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गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति

एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो यूपी सिंह का निधन गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति विद्वता, कर्मठता के साथ सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किए जाएंगे प्रो. सिंह सीएम योगी ने जताया शोक, रविवार को अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल गोरखपुर  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय प्रो. सिंह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अध्यापन कार्य में आने के बाद से ही उनका पूरा जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित रहा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री रविवार को प्रो. सिंह के अंतिम संस्कार के समय गोरखपुर के राजघाट पर मौजूद रहेंगे। प्रो. सिंह अपने पीछे दो पुत्रों दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह का परिवार छोड़ गए हैं।  मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह का जन्म 1 सितंबर 1933 को हुआ था। वह उन विरले लोगों में शामिल रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। गणित विषय के विद्वान रहे स्वर्गीय सिंह की बतौर शिक्षक पहली नियुक्ति गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने एमपी शिक्षा परिषद के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में की थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महंत जी ने यह महाविद्यालय दान में दे दिया तब यूपी सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक हो गए। इस विश्वविद्यालय में वह आचार्य और गणित विभाग के अध्यक्ष के रूप में ख्यातिलब्ध रहे। अपनी शैक्षिक सेवा यात्रा में उन्होंने बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं। महंत दिग्विजयनाथ जी के स्मृतिशेष होने के बाद प्रो. यूपी सिंह ने गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के मार्गदर्शन में एमपी शिक्षा परिषद की सेवा की। उनकी सेवा साधना का यह अनुष्ठान वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में आजीवन जारी रहा।  प्रो. यूपी सिंह को विद्वता, कर्मठता के साथ उनके सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किया जाएगा। वह डॉ. भोलेन्द्र सिंह के बाद वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और अंतिम सांस लेने तक इस पद पर बने रहे। शिक्षा परिषद द्वारा 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना की गई तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। प्रो. यूपी सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक और विद्या भारती में भी विविध पद दायित्वों का सकुशल निवर्हन किया। उनके निधन पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में शोक की लहर है।  रविवार को राजघाट पर होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी भी आएंगे प्रो. यूपी सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (28 सितंबर) को पावन राप्ती नदी के राजघाट पर दिन में 12 बजे से होगा। इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रो सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे। इस बीच प्रो. सिंह के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यू.पी. सिंह जी का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों एवं अनुयायियों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं समाज के लिए उनका जीवन सदा मार्गदर्शक बना रहेगा।”

पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क’ का किया उद्घाटन

भारत आज तकनीक व डिजिटल क्रांति का वैश्विक लीडर बन चुका है – मुख्यमंत्री पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का किया उद्घाटन   देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगणों की रही ऑनलाइन मौजूदगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित   भारत की सेना दुनिया के अंदर सबसे सामर्थ्यशाली और शक्तिशाली बन करके उभरी है- सीएम योगी  डिफेंस सेक्टर में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत की आहट को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है- योगी आदित्यनाथ – भारत सभी के साथ मैत्री भाव के साथ कार्य करेगा, लेकिन किसी की गीदड़-भभकी के सामने झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं- सीएम योगी हमने बीएसएनएल की सेवाओं को प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों के साथ जोड़ दिया है- मुख्यमंत्री अब पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ते कार्यालयों के चक्कर, डिजिटल पेंमेंट से घर बैठे समय पर लोगों के मिल रहा लाभ- सीएम योगी  नेटवर्किंग हमारे लिए उन दूर-दराज के क्षेत्रों, बार्डर इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्किंग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। भारत न तो किसी की गीदड़ भभकी से डरेगा और न ही किसी दबाव के सामने झुकेगा। आज भारत तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का लीडर बनकर उभरा है। सीएम योगी शनिवार को स्वदेशी तकनीक पर आधारित बीएसएनएल 4G नेटवर्क और भारत नेट परियोजना के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने उड़ीसा में एक विशेष कार्यक्रम के तहत स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।   सीएम योगी ने कहा कि भारत नेट के स्वदेशी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और बीएसएनएल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग से जोड़ने का संकल्प लिया था, जो भारत नेट ने साकार किया। अब ग्राम सचिवालयों में आय, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रोजगार सृजन और बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण स्तर पर पहुंची हैं। बीसी सखियों के जरिए 100 करोड़ से अधिक का लाभांश ग्रामीणों तक पहुंचा है। बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को दूर-दराज के क्षेत्रों, खासकर नक्सल प्रभावित चंदौली, सोनभद्र और चित्रकूट में क्रांति लाने वाला है। आने वाले समय में 5G और 6G की भी तैयारी है। भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा नहीं- सीएम योगी सीएम ने कहा कि संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वदेशी सेना, स्वतंत्र विदेश नीति, स्वदेशी तकनीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी है, जो नए भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना को विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है। यहां का आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, रोबोटिक्स में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत की पहचान बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मैत्री भाव से विश्व के साथ चलेगा, लेकिन किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह संदेश हर मंच से दिया गया है।  सभी सरकारी योजनाओं में डिजिटल पेमेंट को मिल रही प्राथमिकता सीएम ने बीते दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पेंशन के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें आधा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। अब डीबीटी के जरिए 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन सीधे खाते में मिलती है। 60 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 6,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डिजिटल रूप से दी जा रही है। यूपीआई के जरिए भारत ने सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड बनाया है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम और डिजिटल क्रांति का प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले नेटवर्किंग में माफिया के हावी थे। 2017 के बाद ऐसे माफियाओं की कमर तोड़ी गई और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बीएसएनएल का 4G नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और गति देगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को हर क्षेत्र में जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव होगी।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी

योगी कैबिनेट में 22 प्रस्ताव मंजूर, कृषि खरीद से लेकर औद्योगिक निवेश तक हुए बड़े निर्णय – धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी – धान खरीद : कॉमन 2369, ग्रेड ए 2389 रुपये/क्विंटल – मक्का खरीद : 2400 रुपये/क्विंटल, 25 जिलों में 15,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – बाजरा खरीद : 2775 रुपये/क्विंटल, 33 जिलों में 2.2 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य – ज्वार खरीद : हाईब्रिड 3699, मालदांडी 3749 रुपये/क्विंटल, 50,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – उज्ज्वला योजना : 1.86 करोड़ परिवारों को होली-दीपावली पर 2 मुफ्त सिलेंडर – आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे तक 90 km का नया लिंक एक्सप्रेसवे स्वीकृत, 7488 करोड़ आएगी लागत – डीएमएफ न्यास संशोधन 2025 : 70% निधि स्वास्थ्य-शिक्षा पर, राज्य पर कोई बोझ नहीं – शहरी विस्तारीकरण योजना : 970 करोड़ सीड कैपिटल रामपुर-अयोध्या समेत 5 शहरों के लिए स्वीकृत – 3 नई निजी यूनिवर्सिटी को अनुमति, यूपी में अब कुल 50 निजी विश्वविद्यालय होंगे – छात्रवृत्ति : एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के 4 लाख से अधिक छात्र होंगे लाभान्वित, डीबीटी से भेजे जाएंगे 647 करोड़ रुपए लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की। खन्ना ने बताया कि सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है, जो राज्य के आर्थिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान करेंगे। 2025-26 के लिए धान क्रय नीति की घोषणा कृषि क्षेत्र को राहत देने वाले फैसलों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत धान क्रय नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद की जाएगी। गत वर्ष कॉमन धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस वर्ष बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार, ग्रेड ए धान के लिए पिछले वर्ष 2330 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले इस वर्ष 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कुल 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वर्तमान में 3100 क्रय केंद्र कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इनकी संख्या बढ़ाकर 700 अतिरिक्त केंद्र जोड़े जाएंगे, ताकि किसानों को अधिक सुविधा मिल सके। खन्ना ने स्पष्ट किया कि सभी क्रय केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और किसानों की अन्य सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित मोटा अनाज की खरीद नीति भी मंत्रिपरिषद ने मंजूर कर ली है, जो 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2225 रुपये प्रति क्विंटल से 175 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। मक्का की खरीद 25 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, गोंडा, बहराइच, बलिया, सोनभद्र, जौनपुर, मीरजापुर, देवरिया और ललितपुर शामिल हैं। इसके लिए 75 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय  बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2625 रुपये से 150 रुपये अधिक है। बाजरा की खरीद 33 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई और उन्नाव प्रमुख हैं। 300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 2 लाख 20 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीदा जाएगा। 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य ज्वार की खरीद नीति में भी वृद्धि की गई है। हाईब्रिड ज्वार के लिए 3699 रुपये प्रति क्विंटल तथा मालदांडी ज्वार के लिए 3749 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है। ज्वार की खरीद 11 जनपदों में होगी, जिनमें कानपुर, कानपुर देहात, जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, मीरजापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल हैं। 80 क्रय केंद्रों से 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इन नीतियों से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर बैठक में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने वाले फैसलों पर विशेष जोर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) न्यास तृतीय संशोधन नियमावली 2025 को मंत्रिपरिषद ने अपना अनुमोदन दे दिया है। इस संशोधन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संशोधन के तहत जिला खनिज फाउंडेशन निधि (डीएमएफ) का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यय किया जाएगा। शेष 30 प्रतिशत निधि का उपयोग भौतिक संरचना विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास में किया जाएगा। खन्ना ने कहा कि यह कदम खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली-दीपावली अवसर पर 1 करोड़ 86 लाख लाभार्थी परिवारों को दो नि:शुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह निर्णय गरीब महिलाओं को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक क्षेत्र में भी राहत मिली है। मा. उच्चतम न्यायालय में दायर अपील 'प्रेमलता बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' पर फैसले के अनुपालन में मृतक आश्रित योजना को संशोधित किया गया है। अब मृतक कर्मचारी के आश्रित को उसी कैडर में नौकरी … Read more

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।

सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में दिख रहा युवाओं का जोश सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई विभिन्न मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर रही जबरदस्त भीड़ योगी सरकार की पहल से बढ़ा स्टार्टअप्स का मनोबल ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में आयोजित सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों छात्र-छात्राओं ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नए बिजनेस आइडियाज और इनोवेटिव उद्यमों की जानकारी प्राप्त की। 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी और मथुरा से आए 700 से अधिक छात्रों समेत एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी विजिट की। समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं। खास तौर पर ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई। वहीं, क्यूटीएम, ग्रिप इंटरनेशनल, प्रॉस्पर ग्रुप और कोशिश सस्टेनेबल साल्यूशन्स के मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर भी जबरदस्त भीड़ रही। स्टार्टअप्स और फूड ब्रांड्स का आकर्षण कॉनक्लेव के दौरान 20 से अधिक बी टू बी मीटिंग्स सम्पन्न हुईं। इसके साथ ही डॉ. गैराज, मिस्टर सैंडविच, धोबीलाइट, अर्द्धसैनिक कैंटीन और अमूल इंडिया जैसे स्टार्टअप्स व ब्रांड्स ने छात्रों को अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का मार्गदर्शन किया। योगी सरकार की पहल से बढ़ा आत्मविश्वास सीएम युवा कॉनक्लेव ने स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार की नीतियां और UPITS-2025 जैसे प्लेटफॉर्म न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा से लांच करेंगे बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क

अब स्वदेशी 4जी नेटवर्क से जुड़ेंगे यूपी के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा से लांच करेंगे बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भी होगा आयोजन का लाइव टेलीकास्ट, सीएम योगी रहेंगे मौजूद  4जी नेटवर्क लॉन्चिंग का यूपी को होगा बड़ा लाभ, 240 गांवों के 24 हजार से ज्यादा लोग होंगे लाभान्वित  उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल ने अब तक 6659 साइट्स पर स्थापित की हैं 4जी सेवाएं  डिजिटल भारत निधि से 141 साइट्स का काम पूरा, योगी सरकार ने निशुल्क उपलब्ध कराई ग्राम सभा की भूमि  बीएसएनएल की 4जी टेक्नोलॉजी पूर्णतः स्वदेशी है, 4जी से 5जी में आसानी से किया जा सकेगा अपग्रेड  सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में विकसित की स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी  यूपी सहित पूरे देश के 26700 असम्पर्कित गांव जुड़ेंगे 4जी से, 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर लाभान्वित होंगे  पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बना भारत  92,600 4जी टावरों में से 18,900 टावर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) परियोजना के तहत लगाए गए  लखनऊ  स्वदेशी आत्मनिर्भरता के संकल्प को नई ऊंचाईयों पर ले जाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा से देश का पहला पूर्णतः स्वदेशी 4जी नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सिर्फ एक तकनीकी लॉन्च नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के सपनों को साकार करने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जहां भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बना जाएगा, जो अपना पूर्ण स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू करेगा, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय पहल से उत्तर प्रदेश को इस क्रांतिकारी उपलब्धि का विशेष लाभ मिलेगा। इस महाआयोजन का लाइव टेलीकास्ट लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) में भी होगा, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।  उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव स्वदेशी को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार स्वदेशी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि नए भारत की मजबूती का आधार है। इसी दृष्टि को मूर्त रूप देते हुए बीएसएनएल की इस पहल से उत्तर प्रदेश को विशेष सौगात मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर पूरे देश में 97,500 मोबाइल टावर और 443 स्वदेशी टॉवरों का उद्घाटन करेंगे, जिस पर लगभग 37 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। इस क्रांतिकारी कदम से उत्तर प्रदेश के अब तक नेटवर्क से कटे 240 गांवों के 24 हजार से अधिक लोग पहली बार हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ उठा पाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह महत्वाकांक्षी पहल न सिर्फ देशभर के दूरस्थ इलाकों तक, बल्कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती और पिछड़े क्षेत्रों तक भी डिजिटल सेवाएं पहुंचाएगी, जहां अब तक या तो मोबाइल कनेक्टिविटी बिल्कुल नहीं थी या फिर लोग केवल 2जी नेटवर्क तक ही सीमित थे। यूपी में 6659 साइट्स पर 4जी सेवाएं बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक यूपी ईस्ट अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल ने अब तक 6659 साइट्स पर 4जी सेवाएं स्थापित कर दी हैं। इनमें 142 साइट्स डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) से मंजूर हुई हैं, जिनमें से 141 पर काम पूरा हो चुका है। यूपी सरकार ने इन स्थलों पर ग्राम सभा की भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई है। बॉर्डर आउट पोस्ट्स (बीओपी) और बॉर्डर इंटेलिजेंस पोस्ट्स (बीआईपी) पर भी अब 4जी नेटवर्क पहुंच सकेगा। यूपी में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की 68 साइट्स मंजूर की गई हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यही नहीं, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों (चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र) में मौजूद 2जी सेवाओं को 4जी में अपग्रेड किया जा रहा है। कुल 78 साइटों में से 25 पर काम पूरा हो चुका है। आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि उन्होंने बताया कि बीएसएनएल के लिए सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित की, जिसे सॉफ्टवेयर के जरिए आसानी से 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा। इस कदम से यूपी सहित पूरे देश के लगभग 26700 असम्पर्कित गांवों को जोड़ा गया है, जिससे 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर लाभान्वित होंगे। इसमें उत्तर प्रदेश का बड़ा योगदान होगा, जहां सीमावर्ती और पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से भारत अब दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जिसने पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू किया है। बीएसएनएल के कुल 92,600 4जी टावरों में से 18,900 टावर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) परियोजना के तहत लगाए गए हैं। यह विस्तार डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। बीएसएनएल की शानदार वापसी उन्होंने बताया कि लगभग 18 वर्षों में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो तिमाहियों में लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में ₹2262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ का लाभ हुआ। कंपनी का कुल वार्षिक घाटा 58% घटकर ₹2247 करोड़ पर (FY24 में ₹5370 करोड़ था) आ गया। परिचालन राजस्व 7.8% बढ़कर ₹20,841 करोड़ हो गया। EBITDA दोगुना से अधिक होकर ₹5,396 करोड़ पहुंच गया और मार्जिन 23.01% पर सुधर गया। ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि सरकारी पुनरुत्थान पैकेज और रणनीतिक निवेशों ने बीएसएनएल को वित्तीय मजबूती दी है। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में सीजीएम, यूपी ईस्ट अरुण कुमार गर्ग के साथ ही , सीजीएम यूपी वेस्ट अरुण कुमार सिंह, पीजीएम एसएंडएम नई दिल्ली दीपक गर्ग, डीडीजी डीओटी नई दिल्ली राजेश कुमार सोनी और एडिशनल डीजी यूपी ईस्ट वीरेंदर कुमार शामिल रहे।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के दूसरे दिन भारत-रूस बिजनेस डायलॉग का आयोजन

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, हरसंभव मदद करेगी सरकार–राकेश सचान यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के दूसरे दिन भारत-रूस बिजनेस डायलॉग का आयोजन दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा यह आयोजन: मंत्री पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा ग्रेटर नोएडा “उत्तर प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव मदद करेगी।” यह कहना है उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी, हथकरघा और वस्त्र मंत्री राकेश सचान का। उक्त बातें उन्होंने शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दूसरे दिन आयोजित भारत-रूस बिजनेस डायलॉग को संबोधित करते हुए कहीं। मंत्री राकेश सचान ने रूस के अधिकारियों और कारोबारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सहयोग से आज की साझेदारी तक राकेश सचान ने कहा कि भारत के औद्योगिकीकरण के समर्थन करने के दिनों से आज रणनीतिक साझेदारी तक हमारा सहयोग रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अब विभिन्न सेक्टरों तक विकसित हुआ है। हाल के वर्षों में यह साझेदारी और प्रगाढ़ हुई है तथा दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है। भारत ने वर्ष 2025 तक रूस से अपने व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। सचान ने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य अवश्य हासिल होगा।  MSME यूपी की ताकत मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने MSME क्षेत्र की शक्ति पर विशेष बल दिया था। उत्तर प्रदेश में देश की सबसे अधिक 9 मिलियन MSME इकाइयां कार्यरत हैं, जो राज्य की लगभग 15 प्रतिशत आबादी को रोजगार देती हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना ने स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाई है। निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ से अधिक की आबादी वाला विशाल बाजार है, जो निवेशकों को स्थायी अवसर प्रदान करता है। यहां उद्योगों को उत्पादन और उपभोग दोनों स्तर पर मजबूती मिलती है। उन्होंने रूस से आग्रह किया कि अपनी उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में सहयोग करे। ट्रेड शो केवल मेला नहीं मंत्री राकेश सचान ने कहा कि “यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक मेला भर नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र और राज्य के विकास को नए क्षितिज से जोड़ने का उपक्रम है।” उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से भारत-रूस कारोबारी रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। भारत-रूस रिश्तों के लिए मील का पत्थर साबित होगा बिजनेस डायलॉग यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। डायलॉग का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने किया। इस अवसर पर Invest UP पर आधारित शॉर्ट मूवी भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम का संचालन रूस की डेप्युटी हेड ऑफ द इकोनॉमिक डिपार्टमेंट ज्लाटा अंटुशेवा ने किया और स्वागत भाषण डेप्युटी ट्रेड कमिश्नर डॉ. इवगेनी जेंचेंको ने दिया। डायलॉग में बोलते हुए पैरामाउंट कम्युनिकेशन के एमडी संदीप अग्रवाल ने कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे के भरोसेमंद साथी हैं। भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और पावर, टेलीकॉम, ऊर्जा से लेकर डिफेंस तक दोनों देशों के मजबूत कारोबारी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग ‘कास्ट इफेक्टिव और रिलायबल’ है और फार्मास्युटिकल सेक्टर में सहयोग के जरिए नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। कारोबारी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे रूस की प्रतिनिधि ज्लाटा अंटुशेवा ने कहा कि भविष्य में हमारे कारोबारी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे। वहीं, डॉ. अजय सहाय ने कहा कि भारत-रूस संबंध केवल ट्रेड तक सीमित नहीं हैं बल्कि मार्केट एक्सेस, शिपिंग रूट और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के विशाल ढींगरा ने एमएसएमई सेक्टर में सहयोग की उम्मीद जताई। वहीं संगठन के पदाधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भारत-रूस रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश बन चुका है और यहां निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

प्रदेश के दो दर्जन से अधिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर 27 सितंबर से होगी ‘सुर साधना’

कलाकारों की सुर साधना से सजेगा उत्तर प्रदेश  प्रदेश के दो दर्जन से अधिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर 27 सितंबर  से होगी 'सुर साधना'  यूपी के पंजीकृत कलाकारों को मंच उपलब्ध कराएगी योगी सरकार  लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क व कुड़िया घाट में भी होगा अविस्मरणीय आयोजन  गोरखपुर के रामगढ़ताल, वृंदावन के प्रेम मंदिर, मुजफ्फरनगर के शुक तीर्थ, मीरजापुर के विंध्याचल मंदिर, अयोध्या में राम की पैड़ी, सीतापुर के नैमिषारण्य धाम समेत प्रदेश के कई जनपदों में होगा आयोजन लोक नृत्य के कलाकारों को 15 हजार, भजन/लोकगायकों को 10 हजार और अन्य विधाओं के कलाकारों को पांच हजार भी देगी योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार के नेतृत्व में नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में स्थानीय कलाकार 'सुर साधना' करेंगे। यह आयोजन 27 सितंबर (शनिवार) से होगा। इसके जरिए योगी सरकार पंजीकृत कलाकारों को मंच मुहैया कराएगी। यह आयोजन राजधानी लखनऊ, वाराणसी, झांसी, मथुरा, गोरखपुर, आगरा, सीतापुर, अयोध्या समेत अनेक जनपदों में होगा। राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क व कुड़िया घाट समेत प्रदेश के दो दर्जन से अधिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर यह आयोजन होगा। सरकार लोक नृत्य के कलाकारों को 15 हजार, लोकगायकों को 10 हजार और अन्य विधाओं के कलाकारों को पांच हजार रुपये पारिश्रमिक स्वरूप भी देगी।   यह होगी सांस्कृतिक गतिविधियां योगी सरकार पंजीकृत लोक कलाकारों को मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने, पारंपरिक लोक कलाकारों के संरक्षण व संवर्धन, शहरी/ग्रामीण दर्शकों को लोक संस्कृति से जोड़ने व सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य से यह आयोजन करा रही है। 27 सितंबर से होने वाली सुर साधना में कलाकारों द्वारा लोकगायन, भजन/कीर्तन, लोकनृत्य/लोकनाट्य प्रस्तुति, कठपुतली/जादू, शास्त्रीय गायन/वादन, किस्सागोई/दास्तानगोई व काव्य पाठ आदि होगा।  स्थानीय कलाकारों को दी जाएगी प्राथमिकता  उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों को भी लोककलाओं की तरफ आकर्षित करने की कवायद शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर लोक कलाकारों की प्रस्तुति होगी। सुर साधना में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। कलाकारों को मंच मुहैया कराने के साथ ही पारिश्रमिक भी दिया जाएगा। लोकनृत्य के लिए 15 हजार रुपये, भजन/लोकगायन के लिए 10 हजार रुपये व अन्य विधाओं- जादू, कठपुतली, किस्सागोई दास्तानगोई, काव्य पाठ आदि के लिए कलाकारों को पांच हजार रुपये प्रदान किया जाएगा।  प्रदेश के इन स्थानों पर होगा आयोजन  कुसुमवन सरोवर मथुरा झांसी का किला, झांसी रामघाट, चित्रकूट नया अस्सी घाट वाराणसी त्रिवेणी घाट प्रयागराज जनेश्वर मिश्र पार्क लखनऊ कुड़िया घाट लखनऊ  शिल्पग्राम, आगरा बटेश्वर धाम आगरा डााइट ऑडिटोरियम विकास भवन बदायूं नैमिषारण्य धाम सीतापुर रामगढ़ताल गोरखपुर राम की पैड़ी अयोध्या सामौर बाबा धाम फिरोजाबाद सीता समाहित स्थल, भदोही पाल्हमेश्वरी देवी मंदिर आजमगढ़ विंध्यवासिनी देवी मंदिर, विंध्याचल प्रेम मंदिर, वृंदावन शुक्र तीर्थ मुजफ्फरनगर देवीपाटन मंदिर, बलरामपुर गढ़ मुक्तेश्वर हापुड़ मां शाकुंभरी देवी मंदिर सहारनपुर शीतला माता मंदिर मैनपुरी   

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरु किया POSH अधिनियम पर जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति- 5.0 योगी सरकार का बड़ा अभियान, हर कार्यस्थल बनेगा महिलाओं के लिए सुरक्षित महिला एवं बाल विकास विभाग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरु किया POSH अधिनियम पर जागरूकता अभियान अभियान के पहले दिन योगी सरकार ने 75 जनपदों में 50,000 महिलाओं को किया जागरूक – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की नई नींव रख रही है योगी सरकार की यह मुहिम – प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम  – POSH अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी हुई चर्चा  – POSH अधिनियम पर जागरूकता खोलेगी महिलाओं के अधिकारों की नई राह – मिशन शक्ति 5.0 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए चार दिन में 3.85 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाया जा रहा मिशन शक्ति 5.0 अब प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ “सुरक्षित कार्यस्थल-सशक्त नारी” अभियान और सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न से संरक्षण संबंधी कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रावधानों के प्रति प्रतिभागियों और आमजन को जागरूक करना था। अभियान के  पहले दिन विभिन्न आयोजनों में प्रदेश की लगभग 50,000 महिलाओं ने हिस्सा लिया। जागरूकता अभियान में सरकारी-निजी कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी, महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यें, कॉलेज छात्राएं, अधिवक्ता, श्रमिक संगठन और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तिकरण मुहिम का हिस्सा यह अभियान कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतिकार) अधिनियम, 2013 (POSH) और कामकाजी महिलाओं के वित्तीय-कानूनी अधिकारों पर केंद्रित है, जो नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में नया आयाम जोड़ रहा है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य मिशन शक्ति-5.0 का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। इन आयोजनों में POSH अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिनियम कार्यस्थल पर शारीरिक, मौखिक या गैर-मौखिक आचरण को, जो महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में परिभाषित करता है। दस से अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जबकि जिला स्तर पर स्थानीय समिति शिकायतों की सुनवाई करती है। शिकायत दर्ज करने की समय-सीमा तीन महीने है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है। 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना जरूरी है। यह अधिनियम महिला की गोपनीयता की रक्षा करता है और दोष सिद्ध होने पर नियोक्ता को अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना का प्रावधान है। नियोक्ता का दायित्व है कि कार्यस्थल सुरक्षित बने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों और समिति की सिफारिशों का पालन हो। महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर दिया गया जोर कार्यक्रमों में POSH अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा की गई। मातृत्व अवकाश के लाभ, समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रावधान, श्रमिक कानूनों के तहत विशेष सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग और बीमा योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण ही वास्तविक महिला सुरक्षा का आधार है। यह अभियान मिशन शक्ति-5.0 के तहत महिलाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहारिक परिवर्तन लाने का प्रयास है, ताकि वे कानूनों, योजनाओं और अवसरों से जुड़कर सशक्त समाज की आधारशिला बन सकें। नारी सुरक्षा का नया अध्याय है मिशन शक्ति-5.0 यह अभियान मिशन शक्ति-5.0 के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने का प्रयास है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत यह आयोजन कार्यस्थलों को महिलाओं के लिए वीमेन फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा विभाग ने 22 से 25 सितंबर तक के विभिन्न कार्यक्रमों में 3,85,681 व्यक्तियों को जागरूक किया, जिसमें 1,65,822 पुरुष-बालक और 2,19,857 महिलाएं-बालिकाएं शामिल रहीं। यह पहल योगी सरकार की ‘सशक्त नारी, सुरक्षित कार्यस्थल’ की थीम को साकार कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं है, बल्कि यह एक सतत सामाजिक परिवर्तन का अभियान है। POSH अधिनियम के प्रति जागरूकता इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा लक्ष्य है कि हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए न केवल सुरक्षित हो, बल्कि ऐसा वातावरण बने जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें। हर महिला और बच्चा तभी सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनेगा, जब समाज स्वयं जिम्मेदारी लेकर आगे आए। प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे आयोजित प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि आगामी महीनों में प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नियोक्ताओं और संगठनों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति उत्तरदायी बनाया जाएगा। महिलाओं की कानूनी साक्षरता और वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से "सशक्त नारी, सुरक्षित कार्यस्थल" का सपना साकार किया जाएगा।

शशिबाला सोनकर ने नमकीन यूनिट से लिखी महिला सशक्तीकरण की नई कहानी

मिशन शक्ति-6 योगी सरकार ने किया सहयोग, टेलर से उद्यमी बनीं मीरजापुर की शशिबाला  शशिबाला सोनकर ने नमकीन यूनिट से लिखी महिला सशक्तीकरण की नई कहानी   ओम साई आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शशिबाला की जिंदगी में हुई बदलाव की शुरुआत  – आज इनके फूड प्रोसेसिंग यूनिट में 12 नियमित और 2-5 सीजनल कर्मचारी करते हैं काम लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद की 56 वर्षीय शशिबाला सोनकर मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। कभी सिलाई कर घर का खर्च चलाने वाली शशिबाला के जीवन में योगी सरकार की योजनाओं ने बड़ा बदलाव लाया। मिशन शक्ति अभियान के तहत शशिबाला को योगी सरकार का सहयोग मिला और वह आज एक सफल उद्यमी बनकर प्रदेश भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।   छोटी बरैनी, कछवां की निवासी शशिबाला ने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत और साहस से नमकीन यूनिट का सफल उद्यम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने शशिबाला जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है, जो नारी गरिमा को नई ऊंचाई दे रही है। 12वीं तक पढ़ी-लिखी शशिबाला ने जीवन में लिंग भेदभाव और रंग-रूप जैसी चुनौतियों का सामना किया, साथ ही तीन बेटियों पालन-पोषण की जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने हर परिस्थिति को अपनी शक्ति और संकल्प से अवसर में बदला। ससुराल पक्ष से आर्थिक या नैतिक समर्थन न मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। सिलाई का काम शुरू कर उन्होंने घर खर्च और बच्चों की पढ़ाई का बोझ उठाया। 2018 में ‘ओम साई आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) से जुड़कर उनकी जिंदगी में बदलाव की शुरुआत हुई। इस समूह ने उन्हें वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया। आज वे समूह की कोषाध्यक्ष हैं और अन्य महिलाओं को सशक्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने नमकीन यूनिट शुरू करने का दिया अवसर शशिबाला का उद्यमी सफर तब रंग लाया जब डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ‘एक लाख महिला उद्यमी कार्यकम’ से उन्हें नमकीन यूनिट शुरू करने का अवसर मिला। शशिबाला बताती हैं कि “अपनी योजना को साकार करने के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया। 2 लाख रुपये (CLF से CCL), 1 लाख रुपये (CIF), 2 लाख रुपये (कैसफॉर) और 10 लाख रुपये (PMEGP के तहत आर्यावर्त बैंक से ऋण)। अपनी जमीन पर स्थापित इस फूड प्रोसेसिंग यूनिट में 12 नियमित और 2-5 सीजनल कर्मचारी काम करते हैं, जिनका मासिक वेतन 5,000 से 28,000 रुपये तक है। यूनिट मासिक 50,000 से 90,000 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही है, और उत्पाद मिर्जापुर, भदोही व वाराणसी के वितरकों तक पहुंच रहे हैं।“ अपने उद्यम को औपचारिकता और विस्तार देने के लिए शशिबाला ने Udyam Registration, FSSAI Registration, Flipkart और ONDC पर डिजिटल पंजीकरण करवाया। KBBL, udyME मेला और जिला स्तरीय उद्यमी सम्मेलनों (DEC) में भाग लेकर उन्होंने नेटवर्किंग और विपणन रणनीति सीखी। मिशन शक्ति के तहत मिले प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग ने उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास दिया, जिससे वे अपने समुदाय में बदलाव की अगुआ बन सकीं। शशिबाला कहती हैं कि उनकी अगली योजना बेकरी और चॉकलेट निर्माण इकाई स्थापित करना है, जिसमें उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक मशीनरी और अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जरूरत होगी। उनका अच्छा CIBIL स्कोर और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन भविष्य में और सहयोग दिलाने में मददगार साबित होगा। “मैंने कठिनाइयों को चुनौती मानी। सरकार की योजनाओं ने मुझे और मेरी बेटियों को सम्मान दिया।,”