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योगी सरकार में देवी मंदिरों को मिला नया रूप, सुविधाओं से भक्त हो रहे निहाल

योगी सरकार में सनातन का महापर्व नवरात्रि बना आस्था और विकास का संगम, यूपी के देवी मंदिरों में उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु – योगी सरकार में देवी मंदिरों को मिला नया रूप, सुविधाओं से भक्त हो रहे निहाल – शारदीय नवरात्रि में अबतक प्रदेश के देवी मंदिरों में 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने टेका मत्था – सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना  – मीरजापुर के विंध्यवासिनी धाम में रोज़ाना 4 लाख श्रद्धालु, कॉरिडोर से मिली सहूलियत – विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मां की चौखट पर मत्था  – प्रयागराज के अलोप शंकरी और कल्याणी देवी मंदिर में सवा लाख से ज्यादा श्रद्धालु रोज़ कर रहे दर्शन – गोरखपुर के तरकुलहा देवी मंदिर में रोज़ाना 50 हजार भक्त, पर्यटन विकास पर खर्च हुए 2.13 करोड़ – कुसम्ही जंगल की बुढ़िया माई मंदिर में 30 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन, 1.60 करोड़ से बदली तस्वीर – वाराणसी के विशालाक्षी मंदिर में उमड़ रही भक्तों की भीड़, प्रस्तावित कॉरिडोर से मिलेगा लाभ – जौनपुर का शीतला चौकिया धाम बना आस्था का केंद्र, रोज़ाना 70 हजार श्रद्धालु कर रहे दर्शन – सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में भक्तों का उमड़ रहा सैलाब – बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और सशक्तिकरण का बना प्रतीक – भदोही के सीता समाहित स्थल पर उमड़ रहे श्रद्धालु, जीर्णोद्धार से बढ़ी भव्यता – महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में अष्टमी-नवमी पर लाखों भक्तों के आने की संभावना – औरैया के 15 मंदिरों में प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा भक्त कर रहे दर्शन – मिशन शक्ति 5.0 से नवरात्र हुआ खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का भी दिख रहा असर – योगी सरकार ने नवरात्र को बनाया आस्था और विकास का संगम लखनऊ उत्तर प्रदेश की धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव भर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और महिला शक्ति की विराट छवि है। इस बार के नवरात्र में जब प्रदेशभर के देवी मंदिरों की ओर नज़र डालें, तो साफ़ दिखता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले आठ वर्षों में न केवल प्राचीन विरासत को संजोया है, बल्कि उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए एक नया अनुभव तैयार किया है। यही वजह है कि प्रदेश में पूरब में विंध्यवासिनी मंदिर से लेकर पश्चिम में मां शाकम्भरी देवी के धाम तक सैकड़ों प्राचीन दुर्गा मंदिरों में केवल नवरात्रि के चार दिन में ही 40 लाख से ज्यादा भक्तों के दर्शन का अनुमान है। जिसमें अकेले विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालु मां की चौखट पर मत्था टेक चुके हैं। संभावना व्यक्त की जा रही है यूपी के देवी मंदिरों में सप्तमी, अष्टमी और नवमी में यह संख्या 1 करोड़ के पार जा सकती है।  प्रतिदिन 3-4 लाख श्रद्धालु लगा रहे विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी प्रदेश के सबसे बड़े दुर्गा मंदिर की बात करें तो मीरजापुर जनपद में मां विंध्यवासिनी का धाम देशभर के देवी उपासकों के लिए अनंत श्रद्धा का केंद्र है। योगी सरकार ने यहां विशाल कॉरिडोर का निर्माण कराया है, यहां मां विंध्यवासिनी के मंदिर में रोज़ाना 3.5 से 4 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई है। यहां विंध्याचल कॉरिडोर के निर्माण ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को नया आयाम दिया है। वहीं नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां प्रतिदिन 6-7 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।  शक्तिपीठ विशालाक्षी के लिए हजारों किमी दूर से आ रहे भक्त वाराणसी के 51 शक्तिपीठों में से एक मां विशालाक्षी देवी मंदिर में सामान्य दिनों में 5 से 7 हजार श्रद्धालु आते हैं, जबकि नवरात्रि में यह संख्या बढ़कर 8 से 10 हजार हो जाती है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन आने की उम्मीद है। यहां दक्षिण भारत से आने वाले भक्तों की संख्या सबसे अधिक रहती है। योगी सरकार यहां विशालाक्षी कॉरिडोर का प्रस्ताव लेकर आई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का लाभ मिलेगा। वहीं वाराणसी स्थित गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में प्रतिदिन 7 हजार से अधिक श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। नवमी पर यह संख्या 40 से 50 हजार के पार चली जाती है। इसके अलावा दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा के मंदिर में नवरात्रि के दिनों प्रतिदिन करीब 1 लाख श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचते हैं। अंतिम तीन दिनों में यहां पर भी प्रतिदिन 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।  सहारनपुर में स्थित मां शाकम्भरी देवी शक्तिपीठ में नवरात्र में प्रतिदिन 50 हजार और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में प्रतिदिन 40 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। नवरात्रि के अंतिम तीन दिन यहां प्रतिदिन 1-1 लाख देवी भक्त हाजिरी लगाते हैं।  इसी प्रकार बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवी के मंदिर में भी प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालु अपनी अपनी आस्था लिये माता के दर्शन को पहुंच रहे हैं। यहां पर भी सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, जो एक से डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।  प्रयागराज में उमड़ रहे लाखों देवी भक्त प्रयागराज इसका सबसे सशक्त उदाहरण है। यहां गंगा तट पर स्थित मां अलोप शंकरी शक्तिपीठ में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सवा लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। यह संख्या सप्तमी, अष्टमी और नवमी में दो से ढाई लाख प्रतिदिन हो जाती है। वहीं मां कल्याणी देवी मंदिर में रोज़ाना 75 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां भी अंतिम के तीन दिन श्रद्धालुओं की संख्या लाख के ऊपर होती है। इसी इलाके में स्थित मां ललिता देवी मंदिर में भी प्रतिदिन 70 से 80 हजार भक्त माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। योगी सरकार ने इन मंदिरों में 6 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यात्री शेड, पेयजल, प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण और फसाद लाइट की व्यवस्था कराई है। इसका परिणाम है कि मंदिरों की भव्यता और सुविधाओं ने श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ा दी है। गोरखपुर में तरकुलहा देवी के मंदिर का हुआ कायाकल्प गोरखपुर का तरकुलहा देवी मंदिर, जो चौरीचौरा क्षेत्र में स्थित है, इस बार नवरात्रि में प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल हो गया है। यहां औसतन प्रतिदिन … Read more

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त

देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों का संगम बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों से आए प्रदर्शकों ने दिखाई अपनी ताक़त ओडीओपी पवेलियन बना सबसे बड़ा आकर्षण भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क की रही धूम विदेशी प्रतिनिधियों ने परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स में दिखाई गहरी दिलचस्पी इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर में निवेशकों ने जताई रुचि 77 जीआई टैग उत्पादों से यूपी बना देश का जीआई कैपिटल   लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 गुरुवार को वैश्विक व्यापार का मंच बन गया। आयोजन स्थल पर देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों की चहल-पहल ने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की जीवंत तस्वीर में बदल दिया। हर स्टाल पर उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ व्यावसायिक चर्चा और सहयोग की संभावनाओं पर संवाद चलता रहा। कहीं विदेशी प्रतिनिधि परिधानों और कालीनों को परखते दिखे तो कहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के स्टॉल पर साझेदारी की संभावनाएं तलाशते रहे। माहौल ऐसा था मानो उत्तर प्रदेश ने अपनी परंपरा और आधुनिकता को एक ही छत के नीचे सजा दिया हो। देशी उत्पादों के प्रति आकर्षित हुए विदेशी खरीदार प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए 2250 से अधिक प्रदर्शकों ने अपनी कला और उत्पाद पेश किए। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उद्योग, फर्रुखाबाद के जरी-जरदोज़ी और फिरोजाबाद के ग्लासवर्क ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया। वहीं आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के स्टॉलों पर विदेशी प्रतिनिधियों की भीड़ रही। ओडीओपी पवेलियन सबसे बड़ा आकर्षण बना, जहां जिलों की पारंपरिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिशें नजर आईं।   उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश: पीएम उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब अद्भुत संभावनाओं वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की क्रांति ने यूपी को निवेशकों का केंद्र बना दिया है। प्रधानमंत्री ने ओडीओपी की चर्चा करते हुए कहा कि अब जिलों के उत्पादों की एक कैटलॉग ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए पर्याप्त हो जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का अवसर बताया और कहा कि चार दिनों के भीतर ही बाजार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना से अब तक 90 हजार से अधिक युवाओं ने जॉब क्रिएटर बनने का मार्ग चुना है, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान और ओडीओपी के जरिए लाखों कारीगरों को प्रशिक्षण और बाजार मिला है।   देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद ट्रेड शो का सबसे बड़ा आकर्षण देशी व्यापारी और विदेशी खरीदारों के बीच हुआ संवाद रहा। कालीन निर्यातकों और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच नए करार की संभावनाएं टटोली गईं। विदेशी प्रतिनिधियों का एक समूह इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करता दिखा। परिधानों और हैंडीक्राफ्ट्स के स्टॉल पर विदेशी व्यापारी गहरी दिलचस्पी दिखाते रहे। विदेशी खरीदार भारतीय परिधान पहनकर देखते नजर आए, वहीं हस्तशिल्प और परंपरागत मिठाइयों का स्वाद भी उन्होंने लिया। पूरा माहौल जीवंत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की तरह गूंजता रहा।   यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी 77 जीआई टैग उत्पादों के साथ देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बन चुका है और 75 नए उत्पादों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योग में तेजी से हो रहे निवेश के कारण यूपी विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने निवेशकों से कहा कि यूपी में निवेश करना एक विन-विन स्थिति है। बेहतर कानून व्यवस्था, सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग कनेक्टिविटी ने इसे वैश्विक व्यापार और निवेश का आकर्षक गंतव्य बना दिया है।   उत्तर प्रदेश कर रहा लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व यूपीआईटीएस 2025 ने यह संदेश साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश अब केवल परंपरागत शिल्प का ही नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग और स्टार्टअप्स का भी वैश्विक केंद्र है। यहां देशी व्यापारियों और विदेशी खरीदारों के बीच हुए संवादों ने यह साबित कर दिया कि लोकल टू ग्लोबल की यात्रा का नेतृत्व अब उत्तर प्रदेश कर रहा है।

सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया

मिशन शक्ति 5.0  योगी सरकार की पुलिस ने तीन दिन में खोए 12 लोगों को अपनों से मिलाया, खिले चेहरे सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया महज तीन दिन में बिछड़े एक दर्जन लोग अपनों को पा कर पुलिस का किया धन्यवाद लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में 12 (गुमशुदा, भटके) बच्चे, बालिकाओं और महिलाओं को बरामद किया गया। वहीं सभी को पुलिस ने गुमशुदा को परिजनों को सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भटके बच्चे मिले तो खिल उठे परिजनों के चेहरे डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश में पूरे प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिये सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लखनऊ के जानकीपुरम में 3 वर्ष की एक बच्ची को उनके परिजनों को सौंपी। इसी तरह अमरोहा के थाना गजरौला में एक बच्चे, बरेली थाना के भमोरा के गाँव खेड़ा की 6 वर्षीय बच्ची, बलरामपुर के थाना रेहरा बाजार में भटकती एक बच्ची, पीलीभीत के थाना के काशीराम कॉलोनी से गायब एक एक बेटी और मुरादाबाद थाना नागफनी की पुलिस टीम को भ्रमण के दौरान रामलीला मैदान के पास एक गुमशुदा बच्चा पाया गया। बच्चा को परिजनों को सौंपा गया। मऊ में तीन नाबालिग बच्चियों को उनके परिजनों को सौंपा डीजीपी ने बताया कि बरेली के थाना हाफिजगंज के तहत एक बुजुर्ग महिला गुलशन, संतकबीरनगर के थाना धनघटा के तहत पीड़िता ज्ञानवती देवी पत्नी राहुल राव घरेलू वाद-विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव की स्थिति में अपने घर से अपनी छोटी बच्ची को लेकर विडहरघाट पुल पर चली गई। पीड़िता ने बच्ची को पुल पर छोड़कर खुद नदी में कूदने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़िता को समझा-बुझाकर नदी में कूदने से रोक लिया और सुरक्षित चौकी ले जाकर पीड़िता और बच्ची को परिजनों को सौंपा। बलिया के थाना बांसडीहरोड में परिजनों से नाराज होकर बिना बताये घर छोड़कर जा रही 2 नाबालिग लड़कियों को बरामद कर उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द किया गया। बस्ती के महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक डॉ शालिनी सिंह को एक महिला रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध अवस्था में महिला घूमती हुई मिली। महिला को परिजनों सौंपा गया। महराजगंज के थाना कोतवाली के अंतर्गत दो बेटियां उम्र 5 वर्ष व  उम्र 10 वर्ष, मऊ के थाना दोहरीघाट के अंतर्गत 3 नाबालिक बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण

नवरात्रि में दिखा ‘नारी शक्ति’ का अनोखा रूप, 1.91 लाख बालिकाओं ने सीखी बैंकिंग की बारीकियां   प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण  छात्राओं को मिला बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग का ज्ञान – बालिकाओं ने जाना छोटी-छोटी बचत ही है भविष्य में बड़े लाभ का आधार – शाखाओं में पहुंची बालिकाओं ने बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर शांत की अपनी जिज्ञासाएं – बेटियों के कल की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा की नींव बनी बैंक शाखाओं का भ्रमण: मोनिका रानी लखनऊ महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए चल रहे ‘मिशन शक्ति’ विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवे चरण ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितम्बर को शुभारम्भ किए गए इस चरण के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 की कुल 1.91 लाख बालिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न बैंक शाखाओं का भ्रमण किया। बता दें कि यह कार्यक्रम केवल एक भ्रमण नहीं रहा, बल्कि भविष्य की आत्मनिर्भर नारी शक्ति की सशक्त नींव रही, जहां छात्राओं को बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग की बारीकियों से रूबरू कराया गया। ज्ञातव्य हो कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को बचत, बैंकिंग प्रक्रिया और डिजिटल सेवाओं से परिचित कराना था। छात्राओं को खाता खोलने की प्रक्रिया, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही जमा-निकासी पर्ची भरने की विधि, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का भी प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।  बचत और निवेश योजनाओं पर रहा फोकस इस दौरान बचत और निवेश योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया, जिससे छात्राएं समझ सकें कि छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकती है। बैंक अधिकारियों ने उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा जैसी बुनियादी निवेश योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही वित्तीय सुरक्षा और ऑनलाइन सतर्कता के उपाय भी समझाए गए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से लेन-देन कर सकें। बेटियों में दिखा उत्साह, प्रश्न पूछ शान्त करती रहीं जिज्ञासाएं बैंक भ्रमण के दौरान बालिकाओं में गजब का उत्साह देखा गया। बैंक की शाखाओं में पहुंची बालिकाएं, बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर अपनी जिज्ञासाएं शान्त करती नजर आई। छात्राओं ने उनसे उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। बैंक अधिकारियीं ने भी उनके प्रश्नों का उत्तर सरल भाषा में दिया। इस अनुभव ने न केवल उनके ज्ञान को समृद्ध किया बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया। बैंक भ्रमण के दौरान सीखा – बचत खाता खोलने की प्रक्रिया क्या है और इसमें कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं। – पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड का उपयोग किस तरह से किया जाता है। – जमा और निकासी की पर्ची कैसे भरी जाती है और बैंकिंग लेन-देन की प्रणाली कैसे चलती है। – मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं कैसे काम करती हैं। – बचत और निवेश योजनाओं का महत्व और उनका दीर्घकालिक लाभ क्या है? – ऑनलाइन धोखाधड़ी और एटीएम सुरक्षा से संबंधित सावधानियां क्यों जरूरी हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में 1.91 लाख बालिकाओं का बैंक भ्रमण के आयोजनन को केवल एक गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह आने वाले कल की आर्थिक महिला सशक्तिकरण यात्रा की नींव है। मिशन शक्ति का उद्देश्य बेटियों को ज्ञान के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की शक्ति देना है और यह पहल उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उदघाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष प्रदेश की महिला उद्यमियों ने विस्तार से बताई अपनी सक्सेस स्टोरी अलग-अलग क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का हिस्सा बनीं महिलाओं ने पीएम मोदी से मुलाकात को बताया सपने के सच होने जैसा ग्रेटर नोएडा, कभी लचर कानून-व्यवस्था के कारण महिलाओं के लिए असुरक्षित माने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। साल 2017 से पहले, प्रदेश में उद्यम लगाने की बात तो दूर, महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी हिचकिचाती थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में विगत साढ़े 8 वर्ष में आए बदलावों ने उत्त प्रदेश की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में भी इसकी झलक दिखाई दी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों से मुलाकात की। इन महिलाओं के लिए यह क्षण किसी सपने के सच होने जैसा था। इन पांच महिलाओं की कहानियां सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश में आए क्रांतिकारी बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। ये कहानियां बताती हैं कि योगी सरकार की नीतियों से अब महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक सुरक्षित माहौल मिला है। मेरठ की विद्युत सखी संगीता: मेहनत से लिखी सफलता की दास्तां मेरठ की रहने वाली संगीता एक विद्युत सखी हैं। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ प्रधानमंत्री को बताया कि वह हर महीने लोगों के बिजली बिल जमा करके अच्छी कमाई कर लेती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी कहानी को बड़े ध्यान से सुना और उनसे पूछा कि आपको फील्ड में काम करते हुए कोई दिक्कत तो नहीं होती? इस पर संगीता ने गर्व से जवाब दिया कि अब हमें कोई दिक्कत नहीं होती। लोग हमें सम्मान से पहचानते हैं। लखनऊ की बैंकिंग सखी सरला: घर-घर पहुंचा रही हैं बैंकिंग सुविधाएं लखनऊ से आईं बैंकिंग सखी सरला ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह लोगों के बैंक खाते खुलवाती हैं और इस काम से अच्छी कमाई कर लेती हैं। पीएम ने उनसे भी उनके काम के अनुभव के बारे में पूछा। सरला ने बताया कि शुरुआत में लोगों को समझाना मुश्किल था, लेकिन अब लोग भरोसा करते हैं।  सरला ने बताया कि वो अबतक 2000 से अधिक जनधन खाते, 700 से अधिक सुरक्षा बीमा, 200 से अधिक जीवन ज्योति बीमा खाते और 200 से अधिक अटल पेंशन योजना के तहत खाते खोल चुकी हैं। वाराणसी की नमो ड्रोन दीदी नीतू सिंह: तकनीक और उद्यमशीलता का बेजोड़ संगम वाराणसी की नीतू सिंह की कहानी प्रेरित करने वाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक नमो ड्रोन दीदी हैं और उन्होंने ड्रोन चलाना सीखा है। नीतू ने बताया कि वह ड्रोन से खेतों में खाद छिड़कने का काम करती हैं और एक बीघे के लिए ₹200 लेती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी वह एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लेती हैं। नीतू ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में वो 1000 एकड़ से अधिक खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं। बिजनौर की जूली देवी: 15,000 महिलाओं की आवाज बिजनौर की जूली देवी ने प्रधानमंत्री से मिलकर 15,000 महिलाओं का प्रतिनिधित्व किया, जो विदुर पेड़ा समिति से जुड़ी हैं। यह समिति साबुन, मसाला, मल्टीग्रेन आटा, बेसन समेत करीब 150 उत्पाद बनाती है। जूली कहतीं हैं कि 2017 से पहले यूपी में महिलाएं उद्यम कर सकती हैं, यह सोचना भी मुश्किल था। घर से बाहर निकलने में डर लगता था। कानून व्यवस्था की हालत बहुत खराब थी। उन्होंने आगे कहा कि अब हम न केवल घर चलाती हैं, बल्कि बेखौफ होकर अपना उद्यम भी करती हैं। गोरखपुर में डेयरी उद्यम से जुड़ी कौशल्या ने भी पीएम से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक सफल डेयरी चलाती हैं और हर महीने अच्छी कमाई कर लेती हैं।

निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री

यूपी अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र है- पीएम मोदी – निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का किया शुभारंभ  – ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) के शुभारंभ पर सीएम योगी भी रहे मौजूद – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी के साथ प्रगति कर रहा है उत्तर प्रदेश- पीएम  – आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे- पीएम मोदी  – नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म से उपभोक्ताओं से लेकर व्यापार और उद्योग को भी मिली नई ऊर्जा- पीएम मोदी  – आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा- पीएम – पीएम मोदी ने कहा- यूपी अब निवेश और विकास का गढ़ है, यह अद्भुत संभावनाओं से भरा है – यूपी में बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है- पीएम गौतमबुद्ध नगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म को देश की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इस बदलाव से न केवल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि “जीएसटी सुधार आम परिवारों की जेब में हर महीने बचत का जरिया बन रहे हैं और यही बचत भारत की विकास गाथा को और मजबूत करेगी।” साथ ही उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के नेतृत्व में विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। यह अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और उनकी वैश्विक पहचान बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा। जो भारत में बन सकता है, उसे भारत में ही बनाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, क्योंकि दूसरों पर निर्भरता विकास को सीमित करती है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने बिजनेस मॉडल को इस तरह डिजाइन करें, जो आत्मनिर्भर भारत को बल दे। गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी मैन्युफैक्चर करें, वह उत्तम से उत्तम हो। यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे।  उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने यूपी को निवेश और विकास का गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है। बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, जिसने लॉजिस्टिक लागत को कम किया है। यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो यूपी को औद्योगिक केंद्र बनाते हैं। नमामि गंगे और वन जिला वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी पहलें क्रूज टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे यूपी वैश्विक मानचित्र पर उभर रहा है। पीएम ने बताया कि 55% मोबाइल फोन उत्पादन यूपी से होता है और जल्द ही यहां सेमीकंडक्टर फैसिलिटी शुरू होने वाली है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। अंत्योदय का मॉडल ही समावेशी विकास की नींव- पीएम पीएम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय के सिद्धांत को याद किया, जो गरीब से गरीब तक विकास पहुंचाने का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय में ही सामाजिक न्याय की मजबूती है और यही मॉडल भारत दुनिया को दे रहा है। फिनटेक क्रांति का उदाहरण देते हुए उन्होंने यूपीआई, आधार और डिजिलॉकर जैसे ओपन प्लेटफॉर्म्स का जिक्र किया, जो हर नागरिक चाहे मॉल में शॉपिंग करने वाला हो या सड़क पर चाय बेचने वाला सभी को समृद्धि का अवसर दे रहे हैं। गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए 25 लाख सेलर्स, जिसमें छोटे दुकानदार भी शामिल हैं, सरकार को सप्लाई कर रहे हैं। पीएम ने बताया कि GeM के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदा गया, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये लघु उद्योगों से है यही अंत्योदय का साकार रूप है। डिफेंस और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर हो रहा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम  मोदी ने कहा कि सेनाएं स्वदेशी उत्पाद चाहती हैं। यूपी में रूस के सहयोग से एके-203 राइफल्स का उत्पादन शुरू होने जा रहा है और डिफेंस कॉरिडोर अस्त्र-शस्त्र निर्माण का केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी यूपी बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि ग्रेटर नोएडा से कुछ किलोमीटर दूर एक बड़ी फैसिलिटी का निर्माण शुरू होने वाला है। यह कदम भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पीएम ने निवेशकों से अपील की कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स आर्थिक बचत और ग्रोथ का नया अध्याय है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने हाल ही में लागू नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को भारत की ग्रोथ स्टोरी का आधार बताया। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2014 से पहले 1000 रुपये की शर्ट पर 170 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी के बाद 50 रुपये और अब 35 रुपये हो गया। इसी तरह, हेयर ऑयल और फेस क्रीम पर 100 रुपये के सामान पर टैक्स 31 से घटकर 5 रुपये हो गया, जो 26 रुपये की बचत है। एक ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये से घटकर 30,000 रुपये, थ्री-व्हीलर पर 55,000 से 35,000 रुपये, और स्कूटर-मोटरसाइकिल पर 8000-9000 रुपये की बचत हुई। पीएम ने कहा कि इससे एक औसत परिवार की सालाना 25,000 रुपये की बचत होगी और कुल मिलाकर देश 2.5 लाख करोड़ रुपये बचा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते … Read more

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का 'महाकुम्भ' : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा – रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी  – पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत – ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता – रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी से युवा होंगे तकनीक से रूबरू – फर्स्ट एड और जीवन रक्षा कौशल से सीखेंगे व्यवहारिक जीवन प्रबंधन – खेल और टीमवर्क से बढ़ेगा अनुशासन और नेतृत्व का भाव – सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यूपी को मिली जम्बूरी मेजबानी – 29 सितंबर को होगा टेंट सिटी का भूमि पूजन, मंत्रीगण करेंगे शिरकत – आयोजन बनेगा युवा शक्ति और अनुशासन का महापर्व लखनऊ  राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है।  साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।  

26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित

छात्रों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, योगी सरकार का क्रांतिकारी कदम 26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सीएम योगी करेंगे छात्रवृत्ति का वितरण फरवरी-मार्च की जगह अब सितम्बर माह में ही वितरित की जाएगी छात्रवृत्ति पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई 2024 में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को  मिली थी छात्रवृत्ति वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक होने की संभावना लखनऊ  प्रदेश की योगी सरकार छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बेहतर शिक्षा माहौल देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में इस वर्ष एक क्रांतिकारी पहल करते हुए छात्रवृत्ति समय से पहले देने का निर्णय लिया गया है। आगामी 26 सितम्बर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदेश के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पहले मार्च में मिलती थी छात्रवृत्ति, अब सितम्बर में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पूर्व में छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च माह में दी जाती थी, जबकि अब इसे नवरात्र और सितम्बर माह में वितरित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राएँ इसका लाभ समय पर उठा सकें। यह छात्र छात्राओं के लिए एक तरह से दीपावली का गिफ्ट भी होगा।  70 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचेगी योजना उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिली थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक जाएगी। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन से बनी रणनीति मंत्री ने कहा कि छात्रों को समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्गदर्शन लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई। यही कारण है कि इस बार छात्रवृत्ति का लाभ छात्रों तक नवरात्र के पवन अवसर पर पहुँचेगा। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव गोंड, एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी उपस्थित रहेंगे।

11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की परंपरा

लोक कल्याण के आगे गोरक्षपीठ ने कभी नहीं की परंपरा की परवाह 11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की  परंपरा बतौर सीएम बार बार नोएडा और अयोध्या जाकर भी दी परंपरा को चुनौती  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में थे। इस दौरान उन्होंने एक्सपोमार्ट जाकर  25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी ट्रेड शो की तैयारियों का निरीक्षण किया। चंद रोज बाद भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नोएडा में होंगे। अवसर होगा एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण का। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी विकास परियोजनाओं के शिलान्यास, लोकार्पण, समीक्षा बैठकों के लिए करीब 20 बार नोएडा जा चुके होंगे। यह वही नोएडा है जिसे तीन दशक तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने अभिशप्त शहर मान लिया था। मान्यता थी कि जो बतौर सीएम नोएडा गया, उसे कुर्सी से हाथ धोनी पड़ी। कुर्सी को ही सब कुछ मानने वालों के दिलोदिमाग में यह डर इतना बैठ गया कि कोई नोएडा जाता ही नहीं था। दरअसल, योगी गोरखपुर स्थित जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं वह शुरू से ऐसी मान्यताओं का विरोधी रही है। अस्पृश्यता के दौर में योगी के गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का काशी के डोमराजा के घर भोजन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। बाद में तो सामाजिक समरसता के लिए सहभोज पीठ ने इसकी परंपरा ही शुरू कर दी। ग्यारह साल पूर्व नवरात्र में जब योगी ने तोड़ी थी पीठ की परंपरा बात करीब 11 साल पुरानी है। सितंबर खत्म होने को था। गुलाबी सर्दी की शुरुआत हो चुकी थी। शारदीय नवरात्र के दिन चल रहे थे। साल के दोनों नवरात्र गोरक्षपीठ के लिए बेहद खास होते है। मंदिर स्थित मठ पर ही सारे अनुष्ठान और पूजन होते हैं। परंपरा के मुताबिक इस दौरान पीठ के पीठाधीश्वर या उनके उत्तराधिकारी मठ की पहली मंजिल से नीचे नहीं उतरते। न जाने कबसे प्रचलित पीठ की इस परंपरा को योगी ने 30 सितंबर 2014 को तोड़ दिया। क्यों तोड़ी थी परंपरा परंपरा तोड़ने की वजह एक ट्रेन हादसा बनी। हुआ यह कि गोरखपुर स्थित नंदानगर क्रासिंग पर कृषक एक्सप्रेस ने बरौनी एक्सप्रेस में पीछे से टक्कर मार दी। दोनों यात्री ट्रेनें। हजारों की संख्या में यात्री। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं और चोटिल सभी शामिल थे। सबके साथ सामान अलग से। वक्त भी रात का था। वहां से रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर थी। मदद के संसाधन कम थे। लोग चर्चा करते सुने गए छोटे महाराज (योगीजी) आ जाते तो लोगों की समय से प्रभावी मदद हो जाती। मुंहों मुंह बात उन तक पहुंची। स्थित की गंभीरता का उनको अहसास हुआ। परंपरा तोड़ वह मठ से नीचे उतरे और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। जानकारी मिलते ही हजारों  समर्थक भी वहां पहुंच गए। प्रशासन भी अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय हो गया। कुछ देर में सभी यात्रियों को सुरक्षित रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन पहुंचा दिया गया था। जिस अयोध्या का नेता नाम नहीं लेते थे वहां भी बार-बार गये योगी यही नहीं जिस अयोध्या के नाम से राजनीतिक दलों को करंट लगता था, वहां बार-बार जाकर योगी ने साबित किया कि पहले की तरह वह अयोध्या के हैं और अयोध्या उनकी। और, अब तो उनके ही कार्यकाल में उनके गुरु के सपनों के अनुसार अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनकर लगभग तैयार है। मंदिर निर्माण के साथ विभिन्न परियोजनाओं के जरिए अयोध्या का कायाकल्प भी हो रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का शुमार धार्मिक लिहाज से दुनिया के सबसे खूबसूरत धार्मिक पर्यटन स्थलों में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यही मंशा भी है। वह बार बार इसकी चर्चा भी करते हैं।

मिशन शक्ति: मत्स्य पालन में आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं मीरा सिंह, अपने साथ 10 अधिक लोगों को दे रही रोजगार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब समाज और अर्थव्यवस्था की धुरी बन रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का जो आधार दिया है, उसी का परिणाम है जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के सुइथाकला विकास खंड के ग्राम बुढ़ूपुर की मीरा सिंह की सफलता। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली मीरा सिंह ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में ऐसा मुकाम बनाया है, जो न केवल उनके परिवार की तकदीर बदल रहा है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। मीरा सिंह ने योगी सरकार के मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश की है। 2020-21 में एक एकड़ जमीन से शुरू किए गए मत्स्य पालन को आज 25 एकड़ तक विस्तारित कर मीरा ने न केवल अपनी पहचान प्रगतिशील मत्स्य पालक के रूप में बनाई, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की प्रेरणा भी दी।  योगी सरकार की अनुदान राशि और प्रशिक्षण बना वरदान मीरा सिंह का सफर साधारण ग्रामीण महिला से सशक्त उद्यमी तक का प्रेरणादायक किस्सा है। योगी सरकार की ‘नीली क्रांति’ और मिशन शक्ति की योजनाओं ने मीरा को 15 लाख रुपये के अनुदान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से सशक्त किया, जो आज 1400 कुंतल वार्षिक उत्पादन के साथ 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। 2020 में, जब उन्होंने पति जैनेंद्र सिंह के साथ मत्स्य पालन शुरू किया, तो प्रति हेक्टेयर उत्पादन महज 20 कुंतल था। योगी सरकार की मत्स्य बीज हैचरी योजना ने उन्हें 15 लाख रुपये का अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन दिया।  मीरा सिंह कहती हैं कि पहले हमने एक एकड़ में प्रयोग किया। सरकार की मदद से सीखा कि वैज्ञानिक तरीके से कैसे उत्पादन बढ़ाया जाए। योगी सरकार ने हमें बीज, तकनीक और बाजार से जोड़ा। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा। आज 25 एकड़ में 1400 कुंतल मछली पैदा होती है। इसमें 1250 कुंतल पंगेशियस, 60-60 कुंतल रोहू और भाकुर, 30 कुंतल मृगल शामिल है। वो कहती हैं कि हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। योगी सरकार की मदद से हम सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी रहे हैं। मीरा की सफलता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक है। मीरा सिंह गर्व से कहती हैं कि मिशन शक्ति ने हमें आत्मरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता सिखाई। पति का साथ मिला, लेकिन सरकार की योजनाओं ने हमें सशक्त बनाया। आज वो अपने तालाबों से मछली और बीज की आपूर्ति आसपास के गांवों में करती हैं, जिससे स्थानीय किसानों को लाभ हुआ। 10 से अधिक लोगों को रोजगार देकर मीरा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। मिशन शक्ति के तहत उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन मिले, जो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक रहे।  योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सुरक्षा जागरूकता भी दी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों से बचाव में सहायक है। मीरा अब अन्य महिलाओं को मत्स्य पालन सिखा रही हैं, जो स्वावलंबन की नई पीढ़ी तैयार कर रही हैं। मीरा सिंह कहती हैं कि मैं चाहती हूं कि हर महिला अपनी मेहनत से आगे बढ़े।