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निवेशकों और प्रवासी भारतीयों से डॉ. यादव की मुलाकात, साझा करेंगे एमपी का विजन

स्पेन प्रवास का तीसरा दिन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पेन प्रवास का तीसरा दिन 18 जुलाई को मध्यप्रदेश की वैश्विक क्षमताओं को दर्शाने और निवेश सहयोग को सशक्त करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। दिनभर की गतिविधियाँ निवेश, स्मार्ट सिटी विकास, नवाचार और प्रवासी सहभागिता जैसे विविध पक्षों को समेटे हुए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री की भूमिका निर्णायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दिन की शुरुआत बार्सिलोना के प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स केंद्र 'मर्कारबेना' के भ्रमण से होगी, जो यूरोप का एक प्रमुख आपूर्ति श्रृंखला हब माना जाता है। इस भ्रमण के दौरान लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मध्यप्रदेश की संभावनाओं को समझने और यूरोपीय मॉडल से सीखने का अवसर प्राप्त होगा। इसके बाद 'इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश' थीम पर केन्द्रित बार्सिलोना बिजनेस फोरम का आयोजन होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेनिश उद्योग जगत, कॉरपोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमताओं को प्रस्तुत करेंगे। इस फोरम में प्रदेश की औद्योगिक नीतियाँ, प्राथमिक सेक्टर, अधोसंरचना परियोजनाएँ और ग्लोबल पार्टनरशिप मॉडल पर विशेष फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह संवाद प्रदेश में निवेश की मंशा को ठोस प्रस्तावों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बिजनेस फोरम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न उद्योगपतियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों से वन-टू-वन बैठकों के माध्यम से सीधा संवाद करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य व्यक्तिगत निवेश प्रस्तावों पर ठोस चर्चा करना और नीति से लेकर ज़मीन तक की स्पष्टता देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर बाद बार्सिलोना के स्मार्ट सिटी एवं नवाचार केंद्रों का भ्रमण करेंगे। इस भ्रमण में शहरी प्रबंधन, हरित प्रौद्योगिकी, डेटा-ड्रिवन सर्विस मॉडल और स्टार्टअप सहयोग से संबंधित अवधारणाओं का अवलोकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस दौरान मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी मॉडल के लिए संभावित तकनीकी साझेदारियों की भी जानकारी लेंगे। इसके बाद होटल इंटरकॉन्टिनेंटल में पुनः कुछ महत्वपूर्ण वन-टू-वन बैठकों का दौर चलेगा, जिसमें निवेश प्रोत्साहन विभाग के साथ मिलकर प्रदेश के प्रतिनिधि संभावित सहयोग की दिशा तय करेंगे। दिन का समापन ‘प्रवासी एवं फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’ समारोह के साथ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूरोप में बसे प्रवासी भारतीयों, व्यवसायियों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद करेंगे। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्रति प्रवासी समुदाय की प्रतिबद्धता को सम्मान देंगे और उन्हें राज्य की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आमंत्रण देंगे।  

श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय – जगतगुरू रामभद्राचार्य

आध्यात्म, धर्म और संस्कृति के साथ विकास वरदान बनता है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति का होता है प्रगटीकरण- संस्कृति मंत्री लोधी श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय – जगतगुरू रामभद्राचार्य अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में रामायण शोधपीठ होगा स्थापित भोपाल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में रामायण शोधपीठ की स्थापना की जाएगी। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, संस्कृति राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी और जगतगुरू रामभद्राचार्य ने गुरुवार को इसकी शिलापट्टिका का अनावरण किया। रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जगतगुरू रामभद्राचार्य ने कहा कि राम चरित्र वत्सल हैं। उनका आदर्श अनुकरणीय है, जितना समृद्ध साहित्य भगवान श्रीराम का है उतना और किसी का नहीं है। रामायण शोध पीठ की स्थापना रीवा विश्वविद्यालय के लिए शुभ हो और यह रामायण के शोधार्थियों के लिए वरदान बने। इसकी स्थापना रीवा के पूर्व महाराज रामायण अनुरागी रघुराज सिंह को श्रद्धांजलि भी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आचार्यों को ऐसी मर्यादा प्रस्तुत करनी चाहिए, जिससे शिष्य उनका अनुकरण करें। जगतगुरू ने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की बात भी कही। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत आध्यात्म धर्म और संस्कृति है। इनके साथ से ही विकास वरदान बन जाएगा। आज का दिन अविस्मरणीय रहेगा जब जगतगुरू के कर-कमलों से पीठ की स्थापना की शुरुआत हुई है। रामायण पीठ के माध्यम से रामायण के गुणों को अंगीकार करने और शोधार्थियों को नवीनतम शोध में मदद मिलेगी। उन्होंने रामायण पीठ के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की और आश्वस्त किया कि अन्य आवश्यकताओं की भी पूर्ति की जाएगी। संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लोधी ने कहा कि रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रगटीकरण होता है। चरित्रवान व मर्यादाशील होने का भगवान राम से सीख मिलती है। रामायण की शिक्षाएं आज के परिवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि रामायण से जीवन की दशा को सुधार कर चरित्रवान बनते हुए देशहित के लिए सीख मिलती है। सांसद जनार्दन मिश्र ने रामायण पीठ की स्थापना के लिए साधुवाद देते हुए सांसद निधि से 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। कुलगुरू दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट शिशिर पाण्डेय, कुलसचिव सुरेन्द्र सिंह परिहार, नोडल अधिकारी नलिन दुबे, कुलगुरू अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद कुड़रिया, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

प्रदेश को शीघ्र मिलेंगे 851 नए एंबुलेंस:प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए होगी एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था

रायपुर प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

कलेक्टर ने हितग्राही मूलक योजनाओं की बैंकर्स के साथ की समीक्षा बैठक

कलेक्टर ने हितग्राही मूलक योजनाओं की बैंकर्स के साथ की समीक्षा बैठक बैंकर्स के साथ विभागीय अधिकारी समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों की  पूर्ति करें :-कलेक्टर श्री शुक्ला  सिंगरौली  केंद्र एवं प्रदेश सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरणों का बैंकर्स समय पर निराकरण कर हितग्राहियों को लाभ प्रदान करें । उन्होने कहा कि जो भी प्रकरण बैंकर्स के पास लंबित है केंद्र एवं प्रदेश सरकार के महत्वकांशी योजनाओं से संबंधित हैं उनका निराकरण समय पर किया जाए उक्त आशय का निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डी एल सी सी की बैठक के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रशेखर शुक्ला  के द्वारा उपस्थित बैंकर्स के अधिकारियों को दिया गया ।    कलेक्टर ने बैंकवर लंबित प्रकरणों की जानकारी लेने के पश्चात निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बैंकर प्रकरणों का निराकरण कर हितग्राहियों को लाभ प्रदान करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि बैंकों से संपर्क कर लंबित प्रकरणों का निराकरण करवाए। एवं नए प्रकरण तैयार कर लक्ष्यों के अनुसार बैंकों में प्रस्तुति करें। साथ ही कितने प्रकरण प्रस्तुत किए गए है उनकी जानकारी से  टीएल  बैठक अवगत कराये ।     कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों के फसल बीमा के साथ साथ सुरक्षा बीमा योजना, जीवन बीमा योजना , अटल पेंशन योजना का भी लाभ प्रदान किया जाए। इसके अलावा भी बैंकों से संबंधित सीएम हेल्प लाईन के प्रकरणों की  संतुष्टि के साथ निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह नागेश , आदिमजाति कल्याण विभाग के ए.सी ट्राइबल नीलकंठ मरकाम, लोकसेवा प्रबंधक रमेश पटेल सहित बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने की लोगों से सावधानी बरतने की अपील

सतना सतना जिले में पिछले 15, 16 घंटे से लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने लोगों से अपील की है कि जल संरचनाओं, नदी, नालों एवं तालाबों के आसपास नहीं जाएं। आवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकले और सुरक्षित रूप से वाहनों का इस्तेमाल करें। जिले में हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत स्कूलों में शुक्रवार का अवकाश घोषित कर दिया गया है। अपने बच्चों को निगरानी में रखें और आपदा अथवा बाढ़ की स्थिति में कंट्रोल रूम, पुलिस प्रशासन के नजदीकी अधिकारियों को तत्काल सूचना दें। कलेक्टर ने कहा है कि जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड सहित आपदा प्रबंधन की टीम अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी विषम परिस्थितियों के उत्पन्न होने की सूचना तत्काल देवें।

अक्षय कुमार का सराहनीय कदम, 700 स्टंट आर्टिस्ट्स का कराया बीमा

मुंबई  फिल्मों में किए जाने वाले स्टंट्स बड़े पर्दे पर जितने आसान और शानदार लगते हैं, वो असल में उतने ही खतरनाक होते हैं. हाल ही में डायरेक्टर पा रंजीत की तमिल फिल्म के सेट पर एक स्टंटमैन राजू की दर्दनाक मौत हुई जिससे हर तरफ बवाल मच गया. देशभर में मौजूद स्टंटमैन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए. अब बॉलीवुड के एक्शन हीरो अक्षय कुमार ने इस मुद्दे को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. स्टंटमैन की सुरक्षा पर उठे सवाल, क्या बोले एक्शन डायरेक्टर? अक्षय कुमार आमतौर पर अपने स्टंट्स को खुद ही परफॉर्म करते हैं. बहुत कम ऐसा देखा गया कि उन्होंने अपने स्टंट के लिए किसी बॉडी डबल का इस्तेमाल किया है. एक्टर ने तमिल स्टंटमैन राजू की मौत के बाद देशभर के स्टंटमैन्स के लिए इंश्योरेंस कराने का फैसला लिया है. इसकी जानकारी खुद जाने माने एक्शन डायरेक्टर विक्रम सिंह दहिया ने इंडिया टुडे संग खास बातचीत में दी. उन्होंने बताया कि अक्षय ने हमेशा स्टंटमैन्स की सेफ्टी और इंश्योरेंस पर ध्यान दिया है जिससे उन्हें काफी मदद मिली है. विक्रम सिंह दहिया का कहना है कि बॉलीवुड के सेट्स स्टंट्स के लिए पहले के मुकाबले आज काफी सुरक्षित हो गए हैं. वो हमेशा सेफ्टी का ध्यान रखते हैं. जैसे अगर कोई गाड़ी स्टंट के दौरान पलटने वाली है तो उसमें पहले से ही सेफ्टी केज लगा देते हैं. ड्राइवर को भी हार्नेस के साथ कसकर बांध दिया जाता है ताकि अगर गाड़ी पलटी तो उसे कोई नुकसान ना हो. फिर गाड़ी की टंकी में पेट्रोल उतना ही रखा जाता है जितनी जरूरत होती है. विक्रम सिंह ने आगे ये भी कहा कि इतनी सेफ्टी के बावजूद स्टंटमैन का काम काफी जोखिम भरा रहता है. शरीर एक हद तक ही झटकों को महसूस कर सकता है. उन्होंने स्टंटमैन राजू की मौत पर भी शोक जताया. विक्रम सिंह ने ये भी बताया कि साउथ के मुकाबले बॉलीवुड में स्टंटमैन की सुरक्षा पर ज्यादा महत्व दिया गया जिसमें अक्षय कुमार का बड़ा रोल रहा. उन्होंने देशभर के लगभग 650-700 स्टंटमैन्स का इंश्योरेंस कराया. स्टंटमैन की सुरक्षा के लिए कैसे आगे आए अक्षय कुमार? विक्रम सिंह का अक्षय कुमार के बारे में कहना है, 'अक्षय कुमार सर का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने करीब 650-700 स्टंटमैन और एक्शन क्रू मेंबर्स का इंश्योरेंस कराया है. इसमें उनके हेल्थ और एक्सीडेंट दोनों इंश्योरेंस शामिल हैं. अगर एक स्टंटमैन सेट पर या उसके बाहर घायल हो जाता है, तो वो 5-5.5 लाख रुपये तक का कैशलेस ट्रीटमेंट का फायदा उठा सकता है. अगर किसी स्टंटमैन की अचानक मौत हो जाती है, तो उनके परिवार को 20-25 लाख रुपये का भुगतान मिलेगा. 'ये इंश्योरेंस पहले मौजूद नहीं था. अक्षय कुमार ने ना सिर्फ इसकी पहल की, बल्कि इसके लिए पैसे इकट्ठा करने में मदद भी की. उन्हें मालूम है कि एक स्टंटमैन की जिंदगी आखिर किस तरह की होती है.' फिल्म स्टंट आर्टिस्ट असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी एजाज खान ने भी अक्षय कुमार की स्टंट आर्टिस्ट्स के लिए मदद पर बात की. उन्होंने इंडिया टुडे को बताया कि अक्षय पिछले आठ साल यानी साल 2017 से स्टंट आर्टिस्ट्स की सुरक्षा के लिए मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं.  उनका कहना है, 'ये पूरी इंश्योरेंस पॉलिसी जिससे कई स्टंट आर्टिस्ट्स को मदद मिली है, उसमें पिछले आठ सालों से अक्षय कुमार अपनी जेब से पैसे डाल रहे हैं. इससे हमारे ग्रुप को काफी फायदा मिला है. कुछ केस हुए जहां स्टंटमैन की काम पर आने के दौरान रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई. उनके परिवार वालों को इस पॉलिसी के जरिए 20 लाख रुपये की मदद मिली थी. अक्षय कुमार ने हमें ये पॉलिसी साल 2017 में गिफ्ट के तौर पर दी थी जिसके बाद ये हमारे लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.'

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा-यह केवल दस्तावेज नहीं, संकल्प है, दिशा है, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है

रायपुर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047” दस्तावेज को प्रदेश की जनता को समर्पित किया। नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यगण, नीति आयोग भारत सरकार, विषय विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दस्तावेज केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का एक ठोस संकल्प और स्पष्ट दिशा है। उन्होंने कहा कि यह विज़न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित है और छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी एवं विकसित राज्य में शामिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सोच बड़ी हो, दिशा स्पष्ट हो और जन-जन की भागीदारी हो, वहाँ विकास तय होता है। आज हम अपने राज्य का विज़न डाक्यूमेंट – छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 प्रदेशवासियों को समर्पित कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में है जिन्होंने यह विज़न तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पिछले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में इस विज़न की जानकारी दी, जिसे विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य की नींव रखी थी, और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में यह आगे बढ़ा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर, जब हम राज्य की स्थापना के रजत जयंती और अटल निर्माण वर्ष मना रहे हैं, यह विज़न जनता को समर्पित किया जाना अत्यंत सार्थक है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज जनभागीदारी का प्रतीक है, जिसमें प्रदेश के तीन करोड़ लोगों के सपने और संकल्प समाहित हैं। इसे तैयार करने में न केवल विशेषज्ञों और विभागों का सहयोग रहा, बल्कि वर्किंग ग्रुप्स, संभाग स्तरीय जनसंवाद और मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से जनता के सुझाव भी शामिल किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में जब भारत वैश्विक आशाओं का केंद्र बन चुका है, तब छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। हम आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के साथ विकास के नए कीर्तिमान रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊँचा लक्ष्य रखना और मेहनत करना हमने मोदी जी से सीखा है। पहले कहते थे मोदी हैं तो मुमकिन है, अब कहते हैं मोदी हैं तो निश्चित है – 2047 तक का लक्ष्य अब हमारी साझा दिशा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विकसित भारत की भव्य इमारत को ऊर्जावान बनाने में छत्तीसगढ़ पावर हाउस की भूमिका निभाएगा। हमारा स्टील, इस लक्ष्य को फौलादी बनाएगा। उन्होंने बताया कि स्टील उत्पादन को वर्ष 2030 तक 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन किया जाएगा, और यह गर्व का विषय है कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने देश के सबसे ऊंचे ब्रिज में छत्तीसगढ़ के स्टील का उपयोग हुआ है। इसी तरह, कोयला उत्पादन को 207 मिलियन टन से बढ़ाकर 437 मिलियन टन, विद्युत उत्पादन को वर्तमान 30 हजार मेगावाट से देश में शीर्ष स्थान तक पहुँचाया जाएगा। आयरन ओर उत्पादन को 46 से बढ़ाकर 100 मिलियन टन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां लिथियम खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। मुख्यमंत्री ने मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को संसाधनों के प्रबंधन का सबसे अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 1853 से 2014 तक केवल 1100 रूट किलोमीटर रेलमार्ग बने थे, जिन्हें वर्ष 2030 तक दोगुना किया जाएगा। बोधघाट परियोजना जैसी योजनाओं से सिंचाई और बिजली उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह विज़न स्पष्ट कार्ययोजना के साथ तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक अल्पकालिक, 2035 तक मध्यकालिक और वर्ष 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य रखे गए हैं।  राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से संतुलित विकास किया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंजोर विज़न @2047 के माध्यम से राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें  कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, संस्कृति, लॉजिस्टिक्स और आईटी से लेकर जैविक खेती और शिक्षा तक का समावेश है। रायपुर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की गई है जो ई-कॉमर्स को गति देगी। राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ रूपए से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ करने का लक्ष्य उन्होंने बताया कि इस विजन के माध्यम से राज्य की जीडीपी को 5 लाख करोड़ रूपए से वर्ष 2030 तक 11 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि उन्नति मिशन, जैविक खेती, निर्यात आधारित संभावनाएं और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं प्रभावी होंगी। वर्ष 2047 तक किसानों की आय में 10 गुना से अधिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन प्रत्याशा के क्षेत्र में भी ठोस योजनाएँ बनाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87 प्रतिशत लोग पहले ही कवर हो चुके हैं, लक्ष्य 100 प्रतिशत का है। नवा रायपुर में मेडीसिटी, बस्तर-सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा राज्य में कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। 5 हजार नई शिक्षक भर्ती, 1 हजार पीएमस्कूल, 36 आदर्श कॉलेज और ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 2.7 प्रतिशत है, जिसे 2047 तक 1 प्रतिशत से कम लाने का लक्ष्य है। पैन-आईआईटी संस्थानों के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा दी जा रही है। आईटी सेक्टर में सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई डाटा सेंटर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं और 6.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी दी जा रही है। पर्यटन को … Read more

बेंगलुरु के 40 प्राइवेट स्कूलों को बम की धमकी, जांच में जुटी पुलिस और बम निरोधक दस्ता

दिल्ली / बेंगलुरु दिल्ली में आज फिर 20 से ज्यादा स्कूलों में बम की धमकी सामने आई है. इनमें पश्चिम विहार इलाके का एक स्कूल, रोहिणी सेक्टर तीन के अभिनव पब्लिक स्कूल समेत शहर के कुल 20 से अधिक स्कूलों को धमकी भरा मेल आया है. इधर बेंगलुरु के स्कूलों में भी 40 स्कूलों को थ्रेट मेल आए हैं. धमकी मिलने के बाद से हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही फायर विभाग और दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंच गए और परिसरों की जांच शुरू कर दी. अब तक दस से ज्यादा स्कूलों में जांच पूरी हो चुकी है. साथ ही अब दिल्ली पुलिस मेल के ओरिजिन की जांच में भी जुटी है. इस बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के 40 प्राइवेट स्कूलों में भी बम की धमकी मिली है. इनमें आरआर नगर और केंगेरी के स्कूलों में थ्रेट ईमेल मिले. पुलिस इसकी जांच कर रही है. इन स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी दिल्ली पुलिस ने बताया कि आज सुबह दिल्ली के तीन स्कूलों पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल, रोहिणी के अभिनव पब्लिक स्कूल और रोहिणी के द सॉवरेन स्कूल को ईमेल के जरिए बम धमकी मिली है। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में स्कूल परिसरों में विस्फोटक होने का दावा किया गया है। हालांकि, अभी तक किसी भी स्कूल में संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ते और फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर प्रभावित स्कूलों में तलाशी अभियान चला रही हैं। फायर विभाग ने नौ स्कूलों में बम की कॉल की पुष्टि की है। इनमें दिलशाद गार्डन स्थित क्वीन ग्लोबल, द्वारका सेक्टर 19 स्थित सेंट थॉमस, पश्चिम विहार स्थित रिचमंड पब्लिक स्कूल, पुष्पांजलि स्थित गुरुनानक स्कूल, रोहिणी सेक्टर 3 स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल, सावरेन पब्लिक स्कूल, द्वारका सेक्टर 17 स्थित जीडी गोयंका स्कूल, रोहिनी सेक्टर नौ स्थित दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। साइबर टीम कर रही जांच एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी स्कूलों को खाली करवा लिया है और अभिभावकों को सूचित कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने यह भी कहा कि धमकी भरे ईमेल की जांच साइबर क्राइम यूनिट द्वारा की जा रही है ताकि प्रेषक की पहचान की जा सके। इधर, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने ट्वीट कर राजधानी में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा- आज 20 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं! जरा सोचिए, बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को कितना सदमा झेलना पड़ रहा होगा. दिल्ली में भाजपा के हाथ में शासन के चारों इंजन हैं, फिर भी वह हमारे बच्चों को कोई सुरक्षा नहीं दे पा रही है. ये स्तब्ध करने वाला है. गौरतलब है कि बीते कुछ समय से दिल्ली में लगातार स्कूलों और कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं. इन धमकियों से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में दहशत है. हैरानी की बात यह है कि ये धमकियां ईमेल के जरिए भेजी जा रही हैं, जिन्हें लेकर दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते सतर्क हो गए हैं.  इसी हफ्ते के पहले तीन दिन में 11 स्कूल और एक कॉलेज में ऐसा ही मेल आया था. इसके बाद आज शुक्रवार को फिर से 20 से अधिक स्कूलों को मेल आया है.  रिचमंड ग्लोबल स्कूल को धमकी पश्चिम विहार इलाके के प्रसिद्ध रिचमंड ग्लोबल स्कूल को भी बम की धमकी वाला मेल मिला है. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी. दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हैं. सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल परिसर को खाली करवाया गया है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. अभिनव पब्लिक स्कूल को भी धमकी रोहिणी सेक्टर 3 स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल को भी इसी तरह का धमकी भरा मेल मिला है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और बम निरोधक दस्ते को मौके पर तैनात किया गया है. संबंधित अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर की पूरी तरह तलाशी ली जा रही है. पुलिस का बयान दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. साथ ही, भेजे गए मेल की पड़ताल के लिए साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है.  

मुख्यमंत्री यादव का दावा: स्पेन दौरा साबित होगा ऐतिहासिक निवेश उपलब्धि

निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा स्पेन दौरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन दौरा बनेगा निवेश का नया अध्याय: डॉ. यादव का बड़ा बयान मुख्यमंत्री यादव का दावा: स्पेन दौरा साबित होगा ऐतिहासिक निवेश उपलब्धि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्रम में स्पेन का दौरा निवेश के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन के दौरे के दूसरे दिन और दो देशों की यात्रा के पांचवें दिन मीडिया को जारी संदेश में कहा कि स्पेन के साथ भारत विशेष रूप से मध्यप्रदेश के व्यापारिक तथा औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की पहल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों में स्पेन के उद्यमी मध्यप्रदेश में निवेश करें, इन संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि निश्चित ही इसके सुखद परिणाम आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा रही है। युवाओं को कार्य का अवसर मिले और राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के लिए मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश और रोजगार के प्रयास किये जा रहे हैं।  

43वें जन्मदिन पर प्रियंका चोपड़ा का ग्लैमरस अंदाज़, निक और बेटी संग मनाया खास दिन

मुंबई  बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग और अदाओं का जलवा दिखाने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा आज 43 साल की हो गई हैं। जन्मदिन के इस खास मौके पर दुनियाभर के सितारों ने प्रियंका को जन्मदिन की बधाई दी है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैन्स ने भी उन्हें शुभकामनाएं भेजी हैं। प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड की उन चंद एक्ट्रेस में से एक हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से पहले हिंदी फिल्मों में नाम कमाया और उसके बाद विदेशों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। आज प्रियंका एक ग्लोबल स्टार के तौर पर देखी जाती हैं।  मिस वर्ल्ड का खिताब जीतते ही बनीं स्टार साल 2000 में प्रियंका ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता और यहीं से उनका बॉलीवुड सफर भी शुरू हुआ। उन्होंने कई सफल फिल्में कीं। साल 2004 में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ अपनी फिल्म ऐतराज में एक नकारात्मक किरदार निभाया, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई। 2008 में आई फिल्म फैशन के लिए प्रियंका को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। उन्होंने पांच फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने लॉस एंजिल्स से एक एजेंट को नियुक्त किया था जिसने प्रियंका को तैयार किया? हॉलीवुड सितारों के साथ की फिल्में क्वांटिको के बाद, प्रियंका को अन्य हॉलीवुड फिल्में भी ऑफर हुईं। उन्होंने 'बेवॉच' में ड्वेन जॉनसन (द रॉक) और जैक एफ्रॉन के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर किया। इस फिल्म में वह एक खलनायिका की भूमिका में नजर आईं। प्रियंका ने फिल्म 'इज़ंट इट रोमांटिक' (2019) में इसाबेल की भूमिका निभाई। यह एक सहायक भूमिका थी। इसके बाद, प्रियंका ने 'द मैट्रिक्स रिसरेक्शंस' में सती की भूमिका निभाई। यह फिल्म 22 दिसंबर 2021 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। प्रियंका 'ए किड लाइक जेक' में भी एक छोटी सी भूमिका में नजर आईं। इस फिल्म में ब्रिटिश-अमेरिकी अभिनेता आसिफ मांडवी ने प्रियंका के पति की भूमिका निभाई।