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डिफेंस एग्रीमेंट से सऊदी-पाकिस्तान की नजदीकियां बढ़ीं, एक पर हमला हुआ तो दूसरा भी मानेगा अपना

दुबई   पाकिस्तान और सऊदी अरब ने बुधवार (17 सितंबर 2025) को एक अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. ‘स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ नाम के इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो इसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सऊदी अरब दौरे के दौरान हुआ. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने राजकीय दौरे पर रियाद पहुंचे थे, जहां सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने अल-यमामा पैलेस में उनका स्वागत किया. इसी मौके पर यह रक्षा समझौता किया गया. पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम कार्यालय की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया कि किसी भी तरह की आक्रामकता दोनों देशों के खिलाफ मानी जाएगी. संयुक्त बयान में कहा गया कि यह समझौता आठ दशकों पुराने रिश्तों, भाईचारे, इस्लामी एकजुटता और साझा रणनीतिक हितों पर आधारित है. इसका मकसद रक्षा सहयोग को और गहरा करना और किसी भी हमले के खिलाफ साझा रोकथाम क्षमता को मजबूत बनाना है. इसमें साफ तौर पर लिखा है कि किसी एक देश पर आक्रामक कार्रवाई दोनों देशों पर आक्रमण मानी जाएगी. खाड़ी देशों के दौरे पर शहबाज पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब, सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़, पर्यावरण मंत्री मुसादिक मलिक और विशेष सहायक तारिक फातमी मौजूद थे. यह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक हफ्ते में खाड़ी क्षेत्र का तीसरा दौरा है. इससे पहले वे कतर दो बार गए- 11 और 15 सितंबर को जहां उन्होंने इजरायल के हमले के बाद हमास नेतृत्व के समर्थन में और अरब-इस्लामिक देशों की आपात बैठक में हिस्सा लिया. डील नहीं ये बदलाव का संकेत! यह समझौता 9 सितंबर 2025 को कतर की राजधानी दोहा में इजरायल के हमले के ठीक एक हफ्ते बाद हुआ, जिसमें हमास नेताओं को निशाना बनाया गया. किसी ने सोचा नहीं था कि कतर पर इजरायल हमला कर देगा. यह हमला अमेरिकी मंजूरी के साथ हुआ था, जिससे खाड़ी देशों (सऊदी, कतर, यूएई) में अमेरिकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे. सऊदी राजपरिवार के लिए भी यह झटका है, क्योंकि कतर भी अमेरिकी सैन्य अड्डे वाला सहयोगी है. वह अमेरिका के साथ एक नई सैन्य डील चाहता है, जिसमें उसके सुरक्षा की गारंटी हो. हालांकि अभी इसमें सऊदी कामयाब नहीं हुआ है. वहीं पाकिस्तान भी ऐसा ही कोई सहयोगी चाहता है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसने देख लिया कि कोई भी उसे बचाने नहीं आया. यह डील ईरान को भी सीधा संदेश देती है. सऊदी अरब और ईरान के बीच हाल ही में रिश्ते सामान्य करने की कोशिश हुई थी, लेकिन पाकिस्तान के साथ यह समझौता फिर से ईरान-सऊदी प्रतिस्पर्धा को हवा दे सकता है. सऊदी की क्या मजबूरी? दरअसल, परमाणु हथियार संपन्न पाकिस्तान लंबे समय से सऊदी का सैन्य साझेदार रहा है. सऊदी अरब ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता प्रदान की है. साफ-साफ कहें तो पाकिस्तान ने यह डील केवल भारत से बचने के लिए की है. मगर सऊदी अरब की ओर से यह डील मजबूरी के साथ-साथ सोची-समझी चाल है. सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब को अब पहले की तरह अमेरिका पर भरोसा नहीं है. कहा जाता है कि यह समझौता अमेरिका की ‘धोखेबाजी’ का नतीजा है. अमेरिका शुरू से चाहता है कि सऊदी अरब इजरायल संग अपने रिश्ते सामान्य करे. सऊदी को अब अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर यकीन नहीं. पांच प्वाइंट में जानिए डिफेंस डील के पीछे सऊदी अरब की मजबूरी     इजरायल का कतर की राजधानी दोहा में अटैक     ईरान से सऊदी अरब के तल्ख रिश्ते     अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर सऊदी को भरोसा नहीं     पाकिस्तान का परमाणु संपन्न देश होना     इस्लामिक मुल्कों को एकजुट करना यह भी कारण है जिस तरह इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमला किया, इसने भी सऊदी अरब की चिंता को और बढ़ा दिया. जी हां, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच यह रणनीतिक रक्षा समझौता पड़ोसी कतर की राजधानी दोहा में हुए हमले के ठीक बाद हुआ है. इजरायल ने दोहा में हमास नेताओं पर हमला किया था. हालांकि, दोहा में हुए हवाई हमले की अमेरिका ने निंदा की, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. इसलिए सऊदी को हमेशा यह डर सता रहा है कि इजरायल कहीं सऊदी तक न अपनी नजर बढ़ा ले. वैसे भी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने गाजा युद्ध को ‘नरसंहार’ करार दिया था. सऊदी ने अक्सर इजरायल की आलोचना की है.

सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी: सुकमा में एनकाउंटर में मरी गई महिला इनामी माओवादी

सुकमा  बस्तर संभाग में चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान में सुरक्षाबल के जवानों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबल के जवानों ने माओवादी मुठभेड़ में 5 लाख की इनामी महिला माओवादी को ढेर कर दिया है, जिसका शव जिला मुख्यालय लाया गया है। जानकारी के अनुसार, जिले के पश्चिमी पहाड़ी जंगलों में माओवादियों के छिपे होने की सुरक्षाबल के जवानों को सूचना मिली थी। जिसके आधार पर गुरुवार को जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुककर फायरिंग होती रही। जिसमें जवानों के हाथ यह सफलता लगी है। मुठभेड़ के बाद मौके से सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। बीजापुर में मुठभेड़ के दौरान दो माओवादी ढेर बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच दोपहर तीन बजे से मुठभेड़ जारी रही। सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मुठभेड़ स्थल पर रुक-रूककर फायरिंग हुई, जिसमें अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ स्थल से 01 नग .303 रायफल, 01 नग बीजीएल लांचर, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सल संबंधी सामान भी जब्त किया गया। सुरक्षा बलों ने फिलहाल मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की है, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और पूरा होने के बाद जानकारी दी जाएगी। गौरतलब है कि सरकार की ओर से माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल और शासन की ओर से लगातार इस दिशा में काम जारी है। इस साल अब तक 1500 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं, अब तक 400 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही अपने अभियानों के दौरान कई शीर्ष माओवादी नेताओं को मौत के घाट भी उतारा जा चुका है।

आज़म खान के पक्ष में आया हाईकोर्ट का फैसला, मिली जमानत की मंजूरी

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। रामपुर क्वालिटी बार पर कब्जे के मामले में हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार की है। बता दें कि आजम खान को अब सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। जल्द ही वह अब जेल से बाहर आ जाएंगे। 16 सितंबर को भी एक केस में हुए थे बरी सपा के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 16 सितंबर को अवमानना के एक मामले में बरी कर दिया था। मामला साल 2020 में छजलैट थाना क्षेत्र का था। कथित तौर पर रोड जाम करने के आरोप में सपा नेता आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और अन्य सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 2-2 साल की सजा हुई थी। अब्दुल्ला आजम की विधायकी भी गई थी। इसी केस में कोर्ट में बार बार पेश नहीं होने पर आजम खान पर अवमानना का मुकदमा दर्ज किया गया था।

BCCI का नया अध्यक्ष कौन बनेगा? गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद होगा अंतिम निर्णय

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट में 28 सितंबर का दिन बहुत बड़ा दिन होगा, क्योंकि इसी दिन बोर्ड के शीर्ष पदाधिकारियों का चुनाव होना है। सबसे बड़ा मुद्दा अध्यक्ष पद को लेकर है, क्योंकि पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी का कार्यकाल पूरा हो गया है। इस समय उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला बीसीसीआई के अंतरिम चेयरमैन बने हुए हैं। इस बीच खबर है कि दिल्ली में इसको लेकर मीटिंग होनी है, जो देश के गृह मंत्री अमित शाह के साथ होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, 20 सितंबर को दिल्ली में सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों के साथ बीसीसीआई के अधिकारियों की मीटिंग होनी है। इसी दिन फैसला हो जाएगा कि कौन अगला चेयरमैन होगा। हालांकि, ऐलान 28 सितंबर को होने की संभावना है। यह अनौपचारिक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर होगी, जहां बीसीसीआई के अगले नेतृत्व की अंतिम रूपरेखा तय होने की उम्मीद है। 2022 में भी इसी तरह की एक बैठक में पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने तत्कालीन बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली पर पिछले तीन वर्षों के उनके प्रदर्शन को लेकर तीखी आलोचना की थी। गांगुली उस समय एक और कार्यकाल के लिए बीसीसीआई के चेयरमैन पद पर बने रह सकते थे, लेकिन बैठक में अंततः रोजर बिन्नी को इस पद के लिए चुना गया। गांगुली को उस बैठक में फिर से आमंत्रित किया जाएगा या नहीं, यह केवल अनुमान का विषय है, लेकिन अटकलें अभी भी उनके और उनके पूर्व साथी हरभजन सिंह के नाम को लेकर हैं। कर्नाटक के पूर्व भारतीय टेस्ट क्रिकेटर रघुराम भट्ट के बारे में भी कुछ चर्चा हुई है। इसके अलावा पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे का नाम भी लिस्ट में शामिल है, जिनको बीसीसीआई अध्यक्ष पद की कुर्सी मिल सकती है। किरण मोरे भले ही एजीएम में शामिल प्रतिनिधियों में शामिल न हों, लेकिन इसके लिए भी प्रावधान है। बीसीसीआई के चुनाव अधिकारी ए.के. जोति की 6 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार, "आपत्तियों की जांच और उन पर निर्णय (ii) अंतिम मतदाता सूची जारी करने" की अंतिम तिथि 19 सितंबर है। इसका मतलब है कि राज्य संघ अगले 24 घंटों के भीतर वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अपने नामांकित व्यक्तियों को बदल सकते हैं। सौरव गांगुली, हरभजन सिंब, रघुराम भट्ट या शायद कोई और नाम पर मुहर लगेगी? यह निर्णय शनिवार रात दिल्ली में होने वाली मीटिंग में हो सकता है। सत्तारूढ़ भाजपा खेल संस्थाओं के दैनिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप करने के लिए नहीं जानी जाती है, लेकिन उसकी यह सुनिश्चित करने की नीति है कि कुशल खिलाड़ी ही राष्ट्रीय खेल संस्थाओं का नेतृत्व करें।

शॉकिंग अपडेट: न्यूजीलैंड ने टी20 कप्तान बदला, बड़े खिलाड़ी हुई टीम से बाहर

न्यूजीलैंड टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों में जुटी न्यूजीलैंड अपने घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1 अक्टूबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. इस सीरीज के लिए कीवी टीम का ऐलान कर दिया गया है. इस बार टीम अपने रेगुलर कप्तान मिचेल सेंटनर के बिना उतरेगी. उनकी जगह माइकल ब्रेसवेल टीम को लीड करेंगे. लिमिटेड ओवर्स के कप्तान मिचेल सैंटनर इस सीरीज के लिए पूरी तरह से फिट नहीं होने की वजह से स्क्वॉड का हिस्सा नहीं है. हैरानी की बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ कीवी टीम के 6 स्टार खिलाड़ी नहीं खेलेंगे. इस टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 1 अक्टूबर को जबकि दूसरा और तीसरा 3 और तीसरा मैच 4 अक्टूबर को खेला जाएगा. यह तीनों ही मैच माउंट मॉन्गनुई के मैदान पर होंगे.   ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में नहीं दिखेंगे यह 6 स्टार     मिचेल सैंटनर- सर्जरी से रिकवरी नहीं कर पाए हैं.     लॉकी फर्ग्यूसन-  हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते बाहर हैं.     विलियम ओ रुर्के-   बैक इंजरी से परेशान चल रहे हैं.     ग्लेन फिलिप्स- ये खिलाड़ी भी चोटिल है     फिन एलन- एलन भी चोट के जूझ रहे हैं.     केन विलियमसन- सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं थे.   इन 2 गेंदबाजों की हुई वापसी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस घरेलू टी20 सीरीज के लिए लंबे समय के बाद तेज गेंदबाज काइल जैमीसन और बेन सियर्स की वापसी हुई है. ये दोनों तेज गेंदबाज जिम्बाब्वे में हुई त्रिकोणीय सीरीज के लिए ब्लैक कैप्स टीम का हिस्सा नहीं थे. जैमीसन अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण सीरीज से बाहर थे, जबकि सियर्स साइड स्ट्रेन की समस्या से बाहर थे. हालांकि अब इन दोनों की वापसी से न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी काफी मजबूत हो गई है. उनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली इस सीरीज में  जैकब डफी और जैक फाउल्केस नजर आएंगे.   माइकल ब्रेसवेल का कैसा है कप्तानी रिकॉर्ड? मिचेल सैंटनर की जगह कप्तानी करने वाले माइकल ब्रेसवेल का रिकॉर्ड ठीक रहा है. इस ऑलराउंडर ने अब तक 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में न्यूजीलैंड की कप्तानी की है और छह में जीत हासिल की है. कप्तान के रूप में उनके सबसे हालिया कार्यकाल में न्यूजीलैंड ने मार्च में घरेलू मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ आया था. उस सीरीज को कीवी टीम ने 4-1 से अपने नाम किया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम इस प्रकार है   माइकल ब्रेसवेल (कप्तान), मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फाउलकेस, मैट हेनरी, बेवॉन जैकब्स, काइल जैमीसन, डेरिल मिशेल, रचिन रविंद्र, टिम रॉबिन्सन, बेन सियर्स, टिम सेफर्ट, ईश सोढ़ी.

CBI की कार्रवाई के बाद बड़ा एक्शन, रावतपुरा मेडिकल कॉलेज केस में तीन डॉक्टरों को किया गया निलंबित

रायपुर  रावतपुरा मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में फंसे तीन डॉक्टरों को कर्नाटक की मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने निलंबित कर दिया है। ये सभी डॉक्टर मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने जुलाई महीने में रायपुर आए थे। इस दौरान सीबीआई की टीम ने मान्यता दिलाने के एवज में 55 लाख रुपये रिश्वत के साथ कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। निलंबित डॉक्टरों में राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद की सदस्य डॉ.चैत्रा एमएस, एसोसिएट प्रोफेसर (अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु),डॉ. मंजप्पा सीएन, प्रोफेसर और प्रमुख (आर्थोपेडिक्स विभाग, मंड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज),डॉ. अशोक शेलके, असिस्टेंट प्रोफेसर (कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, बीदार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) शामिल है। डॉक्टरों पर नवा रायपुर स्थित रावतपुरा चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान के लिए पाजिटिव इंस्पेक्शन रिपोर्ट जारी करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि इंस्पेक्शन प्रोग्राम और मूल्यांकनकर्ताओं की पहचान कॉलेज को पहले ही लीक कर दी गई थी। संस्थान ने रिकार्ड और दस्तावेज पहले से तैयार कर लिए ताकि मानकों को पूरा करता हुआ दिखाया जा सके। इस तरीके से कॉलेज को सीट मंजूरी मिल गई। इस मामले में कुल 34 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने नामजद एफआइआर दर्ज किया है। इनमें मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन और कई अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि मामले के खुलासे के बाद सीबीआई ने आरोपी डॉक्टरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। साथ ही इस वर्ष के लिए रावतपुरा चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान की मान्यता को रद्द करते हुए इस वर्ष जीरो इयर घोषित कर दिया गया है। इस साल प्रदेश के रावतपुरा कॉलेज को मान्यता नहीं मिलने के कारण मेडिकल की सीटें कम हो गई। जिसके बाद प्रदेश के 3 निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं।

मॉनसून की दस्तक! दिल्ली समेत उत्तर भारत में झमाझम, पहाड़ों पर मौसम का बदला मिजाज

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में 10 दिनों बाद बारिश देखने मिली बरसात के कारण मौसम सुहावना हो गया. बारिश से लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत मिली. दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में हल्की गिरावट आई है. मौसम विभाग ने भी नया पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, आज भी दिल्ली में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे तथा हल्की बारिश हो सकती है. दिल्ली में आज की तरह कल भी मौसम का मिजाज रहने वाला है. कल भी दिल्ली में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है. आज राजधानी में अधिकतम 35 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने वाला है. कल अधिकतम तापमान 34 तो न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है. 20 तारीख को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. उसके बाद 23 तारीख तक मौसम साफ रहने वाला है. यूपी में मौसम का क्या है हाल? आज उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी भागों के कई स्थानों पर मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी बारिश देखने को मिल सकती है. दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं पर बादल गरजने व बिजली चमकने की संभावना है. वहीं मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में 19 से 23 सितंबर तक भारी बारिश होने की कोई संभावना नहीं है. बिहार के कई जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आज बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, भोजपुर, मधुबनी और दरभंगा में भारी बारिश हो सकती है. इतना ही नहीं कई जिलों में कई जिलों में आकाशीय बिजली और वज्रपात होने की संभावना भी मौसम विभाग की ओर से जताई गई है. इन राज्यों में भी बारिश झारखंचड के लिए आज लगभग सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम बंगाल में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान मौसम विभाग की ओर से जताया गया है. गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश देखने को मिल सकती है. राजस्थान के लिए राहत की खबर है. राजस्थान में बारिश की कम संभावना मौसम विभाग ने जताई है. पहाड़ों का क्या है हाल? उत्तराखंड में आ एक बार फिर बारिश कहर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग की ओर से पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल के लिए अलर्ट जारी किया गया है. वहीं हिमाचल प्रदेश में आज बारिश की संभावना कम है.

वरिष्ठ फोटोग्राफर बंगाले को सीएम साय ने दी शुभकामनाएं,फोटोग्राफी प्रतियोगिता में मिला प्रथम पुरस्कार

वरिष्ठ फोटोग्राफर बंगाले को सीएम साय ने दी शुभकामनाएं,फोटोग्राफी प्रतियोगिता में मिला प्रथम पुरस्कार  ये वही फोटोग्राफ्स है जिसे प्रथम पुरस्कार मिला      रायपुर  रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित स्व. विनय शर्मा स्मृति फोटोग्राफी प्रतियोगिता में जनमन पत्रिका के वरिष्ठ फोटोग्राफर नरेंद्र बंगाले को प्रथम पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास की कहानी को खूबसूरती से दर्शाती यह तस्वीर जन-जीवन में तकनीकी बदलाव और महिला सशक्तीकरण का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की प्रगति और बदलते स्वरूप का सम्मान है।

सीएम योगी आदित्यनाथ का मानवीय पहलू, आपदा पीड़ितों के लिए मदद का हाथ

लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आपदा में जनसहभागिता का अनोखा उदाहरण देखने को मिला है. जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. यह किट योगी सरकार द्वारा सरकारी वित्तीय सहायता, मुआवजा और राहत किट के अतिरिक्त वितरित की जा रही है. इस किट को जिलाधिकारी की पहल पर 45 लाख रुपये की लागत से कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया. इसी के साथ खीरी पूरे प्रदेश में ऐसा पहला जिला हैं, जहां पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएसआर स्पेशल किट वितरित की जा रही है. एक किट की लागत करीब 900 रुपये है. बता दें कि पिछले वर्ष भी आपदा की घड़ी में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया गया था. निराश्रितों, दिव्यागों, बुजुर्गों को मदद जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा आपदा के समय प्रदेशवासियों के साथ खड़े रहते हैं. उनके द्वारा न केवल आपदा की घड़ी में पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करायी जाती है बल्कि वह खुद पीड़ितों पर दर्द साझा करने के लिए उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछते रहते हैं. इसी क्रम में सीएम योगी की दूरदर्शी सोच को आत्मसात करते हुए सरकारी सहायता के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि किट को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों के सभी बाढ़ प्रभावित गांव में निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को चिन्हित किया गया है. इसके साथ ही हर जरूरतमंद को स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने गुरुवार को सदर तहसील में विधायक योगेश वर्मा के साथ जरूरतमंदों को सीएसआर स्पेशल किट वितरित की. जरूरत पड़ने पर और भी स्पेशल किट जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की निघासन, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ औा पलिया तहसीलों में चिन्हित दिव्यांगजन, निराश्रित महिला एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले वृद्धजनों को स्पेशल सीएसआर किट का वितरण किया गया. उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को पांच हजार स्पेशल किट उपलब्ध करायी जा रही है. वहीं जरूरत पड़ने पर और भी सीएसआर स्पेशल किट को बनवाया जाएगा. किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड (2 पैकेट) और गर्म पानी रखने के लिए 2 लीटर की थर्मस शामिल है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए असरदार: यह सूखे पत्ते की चाय करें सेवन

नई दिल्ली  खड़े मसाले में इस्तेमाल होने वाला तेज पत्ता शुगर में काफी फायदेमंद माना जाता है। तेज पत्ता में भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व डायबिटीज में असरदार साबित होते हैं। तेज पत्ता में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और कॉपर होता है। कुछ दिनों तक नियमित रूप से तेज पत्ता का पानी या चाय पीने से पुरानी से पुरानी डायबिटीज को कम किया जा सकता है।     आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।       आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।     तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।       तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।     आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।       आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।     तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।       तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।