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जानें सर्वपितृ अमावस्या पर वो वास्तु टिप्स जो दूर करेंगे सभी पितृ दोष

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। यह दिन उन सभी पूर्वजों को समर्पित होता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध सही तिथि पर नहीं हो सका। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन अगर कुछ विशेष वास्तु उपाय किए जाएं, तो न केवल पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति भी बनी रहती है।आइए जानते हैं सर्वपितृ अमावस्या 2025 पर किए जाने वाले 5 सरल वास्तु उपाय, जो पितृ दोष को दूर कर सकते हैं। तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है। पितृ दोष से जुड़ी नकारात्मक शक्तियों को यह दूर करने में सहायक होती है। सर्वपितृ अमावस्या के दिन सुबह स्नान कर तुलसी के पौधे के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं और गायत्री मंत्र या पितरों का तर्पण मंत्र पढ़ें। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। दक्षिण दिशा की सफाई और पितरों की तस्वीर का ध्यान वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को पितृ दिशा कहा गया है। यह दिशा हमारे पूर्वजों से जुड़ी होती है। अगर यह दिशा गंदी या अव्यवस्थित हो, तो पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है। इस दिन दक्षिण दिशा की विशेष सफाई करें और वहां पितरों की तस्वीर को साफ कर अगरबत्ती, दीप आदि लगाएं। तिल जल, फूल और अक्षत अर्पण कर श्रद्धा पूर्वक नमस्कार करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। कौओं को भोजन कराएं कौवे को पितरों का प्रतिनिधि माना गया है। ऐसा माना जाता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर कौए को भोजन कराने से पितरों को भोजन प्राप्त होता है। चावल, घी, रोटी या पका हुआ भोजन कौओं को खिलाएं। इससे पितृ संतुष्ट होते हैं और उनका आशीर्वाद परिवार को मिलता है। भोजन में काले तिल मिलाना और पीपल के पत्ते पर परोसना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीपल के वृक्ष की पूजा करें पीपल का वृक्ष ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है और यह पितरों को प्रसन्न करने का एक सशक्त माध्यम है। इससे पितृ दोष शांत होता है। सर्वपितृ अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाएं, दीपक जलाएं और सात परिक्रमा करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या पितृ गायत्री मंत्र का जाप करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और पितरों की कृपा बनी रहती है।  ईशान कोण का रखें खास ध्यान इस दिन के बाद से ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। यदि आप अपनी इस दिशा को साफ़-सुथरा रखते हैं तो जल्द ही आपको वास्तु दोष से मुक्ति मिलती है। इतना ही नहीं साथ में पूर्वजों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।  

सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने दिव्य और भव्य दीपोत्सव-25 की तैयारियां शुरू कीं

ग्रीन फायर वर्क्स शो श्रद्धालुओं के अाकर्षण का बनेगा केंद्र, संगीत और कोरियोग्राफ का अनेखा अनुभव उत्सव को बनाएगा यादगार करीब 10 मिनट तक चलने वाला शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से होगा सजा  लखनऊ योगी सरकार दीपोत्सव-25 को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियों में जुट गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा 19 अक्टूबर को दीपोत्सव में ग्रीन फायर वर्क्स शो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फायर वर्क्स के मानक पर आधारित होगा। यह आतिशबाज़ी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। इसके साथ ही दीपाेत्सव में पर्यटकों को संगीत और तकनीक के साथ कोरियोग्राफ का अनूठा अनुभव दिखने के साथ सुनने को मिलेगा।  हरित आतिशबाजी का आनंद उठाएंगे श्रद्धालु सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा दीपोत्सव-25 पर सरयू नदी के घाटों और राम की पैड़ी पर 26 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे, जो भगवान राम के अयोध्या आगमन का प्रतीक बनकर ये दीप असंख्य श्रद्धालुओं की आस्था का प्रकाश फैलाएंगे। भक्ति-भाव से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच इस बार ग्रीन फायरवर्क्स शो खास आकर्षण का केंद्र होगा,  जो आस्था और नवाचार को साथ लाकर एक प्रदूषण-मुक्त रंग-बिरंगी रौशनी से जगमगाएगा। करीब 10 मिनट तक चलने वाला यह शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से सजा होगा। कई मीटर से ऊंचाई तक उठने वाली आतिशबाज़ी सरयू के जल पर अद्भुत प्रतिबिंब बिखेरेंगी और वहां मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर देगी। दीपोत्सव-25 में दिखेगा परंपरा और नवाचार का उत्सव पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दीपोत्सव-25 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। इस पर बार 26 लाख से अधिक दीपक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदूषण-मुक्त आतिशबाज़ी के साथ हम अयोध्या की सांस्कृतिक भव्यता को प्रदर्शित करेंगे, जो हर श्रद्धालु को अविस्मरणीय अनुभव देगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि इस बार के दीपोत्सव-25 में परंपरा और नवाचार दोनों का उत्सव देखने को मिलेगा। इस बार पर्यावरण हितैषी और कोरियोग्राफ्ड आतिशबाज़ी हमारे स्थायित्व के संकल्प को हर श्रद्धालुओं तक पहुंचाएगी। साथ ही अयोध्या की धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बड़ा फैसला जल्द? BJP की सबसे बड़ी बाधा हुई दूर

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई महीनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को टालती आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ शीर्ष भाजपा नेतृत्व के तल्ख रिश्ते को माना जा रहा है। हालांकि, बीते कुछ महीनों से दोनों ही तरफ से संबंधों को सामान्य करने और दिखाने की कोशिशें की जा रही हैं। आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने ही इसकी जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद अब इस बात की संभावना जताई जा रही है कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान पार्टी कभी भी कर सकती है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरएसएस की जरूरत को लेकर बयान दिया तो हर कोई अचरज में पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि आरएसएस को भी यह बात नागवार गुजरी। इसका खामियाजा भगवा पार्टी को लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जब भाजपा 240 सीटों पर सिमट कर रह गई, जबकि उसने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान 'अबकी बार 400 पार' का नारा दिया था। कहा जाता है कि संघ के कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में अनमने ढंग से भाजपा का साथ दिया था। आपको बता दें कि नड्डा ने कहा था कि भाजपा को अब संघ की जरूरत नहीं रह गई है। 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला से देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने आरएसएस की तारीफ करते हुआ इसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताया। इसके बाद मोहन भागवत ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आरएसएस के एक कार्यक्रम में साफ शब्दों में कहा था कि राजनीति हो या समाज सेवा इसमें रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती है। इससे पहले संघ प्रमुख ने ही कहा था कि 75 साल की उम्र में लोगों को खुद से रिटायर हो जाना चाहिए। आपको बता दें कि इसी साल प्रधानमंत्री 75 साल के होने वाले हैं। आरएसएस की प्रशंसा करने वालों में प्रधानमंत्री मोदी ही अकेले नहीं हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमिता शाह ने भी हाल ही में कई मौकों पर आरएसएस की सराहना की है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि उन्हें स्वयंसेवक होने पर गर्व है। आरएसएस का कार्यकर्ता होना किसी भी कीमत पर निगेटिव पॉइंट नहीं हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी स्वयंसेवक को तब तक नहीं रुकना है जब तक कि भारत फिर से महान नहीं बन जाता है। भाजपा के दोनों दिग्गज नेताओं और आरएसएस चीफ के बयान से भाजपा और संघ के बीच रिश्ते सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। अब इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों ही संगठन मिलकर जल्द ही भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। हालांकि संघ न कई मौकों पर कहा है कि सरकार या भाजपा के कार्यों में आरएसएस का हस्तक्षेप नहीं होता है। आरएसएस और भाजपा के बीच सामान्य हुए रिश्तों में कई दावेदारों के नाम की चर्चा होने लगी है। उनमें सबसे पहला नाम शिवराज सिंह चौहान का आता है, जो कि वर्तमान केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वहीं, नितिन गडकरी के नाम पर भी अंदरखाने चर्चा होने लगी है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और घर्मेंद्र प्रधान का नाम भी रेस में शामिल होने की चर्चा है। भाजपा अक्सर अपने फैसलों से सियासी पंडितों को चौंकाती रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनता है।  

राजधानी में हड़कंप: ताज पैलेस को बम की धमकी, पुलिस ने घेरा होटल परिसर

नई दिल्ली  दिल्ली में स्कूलों और हाई कोर्ट में बम धमाके की धमकी के बाद अब दिल्ली के ताज पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ताज पैलेस को धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है। जांच शुरू कर दी। जांच के बाद बम निरोधक दस्ते को ताज पैलेस परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर इसे अफवाह घोषित कर दिया गया। हालांकि, इस मामले की जांच की जा रही है और ईमेल भेजने वाले की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में स्थित ताज पैलेस को धमकी भरा मेल मिला है, जिसमें बम धमाके की बात कही गई है। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में बम की धमकी दी गई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था। मामले की सूचना मिलने के बाद परिसर को खाली करवाया गया था और जांच के बाद को संदिग्ध चीज नहीं मिली थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट परिसर के लोगों ने राहत की सांस ली। दिल्ली हाई कोर्ट को मिली बम की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था। इस दौरान वकीलों और कर्मचारियों में भय का माहौल दिखा था। धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ता ऐक्शन में आया और पूरे हाई कोर्ट परिसर की तलाशी ली गई थीी। इस दौरान किसी तरह की संदिग्ध चीज ना मिलने पर उसे फर्जी करार दिया गया था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि अब तक किसी की तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि ईमेल भेजने वाले की पहचान भी की जा रही है। पहचान हो जाने बाद ईमेल भेजने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस धमकी के बाद पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।  

उड़ान रद्द, रोड पर सफर: PM मोदी ने मणिपुर में पीड़ितों से की मुलाकात

इम्फाल  भारी बारिश और खराब मौसम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मिलने से नहीं रोक सका. पीएम मोदी शनिवार को मणिपुर के इम्फाल पहुंचे तो भारी बारिश हो रही थी. 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह राज्य का उनका पहला दौरा था. मई 2023 में मणिपुर में घाटी में रहने वाले प्रमुख मैतेई समुदाय और पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय संघर्ष छिड़ गया. इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए. हिंसा के कारण लगभग 60,000 लोग विस्थापित भी हुए, जो अब भी सरकार द्वारा स्थापित अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं. प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित चुराचांदपुर शहर का पीस ग्राउंड था. इसके बाद वे सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व वाले कंगला किले पर पहुंचे. चुराचांदपुर वह स्थान है जहां कुकी-जो लोग रहते हैं, और इम्फाल जो मैतेई लोगों का गढ़ है, दोनों के बीच 61 किमी की दूरी है. अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि बारिश के कारण चुराचांदपुर तक हेलीकॉप्टर से यात्रा के लिए मौसम अनुकूल नहीं है. रैली स्थल सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है. प्रधानमंत्री ने तय किया कि वह सड़क मार्ग से रैली स्थल पहुंचेंगे. सूत्रों ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे कितना भी समय लगे, वह अवश्य पहुंचेंगे, ताकि लोगों से बातचीत कर सकें. और उन्होंने ऐसा ही किया. पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं. इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए. मैं आपके प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं. भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ सका, इसलिए मैंने सड़क मार्ग से आने का फैसला किया. आज मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, मेरा दिल कह रहा है कि अच्छा हुआ कि आज मेरा हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा और मैं सड़क मार्ग से आया. रास्ते भर तिरंगा हाथ में लिए हुए सभी ने मुझे जो प्यार और स्नेह दिया, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता. मैं सिर झुकाकर मणिपुर के लोगों को नमन करता हूं.' प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित राज्य में जीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा, 'मणिपुर में जीवन को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आज आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके साथ हूं. भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है.' उन्होंने सभी समूहों से अपने सपनों को साकार करने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की अपील भी की.

आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा श्री प्रदीप टंडन को डी.लिट् (Honoris Causa) की उपाधि प्रदान

रायपुर आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर ने श्री प्रदीप टंडन को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट्) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें बिज़नेस मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट नेतृत्व, छत्तीसगढ़ में औद्योगिक प्रोत्साहन तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण एवं परामर्श में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। श्री टंडन वर्तमान में भारत के शीर्ष कॉर्पोरेट – नवीन जिंदल समूह की कंपनी में अध्यक्ष (President) के रूप में कार्यरत हैं। बिज़नेस मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट कार्यों में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन में अहम भूमिका निभाई है। कॉर्पोरेट जगत से परे, श्री टंडन ने नीति वकालत (Policy Advocacy) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे वर्तमान में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष तथा नेशनल एम्प्लॉयर्स फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। इन भूमिकाओं में उन्होंने उद्योग और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाली प्रगतिशील नीतियों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। आईटीएम विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त यह डी.लिट् उपाधि उनके कॉर्पोरेट उत्कृष्टता, आर्थिक विकास और सामाजिक-औद्योगिक प्रगति के प्रति समर्पण की सराहना है। इस अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए श्री टंडन ने कहा: “यह सम्मान मेरे लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरे सहकर्मियों, मार्गदर्शकों और उद्योग से जुड़े साथियों से मिले निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन का प्रतिबिंब है। मैं इस मान्यता के लिए आईटीएम विश्वविद्यालय का हृदय से आभारी हूँ। यह उपाधि मुझे समावेशी औद्योगिक विकास, नीति सुधार और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।”

फालतू में मत फेंकें अपनी घड़ी, ये टिप्स कर देंगी समय सही!

नई दिल्ली काल यानी समय कभी नहीं रुकता है। जो समय के साथ चलता है, वही आगे बढ़ता है। जो ठहर जाता है वह खत्म हो जाता है। इसी समय को बताने के लिए हम घड़ी का इस्तेमाल करते हैं, जो हमेशा चलती रहनी चाहिए। मगर, यदि घड़ी बंद हो जाए, तो उसे घर से हटा देना चाहिए। दरअसल, यह निगेटिव एनर्जी पैदा करती है और इसकी वजह से कई तरह की परेशानियां जीवन में आने लगती हैं। इसीलिए बंद घड़ी को घर से बाहर निकाल दिया जाता है। वास्तु के अनुसार, बंद घड़ी आपके लिए लगातार नुकसान और बुरे समय का कारण भी बन सकती है। करियर पर भी डालती है असर बंद घड़ी को घर में रखने से करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्तों में बाधा आ सकती है। ज्योतिष में घड़ी को ग्रहों से जोड़ा जाता है। घड़ी के बंद होने का मतलब है कि समय के फ्लो यानी बहाव में रुकावट आ रही है। इसका असर आपकी तरक्की पर भी पड़ता है। लिहाजा, अगर आपके घर में भी कोई बंद घड़ी पड़ी है, तो अब समय है कि उसे घर से बाहर कर दिया जाए। मगर, इससे पहले आप एक उपाय कर सकते हैं, जो आपकी किस्मत के बंद ताले को खोल सकता है। बंद घड़ी से करें ये उपाय घर में पड़ी खराब घड़ी को घर से बाहर निकालने से पहले आप जिस भी परेशानी से जूझ रहे हैं, उसे एक कागज पर लिख लें। इसके बाद उस कागज के टुकड़े को घड़ी के साथ रखकर काले कपड़े से लपेट दें। इसके बाद इस घड़ी को घर से दूर किसी कचरा फेंकने की जगह पर फेंक आएं। इस उपाय को करते समय आपको यह ध्यान रखना है कि आपको पीछे पलटकर नहीं देखना है। बस इतना करने के बाद आप देखेंगे कि धीरे-धीरे आपके जीवन से वह समस्या दूर हो रही है।

अमेरिका में भारतीय की हत्या: सांसदों ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा– खूंखार अपराधी क्यों नहीं था सलाखों के पीछे?

वाशिंगटन यूएस में भारतीय मूल के शख्स की बेरहमी से की गई हत्या को लेकर अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि हत्यारे को अमेरिका में नहीं रहने देना चाहिए। बता दें कि 50 साल के भारतीय अमेरिकी चंद्र मौली बॉब नागमल्लैया को उनके ही एक सहकर्मी योर्डानिस कोबोस मार्टनेज ने मार डाला था। आरोपी ने चाकू से उनकी गर्दन पर तबतक वार किया जब तक कि सिर धड़ से अलग नहीं हो गया। इसके बाद सिर पर लात मारी और कूड़ेदान में फेंक दिया। घटना के वक्त मृतक की पत्नी और बच्चा भी वहीं मौजूद था। खन्ना ने कहा, कड़ी मेहनत करने वाले एक भारतीय मूल के अमेरिकी की उसकी पत्नी और बच्चे के सामने नृशंस हत्या बेहद खौफनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले भी चोरी और अन्य अपराध के चलते गिरफ्तार किया गया था। उसे अमेरिकी की गलियों में यूं घूमने के लिए छोड़ना ही नहीं चाहिए था। नागमलैय्या पर हमले की गवाह उनकी पत्नी निशा और 18 वर्षीय बेटे गौरव की मदद के लिए शुरू किए गए चंदा अभियान के तहत करीब दो लाख अमेरिकी डॉलर की धनराशि एकत्र हो चुकी है। इस धनराशि का उपयोग नागमलैय्या के अंतिम संस्कार और गौरव की कॉलेज की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए किया जाएगा। नागमलैय्या (50) डाउनटाउन सुइट्स नामक होटल में काम कर करते थे। हिंसक आपराधिक इतिहास वाले क्यूबा के नागरिक और नागमलैय्या के सहकर्मी योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज (37) ने सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी थी। ह्यूस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास मामले पर नजर रखे हुए है और ‘कांसुलर’ सहायता प्रदान कर रहा है। महावाणिज्य दूत डी सी मंजूनाथ ने कहा कि वाणिज्य दूतावास “परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।”  

‘होमबाउंड’ का इंतजार खत्म! ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर की फिल्म की रिलीज डेट घोषित

मुंबई  जाह्नवी कपूर, ईशान खट्टर और विशाल जेठवा स्टारर ‘होमबाउंड’ की दुनियाभर के फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहना हुई है. इस फिल्म की रिलीज का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में गुड न्यूज है कि मेकर्स ने फाइनली इसकी रिलीज डेट शनिवार, 13 सितंबर यानी आज अनाउंस कर दी है. चलिए जानते हैं ‘होमबाउंड’ भारत और दुनियाभर के  सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी? ‘होमबाउंड’ की रिलीज डेट हुई अनाउंस बता दें क टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और कान्स फिल्म फेस्टिवल जैसे प्रेस्टिजियस इवेंट्स में प्रदर्शित हुई ‘होमबाउंड’ को शानदार रिव्यू मिले थे और यहां तक कि इसके लिए नौ मिनट तक खड़े होकर तालियां भी बजाई गईं. वहीं अब ये फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज होने जा रही है. फिल्म मेकर नीरज घायवान की "होमबाउंड" 26 सितंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है है, निर्माताओं ने शनिवार को इसकी घोषणा की. फिल्म के ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी दुनिया भर में रिलीज़ अनाउंस की गई है. पोस्ट में इसका नया पोस्टर था जिस पर रिलीज़ की तारीख लिखी थी. वहीं पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "कोई भी एहसास आखिरी नहीं होता. होमबाउंड 26 सितंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है." होमबाउंड के बारे में फ़िल्म की इमोशनल कहानी और ईशान के शानदार अभिनय, दोनों की काफ़ी तारीफ़ हुई है. इस फिल्म को ईशान के अब तक के करियर की बेस्ट फ़िल्मों में से एक बताया जा रहा है. होमबाउंड का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फ़िल्म निर्माता नीरज घायवान ने किया है. धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव के दो बचपन के दोस्तों की कहानी है, जो पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखते हैं. उनका मानना ​​है कि वर्दी उन्हें आखिरकार वह सम्मान दिलाएगी जो उन्हें हमेशा से नहीं मिला. लेकिन जैसे-जैसे वे अपने लक्ष्य के करीब पहुँचते हैं, बढ़ती चुनौतियाँ और बढ़ते दबाव न केवल उनके दृढ़ संकल्प, बल्कि उनके रिश्ते की मज़बूती की भी परीक्षा लेने लगते हैं. इन दोनों दोस्तों का रोल विशाल जेठवा और ईशान खट्टर ने निभाया है. हाल ही में, यह फ़िल्म टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (TIFF) में प्रदर्शित की गई थी.

शहीदों का अपमान– पहलगाम हमले के पीड़ित की विधवा ने भारत-पाक मैच पर जताया विरोध

नई दिल्ली  पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गिए एक व्यक्ति की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने आगामी भारत-पाकिस्तान एशिया कप 2025 मैच का कड़ा विरोध किया है और सभी से मैच का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों के बलिदान की अनदेखी की जा रही है और पाकिस्तान जैसे आतंकी राष्ट्र के साथ क्रिकेट खेलना शहीद परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “BCCI को यह मैच स्वीकार नहीं करना चाहिए था। हमारे खिलाड़ी राष्ट्रवादी कहे जाते हैं, लेकिन 1-2 को छोड़कर किसी ने भी आगे आकर पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना नहीं किया। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी कि देश के लिए खड़े हों। लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि मैच से मिलने वाला राजस्व किस काम आएगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान उस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ आतंकवाद के लिए करेगा। स्पॉन्सर और ब्रॉडकास्टर भी सोचें कि क्या उनकी राष्ट्रीयता उन 26 परिवारों तक सीमित नहीं है? टीवी मत चालू करें, इस मैच का बहिष्कार करें।” भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार और BCCI पर निशाना साधा है। शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने पूछा – “क्या खून और क्रिकेट साथ-साथ बह सकते हैं?” महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा कि यह शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है। शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने आरोप लगाया कि सरकार ने मैच को अनुमति देकर अपने दोहरे मानदंड उजागर कर दिए हैं। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें 14 सितंबर को दुबई में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच पर रोक लगाने की मांग की गई थी।