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छत्तीसगढ़ राजनीति को बड़ा झटका, रजनी ताई उपासने नहीं रहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा। रायपुर शहर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। 1977 में बना था ऐतिहासिक रिकॉर्ड रजनी ताई उपासने ने 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी की ओर से रायपुर सीट से जीत हासिल की थी। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शारदा चरण तिवारी को हराकर इतिहास रचा था। इसी के साथ वे रायपुर शहर से चुनकर आने वाली पहली महिला विधायक बनीं। राजनीति से पहले भी रही सक्रिय सियासत में औपचारिक प्रवेश से पहले रजनी ताई जनसंघ की सक्रिय कार्यकर्ता रहीं। वे कई आंदोलनों से जुड़ी रहीं और अपने संघर्ष व समर्पण से उन्होंने राजनीतिक जगत में पहचान बनाई। रायपुर को अब तक मिलीं सिर्फ वही महिला विधायक रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकतांत्रिक इतिहास में आज तक किसी अन्य महिला को विधायक बनने का अवसर नहीं मिला। रजनी ताई उपासने ही अब तक रायपुर शहर की इकलौती महिला विधायक रही हैं। उन्होंने 46 वर्ष की उम्र में विधानसभा पहुंचकर नई मिसाल कायम की थी। सादगी और समर्पण की मिसाल रजनी ताई का राजनीतिक जीवन हमेशा सादगी और सेवा की भावना से जुड़ा रहा। जनता के बीच वे एक सहज और मिलनसार नेता के रूप में जानी जाती थीं। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने एक सादगीपूर्ण और समर्पित नेता को खो दिया है।

मध्य प्रदेश में मौसम का कहर: उज्जैन की नदियां उफान पर, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उज्जैन/ धार /खरगोन /खंडवा  मध्यप्रदेश में गुरुवार से फिर तेज बारिश का दौर शुरू होगा। मानसून ट्रफ की एक्टिविटी होने से खरगोन, खंडवा समेत 10 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर है। घाटों पर बने मंदिर पानी में डूब गए हैं। धार के मनावर में गुरुवार सुबह तेज पानी गिरा। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, भोपाल-इंदौर में रिमझिम बारिश हो सकती है। प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही मानसून ट्रफ सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- बुधवार को एक मानसून ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजरी। एक अन्य ट्रफ की सक्रियता भी देखने को मिली। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है। इसका अगले कुछ दिन में असर देखने को मिलेगा। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.1 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.5 इंच, शिवपुरी में 49.9 इंच और रायसेन में 49.6 इंच बारिश हुई है। सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर में अब तक औसत 16.5 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 19 इंच, खरगोन में 19.1 इंच, खंडवा में 19.6 इंच और बड़वानी में 20.1 इंच पानी गिरा है। एमपी में अब तक 35.6 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.9 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 97 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 1.1 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बना था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

कांग्रेस विधायक के घर हादसा: टीकमगढ़ में नौकरानी की मौत और रहस्यमय चोटें

टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले की खरगापुर कांग्रेस विधायक के बेटे छतरपुर स्थित बंगले में एक 20 साल की युवती की मौत हो गई. शव बंगले के पीछे वाले हिस्से में आम के पेड़ से लटका मिला. मृतक युवती के चेहरे पर चोट के निशान थे. सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है. यह घटना सोमवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी. आनन-फानन में मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. घटना की जानकारी बुधवार शाम को शहर की सनसिटी कॉलोनी में काम करने वाली महिलाओं के माध्यम से फैली. विधायक चंदा सिंह गौर के बेटे अभियंत सिंह गौर से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा, ''घटना के समय मैं जिला मुख्यालय से बाहर दिल्ली में था. घर पर मेरी पत्नी और 17 साल का बेटा थे, जिन्होंने फोन पर मुझे सूचना दी. मैं अगले दिन पहुंचा. मुझे नहीं पता कि सपना रैकवार ने यह घातक कदम क्यों उठाया? वह फोन नहीं चलाती थी और न ही कभी परेशान दिखती थी. वह मेरी नौकरानी नहीं, बल्कि बेटी की तरह थी. वह 5 साल की उम्र से हमारे साथ रह रही थी. हम उसकी शादी के लिए रिश्ता भी ढूंढ रहे थे.''  छतरपुर की सनसिटी कॉलोनी में विधायक पुत्र का बंगला. मृतका सपना के पिता भोला रैकवार उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बेलाताल निवासी थे. घटना के बाद सपना की मां आई थी, लेकिन उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई बयान नहीं दिया है.  पुलिस ने अभियंत सिंह गौर के बंगले पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच के लिए डीवीआर जब्त कर लिया है. सिविल लाइन थाना पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मृतिका के परिजनों के बयानों से यह स्पष्ट हो सकता है कि यदि सपना ने आत्महत्या की, तो इसका कारण क्या था?

सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

रायपुर : सियोल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर हुई चर्चा सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के अंतर्गत ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें। ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

विधायकी पर लटकी तलवार! जयकृष्ण पटेल के खिलाफ सिफारिश संभव

जयपुर राजस्थान विधानसभा में  सवाल वापस लेने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल के खिलाफ विधानसभा की सदाचार समिति ने जांच पूरी हो चुकी है। समिति अपनी रिपोर्ट आज दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को सौंपेगी। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में विधायक की सदस्यता रद्द करने तक की सिफारिश की जा सकती है। 1 सितंबर से शुरू हो रहे सत्र में पेश होगी रिपोर्ट सदाचार समिति की यह रिपोर्ट आगामी 1 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में रखी जाएगी। इसके बाद सदन की सिफारिश के आधार पर स्पीकर देवानी पटेल की सदस्यता के संबंध में कोई निर्णय ले सकते हैं। पहली बार किसी विधायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया जयकृष्ण पटेल को राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनके घर से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बताया गया कि उन्होंने खनन विभाग से जुड़े सवालों को विधानसभा से वापस लेने के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। सौदेबाज़ी के दौरान वे 20 लाख रुपये ले रहे थे, तभी एसीबी ने उन्हें ट्रैप कर लिया। यह राजस्थान के इतिहास में पहली बार है जब किसी विधायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। स्पीकर ने सदाचार कमेटी को सौंपी थी जांच गिरफ्तारी के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामला सदाचार समिति को सौंपा था। इस कमेटी ने पूरे मामले की गहन जांच करते हुए एसीबी, संबंधित एजेंसियों और खुद विधायक का पक्ष भी शामिल किया। अब रिपोर्ट अंतिम चरण में पहुंच गई है। विधायकी रद्द होने पर क्या होगा? अगर सदाचार समिति की रिपोर्ट में जयकृष्ण पटेल को गंभीर दुराचार का दोषी ठहराया जाता है और विधायकी समाप्त करने की सिफारिश की जाती है, तो इसे विधानसभा में रखकर वोटिंग कराई जाएगी। इसके बाद सदन बहुमत से निर्णय लेगा।  

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने मारी गोली, एनकाउंटर में खत्म

दिल्ली दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधियों की पहचान कार्तिक जाखड़ और कविश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जब दोनों अपराधियों का पीछा किया गया तो उन्होंने पुलिस पर ही गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारी और घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है। इसी महीने झारखंड एटीएस ने मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मामला न्यू अशोक नगर का है। यहां दिल्ली पुलिस ने दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की लेकिन दोनों पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैरों में गोली मारी और दोनों घायल हो गए। घायल अवस्था में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में झारखंड एटीएस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर मयंक सिंह को बाकू से प्रत्यर्पित किया। इसके बाद उसे अजरबैजान से वापस लाया गया है। यह प्रत्यर्पण झारखंड एटीएस का ऐतिहासिक काम था। इस मामले की जानकारी देते हुए एटीएस के एसपी ऋषव कुमार झा ने कहा था कि हमने उसे बाकू, अज़रबैजान से प्रत्यर्पित किया है। झारखंड पुलिस के इतिहास में यह पहला सफल प्रत्यर्पण है और हमें उम्मीद है कि देश से बाहर रह रहे बाकी अपराधियों को भी जल्द ही प्रत्यर्पित या निर्वासित कर दिया जाएगा। झा ने कहा कि वह अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच संपर्क सूत्र प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि हम मयंक से पूछताछ करेंगे और जेल में बंद दोनों गिरोहों के बीच रिश्तों के बारे में सभी जानकारी जुटाएंगे और उसके खिलाफ झारखंड, राजस्थान और अन्य जगहों पर 50 मामले दर्ज हैं। इसकी जांच की जाएगी।

अमेरिकियों की राय: रूस की वजह से कई देशों पर प्रतिबंध जरूरी, सर्वे में खुलासा

नई दिल्ली भारत के साथ जारी अमेरिका के टैरिफ वॉर के बीच एक अहम सर्वे सामने आया है। इस सर्वे में आधे से ज्यादा अमेरिकी चाहते हैं कि यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए रूस से व्यापार कर रहे देशों पर प्रतिबंध लगने चाहिए। खास बात है कि यह सर्वे ऐसे समय पर सामने आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल की खरीद का हवाला देकर भारत को निशाना बना रहे हैं। नए रॉयटर्स/Ipsos पोल में बताया गया है कि अधिकांश अमेरिकी चाहते हैं कि रूस से व्यापार करने वालों पर प्रतिबंध लगे, ताकि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रोकने के लिए उसे मजबूर किया जा सके। सर्वे में शामिल 62 प्रतिशत लोग रूस के ट्रेडिंग पार्टनर के खिलाफ प्रतिबंधों के पक्ष में हैं। साल 2022 में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। भारत को बना रहे निशाना भारत पहले ही साफ कर चुका है कि रूसी तेल खरीद के कारण उसे अमेरिकी और यूरोपीय संघ की तरफ से निशाना बनाया जा रहा है। खास बात है कि भारत ने यह भी बताया था कि अमेरिका और ईयू दोनों ही रूस के साथ व्यापार करते हैं। इधर, ट्रंप ने पहले 25 फीसदी टैरिफ के ऐलान के समय भी भारत पर रूसी तेल के चलते जुर्माना लगाया था। इसके बाद दूसरी बार 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने से पहले भी वह भारत पर वॉर मशीन की मदद करने के आरोप लगा चुके हैं। साथ ही उन्होंने भारत और रूस की अर्थव्यवस्था को मरी हुई बता दिया था। खास बात है कि चीन भी रूसी सामान का खरीदार है, लेकिन ट्रंप ने वहां 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो भारत से 20 फीसदी कम है। ट्रंप के दावे खास बात है कि ट्रंप लगातार यूक्रेन और रूस में शांति समझौता कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। उनके विशेष दूत कीथ केलॉग ने सोमवार को कहा कि अधिकारी रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए 'बहुत कड़ी मेहनत' कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप नेकहा था कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच सीधी शांति वार्ता की व्यवस्था शुरू कर दी है। लेकिन रूसी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऐसी कोई शिखर वार्ता जल्द नहीं होगी। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि यदि सीधी वार्ता निर्धारित नहीं होती है तो वे अगले कदम पर दो सप्ताह में निर्णय लेंगे। भारत का युद्ध पर क्या है रुख फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत की। पीएमओे के बयान के अनुसार स्टब ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान पर वाशिंगटन में यूरोप, अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं के बीच हुई हालिया बैठकों पर अपना आकलन मोदी के साथ साझा किया। बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

बर्थडे केक से ठीक पहले खुशियाँ, 5 मिनट बाद बिल्डिंग गिरने से 15 लोगों की मौत

मुंबई  विरार में अपार्टमेंट ढहने से हुआ भीषण हादसा अब तक 15 लोगों की जान ले चुका है. इस दर्दनाक हादसे को 30 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अभी-भी जारी है. NDRF की 5वीं बटालियन की दो टीमें, वसई-विरार महानगरपालिका की टीम और स्थानीय पुलिस दिन-रात राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. दरअसल, ये हादसा उस वक्त हुआ जब विरार (पूर्व) के विजय नगर में जॉयल परिवार अपनी मासूम बेटी उत्कर्षा का पहला बर्थडे मना रहा था. परिवार ने घर को सजाया, केक काटा और खुशी के पल तस्वीरों में कैद किए और तस्वीरों को अपने रिश्तेदारों को भी भेजा. लेकिन केक काटने के महज पांच मिनट बाद ही रामाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा एक पास की चॉल पर ढह गया, जिससे पूरा माहौल मातम में बदल गया. इस हादसे में मासूम उत्कर्षा और उनकी मां आरोही जॉयल की मौत हो गई, जबकि पिता ओंकार जॉयल का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. स्थानीय लोगों ने बचाई लोगों की जान वहीं, हादसे के तुरंत बाद, एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए सात लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला. इनमें से कुछ को मामूली चोटें आईं, जिन्हें विरार और नालासोपारा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. वसई-विरार शहर में अवैध और अनधिकृत इमारतों का जाल लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. ये कोई पहला हादसा नहीं है. 15 दिन पहले भी एक अवैध निर्माण में कांच की स्लैब गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और सुस्त कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बिल्डर और जमीन मालिक पर FIR दर्ज विरार पुलिस ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार बिल्डर नितल गोपीनाथ साने और ज़मीन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. ये केस महाराष्ट्र प्रादेशिक नगररचना अधिनियम की धारा 52, 53 और 54 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

सुरक्षा बलों की कार्रवाई: बांदीपोरा में एनकाउंटर, 2 आतंकी मारे गए

बांदीपोरा  जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। सेना ने गुरुवार को बताया कि इस दौरान दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है। सेना के श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरेज सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया था।" सेना ने बताया कि घुसपैठ की कोशिश को भांपते हुए सतर्क जवानों ने घुसपैठियों को ललकारा। इसके जवाब में आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सेना ने आगे कहा, "जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रभावी ढंग से गोलीबारी की और दो आतंकवादियों को मार गिराया।" अधिकारी ने बताया कि इलाके में अभी भी तलाशी अभियान जारी है।

बिहार में सुरक्षा सतर्क: नेपाल से आए 3 जैश आतंकी पकड़े जाने की आशंका

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले आतंकी खतरा मंडराने लगा है. पुलिस मुख्यालय (PHQ) को मिली अहम खुफिया जानकारी के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. खबर है कि नेपाल के रास्ते पाकिस्तान के तीन आतंकी बिहार में दाखिल हो चुके हैं. जानकारी के मुताबिक ये आतंकी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं. इनकी पहचान रावलपिंडी निवासी हसनैन अली, उमरकोट निवासी आदिल हुसैन और बहावलपुर का रहने वाला मो. उस्मान के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ये तीनों आतंकी अगस्त के दूसरे हफ्ते में काठमांडू पहुंचे थे और वहीं से पिछले हफ्ते नेपाल बॉर्डर पार करके बिहार में दाखिल हुए हैं. देश के किसी भी हिस्से में आतंकी घटना को अंजाम देने की आशंका पुलिस मुख्यालय ने इस इनपुट को बेहद गंभीरता से लिया है. PHQ के आला अधिकारियों ने तीनों आतंकियों के पासपोर्ट और अन्य डिटेल्स सीमावर्ती जिलों के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा कर दी हैं. खासतौर पर नेपाल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. खुफिया सूत्रों का कहना है कि इन आतंकियों के देश के किसी भी हिस्से में आतंकी घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह अलर्ट और भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि आतंकी किसी बड़े राजनीतिक या भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम को निशाना बना सकते हैं. 'सुराग मिलने पर तुरंत करें कार्रवाई' PHQ ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और खुफिया तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा गया है कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, लगातार सूचना एकत्र करें और किसी भी तरह के सुराग मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें. बिहार पुलिस इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सीमावर्ती जिलों में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि राज्य में आतंकी किसी भी तरह की वारदात को अंजाम न दे सकें.