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मुआवजे को लेकर सियासत गरमाई, धनखड़ ने हुड्डा को घेरा

झज्जर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और वरिष्ठ नेता ओपी धनखड़ ने गुरूवार को झज्जर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आड़े हाथों लिया। हाल ही में हुड्डा द्वारा बर्बाद फसलों के लिए 70 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग पर तंज कसते हुए धनखड़ ने कहा कि "अपने दस साल के कार्यकाल में हुड्डा किसानों को डेढ़-डेढ़ रुपये के चेक थमाते थे, और आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। किसान मुद्दों पर बात करते हुए धनखड़ ने दावा किया कि भाजपा सरकार के प्रयासों से हरियाणा भर में जल निकासी की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। धनखड़ झज्जर स्थित नेहरू कॉलेज में आयोजित ‘लोंग डे बाजार’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर मौसम अनुकूल रहा, तो राज्य में रबी की फसल बेहतर होने की पूरी उम्मीद है। बीमा योजनाओं को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि हुड्डा सरकार के समय किसानों को बीमा कंपनियों के नाम पर सिर्फ ठगा गया। आज वही बीमा कंपनियां किसानों को 30 से 35 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दे रही हैं। धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितैषी नीतियों के दम पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है। इस मौके पर उन्होंने लोग डे बाजार में स्टॉल लगाने वाले छात्राओं की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि छात्रों और कॉलेज का इस दिशा में कदम सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आज के समय की जो डिमांड पर उसी पर इन छात्रों का फोकस है। युवा प्रतिभा के धनी है। राहुल गांधी पर तीखा हमला धनखड़ ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का पूरा जीवन केवल आरोप लगाने में ही बीत जाएगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आज विश्व में यदि कोई शानदार नेतृत्व है, तो वह नरेंद्र मोदी के रूप में भारत के पास है। धनखड़ झज्जर स्थित नेहरू कॉलेज में आयोजित ‘लोंग डे बाजार’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जनता से नहीं, बल्कि घुसपैठियों से वोट मांग रही है।

कांग्रेस घुसपैठियों व अर्बन नक्सल्स को बचाने की कर रही राजनीति: अनुराग सिंह ठाकुर 

धमाका नहीं, ड्रामा कर रहे राहुल गांधी: अनुराग सिंह ठाकुर  कांग्रेस घुसपैठियों व अर्बन नक्सल्स को बचाने की कर रही राजनीति: अनुराग सिंह ठाकुर  राहुल का क़बूलनामा, नहीं लड़ रहे लोकतंत्र के लिए: अनुराग सिंह ठाकुर  राहुल तथ्यों से दूर, हिट एंड रन की कर रहे राजनीति: अनुराग सिंह ठाकुर  आरोपों की राजनीति को राहुल ने बनाया आभूषण: अनुराग सिंह ठाकुर  आलंद सीट कांग्रेस के खाते में, राहुल बतायें..क्या वोट चोरी से जीते: अनुराग सिंह ठाकुर  नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री,भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद  अनुराग ठाकुर ने आज गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया और राहुल गाँधी के झूठे दावों की एक-एक करके सच्चाई उजागर करते हुए राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए  अनुराग सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि राफेल से लेकर ‘चौकीदार चोर है’ तक और सावरकर से लेकर आरएसएस से जुड़े मुद्दे तक हर बार राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार मिली है और उन्हें कई बार माफी मांगनी पड़ी। कीचड़ उछाल कर भाग जाने वाला राहुल गांधी का ‘हिट एंड रन’ वाला रवैया आज की भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया।  अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एक नेता जिनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 90 चुनाव हारी, उनकी हताशा और निराशा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चुनावी हार और जनता से नकारे जाने के बावजूद, उन्होंने आरोपों की राजनीति को अपना आभूषण बना लिया है, लेकिन जब उनके लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कहा जाता है, तो वे पीठ दिखाकर भाग जाते हैं। शपथपत्र देने के लिए कहा जाए, तो वे मुकर जाते हैं। गलत और निराधार आरोप लगाना राहुल गांधी की आदत बन चुकी है। यह उनके लिए एक ऐसा व्यवहार बन गया है जिसमें वे बार-बार गलत और बेसलेस आरोप लगाते हैं, बाद में माफी मांगते हैं और कोर्ट से फटकार खाते हैं। चाहे राफेल का मामला हो, ‘चौकीदार चोर है’ का आरोप हो, या सावरकर जी या आरएसएस से जुड़ा मुद्दा हो या पेगासस के मामले, हर बार राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार मिली है। कई बार उन्हें माफी मांगनी पड़ी और वे कीचड़ उछालने के बाद भाग खड़े हुए। यह ‘हिट एंड रन’ वाला रवैया आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी दिखाई दिया। हाइड्रोजन बम फोड़ने का दावा फुलझड़ी निकला और वह भी फुस्स साबित हुआ। वरिष्ठ भाजपा सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी आम नागरिक द्वारा हटाया या मिटाया नहीं जा सकता। किसी भी वोट को बिना प्रभावित व्यक्ति की बात सुने, हटाया या मिटाया नहीं जा सकता। 2023 में कुछ असफल प्रयास किए गए थे, जो विफल रहे। चुनाव आयोग ने ही इन मामलों की एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने पहले ही मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस उपलब्ध करवा दिए हैं। यदि ये सभी डेटा उपलब्ध हैं, तो कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक की सीआईडी ने अब तक क्या किया? रिकॉर्ड के अनुसार, आलंद विधानसभा क्षेत्र 2023 में कांग्रेस के ही उम्मीदवार ने 10,348 मतों से जीता था। तो क्या राहुल गांधी और कांग्रेस ने वोट चोरी करके जीत हासिल की थी?  अनुराग सिंह  ठाकुर ने कहा कि चुनाव दर चुनाव हार और जनता से नकार दिए जाने पर राहुल गांधी की हताशा, निराशा दिन पे दिन बढ़ती ही जा रही है। आरोपों की राजीनीति को राहुल गांधी ने अपना आभूषण बना लिया है और जब उनसे उन्हीं के लगाये आरोपों को authenticate करने को कहा जाता है तो पीठ दिखा कर भाग खड़े होते हैं। आज राहुल गांधी ने जो बातें कहीं, उसमें वे हाइड्रोजन बम खुद पर ही फोड़ बैठे और बोले कि मैं लोकतंत्र बचाने नहीं आ रहा हूँ। क्या वे लोकतंत्र को बर्बाद करने की तैयारी कर रहे हैं? गलत और निराधार आरोप लगाना, बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना, चुनाव आयोग पर आरोप लगाना, कभी ईवीएम पर, कभी वीवीपैट पर, कभी चुनाव नतीजों पर और कभी टूलकिट के सहारे, क्या यह भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उनकी आदत बन गई है? आखिर कांग्रेस पार्टी क्या चाहती है? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता और अफसरों का दुरुपयोग करके चुनाव में लाभ उठाया, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सही रास्ता दिखाया। राजीव गांधी की हत्या के बाद लोकसभा चुनाव स्थगित नहीं हुआ। यदि चुनाव एक महीने के लिए स्थगित किया गया होता, तो उस समय के चुनाव आयोग ने किस पार्टी को लाभ पहुँचाया? रमा देवी जी, एम.एस. गिल, टी.एन. शाशन समेत अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति किस पार्टी ने की और बाद में वे किस दल में लौट गए? सभी कांग्रेस पार्टी में। राहुल गांधी का बार-बार प्रयास यही है कि भारत के निष्पक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रहार किया जाए और लोकतंत्र को कमजोर किया जाए। राहुल गाँधी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, जैसे बांग्लादेश और नेपाल में स्थितियाँ बनी, वैसी स्थिति ये भारत में करना चाहते हैं लेकिन देश की जनता उनके भ्रमजाल में नहीं फंसने वाली। देश में हाल ही में एक और उदाहरण सामने आया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मलूर विधानसभा के 2023 के चुनाव को खारिज किया, जो कांग्रेस ने वोटों के गबन के साथ जीता था। कोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार मंजूनाथ गौड़ा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि मलूर विधानसभा में मतगणना के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं। क्या कांग्रेस ने फेरबदल करके सीट जीती थी? भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को जवाब देना ही होगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी और उस समय के चुनाव आयुक्तों का जिक्र करते हुए कहा कि जब नवीन चावला की नियुक्ति हुई, तो तत्कालीन चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने आरोप लगाया और प्रेसिडेंट को लिखा कि चावला संवेदनशील और गोपनीय जानकारी लीक कर रहे हैं। सांसद ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी ने बार-बार आरोप लगाए और कोर्ट गए, तो उन्हें बार-बार माफी मांगनी पड़ी और कोर्ट से फटकार भी मिली। क्या इसी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा। 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कार्यक्रम में पधारे सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य मती सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर सिंह 'अन्नू भैया' जनप्रतिनिधि सहित नागरिक उपस्थित थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इन्‍फॉर्मेशन सेंटर में लगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍व सहायता समूहों के विभिन्‍न स्‍टॉलों … Read more

महिलाओं, बच्चों सहित समाज के हर वर्ग को उपचार मुहैया कराना प्राथमिकता: ब्रजेश पाठक

स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार हमारा लक्ष्य: ब्रजेश पाठक  महिलाओं, बच्चों सहित समाज के हर वर्ग को उपचार मुहैया कराना प्राथमिकता: ब्रजेश पाठक  डिप्टी सीएम ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित योजनाओं का बाराबंकी के जिला अस्पताल, चिनहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया औचक निरीक्षण  ब्रजेश पाठक ने साफ-सफाई सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अस्पतालों के प्रबंधन को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश लखनऊ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को बाराबंकी के जिला अस्पताल एवं चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। मरीजों एवं उनकी तीमारदारों से अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार हमारा लक्ष्य है। हमारी सरकार गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध करा रही है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इलाज उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर देश भर में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत अस्पतालों में आयोजित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इन चिकित्सकीय इकाइयों पर पहुंचे। गुरुवार दोपहर वे बाराबंकी स्थित रफी अहमद किदवई जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने चिकित्सालय परिसर में संचालित ब्लड सेंटर का निरीक्षण किया। साथ ही डिप्टी सीएम पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों एवं तीमारदारों से अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि परिसर में जलभराव बिलकुल न हो। साफ-सफाई का उचित ध्यान रखा जाए। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को समुचित उपचार मिले। दवाओं की कतई कमी नहीं है, कोई भी मरीज बिना इलाज के अस्पताल से नहीं जाए।  इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां भी मरीजों एवं उनके तीमारदारों से भेंट कर केंद्र की व्यवस्थाओं एवं सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिप्टी सीएम ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्योंक्रमों से आमजन को सीधे लाभ पहुंचे, इस दिशा में हम बहुत तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

लेखपाल डैशबोर्ड का हुआ शुभारंभ:सिंगल लाग-इन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा

अब एक ही पोर्टल से होगा लेखपालों का कामकाज, डैशबोर्ड का हुआ औपचारिक शुभारंभ लखनऊ उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने आज सरोजनी नगर तहसील में लेखपाल डैशबोर्ड का शुभारंभ करते हुए कहा कि लेखपालों द्वारा किए जाने वाले समस्त कार्य अब एक ही प्लेटफार्म पर दिखाई देंगे। लेखपालों द्वारा सिंगल लॉगइन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा एवं कार्यों की उच्च स्तर से सतत मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी।  इस अवसर पर अध्यक्ष, राजस्व परिषद ने कहा कि प्रदेश के 22,000 से अधिक लेखपाल प्रतिदिन नागरिकों के सबसे निकट रहकर भूमि अभिलेख अद्यतन, प्रमाणपत्र सत्यापन और राजस्व संबंधी कार्यों का दायित्व निभाते हैं। अब “लेखपाल डैशबोर्ड” इन सभी कार्यों को ऑनलाइन और अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा। अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने विस्तार से बताया कि इस डैशबोर्ड के माध्यम से भूमि अभिलेख संशोधन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की स्थिति, धारा 34, 80, 89 एवं 98 की कार्यवाहियाँ, हल्का मैपिंग और अवकाश स्वीकृति की प्रक्रियाएँ एकल लाग-इन पर उपलब्ध होंगी। उच्चाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता को वास्तविक समय में देख सकेंगे। अध्यक्ष, राजस्व परिषद इस परियोजना को साकार करने में योगदान देने वाली एनआईसी की तकनीकी टीम, परिषद से सम्बद्ध सभी तहसीलदारों और लेखपालों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि राजस्व परिवार के हजारों कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और महीनों की कठिन मेहनत का परिणाम है।  श्री अनिल कुमार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्व परिषद प्रदेश की राजस्व संबंधी सभी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि शीघ्र ही “राजस्व निरीक्षक डैशबोर्ड”, “तहसीलदार डैशबोर्ड” तथा “उपजिलाधिकारी डैशबोर्ड” भी विकसित किए जाएंगे। इनके माध्यम से राजस्व प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कार्य की निगरानी और दक्षता को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।  इस अवसर पर जिलाधिकारी लखनऊ श्री विशाख जी, उप जिलाधिकारी (सरोजनी नगर) श्री अंकित, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री गंगाराव एवं श्री अनिल यादव तहसीलदार श्री सुखबीर सहित जनपद लखनऊ के विभिन्न तहसीलों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने लिखा बैठक को लेकर पत्र भोपाल  रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने रेल विभाग को पत्र लिखकर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है। निलेश कुमार ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक सौरव कटारिया एवं रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति मंडल भोपाल के सचिव को भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि मार्च माह में समिति की केवल एक बैठक 21 मार्च 2025 भोपाल में आयोजित की गई थी, जबकि नियम अनुसार वर्ष में कम से कम तीन बैठके होना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि रेल विभाग की इस उदासीनता से उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने में कठिनाई होती है। साथ उन्होंने मांग की है कि समिति की अगली बैठक कब और कहां आयोजित की जा रही है, इसकी जानकारी जल्दी दी जाए, ताकि रेलवे से जुड़ी जन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके। रेल जनता के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिसका उपयोग आमजन लगातार अपने जीवन में करते हैं। रेल यात्रा करते समय यात्रियों को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखकर पूर्ण सुविधाओं में परिवर्तित करने का कार्य रेल विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। समिति की बैठक यदि निरंतर समय पर होती रहे तो आमजन की रेल समस्याओं का निपटान समय से होता रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने मांग की है की रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति बैठक का निर्णय जल्द से जल्द कर समिति के सभी सदस्यों को सूचित किया जाए।

ट्रंप का बड़ा कदम: चार्ली किर्क हत्याकांड के बाद एंटीफा को किया प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने एंटीफा संगठन को एक प्रमुख आतंकी संगठन घोषित किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर करते हुए कहा कि मुझे हमारे अनेक अमेरिकी देशभक्तों को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं एंटीफा, एक बीमार, खतरनाक, कट्टरपंथी वामपंथी आपदा को एक प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित कर रहा हूं। ट्रंप ने कहा कि एंटीफा को वित्तपोषित करने वालों की उच्चतम कानूनी मानकों और प्रथाओं के अनुसार गहन जांच की जाए। ट्रंप ने इसलिए लिया एक्शन ट्रंप ने एंटीफा को इसलिए आतंकी संगठन घोषित किया। क्योंकि हाल ही में उनके करीबी चार्ली किर्क की हत्या हुई थी। इसका हत्यारा टायलर रॉबिन्सन वामपंथी राजनीतिक विचारधारा का था। एंटीफा संगठन ऐसे ही वामपंथी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा था। एंटीफा दूर-वामपंथी और फासीवाद-विरोधी आंदोलन करता है। ट्रंप ने समूह को वित्त पोषित करने वाले व्यक्तियों और संगठनों की गहन जांच का आह्वान किया।    ट्रंप ने पहले किया था वादा बता दें कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान एंटीफा को एक आतंकवादी संगठन के रूप में चिह्नित करने का वचन दिया था। उस समय उनके अटॉर्नी जनरल विलियम बार ने समूह की गतिविधियों को “घरेलू आतंकवाद” बताया था। अब ट्रंप ने करीबी चार्ली किर्क की हत्या के बाद सख्ती करना शुरू कर दिया है। क्या है एंटीफा? एंटीफा (फासीवाद विरोधी) एक औपचारिक संगठन नहीं है। यह एक शिथिल रूप से परिभाषित सामाजिक आंदोलन है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कानून आधिकारिक तौर पर नामित विदेशी आतंकवादी समूहों को “भौतिक सहायता” देने पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन घरेलू संगठनों के लिए कोई समान कानून नहीं है। ‘एंटीफा’ शब्द आम तौर पर वामपंथी, अक्सर अति-वामपंथी, राजनीतिक विचारों वाले व्यक्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला को दिखाता है। यह आमतौर पर मुख्यधारा की डेमोक्रेटिक पार्टी के एजेंडे से बाहर होते हैं। इस आंदोलन में एक केंद्रीकृत नेतृत्व संरचना या राष्ट्रीय मुख्यालय का अभाव है, हालांकि कुछ स्थानीय समूह नियमित रूप से मिलते रहते हैं।

सीएसए का 27वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 63 मेडल और 649 उपाधियों से चमके छात्र

सीएसए का 27वां दीक्षांत समारोह संपन्न,  वितरित हुए 63 पदक एवं 649 उपाधियां, छात्र हुए प्रफुल्लित कानपुर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के ऑडिटोरियम हॉल (कैलाश भवन) में आज कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की श्री राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की अध्यक्षता में 27वें दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 63 मेधावियों को पदक एवं पुरस्कार दिए गए।कुल 649 छात्र छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गई।उपाधियां और मेडल पाकर छात्र-छात्राएं झूम उठे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 14 छात्र छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक , 14 छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय रजत पदक, 14 छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय कांस्य पदक एवं 21 छात्र छात्राओं को प्रायोजित स्वर्ण पदक से नवाजा गया। कुल 49 छात्र छात्राओं को 63 पदक दिए गए।प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि आईसीएआर  के  महानिदेशक डॉ एम एल जाट और विशिष्ट अतिथि श्री बलदेव सिंह औलख मा. राज्यमंत्री कृषि,कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान उत्तर प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर आनंद कुमार सिंह ने मेधावियों को पदक दिए।  इस दौरान पदक धारकों की तस्वीर कुलाधिपति महोदया एवं अतिथियों के साथ ली गई। इस अवसर पर एक से अधिक पदक कई छात्र छात्राओं को मिले। राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदया द्वारा इस अवसर पर संबिलियन विद्यालय/माध्यमिक विद्यालय कानपुर नगर,कानपुर देहात, रायबरेली एवं फतेहपुर के विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी 03 छात्र-छात्राओं सहित 13 को प्रमाणपत्र,पुस्तकें, पेन, एवं बैग आदि भेंट की। तथा सभी को चॉकलेट भी दी ।तथा 05 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट भेंट की। इन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में एक को मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रथम स्थान प्राप्त करने पर दिया गया। जबकि रावतपुर प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को गवर्नर हाउस से आई पुस्तके भी भेंट की गई। तथा पांच पुस्तके जिला प्रशासन को भी दी गई।सर्व प्रथम कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। तथा शिक्षण, शोध एवं प्रसार कार्यों के नवाचारो के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आईसीएआर के महानिदेशक डॉ एम एल जाट ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा दलहन, तिलहन एवं खाद्यान्न फसलों की 300 से अधिक प्रजातियां निकालकर कृषि क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। तथा हरित क्रांति में इस विश्वविद्यालय का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों तथा छात्रों से कहा कि हमें मांग के अनुरूप शोध करने की आवश्यकता है तथा दलहन और तिलहन फसलों में आत्मनिर्भर होना जरूरी है,साथ ही वैज्ञानिकों से आवाहन किया कि जलवायु अनुकूल प्रजातियां का विकास करें।उन्होंने गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद के लिए कृषि विविधीकरण पर बल दिया। इस अवसर पर कुलाधिपति एवं श्रीराज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने डिजिलॉकर में 649 डिग्रियों को अपलोड किया। तथा सभी उपाधि धारक छात्र छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने की अति आवश्यकता है। इसके लिए वैज्ञानिकों/अधिकारियों/छात्र छात्राओं को अथक मेहनत करनी होगी। उपाधि धारक छात्र छात्राओं का आवाहन करते हुए कहा कि देश में आपके नवाचारों की अति आवश्यकता है साथ ही उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों से कहा कि श्रीअन्न (मिलेट्स)  के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाए। डिग्री धारक छात्र छात्राओं से कहा कि वह अपने गांव में अपने खेतों पर जैविक और प्राकृतिक खेती करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि लागत को कम किया जाए तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती को अपनाया जाए।  उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन दीदी एवं कृषि सखियों के भी चयन से  कृषि उत्पादकता  में वृद्धि होगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता सिंह ने किया। इस अवसर पर विधायक एव बोर्ड के सदस्य, श्री सुरेन्द्र मैथानी जी,अवधेश कुमार सिंह , विधायक नीलिमा कटियार जी,जिला प्रशासन के अधिकारी गण,सभी अधिष्ठाता गण, निदेशक गण, विभागाध्यक्ष एवं सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

बड़े त्योहारों पर होगी सफर आसान, नवरात्र से दिवाली तक स्पेशल ट्रेन सेवा

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने यात्रियों को नवरात्र और दिवाली का तोहफा दिया है। रेलवे ने 26 सितंबर से नवंबर के अंत तक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। भारतीय रेल अधिकारियों का दावा है कि दिवाली, छठ पूजा समेत फेस्टिव सीजन में करीब 6000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की प्लानिंग है। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार ये स्पेशल ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, और असम समेत देश के विभिन्न राज्यों के लिए होंगी। जिससे त्यौहारों पर घर लौट रहे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। स्पेशल ट्रेनों के अलावा लोगों की भीड़ का अंदाजा लगाते हुए स्टेशनों पर खास अरेंजमेंट किए जा रहे हैं।   हर राज्य के यात्रियों लिए स्पेशल प्लान रेलवे मंत्रालय के अनुसार 26 सितंबर से 5 नवंबर के बीच जबलपुर से दानापुर के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ये ट्रेन हर बुधवार और शुक्रवार को चलेगी। इसी तरह मुंबई सेंट्रल से काठगोदाम के बीच 1 अक्टूबर से, उघना से सूबेदारगंज के बीच 3 अक्टूबर से और बान्द्रा टर्मिनस से बदनी के बीच 6 अक्टूबर से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। दिवाली और छठ पर ट्रेनों में होती है ज्यादा भीड़ जानकारी के अनुसार आनंद विहार-भागलपुर के बीच स्पेशल पूजा स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। ये ट्रेन 20 सितंबर से 30 नवंबर तक रोजाना चलेगी। वहीं, 2 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कोलकाता से लखनऊ के बीच स्पेशल ट्रेन चलेगी। दिवाली और छठ के लिए 27 सितंबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को मऊ और उधना के बीच स्पेशल ट्रेन चलेगी। बता दें फेस्टिवल सीजन में ट्रेनों में काफी भीड़ होती है। यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ डिब्बे रिजर्व में रखे हैं जिन्हें आखिरी में भीड़भाड़ वाले रूट पर चलाया जाएगा।

22 सितंबर से लागू हो रही नई जीएसटी दरों को लेकर सीएम योगी ने की प्रेस वार्ता

जीएसटी रिफॉर्म देशवासियों के लिए मोदी जी का दीवाली गिफ्ट : मुख्यमंत्री 22 सितंबर से लागू हो रही नई जीएसटी दरों को लेकर सीएम योगी ने की प्रेस वार्ता  जीएसटी रिफॉर्म्स के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जताया आभार  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के निर्णय को महंगाई से राहत और व्यापार को गति देने वाला बताया  सीएम बोले- जीएसटी रिफॉर्म्स रोजगार सृजन की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा उपभोक्ताओं, किसानों, कारोबारियों और आम परिवारों तक सभी को मिलेगी राहतः मुख्यमंत्री  स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने की टैक्स रिफॉर्म की घोषणा और 20 दिनों में आ गए उसके परिणामः सीएम  2017 से पहले थे कई जटिल कर, जीएसटी ने इन्हें समाहित कर वन नेशन, वन टैक्स की व्यवस्था दीः योगी आदित्यनाथ  देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के नाते उत्तर प्रदेश को जीएसटी सुधारों का मिलेगा सबसे ज्यादा लाभः मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रेस वार्ता करते हुए हालिया जीएसटी रिफॉर्म्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों के लिए एक बड़ा दीवाली गिफ्ट करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय देशवासियों को महंगाई से राहत और व्यापार को गति देने वाला है। यह केवल टैक्स सुधार नहीं बल्कि हर नागरिक के जीवन को सरल बनाने वाला दीपावली का उपहार है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं, किसानों, कारोबारियों और आम परिवारों तक सभी को राहत देने वाले इन सुधारों का लाभ 22 सितम्बर से, यानी शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से मिलने लगेगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। घोषणा के 20 दिनों के अंदर सामने आए परिणाम  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री जी ने जिस टैक्स रिफॉर्म की घोषणा की थी, उसके परिणाम महज 20 दिनों में सामने आ गए। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में 3 सितम्बर को लिए गए फैसले अब लागू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टैक्स सुधार नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला व्यापक अभियान है। जीएसटी में अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले देश में अलग-अलग कर लागू थे जिनमें वैट, सेल टैक्स, सेवा कर, उत्पाद शुल्क, एंट्री टैक्स और मनोरंजन कर जैसे जटिल कर उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर भारी पड़ते थे। जीएसटी ने इन्हें समाहित कर देश को वन नेशन, वन टैक्स की व्यवस्था दी। अब जीएसटी में सबसे बड़ा सुधार किया गया है। पहले चार स्लैब—5%, 12%, 18% और 28% लागू थे। लेकिन अब सिर्फ दो स्लैब—5% और 18%—को रखा गया है। 12% और 28% की दरें समाप्त कर दी गई हैं। कुछ विलासिता की वस्तुओं पर 40% टैक्स यथावत रहेगा। इससे आम उपभोक्ता को सीधी राहत मिलेगी। रसोई से लेकर कृषि, मकान निर्माण से लेकर बड़े हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, उद्योग और व्यापार—हर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सामान्य गृहस्थ परिवार को अब घरेलू खर्चों में सीधी राहत मिलेगी। दूध, दही, पनीर, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, साइकिल और बच्चों से जुड़े सामान पर केवल 5% या 0% टैक्स लगेगा। इससे न सिर्फ रोज़मर्रा के खर्च कम होंगे बल्कि उपभोक्ता की क्रय क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति ज्यादा खरीद सकेगा तो खपत बढ़ेगी और बाजार में मांग बढ़ने से उत्पादन में तेजी आएगी। किसानों और ग्रामीण भारत को फायदा मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार किसानों और ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी ऐतिहासिक है। ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक और सिंचाई उपकरणों पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल किसानों को राहत देगा बल्कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। बीमा और इलाज होगा सस्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर लगने वाला जीएसटी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा दवाइयों, ऑक्सीजन और जांच किट पर भी टैक्स घटाया गया है। इससे इलाज सस्ता होगा और हर सामान्य नागरिक को राहत मिलेगी। सरकार ने वाहनों की खरीद-फरोख्त पर भी राहत दी है। पहले कार और बाइक पर 28% जीएसटी लगता था, अब इसे घटाकर 18% कर दिया गया है। यानी सीधे 10% की कटौती। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल आम नागरिक की गाड़ी खरीदने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन बढ़ेगा, नए रोजगार उत्पन्न होंगे और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। शिक्षा क्षेत्र को भी फायदा मुख्यमंत्री ने बताया क नोटबुक, पेंसिल और अन्य शिक्षण सामग्री पर टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह फैसला छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जहां एक ओर आम उपभोक्ताओं और विद्यार्थियों को छूट दी है, वहीं तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों पर टैक्स दर बढ़ाकर 40% कर दी गई है। टैक्स प्रणाली हुई और पारदर्शी मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए टैक्स रजिस्ट्रेशन ऑटो-अप्रूव कर दिया गया है। टैक्स रिफंड की प्रक्रिया भी तेज की गई है। साथ ही रिस्क-आधारित कंप्लायंस और श्रम सुधार भी लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी से पहले देश का टैक्स संग्रह केवल 7 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। टैक्स पेयर्स की संख्या भी 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। टैक्स सुधार से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में टैक्स संग्रह की ऐतिहासिक वृद्धि से देश के हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट और रक्षा उत्पादन में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। 2014 के पहले देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, अब 160 हैं। मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से बढ़कर 1,013 किमी हो गया। वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 144 तक पहुंची है। रक्षा उत्पादन 46,000 करोड़ से बढ़कर 1,27,000 करोड़ रुपये हो गया। रक्षा निर्यात 686 करोड़ से बढ़कर 23,600 करोड़ रुपये तक पहुंचा। गरीब कल्याणकारी योजनाओं तक सीधा लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स सुधारों का लाभ गरीब कल्याणकारी योजनाओं में भी … Read more