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हुमा कुरैशी के भाई की दिल्ली में हत्या, पार्किंग विवाद में बढ़ा था झगड़ा

नई दिल्ली बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या का मामला सामने आया है. दिल्ली के निजामुद्दीन में पार्किंग को लेकर हुमा के भाई आसिफ कुरैशी की हत्या कर दी गई. पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.  आरोपियों के नाम गौतम और उज्जवल हैं. दोनों सगे भाई हैं. उज्जवल ने सबसे पहले आसिफ कुरैशी पर हमला किया था. गौतम की उम्र 18 साल जबकि उज्जवल की 19 साल है. आरोपी उज्जवल और गौतम निजामुद्दीन के जंगपुरा भोगल बाजार लेन में गुरुवार देर रात स्कूटी को गेट से हटाकर साइड में लगाने को लेकर विवाद हुआ था. इस विवाद में आरोपियों ने आसिफ कुरैशी पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल आसिफ को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक की पत्नी और रिश्तेदारों का कहना है कि मामूली बात पर आरोपियों ने बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया. मृतक की पत्नी ने बताया कि पहले भी पार्किंग विवाद को लेकर मेरे पति से उनका झगड़ा हुआ था. मेरे पति काम से लौटकर घर पहुंचे तो घर के सामने पड़ोसी की स्कूटी लगी हुई थी, जिसको हटाने के लिए उन्होंने पड़ोसी को कहा. लेकिन पड़ोसी ने स्कूटी हटाने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया और तेज धारदार नुकीली चीज से उनकी हत्या कर दी गई. आसिफ की पत्नी सैनाज कुरैशी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने पहले भी पार्किंग विवाद को लेकर आसिफ से झगड़ा किया था. जब आसिफ घर लौट रहे थे तो उन्होंने पड़ोसी की स्कूटी घर के सामने लगी देखी.जब उसने पड़ोसियों से इसे हटाने को कहा लेकिन स्कूटी हटाने के बजाए उन लोगों ने आसिफ पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया. मृतक के रिश्तेदारों का कहना है कि आसिफ को जानबूझकर मारा गया है. उनके एक रिश्तेदार जावेद ने बताया कि पहले भी दो बार आसिफ से जानबूझकर झगड़ा किया गया ताकि उन पर हमला किया जा सके. उस पर पहले भी हमले किए गए थे.

रक्षाबंधन पर Ekaa Welfare Foundation द्वारा रोड सेफ्टी अवेयरनेस अभियान – एक रक्षासूत्र, सुरक्षा के नाम

भोपाल  रक्षाबंधन का पर्व जहाँ भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है, वहीं यह एक-दूसरे की सुरक्षा और जिम्मेदारी का भाव भी जगाता है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए आज 08 अगस्त 2025, व्यापम चौराहा, भोपाल पर Ekaa Welfare Foundation द्वारा एक विशेष रोड सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लेना अपनी आदत बनाएं – न कि सिर्फ एक औपचारिकता। फाउंडेशन की अध्यक्ष सुश्री नेहा बग्गा ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को भावुक कर देने वाला संदेश देते हुए कहा:  "राखी का यह धागा सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक वादा है – अपनों की सुरक्षा और जीवन की हिफ़ाज़त का। जब कोई व्यक्ति सड़क पर निकलता है, तो उसके पीछे कोई उसका इंतज़ार करता है – माँ, बहन, जीवनसाथी या बच्चे। आइए, इस रक्षाबंधन पर हम यह संकल्प लें कि हम खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए हर नियम का पालन करेंगे। यही सबसे बड़ी सेवा है अपनों के प्रति – और यही सच्चा रक्षा-सूत्र भी।" उन्होंने आगे कहा:  "हमारी यही कामना है कि हर व्यक्ति अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचे, हर रिश्ता जीवित रहे और हर परिवार मुस्कुराता रहे। रक्षाबंधन का यह दिन हमें याद दिलाता है कि जीवन की रक्षा, सबसे बड़ा उपहार है।" कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से लोगों को प्रतीकात्मक राखियाँ, सुरक्षा-संदेश वाले स्टिकर्स और ट्रैफिक नियमों से संबंधित जागरूकता सामग्री वितरित की गई। आयोजन में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

युक्तियुक्तकरण से विद्यालय को मिले दो-दो शिक्षक, बच्चों के चेहरे पर फिर से लौटी मुस्कान

बिलासपुर विकासखण्ड बिल्हा के शासकीय प्राथमिक शाला सड़कपारा भरारी जहां पर कभी तीन शिक्षक हुआ करते थे लेकिन प्रधान पाठक पदोन्नति में दो शिक्षिकाएं प्रधान पाठक पदोन्नत होकर अन्य विद्यालय चली गई और एक शिक्षक वहीं पर प्रधान पाठक के रूप में पदोन्नत हो गए। प्रधान पाठक के रूप में पदोन्नत हुए शिक्षक श्री अशोक साहू पदोन्नति से खुश तो थे लेकिन बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित भी रहते थे। अकेले प्रधान पाठक की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पांच कक्षाओं को कैसे पढ़ाए यह चिंता हमेशा लगी रहती थी।      शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगीं। पालक पढ़ाई नहीं होने की समस्या लेकर प्रधान पाठक के पास पहुंचते लेकिन प्रधान पाठक के पास भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं था उच्च कार्यालय से प्रधान पाठक ने कई बार पत्राचार किया और शिक्षक की मांग की लेकिन ट्रांसफर पर बैन लगा हुआ था ऐसे में उच्च कार्यालय भी शिक्षक उपलब्ध कराने में असमर्थ था। निराश होकर पालक धीरे-धीरे अपने बच्चों को विद्यालय से निकालकर अन्य विद्यालय में दाखिला कराने लगे। अन्य विद्यालय मोहल्ले से दूर था जहां छोटे बच्चों का पैदल चलकर जाना आसान नहीं था। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले प्रधान पाठक काफी चिंतित थे यदि इस बार भी ट्रांसफर से बैन नहीं खुला और विद्यालय को शिक्षक नहीं मिला तो कहीं ऐसा ना हो कि विद्यालय की दर्ज संख्या शून्य हो जाए।      इसी बीच शासन की महत्वपूर्ण योजना युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रधान पाठक को उम्मीद की एक नई किरण दिखने लगी। प्रधान पाठक को लगा कि शायद उनके बच्चों कि करुण पुकार शासन प्रशासन तक पहुंच गई और युक्तियुक्तकरण मानो उनके विद्यालय के लिए वरदान बनकर आयी है चलो अब तो उनके विद्यालय और बच्चों को शिक्षक मिल जाएंगे और पढ़ाई पहले जैसे पटरी पर आ जाएगी और हुआ भी यही। काउंसलिंग के दौरान दो शिक्षिकाओं ने शासकीय प्राथमिक शाला सड़कपारा भरारी का चयन किया उन्हें विद्यालय में ज्वाइनिंग भी मिल गई। अब बच्चों की पढ़ाई बहुत अच्छे से हो रही है बच्चे और पालक दोनों खुश है और इस तरह की योजना लाने के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दे रहे हैं।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शीघ्र शुरू हो ओपीडी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : दो से अधिक बार शराब तस्करी पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा दो से अधिक बार शराब तस्करी पर होगी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री शर्मा ने विभागीय योजनाओं और नवाचारों की समीक्षा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शीघ्र शुरू हो ओपीडी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ’ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने कॉम्प्लेक्स निर्माण का सुझाव, मक्का व मिलेट्स किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन’ ’मनरेगा, पीएम आवास, महतारी वंदन से लेकर जल जीवन मिशन तक सभी योजनाओं की गहन समीक्षा’ रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज जगदलपुर स्थित जिला कार्यालय के प्रेरणा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा जिले में किए जा रहे नवाचारों और योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति दो से अधिक बार शराब या अन्य नशे की तस्करी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त करने की कानूनी कार्यवाही तत्काल आरंभ की जाए। उन्होंने नशा उन्मूलन के लिए पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधियों और दवा व्यापारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जगदलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शीघ्र ओपीडी सेवा प्रारंभ करने को कहा, ताकि आम जनता को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकें। उपमुख्यमंत्री ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में कॉम्प्लेक्स निर्माण कर पंचायतों को स्वावलंबी बनाने का सुझाव दिया, जिससे पंचायतों को स्थायी राजस्व प्राप्त हो सके। उन्होंने पंचायत सचिवों को अविवादित बंटवारे के मामलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने हेतु ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने और जनजागरूकता हेतु मुनादी एवं होर्डिंग लगाने के निर्देश भी दिए। मिलेट्स उत्पादन करने वाले किसानों के उत्पाद को बाजार तक पहुँचाने की ठोस व्यवस्था बनाने तथा मक्का उत्पादक किसानों को स्प्रिंकलर एवं विभागीय योजनाओं से जोड़ने की बात भी कही। बैठक में पंचायत विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, महतारी सदन, दीनदयाल अंत्योदय योजना, बिहान, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित हितग्राहियों को प्रथम किश्त के उपरांत आवास की प्रगति, ग्राम पंचायतों में पंजी संधारण की स्थिति, डीपीआरसी ट्रेनिंग सेंटर, स्वच्छ भारत मिशन तथा आगामी तीन माह की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गृह विभाग के अंतर्गत अवैध शराब, सट्टा, जुआ, गोधन तस्करी, यातायात नियंत्रण, हिट एंड रन, मोटरयान अधिनियम की धाराओं पर की गई कार्रवाई, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन, गुम इंसानों के प्रकरण और एनडीपीएस एक्ट के मामलों की स्थिति की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए नवाचारों, आयुष्मान कार्ड वितरण, मोबाइल हेल्थ वैन संचालन, जनऔषधि केंद्रों की उपलब्धता, सिकलसेल डायग्नोसिस, डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थिति तथा आगामी तीन माह के लिए निर्धारित कार्ययोजना की समीक्षा की गई। वन विभाग द्वारा किए गए लाख उत्पादन, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, चरण पादुका वितरण और निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ कैंपा मद में दो वर्षों के आवंटन और व्यय की जानकारी भी ली गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, मातृ वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, स्वस्थ लइका अभियान और नीति आयोग के सहयोग से चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी बैठक में दी गई। राजस्व विभाग द्वारा किए गए नवाचार, प्रकरणों की स्थिति, शिविरों की प्रगति और भू-अर्जन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। कृषि विभाग द्वारा रकबा, बीज एवं उर्वरक वितरण, आत्मा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, खरीफ की तैयारी, चौम्प्स योजना से यंत्र वितरण आदि की अद्यतन जानकारी ली गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन, पूर्णता प्रमाण पत्र और हर घर जल प्रमाणीकरण की स्थिति पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जल संसाधन विभाग के तहत प्रमुख बांध, नहर और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की गई। विद्युत विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, ट्रांसफार्मर की उपलब्धता, आरडीएसएस योजना के तहत क्रियान्वयन की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों और आगामी तीन माह के कार्यों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। शिक्षा विभाग द्वारा ज्ञानगुड़ी योजना के तहत निरूशुल्क कोचिंग, आईसीटी आधारित प्रशिक्षण, बहुभाषी शिक्षा, पीएम स्कूलों के निर्माण, शिक्षा गुणवत्ता कार्यक्रम, मिशन 200, जीरो ड्रॉपआउट अभियान और सम्पर्क फाउंडेशन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छात्रावासों और छात्रवृत्तियों की स्थिति प्रस्तुत की गई। खाद्य विभाग द्वारा पीडीएस प्रणाली, धान भंडारण एवं उठाव की स्थिति की जानकारी दी गई। नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी, पीएम आवास योजना शहरी, भवन अनुज्ञा एवं अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और पीएमईजीपी की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त सहकारिता, समाज कल्याण और श्रम विभाग की गतिविधियों की भी समग्र समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा यह ध्यान रखा जाए कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यों में शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडेय, सचिव पंचायत भीम सिंह, कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नवनिर्मित एमसीएच अस्पताल का किया अवलोकन, निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के दिये निर्देश

रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नारायणपुर जिले के बद्रीनाथ बघेल जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संपूर्ण अस्पताल परिसर और सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल के डायलेसिस कक्ष का अवलोकन करते हुए अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनका हाल पूछा और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने स्वास्थ्य जांच कक्ष के चिकित्सकों से जानकारी ली, जहां चिकित्सों ने बताया कि माह में नियमित मरीजों की जांच की जाती है। नर्सिंग स्टेशन कक्ष के निरीक्षण दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डिलीवरी का ब्यौरा लिया। उन्होंने बाल चिकित्सा वार्ड में मरीजों से बातचीत कर बीमारी और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। पोषण पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की माताओं से पौष्टिक भोजन और अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने हमर लैब के निरीक्षण के दौरान मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी लेते हुए उपस्थित चिकित्सों से हमर लैब की सेवाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के दवाई स्टोर कक्ष, आयुष्मान पंजीयन कक्ष का अवलोकन करते हुए मरीजों को दी जाने वाली दवाईयों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। अस्पताल परिसर में 100 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य निर्माणाधीन भवन को शीघ्र पूर्ण करने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेनूर का निरीक्षण कर अस्पताल की साफ सफाई और मरीजों के लिए बिस्तरों की व्यवस्था करने निर्देश दिये। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ फार्मासिस्ट असद रिजवी को कार्य में लापरवाही पाये जाने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त करने निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला,  कलेक्टर सुप्रतिष्ठा ममगाई, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य चिकित्सक एवं जनप्रतिनिधी मौजूद थे।

बीजापुर दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, भैरमगढ़ केंद्र की व्यवस्थाएं परखी

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजापुर के भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण बीजापुर दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, भैरमगढ़ केंद्र की व्यवस्थाएं परखी स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 100 बिस्तर अस्पताल बनाने की घोषणा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनेगा मॉडल हेल्थ सेंटर रायपुर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तीन दिवसीय बस्तर संभाग के दौरे पर हैं। इस दौरान जायसवाल ने बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर जांगला का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की तथा बेहतर स्वास्थ्य  सुविधाओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैरमगढ़ को 100 बिस्तर अस्पताल बनाने की घोषणा की।  इस अवसर पर जायसवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य स्वास्थ्य केन्द्र भैरमगढ़ में ष्निक्षय मित्रष् योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण युक्त फूड बास्केट वितरित कर समय पर नियमित रूप से दवाई सेवन करने की समझाइस दी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार सतत् प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीजापुर के जांगला में प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब पूरे देश में और सुदूर क्षेत्रों तक पहुँच रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने जांगला में ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के तहत वृक्षारोपण किया और जांगला के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड का वितरण भी किया । उन्होंने जांगला ष्आयुष्मान आरोग्य मंदिरष् को एक मॉडल हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए तथा उसके भवन की मरम्मत के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की। निरीक्षण के दौरान सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य विभाग डॉ. प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे सहित वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी नागरिकों को समय पर उचित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गोद में नन्ही सृष्टि, बना प्यार और अपनत्व का खास लम्हा

 नन्ही सृष्टि को गोद में उठाकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रच दिया अपनत्व और स्नेह का अविस्मरणीय पल सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गोद में नन्ही सृष्टि, बना प्यार और अपनत्व का खास लम्हा स्नेह से भरा पल: नन्ही सृष्टि को गोद में लेकर सीएम साय ने जीता सबका दिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा। किसान योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुसृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई।  सृष्टि के पिता योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी। सुसृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।

गर्मी की वापसी! अगस्त की शुरुआत सूखी, एमपी में थमी बारिश

भोपाल  सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी एक मानसून ट्रफ, एक अन्य ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की एक्टिविटी है, लेकिन प्रदेश में इसका कोई असर नहीं है। इस वजह से भारी बारिश का दौर थमा हुआ है। 10 अगस्त तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बारिश जरूर होगी। शिवपुरी में हल्की बारिश, खजुराहो में पारा 35 डिग्री पर पहुंचा बुधवार को शिवपुरी में ही हल्की बूंदाबांदी हुई। दूसरी ओर, छतरपुर के खजुराहो में पारा 35 डिग्री पर पहुंच गया। ग्वालियर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, ग्वालियर, दमोह, नौगांव, रीवा, सतना, सिवनी, उमरिया में पारा 33 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम, जबलपुर, मंडला, सीधी, टीकमगढ़ में 34 डिग्री के पार रहा। भोपाल में अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री दर्ज किया गया। दो महीने में गिरा 28 इंच, अगस्त में 0.7 इंच ही मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 जुलाई तक प्रदेश में औसत 28 इंच बारिश हो गई, लेकिन 1 से 6 अगस्त के बीच सिर्फ 0.7 इंच पानी ही गिरा। हालांकि, यह कुल कोटे की 77% है। वहीं, अब तक 40 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है। दूसरे सप्ताह में होगी तेज बारिश अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 45% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 36% बारिश अधिक हुई है। जुलाई में बने थे बाढ़ के हालात जुलाई में प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। आखिरी दिनों में रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए। गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा, इंदौर सबसे पीछे इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने केंद्र सरकार की नई पहल, मिलेगी डबल सब्सिडी

केन्द्र सरकार की अभिनव पहल प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना’, केन्द्र और राज्य से मिल रही सब्सिडी  प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: केंद्र-राज्य की संयुक्त सब्सिडी से बढ़ेगा सोलर अपनाने का रुझान सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने केंद्र सरकार की नई पहल, मिलेगी डबल सब्सिडी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल पर केंद्र और राज्य की विशेष रियायत सरकण्डा निवासी शशांक दुबे का बिजली बिल हुआ शून्य  बिलासपुर प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना एक ऐसी योजना है जिसमें सौर ऊर्जा के माध्यम से घरों तक रोशनी पहुंचाई जा रही है। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत हितग्राहियों को केन्द्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है साथ ही प्रतिमाह 300 यूनिट फ्री बिजली का भी प्रावधान है। योजना के तहत अरविंद नगर सरकण्डा निवासी श्री शशांक शेखर दुबे ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली के बिल से राहत मिल रही है और उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।     अरविंद नगर सरकण्डा निवासी श्री शशांक शेखर दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। सोलर पैनल के जरिए छत पर हो रहे बिजली उत्पादन से उनकी प्रतिमाह बिजली पर होने वाले खर्च की बचत हो रही है। श्री दुबे ने बताया कि उनकी छत पर 5 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से न केवल प्रतिमाह आने वाले बिजली बिल की अब चिंता नहीं रही, वहीं वे उत्पादक के रूप में भी बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं जो गर्व की बात है। सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि 5 किलोवाट सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें लगभग 2 लाख की लागत आई है, जिसमें से केन्द्र सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में 78 हजार रूपए प्राप्त हो गए हैं और राज्य सरकार की ओर से भी जल्द ही 30 हजार रूपए की सब्सिडी मिलने वाली है।     उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। लंबे समय के लिए यह एक बेहद किफायती योजना है जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के बाद इस पर किसी प्रकार का मेंटेनेन्स खर्च नहीं है और पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा 5 साल तक निःशुल्क सविर्सिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह  पर्यावरण की दृष्टि ये बेहद उपयोगी है। इस माध्यम से हम सौर ऊर्जा कर उपयोग कर बिजली का उत्पादन कर पा रहे हैं, जो ग्रीन एंनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें।     उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उक्त स्थापित प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अधिक आय, कम बिजली बिल और नवीन रोजगारों का सृजन होगा तथा नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शासन द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं। रेहाना/60/1297

रायपुर बैठक में सीएम साय का निर्देश – गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूरे हों

रायपुर : अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।