samacharsecretary.com

चुनावी चुप्पी: SIR मसौदा सूची पर दावे कम, दलों की दिलचस्पी और भी कम

नई दिल्ली बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर संसद में जारी संग्राम के बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार को कहा कि SIR प्रकिया के बाद जारी किए गए मतदाताओं की मसौदा सूची के संबंध में अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने एक भी दावा या आपत्ति प्रस्तुत नहीं किया है। इसके साथ ही आयोग ने कहा है कि बिहार की अंतिम मतदाता सूची में किसी भी पात्र मतदाता को नहीं छोड़ा जाएगा और न ही किसी अपात्र मतदाता को शामिल किया जाएगा। आयोग ने सभी लोगों से 1 अगस्त को प्रकाशित बिहार की मसौदा मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि को सुधारने के लिए दावे और आपत्तियाँ प्रस्तुत करने की अपील की है। चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर एक दैनिक बुलेटिन में कहा कि आज तक मसौदा सूची के संबंध में चुनाव आयोग को मतदाताओं से सीधे 5,015 दावे और आपत्तियाँ ही प्राप्त हो सकी हैं। आयोग ने कहा कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त करने वाले नए मतदाताओं से प्राप्त आवेदनों की संख्या 27,517 है। सात दिनों के अंदर दावों का होना है निपटारा आयोग की बुलेटिन में कहा गया है कि नियमों के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/एईआरओ) द्वारा 7 दिनों की समाप्ति के बाद कर दिया जाएगा। एसआईआर के आदेशों के अनुसार, 1 अगस्त को प्रकाशित मसौदा सूची से किसी भी नाम को ईआरओ/एईआरओ द्वारा जाँच करने और उचित एवं उचित अवसर दिए जाने के बाद स्पष्ट आदेश पारित किए बिना नहीं हटाया जा सकता है। SIR पर सियासी संग्राम, पटना से दिल्ली तक माहौल गरम बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक ने आरोप लगाया है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल बिहार एसआईआर पर चर्चा की मांग कर रहे हैं और संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। SC ने मांगा 65 लाख हटाए गए वोटरों का ब्योरा इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग से एक गैर सरकारी संगठन- एसोसिएसन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की नई अर्जी पर 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है। इस अर्जी में एसआईआर अभियान के बाद बिहार की मसौदा मतदाता सूची से बाहर किए गए 65 लाख मतदाताओं के विवारण का खुलासा करने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने आयोग से कहा है कि 9 अगस्त तक उन 65 लाख लोगों को विवरण सौंपे और एक कॉपी ADR के वकील को भी दें। एक गैर सरकारी संगठन की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है कि कौन मर चुका है और कौन स्थायी रूप से पलायन कर गया है। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने चुनाव आयोग के वकील से कहा कि वे हटाए गए मतदाताओं का विवरण, राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया डेटा, और उसकी एक प्रति एनजीओ को दें। 30 सितंबर तक कर सकेंगे दावा चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों को सभी आवश्यक जानकारी दे दी गई है। पीठ ने भूषण से कहा कि नाम हटाने का कारण बाद में बताया जाएगा, क्योंकि अभी यह केवल एक मसौदा सूची है। हालांकि, भूषण ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को हटाए गए मतदाताओं की सूची दी गई है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मतदाता की मृत्यु हो गई है या वह कहीं और चला गया है। बता दें कि 1 अगस्त को, चुनाव आयोग ने एसआईआर 2025 के तहत गणना चरण पूरा होने के बाद, बिहार के लिए मसौदा मतदाता सूची जारी की थी।  

ब्रैड पिट की मां नहीं रहीं, परिवार भावुक: पोती बोलीं- हमने कभी सोचा भी नहीं था

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट की मां जेन एटा पिट इस दुनिया में नहीं रहीं। उनका 84 साल की आयु में निधन हो गया। TMZ ने पिट परिवार के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि उनका निधन पिछले एक या दो दिन पहले हुआ। वहीं जबकि उनकी एक पोती सिडनी पिट ने इंस्टाग्राम पर अपनी दादी को श्रद्धांजली दी है। ब्रैड पिट की भतीजी और उनके भाई डग पिट की बेटी सिडनी ने 6 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरी प्यारी ग्रैमी, जेन एटा, हम अभी आपके जाने को लेकर तैयार नहीं थे। हालांकि ये सोचकर थोड़ा आसान हो गया कि अब आखिरकार आप फिर से गाने, नाचने और पेंटिंग करने के लिए आजाद हैं।' इस पोस्ट में उन्होंने दादी के साथ अपनी कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। 'वो हम सभी 14 पोते-पोतियों के साथ घुल-मिल जाती थीं' सिडनी ने आगे कहा, 'वो हम सभी 14 पोते-पोतियों के साथ बिना किसी रुकावट के घुल-मिल जाती थीं। उनके प्यार की कोई सीमा नहीं थी और जो भी उससे मिलता था, उसे इस बात का एहसास होता था। मुझे नहीं पता कि उसन बिना हम कैसे आगे बढ़ पाएंगे।' ब्रैड पिट का अपनी मां के साथ कैसा रिश्ता 'पीपल मैगजीन' के मुताबिक, जेन रिटायर्ड स्कूल काउंसलर थीं। पति विलियम के साथ मिसौरी के स्प्रिंगफील्ड में रहती थीं और दोनों ने साथ मिलकर ब्रैड पिट और उनके दो छोटे भाई-बहनों, डग और जूली का पालन-पोषण किया। उनके हसबैंड पहले एक ट्रकिंग कंपनी के मालिक थे। हालांकि जेन और उनके पति लाइमलाइट से दूर रहे, लेकिन कभी-कभार उन्हें कुछ इवेंट में एक्टर के साथ देखा गया। वे 2012 के ऑस्कर और 2014 में 'अनब्रोकन' के प्रीमियर पर दिखे थे जहां ब्रैड पिट की उनकी एक्स वाइफ एंजेलिना जोली भी शामिल थीं । मां के लिए कैमरे के सामने बोले थे ब्रैड पिट इसके अलावा, जेन साल 1997 में 'द डेविल्स ओन' के प्रीमियर पर भी पहुंची थीं। ब्रैड पिट ने जेन पिट के लिए कहा था, 'मुझे अपनी मां को नमस्ते कहना है क्योंकि वो हर सुबह आपको देखती हैं। मां, आपसे प्यार करता हूं।' बाद में उन्हें कैमरे की ओर देखते हुए हाथ हिलाते और फ्लाइंग किस देते देखा गया था। ब्रैड पिट और एंजेलिना की तलाक की वजह से दूर 'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रैड पिट अपनी मां के करीब रहे लेकिन पिछले कुछ साल में एक्टर और उनकी एक्स पार्टनर के बीच तलाक के कारण उनकी मां अपने बच्चों से दूर हो गई थीं। 'ये अफ़सोस की बात' साल 2020 में, जेन और पिट परिवार के अन्य सदस्य ब्रैड के 80वें जन्मदिन पर उनके घर पहुंचे थे। हालांकि, सोशल मीडिया पर ब्रैड पिट और एंजेलिना जोली के बच्चे कहीं नजर नहीं आए। परिवार के एक करीबी ने 'द सन' को बताया था, 'ये अफ़सोस की बात है कि जेन और बिल अपने दूसरे पोते-पोतियों से सिर्फ दो घंटे की दूरी पर थे और फिर भी इतने खास मौके पर उन्हें नहीं देख पाए।' मिसौरी में जेन पिट पीडियाट्रिक कैंसर सेंटर अपने पति और तीन बच्चों के अलावा, जेन एटा पिट के परिवार में 14 पोते-पोतियां हैं। साल 2009 में ब्रैड और उनके भाई-बहनों ने मिसौरी में जेन पिट पीडियाट्रिक कैंसर सेंटर खोलने के लिए 10 लाख डॉलर का दान दिया। इस केंद्र ने इस इलाके को अपना पहला पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजिस्ट और हेमेटोलॉजिस्ट दिया था। बताते चलें कि जेन एटा पिट की मौत की वजह का पता नहीं लग पाया है।

इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा, हाईकोर्ट ने भी लगाई मुहर, नहीं होगा बदलाव

इंदौर  नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम इंदौर में लागू रहेगा। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस नियम को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। कलेक्टर के आदेश के बाद इंदौर में लागू इस नियम के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थी। इंदौर के बाद भोपाल और जबलपुर में भी नियम लागू हो गया है कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया वहीं, हाईकोर्ट ने इस नियम को सही ठहराया है। इंदौर बेंच ने कहा कि यह नियम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यह नियम सही है। याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि यह नियम सही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। एक अगस्त से इंदौर में नियम लागू इंदौर में यह नियम एक अगस्त से लागू किया है। कलेक्टर आशीष सिंह के बाद यह आदेश लागू किया है। हाईकोर्ट में आदेश के बाद दो जनहित याचिकाएं लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस नियम से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के बीच में हेलमेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वहां ट्रैफिक धीमा रहता है। सारे तर्क को खारिज कर दिया वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में कई तर्क दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं देना सही नहीं है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट में भी ऐसा कोई नियम नहीं है। शहर में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। गाड़ियां धीरे चलती हैं। शहर में कई बाइक पर पांच-पाच लोग सवार रहते हैं। पुलिस को उनका चालान काटना चाहिए। पुलिस भी हेलमेट नहीं लगाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में हेलमेट का नियम शुरू हो गया है। यह तो अस्थायी ऑर्डर है। हाईकोर्ट भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा नियम लागू करेगा। कोर्ट में भी बिना हेलमेट की एंट्री नहीं होगी।

इवांका ट्रंप का स्टाइलिश अंदाज, कॉर्सेट टॉप में दिखीं बेहद ग्लैमरस

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप किसी फैशनिस्टा से कम नहीं हैं। ऐसे में उनका स्टाइल हर बार सुर्खियां बटोर लेता है। चाहे वह किसी इवेंट का हिस्सा बने या फिर कहीं स्पॉट हों, उनका अंदाज एकदम परफेक्ट ही नजर आता है। जिसे देखकर लगता ही नहीं है कि वह 43 साल की हैं और उनके तीन बच्चे भी हैं। अब हाल ही में इवांका पिंक कलर की खूबसूरत आउटफिट में नजर आईं। जहां उनका अंदाज इतना कमाल का लगा कि कोई उन्हें हीरोइन समझने की गलती भी कर सकता है। अपने स्टनिंग लुक को उन्होंने ज्यादा एलिमेंट्स ऐड करके ओवर ड्रामेटिक नहीं बनाया, जिससे उनका अंदाज हर बार की तरह सबको इंप्रेस कर गया। क्लासी है इवांका का अंदाज वैसे तो इवांका कुछ भी पहन ले उन पर सब जचता है, लेकिन उनका कपड़ों को कैरी करने का अंदाज ही उनके लुक को खास बनाता है। यहां भी उन्होंने बिना किसी पैटर्न या डिजाइन वाली आउटफिट की बजाए बेबी पिंक कलर के प्लेन कॉर्सेट और पैंट्स कैरी की। जिसमें भी इवांका का अंदाज किसी भी हीरोइन के ग्लैमर को टक्कर देने के लिए काफी है। कॉर्सेट टॉप को दिया स्टाइलिश टच इवांका यहां स्टाइलिश कॉर्सेट टॉप पहने नजर आ रही हैं। जिसे डीप नेकलाइन देकर ग्लैम कोशेंट को एन्हांस किया, तो नूडल जैसी पतली- सी स्ट्रैप्स दी है। इसे क्रॉप डिजाइन का रखते हुए नीचे से कॉर्सेट को स्टाइलिश कट दिया। जिसे उन्होंने पैंट्स के अंदर टक इन करने की बजाए सामने ही रखा। फ्लेयर्ड पैंट्स लगीं बढ़िया कॉर्सेट इवांका के बॉडी कर्व्स को ब्यूटीफुल तरीके से कॉम्प्लिमेंट कर रहा है, तो साथ में उन्होंने फ्लेयर्ड पैंट्स पहनी। जिसे हाई वेस्ट का रखा और वाइड लेग्स के साथ इसमें खूब सारी फ्लेयर्स ऐड की। जिससे लुक में बैलेंस क्रिएट हुआ और इवांका का ओवरऑल लुक भी क्लासी वाइब्स दे गया। जिसे उन्होंने बिना किसी एक्स्ट्रा एलिमेंट के स्टाइल किया। नो जूलरी लुक किया फॉलो अब रही बात लुक को स्टाइल करने की, तो इवांका ने जूलरी को न के बराबर रखा और अपनी आउटफिट को हाइलाइट कर गईं। जहां न तो उनकी हेयर स्टाइल की वजह से उनके इयररिंग्स नजर आए और न ही उन्होंने और कुछ वियर किया। लेकिन, बिना किसी जूलरी पीस के भी इवांका का स्टाइलिश लुक रीगल और रीचनेस वाली वाइब्स ही दे गया। ऐसे दिया फाइनल टच एक्सेसरीज के लिए इवांका ने एकदम आउटफिट के कलर से मैच करती हील्स वियर की और यहां तक की नेलपैंट भी एकदम मैचिंग लगाया। वहीं, शिमरी इफेक्ट वाले क्लच के साथ उन्होंने लुक को पूरा स्टाइल किया। आखिर में बात करें उनके हेयर और मेकअप की, तो उन्होंने उसे पिंक ग्लॉसी लिप्स के साथ हल्का शिमरी इफेक्ट किया और मिडिल पार्टीशन के साथ बालों को ब्लो ड्राई करके सॉफ्ट कर्ल किया।

PM का दो टूक जवाब: ‘बड़ी कीमत चुकानी होगी, लेकिन देशहित में झुकेंगे नहीं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा है कि भारत किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं करेगा। कृषि मंत्रालय के एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि किसान भारत की प्राथमिकता है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, '…हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों के, पशुपालकों के और मछुआरे भाई बहनों के हितों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेगा। और मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरे देश के किसानों के लिए, मेरे देश के मछुआरों के लिए, मेरे देश के पशुपालकों के लिए आज भारत तैयार है।' ट्रंप का टैरिफ बम ट्रंप ने शुरुआत में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। साथ ही अमेरिका की तरफ से रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर जुर्माना भी लगाया गया था। बाद में ट्रंप ने धमकी दी कि वह और टैरिफ बढ़ाने वाले हैं। बुधवार को उन्होंने 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क का ऐलान कर दिया। खास बात है कि दोनों ही मौकों पर भारत ने जवाब दिया है कि किसी भी तरह से भारत के आर्थिक हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। भारत ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने के अमेरिका के कदम को बुधवार को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” करार दिया। नई दिल्ली की यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ देर बाद आई, जिसके तहत पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत के रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का हवाला देते हुए भारतीय वस्तुओं पर नया शुल्क लगाने की बात कही गई है। ट्रंप द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश जारी करने के कुछ ही देर बाद, भारत ने कहा कि वाशिंगटन ने रूस से उसके तेल आयात को ‘निशाना’ बनाया है और वह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ‘‘सभी आवश्यक कार्रवाई’’ करेगा। विदेश मंत्रालय ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का बचाव करते हुए कहा कि आयात बाजार कारकों पर आधारित है और देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के समग्र उद्देश्य से किया जाता है।

जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, कैश कांड में एक्शन को दी थी चुनौती

नई दिल्ली कैश कांड मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने जज यशवंत वर्मा की याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम जांच पैनल की रिपोर्ट को चुनौती दी थी. उसमें उन्हें हटाने की सिफारिश की गई थी. जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपनी याचिका में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट को अमान्य करार दिया जाए. जस्टिस दीपंकर दत्ता और एजी मसीह की बेंच ने यह फैसला लिया. सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका भी खारिज की. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपंकर दत्ता ने अपने फैसले में कहा कि हमने यह पाया है कि इस मामले में याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है. सीजेआई और समिति ने प्रक्रिया को पूरी सावधानी से पालन किया.  सिवाय इसके कि फोटो और वीडियो अपलोड नहीं किए गए, लेकिन वह आवश्यक भी नहीं था. और चूंकि उस समय इस मुद्दे को चुनौती नहीं दी गई थी, इसलिए इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा. जज साहब ने क्या कहा? इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र भेजना असंवैधानिक नहीं था. हमने कुछ टिप्पणियां की हैं जिनके तहत भविष्य में अगर जरूरत पड़ी तो आप कार्यवाही कर सकते हैं.’ इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अंत में न्यायमूर्ति दत्ता ने बताया कि इन सभी तथ्यों के आधार पर हमने यह रिट याचिका खारिज कर दी है. पैनल ने क्या सिफारिश की थी दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की सिफारिश की थी. याचिका में तत्कालीन CJI संजीव खन्ना द्वारा पीएम और राष्ट्रपति को 8 मई को की गई सिफारिश को रद्द करने की भी मांग थी. याचिका में कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिए बिना ही दोषी ठहराया गया है. याचिका में तीन सदस्यीय जांच पैनल पर आरोप लगाया है कि उसने उन्हें पूरी और निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिए बिना ही प्रतिकूल निष्कर्ष निकाले. क्या है पूरा कैश कांड जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड इसी साल मार्च में आया. यह विवाद तब शुरू हुआ जब होली की रात यानी 14 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के नई दिल्ली स्थित घर से जले हुए नोट मिले. उनके घर पर आग लग गई थी. आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की टीम आई थी. इसी टीम ने उनके घर में कैश देखा था. कुछ कैश जले भी बरामद किए गए थे. इस घटना ने न्यायिक हलकों में हड़कंप मचा दिया. इसके बाद जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया और आरोपों की जांच के लिए एक आंतरिक समिति गठित की गई. सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने हटाने की सिफारिश की थी.

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

चिरमिरी में 3 विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत मिली राशि एमसीबी/चिरमिरी छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों हेतु कुल 6 करोड़ 18 लाख 72 हजार  रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से यह स्वीकृति चिरमिरी नगर पालिक निगम क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए दी गई है। इन कार्यों में वॉर्ड क्र. 07 में कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य  लागत 3 करोड़ 56 लाख 76 हजार, अटल परिसर से मालवीय नगर तक पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में सड़क चौड़ीकरण  कार्य लागत 69 लाख 19 लाख तथा अहिंसा चौक हल्दीबाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य लागत 1 करोड़ 92 लाख 77 हजार रुपए शामिल है।  स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से जिले के सभी क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और नए विकास कार्यों की मंजूरी भी मिल रही है। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत मिले इन विकास कार्यों के लिए स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया है।

शासकीय हाईस्कूल में हर घर तिरंगा का किया गया आयोजन, छात्र एवं छात्राओं ने निकाली तिरंगा रैली

एमसीबी/पिपरिया  भारतीय ध्वज “तिरंगा“ राष्ट्र का प्रतीक है। इस 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “हर घर तिरंगा“, कार्यक्रम का आयोजन 02 से 15 अगस्त, 2025 तक तीन चरणों में (प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025) तक किया जाना है, जो “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग“ थीम पर आधारित होगा। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल पिपरिया में तिरंगा यात्रा निकाला गया। प्राचार्य डॉ. विनोद पांडेय ने बताया कि छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामवासियों को इस यात्रा का उद्देश्य विस्तार से बताया गया। यह हमारे देश की शान व हमारे स्वतंत्रता का परिचायक है। यह हमारे मजबूत लोकतंत्र को बताता है, कि हम सभी भारत के लोग एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विश्वास और धर्म की स्वतंत्रता और अवसर की समानता प्राप्त करने के लिए है जिससे छात्र-छात्राओं के मन में  राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित  हो। भारत सरकार द्वारा चरणबद्ध दिए गए गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर, स्टैण्डज़ आदि के माध्यम से “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग“ कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।  रैली कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के नारे लगाते हुए ग्राम के प्रमुख चौराहे पर एकत्रित हुए, रैली में प्रमुख रूप से उषा किरण सिंह, जरीना परवीन, अबुल कमर, शर्मिष्ठा दत्ता, कदम कुंवर प्रधान पाठक एवं संगीता तिवारी, गौरी शंकर सिंह व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा किए गये नवाचार के प्रचार-प्रसार हेतु विवेकानन्द महाविद्यालय में शिविर आयोजन

एमसीबी     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला-एमसीबी के निर्देशानुसार शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में एकदिवसीय शिविर आयोजन कर जिला स्तर पर किए गये नवाचार की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। विद्यार्थियों को फार्म-6 में अग्रिम आवेदन भरकर ऑनलाईन एवं ऑफलाईन मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को समझाया गया तथा भारत निर्वाचन आयोग के इसीनेट एप्स की जानकारी, चुनाव के पश्चात जनरल डेटा डिजिटल रूप में तेजी से तैयार करने की समयबद्धता एवं पारदर्शिता से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। मतदान केन्द्रों पर मोबाईल फोन जमा करने की सुविधा, दिव्यांग नागरिकों के लिए जिले में प्रदाय की गई सुविधाओं यथा व्हीलचेयर, सहायताकर्मी के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, स्काउट गाइड के विद्यार्थियों द्वारा किए गये सराहनीय कार्यो की जानकारी दी गई। वहीं पच्चासी वर्ष से अधिक वरिष्ठ आयु वाले एवं दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान करने का विकल्प जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई।       निर्वाचन में सक्षम एप्स की जानकारी दी गई। इपिक में डुप्लीकेट एंट्री को रोकने के लिए लागू की गई यूनिक इपिक नंबर की जानकारी दी गई। वही डूप्लीकेट निरस्तीकरण के अंतर्गत मृत वोटरों को सूची से हटाने की जानकारी दी गई। इसीनेट के माध्यम से रियल टाईम वोटर “टर्न आऊट” की रिपोर्टिंग प्रत्येक दो घंटे में अपलोड कर मतदान प्रतिशत को अपडेट करने की जानकारी दी गई। इसी क्रम में संवेदनशील मतदान केन्द्रों में लाइव वेबकाॅस्टिंग की व्यवस्था से भी विद्यार्थियों को अवगत् कराया गया। मतदान प्रशिक्षण में विशेष रूप से माॅकपोल प्रशिक्षण को विशेष रूप से जोड़ा जाना, ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट में सुधार की प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अवगत् कराया गया। फास्ट ट्रेक के रूप में इपिक कार्ड के अपडेट होने एवं 15 दिन के अंदर डिलीवरी सुनिश्चित होने की जानकारी प्राचार्य डाॅ. श्राबनी चक्रवर्ती के संरक्षण में एवं मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. सरोजबाला श्याग विश्नोई द्वारा दी गई। डाॅ. नसीमा बेगम अंसारी सह-संयोजक द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किये गये नवाचार पर आयोजित कार्यक्रम का मंच संचालन किया गया। कार्यक्रम में डाॅ.सुशील कुमार तिवारी, डाॅ.अरूणिमा दत्ता, शरणजीत कुजूर के द्वारा भी व्याख्यान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।      कार्यक्रम में डाॅ. प्रभा राज, भीमसेन भगत,  अनुपा तिग्गा, कमलेश पटेल,  सुनील कुमार गुप्ता, सुशील कुमार छात्रे, रामनिवास गुप्ता,  पुष्पराज सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, थनेन्द्र कश्यप, डाॅ. रिंकी तिवारी, सुश्री अल्पना रानी खलखो, शिवकुमार, प्रकाश दास मानिकपुरी, शिवानंद साकेत, रामजी गर्ग, शुभम गोयल, मनीष कुमार श्रीवास्तव,  सुनीत जाँनसन बाड़ा, प्रेमलाल पटेल, बाबूलाल शुक्ला, श्रीमती मीना त्रिपाठी, भोले प्रसाद रजक, हेमन्त सिंह, सुश्री साधना बुनकर, प्रदीप कुमार मलिक,  सतीश सोनी, पारसनाथ तिग्गा, ने सहभागिता कर लाभान्वित हुए एवं कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक डाॅ. विश्नोई द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया।

म्यांमार के कार्यवाहक राष्ट्रपति मिंट स्वे नहीं रहे, 74 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

नाएप्यीडॉ म्यांमार के कार्यवाहक राष्ट्रपति मिंट स्वे का आज गुरुवार 7 अगस्त को अचानक निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने देश के सैन्य अस्पताल नंबर-2 में अंतिम सांस ली। उनके निधन की आधिकारिक जानकारी नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा दी गई है। मिंट स्वे म्यांमार के एक अनुभवी सैन्य अधिकारी और नेता थे। उन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की और हाल के वर्षों में उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें सत्तारूढ़ सैन्य सरकार का एक भरोसेमंद चेहरा माना जाता था। स्वास्थ्य को लेकर पहले से थे चिंतित मिंट स्वे पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। हालाँकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर सरकार की ओर से अधिक जानकारी साझा नहीं की गई थी लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि उन्होंने आज तड़के अस्पताल में अंतिम सांस ली। म्यांमार में शोक की लहर उनके निधन की खबर सामने आते ही म्यांमार में शोक की लहर फैल गई है। देश के रक्षा और सुरक्षा महकमे समेत सरकार के अन्य विभागों ने इस दुखद समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी काउंसिल की पुष्टि मिंट स्वे के निधन की पुष्टि नेशनल डिफेंस एंड सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा की गई। यह काउंसिल देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करती है और शीर्ष नेताओं की नियुक्तियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।