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गणेश उत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री गणेश चतुर्थी पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्री सिद्धि विनायक से प्रदेश के नागरिकों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि गजानन की कृपा से सभी नागरिक सुखमय और आनंद पूर्वक जीवन बिताएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश प्रतिमाओं के निर्माण और झांकियों की साज-सज्जा में स्वदेशी के उपयोग की अपेक्षा भी नागरिकों से की है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष श्री गणेश उत्सव में स्वदेशी के उपयोग पर जोर दिया गया है। इस दिशा में सामाजिक स्तर पर भी जागृति देखी जा रही है।    

श्री महाकालेश्वर उज्जैन से इंदौर तक मेट्रो सेवा का ऐलान, पीथमपुर भी जुड़ेगा

भोपाल भोपाल व इंदौर के बाद बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी मेट्रो दौड़ेगी। श्री महाकालेश्वर से इंदौर और पीथमपुर तक मेट्रो रेल चलाई जाएगी। इन तीन शहरों के बीच 84 किलोमीटर का सफर मेट्रो से हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव में श्री महाकालेश्वर, उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरीडोर के लिए डीपीआर बनाने के लिए परामर्श शुल्क की वित्तीय स्वीकृति दी गई। मेट्रो सिंहस्थ के बाद ही चल पाएगी उज्जैन-पीथमपुर तक मेट्रो चलाने के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसीएल) को दिया गया है। सर्वे का काम सिंहस्थ तक हो जाएगा लेकिन मेट्रो सिंहस्थ के बाद ही चल पाएगी। उज्जैन -इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्री महाकालेश्वर उज्जैन- लवकुश चौराहा इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा इंदौर से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाई जा रही है।   नौ लाख रुपये प्रति किमी की दर पर बनेगी DPR महाराष्ट्र व ओडिशा में मेट्रो की डीपीआर बनाने का काम 12 लाख प्रति किमी पर दिया गया है, लेकिन मप्र में यह काम नौ लाख रुपये प्रति किमी की दर पर किया जाएगा। अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने का कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है। देश की सबसे अनुभवी दिल्ली मेट्रो शासकीय कंपनी है। डीपीआर बनाने का कार्य प्रक्रियाधीन वर्तमान में प्रथम चरण के प्रथम भाग की डीपीआर बनाने का कार्य प्रक्रियाधीन है। उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण पर डीपीआर के लिए 4.23 करोड़ रुपये साथ में जीएसटी का व्यय होगा। द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा, इंदौर से पीथमपुर पर डीपीआर के लिए 3.51 करोड़ रुपये व जीएसटी का व्यय होगा।  

वंदे भारत एक्सप्रेस का नया मार्ग, लखनऊ तक के रास्ते में अब ये स्टेशन्स होंगे शामिल

नई दिल्ली लखनऊ तक चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस अब अयोध्या होते हुए वाराणसी तक जाएगी। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन के संचालन की घोषणा एक माह पूर्व की गई थी। बावजूद इसके, शुरुआती छह दिनों में चेयर कार की लगभग 200 सीटें खाली हैं। वहीं, एग्जिक्यूटिव श्रेणी में 29 अगस्त को सभी सीटें बुक हो चुकी हैं, लेकिन अन्य दिनों में 25 से अधिक सीटें खाली हैं। मेरठ से वाराणसी का किराया रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के प्रति यात्रियों का अपेक्षित रुझान न मिलने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। चेयर कार में 440 और एग्जिक्यूटिव श्रेणी में 52 सीटें हैं। मेरठ से वाराणसी तक किराया क्रमशः 1915 और 3525 रुपये है, जिसमें खानपान का खर्च भी शामिल है।   क्या है यात्रियों की समस्या? यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का टाइम टेबल इसकी सबसे बड़ी समस्या है। वर्तमान में यह दिन में 782 किलोमीटर की दूरी 11 घंटे 50 मिनट में तय करती है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली इस ट्रेन को लखनऊ और मेरठ आउटर पर प्लेटफार्म उपलब्ध न होने के कारण रोकना पड़ता है। यात्रियों की मांग है कि इसे रात में चलाया जाए और स्लीपर जैसी सोने की सुविधा दी जाए, ताकि सुबह तक गंतव्य पहुंचना संभव हो सके।

हरियाणा कैबिनेट की बैठक 28 अगस्त को, कई बड़े फैसलों पर लगेगी मुहर

चंडीगढ़  हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आगामी 28 अगस्त को सुबह 11 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ की चौथी मंजिल पर आयोजित की जाएगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार कई अहम मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याण योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को लेकर बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान राज्य में चल रही वर्तमान योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और नई योजनाओं को मंजूरी मिलने की भी संभावना है। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के मद्देनजर यह बैठक और भी अहम मानी जा रही है। सभी मंत्रीगण बैठक में मौजूद रहेंगे और अपने-अपने विभागों से जुड़े प्रस्तावों, चुनौतियों और उपलब्धियों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।  बैठक में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा विकास जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह सरकार का पहला कार्यकाल है और ऐसी बैठकें उनकी कार्यशैली, नीतिगत प्राथमिकताओं और सुशासन के दृष्टिकोण को उजागर करेंगी।

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- उपार्जन केन्द्रों पर पारदर्शिता अनिवार्य, किसानों के हितों से नही होगा समझौता

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) की समर्थन मूल्य पर खरीदी की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं कि जायेगी। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। श्री राजपूत ने मंगलवार को मंत्रालय में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) उपार्जन तैयारियों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि खरीदी कार्य की तैयारियों में कोई ढिलाई न बरती जाये। उन्होंने सभी उपार्जन केन्द्रों पर सतत् निगरानी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये। श्री राजपूत ने कहा कि किसी भी उपार्जन केन्द्र पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की किंचित भी शिकायत बर्दाश्त नहीं कि जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा के सभी इंतजाम किये जायें, ताकि किसानों को कतारों में खड़े न रहना पड़े और तौल एवं भुगतान प्रक्रिया सरल और तेज रहे। खाद्य मंत्री ने निर्देश दिये कि किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाये। बैठक में उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्थाओं, परिवहन, भंडारण और भुगतान की समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री राजपूत ने निर्देश दिये कि विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर मूँग एवं उड़द की खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों में कराई गई जांच की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं को लेकर संबंधित खरीदी केन्द्रों और अधिकारियों की जबाहदेही तय की जायेगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी, गुणवत्ता परीक्षण में लापरवाही या किसानों को भुगतान जैसी शिकायतों पर कठोर कदम उठाये जाएंगे। खाद्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जिन केन्द्रों में अनियमितता सामने आई है उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी भविष्य में खरीदी केन्द्रों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जायेगा, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न उठाना पड़ें। 

धांधली का पर्दाफाश: लाड़ली बहना योजना में आवेदन बंद होने के बाद भी जुड़ गए हजारों नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की ओर से संचालित कई योजनाओं में लाड़ली बहना एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें जरूरत की चीजों के लिए सक्षम बनाना है। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद के रूप में समय समय पर निर्धारित राशि प्रदान की जाती है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की लगभग सवा करोड़ महिलाएं योजना का लाभ ले रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के आकड़ों के अनुसार, लाड़ली बहना योजना में महिलाओं की संख्या में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। कुछ महीनों में योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ जाती है तो कुछ महीनों में घट जाती है। आवेदन बंद, तब भी बढ़ गई संख्या योजना के लाभार्थियों की संख्या में उतार-चढ़ाव एक जटिल समस्या बनी हुई है। सरकार ने सितंबर 2023 से नए आवेदन लेने बंद कर दिए हैं, बावजूद इसके पिछले दो महीनों के दौरान 42 हजार नई महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं। वहीं, जनवरी 2025 में ये संख्या अचानक घटकर 1.52 लाख कम हुई थी। ये हैं आंकड़े सितंबर 2023 में योजना से 6 लाख नए नाम जोड़े गए थे। इसके बाद ये उम्मीद जताई जा रही थी कि, लाभार्थियों की संख्या स्थिर हो जाएगी। लेकिन, जनवरी 2025 में ये संख्या घटकर 1 करोड़ 26 लाख 74 हजार 282 हो गई। फरवरी और मार्च में इस संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन जून 2025 ये संख्या बढ़कर 1 करोड़ 26 लाख 47 हजार 784 हो गई तो वहीं अगस्त 2025 में ये संख्या बढ़कर 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार हो गई। इस हिसाब से सिर्फ दो माह के भीतर योजना में करीब 42 हजार महिलाओं के नाम जोड़े गए हैं। ऐसे में योजना में धांधली की संभावनाएं प्रबल हो रही हैं। योजना में महिलाओं के नाम घटने और बढ़ने के कारण -आधार और बैंक खाता लिंक न होना बहुत सी महिलाओं के आधार और बैंक खाते लिंक नहीं होते, जिसके कारण उनकी भुगतान प्रक्रिया अटक जाती है। लेकिन, जब ये आदार बैंक से लिंक हो जाते हैं, प्रक्रिया दोबारा शुरु हो जाती है। -खुद योजना से बाहर हो जाना कुछ महिलाएं अपनी स्वेच्छा से योजना से बाहर हो जाती हैं। -पात्रता की जांच कुछ महिलाओं की पात्रता की दोबारा जांच की जाती है, जिसके बाद उनके नाम अपात्र होने के चलते कट सकते हैं। -आपत्ति निराकरण समितियों के फैसले स्थानीय स्तर पर आपत्ति निराकरण समितियों के निर्णयों का भी इस पर प्रभाव पड़ता है। -खाते की सक्रियता या मृत्यु कुछ महिलाओं के बैंक खाते निष्क्रिय हो जाते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है, जिससे उनका नाम योजना से हटा दिया जाता है। पिछले वर्षों का तुलनात्मक आंकड़ा जून 2023 में इस योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 24 लाख 42 हजार 587 महिलाओं को कुल 1203.62 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। लेकिन, जून 2025 तक, इस संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ भुगतान राशि भी बढ़कर 1544.05 करोड़ रुपए पहुंच गई है। लाभार्थियों की संख्या में उतार-चढ़ाव महिला एवं बाल विकास विभाग के पेश किए गए आकड़ों में ये देखा गया कि दिसंबर के बाद, जनवरी में लाभार्थियों की संख्या घटने का पैटर्न सामने आया है। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2023 में 1 करोड़ 30 लाख 33 हजार 803 महिलाएं योजना से जुड़ी थीं, लेकिन जनवरी 2024 में यह घटकर 1 करोड़ 28 लाख 75 हजार 738 हो गई। इसी तरह, दिसंबर 2024 में लाभार्थियों की संख्या 1 करोड़ 28 लाख 26 हजार 571 थी, जो जनवरी 2025 में घटकर 1 करोड़ 26 लाख 74 हजार 282 हो गई। लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण करना और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस योजना में 21 से 59 वर्ष की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए की सहायता मिलती है। वित्त वर्ष 2025-26 तक इस योजना पर कुल 6198.88 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जो महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान में एक अहम कदम है। पात्रता और आवेदन प्रक्रिया लाड़ली बहना योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो मध्य प्रदेश की निवासी हैं। साथ ही, उनके परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता या सरकारी कर्मचारी न हो। योजना का लाभ विवाहित, तलाकशुदा, या विधवा महिला को दिया जाता है। यहां से प्राप्त करें सहायता अगर किसी महिला को योजना से संबंधित कोई समस्या हो या सहायता राशि न मिल रही हो, तो वह 0755 2700800 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकती है। इसके अलावा, वे लाडली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर भी जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

भोपाल मेट्रो को मिलेगी हाईटेक सुरक्षा, SAF जवानों की होगी तैनाती

भोपाल   मेट्रो ट्रेन के स्टेशन से लेकर पूरे प्रोजेक्ट की सुरक्षा में अब आपको स्पेशल आर्म्ड फोर्स यानी एसएएफ के जवान नजर आएंगे। प्रदेश सरकार मेट्रो की सुरक्षा के लिए एसएएफ की विशेष कंपनी गठित करने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। इससे इंदौर और भोपाल मेट्रो में यात्रियों और स्टेशनों की सुरक्षा अब इसी एसएएफ के हाथों में होगी। इसके लिए 40 से 45 वर्ष आयु वर्ग के निरीक्षक से लेकर आरक्षक स्तर तक के एसएएफ अधिकारियों और जवानों को रखा जाएगा। हालांकि अभी रिटायर्ड आर्मी मैन और सुरक्षा के लिए युवकों को मिलाकर एक व्यवस्था बनी हुई है। जब तक कंपनी का गठन नहीं होता और एसएएफ की कंपनी नहीं मिलती, जब तक मौजूदा व्यवस्था से ही सुरक्षा की जाएगी। सीएमआरएस निरीक्षण की तैयारी इस समय भोपाल में मेट्रो रेल प्रबंधन से जुड़े तमाम अफसर- इंजीनियर कमिश्रर मेट्रो रेल सेफ्टी की जांच की तैयारियों में लगे हुए हैं। एम्स से अलकापुरी और डीआरएम मेट्रो स्टेशन पर काम काफी बाकी है। सितंबर तक 6.22 किमी का काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया हुआ है। एमडी चैतन्य एस कृष्णा लगभग रोजाना इसे लेकर समीक्षा कर रहे हैं। हर सेगमेंट पर एक अफसर को काम पर लगाया हुआ है। अक्टूबर में सीएमआरएस के निरीक्षण की उम्मीद है। लखनऊ से आई आरडीएसओ की टीम ने भोपाल मेट्रो को 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पर दौड़ाकर परीक्षण किया। मेट्रो का विस्तार होगा मध्यप्रदेश में मेट्रों का विस्तार होगा। ये अतिरिक्त शहरों और उज्जैन जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों को जोड़ने के लिए भी चलाई जा सकती हैं तो बिजली पैदा करने के लिए नए थर्मल पावर प्लांट व उनकी यूनिटें स्थापित की जा सकती हैं। ऐसे प्रस्तावों को मंगलवार होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाना है। सबकुछ ठीक रहा तो इन्हें मंजूरी भी मिल सकती है।

सरकारी राशन में गड़बड़ी, मध्यप्रदेश के एक जिले में 21 हजार लोगों ने फ्री राशन का गलत फायदा उठाया

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक अजब-गजब मामला सामने आया है. प्रशासन की जांच में सैकड़ों ऐसे लोग सामने आए हैं जो बीपीएल कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं, फिर भी वर्षों से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) कार्ड बनवाकर इसका लाभ ले रहे थे. सरकार की जांच में पता चला कि ये लोग गरीबों का राशन लेते हुए आलीशान मकानों में रहते हैं, नौकरीपेशा हैं या बिजनेसमैन हैं. गुना और छतरपुर में ऐसे लोगों की पहचान कर स्थानीय प्रशासन अब इन्हें अपात्र घोषित कर रहा है. सबसे पहले गुना की बात करें, जो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का संसदीय क्षेत्र है. गुना जिले में 1404 ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है जो लखपति होने के बावजूद मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं. जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से अधिकांश हितग्राहियों के परिजन आर्थिक रूप से समृद्ध हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में वे गरीब बने हुए हैं. इनमें से कुछ लोग कंपनियों में डायरेक्टर जैसे बड़े पदों पर हैं, परिवार की सालाना आय 6 लाख से अधिक है, तीन मंजिला मकान हैं, और उनके नाम पर फर्म रजिस्टर्ड है, फिर भी कागजों में वे गरीब हैं. केस स्टडी-1 गुना के वार्ड नंबर 18 की दुकान से सरकारी राशन लेने वाली अनीता जैन ने बताया कि उनके परिवार में 3 सदस्य हैं. पहले वे राशन लेते थे, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसे बंद कर दिया है. उनके पति विजय जैन अनाज का व्यापार करते हैं और कृषि मंडी में उनकी दुकान है.   जैन परिवार अनाज व्यापारी है, जिसका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है. विजय जैन ने बताया कि पहले उनकी आर्थिक स्थिति खराब थी. परिवार में 4 सदस्य हैं और वे मंडी में अनाज का व्यापार करते हैं. उनकी पत्नी अनीता जैन के नाम से राशन लिया जाता था, लेकिन अब नहीं लेते.   नीलम जैन, गुना चाचौड़ा निवासी मुकेश जैन का भी कारोबार है, जिनकी सालाना आय 25 लाख से अधिक है और वे GST भी भरते हैं. परिवार में चार सदस्य हैं, फिर भी वे बीपीएल राशन कार्ड से सरकारी दुकान से गेहूं, चावल और नमक लेते हैं.   राघौगढ़ के अहीरखेड़ी निवासी भगवानलाल भी जीएसटी भरते हैं और परिवार में 6 सदस्य हैं. वे सरकारी राशन दुकान से चावल और गेहूं लेते हैं. 11 जून को गीता बाई ने तीन महीने के राशन में प्रति माह 2 किलो गेहूं और 3-3 किलो चावल लिया. परिवार के अन्य सदस्य दीवान सिंह ने 26 जून को तीन महीने का 8-8 किलो गेहूं और 12-12 किलो चावल लिया.   बमोरी के धर्मेंद्र लोधी के परिवार में पांच सदस्य हैं. व्यापार के कारण उनकी आमदनी 6 लाख से अधिक है, लेकिन हितग्राही जानकी बाई ने बायोमेट्रिक सिस्टम से 8-8 किलो गेहूं और 12-12 किलो चावल लिया. उनका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये है. गुना के जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पांडे ने बताया कि शासन से 1404 संदिग्ध हितग्राहियों की सूची प्राप्त हुई थी. लाखों रुपये के टर्नओवर के बावजूद मुफ्त राशन लेने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे जवाब मांगा गया है. जवाब मिलने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनके नाम बीपीएल सूची से हटाए जाएंगे. लेकिन गुना अकेला शहर नहीं है जहां अमीर लोग बीपीएल कार्ड के लिए खुद को गरीब बता रहे हैं. बुंदेलखंड के छतरपुर में भी प्रशासन ने ऐसे लोगों को चिह्नित किया है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, लेकिन सरकारी कागजों में गरीब हैं. छतरपुर जिले में खाद्य विभाग ने 21 हजार अपात्र लोगों को नोटिस भेजा है, जिनमें कई सरकारी कर्मचारी और शिक्षक शामिल हैं.   केस स्टडी-2 छतरपुर के प्राथमिक शाला कछयान पुरवा के शिक्षक रामप्रताप चतुर्वेदी से पूछा कि वे सरकारी राशन ले रहे थे और खाद्य विभाग ने उन्हें नोटिस भेजा है, तो कैमरा और सवाल सुनते ही शिक्षक कुर्सी छोड़कर भाग गए और बोले, ''हमें कुछ नहीं बताना.''  रामप्रताप चतुर्वेदी, शासकीय शिक्षक, छतरपुर जांच में पता चला कि कई सरकारी शिक्षकों ने झूठ बोला कि उन्होंने राशन लेने से इनकार का आवेदन पहले ही जमा कर दिया था, लेकिन उनका नाम नहीं हटा. हालांकि, खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेज दिखाए, जिनमें शिक्षक लखनलाल सेन और रामप्रताप चतुर्वेदी ने हाल तक सरकारी राशन लिया और उनके अंगूठे के निशान बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज हैं. खाद्य अधिकारी सीताराम कोठारे ने कहा कि राशन पर्ची निरस्त होगी और लगातार राशन ले रहे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.   नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सरकार को घेरा कांग्रेस ने इस मामले में सवाल उठाए. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार के पास शायद ऐसा मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है जो रसूखदारों को बीपीएल डेटा से छांट सके. उन्होंने कहा कि अमीरों द्वारा बीपीएल कार्ड बनवाना दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार को तुरंत इसकी जांच करनी चाहिए.   गरीब का अन्न चुराना सबसे बड़ा गुनाह: सिंधिया वहीं, सरकार ने भी अपना पक्ष रखा. केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हैरानी जताते हुए कहा कि गरीब का अन्न चुराना सबसे बड़ा गुनाह है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी. कार्ड निरस्त किए जाएंगे: मंत्री विश्वास सारंग मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कोई भी अपात्र बीपीएल कार्ड धारक हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और कार्ड निरस्त किए जाएंगे.   बहराहल, सरकार की जांच से हकीकत सामने आई है, लेकिन अब देखना यह है कि क्या कड़ी कार्रवाई होगी या 'लखपति गरीबों' की यह फौज गरीबों का हक मारकर बच निकलेगी.

वाहन मालिकों के लिए ज़रूरी खबर: मोबाइल नंबर अपडेट करने का अभियान शुरू, सारथी पोर्टल पर मिलेगी सुविधा

परिवहन विभाग द्वारा वाहन रजिस्ट्रेशन के डेटाबेस में मोबाइल नम्बर अपडेशन के लिये अभियान, सारथी पोर्टल पर दी गई है लिंक भोपाल  प्रदेश में वाहन के पंजीयन और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करते वक्त आवेदक को अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करना अनिवार्य होता है। कई बार वाहन स्वामी की जगह डीलर अपना मोबाइल नम्बर दर्ज करा देते हैं। वाहन स्वामी और डीलर द्वारा सही मोबाइल नम्बर दर्ज कराने के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा मोबाइल नम्बर कुछ वर्षों बाद परिवर्तित कर देने के कारण डेटाबेस में संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं रह पाता है। मोबाइल नम्बर अपडेट करने के लिये इन दिनों परिवहन विभाग द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। वाहन स्वामी अथवा डीलर नेशनल इंफोर्मेशन सेन्टर (एनआईसी) के वाहन सारथी पोर्टल पर जाकर स्वयं ही आसानी से मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। वाहन सारथी पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से मोबाइल नम्बर अपडेट करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। आधार में दर्ज आवेदक और उसके अभिभावक के नाम का वाहन पंजीयन और ड्रायविंग लायसेंस के डेटाबेस में दर्ज नाम से शत-प्रतिशत मिलान होने पर डेटाबेस में मोबाइल नम्बर तत्काल अपडेट हो जाता है। आधार पंजीयन और ड्राइविंग लायसेंस के डेटाबेस में दर्ज नाम में भिन्नता पाई जाती है, तो आवेदक को पोर्टल पर अपना कोई दूसरा परिचय पत्र जैसे आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और पासपोर्ट अपलोड करना पड़ता है। आरटीओ कार्यालय द्वारा दर्ज दस्तावेज और आधार से आवेदक और उसके अभिभावक के नाम का पंजीयन और ड्राइविंग लायसेंस में दर्ज नाम का सत्यापन किया जाता है। अप्रूवल के बाद मोबाइल नंबर डेटाबेस में अपडेट हो जाता है। अपडेड प्रक्रिया को विस्तृत रूप से स्क्रीन शॉट के माध्यम से समझाने के लिए मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के पोर्टल के होमपेज पर लिंक उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में वाहन रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लायसेंस संबंधी समस्त सेवाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे है। डेटाबेस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर आवेदक को अपना सत्यापन कराना होता है। मोबाइल नंबर डेटाबेस पर उपलब्ध न होने पर कई बार आवेदक इन सेवाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। संबंधित वाहन के विरूद्ध अन्य प्रणालियों से चालान जारी होने पर डेटाबेस पर सही नंबर न होने के कारण कई बार वाहन स्वामियों को चालान के संबंध में जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती है। चालान का भुगतान लंबित होने पर ऐसे व्यक्तियों को परिवहन विभाग की सेवाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। न्यायालयीन कार्रवाई की जाने पर उन्हें कोर्ट से समन भी आ सकते हैं। इन कारणों से मोबाइल नंबर अपडेट होना आवश्यक है। मोबाइल अपडेशन की विस्तृत प्रक्रिया मध्यप्रदेश परिवहन पोर्टल transport.mp.gov.in पर उपलब्ध है।  

NCTE पाठ्यक्रमों में तीसरे अतिरिक्त चरण का प्रवेश: 27 से 29 अगस्त तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

NCTE पाठ्यक्रम प्रवेश प्रक्रिया में तीसरा अतिरिक्त चरण, ऑनलाइन पंजीयन की तारीखें घोषित भोपाल उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये एनसीटीई पाठयक्रम संचालित करने वाले शासकीय/अनुदान प्राप्त अशासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए तृतीय अतिरिक्त चरण की समय सारणी जारी की है। जारी समय सारणी के अनुसार, एनसीटीई पाठयक्रमों में प्रवेश में लिए विद्यार्थी 27 से 29 अगस्त तक ऑनलाइन पंजीयन/आवेदन कर सकेंगे। पंजीकृत आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन 27 से 30 अगस्त तक होगा। प्रवेश के लिये मेरिट सूची का प्रकाशन 1 सितंबर को होगा। विद्यार्थियों के लिए 2 सितंबर को सीट आवंटन जारी किया जाएगा। आवंटित हेल्प सेंटर पर मूल दस्तावेजों (टीसी, माइग्रेशन) के साथ भौतिक सत्यापन के लिए विद्यार्थियों को उपस्थित होकर 2 से 4 सितंबर तक लिंक इनिशिएट कराना होगा। विद्यार्थियों को आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क का भुगतान 2 से 6 सितंबर तक करना होगा। आवंटित महाविद्यालय में शुल्क के भुगतान की अंतिम तिथि 6 सितंबर है। प्रवेश शुल्क का भुगतान कर चुके आवेदकों का ही प्रवेश मान्य होगा। विद्यार्थियों का प्रवेश के लिए यह अन्तिम चरण होगा।