेश के एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, वित्त विभाग के विशेष सचिव समीर वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य महा प्रबंधक इंदर मोहन सिंह समेत कई अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। यूपीआईटीएस उद्यमियों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। यह आयोजन किस कदर सफल है, इसका अंदाजा यहां बढ़ रही निवेशकों और उद्यमियों की संख्या से लगाया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि जब से केंद्र में एनडीए और यूपी में योगी सरकार आई है, कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है और संगठित अपराध खत्म हो चुका है। इसके चलते जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ बिना थके, बिना रुके यूपी के विकास के लिए सतत काम कर रहे हैं। 2017 से पहले यूपी की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन आज पूरी दुनिया में लोग यूपी को बेहतर कानून व्यवस्था और आर्थिक तरक्की के लिए जानते हैं। विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी लोग कहते हैं कि योगी जैसा नेता चाहिए। यूपी में बह रही विकास की गंगा  वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में यूपी का बजट और उसका आकार लगातार बढ़ा है। 2018 तक बजट का साइज 3 लाख करोड़ तक था जो आज बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति सही होने की वजह से यूपी में विकास की गंगा बह रही है और अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों की हर संभव मदद कर रही है। निवेशकों की सहूलियत के लिए निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसे एप बनाए गए हैं।  एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल  वित्त मंत्री ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने उत्पाद की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पाद भरोसेमंद ब्रांड बने। राष्ट्रीय बैंकों को सीडी रेश्यो सुधारने की नसीहत देते हुए खन्ना ने कहा कि प्राइवेट बैंकों की शर्तें और सिक्योरिटी मेजर्स राष्ट्रीय बैंकों से ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका सीडी रेश्यो बेहतर है। इसलिए नेशनलाइज्ड बैंकों को आत्मनिरीक्षण कर सुधार करना चाहिए और बैंकों को और अधिक उदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल है और अब तक 3700 करोड़ रुपये का एफडीआई आ चुका है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का परिणाम है।  जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ  सुरेश खन्ना ने कहा कि जीएसटी में राहत से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का एक्सपोर्ट 2014 से पहले 84,000 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 1,76,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। यूपी की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आया है। हमने अपने बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि की है और वर्ष 2024-25 में 59,000 करोड़ रुपये के राजस्व सरप्लस स्टेट बने हैं। हमारी आय हमारे खर्च से कहीं ज्यादा है और इस मामले में यूपी देश में सबसे आगे हैं। एमएसएमई सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर– राकेश सचान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश का बजट इस बार अब तक का सबसे बड़ा रहा और योगी जी के नेतृत्व में यूपी लगातार आर्थिक तरक्की कर रहा है। देश की जीडीपी में योगदान के मामले में यूपी का स्थान अब दूसरे नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। एक जिला, एक उत्पाद और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर योजना में 10 और ट्रेड जोड़े गए हैं, जबकि पहले केवल 12 ट्रेड थे। सचान ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सबसे बड़ा सेक्टर है जो रोजगार देता है। जीएसटी सुधारों के बाद इस सेक्टर में और अधिक तरक्की के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उद्यम प्रदेश बन रहा है। बड़ी संख्या में युवा अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदन कर रहे हैं। अब तक सात लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें रिव्यू करने के बाद बैंकों को भेजा गया है। लेकिन कई बार युवाओं को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई आती है। उन्होंने बैंकों से कहा कि उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि कोई भी युवा ऋण से वंचित न रह जाए। सचान ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों की यह भी मांग है कि जिस तरह किसानों को ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड दिया जाता है, उसी तर्ज पर एमएसएमई के लिए भी एक अलग क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए।