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नेतन्याहू का हमास पर हमला: गाजा में बच्चों की हड्डियों की तस्वीरें हैं भ्रामक प्रचार

तेल अवीव हमास के झूठ पर आंखें खोलें… इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को जब मीडिया से मुखातिब हुए. तब उन्होंने प्रेस के सामने हमास के झूठ की पोल खोलने का दावा किया. इधर गाजा भूख से बिलख रहा है और उधर नेतन्याहू ने इसी गाजापट्टी को लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. वह बार-बार कह रहे हैं कि उनका इरादा गाजा पर पूर्ण नियंत्रण का नहीं है तो ऐसे में सवाल उठता है कि फिर आखिर उनका इरादा क्या है? नेतन्याहू ने रविवार को इंटरनेशनल मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जितनी जल्दी हो सके, वह उतनी जल्दी गाजा में युद्ध को खत्म करना चाहते हैं. गाजा सिटी को कैप्चर करना सभी 50 इजरायली बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है.  इस दौरान नेतन्याहू ने कहा कि उनका लक्ष्य गाजापट्टी से हमास को पूरी तरह खत्म करना है. उनका कहना है कि हमास का पूरी तरह से खात्मा किए बिना गाजा में स्थायी शांति संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजा पर इजरायल का नियंत्रण स्थायी कब्जे के लिए नहीं है, बल्कि हमास के सैन्य ढांचे को नष्ट करने और क्षेत्र को सैन्यीकरण से मुक्त कराने के लिए है.  नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल का इरादा गाजा पर शासन करने या उसे अपने देश में मिलाने का नहीं है. इसके बजाय गाजा में एक नागरिक प्रशासन स्थापित किया जाएगा जो ना तो इजरायल के लिए खतरा और क्षेत्र में शांति बनाए रखे. नेतन्याहू ने कहा कि गाजा को किसी ऐसी अस्थायी सरकार को सौंपा जाएगा. जो ना तो हमास हो और न ही इजरायल के लिए खतरा पैदा करने वाला कोई संगठन हो. उन्होंने गाजा में बंधकों की रिहाई को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हमास के साथ युद्ध और बंधकों की रिहाई के लक्ष्य आपस में जुड़े हुए हैं. हालांकि, बंधकों के परिवारों और कुछ आलोचकों का कहना है कि गाजा पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की उनकी योजना बंधकों की जान को खतरे में डाल सकती है. इससे पहले इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने नेतन्याहू की योजना को मंजूरी दी, जिसमें गाजा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण स्थापित करना शामिल है. इसका उद्देश्य हमास के बचे हुए ठिकानों को खत्म करना और क्षेत्र में इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. गाजा युद्ध खत्म करने के 5 तरीके – हमास अपने हथियार डाल दे – सभी इजरायली बंधकों को रिहा किया जाए – गाजा का विसैन्यीकरण हो – गाजा में इजरायल का सैन्य प्रभुत्व – गाजा में ऐसी व्यवस्था तैयार करना, जो ना तो हमास के नियंत्रण में हो और ना हो फिलीस्तीनी प्राधिकरण के इजरायली पीएम नेतन्याहू ने बताया कि गाजापट्टी में हमास के अभी भी दो गढ़ बचे हुए हैं, जो गाजा सिटी और सेंट्रल कैंप्स ऑफ मोआसी हैं. नेतन्याहू ने कहा कि हमास को पूरी तरह खत्म करना इजरायल की सुरक्षा के लिए आवश्यक है और इसके बिना कोई समाधान टिकाऊ नहीं होगा. गाजा में भुखमरी और मानवीय संकट के सवालों पर नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मीडिया में भूख से बिलखते बच्चों की जो तस्वीरें गाजा की बताकर शेयर की जा रही है. दरअसल वो प्रोपेगैंडा है. ये तस्वीरें गाजा की नहीं हैं. उन्होंने बकायदा प्रेजेंटेशन के साथ इंटरनेशनल मीडिया में छप रही इन बच्चों की तस्वीरों का ब्योरा दिया और दावा किया कि इन्हें गाजा का बताकर इजरायल को बदनाम किया जा रहा है.  बता दें कि नेतन्याहू ने यूरोपीय देशों और संयुक्त राष्ट्र की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि इजरायल एक लोकतांत्रिक देश है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करता है और उनकी कार्रवाइयां आतंकवाद के खिलाफ हैं.जर्मनी, फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों ने गाजा पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की योजना की आलोचना की है. संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की है.

धमतरी सड़क हादसे की दर्दनाक घटना: बीच सड़क पलटा वाहन, एक की मौत, आठ घायल

धमतरी धमतरी जिले में फिर एक सड़क हादसा हुआ है। जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि लगभग आठ लोग घायल हो गए है। इस घटना से वाहन में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को पटेल समाज का शपथ ग्रहण कार्यक्रम सिहावा गए थे। कार्यक्रम होने के बाद सभी तूफान वाहन से वापस लौट रहे थे, तभी सिक्सलेन विशाखापट्टनम रोड से वापस आ रहे थे कि राजपुर के आगे सड़क पर रखे मुरुम के ऊपर वाहन चढ़ने से वाहन पलट गया। इस हादसे के बाद वाहन में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। दुर्घटना में मेघा निवासी बुजुर्ग सुखाऊ राम पटेल 65 वर्ष पुत्र बुधराम की मौत हो गई। जबकि लगभग आठ लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर कुरूद और मगरलोड पुलिस पहुंच गई थी। घायलों को 108 एंबुलेंस से कुरूद इलाज के लिए भेजा गया। मृतक का शव पंचनामा के बाद मगरलोड पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों में कुमार पटेल 58 वर्ष पुत्र ठाकुर राम ग्राम मंदरौद, मनोज पटेल 46 वर्ष पुत्र भीषण पटेल ग्राम खैरा, पुरुषोत्तम पटेल 32 वर्ष पुत्र ललित पटेल ग्राम मेघा, तुलसीराम पटेल 45 वर्ष पुत्र गुलाब राम ग्राम कोकड़ी, नीरज पटेल 35 वर्ष पुत्र थनेश्वर पटेल ग्राम सेलदीप इसके अलावा लगभग चार लोग और घायल हैं। बताया जा रहा है कि मृतक सुखाऊ राम पटेल वाहन मालिक था, इनका कोई रिश्तेदार वाहन चला रहा था। ग्रामीणों ने बताया है कि सिक्स लेन निर्माण के दौरान ठेकेदार की बड़ी लापरवाही है। सड़क के बीचों बीच मुरूम रख दिया गया है। वहां पर लगभग सड़क पूरा बन चुका है और कई वाहन आना-जाना भी कर रहे हैं। रात के अंधेरे में बीच में रखा मुरूम नहीं दिखा। इस पर चढ़ने के बाद वाहन पलट गया। सड़क अभी पूरी बनी भी नहीं है और हादसे होने लगे हैं।

पीएम मोदी ने सांसदों को दिए नए आवास, नई दिल्ली में किया लोकार्पण

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा भी लगाया। यह परिसर सांसदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। प्रत्येक फ्लैट में 5,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल है, जिसमें कार्यालय और स्टाफ के लिए जगह भी है। यह परियोजना गृह 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुरूप है। इमारतें भूकंपरोधी हैं और दिव्यांगों के लिए अनुकूलित हैं।   जानकारी के अनुसार इस परिसर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह संसद सदस्यों की कार्यात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं की पूरी श्रृंखला से सुसज्जित है। हरित प्रौद्योगिकी को सम्मिलित करते हुए, यह परियोजना जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग के मानकों का पालन करती है और राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2016 का अनुपालन करती है। इन पर्यावरणीय रूप से स्थायी विशेषताओं से ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान मिलने की आशा है। उन्नत निर्माण तकनीक (विशेष रूप से, एल्युमीनियम शटरिंग के साथ मोनोलिथिक कंक्रीट) के उपयोग ने संरचनात्मक स्थायित्व सुनिश्चित करते हुए परियोजना को समय पर पूरा करना संभव बनाया। यह परिसर दिव्यांगजनों के अनुकूल भी है, जो समावेशी डिज़ाइन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संसद सदस्यों के लिए अनुकूल आवास की कमी के कारण इस परियोजना का विकास आवश्यक हो गया था। भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण, भूमि उपयोग को अनुकूलित करने और रखरखाव लागत को न्यूनतम करने के ध्येय से ऊर्ध्वाधर आवास विकास पर लगातार बल दिया गया है। प्रत्येक आवासीय इकाई में लगभग 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट क्षेत्र है, जो आवासीय और आधिकारिक दोनों कार्यों के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है। कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए समर्पित क्षेत्रों को शामिल करने से संसद सदस्यों को जन प्रतिनिधि के रूप में अपनी उत्तरदायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी। परिसर के सभी भवनों का निर्माण आधुनिक संरचनात्मक डिज़ाइन मानदंडों के अनुरूप भूकंपरोधी बनाया गया है। सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और सुदृढ़ सुरक्षा तंत्र कार्यान्वित किया गया है।

रूफटॉप सोलर वेंडर्स के कौशल विकास के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा रूफटॉप सोलर के वेंडर्स के लिए प्रदेश के 10 जिलों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न 10 जिलों के लिए अलग-अलग तारीखों का निर्धारण किया गया है। इसकी शुरुआत 11 अगस्त को भोपाल से होने जा रही है। कार्यशाला इंदौर में 13, जबलपुर में 18, ग्वालियर में 20 सागर में 22 उज्जैन 25 रीवा 27 मुरैना 29 नर्मदापुरम में एक सितंबर और शहडोल में 4 सितंबर को होगी। भोपाल में कार्यशाला सोमवार 11 अगस्त को कार्यालय, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम प्रातः 10 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई है। कार्यशाला में वेंडर्स को सोलर रूफटॉप की उच्च गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जानकारियां प्रदान की जाएगी। कार्यशाला में वेंडर की क्षमता संवर्धन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा इससे प्रदेश द्वारा तय की गई निर्धारित सीमा में लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी।  

समाजसेवा की प्रतीक मिनीमाता को सीएम साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा एवं उत्थान के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने सामाजिक कुरीतियों, बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी बुराइयों के खिलाफ दृढ़ता से आवाज़ उठाई और संसद में रहते हुए कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी कार्यशैली में सदैव सेवा, सरलता और संवेदनशीलता झलकती थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी का जीवन संघर्ष और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर उनके आदर्शों को अपनाएँ और एक न्यायपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें।

डबल वोटिंग विवाद: राहुल गांधी पर लगा आरोप और आर्टिकल 337 के तहत संभावित जेल की सजा

बेंगलुरु कर्नाटक में डबल वोटिंग का दावा अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए कानूनी पचड़ा बन गया है. राहुल गांधी ने अपनी प्रेजेंटेशन में एक डॉक्‍यूमेंट दिखाते हुए दावा किया था कि यह चुनाव आयोग का रिकॉर्ड है. शगुन रानी नाम की एक महिला के पास दो-दो वोटर आईडी हैं. इसमें पोलिंग बूथ ऑफिसर का टिक मार्क लगा है, जो यह साबित करता है कि शगुन रानी ने दो बार वोट भी किया. अब यही राहुल गांधी के गले की फांस बन गया है. क्‍योंक‍ि चुनाव आयोग कह रहा क‍ि पूरी कहानी ही उलटी है. कर्नाटक के चीफ इलेक्‍शन कमीश्नर ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर दिया है और पूछा है क‍ि जो दावा आपने क‍िया, उसका सबूत तो दीजिए. क्‍योंक‍ि हमने जो जांच की है, उसके मुताबिक- शगुन रानी नाम की मह‍िला ने दो वार वोट नहीं क‍िया. लेकिन सबसे बड़ा सवाल, अगर राहुल गांधी का दावा गलत पाया गया तो क्‍या होगा? कहा जा रहा है क‍ि उन पर आर्टिकल 337 के तहत कार्रवाई हो सकती है. आख‍िर ये आर्टिकल 337 है क्‍या? भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 337 एक गंभीर अपराध में लागू होती है. जब भी कोई शख्‍स सरकारी दस्तावेज या कोर्ट रिकॉर्ड की जालसाजी करता है तो उस पर ये धारा लगाई जा सकती है. जैसे कोई शख्‍स अगर वोटर आईडी, आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु या विवाह रजिस्टर, सरकारी प्रमाणपत्र, कोर्ट की कार्यवाही के रिकॉर्ड, पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे दस्तावेज में खेल करे, तो वो इस खेल में फंस सकता है. माना जा रहा क‍ि राहुल गांधी ने ज‍िस तरह चुनाव आयोग के डॉक्‍यूमेंट को गलत तरह से पेश क‍िया, उसमें छेड़छाड़ की गई, वह इस दायरे में आएगी. अगर ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. क्‍या कहता है कानून कानून कहता है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे किसी डॉक्‍यूमेंट को जाली साबित करने में दोषी पाया जाता है, चाहे वह डॉक्‍यूमेंट कागजी हो या इलेक्ट्रॉनिक, तो उसे 7 साल तक की कठोर कारवास की सजा दी जा सकती है. इतना ही नहीं, उस पर असीमित जुर्माना भी लगाया जा सकता है. कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अपराध गैर-जमानती भी हो सकता है, यानी दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से ही जमानत लेनी होगी. क‍ितने द‍िन की सजा कानून ये भी कहता है क‍ि अगर आरोप साबित होते हैं तो दोषी व्यक्ति को राजनीति में बने रहने पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 के तहत 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर संसद या विधानसभा की सदस्यता जा सकती है. राहुल गांधी के मामले में अगर जांच और कोर्ट में यह साबित होता है कि उन्होंने वोटर लिस्ट से जुड़ा कोई जाली डॉक्‍यूमेंट बनाया या इस्तेमाल किया, तो धारा 337 के तहत उन पर केस चल सकता है और दोषी साबित होने पर उन्हें 7 साल तक की जेल, जुर्माना, और सांसद पद गंवाने का खतरा भी हो सकता है. कहां फंसे पेच चुनाव आयोग को कोर्ट में यह तय करना होगा कि डॉक्‍यूमेंट जानबूझकर जाली बनाया गया या सिर्फ गलती से शामिल हुआ. सबूत की जिम्मेदारी अभियोजन पक्ष पर यानी चुनाव आयोग पर होगी. दोष साबित होने पर सजा और जुर्माने की मात्रा अदालत तय करेगी. कांग्रेस बोली, रंगे हाथ पकड़े गए तो सबूत मांग रहे कर्नाटक चुनाव आयोग के दावे पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस महासच‍िव केसी वेणुगोपाल ने कहा- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका बड़ा खुलासा आयोग के अपने डेटा, यानी वोटर लिस्ट, पर आधारित है. अब, जब वे आपको रंगे हाथ पकड़ चुके हैं, तो आप उनसे दस्तावेज़ मांग रहे हैं? ये वही डेटा है जो आपके पास है.राहुल का आरोप है कि आयोग डिजिटल, मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट देने से इंकार करता है, सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच रोकता है और सबूत मिटाता है. उनका कहना है कि सबूत सार्वजनिक डोमेन में मौजूद हैं, फिर भी आयोग व्हिसलब्लोअर से सवाल कर रहा है. यह सिर्फ विडंबना नहीं, बल्कि दोष स्वीकारने जैसा है. कांग्रेस ने पांच सीधे सवाल पूछे हैं विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट क्यों नहीं दी जाती? सीसीटीवी और वीडियो सबूत मिटाने का आदेश किसने दिया? फर्जी वोटिंग और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी क्यों हुई? विपक्षी नेताओं को धमकाने का कारण क्या है? क्या चुनाव आयोग अब भाजपा का चुनाव एजेंट बन गया है?

रनवे पर विमान मौजूद था फिर भी इमरजेंसी लैंडिंग, एयर इंडिया ने कांग्रेस सांसदों के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई सांसदों को तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली लेकर आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान तब हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई, जब रविवार रात अचानक उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया। दरअसल, जब चालक दल को रास्ते में खराब मौसम के कारण एक संदिग्ध तकनीकी खराबी का पता चला, तब उसे चेन्नई डायवर्ट कर दिया गया लेकिन वहां कथित तौर पर एक ही रनवे पर दो विमान आ गए। इसके बाद इस उड़ान को फिर से ऊपर हवा में उठा लिया गया। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि उड़ान संख्या AI2455 चेन्नई में सुरक्षित उतर गई और विमान की जरूरी जांच की जाएगी। विमान ने जैसे ही तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से उड़ान भरी, उसके कुछ देर बाद ही वह टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इसके बाद उसे चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया।  इस विमान ने रात 8 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ान भरी थी लेकिन रात 10.35 पर चेन्नई में उतार दिया गया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली AI2455 के चालक दल ने संदिग्ध तकनीकी समस्या और रास्ते में खराब मौसम के कारण एहतियातन चेन्नई की ओर अपना मार्ग बदल लिया। विमान चेन्नई में सुरक्षित उतर गया, जहाँ विमान की जरूरी जाँच की जाएगी। हमें प्रभावित यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है। चेन्नई में हमारे सहयोगी यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए सहायता प्रदान कर रहे हैं और यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं।" वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि यह यात्रा भयावह रूप से त्रासदी के करीब पहुंच गई थी. उन्होंने कहा कि फ्लाइट पहले से ही लेट थी और उड़ान भरने के बाद तेज और अप्रत्याशित टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा. करीब एक घंटे बाद कैप्टन ने फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट की जानकारी दी और विमान को चेन्नई डाइवर्ट कर दिया. कांग्रेस सांसद के मुताबिक, लगभग दो घंटे तक फ्लाइट चेन्नई एयरपोर्ट के ऊपर क्लियरेंस का इंतजार करती रही. पहली कोशिश में लैंडिंग के दौरान रनवे पर पहले से ही एक अन्य विमान मौजूद था. उस समय कैप्टन के त्वरित निर्णय से विमान को ऊपर खींच लिया गया और सभी यात्रियों की जान बच गई. फ्लाइट दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरी. वेणुगोपाल ने कहा, "हमें स्किल और किस्मत दोनों ने बचाया, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर नहीं हो सकती." कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी किया शेयर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी वेणुगोपाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि वह "शॉक्ड और डरे हुए" हैं. उन्होंने कहा कि AI 2455 फ्लाइट में टर्बुलेंस, फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट और चेन्नई में रनवे पर लगभग टक्कर जैसी स्थिति बनी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को टैग करते हुए कहा कि यात्री सुरक्षा किस्मत पर नहीं छोड़ी जा सकती और तुरंत जवाब और कार्रवाई की मांग की. एअर इंडिया ने दी कांग्रेस सांसदों के दावे पर सफाई इस पूरे मामले पर एअर इंडिया ने बयान जारी कर दोनों सांसदों के दावों को खारिज किया है. एयरलाइन ने कहा, "चेन्नई डाइवर्जन एक प्रीकॉशनरी कदम था, जो संदिग्ध टेक्निकल इश्यू और खराब मौसम की वजह से लिया गया. पहली कोशिश में लैंडिंग के समय चेन्नई ATC ने गो-अराउंड का निर्देश दिया, लेकिन इसका कारण रनवे पर कोई अन्य विमान होना नहीं था." एअर इंडिया ने आगे कहा कि उनके पायलट ऐसे हालात से निपटने के लिए प्रशिक्षित होते हैं और इस फ्लाइट में भी सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया. कंपनी ने इस घटना को यात्रियों के लिए असहज अनुभव बताते हुए खेद जताया और कहा कि सुरक्षा हमेशा उनकी पहली प्राथमिकता है. कांग्रेस महासचिव ने यात्रा को कष्टप्रद बताया विमान में सवार कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस घटना को एक कष्टप्रद यात्रा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “तिरुवनंतपुरम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI 2455 – जिसमें मैं, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे -एक भयावह त्रासदी के करीब पहुँच गई। देरी से शुरू हुई उड़ान एक कष्टदायक यात्रा में बदल गई। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, हमें अभूतपूर्व गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। लगभग एक घंटे बाद, कैप्टन ने उड़ान सिग्नल में खराबी की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया। लगभग दो घंटे तक, हम उतरने की अनुमति का इंतज़ार करते हुए हवाई अड्डे के चक्कर लगाते रहे, जब तक कि हमारे पहले प्रयास के दौरान एक दिल दहला देने वाला क्षण नहीं आ गया – बताया जाता है कि उसी रनवे पर एक और विमान था। उस क्षण, कैप्टन के तुरंत रुकने के फैसले ने विमान में सवार सभी लोगों की जान बचा ली। दूसरे प्रयास में विमान सुरक्षित उतर गया।” भाग्य और पायलट की कुशलता से बचे केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, यह विमान सब के भाग्य और पायलट की कुशलता और सूझबूझ से बच सका। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने के लिए घटना की जाँच की माँग की है। उन्होंने आगे कहा, "हम पायलट की कुशलता और भाग्य से बच गए। यात्रियों की सुरक्षा भाग्य पर निर्भर नहीं हो सकती। मैं @DGCAIndia और @MoCA_GoI से आग्रह करता हूँ कि इस घटना की तत्काल जाँच करें, जवाबदेही तय करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी चूक फिर कभी न हो।" रनवे पर दो विमान के आरोप खारिज केसी वेणुगोपाल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, एयर इंडिया ने टिप्पणी की, "डियर मिस्टर वेणुगोपाल, हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि चेन्नई की ओर फ्लाइट को मोड़ना एक संदिग्ध तकनीकी समस्या और खराब मौसम की स्थिति के कारण एहतियाती था। चेन्नई हवाई अड्डे पर पहली बार उतरने के प्रयास के दौरान चेन्नई एटीसी द्वारा गो-अराउंड का निर्देश दिया गया था, न कि रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी के कारण ऐसा हुआ।"

गाजा संघर्ष: अल जज़ीरा के 5 पत्रकारों की जान गई, IDF की एक पत्रकार को आतंकी कहने वाली प्रतिक्रिया

गाजा  गाजा में इजरायल की तरफ से लगातार हवाई हमले जारी हैं. इस बीच, गाजा शहर में पत्रकारों द्वारा उपयोग किए जा रहे एक तंबू पर इजरायली हमले में कतर के मीडिया चैनल अल जजीरा अरबी के रिपोर्टर अनस अल-शरीफ की जान चली गई. इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर IDF की बमबारी का वीडियो शेयर किया था. उनके आखिरी पोस्ट में लिखा था, "लगातार बमबारी हो रही है, दो घंटे से गाजा शहर पर इजरायली आक्रमण तेज हो गया है." अल जज़ीरा के मुताबिक, 28 साल के अल-शरीफ की मौत तब हुई, जब गाजा शहर में अल-शिफा अस्पताल के मेन गेट के बाहर पत्रकारों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक तंबू पर इज़राइली हवाई हमला हुआ. अल-शिफा अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के बाहर एक तंबू को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कुल सात लोगों की मौत हो गई. अल जज़ीरा ने इसी हमले में संवाददाता मोहम्मद क़ेरीकेह, कैमरा ऑपरेटर इब्राहिम ज़हेर, मोहम्मद नौफ़ल और मोआमेन अलीवा के साथ-साथ उनके असिस्टेंट मोहम्मद नौफ़ल की मौत की पुष्टि की है. इज़राइली सेना ने एक बयान जारी करते हुए अल-शरीफ पर हमास सेल का नेतृत्व करने का आरोप लगाया है.  इजरायल की सेना ने कहा, "अनस अल शरीफ हमास आतंकवादी संगठन में एक आतंकवादी सेल के प्रमुख के रूप में काम करता था और इजरायली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ रॉकेट हमलों को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार था." अनस अल-शरीफ़ कौन थे? अनस अल-शरीफ़ गाज़ा के एक जाने-माने पत्रकार थे, जिन्होंने अल जज़ीरा अरबी के लिए नॉर्थ स्ट्रिप से बड़े स्तर पर रिपोर्टिंग की थी. गाज़ा शहर स्थित अल-अक्सा यूनिवर्सिटी के मीडिया डिपार्टमेंट से ग्रेजुएट अनस अल-शरीफ की रिपोर्टिंग के लिए 2018 में फ़िलिस्तीन में उन्हें बेस्ट यंग जर्नलिस्ट अवार्ड मिला.  जुलाई में, इज़राइली सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अल-शरीफ़ पर हमास की सशस्त्र शाखा का सदस्य होने का आरोप लगाया गया था. वहीं, अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क ने इस दावे को खारिज कर दिया और इज़राइल पर पत्रकारों के खिलाफ 'उकसाने का अभियान' चलाने का आरोप लगाया. अल जज़ीरा ने कहा, "नेटवर्क इसकी कड़ी निंदा करता है. गाजा पर चल रहे इज़राइली युद्ध की कवरेज की शुरुआत से ही हमारे कर्मचारियों के खिलाफ लगातार उकसावे की कोशिश हो रही है. नेटवर्क इस उकसावे को इलाके में अपने पत्रकारों को निशाना बनाने को सही ठहराने का एक खतरनाक प्रयास मानता है." पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) ने पिछले महीने अद्राई की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अल-शरीफ़ की सुरक्षा का आह्वान किया था. सीपीजे की क्षेत्रीय निदेशक सारा कुदाह ने एक बयान में कहा, "यह पहली बार नहीं है, जब अल-शरीफ़ को इज़राइली सेना ने निशाना बनाया है, लेकिन अब उनकी जान को गंभीर ख़तरा है."

होंडा की पहली इलेक्ट्रिक बाइक में मिलेगा 500 सीसी जैसा दम, जानिए लॉन्च की खास तारीख

मुंबई  जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी होंडा ने हाल ही बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक स्कूटर 'Honda Activa e' को लॉन्च किया था. अब कंपनी ग्लोबल मार्केट में अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को पेश करने की तैयारी में है. कंपनी ने सोशल मीडिया पर अपनी इस नई इलेक्ट्रिक बाइक का एक टीजर भी जारी किया है. कैमोफ्लेज से कवर इस बाइक के लुक और डिज़ाइन की कुछ जानकारियां सामने आई हैं. 2 सितंबर को पेश होगी बाइक हालांकि अभी होंडा ने अपनी इस पहली बाइक के नाम का खुलासा नहीं किया है. लेकिन बताया जा रहा है कि कंपनी इसे आगामी 2 सितंबर को आधिकारिक तौर पर पेश करेगी. अभी इसकी तकनीकी जानकारियों का सामने आना बाकी है लेकिन ये बाइक संभवत: कंपनी के ईवी फन कॉन्सेप्ट मॉडल पर बेस्ड हो सकती है, जिसे कंपनी ने पिछले साल इटली के मिलान में आयोजित EICMA मोटरसाइकिल शो में शोकेस किया था. कैसी है बाइक?  होंडा द्वारा जारी किए गए टीज़र में मोटरसाइकिल के TFT डैशबोर्ड और LED DRL की झलक देखने को मिलती है. जिसका डिज़ाइन EV फन कॉन्सेप्ट से काफी मिलता-जुलता है. टीज़र में सामने आए अन्य डिज़ाइन डिटेल्स में LED टर्न इंडिकेटर्स, शार्प डिज़ाइन और छोटी टेल शामिल हैं, जो इसके स्पोर्टी डिज़ाइन की ओर इशारा करते हैं. मैकेनिकल पहलू की बात करें तो, बाइक में सिंगल-साइडेड स्विंगआर्म, अप-साइड-डाउन (USD) फ्रंट फोर्क्स और पिछले हिस्से में मोनोशॉक सस्पेंशन सिस्टम दिए गए हैं. इसके अलावा, बाइक में बड़े रियर डिस्क ब्रेक और पिरेली रोसो 3 टायरों से लैस 17-इंच के पहिये भी दिए गए हैं. इस टीजर के साथ    500 सीसी बाइक जैसी परफॉर्मेंस अगर यह इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल ईवी फन कॉन्सेप्ट का प्रोडक्शन वर्जन होगी, तो इसमें एक फिक्स्ड बैटरी सेटअप दिया जाएगा. जैसा कि ब्रांड ने पहले बताया था, यह 500 सीसी मोटरसाइकिल के बराबर होगी, इसलिए इसका परफॉर्मेंस भी लगभग वैसा ही होगा. अगर ऐसा है, तो इसमें राइडर एड फीचर्स और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी तकनीक भी शामिल हो सकती है, जिसमें राइड मोड्स, ट्रैक्शन कंट्रोल और भी बहुत कुछ दिया जा सकता है. पिछले साल EICMA में, होंडा ने घोषणा की थी कि EV फ़न कॉन्सेप्ट में कई मोटरसाइकिलों की तकनीकी को शामिल किया गया है. जो स्मूथ टर्निंग और ब्रेकिंग को बेहतर बनाती हैं. इस कॉन्सेप्ट में CCS2 क्विक चार्जर है, जो कारों में इस्तेमाल होने वाले चार्जिंग स्टैंडर्ड की ही तरह है. हालांकि अभी बाइक के रेंज के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन उम्मीद है कि कंपनी इसमें पावरफुल बैटरी पैक का इस्तेमाल करेगी जो इसे बेहतर ड्राइविंग रेंज देगा.

भारत में शराब की खपत में शीर्ष पर कौन सा राज्य?

रायपुर   भारत में शराब का सेवन लगातार बढ़ रहा है और हर साल इसकी खपत अरबों लीटर में पहुँच रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि आखिर कौन सा शहर शराब पीने के मामले में सबसे आगे है। छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाले लोग  ICRIER और लॉ कंसल्टिंग फर्म PLR Chambers की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का नाम सबसे ऊपर है। यहाँ कुल आबादी के लगभग 35.6% लोग शराब का सेवन करते हैं, जो एक महत्वपूर्ण आँकड़ा है। कोलकाता नहीं, दिल्ली है खपत में दूसरे नंबर पर जब बात सबसे ज्यादा शराब पीने वाले शहरों की आती है तो स्थिति थोड़ी अलग दिखती है। 2021 के एक सर्वे के अनुसार कोलकाता में शराब की खपत दर 32.9% थी। यह दर भारत के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अधिक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी शराब की खपत कोलकाता जितनी ही या उससे भी ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले पश्चिम बंगाल में लगभग 1.4 करोड़ लोग शराब पीते थे। प्रमुख शहरों में शराब की खपत के आँकड़े कोलकाता के बाद शराब की खपत के मामले में दिल्ली का नंबर आता है, जहाँ 31% लोग शराब का सेवन करते हैं। इस सूची में तीसरे स्थान पर चंडीगढ़ है, जहाँ 29.1% लोग शराब पीते हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शराब पीने वालों का आँकड़ा 28.1% है, वहीं लखनऊ में यह आँकड़ा 27.9% के आसपास है। भारत के आईटी हब बेंगलुरु में शराब पीने वालों की संख्या 27.3% है। अन्य शहरों में पुणे में 26.2% और भुवनेश्वर में 24.9% लोग शराब का सेवन करते हैं। यह आँकड़े बताते हैं कि भारत के शहरी क्षेत्रों में शराब का सेवन काफी व्यापक है, और इस पर और अध्ययन की आवश्यकता है ताकि इसके सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों को समझा जा सके।