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इंदौर में आयोजित पाठशाला में मोहन भागवत पढ़ाएंगे परिवर्तन के पांच चरण

 इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिनी प्रवास पर नौ अगस्त की शाम सात बजे इंदौर आएंगे। अगले दिन 10 अगस्त को दो कार्यक्रमों में भाग लेंगे। अगले दिन 10 अगस्त को सुबह नौ बजे से प्रांत की सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद शाम पांच बजे कैंसर केयर सेंटर का शुभारंभ करेंगे। डॉ. भागवत स्व जागरण एवं राष्ट्र निर्माण के लिए पंच परिवर्तन की पाठशाला में पांच सोपान पढ़ाएंगे। इंदौर में पहली बार हो रही प्रांत स्तर की इस सद्भाव बैठक में तीन सत्र होंगे। इसमें इंदौर-उज्जैन के 15 जिलों के 180 जाति-समाज के 300 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें स्वदेशी जीवन शैली, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक अनुशासन एवं समरसता पर संवाद होगा। इस मौके पर इन विषयों पर किए गए कार्य और इनके परिणाम के साथ आगामी कार्ययोजना भी बनेगी। तहसील स्तर पर आयोजित होती हैं बैठकें पंच परिवर्तन की शुरुआत श्री गुरुजी जन्म शताब्दी वर्ष 2006 से संपूर्ण देश में स्वयंसेवक व जाति समाज प्रमुखों ने आरंभ की थी। जिला व तहसील स्तर पर इसके लिए सतत बैठकें आयोजित की जाती हैं। इसके माध्यम से देश व समाज परिवर्तन के विभिन्न विषयों पर सभी समाज एक जाजम पर बैठकर अपने अनुभव साझा करते हैं। सब साथ मिलकर राष्ट्रीय सामाजिक व स्थानीय विषयों में क्या कर सकते हैं तथा एक-दूसरे की किस तरह सहायता कर सकते हैं, इस पर चर्चा करते हैं। मालवा प्रांत के सामाजिक सद्भाव के संयोजक दिनेश गुप्ता बताते हैं कि सद्भाव बैठक 10 अगस्त को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी। इसके लिए सामाजिक सद्भाव के कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने जिला क्षेत्रों में प्रांतीय एवं राष्ट्रीय स्तर के समाज प्रमुखों से व्यक्तिगत संपर्क कर आमंत्रित किया गया है।  

किसानों के लिए PM मोदी का मजबूत रुख, ट्रंप की चुप्पी में छुपी असमंजस की कहानी

नई दिल्ली डराने-धमकाने और धौंस दिखाने वाले दबंग से निपटने के लिए उससे उलझने के बजाय उसके खेल से अलग रहना चाहिए, फिर चाहे वह टकराव के लिए उकसा ही क्यों न रहा हो. इसके बजाय अपने लोगों को यह भरोसा दें कि आप उनके साथ खड़े हैं और दोस्‍तों का साथ दें. उन तक अपनी बात पहुंचाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निपटने के लिए ठीक यही रणनीति अपनाते दिख रहे हैं.  डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया. इसके बाद मोदी ने उन्हें फोन करने के बजाय गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की. चर्चा इस बात पर हुई कि कैसे अमेरिका ने दोनों देशों पर सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए हैं और इन हालात में उन्हें एकजुट होकर कदम उठाना चाहिए. गुरुवार सुबह एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि वे भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे, भले इसके लिए उन्हें भारी कीमत क्यों न चुकानी पड़े. यह ट्रंप की दबाव वाली रणनीति के जवाब में उनका साफ संदेश था. ट्रंप का दबाव, भारत की ड‍िप्‍लोमेसी रूस के साथ भारत के आर्थिक रिश्तों से नाराज ट्रंप ने बुधवार को अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ भी लगा दिया. इसके बावजूद पीएम मोदी के करीबी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उसी दिन रूस पहुंचे. गुरुवार को मॉस्को में डोभाल ने एलान किया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की तारीख लगभग तय हो चुकी हैं. इस महीने के अंत में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी रूस जाएंगे. 1 सितंबर को मोदी बीजिंग में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां उनकी पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है. दबाव में झुकने को तैयार नहीं… ये घटनाक्रम डोनाल्‍ड ट्रंप को और भड़का सकते हैं. गुरुवार रात राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता तब तक आगे नहीं बढ़ेगी, जब तक रूसी तेल खरीद का मसला हल नहीं हो जाता. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ऐसे दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं, खासकर तब जब अमेरिका भारत से कृषि, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में असीमित पहुंच की मांग कर रहा है. इन मांगों को ठुकराकर मोदी किसानों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे उनके असली मसीहा हैं. साल 2020 में तीन कृषि कानूनों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने वे कानून वापस ले लिए थे. साथ ही उनकी सरकार पीएम-किसान निधि योजना के तहत हर साल किसानों को 6,000 रुपये की सहायता और फसल बीमा भी देती है. अब अमेरिका के खिलाफ किसानों के हित में खड़े होकर प्रधानमंत्री उनसे अपना जुड़ाव और मजबूत कर रहे हैं. फोन पर बात…दो टूक जवाब पिछले 100 दिनों में मोदी और ट्रंप की फोन पर केवल दो बार बात हुई है. एक बार 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद और दूसरी बार जून में जब ट्रंप ने कनाडा में मौजूद मोदी को फोन किया. उस समय मोदी ने साफ तौर पर ट्रंप के इस झूठे दावे को खारिज कर दिया था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया. संसद में भी मोदी ने कहा था कि किसी भी विश्व नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए राजी नहीं किया. फिलहाल पीएम मोदी संयम बरतते हुए अपने मित्र देशों को अमेरिकी दबाव के खिलाफ एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. भारत ने अमेरिकी कदमों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित, अनुचित और अव्यवहारिक बताया है, जो दशकों में वॉशिंगटन के खिलाफ भारत की सबसे कड़ी भाषा है. ट्रंप अचानक ले सकते हैं यू-टर्न भारत जानता है कि ट्रंप अप्रत्याशित हैं और अचानक यू-टर्न ले सकते हैं, इसलिए इंतजार करना सबसे बेहतर कूटनीतिक विकल्प है. अगर जल्द ही ट्रंप-पुतिन की मुलाकात होती है और रूस-यूक्रेन युद्ध सुलझ जाता है, तो ट्रंप का भारत विरोध भी खत्म हो सकता है. आखिरकार रूस से तेल खरीदने के लिए पहले अमेरिका ने ही भारत को प्रोत्साहित किया था और खुद भी रूस से यूरेनियम जैसी चीजें आयात करता है. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता तभी होगा जब वह राष्ट्रीय हित में होगा और भारतीय किसानों से कोई समझौता नहीं होगा. तब तक मोदी अपने काम में लगे रहेंगे और अपने तरीके से संदेश देते रहेंगे. जैसे कि गुरुवार को संसद में तमिलनाडु के किसानों के एक दल से मुलाकात.

सैफ अली खान पैतृक संपत्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट ने MP हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई अस्थायी रोक

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के के पूर्वजों से जुड़े संपत्ति विवाद में शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्लाह खान की शाही संपत्ति से जुड़े दशकों पुराने संपत्ति विवाद को नए सिरे से सुनवाई के लिए निचली अदालत को वापस भेज दिया था। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया‌‌। बेंच ने नवाब हमीदुल्ला खान के बड़े भाई के वंशजों उमर फारुक अली और राशिद अली की याचिका पर नोटिस जारी किया, जो हाईकोर्ट के 30 जून के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें 14 फरवरी, 2000 के निचली अदालत के फैसले को खारिज कर दिया गया था, जिसमें नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान, उनके बेटे मंसूर अली खान (पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान) और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों, अभिनेता सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा सुल्तान और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के संपत्ति पर विशेष अधिकार बरकरार रखे गए थे। हाईकोर्ट ने कहा था कि निचली अदालत का फैसला 1997 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर आधारित था, जिसे बाद में 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था। हालांकि, 2019 के उदाहरण को लागू करने और मामले का निर्णायक रूप से फैसला करने के बजाय, हाईकोर्ट ने मामले को पुनर्मूल्यांकन के लिए वापस भेज दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश दीवानी प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत उल्लिखित प्रक्रियात्मक मानदंडों के विपरीत है। यह मामला 1999 में नवाब के विस्तारित परिवार के सदस्यों द्वारा दायर दीवानी मुकदमों से जुड़ा है, जिनमें दिवंगत बेगम सुरैया राशिद और उनके बच्चे, महाबानो (अब दिवंगत), नीलोफर, नादिर और यावर के साथ ही नवाब की एक और बेटी नवाबजादी कमर ताज रबिया सुल्तान शामिल हैं। वादियों ने नवाब की निजी संपत्ति के बंटवारे, कब्जे और न्यायसंगत निपटान की मांग की थी। निचली अदालत ने साजिदा सुल्तान के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि संपत्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ के अधीन नहीं है और संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें हस्तांतरित की गई थी। सन 1960 में नवाब की मृत्यु के बाद, भारत सरकार ने 1962 का एक प्रमाण पत्र जारी किया, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 366(22) के तहत साजिदा सुल्तान को शासक और निजी संपत्ति की वास्तविक उत्तराधिकारी दोनों के रूप में मान्यता दी गई। हालांकि, वादी पक्ष ने तर्क दिया कि नवाब की निजी संपत्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत सभी कानूनी उत्तराधिकारियों में बांटी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 1962 के प्रमाण पत्र पर औपचारिक रूप से कोई विवाद नहीं था, लेकिन दावा किया कि यह न्यायसंगत विभाजन को नहीं रोकता। अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार सहित प्रतिवादियों ने तर्क दिया कि उत्तराधिकार में ज्येष्ठाधिकार के नियम का पालन किया गया और साजिदा सुल्तान को शाही गद्दी और निजी संपत्ति, दोनों का वंशानुगत उत्तराधिकार प्राप्त हुआ था। निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए, हाईकोर्ट ने मामले को वापस भेज दिया था। याचिकाकर्ताओं ने मामले को वापस भेजने के आदेश को पलटने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।

60 डिब्बे घी और 40 क्विंटल बेसन से बने सवा लाख लड्डू, महाकाल को बंधी पहली राखी

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को राखी बंधने के साथ ही रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत हो गई। अमर पुजारी के परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई खास राखी उन्हें अर्पित की गई है। महाकाल को जो राखी बांधी गई है उसमें मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का उपयोग हुआ है। राखी पर भगवान गणेश जी विराजित हैं। शनिवार को सबसे पहले तड़के 3 बजे भस्म आरती के लिए पट खोले गए। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। भस्म आरती के दौरान ही उन्हें विशेष श्रृंगार के साथ राखी अर्पित की गई। दरअसल, रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी बांधकर उन्हें सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। प्रतिवर्ष बाबा महाकाल को पुजारी परिवार द्वारा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाता है जिसे एक सप्ताह में मंदिर परिसर में ही तैयार किया जाता है। भक्तों ने समाप्त किया उपवास महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पुजारी परिवार द्वारा आज बाबा महाकाल को लगाई गई सवा लाख लड्डूओ की भोग प्रसादी का वितरण भक्तों को प्रसाद स्वरूप मे किया गया। बाबा महाकाल की इस प्रसादी को पाकर भक्त तो खुश हो ही गए, लेकिन यह वही प्रसादी है जिसे खाने के बाद ही महाकाल के भक्त श्रावण मास में रखे गए उपवास को खोलते हैं। सुबह महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस प्रसादी को ग्रहण करने के साथ ही एक माह के अपने उपवास को समाप्त किया। 4 दिन में तैयार किए सवा लाख लड्‌डू भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मारती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था। लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। महाकाल के दरबार से होती है त्योहार की शुरुआत पंडित अमर पुजारी ने बताया कि हर त्योहार की शुरुआत भगवान महाकाल के दरबार से होती है। इसी क्रम में सबसे पहले राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर को राखी बांधी गई। वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को राखी बांधकर किया जाता है। नंदी हॉल और गर्भगृह में फूलों से आकर्षक सजावट की जाती है। इसके बाद सवा लाख लड्डुओं का महाभोग बाबा को अर्पित किया जाता है। रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को लड्डू प्रसाद वितरित किया जाता है। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार इस साल 9 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन खास संयोग के साथ मनेगा। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक का ये पर्व इस बार श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, करण, मकर राशि में चंद्रमा और पूर्णिमा तिथि में मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ऐसा योग 297 साल बाद बना है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला ने कहा- ग्रहों की वर्तमान स्थिति 1728 में बने दुर्लभ संयोग को दोहरा रही है। रक्षाबंधन पर 8 ग्रह उन्हीं राशियों में रहेंगे, जिनमें 1728 में थे। इनमें सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। ऐसे अद्भुत योग शताब्दियों में एक बार ही बनते हैं, जिससे इस बार का रक्षाबंधन और भी पुण्य फलदायी माना जा रहा है। चार दिन में तैयार किए लड्डू भगवान महाकाल को राखी बांधने बाद भस्मआरती के दौरान ही सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। इस महाभोग की तैयारी पिछले चार दिनों से चल रही है। मंगलवार से ही मंदिर में पुजारी कक्ष के पीछे भट्टी पूजन के साथ लड्डू बनाना शुरू हो गया था।  लड्डू निर्माण करने वाले हलवाई ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से रक्षाबंधन पर्व पर महाकाल के लिए लड्डू बना रहे हैं। इस लड्डू के निर्माण में 60 डिब्बे देसी घी, 40 क्विंटल बेसन, 40 क्विंटल शकर बुरा और 25 किलो ड्राई फ्रूट शामिल किए गए। श्री खजराना गणेश को बांधी 196 वर्गफीट की राखी -इंदौर-कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में बनाई इधर, जनता के सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य और देश के वीर सैनिकों की रक्षा की मनोकामना के साथ रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को इंदौर में विश्व प्रसिद्ध भगवान खजराना गणेश को 196 वर्गफीट की विशाल राखी बांधी गई। राखी बांधते समय पंडितों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। खास बात यह कि यह राखी अलग-अलग शहरों से लाए गए फूलों से इंदौर और कोलकाता के कारीगरों ने रातभर में तैयार की गई है, जिसमें पांच दिन तक ताजगी रहेगी। राखी श्री विघ्नहर्ता गणेश भक्त समिति ने बनाई है। समिति के संस्थापक राजेश बिड़कर और राहुल शर्मा ने बताया कि यह लगातार नौवां वर्ष है जब विशाल राखी श्री गणेश को अर्पित की गई। राखी अर्पित करने की शुरूआत आठ साल पहले की गई थी, तब 66 (36 वर्ग फीट) की राखी बनाई गई थी। उनका कहना है कि जब खजराना गणेश की स्थापना हुई तो उनका स्वरूप काफी छोटा था। फिर धीरे-धीरे बढ़ते गया। इसी तरह हर साल राखी का साइज भी बढ़ाया गया। इस बार 1414 (196) वर्ग फीट की राखी बनाई गई। इसकी डोर मंदिर के चारों ओर घुमाकर बांधी गई। उनका दावा है कि यह राखी दुनिया की सबसे बड़ी राखी है। 

ट्रंप की आलोचना में उतरे पूर्व US मंत्री, मोदी को लेकर कही बड़ी बात

नई दिल्ली अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ की कड़ी आलोचना की है। कैंपबेल ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों को गंभीर खतरे में डाल रहा है, जो 21वीं सदी में अमेरिका के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी कि वे ट्रंप के दबाव में नहीं झुकें। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू किया, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया। यह टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी होगा। कैंपबेल की चेतावनी: भारत रूस से संबंध नहीं तोड़ेगा सीएनबीसी इंटरनेशनल को दिए एक इंटरव्यू में कैंपबेल ने कहा, "21वीं सदी में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता भारत के साथ है, और यह अब खतरे में है। जिस तरह से राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पीएम मोदी के बारे में बात की है, उसने भारतीय सरकार को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।" उन्होंने भारत को सलाह दी कि वह ट्रंप के दबाव में नहीं झुके। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप के आगे घुटने नहीं टेकने चाहिए।" कैंपबेल ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका भारत पर दबाव डालता है कि वह रूस से संबंध तोड़ दे, तो भारतीय रणनीतिकार ठीक इसके उलट करेंगे। उन्होंने कहा, "भारत को रूस के साथ संबंध तोड़ने के लिए कहना उलटा पड़ सकता है।" अमेरिका में द्विपक्षीय चिंता ट्रंप के इस फैसले ने अमेरिका में भी द्विपक्षीय चिंता को जन्म दिया है। पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि यह अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं पर बोझ डालता है। उन्होंने मुक्त व्यापार की वकालत की और कहा, "अमेरिकी कंपनियां और उपभोक्ता ही टैरिफ की कीमत चुकाते हैं।" इसके अलावा, डेमोक्रेट सीनेटर ग्रेगरी मीक्स ने भी चेतावनी दी कि ट्रंप का यह "टैरिफ तंत्र" भारत-अमेरिका साझेदारी को नुकसान पहुंचा सकता है। भारत की स्थिति और पीएम मोदी का रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हमारे लिए किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। मुझे पता है कि इसके लिए हमें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। भारत तैयार है।" यह बयान ट्रंप के टैरिफ के जवाब में देखा जा रहा है, जिसमें भारत ने साफ कर दिया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों से राखी बंधवाई

वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा का कर रहा हूं निर्वहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों के आर्शीवाद से ही मैं बना मुख्यमंत्री: CM यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों से राखी बंधवाई  उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को क्षिप्रा विहार के समीप नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया और राखी बंधवाई। उन्होंने कहा कि लगभग 20 वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा लगातार जारी है। बहनों के आशीर्वाद से आज मैं इस मुकाम पर हूं। बहनों के सशक्तिकरण और सम्मान से एक अलग नई पहचान बनाई है। महाकाल की कृपा है कि लाखों बहनों का आशीर्वाद मुझे मिल रहा है, जिससे सारी परेशानियां बहनों के आशीर्वाद से खत्म हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जिस घर में माता-बहनें होती हैं, उस घर में ईश्वर का आशीर्वाद भी होता है। वह घर आनंदमय रहता है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। उन्होंने प्राचीन काल का उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बहन द्रौपदी की रक्षा की थी। प्राचीन काल से हर घर में त्यौहार बड़े उल्लास के साथ मनाए जाते हैं और घरों में माता-बहनों के आनंद में कोई कमी नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के साथ उज्जैन में भी निरंतर विकास के कार्य हो रहे हैं। देवास रोड स्थित नागझिरी एवं इंदौर रोड स्थित कपड़ा उद्योग खुलने से बहनों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक एवं मंत्री रहते हुए ग्रामों में एवं शहर के विभिन्न वार्डों में राखी बंधवाने का कार्य किया है और उनके आशीर्वाद से आज मैं मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश के कई जिलों में इस परंपरा का निर्वहन कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा रक्षाबंधन के पर्व पर लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1250 रुपए के अतिरिक्त रक्षाबंधन पर नेग स्वरूप 250 रुपए हाल ही में बहनों के खातों में राशि उपलब्ध करवाई गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पार्षद श्रीमती निर्मला परमार एवं श्रीमती सुगनबाई बाघेला सहित अन्य बहनों ने प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्रह्मकुमारी आश्रम की मंजू दीदी और उषा दीदी ने भी राखी बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवांजलि गार्डन में रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवांजलि गार्डन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए और कन्या-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों के द्वारा दोनों हाथों में राखी बाँधी गई साथ ही मंच पर बहनों के द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के सबसे पवित्र रिश्तों का त्यौहार है। बहनों के आशीर्वाद से पूरे प्रदेश में विकास के कार्य चल रहे हैं। अब उज्जैन विज्ञान, अध्यात्म और धर्म की नगरी बन रहा है। उज्जैन के कारखानों में वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं, आने वाले समय में 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बहनों के जीवन में कभी कोई कष्ट न आए भगवान श्रीमहाकालेश्वर से यही प्रार्थना है। बहनों का और हमारा रिश्ता कई वर्षों पुराना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाड़ली बहनों के सिंदूर की रक्षा करने के लिए हम दुश्मनों को उनके घर में जाकर खत्म करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में उज्जैन आने वाले यात्रियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। हम सब पूरी आत्मीयता और आतिथ्य भाव के साथ सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं का अभिनंदन करेंगे। करीब 29 कि.मी. के नए घाटों का निर्माण सिंहस्थ के अंतर्गत किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में बहुत सारे लोग स्नान कर सकेंगे। उज्जैन पर सभी देवी देवताओं का विशेष आर्शीवाद है। औद्योगिक क्षेत्र का भी निरंतर विकास हो रहा है। नए कारखाने खुल रहे हैं, जिनके माध्यम से कई लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेडीमेड कपड़ों का निर्माण कर हम विदेशों में निर्यात करेंगे। रोजगार के लिए बहनों का प्रशिक्षण भी समय-समय पर आयोजित किया जाएगा। हर जरूरतमंद नागरिक का पक्का मकान बनेगा, इसी दिशा में हमारी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बहनों से अपील की है कि 15 अगस्त को अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अमन-शांति के साथ विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बहनों को झूला-झुलाया और कन्या-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राखी बंधवाते समय उन्होंने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।  

एशिया कप 2025 में ट्रिपल इंडिया-पाक क्लैश का मौका, ये है पूरा गणित

मुंबई  भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ पर छूटकर खत्म हो चुकी है. टेस्ट क्रिकेट के इस तड़के के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी टी20 फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में एश‍िया कप में खेलते दिखेंगे. एश‍िया कप इस बार 9 से 28 सितंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई और अबू धाबी के मैदानों पर होंगे.  एश‍िया कप 2025 का ओपन‍िंग मैच 9 सितंबर को अबू धाबी स्थित शेख जायद स्टेडियम में अफगानिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच होना है. वहीं च‍िर प्रत‍िद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित महामुकाबला 14 सितंबर (रविवार) को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होगा. इस बार का फाइनल भी दुबई में 28 सितंबर को खेला जाएगा. भारत-पाकिस्तान यदि दोनों टीमें सुपर-4 राउंड के लिए क्वालिफाई करते हैं, तो 21 सितंबर को इनका फिर से आमना-सामना हो सकता है. और अगर दोनों फाइनल में पहुंचती हैं, तो 28 सितंबर को तीसरी बार दोनों के भ‍िड़ने की संभावना है.  पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी देखी गई थी. जिसके चलते विरोध के स्वर भी उठे. पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट का शेड्यूल और स्थान जस के तहस रहेंगे और सभी मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. एश‍िया कप 2025 में कुल कितनी टीमें?  एश‍िया कप 2025 में 8 टीमें भाग लेंगी. एश‍ियन क्रिकेट काउंस‍िल (ACC) के 5 फुल मेंबर देश अफगान‍िस्तान, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट के लिए ऑटोमेट‍िकली क्वालिफाई कर गए हैं और अब संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और हॉन्ग कॉन्ग भी इसमें शामिल होंगे, जो 2024 एसीसी पुरुष प्रीमियर कप में शीर्ष तीन में रहे थे.  टूर्नामेंट के ग्रुप और फॉर्मेट  पिछले टूर्नामेंटों से अलग होंगे, जिसमें आठ टीमों को चार-चार के दो ग्रुप में विभाजित किया जाएगा. प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सिंगल-ग्रुप सुपर फोर राउंड के लिए क्वालिफाई करेंगी. इस चरण की शीर्ष दो टीमें खेलेंगी. ऐसे में भारत पाकिस्तान की भ‍िड़ंत हो सकती है. एशिया कप 2025 के ग्रुप्स ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, यूएई, ओमान ग्रुप B: बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग एशिया कप 2025 का शेड्यूल 9 सितंबर- अफगानिस्तान vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 10 सितंबर- भारत vs यूएई, दुबई 11 सितंबर- बांग्लादेश vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 12 सितंबर- पाकिस्तान vs ओमान, दुबई 13 सितंबर- बांग्लादेश vs श्रीलंका, अबू धाबी 14 सितंबर- भारत vs पाकिस्तान, दुबई 15 सितंबर- यूएई vs ओमान, अबू धाबी 15 सितंबर- श्रीलंका बनाम हॉन्ग कॉन्ग, दुबई 16 सितंबर- बांग्लादेश vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 17 सितंबर- पाकिस्तान vs यूएई, दुबई 18 सितंबर- श्रीलंका vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 19 सितंबर- भारत vs ओमान, अबू धाबी 20 सितंबर- B1vs B2, दुबई 21 सितंबर- A1 VS A2, दुबई (भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव) 23 सितंबर A2 vs B1, अबू धाबी 24 सितंबर- A1 vs B2, दुबई 25 सितंबर- A2 vs B2, दुबई 26 सितंबर- A1 vs B1, दुबई 28 सितंबर- फाइनल, दुबई (भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव)

एशिया कप से पहले अच्छी खबर, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुरू की प्रैक्टिस

मुंबई  एशिया कप क्रिकेट 2025 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस बार एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेला जाएगा. एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर को होगी और इसका खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को निर्धारित है. एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम का ऐलान कुछ दिनों में किया जाएगा. एशिया कप की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर सामने आई है. टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव फिट हो चुके हैं और वो मैदान पर वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 की समाप्ति के बाद सूर्यकुमार ने जर्मनी में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी कराई थी. सर्जरी के चलते सूर्यकुमार को करीब 3 महीने मैदान से दूर रहना पड़ा. अब सूर्यकुमार यादव  ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में अभ्यास शुरू कर दिया है. सूर्यकुमार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सूर्यकुमार पहले जिम में पसीना बहाते हैं. फिर वो नेट्स में बैटिंग करने पहुंचते हैं. नेट प्रैक्टिस के दौरान सूर्यकुमार बेहतरीन शॉट्स खेलते नजर आते हैं. 34 वर्षीय सूर्यकुमार यादव ने आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस (MI) के लिए शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने आईपीएल के पिछले सीजन में MVP (मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर) अवॉर्ड जीता, साथ ही हर मैच में कम से कम 25 रन बनाए. सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 65.18 के एवरेज से 717 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से 5 अर्धशतक निकले. सूर्यकुमार यादव इन चीजों पर कर रहे फोकस सूर्यकुमार यादव अब एशिया कप से पहले नेट्स में बल्लेबाजी के साथ-साथ फिटनेस ड्रिल्स और एरोबिक एक्सरसाइज पर भी फोकस कर रहे हैं, ताकि पूरी तरह मैच फिटनेस हासिल की जा सके. एशिया कप ना सिर्फ सूर्यकुमार यादव की मैदान पर वापसी का जरिए बनेगा, बल्कि भारतीय टीम के लिए अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों का भी अहम हिस्सा है. गौतम गंभीर की कोचिंग और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 क्रिकेट में हालिया समय में दमदार खेल दिखाया है. अब एशिया कप 2025 इस लय को बरकरार रखने का सुनहरा मौका होगा.

पाकिस्तान की पुरानी जिद कायम, बोला– कश्मीर पर बाहरी दखल मंजूर

कराची  पाकिस्तान ने  कहा कि वह कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए अमेरिका या किसी भी अन्य देश की मदद का स्वागत करेगा. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में यह बात कही. खान से जब कश्मीर मुद्दे में अमेरिका की रुचि के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "हम न केवल अमेरिका से, बल्कि किसी भी ऐसे देश से मदद का स्वागत करते हैं जो स्थिति को स्थिर करने और कश्मीर विवाद को हल करने में मदद कर सके." उन्होंने आगे कहा कि यह विवाद दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा के मुद्दों के केंद्र में है. दूसरी ओर, भारत लगातार यह कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ बातचीत में किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं चाहता है. 1972 के शिमला समझौते में भी दोनों देशों के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को अस्वीकार किया गया था. अमेरिका की रुचि का स्वागत- पाकिस्तान मई में दोनों देशों के बीच हुए चार दिवसीय संघर्ष के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच किसी भी संपर्क के सवाल पर खान ने कहा कि ऐसा कोई संपर्क नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि "हम इस मुद्दे के समाधान के लिए दोनों पक्षों के साथ काम करने में अमेरिका की रुचि का स्वागत करते हैं." खान ने कहा कि पाकिस्तान की समग्र राजनयिक स्थिति जगजाहिर है. उन्होंने कहा, "हम कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहते हैं, लेकिन भारत को अपना मन बनाना होगा. फिलहाल, हमारे दोनों पक्षों के बीच नियमित राजनयिक संपर्क के अलावा कोई बातचीत नहीं हुई है." भारत का स्टैंड क्लियर भारत ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा. पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवाद के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से फैल रहे आतंकवाद के मुद्दे को कई बार उठाया है. उन्होंने यह भी खारिज किया कि खनिजों को निकालने के लिए अमेरिका के साथ कोई गुप्त समझौता हुआ है. उन्होंने यूक्रेन संघर्ष में पाकिस्तानी नागरिकों की संलिप्तता के आरोपों को भी "बेबुनियाद" बताया और कहा कि यूक्रेन के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान से औपचारिक रूप से संपर्क नहीं किया है.

कुलगाम में खूनी भिड़ंत: 2 वीर जवान शहीद, एक दहशतगर्द ढेर

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कुलगाम के अखाल इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ का आज नौवां दिन है. बीती रात भर इलाके में जोरदार धमाकों और गोलीबारी की आवाजें गूंजती रहीं. इस दौरान सेना के दो जवान शहीद हो गए, जबकि पिछली रात की गोलीबारी में दो अन्य जवान घायल हुए हैं.  अब तक 10 जवान घायल अब तक मुठभेड़ में एक आतंकी का शव बरामद हुआ है, जबकि कुल मिलाकर दो जवान शहीद और दस जवान घायल हो चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक, घने जंगल और प्राकृतिक गुफा जैसे ठिकानों का फायदा उठाकर कम से कम तीन या उससे ज्यादा आतंकी अब भी छिपे हुए हैं. यह मुठभेड़ पिछले कई दशकों में सबसे लंबा चला रहा आतंक विरोधी अभियान बन गया है. 1 अगस्त को सुरक्षाबलों ने शुरू किया था ऑपरेशन भारतीय सुरक्षाबलों ने 1 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों की तलाश में 'ऑपरेशन अखल' शुरू किया था. यह कार्रवाई इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू हुई थी. माना जा रहा है कि यहां 2 से 3 आतंकी छिपे हो सकते हैं. भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के अनुसार, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने दक्षिण कश्मीर के जंगल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट के आधार पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया.