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मोटे अनाज (श्रीअन्न) मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए चल रहा किसानों का पंजीकरण

पहली अक्टूबर से शुरू होगी मोटे अनाज की खरीद  मोटे अनाज (श्रीअन्न)  मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए चल रहा किसानों का पंजीकरण  डबल इंजन सरकार ने मक्का का 2400, बाजरा का 2775,  ज्वार (हाईब्रिड) का 3699 व ज्वार (मालवांडी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3749 रुपये प्रति कुंतल किया है निर्धारित  31 दिसंबर तक किसानों से सुबह 9 से शाम पांच बजे तक की होगी खरीद  लखनऊ डबल इंजन सरकार एक तरफ जहां श्रीअन्न के फायदों के प्रति प्रदेशवासियों को प्रेरित कर रही है तो वहीं किसानों को भी इसकी खेती के फायदे से जोड़ रही है। वर्ष 2025-26 के लिए मोटे अनाजों की खरीद पहली अक्टूबर से प्रारंभ होगी, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। 'मोटे अनाज' में शामिल मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण व नवीनीकरण चल रहा है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक इसके लिए किसानों को fcs.up.gov.in या ऐप UP KISAN MITRA पर पंजीकरण/नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। खरीद पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी।   टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं किसान किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।  सरकार ने बढ़ाया है न्यूनतम समर्थन मूल्य  श्रीअन्न को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ाया है। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल,  बाजरा का 2775 रुपये प्रति कुंतल, ज्वार (हाइब्रिड) का 3699 व ज्वार (मालवांडी) का 3749 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।  इन जिलों में होगी मक्का खरीद   बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर में मक्का की खरीद की जाएगी।   बाजरा खरीद वाले जनपद निर्धारित  बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव  इन जिलों में होगी ज्वार की खरीद  बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद होगी।  

पहाड़ों में कहर: बादल फटने से तबाही, लापता हुए 10 लोग

उत्तराखंड धीरे-धीरे सितंबर का महीना बीतने वाला है, लेकिन मानसूनी आफत अभी खत्म नहीं हुई है। देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर आसमानी आफत आई है। गुरुवार सुबह ही चमोली में बादल फट गया। इससे चमोली और नंदानगर में भीषण बरसात शुरू हो गई है। मलबा आने से कई घर तबाह हो गए हैं। प्रशासन में राहत और बचाव दल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया है। अभी तक 6 घर तबाह हो गए हैं। वहीं 10 लोगों के लापता होने की खबर है। हाल ही में देहरादून के सहशस्त्र धारा में बादल फटने की घटना हुई थी। बताया जा रहा है कि कुंतरी और धुर्मा गांव में बादल फटे हैं। भारी बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, ऋषिकेश, पोढ़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, हरिद्वार समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। नदी के किनारे बसे लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की जा रही है।   2 लोगों को किया रेस्क्यू सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए घटना स्थल पर पहुंच गए। अभी तक 2 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि कई जानवर भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। । मौके पर मेडिकल टीमें और तीन एम्बुलेंस भेजी गई हैं। क्या बोले डीएम? चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि चमोली जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र में बुधवार रात बादल फटने से नुकसान हुआ। नंदानगर के कुंत्री लंगाफली वार्ड में छह घर मलबे में दब गए। जिलाधिकारी ने कहा कि 2 को बचा लिया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है।  

सुपर हिट जोड़ी की कहानी: प्रतीका रावल ने साझा किया स्मृति मंधाना के साथ सफलता का रहस्य

नई दिल्ली  शीर्ष क्रम की बल्लेबाज प्रतीका रावल का मानना ​​है कि स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के साथ उनकी स्वाभाविक समझ है। इसके कारण वह दोनों भारत को लगातार अच्छी शुरुआत देने में सफल रही हैं। दिल्ली की इस क्रिकेटर ने पिछले साल दिसंबर में वनडे में पदार्पण किया था और वह बहुत कम समय में शीर्ष क्रम में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली बल्लेबाजों में से एक बन गई हैं। उन्होंने कहा कि मंधाना भी उनकी तरह अंतर्मुखी हैं, लेकिन उनके बीच बहुत अच्छा तालमेल है। प्रतीका ने मुल्लांपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में मंधाना के साथ शतकीय साझेदारी की और दूसरे मैच में भी इस स्टार क्रिकेटर के साथ पहले विकेट के लिए 70 रन जोड़े थे। भारत ने यह मैच रिकॉर्ड 102 रन से जीता। भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद से छह अर्धशतक और एक शतक जड़ने वाली इस 25 वर्षीय क्रिकेटर ने जियो हॉटस्टार से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह (समझ) काफी आसान और स्वाभाविक है। हमें पारी के बीच में ज्यादा बात नहीं करनी पड़ती। वह वही करती है जिसमें वह सर्वश्रेष्ठ है और मैं वही करती हूं जिसमें मैं सर्वश्रेष्ठ हूं। हमारे बीच एक समझ है जो स्वाभाविक लगती है, बनावटी नहीं।’’ उन्होंने कहा,‘‘मैदान के बाहर भी, वह (मंधाना) अंतर्मुखी हैं और मैं भी, इसलिए हमें एक दूसरे को समझने के लिए अतिरिक्त प्रयास नहीं करने पड़ते हैं। हम पहले से ही एक दूसरे को लेकर अच्छी समझ रखते हैं।’’ प्रतीका ने कहा कि उन्हें मंधाना के साथ बल्लेबाजी करना अच्छा लगता है और दोनों खिलाड़ी गेंद दर गेंद पारी को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘खेलते समय हमारा ध्यान केवल अगली गेंद पर होता है। मुझे उनके साथ बल्लेबाजी करने में मजा आता है। जिस तरह से वह खेलती है उससे काफी प्रेरणा मिलती है।’’  

टीम इंडिया का सख्त रुख: सुपर 4 मुकाबले में नहीं होगा हाथ मिलाना, पाकिस्तान का अगला कदम क्या होगा?

नई दिल्ली एशिया कप में बुधवार को पाकिस्तान बनाम यूएई के मैच से पहले खूब ड्रामा हुआ। पीसीबी की तरफ से टूर्नामेंट के बॉयकॉट की गीदड़भभकी और तमाम नौटंकियों के बाद आखिरकार एक घंटे की देरी में मैच हुआ। जिस रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने के लिए पाकिस्तान ने इतना सारा ड्रामा किया, वो टूर्नामेंट से हटना तो दूर, बुधवार के मैच में भी रेफरी की भूमिका में दिखे। खैर मैच हुआ और पाकिस्तान ने आसानी से जीत हासिल कर सुपर-4 में जगह बना ली। अब रविवार यानी 21 सितंबर को दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने होंगे। लीग नहीं, सुपर 4 के मुकाबले में। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान उस मैच में भी ड्रामा करेगा? इसका जवाब है- नहीं। पाकिस्तान ने बुधवार की ड्रामेबाजी के बाद न सिर्फ यूएई से मैच खेलने को तैयार हुआ बल्कि आने वाले सुपर-4 मैच में भारत के 'नो-हैंडशेक' वाले रुख को मानने के लिए भी तैयार हो गया। संयोग से यूएई से मैच जीतने के बाद पाकिस्तानी टीम सुपर 4 में पहुंच गई है जहां उसका मुकाबला भारत से होगा। भारतीय टीम का रुख साफ है। वह सुपर-4 मैच में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाएगी। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बुधवार को आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक वसीम खान ने पीसीबी और पायक्रॉफ्ट के बीच मध्यस्थता की। उस दौरान पायक्रॉफ्ट ने कथित तौर पर पाकिस्तानी अधिकारियों से कहा कि उन्होंने तो सलमान अली आगा को शर्मिंदगी से बचाया क्योंकि भारत ने पहले ही कह रखा था कि सूर्यकुमार यादव उनसे हाथ नहीं मिलाएंगे। पाकिस्तान की इन सारी पैंतरेबाजियों और नौटंकी की शुरुआत 14 सितंबर को भारत के खिलाफ मैच से हुई। टॉस के दौरान दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाए। भारत ने एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान को बुरी तरह पीटा। पाकिस्तानियों को हार का गम तो था ही। गम और बढ़ गया जब मैच जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाए। वे इंतजार करते रह गए। कप्तान आगा और कोच माइक हेसन भारतीय ड्रेसिंग रूम की तरफ भी बढ़े लेकिन दरवाजा बंद हो गया तो उन्हें लौटना पड़ा। एक तो मैच में हार, ऊपर से भारतीयों का हाथ मिलाने से इनकार। पाकिस्तान इससे बौखला गया। बौखलाहट और बढ़ गई जब मैच के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीत को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारत के जांबाजों को समर्पित कर दिया। फिर क्या था। पाकिस्तान की नौटंकी शुरू हो गई। पहले उसने मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट से भारतीय टीम के हाथ नहीं मिलाने की शिकायत की। फिर रेफरी के खिलाफ ही आईसीसी में शिकायत कर दी। आरोप लगाया कि उन्होंने ही टॉस के दौरान पाकिस्तानी कप्तान को भारतीय समकक्ष से हाथ नहीं मिलाने को कहा था। पायक्रॉफ्ट को टूर्नामेंट से हटाने की मांग करते हुए बहिष्कार की धमकी भी दी। आखिरकार तमाम नौटंकियों के बाद पाकिस्तान की धमकी गीदड़भभकी ही साबित हुई।  

संकट में आंगनवाड़ी सेवाएं: कर्मियों की कमी से बच्चों का भविष्य अधर में

चंडीगढ़ हरियाणा के गांवों में आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों और माताओं के लिए पोषण और शिक्षा का अहम केंद्र होते हैं। लेकिन राज्य के हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता ‘दीदी’ महीनों से नदारद हैं। कहीं एक कार्यकर्ता को दो-दो केंद्र देखने पड़ रहे हैं, तो कई जगह सहायिका अकेले ही बच्चों की देखभाल कर रहीं हैं। इसका सीधा असर केंद्रों पर मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। प्रदेश में कुल 25,962 आंगनवाड़ी केंद्र हैं। इन पर कार्यरत 25,962 कार्यकर्ता और 25,450 सहायिकाओं में से 23,106 कार्यकर्ता और 20,641 सहायिकाओं के पद भरे हैं। इसका मतलब है कि 2,856 कार्यकर्ता और करीब 4,800 सहायिकाएं लंबे समय से रिक्त हैं। जिलावार स्थिति देखें तो सबसे गंभीर हाल सोनीपत का है, जहां 252 कार्यकर्ता और 378 सहायिका पद खाली हैं। झज्जर, जींद, करनाल और नूंह में भी बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। हिसार में 146 कार्यकर्ता और 287 सहायिकाओं के पद खाली हैं, जबकि रेवाड़ी और सिरसा में 250 से ज्यादा सहायिका पद रिक्त हैं। सात जिले सोनीपत, झज्जर, जींद, हिसार, करनाल, नूंह और रेवाड़ी में ही आधे से अधिक रिक्तियां केंद्रित हैं। इसके उलट पंचकूला और चरखी दादरी जैसे छोटे जिलों में रिक्तियां अपेक्षाकृत कम हैं। चरखी दादरी में 65 कार्यकर्ता और 109 सहायिका, जबकि पंचकूला में 61 कार्यकर्ता और 111 सहायिका पद रिक्त हैं।   आंकड़े एक नजर 25962 हरियाणा में कुल हैं आंगनवाड़ी केंद्र कार्यकर्ता और 4,800 सहायिका के पद खाली सोनीपत, झज्जर, जींद, हिसार, करनाल, नूंह, रेवाड़ी हैं ज्यादा प्रभावित सरकार की दोहरी रणनीति महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि इन रिक्तियों को भरने के लिए दोहरी रणनीति बनाई गई है। पहले, आंगनवाड़ी सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर प्रमोशन दिया जाएगा। अब तक 25 प्रतिशत प्रमोशन कोटा था, जिसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके बाद शेष रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कदम रिक्तियां भरने के साथ-साथ लंबे समय से काम कर रही सहायिकाओं को प्रोत्साहन भी देगा। विपक्ष हमलावर- गुणवत्ता पर असर विशेषज्ञों का कहना है कि रिक्तियों के कारण कई कार्यकर्ता तीन-तीन केंद्र संभालने को मजबूर हैं। इससे बच्चों को समय नहीं मिल पाता और पोषण कार्यक्रम भी प्रभावित होते हैं। पूर्व मंत्री और झज्जर विधायक गीता भुक्कल ने सरकार पर निशाना साधा है और कहा कि सरकार बार-बार वादे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर भर्ती की गति बेहद धीमी है। वर्षों से पद खाली हैं और महिलाएं व बच्चे बुनियादी सेवाओं से वंचित हैं।

सेंसेक्स 83,000 के पार, निवेशकों में उत्साह का माहौल

मुंबई  अमेरिकी फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में की गई कटौती से भारतीय शेयर बाजार गदगद है। यही वजह है कि सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी एक बार फिर छलांग लगाते नजर आए। हालांकि, शुरुआती कारोबार में ये दोनों इंडेक्स उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 320.25 अंक उछलकर 83,013.96 और एनएसई निफ्टी 93.35 अंक की बढ़त के साथ 25,423.60 अंक पर बंद हुआ। शेयर मार्केट में तेजी जारी है। सेंसेक्स 320 अंक ऊपर 83013 के लेवल पर है। जबकि, निफ्टी 92 अंकों की बढ़त के साथ 25422 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में इस तेजी के बीच मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स में भी तेजी है। आईटी शेयर भी चमक रहे हैं और फार्मा भी। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर हैं। शेयर मार्केट में तेजी जारी है। सेंसेक्स 313 अंक ऊपर 83007 के लेवल पर है। जबकि, निफ्टी 86 अंकों की बढ़त के साथ 25416 पर। एनएसई पर 2846 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं। इनमें 1747 में बढ़त और 993 में गिरावट है। 55 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है जबकि, 51 शेयर 52 हफ्ते के हाई पर हैं। शेयर मार्केट में तेजी के बीच आईटी शेयर चमक रहे हैं। निफ्टी टॉप गेनर्स की लिस्ट में इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा हैं, जिनमें 1.03 से 2.01 फीसद तक की तेजी है। टॉप-5 लूजर्स की बात करें तो बजाज फाइनेंस, हिन्डाल्को, अपोलो हॉस्पिटल, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक जैसे स्टॉक्स हैं। पिछले एक महीने में निफ्टी 50 ने 2.15 पर्सेंट की छलांग लगाई है। जबकि, एक हफ्ते में यह 1.61 पर्सेंट उछला है। अगर पिछले 3 महीने की बात करें तो निफ्टी ने 2.40 पर्सेंट और छह महीने में 11.27% का रिटर्न दिया है। इस साल अब तक निफ्टी में 7 पर्सेंट का उछाल आ चुका है। शेयर मार्केट में तेजी जारी है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज जहां 83000 के पार खुलने में कामयाब रहा वहीं, एनएसई का निफ्टी तेजी के शतक के साथ गुरुवार के कारोबार की शुरुआत की। सेंसेक्स आज 415 अंकों की बंपर उछाल के साथ 83108 और निफ्टी 110 अंक ऊपर 25441 पर खुला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती का फैसला किए जाने के बाद गुरुवार को शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के तेजी से खुलने की उम्मीद है। इससे एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार मिश्रित रहा। इससे पहले बुधवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता शुरू होने के बीच धारणा में सुधार के साथ बुधवार को भारतीय शेयर बाजार अच्छी बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स ने 313.02 अंक चढ़कर 82,693.71 पर बंद हुआ। जबकि, निफ्टी 50 ने 91.15 अंकों की बढ़त हासिल की और 25,330.25 पर बंद हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी के लिए क्या हैं आज के ग्लोबल संकेत एशियाई बाजार गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्केई 225 0.26 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.43 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम खुलने का संकेत दिया। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 25,497 के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 74 अंकों का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।

बिहार चुनाव 2025: तेजस्वी यादव ने युवाओं के लिए रखी नौकरी की गारंटी

बेगूसराय  बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा पर हैं। इस यात्रा के तहत वो बेगूसराय पहुंचे।बेगूसराय में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार में हर नौजवान को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा की बिहार और बेगूसराय के विकास के लिए आगे आना होगा। बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। बिहार में अब कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए नीतीश सरकार को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के पास बिहार को आगे बढ़ाने के लिए कोई विजन नहीं है। वह हमारे विजन को नकल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई कार्रवाई पर जोर होगा। जाते-जाते उन्होंने ‘जय बिहार, जय बिहारी’ का नारा देकर लोगों का हौसला बढ़ाया। उसके बाद ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे पर उपस्थित हजारों की भीड़ ने तेजस्वी यादव का समर्थन किया। असल में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव अपने निर्धारित समय से 5 घंटा देर से बेगूसराय पहुंचे थे। वे सदर प्रखंड के कंकौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित अधिकार यात्रा में बुधवार की नौ बजे रात संबोधित कर रहे थे।  

सीएम भगवंत मान ने लॉन्च किया ‘चढ़दी कला’ अभियान, राज्य को नई ऊर्जा देने का संकल्प

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को ‘चढ़दी कला’ अभियान की शुरुआत करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे बाढ़ से तबाह हुए राज्य के पुनर्निर्माण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा हर मुश्किल को ताकत में बदला है और इस बार भी ऐसा ही होगा। मान ने एक वीडियो संदेश में बताया कि इस बार आई बाढ़ 1988 के बाद की सबसे भीषण त्रासदी है। ‘करीब 2,300 गांव डूब गए, सात लाख लोग बेघर हुए और 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।’ उन्होंने कहा कि बाढ़ में 56 लोगों की जान गई, 3,200 स्कूल और 19 कॉलेज क्षतिग्रस्त हुए, 1,400 क्लीनिक और कई सरकारी इमारतें बर्बाद हुईं, जबकि 8,500 किलोमीटर लंबी सड़कें और 2,500 पुल टूट गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, कुल नुकसान 13,800 करोड़ रुपये से अधिक का है और गिरदावरी के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब कभी हार नहीं मानता। यहां की मिट्टी हमें सिखाती है कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, हम मजबूती से खड़े होकर और भी मजबूत बनकर निकलते हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं की बहादुरी को सलाम किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाया। मान ने धार्मिक और सामाजिक संस्थानों के योगदान को भी नमन किया, जिन्होंने प्रभावित लोगों को शरण और भोजन दिया। उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि हम राहत से आगे बढ़कर पुनर्निर्माण की ओर कदम बढ़ाएं। ‘चढ़दी कला’ हमारी वही अडिग भावना है, जो हमें हर हाल में आगे बढ़ने की ताकत देती है।’ सीएम ने देशभर से मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने देशभर के नागरिकों, उद्योगपतियों, धर्मार्थ संस्थानों और कलाकारों से अपील की कि वे इस अभियान में उदारता से योगदान करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अभियान में दी गई हर पाई का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से किया जाएगा। मान ने बताया कि ‘चढ़दी कला’ अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी और योगदान देने की प्रक्रिया ‘रंगला डॉट पंजाब डॉट गव डॉट इन’ पोर्टल पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सुरमयी सांस्कृतिक संध्या में झलकेगी निमाड़ी लोकधुनों की छटा, मध्यप्रदेश भवन में होगा आयोजन

भोपाल  मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में शुक्रवार 19 सितंबर को सुरमयी सांस्कृतिक संध्या की चौथी प्रस्तुति में निमाड़ी लोकगायन का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग एवं मध्यप्रदेश भवन दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और मधुर लोक संगीत की झलक प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम में मती पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं समूह द्वारा निमाड़ी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह चौथी प्रस्तुति मध्यप्रदेश के लोकसुरों की अनूठी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम का समय शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक निर्धारित है। लोक संगीत प्रेमी इस सांस्कृतिक संध्या में सम्मिलित होकर लोकधुनों का आनंद ले सकते हैं।  

CM ने दी MEMU ट्रेन को हरी झंडी: रायपुर-राजिम का सफर अब सिर्फ डेढ़ घंटे में, रोज चलेगी ट्रेन

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रायपुर से नया रायपुर होते हुए राजिम तक आज से नई मेमू (MEMU) स्पेशल ट्रेन दौड़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजिम से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।आज से रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन (68766/68767) की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई रेल सेवा शुरू करने का फैसला लिया। इस ट्रेन के शुरू होने से रायपुर और नवा रायपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन रायपुर से मंदिरहसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर, मानिक चौरी और राजिम तक चलेगी। यह ट्रेन हर दिन दोनों तरफ से चलेगी। जिससे राजिम और रायपुर के बीच आना-जाना आसान होगा। डेढ़ घंटे में सफर होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर से राजिम रोजाना 2 हजार लोग यात्रा करते हैं। इस इलाके के ढाई लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। ट्रेन के शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट 1500 करोड़ का है। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर से राजिम जाने वाले यात्रियों को ट्रेन की सुविधा मिलने जा रही है. रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजिम रेलवे स्टेशन से दोपहर 12 बजे करेंगे. यात्री लंबे समय से इस रूट पर मेमू ट्रेन की सुविधा की मांग कर रहे थे.  धार्मिक स्थलों समेत अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति इस ट्रेन के चलने से रायपुर समेत प्रदेशभर से राजिम के कुलेश्वर महादेव और राजिव लोचन मंदिर जाने वाले लोगों को फायदा होगा। साथ ही प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों से लोग जुड़ सकेंगे। वहीं क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नए अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मिलेगा फायदा रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा से यात्रियों को सुगम, सुलभ और किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा. ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अधिक सुविधाजनक बनेगा. राजधानी आने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग के लिए यह ट्रेन विशेष रूप से उपयोगी होगी. इसके साथ ही इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग—राजिम तक सीधी रेल पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. इस ट्रेन का हो रहा विस्तार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर और अभनपुर के मध्य संचालित रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक विस्तार किया जा रहा है. 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोर से—राजिम और रायपुर से संचालित होगी. इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे. दो फेरे में चलेगी रोजाना नई मेमू ट्रेन रोजाना दो फेरे लगाएगी। इससे रायपुर-नवा रायपुर और आसपास के गांवों, कस्बों में रहने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मात्र 10 रुपए होगा किराया अभी रायपुर से नवा रायपुर का यात्री किराया 30 से 40 रुपए तक है, लेकिन नई ट्रेन में सफर करने पर यात्रियों को केवल 10 रुपए किराया देना होगा। इससे रोजाना अप-डाउन करने वालों को काफी फायदा होगा। वर्तमान में रायपुर से अभनपुर के बीच दो मेमू ट्रेनें पहले से चल रही हैं। अब नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलेगी।