samacharsecretary.com

आज का राशिफल 09 सितंबर 2025: इन राशियों को मिलेगा सौभाग्य, हर काम बनेगा आसान

मेष आज का राशिफल बताता है कि आप कुछ नए और रोमांचक साहसिक कार्य शुरू कर सकते हैं। इस समय जीवन एक बड़े रोमांच जैसा लगता है, और आप अपनी लाइफ में हर मिनट को पसंद कर रहे हैं। शायद आप इन सभी अद्भुत अनुभवों को याद रखने के लिए जर्नलिंग करने या ढेर सारी तस्वीरें लेने का प्रयास कर सकते हैं। वृषभ आज हो सकता है कि आप चीजों को अपने तरीके से करने की इच्छा महसूस कर रहे हों, भले ही दूसरे लोग आपको ऐसा न करने के लिए कह रहे हों। अगर आप शॉर्टकट अपनाने का प्रयास करेंगे तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। मिथुन आज अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करें। हो सकता है किसी पुरानी चीज का अंत किसी नई चीज की शुरुआत के लिए जगह बना रहा हो। अपने काम पर ध्यान दें। अचानक से आपके खर्च बढ़ सकते हैं। तनाव पर ध्यान दें। कर्क आज का राशिफल इस ओर इशारा कर रहा है की कभी-कभी दूसरों की सलाह सुनना भी जरूरी है। हो सकता है कि आप पास्ट के प्रति थोड़ा उदास महसूस कर रहे हों, लेकिन याद रखें कि भविष्य में बहुत सारी रोमांचक संभावनाएं हैं। सिंह आज का दिन आपके लिए फोकस बढ़ाने की मांग कर रहा है। आप एक नए दृष्टिकोण के साथ फिर से शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। आप जो कुछ भी सीख चुके हैं, उसे अपना रहे हैं और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए ज्ञान का उपयोग भी कर रहे हैं। कन्या आज का दिन आपको अपनी पोजीशन से आगे बढ़ने में मदद करेगा। आपके कामकाजी जीवन में भी सकारात्मक बदलाव हो सकता है। बस सेहत पर ध्यान दें। तुला आज के दिन क्रिएटिव तरीके आजमाने पर आप अधिक उत्पादक बन सकते हैं। सेहत से जुड़े मुद्दों को लेकर लापरवाही न बरतें। पैसों के मामले में थोड़ा उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वृश्चिक आज के दिन का का सदुपयोग आगे पढ़ाई करके, अपना खुद का व्यवसाय शुरू करके या यहां तक ​​कि विदेश यात्रा करके अपने पेशेवर प्रोफाइल को बढ़ाने के लिए करें। चाहे आप सिंगल हों या रिश्ते में हों, यह दिल के मामलों में दिमाग को चुनने का समय है। धनु आज का राशिफल इस बारे का संकेत देता है कि कभी-कभी अच्छी चीजें अचानक से खुद-ब-खुद ही हो जाती हैं। जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। हो सकता है कि आपको कोई बड़ा मौका मिले। मकर आज आपका आधिकारिक प्रदर्शन शानदार होगा। इससे आपके करियर में अधिक अवसरों को बढ़ने का रास्ता मिलेगा। आर्थिक रूप से आप आज अच्छे हैं और कोई बड़ी बीमारी आपको परेशान नहीं करेगी। कुंभ आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहन वाला है। आपके खिलाफ बहुत कुछ चल रहा है और हर चीज पर नजर रखना कठिन है। पॉलिटिक्स में न उलझने के लिए एक शेड्यूल बनाने या नई जिम्मेदारियां लेने का प्रयास करें। मीन आज आप खुद को नई सीमाओं की ओर आकर्षित होते हुए पा सकते हैं। चाहे वह पेशेवर लेवल पर नए करियर पथ का रास्ता खोलना हो या पर्सनल लेवल पर ज्ञान और स्किल्स की खोज करके आगे बढ़ना हो।

MP में सड़क हादसों की स्थिति चिंताजनक, सावधानी के साथ चलें: आंकड़े बताते गंभीर स्थिति

भोपाल   केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में वर्ष 2023 में हुए सड़क हादसों की विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। अगस्त के अंतिम हफ्ते में जारी इस रिपोर्ट से मध्य प्रदेश में सड़कों की बदहाली और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की बदइंतजामी खुलकर सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उक्त अवधि में देश में सबसे ज्यादा सड़क हादसों में तमिल नाडु के बाद मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर रहा। हादसों में सबसे ज्यादा मौत उत्तर प्रदेश और तमिल नाडु में हुईं, जबकि मध्य प्रदेश चौथे नंबर पर रहा। इतना ही नहीं, देश में तेज रफ्तार की वजह से हुए हादसों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में पूरे देश में चार लाख 80 हजार 583 सड़क हादसे हुए। इनसे एक लाख 72 हजार 890 लोगों की मौत हुई और चार लाख 62 हजार 825 लोग घायल हुए। देश में हुए कुल हादसों में से 14 प्रतिशत हादसे तमिल नाडु, 11.5 प्रतिशत मध्य प्रदेश, 10 प्रतिशत केरल, 9.39 प्रतिशत उप्र और 9 प्रतिशत हादसे कनार्टक में हुए। देश में यही पांच राज्य टाप-फाइव की सूची में शामिल हैं। टाप-पांच राज्य : कहां कितने हादसे     तमिलनाडु – 67 हजार 213     मध्य प्रदेश – 55 हजार 327     केरल – 48 हजार 091     उत्तर प्रदेश – 44 हजार 534     कर्नाटक – 43 हजार 440 सड़क हादसों में मौत : टाप-फाइव राज्य     उप्र – 23 हजार 652     तमिल नाडु – 18 हजार 347     महाराष्ट्र – 15 हजार 366     मप्र – 13 हजार 798     कर्नाटक – 12 हजार 321 नेशनल हाइवे पर हादसे     उत्तर प्रदेश – 8446     तमिलनाडु – 6258     मध्य प्रदेश – 5780 ट्रैफिक नियम तोड़ने के कारण सबसे ज्यादा हादसे मप्र में     रिपोर्ट में सड़क हादसों की अलग-अलग वजहों का भी विश्लेषण किया गया है। सामने आया है कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा हादसे ट्रैफिक नियम तोड़ने की वजह से हुए।     प्रदेश में ट्रैफिक नियम न मानने की वजह से 44 हजार 592 हादसे हुए। वहीं तेज रफ्तार की वजह से हुए हादसों में मरने वालों की संख्या मप्र में 11 हजार 380 रही, जो देश में सबसे ज्यादा है।     देश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में जबलपुर तीसरे नंबर पर है, जहां हादसों में 545 लोगों ने जान गंवाई है। दिल्ली 1457 मौत के साथ पहले नंबर पर है। टाप-10 शहर…जहां सबसे ज्यादा हादसे     दिल्ली – 5834     बेंगलुरु – 4974     जबलपुर – 4205     चेन्नई – 3653     इंदौर – 3566     मल्लपुरम – 3253     हैदराबाद – 2943     जयपुर – 2915     भोपाल – 2906     कोच्चि – 2803 शाम 6 से 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा हादसे, मरने वालों में दो पहिया वाले ज्यादा रिपोर्ट में वर्ष 2020 से लेकर 2023 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। सामने आया कि शाम 6 से रात 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा हादसे हुए। 2023 में इस समयावधि में 99 हजार 945 हादसे हुए हैं। यह कुल हादसों का 20.8 प्रतिशत है। ऐसे हादसों में जान गंवाने वाले सबसे ज्यादा दो पहिया सवार हैं। 2023 में सात हजार 591 दो पहिया सवारों की मौत हुई, जबकि पैदल चलने वालों की संख्या चार हजार 604 के साथ दूसरे नंबर पर है। एक हजार 593 कार सवारों की मौत हुई।

नेपाल में बवाल, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़प; PM ओली ने बुलाई आपात बैठक

 काठमांडू  पड़ोसी मुल्क नेपाल में फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाए जाने को लेकर युवक सड़कों पर उतर आए. काठमांडू समेत कई शहरों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी हुई है. हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगाया गया और सेना की तैनाती की गई है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार बैन हटाए और पारदर्शिता लाए. काठमांडू में तो प्रदर्शन हिंसक हो गया और युवाओं ने संसद भवन में घुस कर जमकर तोड़फोड़ औेर आगजनी की. पुलिस ने फिर आंसू गैस, पानी की बौछार और यहां तक की रबर बुलेट का इस्तेमाल किया.हालात पर काबू पाने के लिए नेपाल की सरकार ने काठमांडू, पोखरा समेत कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया और सड़कों पर सेना की तैनाती कर दी है.  इस प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत भी हुई है और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. सोशल मीडिया बैन, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आवास पर सुरक्षा बढ़ाई गई नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार को लेकर ओली सरकार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन हिंसक हो गया है. अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. युवा प्रदर्शनकारी पीएम ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.  काठमांडू में कर्फ्यू का दायरा बढ़ाया गया काठमांडू में कर्फ्यू का दायरा बढ़ाया गया है. अब पाबंदियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के आवासों के साथ-साथ सिंहदरबार क्षेत्र तक लागू होंगी. शुरुआत में कर्फ्यू केवल बनेश्वर के कुछ हिस्सों में लगाया गया था, जब प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुस आए थे. लेकिन स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इसे बढ़ाकर राष्ट्रपति भवन (शीतल निवास क्षेत्र), महाराजगंज, उपराष्ट्रपति का निवास (लैनचौर), सिंहदरबार के चारों ओर, प्रधानमंत्री का निवास (बालुवाटार) और आसपास के इलाकों तक कर दिया है.    मरने वालों का आंकड़ा 20 पहुंचा, 25 की हालत नाज़ुक नेपाल में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प में मौत का आंकड़ा 20 पहुंच गया है. इनमें से 18 की मौत काठमांडू और दो की इटाहारी में हुई. संसद भवन के पास अभी माहौल तनावपूर्ण है.  दूसरी ओर 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. इनमें से 25 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुई है.   काठमांडू में प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश  रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के सचिव प्रदीप पौडेल ने निर्देश दिया है कि राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए.  तीन और शहरों में लगा कर्फ्यू युवाओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सरकार कर्फ्यू का दायरा लगातार बढ़ाते जा रही है. रुपन्देही, बुटवल और भैरहवा में अब कर्फ्यू लगा दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए नेपाल की सेना की ओर से सड़कों पर सैनिकों की संख्या में वृद्धि की गई है. भैरहवा भारत से लगने वाली सीमा पर ही स्थित शहर है. नेपाल मानवाधिकार आयोग ने युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई की निंदा की नेपाल मानवाधिकार आयोग ने युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई की निंदा की है. आयोग ने कहा कि पुलिस और सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए अत्याधिक बल का प्रयोग किया. कभी आंसू गैस के गोले, रबर की गोलियां, कभी बैटन तो कभी पानी की तोप का इस्तेमाल किया गया.  नेपाल के पत्रकार ने प्रदर्शन के स्तर बढ़ने के बीच बताई तीन मुख्य वजह आजतक से नेपाल के पत्रकार साबिन धामला ने युवाओं के प्रदर्शन से बातचीत की है. उन्होंने कहा- काठमांडू के अलावा अन्य शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं और स्थिती और बिगड़ते जा रही है. Gen-Z के आंदोलन को सरकार ने पहले कम आंका गया. सरकार सोच रही थी कि इस प्रदर्शन का कोई लीडर नहीं तो ये लोग क्या ही कर लेंगे. नाखुश-नाराज और जो बेचैन युवा थे, उसको ये सोशल मीडिया पर पाबंदी ट्रिगर कर गई. ये बड़े कारण हैं जो प्रदर्शन को और व्यापक कर दिया.  नेपाल में हो रहे इन प्रदर्शनों के पीछे वजह मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध है. नेपाल की सड़कों पर हजारों की संख्या में युवाओं की भीड़ देखी जा रही है. ये लोग भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगे बैन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. आपको बता दें कि नेपाल में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, यूट्यूब और स्नैपचैट पर पाबंदी लगा दी गई है, जिससे युवा काफी नाराज हैं.  बुटवल, भैरहवा और ईटहरी में सख्‍ती नेपाल में Gen Z प्रोटेस्ट के तेज होते ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है. बुटवल, भैरहवा और ईटहरी में धारा 144 जैसी पाबंदियाँ लागू कर दी गईं, जिसके तहत किसी भी तरह की सभा, रैली या धरना-प्रदर्शन पर रोक रहेगी. रूपनदेही और सुनसरी ज‍िला प्रशासन ने ऐलान किया कि हालात को काबू में रखने और शांति बहाल करने के लिए यह कदम उठाया गया है.  नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के घर पथराव नेपाल के झापा ज‍िले के दमक में हालात गरमा गए जब लोगों ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के घर पर पत्थर बरसा दिए. गुस्से में आए प्रदर्शनकारियों ने ईस्ट-वेस्ट हाइवे पर टायर जलाकर रोड जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की. फिलहाल इलाके में भारी सुरक्षा तैनात है. लोगों का कहना है कि यह विरोध स्थानीय मुद्दों और ओली के कामकाज को लेकर बढ़ती नाराज़गी की वजह से भड़का. पुलिस का दावा है कि अब स्थिति काबू में है, लेकिन नजर लगातार रखी जा रही है. नेपाल में सेना ने संभाला सड़कों पर मोर्चा नेपाल में प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सड़कों पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन पुलिस की फायरिंग के बाद चीज़ें बिगड़ गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन पर गोलियां चला रही है.

गंगा का जलस्तर बढ़ा, बिजनौर के 50 से ज्यादा गांवों में मंडराया बाढ़ का संकट

बिजनौर  उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गंगा नदी की धार ने गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में बने तटबंध का कटान शुरू कर दिया है. पिछले दो दिनों से चल रहे इस कटान को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद तटबंध का करीब तीन किलोमीटर हिस्सा गंगा में समा गया है.  लगातार हो रहे इस कटान से आसपास के लोगों में दहशत है. प्रशासन ने नवलपुर गांव को खाली करने का अलर्ट जारी कर दिया है और एसडीआरएफ की टीमें भी जिले में पहुंच गई हैं. सिंचाई विभाग और दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट की टीमें मिलकर तटबंध को बचाने में जुटी हैं.  प्रशासन और विधायक मौके पर, डीएम ने जारी किया अलर्ट हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएम जसजीत कौर ने बताया कि तटबंध का कटान शुरू होने के बाद सभी अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है. उन्होंने कहा कि स्थिति थोड़ी नाजुक है, फिर भी प्रयास जारी हैं. तटबंध को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है.  डीएम ने कहा कि 10 से 12 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और टीआरएफ की टीमें भी बुलाई गई हैं जो किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. देखें वीडियो-  दिन-रात चल रहा है मरम्मत का काम मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों ने बताया कि गंगा लगातार तटबंध को अपने अंदर समाती जा रही है, जिससे लोगों में दहशत बढ़ रही है. तटबंध को बचाने के लिए रात भर काम चल रहा है. बड़े-बड़े पेड़ और बालू से भरे बोरे डालकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही है.   उधर, सदर विधायक सूची चौधरी ने भी मौके का मुआयना किया और कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और प्रशासन, ग्रामीण और सिख समाज के लोग मिलकर इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने प्रभारी मंत्री को भी इसकी जानकारी दी है. 

सेना और नौसेना कमांडो का 17000 फीट पर अभ्यास, क्षमता और समन्वय बढ़ाने का प्रयास

कोलकाता भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्सेज और नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) ने सिक्किम में बेहद कठिन परिस्थितियों में संयुक्त स्कूबा और लड़ाकू डाइविंग अभ्यास किया। यह अभ्यास  17,000 फीट की ऊंचाई पर एक सप्ताह तक चला। रक्षा अधिकारियों ने इस संयुक्त अभ्यास के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों बलों के बीच तालमेल बढ़ाना, उनके विशेष युद्ध कौशल को निखारना और विविध व चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों के लिए उनकी तैयारी सुनिश्चित करना है। तथा इससे यह सुनिश्चित करना होता है कि भारत की विशिष्ट सेनाएं हिमालय से लेकर गहरे समुद्र तक विविध भूभागों में मिशन के लिए तैयार रहें।   उन्होंने बताया कि उच्च ऊंचाई वाले प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने ओपन सर्किट एयर डाइविंग, क्लोज सर्किट प्योर ऑक्सीजन डाइविंग, अत्यधिक ठंडे पानी की स्थिति में 17 मीटर की गहराई तक गोता लगाया तथा कॉम्बैट नाइट डाइविंग की। 30 अगस्त से पांच सितंबर तक चला अभ्यास यह प्रशिक्षण 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बर्फीले पानी और दुर्गम इलाके में आयोजित किया गया। इस दौरान कमांडो ने ओपन-सर्किट एयर डाइविंग, क्लोज-सर्किट प्योर ऑक्सीजन डाइविंग, और अत्यधिक ठंडे पानी में 17 मीटर की गहराई तक गोताखोरी का अभ्यास किया। इसके अलावा, उन्होंने रात के समय में भी लड़ाकू गोताखोरी का भी अभ्यास किया। इस बारे में एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि इस तरह का प्रशिक्षण सैनिकों को भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए तैयार करने के लिए आवश्यक है, जहां अप्रत्याशितता ही एकमात्र स्थिरता है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास से दुर्लभ उच्च ऊंचाई की स्थितियों में काम करना, बर्फीले पानी में सटीक कार्य करना और संयुक्त अभियानों में लड़ाकू गोताखोरी को एकीकृत करते हैं। इस दौरान टीम कमांडर ने कहा कि इन चरम स्थितियों में प्रशिक्षण से सैनिक की सहनशक्ति, कौशल और मानसिक शक्ति के हर पहलू का परीक्षण होता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि जब भी आवश्यकता हो, हमारी टीमें किसी भी वातावरण में प्रभावी ढंग से काम कर सकें, चाहे वह कितना भी कठिन या चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।  

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने आतंकियों को किया निशाना

जम्मू जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में अब तक दो आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि भारतीय सेना का एक जवान बलिदान हो गया है। इस मुठभेड़ में दो अन्य जवान घायल भी हुए हैं। ऑपरेशन अब भी जारी है। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाब दिया। फायरिंग में एक अफसर के घायल होने की खबर है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है। कश्मीर जोन पुलिस के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर कुलगाम के गुड्डर जंगल में मुठभेड़ हो रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की एसओजी काम पर हैं। तलाशी अभियान के दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की है, सुरक्षाबलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। दोनों तरफ से तेज गोलीबारी हुई। खबर मिली है कि एक अफसर घायल हो गया है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   भारतीय सेना के अनुसार, अभियान के दौरान एक आतंकवादी मारा गया। एक जूनियर कमीशन अधिकारी घायल हो गया। अभियान जारी है। फिलहाल सुरक्षाबलों ने जंगल को घेर लिया है। 

बस्तर में निवेश के नए अवसर, 11 सितंबर को होगा बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट

रायपुर क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग आगामी 11 सितंबर 2025 को बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रमुख निवेश संवर्धन पहल इससे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रायपुर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टोक्यो, ओसाका और सियोल में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है। इन आयोजनों के माध्यम से नवंबर 2024 से अब तक ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार अब छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के माध्यम से निवेश संभावनाओं को बस्तर तक ले जा रही है, जो प्रदेश के सबसे गतिशील और संभावनाशील क्षेत्रों में से एक है। बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत संतुलित क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नीति का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और स्थानीय समुदायों का सशक्तिकरण है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी हो। छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत ₹1000 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली अथवा 1000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इस नीति में औषधि निर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, आईटी एवं डिजिटल तकनीक, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस व डिफेंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, जिसके तहत बस्तर में होटल, इको-टूरिज़्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और खेल सुविधाओं जैसी परियोजनाओं पर 45 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक ग्रुप-3 श्रेणी में आते हैं, जिससे निवेशकों को अधिकतम नीति लाभ सुनिश्चित हो सकेगा। समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इस नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत एससी/एसटी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी, वहीं नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों और व्यक्तियों को भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। यह सरकार की सामाजिक पुनर्वास और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक अभिनव पहल के रूप में, नई औद्योगिक इकाइयों में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक उनके वेतन पर 40 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम ₹5 लाख प्रतिवर्ष) उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, बस्तर में स्टील सेक्टर की इकाइयों को 15 वर्षों तक रॉयल्टी रीइम्बर्समेंट की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक भरोसा मिलेगा और औद्योगिक विकास को स्थिरता प्राप्त होगी। सरकार को उम्मीद है कि बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रमुख निवेशक, उद्योग जगत के दिग्गज और स्थानीय उद्यमी शामिल होंगे। यह आयोजन सहयोग और विकास का एक उच्च-स्तरीय मंच साबित होगा। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है, जो बस्तर की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बस्तर के युवाओं को वह कौशल और अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके वे अधिकारी हैं और जिनसे वे छत्तीसगढ़ की विकास गाथा के सक्रिय सहभागी बन सकेंगे। औद्योगिक नीति की प्रत्येक पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और समृद्धि को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोच-समझकर तैयार की गई है। बस्तर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन बस्तर के समग्र विकास को साकार करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। यह बस्तर को सतत् और समावेशी विकास का प्रतीक बनाएगा, जिसकी जड़ें क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना में गहराई से जुड़ी हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि अवसरों और लाभों का प्रवाह सीधे स्थानीय जनता तक पहुँचे।

22 सितंबर से सस्ते होंगे प्रोडक्ट्स? GST कटौती पर दुकानदारों की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली.  सरकार ने दिवाली से पहले देशवासियों को बड़ा तोहफा देते हुए रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले घरेलू सामानों से लेकर कार-बाइक तक पर लागू जीएसटी को घटा दिया है। जीएसटी काउंसिल की बीते 3 सितंबर को हुई बैठक में चार की जगह सिर्फ दो जीएसटी स्लैब रखे गए हैं, जो 5% और 18% के हैं। जबकि 12% और 28% को हटा दिया गया है। इसके बाद तेल, साबुन, शैंपू, दूध, मक्खन, घी से लेकर टीवी, फ्रिज, एसी समेत तमाम सामानों का स्लैब चेंज हुआ है, जिससे इनपर टैक्स घट गया है और नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाली हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या इस तारीख से ग्राहकों को सस्ते रेट में सामान मिलने लगेगा? आजतक ने दुकानदारों की राय जानी और इसके असर को समझा।।। पुराने स्टॉक को लेकर बड़ी परेशानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 3 सितंबर को जीएसटी रेट कट का ऐलान किए जाने के बाद ये जानने के लिए दुकानदारों से बात की कि क्या 22 सितंबर के बाद खुदरा दुकानदार नई लागू सस्ती दरों पर सामान को घाटा सहकर बेचेंगें और इससे दुकानदारों के बिजनेस पर क्या असर होगा? इस पर खुदरा दुकानदारों और रिटेलरों ने अपनी-अपनी राय रखी। नोएडा में किराने का दुकान चलाने वाले तेजपाल सिंह ने बताया कि रिटेलर के पास तो पुराने माल का स्टॉक भरा पड़ा है। क्योंकि हम इसे थोड़ा-थोड़ा करके बेचते हैं और जीएसटी रेट कट के बाद अभी तो पता ही नहीं रेट कितनी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अगर समान आगे से महंगा आएगा, तो फिर हम महंगा बेचेंगे।उन्होंने कहा कि खुदरा दुकानदार 100 ग्राम से 500 ग्राम या किलो के भाव में बेंचते हैं, तो पूरी आने वाले समय में ही कीमतों के बारे में पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।  एक अन्य दुकानदार नरेश का जीएसटी सुधार को लेकर लिए गए फैसले पर कहना है कि सरकार का काम अच्छा है इससे हम लोगों को फायदा होगा, लेकिन आगे देखने वाली बात होगी कि यह कितना असरदार साबित होता है। हम लोग दाल, चीनी, चावल बेचते हैं, तो उनके रेट किस तरह रहेंगे, इसका पता तो नई दरें लागू होने के बाद हम तक पहुंचने वाले सामान के बाद ही सही से पता चल पाएगा। लेकिन जो माल स्टॉक में है, उस पुराने माल को तो हम लोग अभी इसी रेट पर बेचेंगे, जब पीछे से जीएसटी कम होकर आएगा, तो हम भी सस्ता कर देंगे।  सवाल- कितने तैयार हैं दुकानदार?  सरकार के जीएसटी कट के फैसले के बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने भी बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने करीब 400 वस्तुओं और सेवाओं पर  GST दरों में बड़ी कटौती की है, जो 22 सितंबर से लागू होने वाली हैं। इनमें फूड प्रोडक्ट्स से लेकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें, इलेक्ट्रॉनिक्स, कार-बाइक्स, बीमा पॉलिसी तक शामिल हैं, जो सस्ते हो जाएंगे। सीटीआई के मुताबिक, सरकार चाहती है कि इस बदलाव का सीधा फायदा आम जनता तक पहुंचे। लेकिन सवाल यह है कि आने वाले दिनों में लोगों को जीएसटी कटौती का फायदा देने के लिए व्यापारी और दुकानदार कितने तैयार हैं? इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि यह बड़ा सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि पहले ही पुरानी दरों वाला हजारों टन माल दुकानों और गोदामों में भरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे पुराने सामान पर दाम कैसे घटाएं और ग्राहकों को इसका फायदा कैसे दे पाएं। 22 सितंबर से पहले के माल पर पुरानी दरों का ही टैग और दाम होगा, अब उसी माल को घटे हुए दाम पर बेचने के लिए कंपनियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और दुकानदारों को आपसी समन्वय करना होगा। इन तरीकों से हल्का होगा बोझ बृजेश गोयल ने दुकानदारों पर पड़ने वाले बोझ को हल्का करने के कुछ तरीके भी शेयर किए। उन्होंने कहा प्राइस एडजस्टमेंट से पुराने स्टॉक को लेकर पैदा हुई समस्या कम हो सकती है। इसके लिए कंपनियां पुरानी दरों वाले सामान के लिए डीलरों को क्रेडिट नोट देंगी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी डीलर ने साबुन का एक कार्टून पुरानी GST की दरों के हिसाब से खरीदा है और अब उसकी कीमत घट गई है, तो फिर कंपनी उसे बराबर का क्रेडिट देगी, इससे डीलर नुकसान में नहीं रहेगा और ग्राहकों को सामान भी सस्ता मिलेगा। सीटीआई चेयरमैन के मुताबिक, रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनियां रिलायंस, डीमार्ट के पास मजबूत तकनीकी सिस्टम है, वे अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर और पीओएल मशीनों को तुरंत अपडेट भी कर सकते हैं, लेकिन दूसरी ओर छोटे दुकानदारों और मोहल्लों के दुकान चलाने वाले किराना व्यापारियों को यह बदलाव करने में थोड़ी दिक्कत पेश आ सकती है, क्योंकि उनके पास उस तरह का तकनीक उपलब्ध नहीं है। बृजेश गोयल के मुताबिक, कंपनियों को साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, बिस्कुट जैसे उत्पादों पर नई MRP वाले स्टीकर लगाने पड़ेंगे या फिर हो सकता है कुछ कंपनियां कीमत घटाने की जगह उस सामान के पैकिंग का वजन बढ़ा दें, जैसे 10 रुपये वाले बिस्किट के पैकेट में ज्यादा बिस्किट मिलने लगें, लेकिन प्राइस पुराना ही रहे।  दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती CTI चेयरमैन बृजेश गोयल की मानें, तो कुल मिलाकर सरकार द्वारा तय की गई नई दरें 22 सितंबर से ही लागू होंगी और आम उपभोक्ताओं को GST कटौती का लाभ पहुंचाना छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाली है, क्योंकि पुरानी जीएसटी दरों का सामान नई दरों के हिसाब से बेचना दुकानदारों के लिए घाटे का सौदा भी साबित हो सकता है।

कमेंट्री बॉक्स में सितारों की एंट्री, Asia Cup 2025 में सहवाग-इरफान समेत कई दिग्गज

नई दिल्ली एशिया कप 2025 में सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि कमेंट्री बॉक्स में भी दिग्गजों की जंग देखने को मिलेगी. यूएई में मंगलवार से शुरू हो रहे एशिया कप टी20 में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के बहुभाषी कमेंट्री पैनल में भारत के क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और वीरेंद्र सहवाग शामिल होंगे. पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण भी तमिल पैनल का हिस्सा बनेंगे, जिससे प्रशंसकों को हर भाषा में बेहतरीन विश्लेषण मिलेगा. 17वां एशिया कप: महाद्वीपीय क्रिकेट का महासंग्राम इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, यूएई, ओमान और हॉन्ग कॉन्ग अगले साल होने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप से पहले महाद्वीपीय वर्चस्व के लिए भिड़ेंगे. भारत अपना अभियान बुधवार को यूएई के खिलाफ शुरू करेगा। विश्व फीड के लिए चुने गए कमेंटेटर विश्व फीड कमेंटेटरों में भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर, संजय मांजरेकर, रॉबिन उथप्पा, बाजिद खान, वकार यूनिस, वसीम अकरम, रसेल अर्नोल्ड और साइमन डूल शामिल हैं.  हिंदी कमेंट्री पैनल के सितारे हिंदी पैनल में वीरेंद्र सहवाग, इरफान पठान, अजय जडेजा, पूर्व बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर और सबा करीम मुख्य नाम हैं. उनका अनुभव और विशेषज्ञता प्रशंसकों के लिए हर मैच को और रोमांचक बना देगी. तमिल और तेलुगु कमेंट्री पैनल भरत अरुण तमिल पैनल में डब्ल्यूवी रमन जैसे पूर्व खिलाड़ियों के साथ जुड़ेंगे. तेलुगु पैनल में वेंकटपति राजू और वेणुगोपाल राव जैसी हस्तियां शामिल हैं. सुनील गावस्कर ने कहा, ‘सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टीम इंडिया एशिया कप में कदम रख रही है. यह टीम अनुभव और युवा प्रतिभा का बेहतरीन मिश्रण है और भारतीय क्रिकेट के भविष्य का प्रतीक है.' रवि शास्त्री ने कहा, ‘सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और शुभमन गिल की उप-कप्तानी टीम में अनुभव और युवा का आदर्श संतुलन पेश करती है. जसप्रीत बुमराह, अभिषेक शर्मा और हार्दिक पंड्या लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि तिलक वर्मा और हर्षित राणा जैसी युवा प्रतिभाएं टीम में जोश और विकल्प जोड़ती हैं.’ एशिया कप के लिए भारत की टीम सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा, रिंकू सिंह.

चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट की हिदायत, SIR डॉक्यूमेंट्स में आधार को किया शामिल

पटना  बिहार में चुनाव आयोग की ओर से चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण में अब आधार को भी मान्यता रहेगी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में आदेश दिया और चुनाव आयोग से कहा कि 11 अन्य दस्तावेजों की तरह आधार को भी मान्यता दी जाए। जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग किसी की ओर से दिए गए आधार की वैधता की जांच कर सकता है। इस तरह अब वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए आधार को भी मान्यता मिल गई है, जिसकी डिमांड लंबे समय से की जा रही थी। बेंच ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड को SIR के लिए वैध दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि SIR के लिए आधार कार्ड को पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाए। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के पास यह अधिकार रहेगा कि वह आधार कार्ड की प्रमाणिकता के बारे में जांच कर ले। इस तरह आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, राशन कार्ड समेत अन्य 11 दस्तावेजों की तरह ही मान्यता मिलेगी। बेंच ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह आज ही आधार कार्ड को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दे ताकि स्पष्ट संदेश दिया जा सके। बेंच ने यह भी कहा कि आधार कार्ड सिर्फ पहचान का ही प्रमाण है। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग का पक्ष रख रहे वकील ने यह भी कहा कि SIR के दौरान ऐसे लोग भी पाए गए हैं, जो यहां के वोटर बने हुए थे। लेकिन वास्तव में वे घुसपैठिए हैं और अवैध तौर पर भारत में प्रवेश कर के आए हैं। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह एक समस्या है। इसी को लेकर उन्होंने कहा कि आधार कार्ड का वेरिफिकेशन चुनाव आयोग की ओर से किया जा सकता है। बता दें कि यही वजह है कि चुनाव आयोग कहता रहा है कि आधार कार्ड को पता या फिर नागरिकता का आधार नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि चुनाव आयोग का कहना है कि SIR की प्रक्रिया में वोटर्स को पूरा वक्त दिया जाएगा और नामांकन से एक दिन पहले तक यह जारी रहेगा।