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भाजपा ने किया ऐलान, 11 सितंबर को झारखंड में सूर्या हंसदा की मौत के खिलाफ प्रदर्शन

रांची,  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी कथित मुठभेड़ में सूर्या हंसदा की मौत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करते हुए 11 सितंबर को राज्य के 216 मंडलों में प्रदर्शन करेगी। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता मरांडी ने कहा कि भाजपा रांची के नगड़ी में एक अस्पताल परियोजना के लिए आदिवासी किसानों से ‘‘जबरन’’ अधिग्रहित की गई जमीन को वापस करने की मांग भी उठाएगी। यह परियोजना यहां राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के विस्तार से संबंधित है। मरांडी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम 11 सितंबर को कार्यक्रम के बाद राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता सूर्या हंसदा की पुलिस द्वारा हत्या और रिम्स-2 परियोजना के लिए नगड़ी के आदिवासी किसानों से जबरन भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर विधानसभा से लेकर सड़क तक आवाज उठाती रही है।’’ पुलिस ने बताया कि कई विधानसभा चुनाव लड़ चुके और कई आपराधिक मामलों में वांछित हंसदा को 10 अगस्त को देवघर के नवाडीह गांव से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि छिपे हुए हथियार बरामद करने के लिए राहदबदिया पहाड़ियों पर ले जाए जाने के दौरान एक कथित मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। गोड्डा पुलिस के अनुसार, हंसदा ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिया और मौके से भागने की कोशिश में उन पर गोली चला दी। पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें हंसदा की मौत हो गई। इस बीच, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा सूर्या हंसदा और नगड़ी भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। झामुमो के महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद पांडे ने एक बयान में कहा, ‘‘सूर्या हंसदा मामले में भाजपा जिस तरह से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, वह आदिवासी समुदाय का अपमान है। झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं विधायक हेमलाल मुर्मू, सूर्या के आपराधिक जीवन का ब्योरा पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं। आदिवासी समुदाय अपराधियों को स्वीकार नहीं करता है।’’  

25 से 29 सितंबर तक उत्तर प्रदेश आयोजित करेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा संस्करण

यूपी के क्राफ्ट, कुजीन, कल्चर का साक्षात्कार कराने आयोजित होने जा रहा है यूपीआईटीएस-2025 25 से 29 सितंबर तक उत्तर प्रदेश आयोजित करेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा संस्करण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पांच दिवसीय यूपी आईटीएस का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने की ट्रेड शो आयोजन के तैयारियों की समीक्षा, कहा, प्रदेश की ब्रांडिंग का बेहतरीन अवसर है यूपीआईटीएस पार्टनर कंट्री के रूप में इस बार रूस की हो रही है सहभागिता पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में भाग लेने आ रहे 500 से अधिक खरीदार, 2500 एक्ज़िबिटर्स भी करा चुके पंजीयन $1ट्रिलियन अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, ओडीओपी, बीमा, आयुष्मान भारत, ब्लू रिवल्यूशन जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित हों: मुख्यमंत्री बायर-सेलर मीट का खास मौका, सीएम फेलो करेंगे मदद, यूपी के उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच आईटी/आईटीईएस, एमएसएमई, स्टार्ट अप, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन व संस्कृति, ऊर्जा, ओडीओपी जैसे सेक्टरों के उद्यमियों, आंत्रप्रेन्योर, विनिर्माताओं और निर्यातकों के लिए वैश्विक मंच उपलब्ध कराएगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो पद्म पुरस्कार से सम्मानित उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और शिल्पकारों की होगी विशेष उपस्थिति मुख्यमंत्री का निर्देश, ट्रेड शो में प्रदेश के सभी प्रमुख विभाग भी अपनी उपलब्धियों का करें प्रदर्शन मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, पीएम स्वनिधि और पीएम इंटर्नशिप कार्यक्रमों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी खादी केंद्रित फैशन शो होगा आकर्षण का केंद्र, नॉलेज सेशन में होगा फिक्की, इरडा का विशेष सत्र लखनऊ  उत्तर प्रदेश के 'क्राफ्ट, कुज़ीन और कल्चर' से दुनिया भर के उद्यमियों, विनिर्माताओं और व्यापारियों को परिचित कराने वाले वार्षिक आयोजन 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) का तीसरा संस्करण आगामी 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट में आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा होगा। तीसरे संस्करण में पार्टनर कंट्री के रूप में रूस की सहभगिता होगी। सोमवार को तैयारियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक यूपीआईटीएस के दो संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। वर्ष 2023 में हुई शुरुआत ने प्रदेश के निर्यात को नई गति और वैश्विक पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश के 'क्राफ्ट, कुज़ीन और कल्चर' को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर बताते हुए कहा कि यह आयोजन आईटी/आईटीईएस, एमएसएमई, स्टार्टअप, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन व संस्कृति, ऊर्जा और ओडीओपी जैसे सेक्टरों के उद्यमियों, आंत्रप्रेन्योर, विनिर्माताओं और निर्यातकों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि इस वर्ष ट्रेड शो में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, पीएम स्वनिधि और पीएम इंटर्नशिप कार्यक्रम पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाए। साथ ही अन्य सभी प्रमुख विभाग भी अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन करें, ताकि यह आयोजन प्रदेश की ब्रांडिंग का सशक्त माध्यम बन सके। मुख्यमंत्री ने बायर-सेलर मीट की व्यवस्था तथा इसमें सहयोग के लिए सीएम फेलो की तैनाती करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार के।आयोजन में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित उत्तर प्रदेश के उद्यमियों/शिल्पकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई ने बताया कि इस बार 2500 से अधिक एक्ज़िबिटर्स ने पंजीयन कराया है, जबकि 500 से अधिक विदेशी खरीदार इसमें भाग लेने आ रहे हैं। इस बार रूस पार्टनर कंट्री के रूप में सहयोग कर रहा है और उसका प्रतिनिधिमंडल ट्रेड शो में शामिल होगा। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो के आकर्षणों में खादी केंद्रित फैशन शो प्रमुख है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच दिवसीय इस ट्रेड शो के दौरान हर दिन एक विशेष थीम पर नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएं। इनमें $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, एफपीओ, बीमा, नीली क्रांति (मत्स्य सेक्टर), ओडीओपी और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसे विषयों पर केंद्रित सत्र शामिल हों। इसके लिए एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, आईआईटी कानपुर और उद्योग जगत की प्रमुख संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्रीय मंत्रियों को भी विशेष सत्रों में आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के छात्रों को आयोजन से जोड़ने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों और अनेक देशों से आने वाले प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस आयोजन की महत्ता को और बढ़ा रही है। ऐसे में प्रदेश के सभी विभागों को इसकी सफलता में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर प्रशासन से कार्यक्रम अवधि में यातायात प्रबंधन, आगंतुकों सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।

अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन का मिले सबको लाभ, यही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन अपनी दक्षता और क्षमता से नागरिकों को दिलायें सुशासन और योजनाओं का लाभ समाधान ऑनलाइन में नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध हुई कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की 12 जिलों के आवेदकों की सुनवाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के हर नागरिक और जरूरतमंद को सुशासन का सीधा लाभ मिले, यही सरकार का मूल लक्ष्य है। इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में लंबित प्रकरणों पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 12 जिलों के विभिन्न श्रेणी के प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम की बेहतरी और मजबूती के लिये सतत् प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि आवेदकों की समस्याएं रूटीन कोर्स में जिला स्तर पर ही निराकृत हो जाएं, आवेदकों को सीएम हेल्पलाईन में शिकायत करने की स्थिति ही नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन तक आ रहा है, तो यह गंभीर विषय है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को जनहितैषी (कस्टमर फ्रेंडली) बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। समाधान ऑनलाईन में आये ये मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में बालाघाट, उमरिया, देवास, भिण्ड, पन्ना, शहडोल, मऊगंज, कटनी, पांढुर्णा, टीकमगढ़, रायसेन एवं दमोह जिले के 12 प्रकरणों में सीधी सुनवाई की। बालाघाट के डीएफओ को एससीएन बालाघाट जिले के आवेदक झुन्ना लाल पनकू ने वन विभाग द्वारा उसे बांस कटाई की मजदूरी की राशि पांच साल से न दिए जाने की शिकायत की गयी थी। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पांच साल बहुत लंबा अरसा होता है, दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। इस पर अपर मुख्य सचिव सचिव वन अशोक वर्णवाल ने बताया कि आवेदक को उसकी मजदूरी की राशि दे दी गई है और देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित वन मंडलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस देकर अन्य पर भी कार्यवाही की गई है। लंबित स्वत्वों का हुआ भुगतान उमरिया जिले के में एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी स्व. धीरज प्रसाद कोल के पुत्र ने शिकायत की कि उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। स्व. कोल जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी का पीपीओ संबंधित बैंक से गुम हो जाने के लिए कारण विलंब हुआ। अब सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के परिजन को पेंशन के साथ लंबित स्वत्वों का भुगतान कर दिया गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की रोकी वेतनवृद्धि देवास जिले की आवेदिका श्रीमती प्रियंका पत्नी हिमांशु दीक्षित ने कहा कि उसे प्रसूति सहायता के 12 हजार रुपए नहीं मिले, तो उसने सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की थी। अब उसे राशि मिल गई है। कलेक्टर देवास ने जानकारी दी कि प्रसूति सहायता की राशि आवेदिका को उपलब्ध करा दी गई है। इस मामले में विलम्ब के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर और तत्कालीन संविदा लेखापाल की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और बहुउद्देशीय कार्यकर्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जिला चिकित्सालय के सहायक अस्पताल प्रबंधक की दो वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं। वर्तमान संविदा लेखापाल को शोकॉज नोटिस जारी कर 10 दिन का वेटन काटा गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को भी शोकॉज नोटिस देकर 7 दिन का वेतन काटा गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। 4 पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भिण्ड जिले के आवेदक रामरतन ने उसकी खसरा ऑनलाईन अपडेट नहीं किए जाने की शिकायत की थी। बताया गया कि इस मामले में देरी के लिए जिम्मेदार तत्समय से अब तक के 4 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है और तत्समय से अब तक के 4 तहसीलदारों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजा गया है। पन्ना जिले के आवेदक अनिल लाटोलिया ने उसे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी। समाधान में आने के बाद अब उसे यह राशि मिल गई है। शहडोल जिले के आवेदक छात्र शिवम पनिका ने उसे छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र से बात की अब उसे छात्रवृत्ति की राशि मिल गई है। मऊगंज जिले के आवेदिका सुराजकुमारी ने उसके गांव में नल-जल योजना का ग्राम पंचायत को हस्तांतरण न होने के कारण उन्हें पेयजल आपूर्ति में हो रही परेशानी की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख सचिव पीएचई से जवाब मांगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि आवेदिका के गांव में केवल 42 घर हैं। पीएचई के मैकेनिकल विंग द्वारा मामले का समाधान कर दिया गया है। शिकायत हल हो गई है। कटनी जिले के आवेदक जावेद अफ्तार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मकान न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक से चर्चा कर समस्या की जानकारी ली। अपर मुख्य सचिव नगरीयविकास ने बताया कि आवेदक को 26 अगस्त को ही उसके द्वारा चाहा गया मकान नंबर – 45 दे दिया गया है। पांर्ढुणा जिले … Read more

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का बड़ा रक्तदान अभियान, पोस्टर भी हुआ जारी

 नई दिल्ली अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से 17 सितंबर को विश्वव्यापी मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। देशभर के शहरों के साथ 50 से ज्यादा देशों में 7500 से अधिक शिविर आयोजित किए जाएंगे। रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी रक्तदान शिविर आयोजित होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में लोग रक्तदान करेंगे। सिक्किम में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, पंजाब में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने रक्तदान अमृत महोत्सव 2.0 के पोस्टर का विमोचन किया। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बैनर का विमोचन किया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से गत 10 वर्षों में आयोजित मेगा रक्तदान शिविरों में 10 लाख से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है। इस बार फिर से कीर्तिमान रचने की तैयारी है। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर रक्त की कमी को पूरा करने, युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक करने एवं मानवता की सेवा के उद्देश्य से यह आयोजन होगा। 2022 में एकत्र हुआ था 5600 यूनिट ब्लड बता दें कि 17 सितंबर को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद का स्थापना दिवस है। इस मौके पर 2022 में भी रक्तदान शिविर का आयोजन कई शहरों में किया गया था, जिसमें 5600 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ था. इस ब्लड को जरूरतमंदों तक पहुंचाकर उनकी मदद की गई। तेरापंथ युवक परिषद ने ज्यादा से ज्यादा संख्या में रक्तदान कर कैंप को सफल बनाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री योगी ने की ‘सेवा पखवाड़ा’ की तैयारियों की समीक्षा

प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस से महात्मा गांधी-शास्त्री जी की जयंती तक मनेगा 'सेवा पखवाड़ा मुख्यमंत्री योगी ने की ‘सेवा पखवाड़ा’ की तैयारियों की समीक्षा सेवा पखवाड़े में चलेगा स्वच्छता, वृक्षारोपण, रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर, चित्रकला प्रतियोगिता सहित विविध कार्यक्रम 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' के भाव का साकार स्वरूप होगा 'सेवा पखवाड़ा: मुख्यमंत्री विशिष्ट जनों का होगा सम्मान, दिव्यांगजनों को होगा सहायक उपकरणों का वितरण प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर होगी नमो वन और नमो पार्क की स्थापना  जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश राष्ट्रपिता गांधी जी के स्वदेशी और शास्त्री जी के ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र को जीवन में उतारें : मुख्यमंत्री योगी प्रधानमंत्री जी जन्मदिन से होगा सेवा पखवाड़े का शुभारंभ, 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल जयंती भी मनाई जाएगी, समापन गांधी व शास्त्री जयंती पर मुख्यमंत्री का निर्देश, सेवा पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए सभी सम्बंधित विभाग नोडल अधिकारी तैनात करें सभी कार्यक्रमों की रिपोर्ट नमो ऐप और सरल पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में आगामी 17 सितम्बर से 02 अक्तूबर तक प्रस्तावित 'सेवा पखवाड़ा' की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से प्रारंभ होने वाला यह सेवा पखवाड़ा केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज के गरीब, वंचित और शोषित वर्गों की सेवा का सुअवसर है। यह अंत्योदय से राष्ट्रोदय' की भावना का साकार स्वरूप होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर होगा। 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती मनाई जाएगी और इसका समापन 02 अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवा पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर, प्रबुद्ध वर्ग संवाद, ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत मेले-प्रदर्शनियाँ, युवाओं के बीच खेलकूद प्रतियोगिताएँ, चित्रकला प्रतियोगिताएँ, मैराथन और प्रधानमंत्री जी के जीवन पर प्रदर्शनी जैसे विविध कार्यक्रम सभी जनपदों में आयोजित किए जाएँ। इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित हो और सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा पार्टी पदाधिकारी सेवा भाव से सक्रिय रूप से सम्मिलित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान पहले दिन से प्रारम्भ हो, ताकि नवरात्रि से पूर्व प्रदेश में साफ-सफाई और व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री जी के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्मदिवस सभी देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। उनके नेतृत्व में भारत ने राष्ट्र निर्माण की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। सेवा, समर्पण और सुशासन की उनकी कार्यशैली ने वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और सशक्त किया है। सेवा पखवाड़ा के माध्यम से हम सभी ‘सेवा परमो धर्म’ के संदेश को धरातल पर उतारेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अवसर पर वृहद पौधरोपण करते हुए ‘नमो वन’ और ‘नमो पार्क’ की स्थापना भी की जाए। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी, महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर संगोष्ठी, पुष्पांजलि, वृक्षारोपण और स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। गांधी जी के स्वदेशी और स्वच्छता के संदेश तथा शास्त्री जी के ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र को लोगों के जीवन में उतारने का प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यक्रम सुव्यवस्थित, प्रेरक और प्रभावशाली हों। प्रत्येक आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार हो तथा उनकी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से तैयार कर ‘नमो ऐप’ और ‘सरल पोर्टल’ पर अपलोड की जाए।

नई राशन दुकानों के लिए जयपुर में खुला आवेदन, 70 स्टॉल की तैयारी, नियम और शर्तें देखें

जयपुर जयपुर जिले में नवसृजित 70 उचित मूल्य की राशन दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया आज सोमवार से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। जिला रसद अधिकारी कार्यालयों द्वारा इच्छुक आवेदकों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन दुकानों में से 11 दुकानें "जयपुर प्रथम" और 59 दुकानें "जयपुर द्वितीय" क्षेत्र में खोली जाएंगी। यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है, जबकि आवेदन जमा कराने की अवधि 15 सितंबर से 10 अक्टूबर 2025 तक है। आवेदन पत्र केवल कार्यदिवसों में सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक संबंधित कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन पत्र जिला रसद अधिकारी कार्यालय से निर्धारित शुल्क 100 रुपये में उपलब्ध होंगे और भुगतान डिमांड ड्राफ्ट या भारतीय पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से किया जाएगा। ई-मित्र, नोटरी बुक स्टोर या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। शहरी क्षेत्र में आवेदन करने वाले आवेदक को उसी वार्ड का निवासी होना आवश्यक है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में आवेदक को उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के रूप में स्नातक होना अनिवार्य है, यदि स्नातक उपलब्ध न हो तो 12वीं उत्तीर्ण आवेदकों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदक को कंप्यूटर प्रशिक्षण आर.के.सी.एल. या समकक्ष सरकारी संस्थान से तीन माह का प्रशिक्षण आवश्यक है। यदि यह प्रशिक्षण पहले नहीं किया गया है तो चयन के बाद 6 माह के भीतर इसे पूरा करना होगा और शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ पहचान या निवास प्रमाण का प्रस्तुत होना अनिवार्य है, जिसमें वोटर आईडी, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या मतदाता सूची की सत्यापित प्रति शामिल हैं। आवेदन के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच रखी गई है, जिसे उपरोक्त प्रमाण पत्रों से सिद्ध किया जाएगा। यदि कोई समूह या स्वयंसेवी संस्था आवेदन करती है तो उसके अध्यक्ष, सचिव या प्रबंधक को भी उपरोक्त सभी योग्यताओं को पूरा करना होगा।

बस्ती में सीएम योगी का दौरा, आज होंगे कई विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास

बस्ती  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बस्ती जिले के दौरे पर रहेंगे। जिला प्रशासन ने उनके दौरे की तैयारियां पूरी कर ली है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है। सीएम योगी कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। कई विकास कार्यों का करेंगे शिलान्यास बताया जा रहा है कि सीएम योगी बसहवां में 10:55 पर हेलीपैड पर पहुंचेंगे। 11 बजे सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण और 12 बजे तक सरस्वती शिशु मंदिर में भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान योगी कई विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। सारे कार्यक्रम निपटाकर योगी 12.05 पर गोरखपुर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम जिले के नगर थाना क्षेत्र के बसहवां होगा। कमिश्नर, DIG और DM ने कार्यक्रम स्थल में पहुंचकर सारी तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान एसपी, एडीएम सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

उच्च शिक्षा विभाग का फैसला: प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं के विशेष पाठ्यक्रम शुरू

भोपाल  महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भाषाई विवाद चर्चा का विषय है. भाषा को लेकर पैदा हो रहे तनाव और सामाजिक असंतुलन को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ने एक बड़ी पहल की घोषणा की है. प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था अब केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें भारतीय भाषाओं से जुड़े विशेष कोर्स भी शामिल किए जाएंगे. इसके जरिए न सिर्फ छात्रों को नई भाषाओं का ज्ञान मिलेगा, बल्कि देश की विविधता में एकता का संदेश भी जाएगा.  मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने कहा, ''मध्य प्रदेश अब भाषाई एकता का केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का युवा देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र में जाए तो वहां के निवासियों से सहजता और आत्मीयता से संवाद कर सके. भारत में कुल 12 राष्ट्रीय और 22 क्षेत्रीय भाषाएं हैं. इनमें से 12 से 15 भाषाओं को विश्वविद्यालयों में पढ़ाने की प्रक्रिया इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू कर दी जाएगी.'' मंत्री का कहना है कि भाषा के आधार पर उत्पन्न संघर्षों को रोकने और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इसके साथ ही एमपी देश में एक आदर्श के रूप में उभरकर अन्य राज्यों के लिए मार्गदर्शक बनेगा. सरकारी पहल का उद्देश्य इस योजना के पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट है– भारतीय विविधता को सम्मान देना और संवाद की भाषा के रूप में भाषा को जोड़ने का माध्यम बनाना. प्रदेश में ऐसे युवाओं की बड़ी संख्या है जो नौकरी, व्यवसाय या शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में जाना चाहते हैं, लेकिन भाषा की बाधा के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इस पहल के माध्यम से प्रदेश के छात्र न सिर्फ अपनी मातृभाषा में पढ़ाई कर सकेंगे बल्कि अन्य राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं से परिचित होंगे. इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि आपसी विश्वास और संवाद भी मजबूत होगा. विपक्ष का विरोध हालांकि, इस योजना का विरोध भी शुरू हो गया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह योजना केवल चुनावी लाभ के लिए लाई गई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में दूसरी भाषाओं को पढ़ाने से व्यावहारिक लाभ नहीं होगा. उनका आरोप है कि इससे छात्रों को वास्तविक फायदा नहीं मिलेगा और यह योजना केवल प्रचार का हिस्सा है. कांग्रेस का यह भी कहना है कि पहले से चल रही हिंदी माध्यम की योजनाओं का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, ऐसे में नई योजना भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी.

हरियाणा :गांव के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट शिक्षा का सपना अधूरा, सुविधाओं की भारी कमी

चंडीगढ़   हरियाणा में सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने की रफ्तार सुस्त है। प्रदेश के कुल 14,338 सरकारी स्कूलों में से 6,101 स्कूलों में ही स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड या वर्चुअल क्लासरूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार की यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआईएसई) की 2024-25 की रिपोर्ट में दी गई है। स्मार्ट स्कूल में एक क्लास के अंदर इंटरएक्टिव बोर्ड, डिजिटल स्क्रीन, ई-लर्निंग सामग्री की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। राज्य सरकार ने 2023 में हरियाणा स्मार्ट एजुकेशन मिशन शुरू किया था जिसके तहत तीन वर्षों में सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा के 16.3 फीसदी सरकारी स्कूलों में प्रोजेक्टर और 41.6 फीसदी में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाएं (आईसीटी) हैं। वहीं, 63.9 फीसदी निजी सहायता प्राप्त स्कूल ही स्मार्ट बने हैं। स्मार्ट स्कूलों में ज्यादातर शहरी क्षेत्रों या मॉडल संस्कृति स्कूलों हैं। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल डिजिटल सुविधाओं से वंचित हैं। स्मार्ट को अब स्मार्ट प्लस बनाने की योजना हरियाणा सरकार का दावा है कि अगले दो साल में पांच हजार से अधिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा स्मार्ट स्कूलों को अब स्मार्ट प्लस स्कूल के रूप में अपग्रेड करने की योजना बना रही है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित लर्निंग टूल्स और वर्चुअल लैब की व्यवस्था होगी। पंजाब ने चार साल पहले शुरू की थी पहल पंजाब सरकार ने हरियाणा से चार साल पहले 2019 में सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने की पहल शुरू की थी। यहां कुल 19,107 सरकारी स्कूलों में से 6,832 स्मार्ट हैं। इसके अलावा 13 हजार स्कूलों में 41 हजार स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए और 3,500 स्कूलों में एजुकेशनल सैटेलाइट सुविधा उपलब्ध है। स्मार्ट स्कूल नीति के तहत पंचायतों, एनआरआई और समाजसेवी संगठनों के सहयोग से तेजी से विस्तार किया। इससे कई गांवों तक डिजिटल शिक्षा की पहुंच हो गई है। प्रदेश के 13 जिलों के 50 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में एक-एक अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा चुकी है। 615 अन्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक-एक नई विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित लैब बनाने की प्रक्रिया जारी है। रही बात स्मार्ट स्कूलों की रफ्तार धीमी होने की तो उसकी भी समीक्षा की जा रही है। इस बार मुख्यमंत्री ने शिक्षा का बजट बढ़ाया है। -महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री 

विश्वकर्मा पूजा को लेकर भ्रम? यहां देखें इस साल का सटीक दिन और शुभ समय

भारत एक ऐसा देश है, जहां हर महीने कोई-ना-कोई त्योहार (विश्वकर्मा पूजा) मनाया जाता है। चाहे वह पूरे देश भर में मनाया जाए या फिर कोई रीजनल त्योहार हो, जिसे लोग बहुत ही उत्साह के साथ मनाते हैं। इनमें होली, दिवाली, नवरात्र और छठ पूजा मुख्य त्योहार है। जिसके लिए लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। वहीं, हर साल सितंबर के महीने में विश्वकर्मा पूजा भी मनाया जाता है। यह दिन ब्रह्मांड के दिव्या वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है। इस खास मौके पर लोग लोहे के औजार की पूजा करते हैं, जिससे उनके कारोबार में उन्नति हो सके। इसकी कामना भी करते हैं, पिछले कुछ सालों से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है कि लोगों के मन में विश्वकर्मा पूजा की तिथि को लेकर संशय बना रहता है। इस बार भी लोगों के मन में यह कंफ्यूजन बनी हुई है कि विश्वकर्मा पूजा 16 या 17 सितंबर को मनाई जाएगी। इस खास मौके पर बड़े-बड़े फैक्ट्री में भगवान की विशालकाय मूर्ति भी स्थापित की जाती है। पूजा के दौरान आप भगवान को धूप, दीप, अगरबत्ती, फल और मिठाई चढ़ाई जाती है। कई स्थानों पर मेला भी लगाया जाता है। विश्वकर्मा पूजा 2025 वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 17 सितंबर 2025 को पड़ रही है। यह तिथि 16 सितंबर की रात 12 बजकर 21 मिनट से शुरू होगी और 17 सितंबर की रात 11 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में इस साल 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी। महत्व हिंदू धर्मग्रंथों में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का वास्तुकार और शिल्पकार बताया गया है। मान्यता है कि उन्होंने न केवल स्वर्गलोक का निर्माण किया, बल्कि द्वारका नगरी, इंद्रपुरी, यमपुरी और भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र जैसे दिव्य अस्त्र-शस्त्र भी बनाए। इंद्र का वज्र भी उन्हीं की देन है। यही कारण है कि उन्हें सृष्टि का पहला इंजीनियर और आर्किटेक्ट माना जाता है। इस पूजा को कारीगरों और मशीनों का त्योहार भी कहा जाता है। ऐसे करें पूजा इस दिन लोग अपने साइकिल, गाड़ी, लोहे के औजार, मशीन, कलपुर्जे, दुकान आदि की पूजा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि उनके आशीर्वाद से बिजनेस में उन्नति होती है और सालों भर लोगों का काम, धंधा अच्छे से सफलतापूर्वक चलता रहता है। इस दिन भगवान को खुश करने के लिए आप कुछ नियमों का भी पालन कर सकते हैं, जिससे वह आपके तरक्की के रास्ते में आने वाले सारी रूकावटों को दूर कर सकते हैं और सालों भर अपनी कृपा दृष्टि आप पर बनाए रखेंगे। विश्वकर्मा पूजा के दिन आप अपनी गाड़ी, फैक्ट्री, औजार को पानी से धो सकते हैं। यह फिर उसकी साफ-सफाई कर सकते हैं। उसके बाद विधि-विधान पूर्वक उनकी पूजा-अर्चना करें।