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कक्षा से 20 मीटर दूर हुई हत्या: क्यों मारा आदित्य को, नाबालिगों ने बताई वजह

गाजीपुर गाजीपुर के सनबीम स्कूल महराजगंज में 10वीं के छात्र आदित्य वर्मा (15) की हत्या में नामजद दोनों छात्रों को मंगलवार को पुलिस ने पूछताछ के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपी छात्रों ने क्लास रूम से 20 मीटर दूर बाथरूम में वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। जांच में सामने आया है कि यह वारदात जूनियर-सीनियर छात्रों के बीच गुटबंदी के कारण हुई है। एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि आदित्य के पिता शिवजी वर्मा ने सनबीम स्कूल के कक्षा नौ के दो छात्रों पर हत्या और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। एएसपी सिटी ने बताया कि दोनों छात्रों से चाकू को छिपाकर स्कूल लाने के बारे में पूछा गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाथरूम जाने वाले छात्र-छात्राओं, उसके आसपास दिखे छात्रों से भी पूछताछ की। सनबीम स्कूल में छात्रों के बीच गुटबंदी अब तक की जांच में सामने आया है कि सनबीम स्कूल में छात्रों के बीच गुटबंदी है। हत्या में नामजद नाबालिग छात्र मनबढ़ हैं। बीते दिनों स्कूल में आते-जाते सीनियर छात्र आदित्य के एक साथी से जूनियर छात्र को धक्का लग गया था। पहले से खार खाए था मुख्य आरोपी और उसका नाबालिग दोस्त इसके बाद दोनों गुटों में 15 अगस्त और घटना वाले दिन भी विवाद हुआ था, जिसमें आदित्य वर्मा ने भी हस्तक्षेप किया था। पहले से खार खाए मुख्य आरोपी और उसके दूसरे नाबालिग दोस्त आदित्य को मारने के लिए चाकू स्कूल लेकर आए थे। शरीर पर चार जगह घाव एएसपी सिटी ने बताया कि पोस्टमार्टम में आदित्य के शरीर पर चार जगह घाव मिले। घाव से इस बात की पुष्टि हो रही है कि दोनों आरोपियों ने बेरहमी से आदित्य पर चाकू से वार किए थे। तीन किमी तक निकाला कैंडल मार्च सनबीम स्कूल महराजगंज के छात्र आदित्य की हत्या के बाद लोग शोक जता रहे हैं। नगर में मंगलवार को लोगों ने करीब तीन किमी तक कैंडल मार्च निकाला। देर शाम शहीद पार्क से कैंडल मार्च निकाला, जो यूसुफपुर बाजार, फाटक, फलमंडी, बैंक रोड, मशीनरी रोड, हाटा रोड़ होते हुए वापस शहीद पार्क पहुंचा। यहां शहीद स्तंभ पर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी। बिना पंजीकरण चल रहा मुख्य आरोपी के पिता का अस्पताल छात्र आदित्य की हत्या में मुख्य आरोपी का पिता बिना पंजीकरण के अस्पताल चलाता है। सीएमओ कार्यालय से महज दो किमी दूर आदर्श बाजार में उसका अस्पताल है। बड़ी बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं है। जिले में बिना पंजीयन संचालित हो रहे अस्पताल और क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई का सिर्फ स्वास्थ्य विभाग आश्वासन ही देता है। सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार उस क्षेत्र के सरकारी अस्पताल के अधीक्षक की जिम्मेदारी की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। कुछ वर्षों से हत्यारोपी का पिता आदर्श बाजार में निजी अस्पताल का संचालन कर रहा है। सीएमओ कार्यालय से दो किमी दूर पर है अस्पताल बोर्ड और मकान की दीवार पर क्लीनिक एंड हॉस्पिटल लिखा गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। इसकी जानकारी के लिए विभाग के जिम्मेदारों को रजिस्टर पलटने पड़े। सीएमओ डा. एसके पांडेय ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। जांच कर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को जल्द ही निर्देश दिया जाएगा। स्कूल में कक्षा 9 के छात्र ने किया साथी का कत्ल गाजीपुर की शहर कोतवाली इलाके के महराजगंज स्थित सनबीम स्कूल में सोमवार को कक्षा नौ के छात्र ने फल काटने वाले चाकू से हमला कर दसवीं के छात्र आदित्य वर्मा (15) को मार डाला। चाकूबाजी में आरोपी सहित तीन छात्र घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने वारदात स्थल से चाकू बरामद किया है। जो आरोपी छात्र पानी की बोतल में छिपाकर लाया था। पुलिस के साथ ही फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। कोतवाली पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को छात्रों के दो गुटों में विवाद हुआ था।

प्रशासन की मुहिम से पर्यावरण बचा, गणेश प्रतिमाओं में 50% कमी

खंडवा पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से इस साल जिला प्रशासन ने प्लॉस्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं को प्रतिबंधित करते हुए मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया है। प्रशासन की इस पहल से करीब 50 प्रतिशत पीओपी की प्रतिमाएं इस साल कम हो गई है। स्व सहायता समूह के माध्यम से मिट्टी की प्रतिमाएं भी प्रशासन ने तैयार कराई है। वहीं, कुछ मूर्तिकार परिवारों ने भी मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में करीब 38 हजार पीओपी की प्रतिमाओं का निर्माण रुकवाया गया है। हालांकि जो मूर्तिकार पहले से प्रतिमा बना चुके थे, उन्हें इस साल बिक्री के लिए छूट देने पर विचार चल रहा है। वहीं, ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों के माध्यम से प्रशासन ने करीब 20 हजार मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कराई है। ये प्रतिमाएं मिट्टी, गाय के गोबर से बनी और प्राकृतिक रंगों से सजाई गई है। इसमें गांधवा, छौगांवदेवी, जावर की महिला स्व सहायता समूह ने करीब 11 हजार मिट्टी की प्रमिताएं तैयार कर ली है। इन प्रतिमाओं की बिक्री कलेक्ट्रेट परिसर आउटलेट सहित नगर निगम चौराहा पर स्टॉल लगाकर की जाएगी। साथ ही शासकीय राशन दुकानों पर भी इसे बिक्री के लिए रखा जाएगा। होम डिलेवरी की भी दे रहे सुविधा कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटलेट से जिलेभर में ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा रही है। आजीविका मिशन के जिला समन्वयक आनंद शर्मा ने बताया कि इसके लिए मोबाइल नंबर जारी किए गए है। इन नंबर पर कॉल कर वॉटसएप पर प्रतिमाओं की तस्वीर बुलाकर देख सकते है। पसंद आने पर उसे ऑर्डर करने के बाद जिलेभर में कहीं भी उसकी डिलेवरी ले सकते है। प्रतिमा को अनब्रेकेबल पैकिंग में पैक कर दिया जाएगा, जिससे टूट-फूट की दिक्कत नहीं होगी। आस्था, पर्यावरण सुरक्षा के साथ रोजगार मिट्टी की प्रतिमाओं के निर्माण से जहां आस्था को बल मिल रहा है, वहीं पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। जिला प्रशासन की अपील है कि सभी लोग मिट्टी की प्रतिमाओं को खरीदकर स्थापना करें।- ऋषव गुप्ता, कलेक्टर  

ठाकरे ब्रदर्स के लिए हार, सोसाइटी चुनाव में साथ आने के बावजूद जीत नहीं मिली

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में करीब 20 साल बाद साथ आए ठाकरे ब्रदर्स को पहले ही चुनाव में बड़ा झटका लगा है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) की तरफ से समर्थित 'उत्कर्ष' पैनल को बेस्ट क्रेडिट सोसाइटी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. ठाकरे ब्रदर्स की ओर से समर्थित पैनल को 21 में से एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई है.  एक सीट भी नहीं जीत पाए ठाकरे ब्रदर्स बेस्ट सोसाइटी चुनाव के नतीजों में शशांक राव के पैनल ने 14 सीटें हासिल जीतीं, जबकि महायुति पैनल ने सात सीटें हासिल कीं, जिससे सहकारी समिति पर ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का नौ साल पुराना प्रभुत्व अब खत्म हो गया. ठाकरे ब्रदर्स के बीच गठबंधन के कारण इस चुनाव पर सभी की नजरें थीं. लेकिन नतीजे ने उनके संयुक्त राजनीतिक प्रभाव को एक बड़ा झटका दिया. शशांक राव का पैनल विनर के तौर पर उभरा, जबकि बीजेपी और सहयोगियों वाले महायुति गठबंधन ने सम्मानजनक हिस्सेदारी हासिल की. उत्कर्ष पैनल का खाता न खोल पाने से आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले ठाकरे गुट की प्रासंगिकता पर अब सवाल उठ खड़े हो गए हैं. चुनाव शशांक राव पैनल को 21 में से 14 सीटे, महायुति पैनल को सात सीटें हासिल हुईं, जबकि ठाकरे ब्रदर्स का उत्कर्ष पैनल अपना खाता भी नहीं खोल पाया है. काम नहीं आई एकजुटता उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की ओर से साल 2006 में शिवसेना से अलग होकर बनाई गई एमएनएस पार्टी ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी रही हैं. हालांकि, हाल के राजनीतिक बदलावों ने मुंबई के नगर निगम चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का मुकाबला करने के लिए एक संभावित गठबंधन की चर्चाओं को जन्म दिया है. बेस्ट चुनाव को उनकी संयुक्त रणनीति के लिए एक लिटमस टेस्ट के रूप में देखा गया, जिसका मकसद मराठी भाषी समुदायों और बेस्ट कर्मचारियों के बीच अपने बेस वोटबैंक का फायदा उठाना था. लेकिन यह हार उनके जनाधार को एकजुट करने में चुनौतियों का संकेत देती है और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए उनकी रणनीति को प्रभावित कर सकती है, जहां मुंबई के नगर निकाय पर कब्जा दांव पर है. शशांक राव पैनल का दबदबा शशांक राव मुंबई के एक प्रमुख ट्रेड यूनियन नेता हैं, जिन्हें बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (BEST) कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले बेस्ट वर्कर्स यूनियन के प्रमुख के रूप में उनकी प्रभावशाली भूमिका के लिए जाना जाता है. अनुभवी यूनियन नेता शरद राव के बेटे होने के नाते, शशांक ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया है और बेस्ट कर्मचारियों, ऑटो-रिक्शा चालकों और अन्य श्रमिक समूहों के अधिकारों की वकालत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की शिकायतों का समाधान करना है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस की तरफ से समर्थित 'उत्कर्ष' पैनल को एक बड़ा झटका लगा है, और वह बेस्ट सोसाइटी के चुनावों में एक भी सीट जीतने में असफल रहा, जिसमें 21 उम्मीदवार थे. यह हार ठाकरे ब्रदर्स के अप्रत्याशित गठबंधन के लिए एक बहुत बड़ा सबक है और इससे मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले उनकी संयुक्त रणनीति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जहां उनका मकसद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को चुनौती देना है.

केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत सेवा शुरू होने को तैयार

जयपुर बीकानेरवासियों के लिए दिल्ली से बड़ी खुशखबरी आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली–बीकानेर वंदे भारत रेल सेवा को आखिरकार केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। बीकानेर के सांसद एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के लगातार प्रयासों और मांग के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन के परिचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्री वैष्णव ने केंद्रीय मंत्री मेघवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी। पत्र में कहा गया है कि यात्रियों की सुविधा, तेज गति और आधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रेन सेवा के रूप में दिल्ली से बीकानेर वंदे भारत एक्सप्रेस को स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्नदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास यात्रा में गति लाने के साथ-साथ आमजन की सुविधा को भी प्राथमिकता देती हैं। मेघवाल ने कहा कि बीकानेरवासियों के लिए यह सौगात अभूतपूर्व है। अब आम नागरिक से लेकर व्यापारी वर्ग तक सभी को दिल्ली तक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर बीकानेर वासियों को हार्दिक बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। नई वंदे भारत ट्रेन की स्वीकृति पर बीकानेर भाजपा नेताओं ने भी केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। आभार व्यक्त करने वालों में भाजपा नेता सत्यप्रकाश आचार्य, जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, सुमन छाजेड़, विजय आचार्य, मोहन सुराणा, अशोक प्रजापत, मनीष सोनी, पंकज अग्रवाल और दौलत सारण शामिल रहे। बीकानेरवासियों का कहना है कि यह ट्रेन सेवा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल बीकानेर और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटेगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस: खेलो भारत मिशन के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन

रायपुर : खेलो भारत मिशन के तहत राष्ट्रीय खेल दिवस पर होगा विविध कार्यक्रम का आयोजन रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस: खेलो भारत मिशन के तहत रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन खेलो भारत मिशन: 29 अगस्त को होगा शुभारंभ, 31 अगस्त को होगा संडे ऑन साईकल रायपुर राष्ट्रीय खेल दिवस 29 से 31अगस्त तक पूरे देश में खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। खेलो भारत मिशन के अंतर्गत यह आयोजन खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने और ओलंपिक 2036 की तैयारियों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस संबंध में आज केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के खेल मंत्रियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।       राष्ट्रीय स्तर पर सभी स्कूल, कॉलेज और बड़े स्टेडियम में खेल गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि इस खेल महोत्सव के जरिए खेल भावना का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ खेल भावना को जगाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में ठोस कदम है।      राज्य के सभी जिलों में 29 से 31 अगस्त तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। संडे ऑन साईकल अभियान चलाया जाएगा, जिसमें आम नागरिक और खिलाड़ी एक घंटे खेल मैदान या साइकिल गतिविधि में शामिल होंगे। खेल आयोजन के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। जिला मुख्यालय स्तर पर बड़े आयोजन होंगे, जिनमें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय खिलाड़ियों की उपस्थिति रहेगी। समन्वय एवं मॉनिटरिंग के लिए फिट इंडिया पोर्टल  पर रिपोर्टिंग की व्यवस्था होगी। खेल कार्यक्रम 29 अगस्त की सुबह 7: 30 बजे हॉकी जादूगर ध्यानचंद जी को श्रद्धांजलि से प्रारंभ होगी। इसके साथ ही शपथ दिलाई जाएगी और खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ होगा।    इसी तरह 30 अगस्त को स्पिरिट ऑफ सप्पोर्टस थीम पर सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भारत ने 2036 ओलंपिक के आयोजन को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए स्पोर्ट्स फेडरेशन और ओलंपिक एसोसिएशन को सशक्त किया जाएगा। खेलो इंडिया सेंटर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वन कॉर्पाेरेट वन स्पोर्ट्स मॉडल लागू किया जाएगा। खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म

रायपुर : बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल तेज, कलेक्टर ने विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश रायपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा को मूर्त रूप देने और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्रामों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छीरपानी मध्यम जलाशय पर आधारित नई जल प्रदाय योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना से दलदली ग्राम सहित 20 से 30 गांवों और बैगा बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर वर्मा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण करें और विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि कौन-कौन से गांव योजना से जुड़ेंगे और उनकी पेयजल आपूर्ति कैसे सुनिश्चित होगी। बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छीरपानी मध्यम जलाशय में हर साल पर्याप्त जल भराव होता है और इसकी जल आवक भी पर्याप्त है, सिंचाई कार्य के बाद भी पेयजल के लिए आपूति की जा सकती है। यही कारण है कि यहां से दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति संभव है। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को भी तकनीकी परीक्षण और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। दलदली प्रवास से शुरू हुई पहल, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन से चार माह पहले सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के अंतिम ग्राम दलदली का दौरा किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें प्रमुखता से पेयजल संकट की समस्या से अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानीय कनाई नाला से जल प्रदाय योजना की घोषणा की थी। हालाँकि, जिला प्रशासन और विभागीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कनाई नाला में केवल बरसात के मौसम में ही पानी रहता है। ग्रीष्मकाल में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो जाता है, जिससे नियमित और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। यही कारण रहा कि कलेक्टर वर्मा ने मुख्यमंत्री की घोषणा को व्यवहारिक रूप देने और स्थायी समाधान के लिए छीरपानी जलाशय पर आधारित नई योजना बनाने का निर्णय लिया। 65 ग्रामों के लिए 118.06 करोड़ की योजना प्रस्तावित बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उपमुख्यंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासो से राज्य शासन को कुसुमघटा, बैजलपुर और राजा नवागांव सहित बोड़ला विकासखंड के 65 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिए 118.06 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना प्रस्तावित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्तमान में स्वीकृति की अंतिम चरणों में है। इस योजना के लागू होने पर पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिलेगी। कलेक्टर ने अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में कलेक्टर वर्मा ने पेयजल योजनाओं के साथ-साथ जिले की अन्य प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की। इनमें प्रमुख रूप से महतारी सदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर पंचायतों के अधोसंरचना मद से स्वीकृत निर्माण कार्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रारंभ और अप्रारंभ कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देश पर 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले रजत जयंती वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा का गहन मूल्यांकन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, डिप्टी कलेक्टर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।

अम्बिकापुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धरमजयगढ़ में 100 बिस्तर अस्पताल स्थापित करेगा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन

रायपुर : प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित अम्बिकापुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धरमजयगढ़ में 100 बिस्तर अस्पताल स्थापित करेगा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप और 2500 शिशुगृह संचालित करने फाउंडेशन की योजना रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के विषय में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत निजी क्षेत्र की सहभागिता से सरकार के कार्यों को बल मिलेगा। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित किया गया।  बैठक में मुख्यमंत्री साय को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य, क्रेच(शिशुगृह),आजीविका विकास सहित अन्य क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों के विषय में पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बेहार ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा विगत 15 वर्षों से छत्तीसगढ़ में समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 9 जिलों में फाउंडेशन द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।  मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों  ने छत्तीसगढ़ में फाउंडेशन की भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा अम्बिकापुर में 200-300 बिस्तर का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धर्मजयगढ़ में 100 बिस्तर का सर्व सुविधायुक्त अस्पताल की योजना है। इन अस्पतालों में अस्सी प्रतिशत प्रतिशत मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसका सीधा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।  मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शासकीय विद्यालयों से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई करने वाली 20 हजार बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इसके तहत बालिकाओं की ट्यूशन फीस के साथ अन्य खर्चों के लिए प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने स्कॉलरशिप देने की योजना की सराहना की।  बैठक में मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य संस्थागत रूप से किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 6 महीने से 3 साल तक के छोटे बच्चों के लिए राज्य में 400 क्रश (शिशुगृह) संचालित हैं। सभी क्रश में बच्चों को दिन में 3 बार भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। फाउंडेशन की योजना प्रदेश में क्रेच की संख्या को बढ़ाकर 2500 से 3000 क्रेच तक करने की है। मुख्यमंत्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्रश के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित परिवेश में शिक्षा और पोषण मिलेगा। मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने आजीविका विकास के लिए किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन धरमजयगढ़ के 42 गांवों में बागवानी,कृषि, पशुपालन सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य द्वारा लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। भविष्य में इस कार्य को गति देते हुए फाउंडेशन अन्य जिलों में भी आजीविका विकास के कार्य करेगा।  बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कटारिया, सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉ एस भारतीदासन, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति पद का नामांकन दाखिल, सीपी राधाकृष्णन के साथ पीएम मोदी भी बने प्रस्तावक

 नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। वह उनके पहले प्रस्तावक बने। निर्वाचन अधिकारी को नामांकन पत्रों के चार सेट सौंपे गए।इस दौरान भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी संसद भवन पहुंचे और राधाकृष्णन के साथ मौजूद रहे। इस दौरान एकजुटता दिखाने की कोशिश की गई। सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। जेडीयू से ललन सिंह और संजय झा, लोजपा (रामविलास) से चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के अलावा और भी कई नेता मौजूद थे। सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं। वे दो बार कोयंबटूर से सांसद रह चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के लंबे समय से सक्रिय सदस्य रहे हैं। वह महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। अपना नामांकन दाखिल करने से पहले संसद परिसर में स्थित प्रेरणा स्थल जा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रेरणा स्थल में प्रतिष्ठित हस्तियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन के अन्य नेता भी मौजूद थे। उन्होंने सबसे पहले महात्मा गांधी की विशाल प्रतिमा के समक्ष नमन किया और फिर अन्य प्रसिद्ध हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपरराष्ट्रपति के चुनाव में संसद में संख्याबल के हिसाब से राधाकृष्णन का चुना जाना निश्चित माना जा रहा है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों का संयुक्त उम्मीदवार बनाया है।

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य स्तरीय एकलव्य स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एकलव्य स्कूलों के राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य स्तरीय एकलव्य स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का किया उद्घाटन एकलव्य स्कूलों की खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा 19 अगस्त और 20 अगस्त को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं भाग ले रहे हैं। विधायक धरम लाल कौशिक ने प्रतियोगिता के शुभारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता की।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'खेलो इंडिया' के तहत पूरे देश में खेल के लिए जो माहौल बनाया है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में खिलाड़ियों को जो सुविधाएं मिल रही हैं, उससे पूरे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। हमने फिर से खेल अलंकरण शुरू किया है जिससे हमारे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है। साव ने खिलाड़ियों से कहा कि आप लोग जिस लगन के साथ खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, निश्चित रूप से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार आपको हरसंभव सुविधाएं मुहैया कराएगी। आपको खूब खेलना है, खूब पढ़ना है और खूब आगे बढ़ना है।  शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में तो सभी अपना पराक्रम दिखाते हैं। विपरीत परिस्थितियों से जो लड़कर जीतता है वही सच्चा खिलाड़ी होता है। आपके अंदर जो जज्बा मुझे दिखाई दे रहा है वह एक सच्चे खिलाड़ी का जज्बा है और इस जज्बे को हमेशा बनाए रखिए। खेल के क्षेत्र में अपना, अपने परिवार का, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।  एकलव्य विद्यालयों की इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज, जूडो, टेनिस, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, योग, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हैंडबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो और वालीबॉल की स्पर्धाएं होंगी। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आवासीय विद्यालयों से लगभग 1500 प्रतिभागी, 250 प्रशिक्षक एवं शिक्षक इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, सीईओ संदीप अग्रवाल और आदिम जाति कल्याण विभाग के अपर संचालक तारकेश्वर देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।