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टीवी जगत में शोक: प्रिया मराठे का कैंसर से निधन, केवल 38 साल की थीं

मुंबई लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ फेम मराठी अभिनेत्री प्रिया मराठे के निधन से मनोरंजन जगत में शोक की लहर छा गई है। रिपोर्ट के अनुसार एक्ट्रेस कैंसर से पीड़ित थीं और उनका इलाज चल रहा था। अभिनेत्री ने मुंबई में मीरा रोड स्थित घर पर अंतिम सांस ली और महज 38 की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। ‘पवित्र रिश्ता’ ने दिलाई पहचान प्रिया मराठे ने कई मराठी धारावाहिकों और फिल्मों में काम किया था। एक्ट्रेस ने कुछ हिंदी टेलीविजन शोज भी किए थे, जिसमें वो ‘पवित्र रिश्ता’ में अपनी भूमिका से घर-घर में मशहूर हो गईं थीं। एक्ट्रेस ने इस सीरियल में अंकिता लोखंडे की बहन का किरदार निभाया था, जिनका नाम वर्षा देशपांडे था। इन शोज में भी निभाई थी भूमिका प्रिया मराठे को उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता था। एक्ट्रेस को इन शोज में भी उनकी भूमिका के लिए पहचाना जाता था। उन्होंने 'चार दिवस सासुचे', ‘कसम से’, ‘कॉमेडी सर्कस के सुपरस्टार्स’, ‘उतरन’, ‘बड़े अच्छे लगते हैं’, ‘भारत का वीर पुत्र महाराणा प्रताप’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘भागे रे मन’ जैसे शो किए थे। एक नजर प्रिया मराठे के व्यक्तिगत जीवन पर प्रिया मराठे ने साल 2012 में अभिनेता शंतनु मोगे से शादी की थी। दोनों की जोड़ी को इंडस्ट्री में एक सपोर्टिव कपल के रूप में जाना जाता था। उनकी हंसी-मजाक से भरी कॉमिक टाइमिंग, गंभीर भूमिकाओं में सहजता और मराठी और हिंदी टीवी सीरियल्स में किए गए यादगार किरदार हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे। अभिनेत्री के इंस्टाग्राम पर 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। साथ ही आपको बताते चलें कि एक्ट्रेस ने  11 अगस्त 2024 इंस्टाग्राम पर आखिरी पोस्ट किया था।

योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होगा सनातन संघ सम्मेलन, दीवाली के बाद जोरदार आयोजन

लखनऊ दीपावली के बाद राजधानी में सनातनी समाज का भव्य संघ सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। जिसमें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री व राज्यपाल समेत मथुरा व काशी पीठ के महामंडलेश्वर शिरकत करेंगे। यह ऐलान शनिवार को राजधानी के गोमती होटल में आयोजित राष्ट्रीय सनातन संघ की विचार गोष्ठी में किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि लखनऊ उत्तरी के विधायक डा. नीरज बोरा और भाजपा प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव थे। नीरज बोरा ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज सनातन को क्षीण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए कोई और नहीं हम दोषी है। जब बच्चा छोटा होता है तो हम शिवाजी की वीर गाथा या राणा प्रताप की कहानियां नहीं सुनातें बल्कि उसे ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार सुनकर खुश होते हैं। हमें जरूरत है कि हम हर बच्चे में सनातन के गुण पैदा करें। डा. बोरा ने कहा कि आज दुनिया के किसी भी देश में चले जाइये, या भारत के किसी भी प्रांत में जाइये हिंदुओं की संख्या घट रही है। नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि आज सनातन को मजबूत करने की जरूरत है। उसके लिए हमें सभी हिंदुओं को एकजुट होना पड़ेगा। जातियों में नहीं बंटना होगा, अगड़ों-पिछड़ों को बांटकर सनातन को कमजोर किया जा रहा है।

मौसम चेतावनी: जयपुर और आसपास अगले 3 दिन भारी बारिश की संभावना

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। प्रदेश में शनिवार को कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार सुबह तक चला। सड़कें तालाब बन गईं। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 3 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज रविवार को प्रदेश के 37 जिलों में अलर्ट जारी हुआ है। इनमें सिरोही, जालौर और पाली में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं तात्कालिक चेतावनी के तौर पर अगले 3 घंटों के लिए अलवर और भरतपुर में भी अति भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। जोधपुर में भारी बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात 111MM जोधपुर के पास चामू में दर्ज हुई। जोधपुर के ही तिंवरी में 88MM, शेखला में 78MM, बालेसर में 75MM, ओसियां में 45MM, लोहावट में 53MM, देचू में 50MM, बाड़मेर के समदड़ी में 95MM, सिवाना में 50MM, भीलवाड़ा के कच्छौला में 51MM, हनुमानगढ़ के टिब्बी में 70MM, हनुमानगढ़ शहर में 52MM, तलवाड़ा झील में 40MM बरसात हुई। इसके अलावा जालौर के भीनमाल में 58MM, झालावाड़ के मनोहरथाना में 48MM, अकलेरा में 30MM, प्रतापगढ़ की छोटी सादड़ी में 102MM, प्रतापगढ़ शहर में 40MM, बारां में 63MM, सिरोही के माउंट आबू में 75MM, सिरोही शहर में 65MM, श्रीगंगानगर के हिंदूमलकोट में 64MM, श्रीगंगानगर शहर में 88MM और उदयपुर के वल्लभनगर में 45MM बरसात दर्ज हुई। इन जिलों के अलावा पाली, चूरू, जैसलमेर, कोटा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बीकानेर समेत अन्य कई जिलों में बरसात हुई। अगले कुछ दिन अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, कोटा, सिवनी (एमपी), दुर्ग (छत्तीसगढ़), भवानीपटना (ओडिशा), गोपालपुर (ओडिशा) होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। राज्य में अगले कुछ दिन अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जयपुर मौमस केंद्र ने आज बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, झालवाड़, करौली, कोटा, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, उदयपुर, डीडवाना-कुचामन, जोधपुर, नागौर और फलौदी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

जज्बे को सलाम! पैर कटने के बाद भी ड्यूटी पर डटा रहा BSF का शेरदिल जवान

लुधियाना पंजाब के लुधियाना में बीएसएफ के एक जवान ने दोनों पैर कटने के बावजूद ऐसी बहादुरू दिखाई, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। घायल जवान का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो को देखकर सभी जवान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह जवान फोन छीनने वाले गिरोह से लड़ते हुए ट्रेन से नीचे गिर गया था। इस हादसे में उसके दोनों पैर कट गए। इसके बावजूद वह हिम्मत नहीं हारा और दूसरे के फोन से अपने परिजनों को हादसे की सूचना देकर मदद मांगी। घटना लुधियाना की है। शुक्रवार के दिन शाने शान-ए-पंजाब ट्रेन में यात्रा कर रहा बीएसएफ का जवान फोन स्नैचिंग का शिकार हो गया। इस वजह से उसके साथ बहुत बड़ा हादसा हो गया। ट्रेन जब लुधियाना स्टेशन से जालंधर के लिए निकली तो स्टेशन के आउटर पर दमोरिया पुल के पास ट्रेन के पहुंचते ही पहले से ही ट्रेन में योजना बनाकर चढ़े फोन स्नैचर ने उसका फोन छीन लिया। इस समय जवान ट्रेन के डिब्बे में शौचालय के पास खड़ा था।  फोन बचाने के चक्कर में खोए पैर बीएसएफ जवान अमन जायसवाल ने मोबाइल छीनने वाले लुटेरे से अपना फोन वापस लेने की कोशिश की। इस दौरान अज्ञात लुटेरे ने उसे ट्रेन से नीचे गिरा दिया। पीड़ित जवान ट्रेन के नीचे आ गया और इस हादसे में उसने अपनी दोनों टांगें गंवा दीं। अमन ने अपना फोन और दोनों पैर खोने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने परिजनों को दूसरे के फोन से सूचना दी। हादसे के बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया।  बरेली का रहने वाला है अमन अमन, उत्तर प्रदेश के बरेली का निवासी और 15 साल से बीएसएफ में कार्यरत है। ट्रांसफर होने की वजह से वह जालंधर कैंट में अपना सामान लेने जा रहा था। उसकी बहादुरी और हिम्मत थी कि दोनों टांगे कट जाने और हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और किसी अन्य व्यक्ति के फोन से उसने अपने घरवालों को इस घटना की सूचना दी जो आप भी इस वीडियो में देख सकते हैं। जीआरपी पुलिस ने अज्ञात लुटेरे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीएम मोदी ने LAC पर शी जिनपिंग को दी अहम सलाह, मानवता के लिए जरूरी सहयोग पर जोर

तियांजिन चीन के तियांजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। अमेरिका से टैरिफ वॉर के बीच दोनों नेताओं की बीच इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से कहा कि दोनों देशों का आपसी सहोयग 2.8 अरब की आबादी और मानवता के लिए जरूरी हो गई है। एलओसी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के प्रयासों से सीमा पर शांति का माहौल बना है। शी जिनपिंग ने भी प्रधानमंत्री मोदी की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि अब दोनों देशों का साथ आना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा, सैनिकों के पीछे हटने के बाद सीमा पर शांति एवं स्थिरता कायम है। सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी थी जो कि कारगर साबित हुई है। हमारे द्विपक्षीय सहयोग से 2.8 अरब लोगों का कल्याण जुड़ा है। भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं जो कि बेहद खुशी की बात है। पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन की सफल अध्यक्षता के लिए शी जिनपिंग को बधाई देते हुए कहा, हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि चीन ने इसी महीने कहा है कि वह रेयर अर्थ, उर्वरक और टनल बोरिंग मशीन के निर्यात से बैन हटाने को तैयार है। वहीं टैरिफ वॉर के मामले में भी चीन भारत के ही साथ खड़ा है। हाल ही में दोनों देशों ने टूरिस्ट वीजा को लेकर प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है। इसके अलावा चीन ने तिब्बत में बौद्धों के धार्मिक स्थल पर भारतीयों को आने-जाने की इजाजत दे दी है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम से मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया को मजबूत करने की दिशा में यह सार्थक कदम है। अगर भारत और चीन के बीच संबंध सुधरते हैं तो यह अमेरिका के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। पीएम मोदी रविवार से शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से भाग लेने के लिए चीन में हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार और शुल्क संबंधी नीतियों के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में आए तनाव के मद्देनजर शी के साथ मोदी की बैठक अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तियानजिन की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा था कि विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। जापान के समाचार पत्र ‘द योमिउरी शिंबुन’ के साथ एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मोदी ने शुक्रवार को प्रकाशित इंटरव्यू में कहा, “विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन का विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।” मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय के बाद हुई है।

किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक

  चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण 5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था। इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल  भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।       कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।

GST दर तार्किकरण पर बोले चीमा – राज्यों को मिले ठोस मुआवजा

पंजाब पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दर तार्किक बनाने के मौजूदा प्रस्ताव के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित होने से बचाने के लिए उपयुक्त मुआवजे की व्यवस्था करे और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस कदम का लाभ महंगाई का सामना कर रहे देश के गरीब लोगों तक पहुंचे, न कि कॉर्पोरेट संस्थानों तक। उन्होंने जोर दिया कि यदि कीमतों के तार्किकरण का मौजूदा प्रस्ताव आय में हुई कमी की भरपाई की व्यवस्था किए बिना लागू होता है, तो यह राज्यों की वित्तीय अस्थिरता का कारण बनेगा और देश की संघीय संरचना को भी क्षति पहुंचाएगा, जो स्वीकार्य नहीं है। केरल की बैठक में हुए शामिल एडवोकेट चीमा, जो आज कर्नाटक भवन में जीएसटी दर तार्किकरण पर विचार संबंधी केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के वित्त मंत्रियों और प्रतिनिधियों की बैठक में शामिल हुए, ने कहा कि राज्य का इस पहलू पर मत है कि दर तार्किकरण के साथ-साथ राज्यों के वित्तीय हितों की सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। इसके तहत लग्जरी वस्तुओं पर सहायक कर (एडिशनल लेवी) लगाने और कम से कम पांच वर्षों तक मुआवजा सुनिश्चित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पांच वर्षों के बाद भी राज्यों की आय में कमी पूरी नहीं होती है तो इस व्यवस्था को और आगे बढ़ाने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि यही संतुलित दृष्टिकोण राज्यों की आर्थिक संप्रभुता को बचा सकता है और इसी के माध्यम से जीएसटी सुधारों को सही अर्थों में लागू किया जा सकेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 2017 में जीएसटी को वित्तीय निष्पक्षता के सिद्धांत को प्रमुखता देते हुए लागू किया गया था, लेकिन इसके लागू होने के बाद राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के उपरांत पंजाब को लगभग 1.11 लाख करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ है। हालांकि, केंद्र ने निर्धारित वर्षों में 60 हजार करोड़ का मुआवजा दिया, लेकिन बाकी नुकसान की भरपाई के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए। मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट चीमा ने कहा कि बैठक में राज्यों की ओर से माँग की गई कि लग्जरी और सिगरेट व शराब जैसी वस्तुओं पर अतिरिक्त कर लगाया जाए और उससे होने वाली आय राज्यों को दी जाए, ताकि दर तार्किकरण से होने वाली आय में कमी की भरपाई की जा सके। वित्त मंत्री जिम्मेदारियों को कैसे निभाए? पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि बिना आय स्थिरता के राज्य अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को कैसे निभा सकते हैं। केंद्र को इस सिद्धांत पर जोर नहीं देना चाहिए कि सारा बोझ राज्यों के कंधों पर डाल दिया जाए और आय के स्रोत केंद्रीय दायरे में खींचे जाएँ। यदि राज्य वित्तीय रूप से मजबूत होंगे तभी देश भी मजबूत होगा। इसलिए राज्यों के आय संबंधी हित अवश्य सुरक्षित रहने चाहिए और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पंजाब वास्तव में सभी राज्यों की आवाज़ की प्रतिनिधि करता है। बाढ़ की स्थिति पर क्या बोले? सूबे में बाढ़ की स्थिति पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस प्राकृतिक आपदा के समय राज्य की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पंजाब सरकार पूरे दिल से प्रयास कर रही है और पूरी तरह अपने लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य में हुए नुकसान का आकलन होने के बाद केंद्र से विशेष पैकेज की मांग की जाएगी।

पिछली बार मामूली अंतर से जीती गई 36 सीटें, विधानसभा चुनाव में फिर छिड़ेगी जंग

पटना पांच साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में कम अंतर से जीती गई तीन दर्जन से अधिक सीटों पर इसबार भी घमासान के आसार हैं। ये ऐसी सीटें हैं, जिन पर हार जीत का फैसला तीन हजार के करीब या उससे भी कम वोटों के अंतर से हुआ। इस श्रेणी में महागठबंधन के हिस्से की 17 सीटें हैं। एक निर्दलीय और 19 एनडीए के पास हैं। सबसे कम 12 वोटों के अंतर से हिलसा में जदयू उम्मीदवार कृष्ण मुरारी शरण की जीत हुई थी। उन्होंने राजद के शक्ति सिंह यादव को पराजित किया था। राजद ने उस समय भी धांधली का आरोप लगाया था। दो चुनावों के बीच गठबंधनों के पार्टनरों के बदलाव से भी अगला चुनाव प्रभावित होगा। सिमरी बख्तियारपुर में विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी केवल 1759 वोटों के अंतर से चुनाव हारे। राजद के चौधरी युसूफ सलाउद्दीन ने उन्हें पराजित किया था। इसी तरह सुगौली में राजद के शशिभूषण सिंह ने विकासशील इंसान पार्टी के रामचंद्र सहनी को 3447 वोटों के अंतर से पराजित किया।अब विकासशील इंसान पार्टी और राजद में दोस्ती है। दूसरे नम्बर की इन सीटों के लिए मुकेश सहनी राजद पर निर्भर हो गए हैं। कम वोटों के अंतर से जीतने वाली महागठबंधन की अन्य सीटें हैं:     सिकटा- वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता- भाकपा माले- 2302     कल्याणपुर- मनोज कुमार यादव- राजद -1197     बाजपट्टी, मुकेश यादव- राजद- 2704     किशनगंज- इजरारूल हक- कांग्रेस-1381     बखरी- सूर्यकांत पासवान-भाकपा -777     खगड़िया- छत्रपति सिंह यादव- कांग्रेस- 3000     राजापाकर- प्रतिमा दास-कांग्रेस 1746     भागलपुर- अजित शर्मा- कांग्रेस-1113     डेहरी आन सोन- फतेह बहादुर कुशवाहा- राजद -464     औरंगाबाद- आनंद शंकर सिंह- कांग्रेस-2243     अलौली- रामवृक्ष सदा- राजद- 2773     महाराजगंज- विजय शंकर दुबे- कांग्रेस-1976     सिवान- अवध बिहारी चौधरी- राजद-1973 दरभंगा ग्रामीण से राजद के ललित कुमार यादव की जीत 2141 वोटों के अंतर से हुई थी। उस समय के जदयू उम्मीदवार डॉ. फराज फातमी अब राजद में हैं। राजद उन्हें दरभंगा जिले की किसी अन्य सीट से उम्मीदवार बनाएगा। रामगढ़ का हिसाब हो गया है। वहां राजद के सुधाकर सिंह 189 वोटों के अंतर से जीते थे। वे लोकसभा के लिए चुन लिए गए। उप चुनाव में भाजपा के हिस्से में यह सीट आ गई। रामगढ़ की तरह कुड़हनी विधानसभा की सीट भी उप चुनाव में राजद के हाथ से निकल गई। 2020 में राजद के डा. अनिल सहनी 712 वोटों से जीते थे। कानूनी प्रक्रिया में उनकी सदस्यता समाप्त हुई। उप चुनाव हुआ तो भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता जीत गए। एनडीए की सीटें और वोटों का अंतर     परिहार- गायत्री देवी- भाजपा-1569     रानीगंज- अचमित सदा- जदयू-2304     प्राणपुर- निशा सिंह- भाजपा-2972     अलीनगर- मिश्रीलाल यादव- भाजपा-3101     बहादुरपुर- मदन सहनी- जदयू-2629     सकरा- अशोक चौधरी- जदयू-1537     भोरे- सुनील कुमार-जदयू-462     हाजीपुर- अवधेश सिंह-भाजपा-2990     बछवाड़ा- सुरेश मेहता-भाजपा-484     परवत्ता- संजीव कुमार- जदयू-951     मुंगेर- प्रणव कुमार दास-भाजपा-1244     बरबीघा-सुदर्शन कुमार-जदयू-113     आरा-अमरेंद्र प्रताप सिंह-भाजपा-3002     टिकारी-अनिल कुमार-हम-2630      झाझा-दामोदर राऊत-जदयू-1679। मटिहानी से लोजपा राजकुमार सिंह-333 वोटों के अंतर से जीते थे। दूसरे नम्बर पर जदयू के नरेंद्र कुमार सिंह थे। राज कुमार सिंह अभी जदयू में हैं।नरेंद्र कुमार सिंह राजद में शामिल हो गए। चकाई से सुमित कुमार सिंह ने निर्दलीय की हैसियत से राजद की सावित्री देवी को 581 वोटों के अंतर से पराजित किया था। सुमित ने नीतीश कुमार की सरकार का समर्थन किया। अभी मंत्री हैं।

महिलाओं के लिए खुशखबरी! हरियाणा सरकार देने जा रही ₹2100, देखें योग्यता

नारनौल हरियाणा में भाजपा ने चुनाव में जनता से वादा किया था, अगर सत्ता में आते हैं तो महिलाओं को 2100 रुपये हर माह देंगे। सत्ता में आने के बाद पूरी रुपरेखा तैयार करने के बाद नायब सरकार ने एक ओर चुनावी वादे को पूरा कर दिखाया है। अब हरियाणा में 23 साल से अधिक उम्र की लड़की/महिलाओं को नायब सरकार हर माह यह राशि उनके अकाउंट में भेजने का काम करेगी। इसका नाम दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना रखा गया है। 25 सितंबर को लॉन्च होगी योजना यह बात भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष भारती सैनी ने शनिवार को कहीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लाखों महिलाओं के इस सवाल का जवाब 28 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान करते हुए बता दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर अगले माह 25 सितंबर 2025 को यह योजना लॉन्च होगी। ये है योग्यता भारती सैनी ने बताया कि 25 सितंबर 2025 से राज्य की सभी 23 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों व महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा महिलाएं चाहें शादीशुदा हों या फिर अविवाहित, सभी के खाते में 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जिनके परिवार की सालाना कमाई 1 लाख रुपये से कम है। आगे चलकर अन्य आय वर्ग वाले परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए भारी संख्या में आवेदन, चुनाव आयोग 30 सितंबर को लाएगा अंतिम लिस्ट

नई दिल्ली बिहार में चुनाव आयोग को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 1.98 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। आयोग ने शनिवार को बताया कि इस दौरान नाम शामिल करने के लिए लगभग 30,000 आवेदन भी आए हैं। मतदाता सूची का मसौदा एक अगस्त को प्रकाशित किया गया था और यह एक सितंबर तक व्यक्तियों तथा राजनीतिक दलों की ओर से दावों और आपत्तियों के लिए खुला रहेगा। चुनाव कानूनों के अनुसार, लोगों और दलों को उन नामों को चुनौती देने का अधिकार है, जिन्हें वे मसौदा सूची में अपात्र मानते हैं। कौन-कौन नाम शामिल करवा सकता है? इसी प्रकार, जो लोग खुद को पात्र समझते हैं लेकिन सूची से बाहर रह गए हैं, वे भी नाम शामिल करने की मांग कर सकते हैं। बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तरीय एजेंटों(बीएलए) ने अब तक बिहार के मतदाताओं की मसौदा सूची में शामिल करने के लिए 25 और बाहर करने के लिए 103 दावे दायर किए हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य के 7.24 करोड़ मतदाताओं में से 99.11 प्रतिशत ने अब तक सत्यापन के लिए अपने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। SC का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा है कि वह मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के इच्छुक लोगों से आधार कार्ड या सूचीबद्ध 11 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज स्वीकार करे। निर्वाचन आयोग ने शीर्ष कोर्ट से कहा है कि वह चुनावी राज्य बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पर भरोसा जताए।