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स्कॉट बोलैंड की हैट्रिक से हिली रिकॉर्ड बुक, ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने

नई दिल्ली पैट कमिंस की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान वेस्टइंडीज को तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में जब 27 रनों पर ऑलआउट किया तो हर जगह मिचेल स्टार्क की चर्चा होने लगी। हो भी क्यो ना, स्टार्क ने पहली 15 गेंदों में ही 5 विकेट हॉल लेकर वेस्टइंडीज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। हालांकि दूसरी तरफ स्कॉट बोलैंड को उतनी तारीफ नहीं मिली जिसके वह हकदार थे। दरअसल, स्टार्क ने जब वेस्टइंडीज के 6 विकेट चटकाए तो स्कॉट बोलैंड ने भी तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लेकर हैट्रिक ली। बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के लिए हैट्रिक लेने वाले 10वें और पिंक बॉल टेस्ट में दुनिया के पहले खिलाड़ी बने। जी हां, 2015 में डे-नाइट टेस्ट की शुरुआत हुई थी और अभी तक कुल 24 बार पिंक बॉल से टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं, मगर स्कॉट बोलैंड से पहले कभी किसी गेंदबाज ने हैट्रिक नहीं ली। वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने हैं। स्कॉट बोलैंड ने 14वें ओवर की पहली तीन गेंदों पर जस्टिन ग्रीव्स, शमर जोसेफ और जोमेल वारिकन को अपना शिकार बनाकर यह इतिहास रचा। बोलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज पीटर सिडल थे, जिन्होंने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लिए थे। बोलैंड के इस धाकड़ प्रदर्शन के दम पर 26/6 से अचानक वेस्टइंडीज का स्कोर 26/9 हो गया। वहीं 27 रन पर मिचेल स्टार्क ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट लेकर पूरी टीम को समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से किया वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ ऑस्ट्रेलिया ने 176 रनों से यह मैच जीत तीन मैच की टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज का 3-0 से सूपड़ा साफ किया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स टेबल में अपना दबदबा भी बनाए रखा। पैट कमिंस की टीम 100 प्रतिशत अंकों के साथ WTC पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर बनी हुई है।  

चार साल बाद पटरी पर लौटेंगी 13 यात्री गाड़ियां, आज 15 जुलाई से होगा संचालन शुरू

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। कोरोना काल के दौरान छत्तीसगढ़ में बंद की गई 13 लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने का फैसला रेलवे ने किया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से लोकल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। SECR इन सभी ट्रेनों का संचालन मंगलवार से शुरू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। क्या होगा टाइम टेबल यह सभी लोकल ट्रेन अपने पुराने तय समय पर ही चलेंगे। इन ट्रेनों की शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस ट्रेनों के संचालन से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो रोजना अप डाउन करते हैं। रेलवे के इस फैसले से छात्रों, कर्मचारी और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 15 जुलाई से चलेंगी ये ट्रेनें     08741 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से शाम 6:15 बजे, डोंगरगढ़ आगमन रात 9:10 बजे     08265 रायपुर–रायगढ़: रायपुर से सुबह 07:00 बजे, रायगढ़ आगमन दोपहर 01:45 बजे     08745 रायपुर–कांकेर: रायपुर से सुबह 05:30 बजे, कांकेर आगमन 10:30 बजे     08742 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से सुबह 06:10 बजे, रायपुर आगमन 09:00 बजे     08266 रायगढ़–रायपुर: रायगढ़ से दोपहर 02:15 बजे, रायपुर आगमन रात 09:15 बजे     08746 कांकेर–रायपुर: कांकेर से दोपहर 01:00 बजे, रायपुर आगमन शाम 06:00 बजे     07889 गोंदिया–कटंगी: गोंदिया से सुबह 05:30 बजे, कटंगी आगमन सुबह 06:30 बजे     07890 कटंगी–गोंदिया: कटंगी से सुबह 07:00 बजे, गोंदिया आगमन सुबह 08:00 बजे     07867 गोंदिया–इटवारी: गोंदिया से शाम 04:00 बजे, इतवारी आगमन शाम 06:50 बजे 16 जुलाई से इनका होगा संचालन     08743 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से सुबह 09:45 बजे, डोंगरगढ़ आगमन दोपहर 12:40 बजे     08744 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से दोपहर 01:10 बजे, रायपुर आगमन शाम 04:05 बजे     07891 डोंगरगढ़–कटंगी: डोंगरगढ़ से सुबह 10:00 बजे, कटंगी आगमन दोपहर 01:30 बजे     07892 कटंगी–डोंगरगढ़: कटंगी से दोपहर 03:00 बजे, डोंगरगढ़ आगमन शाम 06:30 बजे ये सभी ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय पर चलेंगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को, जो रोजाना यात्रा करते हैं, इसका सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैठक में सांसदों ने रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके साथ ही बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।इसके अलावा जगदलपुर से चलने वाली 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं। ये ट्रेनें आज 15 जुलाई को भी जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। ट्रेनें ओडिशा के कोरापुट तक आएगी और वहीं से लौट जाएंगी। सांसदों ने बैठक में बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग रखी थी रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, कोरोना के बाद अब हालात सामान्य है। लोकल ट्रेनों का संचालन बहाल किया जा रहा है। हाल में ही हुई सांसदों की बैठक में इस मुद्दे को हर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता के साथ उठाया था। बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग की गई थी। सांसदों की ओर से शिकायत की गई कि लोकल लेवल रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी उनकी बातें नहीं सुनते। इस पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि, हमारी ओर से शिकायत हुई तो रेलवे के अफसरों को समस्या आ सकती है। अग्रवाल ने आगे कहा था कि, रेल मंत्री के निर्देश के बाद भी नई रेल लाइन में हो रहे अलाइनमेंट के मामले पर सांसदों से चर्चा नहीं हो रही है। ये गलत प्रक्रिया है। आपस में बात करके अलाइनमेंट का मामला सुलझाना चाहिए, ताकि आम लोगों को समस्या न हो। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी बढ़ाने, स्पोर्ट कोटा से रेलवे में भर्ती जैसे मुद्दे भी टेबल पर रखे गए थे। सांसदों की ओर से रखी गई थी ये मुख्य मांगें     कोरबा से दुर्ग तक जोड़ने के लिए केवल एक ट्रेन है। तीन मेमू ट्रेन चलाने की मांग।     धमतरी, कुरूद और बालोद इन जगहों पर रेल लाइन का विस्तार की सिफारिश।     अभनपुर में रेल आरक्षण केन्द्र जल्द खोलने की मांग।     बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।     रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग रखी गई।  

इंग्लैंड vs भारत: लॉर्ड्स में जोफ्रा आर्चर के तूफान के पीछे सौरव गांगुली का रोल?

नई दिल्ली इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने साढ़े 4 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की और क्या खूब वापसी की। उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अपनी टीम के लिए मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी। अब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलासा किया है कि उनके मैच विनर के इस जोरदार परफॉर्मेंस का, उसके तूफान का कनेक्शन सौरव गांगुली से है। स्टोक्स ने खुलासा किया कि भारत की 2002 में इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत के बाद सौरव गांगुली द्वारा लार्ड्स की बालकनी में शर्ट लहराने की घटना ने जोफ्रा आर्चर को तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। गांगुली ने नेटवेस्ट ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट के फाइनल में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए अपनी शर्ट उतार दी थी और यह आज तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे नाटकीय क्षणों में से एक है। आर्चर ने तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन सोमवार को खतरनाक ऋषभ पंत को बोल्ड किया और इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर का अपनी ही गेंद पर शानदार कैच लिया। भारत इस मैच में 22 रन से हार गया था। स्टोक्स ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘मैंने आज सुबह उससे कहा, 'तुम्हें पता है कि आज क्या है। पता है ना। उसने मुझसे कहा, तुम्हें पता है कि उस दिन भारत ने 300 से अधिक रन बनाकर जीत हासिल की थी और गांगुली ने शर्ट लहराई थी। उसे लग रहा था कि मैं 6 साल पहले के क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल की बात कर रहा हूं। ’’ दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में अपनी जीत उसी दिन दर्ज की जिस दिन उसने 2019 में एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में स्कोर बराबर रहने के बाद बाउंड्री काउंट-बैक के आधार पर न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल की थी। हालांकि, जब स्टोक्स ने आर्चर को छह साल पहले के उस महत्वपूर्ण दिन के बारे में याद दिलाया, तो तेज गेंदबाज को 17 साल पहले हुए गांगुली वाले पल की याद आ गई। स्टोक्स ने कहा, ‘‘मैं उस दिन की बात कर रहा था जब हमने विश्व कप जीता था लेकिन वह कह रहा था, 'ओह, वो वाला। वह वाकई कमाल का लड़का है। छोटे लक्ष्य के सामने ऋषभ पंत का विकेट वास्तव में महत्वपूर्ण था। मुझे पूरा विश्वास था कि जोफ्रा आज कुछ ऐसा करने वाला है जिससे मैच में अंतर पैदा हो जाए।’’ चोट के बाद वापसी करने वाले स्टोक्स ने भारत पर दबाव बनाए रखने के लिए 9.2 ओवर और 10 ओवर का स्पैल पूरा किया। स्टोक्स ने कहा कि वह 23 जुलाई से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट के लिए फिट रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मैनचेस्टर में होने वाले टेस्ट मैच के लिए पूरी तरह से फिट रहूंगा। उस मैच से पहले हमें विश्राम करने का पर्याप्त मौका मिलेगा।’’ स्टोक्स से खेल के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी बहस और छींटाकशी के बारे में पूछा गया, लेकिन उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तरह की बड़ी सीरीज़ में हमेशा ऐसा कोई न कोई पल ज़रूर आता है जब दोनों टीम के खिलाड़ी एक दूसरे से भिड़ेंगे। मुझे यह मंजूर है बशर्ते यह सीमा पार न जाए। मुझे नहीं लगता कि हमारी या भारतीय टीम ने किसी तरह से सीमा का उल्लंघन किया।’’  

संजीव सचदेवा बने MP हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस, विवेक कुमार को भी मिली नई जिम्मेदारी

जबलपुर  जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या 34 हो गई है। जस्टिस सचदेवा 24 मई 2025 को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे और उन्होंने जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद यह पद संभाला। जस्टिस विवेक कुमार सिंह का मद्रास से मध्य प्रदेश ट्रांसफर हुआ है। पूर्व चीफ जस्टिस एसके कैत की लेंगे जगह वे तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद से चीफ जस्टिस का दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व भी संभाला था। 30 मई 2024 को जस्टिस संजीव सचदेवा का दिल्ली हाईकोर्ट से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और जज दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की मध्यप्रदेश में नियुक्ति की गई है। वे अभी मद्रास हाईकोर्ट में हैं, जिनका ट्रांसफर जबलपुर किया गया है। अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई हैं। एमपी हाईकोर्ट में अभी भी 29 जजों की कमी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। अभी भी 29 जजों की हाईकोर्ट में कमी है। जस्टिस सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल शपथ दिलाएंगे। हालांकि, शपथ की तारीख अभी तय नहीं हुई है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को जबलपुर में ही जस्टिस सचदेवा शपथ दिलाएंगे। हाईकोर्ट में कुल 34 जज इसके साथ-साथ केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और नए जज जस्टिस विवेक कुमार सिंह की नियुक्ति की है, जो अभी फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट में पदस्थ हैं. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में स्थानांतरण किया गया है. उनकी नियुक्ति के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. हालांकि हाईकोर्ट में कुल 53 जजों के पद स्वीकृत हैं. ऐसे में अब भी 19 जजों के पद खाली हैं.  राज्यपाल दिलाएंगे शपथ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शपथ दिलाएंगे. हालांकि अभी शपथ ग्रहण समारोह की तारीफ तय नहीं हुई है. वहीं जस्टिस विवेक कु्मार सिंह का शपथ ग्रहण जबलपुर में होगी, जहां नवनियुक्त चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा खुद उन्हें शपथ दिलाएंगे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में नई नियुक्तियों से न्यायिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.  जस्टिस सचदेवा के बारे में  1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कौन बने? (जस्टिस संजीव सचदेवा) 2. जस्टिस संजीव सचदेवा का जन्म कहां हुआ था? (दिल्ली में 26 दिसंबर 1964 को हुआ था.) 3. नए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहां से पढ़ाई की थी? (दिल्ली कॉलेज से कॉमर्स से ग्रेजुएट किया है.) 4.  दिल्ली बार काउंसिल के अधिवक्ता के रूप में कब नामांकित हुए थे. ( सन 1988 ) 5. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के रूप में कब योग्यता प्राप्त की. ( सन 1995 ) 6. जस्टिस सचदेवा ने कहां कहां पर वकीलों को प्रशिक्षण दिया था. (आंध्र प्रदेश से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट, रांची समेत अन्य जगहों पर ) 7. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कब नियुक्त किए गए. (14 जुलाई 2025) 

सजा-ए-मौत टली, निमिषा प्रिया को भारत सरकार से मिला जीवनदान

नई दिल्ली यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार के प्रयासों के चलते फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने उनकी सजा को टाल दिया है। निमिषा प्रिया के वकील और परिजनों को वक्त दिया है कि वे मृतक तलाल अबदो मेहदी के परिवार से डील कर सकें। उन्हें ब्लड मनी लेने के लिए राजी कर सकें ताकि निमिषा प्रिया की सजा माफ हो जाए। आज सुबह 10:30 बजे मीटिंग थी, जिसके बाद यह फैसला हुआ है। इस मीटिंग में केरल के एक मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दोस्त शेख हबीब उमर भी मौजूद थे। अब तक यमन की अदालत पर तय था कि निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को सजा-ए-मौत दी जाएगी, लेकिन अब इसे टाल दिया गया है। इस मामले में भारत सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे थे कि किसी तरह निमिषा प्रिया की जान बचा ली जाए। अब तक इस मामले में कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब सरकार के प्रयासों से निमिषा प्रिया और मृतक तलाल आबदो मेहदी के परिवार को किसी डील तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय देने पर सहमति बनी है। तलाल आबदो मेहदी का परिवार अब तक ब्लड मनी लेने के लिए राजी नहीं हुआ है। भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि यह मामला संवेदनशील है और औपचारिक तौर पर कोई कदम उठाना थोड़ा मुश्किल था। इसके बाद भी वहां मौजूद दूतावास और विदेश मंत्रालय ने प्रयास किए और अब सजा को टालने में सफलता मिली है। बता दें कि सोमवार को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान अदालत ने सरकार से पूछा था कि आखिर आप निमिषा को लेकर क्या कदम उठा रहे हैं। इस पर केंद्र सरकार ने कहा था कि यमन थोड़ा अलग देश है। वहां के नियम और कानून भी अलग हैं। हमारी ओर से प्रयास जारी हैं, लेकिन बहुत ज्यादा कुछ करने की स्थिति में हम नहीं हैं। कैसे केरल के सुन्नी नेता के दखल से फूटी उम्मीद की किरण फिर आज खबर मिली कि यमन में सुन्नी मुस्लिम लीडर अबू बकर मुसलियार के दखल से एक मीटिंग हो रही है। केरल के ही रहने वाले मुसलियार ने यमन में अपने मित्र और वहां की शूरा काउंसिल के मेंबर शेख हबीब उमर से संपर्क साधा और उन्होंने मध्यस्थता की मीटिंग में जाने का फैसला लिया। बता दें कि निमिषा प्रिया ने तलाल आबदो मेहदी के उत्पीड़न से तंग आकर उसे ड्रग्स दी थी ताकि उससे अपना पासपोर्ट हासिल कर सकें। लेकिन ड्रग्स की ओवरडोज के चलते उसकी मौत हो गई। इसी मामले में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई है।  

खेत के पोखर में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत, स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने गए थे बच्चे

छतरपुर  जिले के लवकुश नगर थाना अंतर्गत हटवां गांव में तीन मासूम भाई-बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने खेत गए तीनों बच्चे खेत में बनी बंधी (तालाब) में डूब गए। जब परिजनों ने बच्चों को देर शाम तक नहीं देखा तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। बाद में बंधी में तीनों के शव नजर आए। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है। स्कूल से लौटकर आम तोड़ने खेत गए थे बच्चे मृतक बच्चों की पहचान लक्ष्मी (10), तनु (8) और लोकेंद्र (4) के रूप में हुई है। तीनों सगे भाई-बहन थे। पिता प्रतिपाल सिंह ने बताया कि बच्चे स्कूल से सोमवार दोपहर को लौटे थे और आम का पेड़ देखने के बहाने खेत की ओर चले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो उठे और गांव वालों के साथ उन्हें ढूंढने निकल पड़े। बंधी के पास फिसलने की आशंका परिजनों ने बताया कि खेत में आम का पेड़ तालाब के पास है। संभवतः बच्चे पेड़ के नीचे खेलते हुए बंधी के किनारे पहुंचे होंगे और फिसलकर पानी में गिर गए। जब तक परिजन पहुंचे, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। रात 9:30 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। तीनों बच्चों को तत्काल बारीगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे बीएमओ एसएस चौहान ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम लवकुश नगर अस्पताल में किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि हादसे की सभी कोणों से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी। तीन मासूमों की एक साथ मौत ने पूरे हटवां गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

Kia Carens Clavis EV लॉन्च: दमदार रेंज और प्रीमियम फीचर्स के साथ नई क्रांति

मुंबई  Kia भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में एक बड़ी छलांग लगाने जा रही है। कंपनी 15 जुलाई को Carens Clavis EV को लॉन्च करने वाली है, जो देश की पहली मास-मार्केट सात-सीटर इलेक्ट्रिक MPV होगी। यह गाड़ी न केवल पर्यावरण के अनुकूल मोबिलिटी का विकल्प देगी, बल्कि बड़े परिवारों के लिए एक प्रैक्टिकल और प्रीमियम विकल्प भी साबित होगी। सस्टेनेबिलिटी के साथ कनेक्टेड टेक्नोलॉजी का मेल Kia Carens Clavis EV की लॉन्चिंग केवल एक वाहन की पेशकश नहीं है, बल्कि इसके साथ Kia भारत में अपना ईवी ईकोसिस्टम भी मजबूत करने जा रही है। AC होम चार्जिंग सेटअप से लेकर 1000 से अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों तक की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, Kia Connect ऐप के जरिए यूजर्स चार्जिंग की रियल-टाइम जानकारी, रूट नेविगेशन और डिजिटल पेमेंट जैसी सुविधाएं भी प्राप्त कर सकेंगे। डिज़ाइन में EV टच, ICE मॉडल जैसा बॉडी फॉर्म Carens Clavis EV का एक्सटीरियर डिज़ाइन इसके ICE वर्जन के जैसा ही रहेगा, लेकिन इसमें EV-स्पेसिफिक बदलाव देखने को मिलेंगे। इनमें क्लोज्ड ग्रिल, एयरोडायनामिक अलॉय व्हील्स, EV बैजिंग, 'स्टार मैप' LED DRLs और ट्रिपल पॉड LED हेडलाइट्स के साथ फ्यूचरिस्टिक लुक शामिल हैं। पीछे की ओर 'स्टार मैप' LED टेल लाइट इसे एक स्लीक और आकर्षक लुक देती है। लग्जरी फीचर्स से भरपूर इंटीरियर Clavis EV के इंटीरियर में 26.62 इंच का डुअल-स्क्रीन सेटअप होगा जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और इंफोटेनमेंट यूनिट को जोड़ा गया है। इसके अलावा अन्य हाई-एंड फीचर्स में शामिल हैं: —वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स —4-वे पावर्ड ड्राइवर सीट —एंबिएंट लाइटिंग —8-स्पीकर BOSE ऑडियो सिस्टम —स्मार्ट एयर प्यूरीफायर —वायरलेस चार्जिंग —रियर AC वेंट्स इन सभी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह MPV एक प्रीमियम केबिन अनुभव देगी। शक्ति और परफॉर्मेंस: 490 किमी तक की रेंज Kia ने इस गाड़ी की ARAI-प्रमाणित रेंज 490 किमी बताई है। इसमें Hyundai Creta Electric वाले बैटरी ऑप्शंस मिलने की संभावना है। हालांकि Carens का आकार बड़ा होने के कारण परफॉर्मेंस थोड़ा डिट्यून किया जा सकता है। इस EV में फ्रंट एक्सल पर मोटर होगी और पेडल शिफ्टर्स के माध्यम से रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग कंट्रोल मिलेगा। साथ ही, Vehicle-to-Load (V2L) और Vehicle-to-Vehicle (V2V) चार्जिंग की सुविधा भी दी जा सकती है। ADAS टेक्नोलॉजी और सेफ्टी में भी अव्वल Kia Clavis EV को सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक बनाने की कोशिश की गई है। इसमें निम्नलिखित सेफ्टी फीचर्स होंगे: —लेवल 2 ADAS फीचर्स जैसे: —अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल —ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग —हाई बीम असिस्ट —ड्राइवर अटेंशन मॉनिटरिंग —6 एयरबैग्स —इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल —हिल स्टार्ट असिस्ट —ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक्स —360 डिग्री कैमरा —ब्लाइंड व्यू मॉनिटर —टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम —डुअल कैमरा डैशकैम कीमत और संभावित प्रभाव इसकी कीमत लगभग ₹17–18 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यह उन ग्राहकों को आकर्षित करेगी जो फैमिली-फ्रेंडली, फीचर-लोडेड और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार वाहन की तलाश में हैं। Kia Carens Clavis EV की लॉन्चिंग न केवल Kia के लिए, बल्कि भारत के EV मार्केट के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। Kia Clavis EV की लॉन्चिंग भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक नई दिशा देने जा रही है। इसका अनूठा डिजाइन, लंबी रेंज, लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और सुरक्षा फीचर्स इसे देश की पहली मास-सेगमेंट EV MPV बनाते हैं। इसकी लॉन्च के साथ ही EV सेगमेंट में एक नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत भी हो सकती है।

भारत की कूटनीतिक कोशिशें रंग लाईं? मुस्लिम नेता के दखल से निमिषा प्रिया को मिल सकती है राहत

नई दिल्ली  यमन में निमिषा प्रिया को बचाने के लिए एक बार फिर से कोशिशें तेज हैं। उन्हें 16 जुलाई को यमन में सजा-ए-मौत देने का फैसला सुनाया गया है और उससे कुछ घंटे पहले ही एक बार फिर से उम्मीद की आखिरी किरण जगी है। भारत के एक मुफ्ती और सुन्नी मुस्लिम समाज के नेता एपी अबू बकर मुसलियार ने इस मामले में दखल दिया है। उन्होंने यमन सरकार से निमिषा प्रिया को माफ करने की अपील की है तो वहीं मृतक तलाल अबदो मेहदी के परिवार से भी संपर्क साधा गया है। यमन में इसे लेकर आज एक मीटिंग होने वाली है। इस मीटिंग में निमिषा के वकील सुभाष चंद्रन रहेंगे। तलाल अबदो मेहदी के परिवार और हुडैदा स्टेट कोर्ट के चीफ़ जस्टिस, यमन शूरा काउंसिल के सदस्य शेख़ हबीब उमर मौजूद रहेंगे। मुसलियार ने दरअसल अपने यमनी दोस्त और वहां के मशहूर स्कॉलर शेख हबीब उमर के माध्यम से दखल देने की कोशिश की है। हबीब उमर के आग्रह पर मारे गए तलाल अबदो मेहदी के परिवार के कुछ लोग और हुदैदा स्टेट कोर्ट के चीफ जस्टिस यमन के दमार पहुंचे हैं। यहीं पर इस मामले को लेकर चर्चा होनी है। यमन की शूरा काउंसिल में शेख हबीब उमर सदस्य के तौर पर जुड़े हुए हैं। उनका यमन की राजनीति में भी थोड़ा प्रभाव माना जाता है। कहा जा रहा है कि हबीब उमर के दखल के बाद पीड़ित तलाल का परिवार अब अपनी मांगों पर दोबारा विचार के लिए तैयार है। दरअसल निमिषा प्रिया को बचाने के वास्ते ब्लड मनी का ऑफर तलाल के परिवार को दिया था, जिसे उसने खारिज कर दिया था। इससे निमिषा प्रिया के बचने की सारी उम्मीदें टूट गई थीं। अब जबकि तलाल का परिवार फिर से बात करने पर राजी हुआ है तो उम्मीद जगी है। लेकिन अभी कुछ साफ कहना मुश्किल है। पूरा माजरा इससे तय होगा कि आखिर तलाल अबदो मेहदी का परिवार ब्लड मनी के लिए राजी होता है या नहीं। यदि वह राजी हुआ तो निमिषा की जिंदगी बच जाएगी और यदि वे राजी नहीं हुए तो सजा-ए-मौत तय होगी। क्या ब्लड मनी पर मान जाएगा मृतक का परिवार, यही सबसे बड़ी उम्मीद? निमिषा के वकील सुभाष चंद्रन ने बताया कि मृतक के परिवार के साथ बातचीत की जा रही है और अटॉर्नी जनरल से मिलकर फांसी से संबंधित आदेश को टालने की कोशिश की जा रही है। ब्लड मनी (क्षतिपूर्ति) को स्वीकार करने संबंधी ऑफर पर भी बात चल रही है। इन प्रयासों के अंतर्गत अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन अब सजा-ए-मौत में कुछ घंटों का वक्त बचा है तो उससे पहले प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि सरकार ने भी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि हमने इस मामले में प्रयास कर लिए, लेकिन यमन के कानून थोड़े अलग हैं। इसके अलावा सरकार ने कहा कि हम एक हद से ज्यादा आगे इस मामले में नहीं बढ़ सकते।  

मशहूर एक्टर-डायरेक्टर धीरज कुमार नहीं रहे, 79 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई  एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दुखद खबर सामने आ रही है. बॉलीवुड-टेलीविजन के जाने-माने एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर धीरज कुमार का 79 साल की उम्र में निधन हो गया है. वो एक्यूट निमोनिया से पीड़ित थे. मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.  नहीं रहे दिग्गज अभिनेता धीरज कुमार धीरज कुमार के परिवार के मुताबिक, निमोनिया के कारण उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हॉस्पिटल में उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. उम्मीद थी कि वो ठीक होकर घर वापस लौट आएंगे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ. धीरज कुमार के परिवार ने इस मुश्किल वक्त में उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखने की विनती की है.  हाल में धीरेज ने नवी मुंबई के खारघर इलाके में स्थ‍ित ISKCON मंदिर के उद्घाटन समारोह में भाग लिया था. जहां वो उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के प्रयासों की सराहना की थी. इस दौरान वो बिल्कुल ठीक नजर आए. उन्हें देखकर किसी ने नहीं सोचा होगा कि आज वो हमारे बीच नहीं होंगे.  CINTAA ने भी X पर एक्टर का निधन का शोक जताते हुए लिखा- श्री धीरेज कुमार जी के निधन से हम दुखी हैं. वो 1970 से CINTAA के एक आदरणीय सदस्य रहे हैं. उनके योगदान और उपस्थिति को हम हमेशा याद रखेंगे. उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं. ॐ शांति. टैलेंट शो से ली थी एंट्री धीरेज कुमार ने 1965 में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा था. वो एक टैलेंट शो के फाइनलिस्ट थे, जिसमें उनके साथ सुभाष घई और राजेश खन्ना भी थे. राजेश खन्ना उस शो के विजेता बने थे. उन्होंने 1970 से 1984 के बीच 21 पंजाबी फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग का परिचय दिया. इसके बाद उन्होंने 'हीरा पन्ना', 'रातों का राजा' 'सरगम', 'बहरूपिया', 'रोटी कपड़ा और मकान' समेत कई बॉलीवुड मूवीज में काम किया.  रियलिटी शो से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बनने वाले धीरज कुमार ने प्रोडक्शन कंपनी 'क्रिएटिव आइ' भी शुरू की थी. वो कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्ट थे. 

भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में 63 अतिरिक्त रनों का गिफ्ट दिया, गवाया मैच, जिसकी कही चर्चा ही नहीं

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान में भारत हारा जरूर मगर यह रोमांचक मैच वर्षों तक याद रहेगा। हार की क्या वजह रहीं? क्यों हारें? कहां चूके? कहां और कब मैच पलट गया? इस पर खूब चर्चा हो रही। बातें हो रहीं। सोशल मीडिया से लेकर आम बैठकी तक में। मीडिया से लेकर चाय के ठीहों पर भी। लेकिन इस हार के एक बड़े खलनायक की तो जैसे बिल्कुल भी चर्चा नहीं हो रही और वो हैं अतिरिक्त रन। भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में 63 अतिरिक्त रनों का गिफ्ट दिया और आखिरकार 22 रन से हार गए! इंग्लैंड जितने रन के अंतर से लॉर्ड्स टेस्ट जीता उसके करीब तिगुने रन तो हमारे गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा के तौर पर मेजबानों को जैसे गिफ्ट दिए थे। लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहली पारी में उसने 387 रन बनाए। इसमें छठा सबसे बड़ा योगदान अतिरिक्त रनों का रहा। जो रूट ने 104, ब्राइडन कार्स ने 56, जैमी स्मिथ ने 51, ओली पोप और बेन स्टोक्स ने 44-44 रन का योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों ने एक्स्ट्रा के तौर पर 31 रन दिए। जवाब में भारत ने भी पहली पारी में ठीक 387 रन बनाए। इसमें इंग्लैंड की तरफ से सिर्फ 12 एक्स्ट्रा रन दिए गए। इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 192 रन पर सिमटी थी और इसमें तीसरा सबसे बड़ा योगदान भारतीय गेंदबाजों की तरफ से गिफ्ट किए गए अतिरिक्त रन थे। भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 32 अतिरिक्त रन दिए। जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला लेकिन 170 के स्कोर पर पूरी भारतीय टीम सिमट गई। 22 रन से हार का सामना करना पड़ा। एक ऐसे मैच में जिसमें हमारे गेंदबाजों ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 63 अतिरिक्त रन दिए। दूसरी तरफ इंग्लैंड ने मैच में सिर्फ 30 रन अतिरिक्त दिए थे जिसमें आखिरी पारी में 18 एक्स्ट्रा शामिल हैं। लॉर्ड्स में हार के साथ ही भारत अब 5 टेस्ट मैच की श्रृंखला में 1-2 से पिछड़ गया है। लीड्स के हेलिंग्ले ग्राउंड में खेले गए श्रृंखला के पहले टेस्ट में भारत को हार का सामना करना पड़ा था जबकि उसकी तरफ से मैच में रिकॉर्ड 5 शतक लगे थे। एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए इंग्लैंड को 336 रन से हराया था। अगर लॉर्ड्स टेस्ट में इतने एक्स्ट्रा रन नहीं दिए गए होते तो आज इंग्लैंड नहीं, भारत 2-1 की बढ़त बनाया होता। अभी सीरीज के दो मैच बचे हैं और टीम मैनेजमेंट को इस कमी की ओर ध्यान देना होगा।