samacharsecretary.com

विनेश फोगाट पर फूटा सरपंच का गुस्सा: ‘अब दौरा सिर्फ दिखावा है’

जींद  हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक और पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने गुरुवार को क्षेत्र के गांवों का दौरा किया. इस दौरान खेतों में भरे बरसात के पानी का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत की. बुआना गांव में पहुंची विनेश फोगाट से बुआना के सरपंच प्रतिनिधि सुधीर ने कहा कि अब दौरा करने का क्या औचित्य है, जब 75 प्रतिशत पानी उतर चुका है. उन्होंने आगे कि जब हमें जरूरत थी, तो विनेश फोगाट के पास 100 से ज्यादा फोन किया गया लेकिन विधायक ने फोन नहीं उठाया. सरपंच प्रतिनिधि ने तो ये तक कह दिया कि जुलाना हलके के लोगों के साथ वोटों की ठगी हो गई है. सुधीर ने कहा, "हमने मिलकर विनेश फोगाट को जिताया था लेकिन आज जब उन पर मुसीबत आई, खेतों और गांव में जलभराव हुआ तो उनके फोन उठाने भी बंद कर दिए. जब पानी उतर गया तो हमें संभालने के लिए आ गईं.  बाढ़ प्रभावित लोगों से विनेश ने की मुलाकात विधायक विनेश फोगाट  दोपहर को हलके के बराड़ खेड़ा, बुआना, खरैंटी, गढ़वाली, झमौला, करेला, मालवी और देवरड़ गांवों में पहुंचीं और ग्रामीणों व बाढ़ से प्रभावित किसानों से बातचीत की. कांग्रेस विधायक ने किसानों की समस्याएं सुनी और उन्हें हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि खेतों से पानी की निकासी के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे किसानों की फसलें बचाई जा सकें. विनेश फोगाट ने कहा कि किसानों की परेशानी को दूर किया जाएगा और नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा. इसके बाद जब विनेश फोगाट बुआना गांव में पहुंचीं तो सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान और प्रदेश प्रवक्ता सुधीर बुआना ने कहा कि सरपंच एसोसिएशन और पंचायत समिति सदस्यों ने समर्थन देकर विनेश फोगाट को जिताया था, अब विधायक फोन उठाना भी उचित नहीं समझ रही हैं.  सुधीर बुआना ने यहां तक कहा कि सरकार और प्रशासन तो हमारा सहयोग कर रहा है लेकिन विधायक का हमें कोई सहयोग नहीं मिला. विधायक जलभराव का स्थाई समाधान करें. 

आलू से पाएं ग्लोइंग फेस: आसान और घर पर बनाएं यह ब्यूटी पैक

व्यक्ति चाहे किसी भी उम्र का हो, उसे दमकती त्वचा की चाहत सदा ही रहती है। परन्तु बाजार में मिलने वाले सौंदर्य प्रसाधन काफी हानिकारक हो सकते हैं। अतः घर पर ही आलू के फेस पैक्स बनाएं। ये आपके चेहरे को प्राकृतिक रूप से चमक देते हैं। आलू के फायदें… -चोट लगने पर आलू का प्रयोग करना चाहिए। चोट लगने के बाद कई बार त्वचा नीली पड़ जाती है। ऐसे में कच्चा आलू पीसकर लगाने से फायदा होता है। -त्वचा की एलर्जी या अन्य त्वचा संबंधी रोग होने पर आलू का प्रयोग करना चाहिए। कच्चे आलू का रस लगाने से भी त्वचा संबंधी रोगों में फायदा होता है। -झुर्रियों पर कच्चे आलू को पीसकर लगाने से लाभ होता है। -आलू को उबालकर या भूनकर खाने से इसके पौष्टिक तत्व आसानी से पच जाते हैं क्योंकि इसमें स्टार्च, पोटेशियम और विटामिन-ए और विटामिन-डी पर्याप्त मात्रा में होता है। -चेहरे की रंगत के लिए आलू बहुत फायदेमंद होता है। आलू पीसकर त्वचा पर लगाने से सौंदर्य में निखार आता है। -उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को आलू खाना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।  

चार्ली कर्क पर जानलेवा हमला: गर्दन पर वार, कैमरे में कैद हुई वारदात

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जिगरी दोस्त चार्ली कर्क (Charlie Kirk) की हत्या ने गन वायलेंस और सिक्योरिटी को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है. कर्क की यूटा यूनिवर्सिटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब शूटर का मौके से फरार होते एक वीडियो वायरल हो रहा है. कर्क की हत्या की जांच कर रही एफबीआई की टीम ने एक नया वीडिया जारी किया है, जिसमें कर्क की हत्या के कुछ सेकंड बाद ही एक एक संदिग्ध को यूटा यूनिवर्सिटी की छत से भागते देखा जा सकता है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि संदिग्ध पहले तो भागता है और फिर कैंपस से छत से छलांग लगा देता है. कंजरवेटिव चार्ली कर्क की यूटा वैली यूनिवर्सिटी में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्हें सुनने के लिए कैंपस में लगभग तीन हजार लोग जुटे थे. यह कार्यक्रम कैंपस में खुले में हो रहा था.  एफबीआई का कहना है कि यह काम किसी स्किल्ड शूटर का है, जो काले कपड़ों में छत पर छिपा था. FBI ने इसे प्रोफेशनल हिट बताया, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं है. एफबीआई ने एक लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है.  चार्ली कर्क टर्निंग पॉइंट यूएसए (TPUSA) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे. यह एक छात्र संगठन है जिसका मकसद लिबरल अमेरिकी कॉलेजों में कंजर्वेटिव विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना है. वह 32 साल के थे और ट्रंप के करीबियों में से एक थे. वह अमेरिका के सबसे हाई प्रोफाइल कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट और मीडिया पर्सनैलिटीज में से एक थे।. कर्क के पिता आर्किटेक्ट थे. उन्होंने शिकागो के एक कॉलेज से पढ़ाई की लेकिन राजनीति में आने के लिए पढ़ाई छोड़ दी. कर्क ने 2020 में 'The Maga Doctrine' किताब लिखी थी, जिसमें ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का भी जिक्र था. चार्ली और उनकी टीम ने पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप और रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने में भी अहम भूमिका निभाई थी.  कर्क अपने विवादित बयानबाजी के लिए हमेशा चर्चा में रहते थे. उनके धुर दक्षिणपंथी विचारों की वजह से वह हमेशा लिबरल्स के निशाने पर रहते थे. वह स्लेवरी से लेकर गर्भपात, महिला विरोधी बयानों और रंगभेद पर की गई अपनी टिप्पणियों की वजह से विवादित थे. कैसे दिया हत्या को अंजाम घटनास्थल के वीडियो में दिख रहा है कि चार्ली एक बड़ी भीड़ को संबोधित कर रहे हैं, तभी एक गोली चलने की आवाज आई. कैमरे के तेजी से हिलने से पहले चार्ली अपनी कुर्सी पर गिरता हुआ दिखे और दर्शकों में घबराहट की आवाजें आने लगीं. जांचकर्ताओं ने कहा कि उनका मानना ​​है कि गोली कैंपस की छत से चली थी, जो काले कपड़े पहने किसी व्यक्ति द्वारा चलाई गई थी. यह एक टारगेट बनाकर हत्या करने का मामला प्रतीत होता है. इस इवेंट में मौजूद यूटाह के पूर्व कांग्रेसी जेसन चाफेट्ज ने फॉक्स न्यूज को बताया कि गोली तब चली जब चार्ली कर्क भीड़ के साथ सवाल-जवाब सेशन कर रहे थे. बुरी तरह से सहमे हुए चाफेट्ज ने नेटवर्क को बताया, "पहला सवाल धर्म के बारे में था. वह लगभग 15-20 मिनट तक बोलते रहे. दिलचस्प बात यह है कि दूसरा सवाल ट्रांसजेंडर शूटर्स, सामूहिक शूटर्स के बारे में था और उसी के बीच में गोली चल गई… जैसे ही वह गोली चली, वह पीछे गिर गया. हर कोई डेक से टकराया… बहुत सारे लोग चिल्लाने लगे और फिर सभी लोग भागने लगे."

अखिलेश यादव की रणनीति: 2027 चुनाव में तीन जिलों को देंगे प्राथमिकता, खास घोषणा पत्र की तैयारी

लखनऊ 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पीडीए को अभी एकजुट करने में लग गई है। इस बीच गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की साजिशों के प्रति सावधान रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में आगरा, हाथरस एवं मथुरा के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरू की गई थी, जो भाजपा सरकार में अब बर्बाद हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का 2027 के चुनावों में इन तीनों जिलों के लिए अलग घोषणा पत्र होगा। जिसमें नई विकास योजनाओं की घोषणा होगी। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय पर आगरा, मथुरा और हाथरस जिलों के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के विरुद्ध चुनावों में धांधली की योजना बनाने की रणनीति पर काम करने में जुट गई है। जबकि जनता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करना है। जातीय जनगणना से समाज के सभी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर हक और सम्मान मिल सकेगा। पीडीए पंचायतों से समाज में जाग्रति हुई है और लोगों को उसकी ताकत का एहसास भी हुआ है। पीडीए की ताकत से भाजपा घबड़ाई हुई है। उसे चुनाव में हार का डर दिखने लगा है। सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वोट बनवाने, वोट डलवाने के साथ इस पर भी निगाह रखनी है कि अपने लोगों को वोट कटने न पाए। भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करके और मतदान में धांधली के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की पवित्रता को नष्ट करके सत्ता हासिल करने की साज़िश करती है। आगरा, मथुरा इंटरनेशनल सिटी है। इसलिए उसकी विशेष स्थिति भी है। अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन में भी उसकी प्रमुखता से गणना होती है। मथुरा भी विश्व स्तर पर जाना पहचाना नाम है। भगवान कृष्ण का जन्म स्थान है। वहां की पवित्रता बनाए रखना है। भाजपा तो सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग कर मथुरा की जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि मथुरा में विकास कार्य सपा सरकार में ही हुए थे। भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ही नहीं, शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत गिरावट है। महंगाई कम नहीं हो रही हैं नौजवानों को नौकरियां नहीं मिल रही है। महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित हैं। अपराधी बेलगाम हैं और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। जनता त्रस्त है। लोग परिवर्तन चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट होकर परस्पर सहयोगी बनकर चुनाव में बूथ स्तर तक सफलता हासिल करनी है। भाजपा ने लूट की इंतिहा कर दी है। भ्रष्टाचार चरम पर है। लोग किसी भी तरह भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए व्याकुल हैं। जनता की खुशहाली तभी मिलेगी जब भाजपा जाएगी, समाजवादी सरकार आएगी। छात्र, नौजवान, व्यापारी, किसान खुशहाल होगा और बहन-बेटियों सुरक्षित होंगी।  

मनरेगा में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार दिलाने में देश में मध्यप्रदेश प्रथम भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग को अब तक सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश बना है। वर्तमान में मध्यप्रदेश देशभर में पहले पायदान पर है। प्रदेश में 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी प्रदेश में कुल 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी परिवारों के 1 करोड़ से अधिक श्रमिक सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं। 32 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत प्रदेश में 32 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 47 लाख 38 हजार श्रमिकों ने विभिन्न कार्यों में भाग लिया, जिनमें से 10 लाख 37 हजार परिवारों के 15 लाख 81 हजार श्रमिक अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। प्रदेश में कुल सृजित मानव दिवस 11 करोड़ 55 लाख में से 3 करोड़ 53 लाख मानव दिवस आदिवासी परिवारों द्वारा सृजित किया गया, जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है और योजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में किए जाने वाले कार्य मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें खेत तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज जैसे संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण व मरम्मत, व्यापक स्तर पर पौधरोपण, बोरी बंधान, मेड़ बंधान, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, बागवानी, पशुशेड निर्माण एवं अन्य ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा समृद्ध मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना भी है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

मार्केट में जोरदार उछाल, JBM और Lupin के शेयरों ने दिखाई दमदार रफ्तार

नई दिल्ली शेयर बाजार आज भी तेजी पर खुला, लेकिन इसमें बड़ी उछाल नहीं देखी जा रही है. 9.23 बजे सुबह सेंसेक्‍स 155.26 अंक चढ़कर 81,703.99 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 51.80 अंक चढ़कर 25,057.30 पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी बैंक में तेज गिरावट आई है, ये अभी 54.95 अंक गिरकर 54,614.65 पर कारोबार कर रहा है.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 9 शेयरों में गिरावट आई है, जबकि 21 शेयर तेजी दिखा रहे हैं. इंफोसिस के शेयर में 2 फीसदी और मारुति, टाटा मोटर्स जैसे शेयर्स में 1 फीसदी की तेजी आई है. हिंदुस्‍तान लीवर और HDFC Bank के शेयर में आज 1 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है.  FMCG, मीडिया और पीएसयू बैंक सेक्‍टर में गिरावट है. ऑटो, आईटी, मेटल और फार्मा के शेयर में अच्‍छी तेजी है.  क्‍यों नहीं चल रहा शेयर बाजार?  शेयर बाजार में तेजी तो आ रही है, लेकिन निवेशकों के उम्‍मीद के मुताबिक उतनी उछाल नहीं देखी जा रही है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि टैरिफ पर अन‍िश्चितता बने रहने के कारण भारतीय मार्केट को मोमेंटम नहीं मिल पा रहा है. टैरिफ के कारण ग्‍लोबल स्‍तर पर मार्केट भी प्रभावित हुआ है. रुपये में भी गिरावट देखी जा रही है. वहीं अमेरिका और भारत के रिश्‍तों में अभी सुधार नहीं आई है. इसके अलावा, विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजार से लगातार बिकवाली कर रहे हैं.  94 शेयरों में अपर सर्किट  बीएसई के 3,187 शेयरों में से सिर्फ 1,947 शेयरों में तेजी आई है. 1055 शेयरों में गिरावट आई है और 185 शेयर अनचेंज हैं. 43 शेयरों ने आज लोअर सर्किट लगाया है, जबकि 94 शेयरों ने अपर सर्किट लगाया है. 20 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर और 56 शेयर 52 सप्‍ताह के उच्‍चतम स्‍तर पर है.  इन शेयरों में अच्‍छी तेजी JBM Auto के शेयर में आज 8 फीसदी की तेजी है. शक्ति पम्‍प के शेयर में 7.30 फीसदी की उछाल है. धानी सर्विस के शेयर में 6 फीसदी, लक्ष्‍मी ऑर्गेनिक के शेयर में 4%, एमसीएक्‍स और बीएसई के शेयर में 2 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. Infosys और Lupin के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. 

सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन: बजट अमल में देरी पर 24 सितंबर को जयपुर में आंदोलन

जयपुर राजस्थान सरकार द्वारा बजट 2025 में की गई घोषणाओं को लागू करने में हो रही देरी से राज्य कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है। सरकार दो बार डेडलाइन देने के बाद भी वादों पर अमल नहीं कर पाई, जिस कारण कर्मचारी संगठन अब विरोध की राह पर उतर आए हैं। इसको लेकर कर्मचारियों के दल ने जयपुर में एक बैठक आयोजित की है। राज्य केंद्रीय मुद्रणालय में हुई बैठक अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की आपात बैठक मंगलवार को राज्य केंद्रीय मुद्रणालय, जयपुर में हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने सरकार की वादाखिलाफी पर कड़ा रोष जताया। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि बजट घोषणाओं को लागू नहीं करने से नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा, प्लेसमेंट एजेंसी से कार्यरत कर्मचारी, मंत्रालयिक कर्मचारी और जेल प्रहरियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और यह नाराज़गी आंदोलन का रूप ले रही है। शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना महासंघ ने घोषणा की कि 24 सितम्बर को प्रदेशभर के कर्मचारी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरना देंगे। महासंघ के प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने बताया कि बजट में सरकार ने संविदा कर्मचारियों को ठेकेदारों से मुक्त कर नई संस्था गठित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया वहीं, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह नरूका ने मंत्रालयिक कर्मचारियों के कैडर रिव्यू और निदेशालय गठन की मांग पूरी न होने पर गहरी नाराज़गी जताई और महासंघ के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के संरक्षक कुलदीप यादव ने की। इस दौरान कई कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने पर जोर दिया। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि बजट घोषणाओं को तुरंत लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

रूपाली गांगुली का ट्रेडिशनल अवतार, बंगाली गाने पर किया फैन्स को मंत्रमुग्ध

मुंबई, लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री रूपाली गांगुली अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं। उन्होंने गुरुवार को एक लेटेस्ट वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह एक गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं। रूपाली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह बंगाली गाना ‘मेलार गान’ पर अपने शानदार एक्सप्रेशन के साथ डांस कर रही हैं। वीडियो में उन्होंने मल्टीकलर के लहंगे के साथ गुलाबी रंग का ब्लाउज पेयर किया है। वहीं, पीले रंग की चुनरी को खूबसूरती से सजाया है। माथे पर बिंदी, कानों में झुमके और ढीली चोटी में बंधे बाल उनके पारंपरिक अंदाज को निखार रहे हैं। इसके साथ ही, उनके हाथों में साधारण कंगन सादगी और सुंदरता को दिखा रहे हैं। इस वीडियो में रूपाली का आत्मविश्वास और ऊर्जा देखते ही बनती है। वीडियो के साथ रूपाली ने कैप्शन में लिखा, “ये गाना बहुत प्यारा है। इसे सुनकर बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।” इस वीडियो को देखकर प्रशंसकों ने उनकी तारीफ में कमेंट्स की बौछार कर दी। कई यूजर्स ने उनके डांस और लुक की सराहना करते हुए उन्हें ‘मल्टी-टैलेंटेड’ बताया। रूपाली गांगुली टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा हैं। ‘अनुपमा’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिक में उनकी भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई है। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और प्रशंसकों के साथ जुड़ाव उन्हें और भी खास बनाता है। अभिनेत्री इन दिनों पॉपुलर टेलीविजन सीरियल ‘अनुपमा’ में नजर आ रही हैं। शो का निर्माण राजन शाही ने किया है और यह बंगाली सीरियल ‘श्रीमयी’ का रीमेक बताया जाता है। शो में अब दूसरी पीढ़ी के किरदारों के रूप में अद्रिजा रॉय और शिवम खजुरिया भी नजर आ रहे हैं। ‘अनुपमा’ की शुरुआत 13 जुलाई 2020 को हुई थी और तब से यह शो टीआरपी की लिस्ट में टॉप पर बना है। बता दें कि रूपाली गांगुली को ‘अनुपमा’ से पहले ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ जैसे सीरियल में भी देखा जा चुका है।  

लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला

कोर कटिंग से खुली सड़क के भ्रष्टाचार की परतें, कम निकली क्रस्ट की मोटाई लोक निर्माण विभाग की मकरंदगंज-बरबसपुरा सड़क का मामला मासिक निरीक्षण अंतर्गत दो मुख्य अभियंताओं की टीम ने की जांच पन्ना  ऊपर से चिकनी और गुणवत्तापूर्ण नजर आने वाली सड़क के अंदर भ्रष्टाचार का खेल किस तरह से खेला जाता है, मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा सड़क इसका उदाहरण है! लोक निर्माण विभाग के दो चीफ इंजीनियरों द्वारा की गई जांच में सड़क निर्माण कार्य की गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। मकरंदगंज सड़क के Crust (क्रस्ट) यानी अर्थवर्क से लेकर डामरीकरण तक सभी परतों की कुल थिकनेस (मोटाई) निर्धारित प्रावधान से कम निकली। आबादी क्षेत्र में बनाई गई सीसी सड़क का कोर काटने पर क्रैक्स पाए गए जिससे प्रथम दृष्टया कंक्रीट मटेरियल की गुणवत्ता मानक अनरूप न होना प्रतीत होता है। मोटी रकम बचाने के चक्कर में सड़क निर्माण कार्य में जमकर की गई लीपापोती की पोल खुलने से संबंधित ठेकेदार और तकनीकी अधिकारियों में हड़कंप मचा है। जांच की आंच में झुलसने की आशंका से भयभीत स्थानीय तकनीकी अधिकारियों ने शीर्ष स्तर पर मामले को सीक्रेट तरीके से मैनेज करने की कवायद शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि गंभीर अनियमितताओं के खुलासे पर जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस एक्शन लिया जाएगा या फिर मैनेजमेंट फंडा अपना असर दिखाएगा। सॉफ्टवेयर आधारित प्रक्रिया से हुआ था चयन मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की नई व्यवस्था लागू की गई है। विभाग द्वारा प्रत्येक माह रेण्डम आधार पर चयनित निर्माण कार्यों के निरीक्षण हेतु 5 एवं 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं के दल भेजे जाते हैं। कार्यों का रेण्डमाईजेशन डब्ल्यूएमएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभाग के उप सचिव के समक्ष किया जाता है। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को जिन कार्यों का निरीक्षण करना है उसकी सूची उन्हें एक दिन पूर्व सॉफ्टवेयर पर लॉगिन के माध्यम से उपलब्ध होती है। इस बार शुक्रवार 5 सितंबर 2025 को सागर परिक्षेत्र अंतर्गत पन्ना जिले के 4 निर्माण कार्य रेण्डम आधार पर चयनित हुए। जिनमें पीडब्ल्यूडी की 3 सड़कें और पीआईयू का एक निर्माणाधीन बिल्डिंग शामिल थी। पन्ना के निर्माण कार्यों के निरीक्षण की जिम्मेदारी इस बार केएस यादव मुख्य अभियंता भवन परिक्षेत्र भोपाल एवं बीएस मीणा मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी को मिली थी। दोनों वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों द्वारा मकरंदगंज सड़क का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान लोनिवि के स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे। 3 करोड़ 68 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग संभाग पन्ना से प्राप्त जानकारी अनुसार मकरंदगंज से बरबसपुरा व्याहा नरेंद्रपुरा मार्ग की कुल लंबाई 3.20 किलोमीटर है। शासन द्वारा इसके निर्माण हेतु दिनांक 22 दिसंबर 2022 को 3 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। जबकि निविदा की राशि (अनुबंधित राशि) 3 करोड़ 8 लाख 29 हजार रुपए थी। सड़क निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेका फर्म मेसर्स मारुति नंदन कंस्ट्रक्शन सतना को कार्यादेश क्रमांक 1280 पन्ना दिनांक 11 अप्रैल 2023 को जारी किया गया। सड़क की निविदा दर एसआर से 24.50 प्रतिशत कम थी। अनुबंध अनुसार मार्ग निर्माण कार्य दिनांक 10 सितंबर 2023 (छह माह की अवधि) में पूर्ण किया जाना था। मकरंदगंज मार्ग का कार्य लोनिवि के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एसके पाण्डेय के कार्यकाल में हुआ। जिसके अनुविभागीय अधिकारी बीके त्रिपाठी एवं प्रभारी उपयंत्री आरएम बागरी रहे। कार्य की गुणवत्ता से हुआ समझौता शुक्रवार 5 सितंबर को नवनिर्मित मकरंदगंज मार्ग का सघन निरीक्षण करने वाले चीफ इंजीनियर्स केएस यादव भोपाल एवं बीएस मीणा एमपीआरडीसी द्वारा अपने समक्ष कोर काटा गया। ऊपर से देखने में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण नजर आ रही सड़क का कोर कटने पर अंदर दबी परतों का स्याह सच सतह पर आया तो निरीक्षणकर्ता अधिकारी भी दंग रह गए। इस दौरान मौके पर उपस्थित रहे एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर जानकारी देते हुए बताया कि, सीसी सड़क के कोर की पूर्णतः मोटाई में क्रैक्स पाए गए। सीसी सड़क की मोटाई (थिकनेस) मानक अनुरूप है लेकिन क्रैक्स होने से पीक्यूसी (Pavment Quality Concrete) की गुणवत्ता से समझौता होना प्रतीत होता है। जिसका सीधा असर सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर पड़ता है। सड़क की विभिन्न परतों क्रस्ट (Crust) की कुल मोटाई जांच में निर्धारित प्रावधान से कम पाई गई। सिर्फ इतना ही नहीं सड़क की डीबीएम एवं बीसी लेयर (डामर की परतें) भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरीं। हालांकि बीटी कार्य की सतह को निरीक्षणकर्ताओं ने अच्छा बताया है। राजधानी भोपाल के एक विभागीय सूत्र ने बताया कि, निरीक्षण में सड़क निर्माण कार्य की लीपापोती की परतें खुलने पर निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट में उन्हें गोलमोल तरीके से इंगित करते हुए अधीक्षण यंत्री से विस्तृत जांच कराने का सुझाव दिया है। हैरानी की बात है कि सड़क की जांच करने वाले दोनों वरिष्ठ अधिकारी अब कनिष्ठ अधिकारी से विस्तृत जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। सूत्र ने बताया कि, रिपोर्ट में प्रायः इस तरह की गुंजाइश सिर्फ इसलिए छोड़ी जाती है, ताकि सिफारिश और मैनेजमेंट फंडे की स्थिति में मामले को सुविधानुसार कोई भी मोड़ दिया जा सके। इनका कहना है-  'मुख्य अभियंताद्वय ने मकरंदगंज मार्ग का निरीक्षण किया था। जांच प्रतिवेदन उनके द्वारा देर रात्रि में बंद कमरे में तैयार किया गया था इसलिए प्रतिवेदन के तथ्यों की फिलहाल जानकारी नहीं है। समीक्षा बैठक में जांच रिपोर्ट पर चर्चा होती है और जांच के तथ्यों के आधार पर संबंधितों पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।' जे.पी. सोनकर प्रभारी कार्यपालन यंत्री लोनिवि पन्ना।

एशिया कप 2025 : पाकिस्तान की ओमान के साथ टी20 के इतिहास में पहली बार होगी भिड़ंत

नई दिल्ली पाकिस्तान एशिया कप 2025 में अपने अभियान की शुरुआत आज दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में टूर्नामेंट में डेब्यू कर रहे ओमान के खिलाफ मुकाबले से करेगा। पाकिस्तान और ओमान के बीच यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 8:00 बजे से शुरू होगा। हाल ही में यूएई टी20 ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान को करारी शिकस्त देकर पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में मजबूती से उतर रहा है। सलमान अली आगा की अगुआई वाली इस टीम में एक मजबूत स्पिन आक्रमण और यूएई की धीमी पिचों के लिए आक्रामक रणनीति है। उनका हालिया फॉर्म और अनुभव उन्हें एशिया कप में जीत के साथ शुरुआत करने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।   बड़ी उम्मीदों के साथ उतरेगी ओमान वहीं, एशिया कप में डेब्यू कर रही ओमान टीम कम दबाव और बड़ी उम्मीदों के साथ इस मुकाबले में उतर रही है। यह टीम जुनूनी क्रिकेटरों और ऑफिस प्रोफेशनल्स के मिश्रण से बनी है, जो रोजमर्रा के कामों के बीच क्रिकेट खेलकर यहां तक पहुंचे हैं। उनके सफर की कहानी रोमांचक और प्रेरणादायक है। बड़े मंच पर प्रभाव छोड़ने को तैयार इस बड़े मंच पर ओमान के खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे, लेकिन एक कहीं ज्यादा मजबूत प्रतिद्वंद्वी के सामने उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। मुकाबले के दौरान ओमान के खिलाड़ियों और टीम को सीखने को बहुत कुछ है। ओमान के पास खोने के लिए कुछ नहीं लेकिन, वह पाकिस्तान का खेल बिगाड़ सकते हैं। पहली बार करेंगे एक दूसरे का सामना पाकिस्तान और ओमान के बीच हेड टू हेड की बात करें तो दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। 20 साल के टी20I इतिहास में यह पहली बार होगा जब पाकिस्तान ओमान का सामना करेगा। सात ही ओमान पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैदान पर उतरेगा।