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विधायक से लाडली बहनों की गुहार: नीमत-हर्ज़ीपुरा में नए केंद्र और स्कूल की दरकार

विधायक की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा की लाडली बहनाओ ने पहुच कर की मांग,नीमत-हर्ज़ीपुरा में खुलवाये आंगनबाड़ी केन्द्र,प्रा शाला भवन नया बनवाने की रखी मांग,आई लाडली बहनाओ का विधायक ने किया स्वागत, आज जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याएं  आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में आज जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोविंदपुरा के ग्राम निमत-हर्ज़ीपुरा की बड़ी संख्या में लाडली बहनाए विधायक कार्यालय पहुची । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने अपने कार्यालय में पहली बार आई सभी लाडली बहनाओ को सासम्मान बैठाया उनको जल पान कराया और स्वयं उनके बीच मे पहुच कर उनकी समस्याओं को सुना उनकी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया । आई लाडली बहनाओ ने विधायक से मांग की की उनके ग्राम की प्राथमिक शाला का भवन जर्जर हो गया है,उसे नया बनवाया जाये, ग्राम में आंगनबाड़ी नही है उसे खुलवाया जाये, ग्राम में पेयजल की समस्या है एक बोर खनन कराया जाये, सड़क निर्माण कराये,बिजली पोल लगवाये, तथा ग्राम में चबूतरे का निर्माण कराया जाये । विधायक ने आई सभी लाडली बहनाओ को भरोसा दिया कि आप सब मेरी लाडली बहना है आपने जो भी समस्या बताई,मांग रखी वे सब मे पूरी करूंगा । विधायक ने सभी से पूछा की आपको हर माह लाडली बहना की राशि मिलती है,सभी ने बताया हा खाते में आती है । विधायक ने बहनाओ को बताया की अब जल्दी ही आपके खाते में लाडली बहना योजना की राशि 1250/- के स्थान पर 1500/- रुपये आयेगी । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से ग्रामीण विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में  पहुचे थे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये ।  विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा,जो मांग शासन स्तर की है उनेह वे शासन तक पहुचायेंगे।विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में आये ग्रामीणों ने विद्युत विभाग द्वारा जारी चालानी कार्यवाही निरस्त कराने,पुलिस द्वारा कार्यवाही कराने, उच्च शिक्षा निःशुल्क प्रदाय कराने,ग्राम नीमत हर्जीपुरा में नवीन शाला भवन,पेयजल व्यवस्था,सी.सी. रोड़ निर्माण कराने,वृद्धा पेंशन प्रदाय कराने,वृद्धा पेंशन की राशि 600 की जगह 1000 रूपये करने,कबीर आश्रम निर्माण हेतु सहायता राशि प्रदाय कराने,स्वैच्छिक स्थानान्तरण चाही गई स्थान पर नहीं होने से किया गया स्थानान्तरण निरस्त कराने,सहाकरी दुकान से प्रदाय किये जाने वाले चावल के स्थान पर गेहूँ प्रदाय कराने,आर्थिक सहायता राशि प्रदाय कराने,ट्रांसफार्मर स्थापित कराने, वृद्धा पेंशन राशि हेतु पंजीयन कराने, पिछले चार पांच माह से बंद खाद्वान्न प्रदाय कराने,दिव्यांग हेतु स्कूटी पेट्रोल वाली प्रदाय कराने सहित अन्य आवेदन प्राप्त हुए। सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

राज्य के हर जिले में FSL कार्यालय, मोबाइल यूनिट से अपराधियों पर कड़ी नजर

पटना बिहार के सभी जिलों में जल्द ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) कार्यालय की स्थापना की जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कार्यालय स्थापित करने की योजना है। वर्तमान में पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, राजगीर और पूर्णिया में एफएसएल कार्यालय या चलंत विधि विज्ञान इकाई कार्यरत हैं। इनके अतिरिक्त बचे हुए सभी जिलों में इसकी स्थापना करने के लिए पुलिस विभाग के सीआईडी विंग की तरफ से कवायद तेज कर दी गई है। इसके साथ ही सभी कार्यालयों में कम से कम एक-एक एफएसएल मोबाइल वाहन की भी तैनाती की जाएगी। वर्तमान में ऐसे मोबाइल वाहनों की संख्या 17 है, जिनकी तैनाती पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत 13 अलग-अलग जिलों में है। सीआईडी के स्तर पर एफएसएल वैन की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे आने वाले समय में सभी जिलों में कम से कम एक मोबाइल वैन की प्रतिनियुक्ति कर दी जाए। फिलहाल 34 ऐसे वैन की खरीद की प्रक्रिया जारी है, जिसके इस वर्ष अक्टूबर तक पूरी हो जाने की संभावना है। अक्टूबर के बाद इन वैन की संख्या 51 हो जाएगी। इससे बड़े शहरों या जिन जिलों में अधिक एफआईआर होती है, वहां इनकी संख्या एक से अधिक बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 50 ऐसे विशेष वाहनों की मांग गृह विभाग से की जाएगी। आगामी एक सप्ताह में इसकी मांग से संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।  

‘ज्ञान भारतम् पोर्टल’ का शुभारंभ आज, पीएम मोदी लेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में 'ज्ञान भारतम्' पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारत की अमूल्य पांडुलिपि धरोहर को फिर से जीवंत बनाना और उसे वैश्विक ज्ञान संवाद के केंद्र में लाना है। पीएम मोदी इस अवसर पर 'ज्ञान भारतम् पोर्टल' का शुभारंभ करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। सम्मेलन का आयोजन 11 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 13 सितंबर तक चलेगा और इसका मुख्य विषय है "पांडुलिपि धरोहर के माध्यम से भारत के ज्ञान धरोहर को पुनः प्राप्त करना।" इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख विद्वान, संरक्षणकर्मी, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और नीति विशेषज्ञ एकत्र होंगे। वे भारत की बेजोड़ पांडुलिपि धरोहर को पुनर्जीवित करने के रास्तों पर चर्चा करेंगे और उसे वैश्विक ज्ञान चर्चा में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें दुर्लभ पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियां, मेटाडेटा मानक, कानूनी ढांचे, सांस्कृतिक कूटनीति, और प्राचीन लिपियों का लेखन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों द्वारा प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के प्राचीन ज्ञान और संस्कृति को पुनः जागृत करना है। पांडुलिपियां हमारे ऐतिहासिक ज्ञान, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और दर्शन का अमूल्य स्रोत हैं, जिन्हें सुरक्षित रखने और उन्हें डिजिटल रूप में दुनिया भर में उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से, पांडुलिपियों को डिजिटलीकरण के जरिये संरक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें कहीं से भी एक्सेस किया जा सकेगा और उनकी जानकारी दुनिया भर में साझा हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान, सरकार के इस कदम को लेकर संस्कृति, तकनीकी विकास और शोध जगत में एक नई दिशा दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।

नवजात की मृत्यु: जानिए इस परिस्थिति में श्राद्ध करना चाहिए या नहीं

हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है. पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म किए जाते हैं जिससे हमारे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण करने से मृतक की आत्मा तृप्त होती है. साल 2025 में पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से हो चुकी है जो 21 सितंबर यानी सर्वपितृ अमावस्या की तिथि तक चलेंगे. पितृपक्ष के दौरान सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है. हर तिथि का अपना अलग श्राद्ध होता है. लेकिन क्या नवजात शिशु का श्राद्ध कर्म कर सकते हैं, और अगर कर सकते हैं तो नवजात शिशु के श्राद्ध कर्म के क्या नियम हैं जानते हैं. बच्चों का श्राद्ध कब करना चाहिए? अगर बच्चे के आयु 6 वर्ष से कम है और उसका निधन हो जाता है तो बच्चा का श्राद्ध उसकी मृत्यु तिथि पर ही किया जाता है. नवजात शिशु की मृत्यु के बाद, श्राद्ध (पिंडदान) के बजाय तर्पण किया जाता है. तर्पण एक विशिष्ट कर्मकांड है जो प्रेत योनि में फंसे शिशु को मोक्ष दिलाने में मदद करता है. तर्पण क्यों किया जाता है? जब कोई बच्चा नवजात शिशु की मृत्यु के बाद प्रेत योनि में अटक जाता है. तर्पण के बाद शिशु पितृ बनता है और मोक्ष प्राप्त करता है. अगर नवजात शिशु की किसी कारण से मृत्यु हो जाती है तो उसे मोक्ष की प्राप्ति करना जरूरी होता है.नवजात शिशु का केवल तर्पण किया जाता है और नवजात शिशु का पिंडदान ना करें. किस तिथि पर होता है बच्चों का श्राद्ध ? पितृपक्ष के दौरान अगर किसी की तिथि ज्ञात ना हो तो उसका तर्पण त्रयोदशी तिथि के दिन कर सकते हैं. ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. गर्भावस्था में शिशु के श्राद्ध के नियम? गर्भावस्था के दौरान किसी कारण से अजन्मी संतान की मृत्यु माता के गर्भ में हो जाती है तो शास्त्रों के अनुसार उसका श्राद्ध कर्म नहीं किया जाता है.

विभिन्न पदों के लिए आरपीएससी साक्षात्कार की नई तिथियां जारी

अजमेर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक कृषि अधिकारी भर्ती-2018 और सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती-2021 के तहत होने वाले साक्षात्कार की तिथियां जारी कर दी हैं। आपको सिलसिलेवार तरीके से बता रहे हैं कि कब कौन सा साक्षात्कार आयोजित होगा। नीचे तिथियां बताई गईं हैं। महत्वपूर्ण निर्देश अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के समय नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, मूल पहचान पत्र, सभी मूल प्रमाण-पत्र और उनकी फोटोकॉपी साथ लाना अनिवार्य है।दस्तावेज़ पूरे न होने पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा। साक्षात्कार पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही अपलोड कर दिए जाएंगे। वेबसाइट से डाउनलोड करके भरना होगा सहायक कृषि अधिकारी भर्ती-2018 के वे अभ्यर्थी जिन्होंने अभी तक विस्तृत आवेदन-पत्र प्रस्तुत नहीं किया है, उन्हें यह आवेदन-पत्र आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड करके भरना होगा। आवेदन-पत्र के साथ सभी दस्तावेजों की दो प्रतियां भी साक्षात्कार के समय अनिवार्य रूप से जमा करनी होंगी। 1. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) भर्ती-2018 पहले चरण के साक्षात्कार 6 से 16 अक्टूबर, 2025 तक होंगे। 2. सहायक आचार्य (सुपर स्पेशलिटी) भर्ती-2021 नेफ्रोलॉजी : 24 सितम्बर, 2025 3. क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी : 24 सितम्बर, 2025 सर्जिकल ऑन्कोलॉजी : 25 सितम्बर, 2025

हरियाणा विधानसभा के काम की बेंगलुरु में तारीफ, अधिकारियों को मिली शाबाशी

चंडीगढ़  बेंगलुरु में शुरू हुए राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के 11वें भारतीय क्षेत्रीय सम्मेलन में हरियाणा विधानसभा के प्रयासों को विशेष पहचान मिली। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुग्राम में आयोजित शहरी स्थानीय निकायों के सम्मेलन की सफलता को देश में अपने आप में पहला अनूठा प्रयोग बताया और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और प्रदेश सरकार की पहल से ही सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और उपाध्यक्ष डॉ़ कृष्ण लाल मिड्ढा सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पहले दिन हुई एग्जिक्यूटिव कमेटी की बैठक में भी हरविन्द्र कल्याण शामिल हुए। बैठक में सम्मेलन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान हरविन्द्र कल्याण ने सुझाव दिया कि पहली बार मंत्री बनने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली की गहन जानकारी दी जा सके। उन्होंने चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों के लिए आयोजित कार्यशाला का भी जिक्र किया, जिसकी सम्मेलन में सराहना हुई। इसके अलावा, दल-बदल निरोधक कानून की समीक्षा समिति के सदस्यों की संख्या 4 से बढ़ाकर 10 से 12 करने का भी प्रस्ताव आया। तीन दिन तक चलने वाला यह सम्मेलन 13 सितंबर तक जारी रहेगा।

किस्मत बदलना है आसान: पानी की बोतल रखें इस दिशा में

वास्तु शास्त्र प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो घर, ऑफिस और अन्य स्थानों पर ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करके जीवन में खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि लाने में मदद करता है। पानी, जो जीवन का आधार है, वास्तु में भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। खासतौर पर घर में पानी की बोतल रखने का स्थान और तरीका वास्तु के अनुसार सही होना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और नकारात्मकता से बचा जा सके। पानी का संबंध जीवन, शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य से है। पानी की बोतल घर के विभिन्न कोनों में रखी जाती है लेकिन अगर इसे गलत दिशा या स्थान पर रखा जाए, तो इससे घर में ऊर्जा असंतुलित हो सकती है। गलत जगह पानी रखना तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और आर्थिक संकट ला सकता है। इसलिए वास्तु में पानी की बोतल रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करके आप घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रख सकते हैं। उत्तर और पूर्व दिशा: वास्तु के अनुसार पानी की बोतल घर में उत्तर या पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। ये दिशाएं धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की ऊर्जा लाती हैं। दक्षिण-पश्चिम दिशा से बचें: पानी की बोतल को कभी भी दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ये दिशाएं भारी ऊर्जा रखती हैं और यहां पानी रखने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे परिवार में झगड़े और असंतोष हो सकता है। दक्षिण-पूर्व दिशा में भी न रखें: यह दिशा अग्नि तत्व की होती है, इसलिए यहां पानी की बोतल रखना अशुभ माना जाता है। पानी की बोतल की स्थिति और साफ-सफाई घर में पानी की बोतल हमेशा साफ और स्वच्छ पानी से भरी होनी चाहिए। गंदा या खराब पानी न रखें क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। बोतल को ढककर रखें: बोतल को अच्छे से ढककर रखें ताकि उसमें कोई धूल या कीट न पड़ें। खुले पानी को भी खुली जगह पर नहीं रखना चाहिए। पानी को रोजाना बदलें: पानी को नियमित रूप से बदलना चाहिए। पुराना पानी घर में अशुभता ला सकता है। साफ बोतल का प्रयोग करें: प्लास्टिक की बोतल की बजाय ग्लास या स्टील की बोतल का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। प्लास्टिक से निकलने वाली हानिकारक गैसें घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं। पानी की बोतल को रखने का सही स्थान घर के मुख्य द्वार के पास उत्तर या पूर्व दिशा में पानी की बोतल रखना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। किचन के पास न रखें: पानी की बोतल को रसोई या किचन के पास दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए क्योंकि किचन में अग्नि का प्रभाव होता है। बेडरूम में सीमित मात्रा में रखें: बेडरूम में बहुत ज्यादा पानी की बोतल नहीं रखें। अगर रखनी हो तो सिर के पास नहीं, बल्कि कमरे के उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। बाथरूम के बाहर रखें: बाथरूम के अंदर पानी की बोतल रखना अशुभ माना जाता है। यदि जरूरी हो तो बाथरूम के बाहर साफ और अच्छी जगह पर ही रखें।

महिलाओं को मिलेगा स्वास्थ्य व पोषण का मजबूत सहारा, पीएम मोदी करेंगे ‘स्वस्थ नारी’ अभियान की शुरुआत

रायपुर महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” शुरू करने जा रहा है. इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर, मध्यप्रदेश से करेंगे. यह अभियान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मनाए जा रहे “पोषण माह” के साथ मिलकर चलाया जाएगा, जिससे मातृ, किशोरी और बाल पोषण पर व्यापक असर डाला जा सके. अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाना है, जिसमें महिलाओं के लिए उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, एनीमिया, टीबी और सिकल सेल रोग की जांच. साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र, ईएनटी, त्वचा, मानसिक स्वास्थ्य एवं दंत विशेषज्ञ जैसी सेवाएँ दी जाएगी. मातृ एवं शिशु देखभाल के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (ANC), परामर्श और बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किशोरियों व महिलाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता और पोषण संबंधी सत्र, रसोई तेल की खपत में कमी को बढ़ावा, पोषण परामर्श व वेलनेस सत्र होगा. इसके साथ निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को सहयोग देने के लिए व्यक्तियों और संस्थाओं को जोड़ा जाएगा. 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक विशेष रक्तदान अभियान चलाया जाएगा. जिसके तहत 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर 1 लाख यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया है. इसमें निजी अस्पतालों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी,. जिसमें निजी स्वास्थ्य संस्थान भी महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगे. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की भूमिका स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने का आह्वान किया है. राज्यों से अपेक्षा की गई है कि वे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में करें. भारत सरकार की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे.

ट्रेड शो में मिलेगा सीखने का मौका, यूपी में एक्सपर्ट्स देंगे व्यावसायिक अनुभव का सत्र

लखनऊ  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में सिर्फ उत्पादों और निवेश का ही नहीं, बल्कि नॉलेज सेशन के जरिए प्रदेश सरकार के विजन पर भी फोकस होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप, आईटी, इंश्योरेंस, फाइनेंस मैनेजमेंट, मेडिकल हेल्थ, ई-कॉमर्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। योगी सरकार ने इसे युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी की है। यूपीआईटीएस 2025 के शेड्यूल के अनुसार 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह ट्रेड शो का शुभारंभ करेंगे। उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए शो ओपन रहेगा। 26 से 29 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बी2बी मीटिंग्स और शाम 3 से 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए आयोजन होगा। युवाओं और निवेशकों को मिलेगा लाभ नॉलेज सेशन की शुरुआत 26 सितंबर से होगी जो 28 तक जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने हमेशा कहा है कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में ज्ञान, नवाचार और तकनीक की अहम भूमिका होगी। योगी सरकार ने इन नॉलेज सेशन और वर्कशॉप्स को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है। इससे स्टार्टअप्स, उद्यमियों और निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे और यूपी की प्रगति को गति मिलेगी। स्टार्टअप और आईटी सेक्टर पर चर्चा 26 सितंबर को सुबह 11.30 से 12.30 बजे तक एकेटीयू का सत्र होगा, जिसका विषय होगा – वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में स्टार्टअप इकोसिस्टम का योगदान। इसके बाद दोपहर एक बजे से दो बजे तक आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपी-यूपीएलसी का सत्र होगा, जो प्रदेश में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की ग्रोथ और डेवलपमेंट पर केंद्रित रहेगा। स्वास्थ्य और वित्त पर गहन विमर्श 26 सितंबर को ही 3 से 4 बजे तक मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर विभाग वायरल हेपेटाइटिस और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर वर्कशॉप करेगा। शाम 4.30 से 5 बजे तक आईआरडीएआई और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस नॉन-लाइफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन आयोजित करेंगे। 5 बजे से 6 बजे तक वित्त विभाग का सत्र होगा, जिसमें प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना शामिल होंगे, जबकि 6 से 6.30 बजे तक लाइफ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन होगा। शहरी विकास और ई-कॉमर्स पर होगी बात 27 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक अर्बन डेवलपमेंट का सत्र होगा। इसमें नगर विकास मंत्री एके शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। दोपहर एक से दो बजे तक मेडिकल हेल्थ पर दोबारा वर्कशॉप होगी। 3 से 4 बजे तक एफआईईओ ई-कॉमर्स पर सेशन करेगा, जिसका विषय होगा द न्यू फ्रंटियर फॉर इंडियन एक्सपोर्ट्स। शाम 4 से 6 बजे तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा के तहत यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू एक्सचेंज प्रोग्राम होगा। इसके अतिरिक्त, शाम 6 बजे से खादी पर फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इंडस्ट्री-एकेडमिया और समापन समारोह 28 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक जीबीयू (गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय) इंडस्ट्री-एकेडमिया टाईअप फॉर स्किल डेवलपमेंट विषय पर सत्र आयोजित करेगा। 29 सितंबर को वैलेडिक्ट्री और अवार्ड्स से शो का समापन होगा।

सलमान खान की फिल्म ‘एक था टाइगर’ सिनेमाघरों में फिर से होगी रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार सलमान खान की सुपरहिट फिल्म ‘एक था टाइगर’ सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होगी। सलमान खान न सिर्फ लाखों दिलों पर राज ही नहीं करते बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी धूम मचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बड़ी हिट फिल्में दी हैं, जिसमें 2012 में प्रदर्शित एक था टाइगर का नाम शामिल है। इस फिल्म ने दर्शकों अपना दीवाना बना लिया था और यही वजह है कि यह ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। ऐसे में अब आ रहे बड़े अपडेट में यह बताया गया है कि फिल्म बड़े पर्दे पर ग्रैंड री-रिलीज के लिए तैयार है। एक था टाइगर की री-रिलीज के साथ सलमान खान फिर से टाइगर बनकर दर्शकों के दिलों पर राज करने के लिए तैयार हैं। यह सिर्फ सलमान के फैंस के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी के लिए भी खास मौका है, जिन्होंने इस जबरदस्त फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं देखा है। अब वे बड़े पर्दे पर फिर से टाइगर की एक्शन, थ्रिल और जादू का अनुभव कर सकते हैं। एक था टाइगर 2012 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक थी। यह यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की पहली फिल्म थी, जिसने भारत को उसका सबसे करिश्माई जासूस टाइगर (सलमान खान) से मिलवाया और इस यूनिवर्स की नींव रखी। फिल्म का निर्देशन कबीर खान ने किया था और इसमें कैटरीना कैफ के अलावा रणवीर शौरी, रोशन सेठ और गिरीश कर्नाड ने अहम किरदार भूमिकाएं हैं। इसके अलावा, सलमान खान की आने वाली फिल्मों की लाइनअप पूरी तरह से हाई-ऑक्टेन कमर्शियल एंटरटेनर्स से भरी हुई है। उनकी आने वाली और सबसे ज्यादा इंतेज़ार की जाने वाली फिल्म वॉर ड्रामा बैटल ऑफ गलवान पहले ही इंटरनेट पर अपने फर्स्ट लुक की वजह से चर्चा का विषय बनी हुई है। दूसरी तरफ, कबीर खान के साथ उनकी री-यूनियन, खासकर बजरंगी भाईजान 2 जैसी फिल्म के साथ, फिर से उसी इमोशनल स्टोरीटेलिंग की ओर ले जा सकती है जिसने उनके पिछले काम को इतना खास बनाया था।