samacharsecretary.com

भोपाल एयरपोर्ट यात्री संख्या में उछाल, फिर भी 1.5 लाख के नीचे

भोपाल  लगातार बारिश होने एवं वेडिंग सीजन नहीं होने के कारण भोपाल से हवाई सफर करने वालों की संख्या उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि, जुलाई के मुकाबले अगस्त में यात्री बढ़े हैं लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी की तमाम कोशिशों के बावजूद संख्या डेढ़ लाख तक नहीं पहुंच सकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह में भोपाल से कई शहरों तक जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 17 हजार 293 दर्ज की गई है। जुलाई माह देश के विभिन्न शहरों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 16 हजार 123 थी। जुलाई माह के मुकाबले अगस्त में एयरक्राफ्ट मूवमेंट कम हुआ है। यानि पैसेंजर लोड बढ़ रहा है। गोवा सहित कई उड़ानें बंदसमर शेड्यूल के दौरान भोपाल से गोवा, लखनऊ एवं प्रयागराज उड़ान बंद कर दी गई थी। इंडिगो ने दिल्ली की एक उड़ान कम कर दी थी बेंगलुरू एवं रायपुर उड़ान उड़ान के फेरे कम हुए हैं। इस कारण यात्री कम हुए है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार जल्द ही एक अतिरिक्त दिल्ली एवं अहमदाबाद उड़ान शुरू हो रही है। रायपुर एवं बेंगलुरू उड़ान अब प्रतिदिन संचालित होगी। इससे यात्री संख्या बढ़ेगी। यात्रियों की संख्या, विमानों के फेरेमाह वर्ष यात्री संख्या विमानों के फेरे मई 2025 140, 621 136, 6 जून 2025 136, 675 109, 3 जुलाई 2025 116, 123 110, 6 अगस्त 2025 117,293 1061

बाल विवाह मिटाने की दिशा में MP अग्रणी, जस्ट राइट्स संस्था का 2030 का लक्ष्य

भोपाल जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन संस्था ने भारत को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य तय किया है। संस्था के संस्थापक भुवन ऋभु ने सोमवार को आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश इस दिशा में अग्रिम मोर्चे पर है। संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 41 जिलों में अब तक 36,838 बाल विवाह रोके गए, 4,777 बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त कराया गया, और 1200 से अधिक यौन शोषण पीड़ित बच्चों की मदद की गई। मध्य प्रदेश अव्वल भुवन ऋभु ने कहा कि मध्य प्रदेश की सात करोड़ तीस लाख की आबादी में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे हैं। इतनी बड़ी आबादी में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, लेकिन राज्य ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल तस्करी और यौन हिंसा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और नागरिक समाज ने मिलकर तेजी से कार्य किया है। संस्था ने 2023 से अगस्त 2025 तक के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। भुवन ऋभु ने यह भी याद दिलाया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था, जिसने बच्चियों के साथ दुष्कर्म पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब वही सख्ती बाल विवाह के मामलों पर भी दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (PCMA) एक धर्मनिरपेक्ष कानून है, जो बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसे धार्मिक विश्वासों या पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होगा।

मध्य प्रदेश में बाढ़ खतरा, इटारसी तवा डैम के गेट खुले, टीकमगढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भोपाल  स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने से मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।। भोपाल,  इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।सोमवार को भोपाल, रतलाम, दमोह, ग्वालियर समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।  नर्मदापुरम जिले के इटारसी में रुक-रुक कर तेज और रिमझिम बारिश हो रही है। जलस्तर बढ़ने पर तवा डैम के 3 गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं। यह इस सीजन में दूसरी बार है, जब बांध के गेट खोले गए हैं। डैम के एसडीओ एनके सूर्यवंशी के अनुसार, डैम से 10,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका जलस्तर 1164.50 मीटर पर बना हुआ है। इससे पहले सोमवार देर शाम टीकमगढ़ में 20 लोग धसान नदी के बरा घाट पर फंस गए थे। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने उनको सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सभी कुडीला थाना क्षेत्र के निवासी हैं। धसान नदी में रेत का अवैध खनन करने गए थे। इसी दौरान जलस्तर बढ़ने से फंस गए थे। मौसम विभाग के मुताबिक, जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है, उनमें उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। दमोह में सबसे ज्यादा 2.6 इंच पानी गिरा पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यप्रदेश के 32 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा दमोह में 2.6 इंच पानी गिर गया। रतलाम, श्योपुर-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में सवा इंच, गुना में 1 इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। सिवनी, बैतूल, मंडला, रायसेन, छतरपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़, सीधी, इंदौर, सागर, नर्मदापुरम, उमरिया, जबलपुर, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नरसिंहपुर, भिंड, निवाड़ी, मंदसौर, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। दमोह में 2.3 इंच पानी गिरा सोमवार को सबसे ज्यादा दमोह में 2.3 इंच पानी गिर गया। रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में पौन इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, गुना, शाजापुर, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, बालाघाट, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश का दौर बना रहा। इस लिए हो रही तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो ट्रफ गुजर रही हैं। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। मंगलवार को भी सिस्टम का असर देखने को मिलेगा। प्रदेश में बारिश का कोटा फुल मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 37.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 102 प्रतिशत है। वहीं, अब तक 31.2 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 56 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 24 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 54.2 इंच बारिश हो चुकी है। श्योपुर में साढ़े 52.4 इंच, अशोकनगर में 51.8 इंच और रायसेन में 51.5 इंच पानी गिरा है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इंदौर में सबसे कम 21.3 इंच बारिश हुई है। शाजापुर में 21.6 इंच, खरगोन में 22.6 इंच, खंडवा में 23 इंच और बड़वानी में 24.2 इंच पानी गिरा है।  रतलाम में गांव डूबा, मुरैना में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार मानसून ट्रफ की एक्टिविटी इस समय प्रदेश में है। सोमवार को सबसे ज्यादा दमोह में 2.3 इंच पानी गिर गया। रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में पौन इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, गुना, शाजापुर, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, बालाघाट, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश का दौर बना रहा। मुरैना के अंबाह में तिरपाल ढांककर अंतिम संस्कार किया गया। दमोह में एक मकान गिर गया। मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी पत्नी घायल है, जिसे अस्पताल ले जाया गया। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश जारी रही। रतलाम के धोलावाड़ डैम के तीन गेट खोलने पड़े। पलसोड़ा गांव पानी में पूरी तरह डूब गया। लोग छतों पर चढ़कर बैठे रहे। उसरगार और अमलेटा गांव के बीच नाले की पुलिया धंसने से ट्रैफिक रुक गया। उपलई गांव में एक कार पलट गई। ग्रामीणों ने कार सवार लोगों को बाहर निकाला। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल परम गंगानगर, पिलानी, दतिया, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और संलग्न म्यांमार तट पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर की ऊंचाई पर सक्रिय है, जो ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है।     24 घंटों में उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।     एक ट्फ़ उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर बने चक्रवातीय परिसंचरण से, उत्तर एमपी, दक्षिण यूपी होकर झारखंड तक माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की उंचाई पर विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम एमपी और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय उपरोक्त ट्रफ़ में विलीन हो गया है। 5 सितंबर तक जारी रहेगा वर्षा का दौर 2 सितंबर: राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, रतलाम, उज्जैन, आगर, गुना, शिवपुरी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी में भारी वर्षा, झंझावत और वज्रपात। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगौन, बड़वानी, … Read more

रेप आरोपी विधायक के बयान से AAP में बढ़ी खींचतान, पंजाब बनाम दिल्ली का विवाद उभरा

चंडीगढ़  क्या आम आदमी पार्टी में पंजाब बनाम दिल्ली की जंग छिड़ी हुई है? इसे लेकर तमाम कयास रहे हैं और विपक्षी दल तो हमेशा आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी की दिल्ली टीम भगवंत मान सरकार पर हावी है और उन्हें काम नहीं करने दे रही। इस बीच रेप के आरोपी फरार विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी ऐसे ही बातें की हैं। उन्हें पंजाब पुलिस करनाल में गिरफ्तार करने उनके एक रिश्तेदार के घर तक पहुंच गई थी, लेकिन वह वहां से भाग निकले। यही नहीं इससे पहले ही एक वीडियो जारी कर पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि AAP की दिल्ली टीम मुझे दबा रही है। पठानमाजरा ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि पंजाब पुलिस ने मेरी पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले में रेप केस दर्ज किया है। इस तरह उनका आरोप है कि मुझे जानबूझकर फंसाने के लिए एक पुराने केस को खोला गया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है और मेरी आवाज दबाई जा रही है। उन्हें उनके करनाल में रहने वाले एक रिश्तेदार गुरनाम सिंह लाडी के यहां गिरफ्तार करने के लिए पंजाब की पुलिस पहुंची थी। लाडी हरियाणा में सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं और उनका राजनीतिक वजूद भी है। पठानमाजरा के बारे में जानकारी जुटाते हुए पुलिस करनाल में लाडी के घर तक पहुंची तो पठानमाजरा यहां से भी भाग निकले। पठानमाजरा और उनके साथी एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर में फरार हो गए, जिनमें से पुलिस ने फॉर्च्यूनर को पकड़ लिया है, जबकि पुलिस टीम स्कॉर्पियो में फरार विधायक का पीछा कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विधायक घर की दीवार फांदकर उस वक्त भाग निकले, जब पुलिस अंदर आ ही रही थी। हालांकि किसी भी तरफ से किसी तरह की फायरिंग आदि नहीं हुई है। पुलिस ने उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन पकड़ नहीं पाई। फिलहाल पठानमाजरा की तलाश जारी है। दूसरी पत्नी ने क्या आरोप लगाया था, जिस पर केस हुआ दर्ज दरअसल पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले रेप के तहत आरोपी बनाए गए पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। दरअसल पठानमाजरा पर 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहली शादी छिपाने और मारपीट का आरोप लगाया था। एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी वे सुर्खियों में रहे थे। अब उनके खिलाफ ऐक्शन हुआ है तो उनका कहना है कि दिल्ली की AAP टीम मुझे दबाने का प्रयास कर रही है।  

फैमिली बिजनेस के लिए ट्रंप ने भारत से दोस्ती की बलि दी: पूर्व NSA का बड़ा दावा

नई दिल्ली भारत के साथ टैरिफ वॉर छेड़कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही मुल्क में घिर रहे हैं। अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन का कहना है कि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ डील के कारण भारत से संबंधों को कुर्बान कर दिया। खास बात है कि ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है। जबकि, पाकिस्तान को राहत दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुलिवन ने कहा, 'दशकों से अमेरिका ने भारत के साथ अपने संबंध मजबूत करने के लिए काम किया है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जो ऐसा देश है कि जिसके साथ तकनीक, हुनर, अर्थव्यवस्था और चीन के बदलते रुख का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि इस मोर्चे पर पहले से ज्यादा प्रगति हुई थी। भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए किया है काम सुलिवन ने एक पॉडकास्ट में कहा, "दशकों से द्विपक्षीय आधार पर अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ अपने संबंध बनाने के लिए काम किया है। भारत एक ऐसा देश जिसके साथ हमें तकनीक, प्रतिभा, अर्थशास्त्र और कई अन्य मुद्दों पर एकजुट होना चाहिए और चीन से इस रणनीतिक खतरे से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। और हम इस मामले में काफी आगे बढ़ चुके हैं।" ट्रंप ने परिवारिक बिजनेस के लिए भारत को किया दरकिनार उन्होंने कहा, "अब मुझे लगता है कि पाकिस्तान के ट्रंप परिवार के साथ व्यापारिक सौदे करने की इच्छा के कारण, ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को दरकिनार कर दिया है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा रणनीतिक कदम है क्योंकि एक मजबूत अमेरिका-भारत संबंध हमारे हितों की पूर्ति करता है। लेकिन दुनिया के हर दूसरे देश की कल्पना कीजिए, जर्मनी, जापान, कनाडा, आप उसे देखते हैं और कहते हैं कि कल हम भी ऐसा कर सकते हैं।" अमेरिका पर दोस्तों को भी भरोसा नहीं सुलिवन ने कहा कि भारत के खिलाफ ट्रंप प्रशासन का यह कदम उनके इस विचार को और पुष्ट करता है कि आपको अमेरिका के खिलाफ बचाव करना होगा। उन्होंने कहा, "दुनिया भर के हमारे सभी मित्र और देश यह तय कर चुके हैं कि वे किसी भी रूप में अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते। यह अमेरिकी लोगों के दीर्घकालिक हित में नहीं है।" भारत के साथ जो हो रहा, उसका प्रत्यक्ष प्रभाव सुलिवन ने कहा, "हमारा वचन ही हमारा बंधन होना चाहिए। हमें अपनी बात पर खरा उतरना चाहिए। हमारे मित्रों को हम पर भरोसा करना चाहिए और यही हमारी हमेशा से ताकत रही है। और भारत के साथ अभी जो हो रहा है, उसका न केवल बहुत बड़ा प्रत्यक्ष प्रभाव है, बल्कि दुनिया भर में हमारे सभी रिश्तों और साझेदारियों पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है।" भारत और पाकिस्तान पर टैरिफ में अंतर ट्रंप ने शुरुआत में भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था और रूसी तेल खरीद के चलते जुर्माना भी ठोका था। बाद में उन्होंने 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क का ऐलान किया, जिसके बाद कुल टैरिफ 50 प्रतिशत पर पहुंच गया। वह लगातार आरोप लगाते रहे कि भारत रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है। जबकि, भारत ने भी साफ किया था कि अमेरिका और यूरोपीय संघ भी रूस के साथ व्यापार करते हैं। खास बात है कि ट्रंप सरकार ने पाकिस्तान पर पहले 29 फीसदी जवाबी टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया। पारिवारिक लोभ ने इंडिया-अमेरिका के संबंधों खत्म कर दिया उन्होंने आगे कहा, "अब मुख्य रूप से पाकिस्तान द्वारा ट्रंप परिवार के साथ व्यापारिक सौदे करने की इच्छा के कारण ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को दरकिनार कर दिया है. यह एक बड़ा रणनीतिक झटका है क्योंकि एक मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी हमारे हितों की रक्षा करता है." बता दें कि इस्लामाबाद ने न केवल ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया, बल्कि उनके परिवार और करीबी लोगों को अपनी नई पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल में भी शामिल किया है. पहलगाम हमले के कुछ दिनों बाद ही ट्रंप के परिवार द्वारा समर्थित वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ने पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. सुलिवन सहित कई विशेषज्ञों ने ट्रंप परिवार के पाकिस्तानी बिजनेस में शामिल होने को उनके पाकिस्तान झुकाव से जोड़कर देखा है. भारत के साथ ट्रंप के संबंधों को बिगाड़ने पर सुलिवन ने कहा, "अगर हमारे सहयोगी यह निष्कर्ष निकालते हैं कि वे किसी भी तरह, किसी भी रूप में हम पर भरोसा नहीं कर सकते, तो यह अमेरिकी लोगों के दीर्घकालिक हित में नहीं है." सुलिवन ने कहा, "भारत के साथ जो हो रहा है, उसका दुनिया भर में हमारे सभी संबंधों और साझेदारियों पर सीधा और व्यापक प्रभाव पड़ेगा." ट्रंप के पाकिस्तान प्रेम की वजह समझिए बता दें कि पाकिस्तान ने 26 अप्रैल को वर्ल्ड लिबर्टी फ़ाइनेंशियल (WLF ) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. वर्ल्ड लिबर्टी फ़ाइनेंशियल एक ऐसी कंपनी है जिसमें ट्रंप के परिवार, जिसमें उनके बेटे एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर, और दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं, की 60% हिस्सेदारी है. WLF के होमपेज पर अमेरिकी राष्ट्रपति के एक भव्य चित्र के साथ "डोनाल्ड जे ट्रंप से प्रेरित" शब्द को प्रमुखता से दिखाया गया है.  वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल एक विकेन्द्रीकृत वित्तीय परियोजना और एक क्रिप्टोकरेंसी कंपनी है जिसकी स्थापना 2024 में हुई थी. यह सौदा पाकिस्तान सरकार द्वारा क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन को कानूनी बनाने के संकेत के तुरंत बाद हुआ है. इस डील के बाद इस कंपनी के लिए पाकिस्तान में पैसे कमाने के रास्ते खुल जाएंगे. विनाशकारी टैरिफ नीति से दशकों का प्रयास ध्वस्त अमेरिका के ही एक और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बॉल्टन ने एक बार फिर से ट्रंप की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि ट्रंप की नीतियों ने भारत को एक बार फिर से रूस के पाले में जाने को मजबूर किया है. उन्होंने कहा है कि पश्चिम ने दशकों तक भारत को सोवियत संघ/रूस के साथ शीत युद्ध के लगाव से दूर करने की कोशिश की है और चीन से पैदा होने वाले खतरे के प्रति भारत को आगाह किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी विनाशकारी टैरिफ नीति से दशकों के प्रयासों को ध्वस्त कर … Read more

रायुपर : कुसमी नहर विस्तार कार्य हेतु करीब 76 लाख रुपये स्वीकृत

रायुपर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले की महानदी परियोजना के अतंर्गत शाखा नहर के गोड़ा से कुसमी (आर.सी.सी ट्रफ) नहर के विस्तार कार्य के लिए 75 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किये है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रीय किसानों को 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

घोड़ा मालिक और हैदराबाद कंपनी के खिलाफ FIR, जबलपुर में 19 घोड़ों की मौत

जबलपुर : एमपी के जबलपुर में हैदराबाद से आए विभिन्न नस्लों के घोड़ों की मौत का मामला अब पुलिस थाने पहुंच गया है। बीते 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की मौत के बाद मरने वाले घोड़ों की कुल संख्या 19 पर पहुंच गई है। पशु पालन विभाग ने आखिर 4 महीने बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई हैं। जबलपुर के रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में हैदराबाद से चार महीने पहले 57 एलीट घोड़ों को व्यावसायिक उपयोग के लिए लाया गया था। इनमें से अभी तक कुल 19 घोड़ों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो चुकी है। हालांकि पूर्व में जब घोड़ों की मौतों पर हो—हल्ला मचा था उस समय जांच में एक घोड़े में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण पाए गए थे। अब फिर से आधा दर्जन घोड़ों की मौत से पशु पालन विभाग सहित प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में रैपुरा फॉर्म संचालक और हैदराबाद की हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पहले जारी की थी प्रेस रिलीज 23 मई को कलेक्टर ने प्रेस रिलीज जारी की थी और इसमें लिखा था कि 29 अप्रैल से 3 मई के बीच तिवारी घोड़े लेकर जबलपुर आए। उन्होंने ही इलाज के लिए आवेदन दिया। इसके बाद इलाज शुरू हुआ और ब्लड सैंपल हिसार लैब भेजे गए। उस समय 44 घोड़े स्वस्थ बनाए गए, जबकि 9 की रिपोर्ट आना बाकी थी। प्रेस रिलीज में मेनका गांधी के निर्देशों का भी जिक्र था। क्यों पलटा प्रशासन 5 मई से 31 अगस्त तक प्रशासन और वेटरनरी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन 1 सितम्बर को एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसमें कहा गया कि घोड़े जबलपुर लाने या रखने की अनुमति प्रशासन या ग्राम पंचायत से नहीं ली गई। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, माना जा रहा है कि इसी वजह से चार महीने बाद कार्रवाई हुई। हरियाणा स्थित अनुसंधान केंद्र भेजे थे सैंपल पूर्व में जब एक महीने में 13 घोड़ों की मौत हुई थी उस समय बीमारी का पता लगाने के लिए घोड़ों के ब्लड सीरम सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र भेजे गए थे। अनुसंधान केन्द्र से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एक घोड़े में ग्लैंडस के संभावित लक्षण पाए गए थे। घोड़े के स्वास्थ्य में सुधार होने के कारण जांच के लिए दोबारा सैंपल लैब में नहीं भेजे गए थे। रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई थी गौरतलब है कि हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी हैदराबाद से 29 अप्रैल से 3 मई के बीच 57 विभिन्न नस्लों के घोड़े को जबलपुर लाकर पनागर के रैपुरा ग्राम में रखा गया था। घोड़ों की तबीयत खराब होने के कारण केयरटेकर सचिन गुप्ता ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूचित किया था। घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी की सम्भावना तथा जूनोटिक रोगों की निगरानी व निदान के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत जिला कलेक्टर ने रैपिड रिस्पांस टीम गठित करने के आदेश जारी किए थे। हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका एनिमल लवर्स सिमरन इस्सर और अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अब तक प्रशासन, वेटरनरी विभाग, राज्य सरकार और आरोपी पक्ष की ओर से करीब 1600 पेज का जवाब कोर्ट में दिया गया है। अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी। 5 मई को सड़क के रास्ते लाए गए थे 57 घोड़े हैदराबाद से थोरो, काठियावाड़ी और मारवाड़ी प्रजाति के 57 घोड़े सड़क के रास्ते 5 मई को जबलपुर लाए गए थे। सभी को रैपुरा गांव में रखा गया। इनकी देखरेख के लिए स्टड फॉर्म मालिक सचिन तिवारी ने कुछ डॉक्टर और सेवक भी रखे। लेकिन 7 मई से 13 मई के बीच इनमें से 8 घोड़ों की मौत हो गई। उसके बाद एक-एक कर 5 और घोड़े मरे और एक और की मौत के साथ आंकड़ा 14 पहुंच गया। दो सप्ताह पहले तक बचे घोड़ों की संख्या 44 थी, लेकिन अब फिर 6 घोड़ों की जान चली गई और संख्या घटकर 38 रह गई है। 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की फिर मौत रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में रखे गए घोड़ों में से विगत 20 दिनों में आधा दर्जन घोड़ों की मौत हो गई थी। अभी तक 57 में से 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। घोड़े के केयर टेकर सचिन तिवारी ने पशुपालन विभाग की टीम को बताया गया था कि घोड़ों की मौत का कारण परिवहन के तनाव से हुई थी। घोड़ों की मौत को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग ने पनागर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। केयर टेकर और कंपनी के खिलाफ FIR पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने मीडिया केा बताया है कि पशुपालन विभाग की शिकायत पर घोड़ों के केयर टेकर सचिन तिवारी, हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घोड़ों की मेडिकल जांच तथा डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उनका पुनर्वास पर निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

पर्सनल कानूनों की आड़ में बाल विवाह नहीं चलेगा, सभी धर्मों पर लागू होना चाहिए अधिनियम: भुवन ऋभु

पर्सनल कानूनों की आड़ में जारी बाल विवाह की प्रथा पर रोक लगे और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सभी धर्मों व संप्रदायों पर समान रूप से लागू हो :  भुवन ऋभु भोपाल जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि बाल अधिकारों की सुरक्षा में मध्य प्रदेश अग्रिम मोर्चे पर है और इस राज्य के पास बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने की राष्ट्रीय लड़ाई के नेतृत्व की पूरी क्षमता व संभावना है।  मध्य प्रदेश की सात करोड़ तीस लाख की आबादी में 40 प्रतिशत हिस्सा बच्चों का है। ऐसे में राज्य के सामने एक बड़ी चुनौती है और इसने निर्णायक कदम उठाए हैं। बाल विवाह, ट्रैफिकिंग और यौन हिंसा की चुनौती से निपटने के लिए सरकार और नागरिक समाज ने साथ मिलकर तेजी से कदम उठाए हैं।      देश के 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सहयोग से अप्रैल 2023 से अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के 41 जिलों में 36,838 बाल विवाह रुकवाए, ट्रैफिकिंग के शिकार 4,777 बच्चों को मुक्त कराया और यौन शोषण के शिकार 1200 से अधिक पीड़ित बच्चों की मदद की।  नागरिक समाज संगठनों के पुलिस, अधिवक्ताओं, बाल कल्याण समितियों और समुदायों के साथ तालमेल व समन्वय से काम करने के इस अनूठे माडल ने बच्चों की सुरक्षा की राज्य की क्षमता को मजबूती दी है।मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बच्चियों के साथ बलात्कार के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया था। ऋभु ने कहा कि सरकार को यही संकल्प बाल विवाह के खिलाफ भी दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) एक धर्मनिरपेक्ष कानून है जो बच्चों की सुरक्षा के मकसद से बनाया गया था और इसे हर हाल में धार्मिक विश्वासों व पर्सनल लॉ पर तरजीह मिलनी चाहिए।    हाल ही में कुछ उच्च न्यायालयों के फैसलों जिसमें पीसीएमए पर पर्सनल लॉ को तरजीह दी गई थी, का जिक्र करते हुए भुवन ऋभु ने कहा कि मध्य प्रदेश को अगुआई करते हुए इसे सभी के लिए बाध्यकारी बनाना चाहिए।  भोपाल में  एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भुवन ऋभु ने कहा, “सैद्धांतिक रूप से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम किसी भी पर्सनल लॉ, प्रथा या संहिता से ऊपर है। मध्य प्रदेश सरकार को इस पर अमल की अगुआई करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून बगैर किसी समझौते के हर बच्चे की हिफाजत करे।”  भुवन ऋभु वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन से ‘मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय अधिवक्ता हैं। वे जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन की वैश्विक पहल जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन वर्ल्डवाइड (जेसीडब्ल्यू) के भी अध्यक्ष हैं। जेसीडब्ल्यू दुनियाभर के अधिवक्ताओं, जजों और न्यायविदों को एक मंच पर लाता है ताकि कानूनी सुधारों व कानून पर अमल के जरिए बच्चों की सुरक्षा को मजबूती दी जा सके। बेस्टसेलर किताब ‘व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन: टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज’ के लेखक भुवन ऋभु ने कहा, “बच्चों की वास्तविक सुरक्षा व संरक्षण तभी संभव है जब कानून एक मजबूत निवारक उपाय का काम करे।”    उन्होंने कहा, “अप्रैल 2023 से जुलाई 2025 के बीच महज इन दो सालों में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के कार्यों से यह साबित होता है कि यदि कानून को उसके उद्देश्य और तात्कालिकता के साथ लागू किया जाए तो बच्चे वास्तव में सुरक्षित होंगे। देश में 3,74,000 बाल विवाह रोक कर, ट्रैफिकिंग के शिकार 1,00,000 से अधिक बच्चों को मुक्त करा कर, यौन शोषण के शिकार 34,000 से भी ज्यादा बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा मुहैया कर और 63,000 से भी ज्यादा मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर भारत ने यह साबित किया है कि हम एक ऐसा राष्ट्र बन सकते हैं जहां बच्चों के खिलाफ अपराध करके कोई कानून से नहीं बच पाएगा। यहां तक कि साइबर जगत में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के 1,000 से अधिक मामले दर्ज कर हमने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का शासन हर बच्चे की सुरक्षा करेगा और हर जगह करेगा।” हालांकि मध्य प्रदेश में बाल विवाह की दर 23.1 है जो राष्ट्रीय औसत 23.3 के मुकाबले मामूली कम है लेकिन कुछ जिलों में स्थिति गंभीर है। जैसे राजगढ़ में बाल विवाह की दर 46.0, श्योपुर में 39.5, छतरपुर में 39.2, झाबुआ में 36.5 और आगर मालवा जिले में 35.6 प्रतिशत है। कानून पर सख्ती से अमल के अभाव में बाल विवाह से बच्चियों का पढ़ाई छोड़ना और उनका शोषण व गरीबी के अंतहीन दुष्चक्र में फंसना जारी रहेगा।  मध्य प्रदेश में जेआरसी नेटवर्क के 17 सहयोगी संगठन पिछले दो वर्षों से राज्य के 41 जिलों में काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क बाल विवाह, बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल यौन शोषण और बाल श्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता के प्रसार और कानूनी हस्तक्षेप उपायों की दोहरी रणनीति पर काम करता है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ‘चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया’ अभियान के सहयोग में भी अग्रिम मोर्चे पर है जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत से बाल विवाह का खात्मा है।    बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 बाल विवाह पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को बच्चे के तौर परिभाषित करता है। इस कानून के तहत बाल विवाह को प्रोत्साहित करने या उसमें किसी भी तरह का सहयोग करने जैसे बारात में शामिल मेहमानों, हलवाई, सजावट करने वाले, बैंड वाले या घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान है।

दो-दो वोटर कार्ड मामले में अमित मालवीय ने शेयर किया सबूत

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला गर्माया हुआ है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए लगातार ही हमलावर है. उधर बीजेपी ने अब उल्टे कांग्रेस पार्टी पर ही गंभीर आरोप लगा दिए हैं. बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में एक्टिव वोटर आईडी कार्ड (EPIC नंबर) मौजूद हैं. अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वोटर लिस्ट शेयर करते हुए चुनाव आयोग से इसकी जांच की मांग की है. मालवीय के मुताबिक, पवन खेड़ा का नाम एक ओर जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में दर्ज है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में भी एक्टिव है. दोनों कार्ड पर पिता का नाम एचएल खेड़ा दर्ज है, जिससे यह साफ हो जाता है कि कांग्रेस प्रवक्ता के पास दो वोटर आईडी हैं. अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि यह न केवल चुनावी कानून का उल्लंघन है, बल्कि इसमें दोहरी वोटिंग की आशंका भी पैदा होती है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले की तुरंत जांच करनी चाहिए. मालवीय का राहुल गांधी पर निशाना बीजेपी नेता ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बार-बार ‘वोट चोरी’ का शोर मचाते हैं, लेकिन खुद कांग्रेस नेताओं का इतिहास मतदाता सूची में गड़बड़ियों से भरा पड़ा है. मालवीय ने एक बार फिर अपना पुराना आरोप दोहराया कि सोनिया गांधी का नाम भी वोटर लिस्ट में उनके भारतीय नागरिक बनने से पहले ही दर्ज हो गया था. मालवीय ने आगे कहा कि कांग्रेस लगातार झूठ फैलाकर और भ्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत की चुनावी प्रक्रिया को बदनाम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैधता देकर चुनावी तंत्र को कमजोर किया और अब उन्हें डर है कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया उनकी पोल खोल देगी. ‘कांग्रेस ही असली वोट चोर’ मालवीय ने कहा कि पवन खेड़ा न केवल दो वोटर आईडी रखने के अपराध में शामिल हैं, बल्कि बिहार में भ्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोटरों को गुमराह कर रहे हैं, भ्रम फैला रहे हैं और भारत की मजबूत चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. स्पष्ट रूप से कहें तो राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा में अपने झूठे आरोपों की जांच के लिए अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं की है. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में गलत काम के आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है. मालवीय ने आगे कहा कि सच यह है कि कांग्रेस ही असली ‘वोट चोर’ है. वे सभी को अपने जैसा बदनाम करना चाहते हैं. लंबे समय तक उन्होंने अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वैधता देकर हमारी चुनावी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया और जनादेश चुराया. अब उन्हें डर है कि चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया उनकी सच्चाई उजागर कर देगी. यह समय है कि भारत समझे कि राहुल गांधी हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं. खबर लिखे जाने तक मालवीय के इस आरोप पर कांग्रेस या पवन खेड़ा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.  

उफनती नदियों ने मचाया हाहाकार, पंजाब के 1300 गांव डूबे

पठानकोट पंजाब पिछले एक महीने से भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है. 1 अगस्त से अब तक बाढ़ के कारण राज्य में 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2.56 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार ने इसे दशकों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदा करार दिया है. सूबे में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान के साथ मौसमी नालों में बढ़े जलस्तर से कई जिलों में भारी तबाही मची है. बाढ़ से सबसे ज्यादा असर अमृतसर में देखा गया है, जहां 35,000 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद फिरोजपुर में 24,015, फाजिल्का में 21,562, पठानकोट में 15,053, गुरदासपुर में 14,500, होशियारपुर में 1,152, एसएएस नगर में 7,000, कपूरथला में 5,650, मोगा में 800, जालंधर में 653, मानसा में 163 और बरनाला में 59 लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार के बुलेटिन के मुताबिक, सबसे ज्यादा 6 मौतें पठानकोट में दर्ज की गई हैं. अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा और रूपनगर में 3-3 लोगों की मौत हुई. बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली और संगरूर में 1-1 मौत दर्ज की गई. पठानकोट में तीन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. अब तक 15,688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सबसे ज्यादा 5,549 लोगों को गुरदासपुर में बचाया गया, जबकि फिरोजपुर में 3,321, फाजिल्का में 2,049, अमृतसर में 1,700 और पठानकोट में 1,139 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला गया है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद उफनती सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के कारण पंजाब के बड़े हिस्से में बाढ़ आई है. 1300 से ज्यादा गांवों में ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित पंजाब में बाढ़ की चपेट में अब तक कमोबेश गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें गुरदासपुर में 321, अमृतसर में 88, बरनाला में 24, फाजिल्का में 72, फिरोजपुर में 76, होशियारपुर में 94, जालंधर 55, कपूरथला में 115, मानसा में 77, मोगा में 39 और पठानकोट में 82 गांव शामिल हैं. मसलन, 12 जिलों के कमोबेश 1300 गांवों में कुल 2,56,107 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल कैंप फिरोजपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 400 मेडिकल कैंप लगाए गए, जिनमें अब तक 8,700 मरीजों का इलाज किया गया. मोबाइल मेडिकल टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को दवाइयां और ORS मुहैया करा रही हैं. गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष देखभाल पर जोर दिया जा रहा है. चंडीगढ़ और पंजाब में स्कूल-कॉलेज बंद चंडीगढ़ में भारी बारिश के चलते मंगलवार को सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया गया है. प्रशासन ने पाटियाला की राव नदी पर भी नजर रखने और निचले इलाकों में समय रहते अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं. इसी तरह पंजाब सरकार ने राज्यभर में कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पॉलीटेक्निक इंस्टिट्यूट्स को 3 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया है.  यूरोपीय स्पेस एजेंसी के Copernicus Sentinel-1 के डेटा का इस्तेमाल करके 25 से 31 अगस्त तक बाढ़ग्रस्त इलाकों का विश्लेषण किया. इसमें पता चला कि रावी नदी अपनी सामान्य चौड़ाई से 10 गुना तक फैल गई और हजारों घर, गांव और खेत जलमग्न हो गए. राज्यपाल करेंगे बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा, सीएम की केंद्र से ये अपील पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया 2 से 4 सितंबर तक राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे. इस संबंध में सोमवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई. सोमवार को राज्यपाल सड़क मार्ग से सीमावर्ती जिला फिरोज़पुर के लिए रवाना हुए. प्रेस रिलीज के मुताबिक राज्यपाल 2 सितंबर को फिरोज़पुर और तरनतारन, 3 सितंबर को अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट तथा 4 सितंबर को होशियारपुर और श्री आनंदपुर साहिब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. राज्य के कई हिस्से भीषण बाढ़ की चपेट में हैं. ऐसे हालात में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि इस संकट की घड़ी में लोगों को राहत देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा. उन्होंने इसे "हाल के इतिहास की सबसे भीषण बाढ़" करार दिया. सीएम मान ने यह भी बताया कि वह पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं और सरकार के पास फंसे राज्य के 60,000 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह खुद भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. लगातार हो रही भारी बारिश के चलते होशियारपुर जिले में हालात और बिगड़ रहे हैं. गढ़शंकर और होशियारपुर सब-डिवीजन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. हकूमतपुर, अलीवालपुर, भाना, ठक्करवाल और खानपुर गांवों में पानी घरों तक घुस गया. अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त महीने में 253.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा है और पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक दर्ज की गई है. गढ़शंकर SDM संजीव कुमार ने बताया कि प्रभावित परिवारों को गुरुद्वारों की मदद से पका हुआ खाना मुहैया कराया जा रहा है. वहीं, होशियारपुर SDM ने बताया कि कुकरां बंध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया. जिले में अब तक 100 गांवों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है और 5,971 हेक्टेयर खेत डूब चुके हैं. यहां 10 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 1,041 लोग रह रहे हैं. खेतीबाड़ी और बुनियादी ढांचे का नुकसान पंजाब में 96,061 हेक्टेयर खेतीबाड़ी की जमीन बाढ़ की चपेट में आई हैं. पशुधन का भी बड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन सही आंकड़े पानी उतरने के बाद ही सामने आएंगे. बुनियादी ढांचे की क्षति का भी आकलन जलस्तर घटने के बाद किया जाएगा. पूरे राज्य में NDRF, SDRF, आर्मी और पंजाब पुलिस राहत कार्यों में जुटी हैं. NDRF की 20 टीमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का और बठिंडा में तैनात की गई हैं. अब तक 14,936 लोगों को सेना, BSF और प्रशासन ने मिलकर सुरक्षित निकाला है. मसलन, पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राहत-बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन अभी भी लाखों लोग प्रभावित हैं. प्रशासन ने साफ कहा है कि पानी उतरने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन किया जा सकेगा.