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गयाजी पहुंचे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पिंडदान में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का साथ

 गया पितृपक्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू आज धर्मनगरी गयाजी पहुंची. उनके साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे. गया एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, इसके बाद वे सीधे विष्णुपद मंदिर के लिए रवाना हुईं. राष्ट्रपति ने अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए पिंडदान किया. जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति का दिल्ली वापसी कार्यक्रम तय है. इससे पहले शुक्रवार को रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके पुत्र अनंत अंबानी भी गया में पिंडदान करने पहुंचे थे. सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गया पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए विष्णुपद मंदिर तक के मार्ग पर विशेष इंतजाम किए गए हैं. शुक्रवार को अधिकारियों ने मॉक ड्रिल कर सुरक्षा घेरों की मजबूती की तैयारी की.  संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर राष्ट्रपति का काफिला गया एयरपोर्ट से 5 नंबर गेट, घुघड़ीटॉड़ बाईपास और बंगाली आश्रम होते हुए विष्णुपद मंदिर तक पहुंचा. वापसी भी इसी मार्ग से होगी. संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. हर मूवमेंट पॉइंट पर मजिस्ट्रेट के साथ सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं. इस दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति के स्वागत और मंदिर तक के सफर में किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी. भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं. ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव राष्ट्रपति के आगमन को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था में भारी बदलाव किया गया है. राष्ट्रपति के लिए जो मार्ग निर्धारित किया गया है. उस पर आम वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रखा गया है. दोमुहान से सिकड़िया मोड़ तक 5 नंबर गेट से सिटी पब्लिक स्कूल तक तथा चांद चौरा से बंगाली आश्रम-घूघड़ी टांड़ तक सभी वाहनों पर रोक लगा दी गई है. 

मंत्री रामविचार नेताम आनंद जिले के प्रसिद्ध अमूल प्रोसेसिंग प्लांट का किया अवलोकन

रायपुर छत्तीसगढ़ के पशुधन एवं मछली पालन मंत्री  रामविचार नेताम गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित “राइजिंग एग्री समिट” में शामिल हुए। उन्होंने आनंद जिले के प्रसिद्ध अमूल प्रोसेसिंग प्लांट के डेयरी प्रबंधन, आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों और मूल्य संवर्धन की प्रक्रियाओं का अवलोकन भी किया। गुजरात में आयोजित इस समिट में देश-विदेश के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के साथ कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। मंत्री  नेताम ने कहा कि गुजरात मॉडल की तर्ज पर ही इस यात्रा से प्राप्त अनुभवों को राज्य की नीतियों और योजनाओं में शामिल कर किसानों और पशुपालकों के लिए नए अवसर सृजित किए जाएंगे। मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सभी प्रकार के किसानों के उन्नति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने समिट में बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार समर्थन मूल्य के साथ-साथ कृषि उन्नति योजना लाकर किसानों के समृद्धि के लिए काम कर रही है, वहीं भूमिहीन मजदूर किसानों के लिए भी वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार कृषि विकास के कार्यों के साथ ही पशुपालक और मत्स्य किसानों की सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिए हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में निवास करने वाले जनजातीय परिवारों को दुधारु गाय दिए जा रहे हैं। इससे वनांचल में रहने वाले जनजातियों को अतिरिक्त आमदनी हो रही जिससे, उनके जीवन में बदलाव देखने को मिल रहा है।  मंत्री  नेताम ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ में डेयरी और पशुधन क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लिए गए फैसलों व बनाए गए नीतियों सहित संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उनके साथ पशुधन विकास विभाग के निदेशक  चंद्रकांत वर्मा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 

सरकार की नई गाइडलाइन: राशन कार्ड धारक जल्द निपटाएं यह प्रक्रिया, नहीं तो होगी दिक्कत

बरनाला  पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रही ई-के.वाई.सी. प्रक्रिया में जिला बरनाला ने सराहनीय प्रगति दर्ज की है। डिप्टी कमिश्नर बरनाला टी. बैनिथ ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 89.30 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-के.वाई.सी. सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। डी.सी. ने बताया कि जिले में कुल 71,427 परिवारों के 2,74,095 लाभार्थी राशन योजना के अंतर्गत शामिल हैं। इनमें से अब तक 2,44,773 सदस्यों की ई-के.वाई.सी. पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 29,322 लाभार्थियों की ई-के.वाई.सी. की प्रक्रिया जारी है। डिप्टी कमिश्नर ने आगे कहा कि ई-के.वाई.सी. के साथ-साथ लाभार्थियों का सर्वे भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक और पात्र लोगों को ही सरकारी योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ई-के.वाई.सी. और सर्वे कार्य में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। डी.सी. टी. बैनिथ ने लोगों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करते हुए शीघ्र अपनी ई-के.वाई.सी. पूरी करवाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना गरीब और वंचित वर्ग तक आसानी से राशन पहुंचाने के लिए बनाई गई है, इसलिए इसमें देरी करने से लाभार्थी खुद ही नुकसान उठा सकते हैं। इस दौरान जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक रूपप्रीत संधू ने जानकारी दी कि जो लाभार्थी अब तक ई-के.वाई.सी. नहीं करवा पाए हैं, वे 30 सितम्बर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता या सीधे जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय से सम्पर्क कर ई-के.वाई.सी. करवा सकते हैं। संधू ने यह भी कहा कि यह कार्य बहुत सरल है और इसके लिए लाभार्थी को आधार कार्ड, राशन कार्ड और आवश्यक पहचान दस्तावेज उपलब्ध करवाने होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो परिवार समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके राशन वितरण में बाधा आ सकती है।

प्रमुख ग्लोबल शूटिंग हब के रूप में स्थापित हो रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ऑस्कर नॉमिनेशन ने बढ़ाया प्रदेश का मान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल और आस पास के क्षेत्रों में की गई फिल्म ‘होमबाउंड’ की पूरी शूटिंग वर्ष 2024 में फिल्म लापता लेडीज पहुंची थी ऑस्कर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा मंच पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। वैश्विक स्तर पर सराही गई फिल्म 'लापता लेडीज' के बाद, अब राज्य में शूट हुई फीचर फिल्म 'होमबाउंड' को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2026) की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चयनित किया गया है। गतवर्ष फिल्म लापता लेडीज को भी ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर फिल्म की पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश में शूट हुई फिल्म होमबाउंड को ऑस्कर के लिए चुना गया है। यह न केवल फिल्म जगत के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक अभूतपूर्व गौरव का क्षण है। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 ने सिंगल विंडो सिस्टम, पारदर्शी प्रक्रिया और अनुमतियों को कम एवं सरल कर फिल्मांकन को आसान बनाया है। साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराए हैं। होमबाउंड का मध्यप्रदेश में फिल्माया जाना और उसका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश तेजी से एक प्रमुख ग्लोबल शूटिंग हब के रूप में स्थापित हो रहा है। यह सफलता हमारे प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और कला के प्रति समर्पण को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के उन सभी युवा फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो अपने सपनों को पंख देना चाहते हैं। फिल्म होमबाउंड का चयन भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो मध्यप्रदेश की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि होमबाउंड ऑस्कर में भी शानदार सफलता हासिल करेगी और भारत के साथ मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेगी। फिल्म होमबाउंड की पूरी शूटिंगवर्ष 2024 में एक बड़ा हिस्सा मध्यप्रदेश के भोपाल और आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक, सांस्कृतिक और शहरी परिवेश में शूट किया गया है। फिल्म की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा राज्य की फिल्म अनुकूल नीतियों और फिल्म की कहानी के अनुसार उपयुक्त लोकेशनों की सफलता का प्रमाण है। गौरतलब है कि होमबाउंड फिल्म, धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी है। मध्यप्रदेश में शूट होने वाली यह उनकी 5वीं फिल्म है। फिल्म के निर्माता करण जौहर हैं। निर्देशक  नीरज घेवान हैं। इससे पहले उनके निर्देशन में बनी “मसान” फिल्म को भी दर्शकों ने खूब सराहा था। 'होमबाउंड' में कलाकार ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं।   नई टूरिज्म पॉलिसी ने फिल्मांकन किया आसान मध्यप्रदेश की नई फिल्म टूरिज्म पॉलिसी ने निर्माता–निर्देशकों का काम आसान किया है। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हुई है, वहीं सब्सिडी से निर्माता–निर्देशकों को प्रोत्साहन मिला है। मध्यप्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी के बाद प्रदेश में 350 से अधिक फिल्में और वेबसीरीज शूट हो चुकी हैं। अब तक 12 हिंदी फिल्में, 1 तेलुगु फिल्म और 6 वेब सीरीज को 24 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय अनुदान दिया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।  

भारत की जीत की हैट्रिक पूरी, ओमान को हराकर अब पाकिस्तान से बड़ी भिड़ंत

दुबई   एशिया कप 2025 का आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबला भारत और ओमान के बीच खेला गया. अबु धाबी में खेले गए इस मैच में भारत ने 21 रनों से जीत हासिल की और एशिया कप में जीत की हैट्रिक लगाई. टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने संजू की फिफ्टी के दम पर ओमान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी ओमान की टीम ने भी अच्छी बल्लेबाजी की 167 तक का स्कोर बना लिया. भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए थे. बुमराह और वरुण चक्रवर्ती को आराम दिया दिया गया था. उनकी जगह अर्शदीप और हर्षित राणा टीम में थे. वहीं, इस मैच में अर्शदीप ने कमाल किया और अपना 100वां टी20 विकेट पूरा किया. बता दें कि टीम इंडिया इस मुकाबले से पहले ही सुपर-4 में जगह बना चुका था. 21 सितंबर को भारत की भिड़ंत पाकिस्तान से है. वहीं, ओमान का सफर अब खत्म हो चुका है. उसे अपने तीनों मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है. ऐसी रही ओमान की पारी 189 रनों के जवाब में उतरी ओमान की शुरुआत बेहद शानदार रही. जतिंदर सिंह और आमिर कलीम ने तेज गेंदबाजों की जमकर खैर ली. दोनों ने 7वें ओवर में स्कोर 50 के पार पहुंचा दिया. लेकिन 9वें ओवर में कुलदीप यादव ने ओमान को पहला झटका दिया. जतिंदर सिंह 32 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद कलीम और हम्माद मिर्जा के बीच कमाल की साझेदारी हुई. कलीम ने केवल 38 गेंदों में फिफ्टी लगाई. वहीं मिर्जा ने भी उनका बखूबी साथ दिया. भारत ने 8 गेंदबाजों को लगाया लेकिन भारतीय गेंदबाज विकेट को तरस गए. दोनों के बीच 93 रनों की साझेदारी हुई. आखिरकार हर्षित राणा ने इस साझेदारी को तोड़ा और कलीम 64 रन बनाकर आउट हुए. आखिरकार ओमान की टीम 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 167 रन ही बना सकी. ऐसे रही भारत की बल्लेबाजी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ओवर में ही शुभमन गिल अपना विकेट गंवा बैठे और शाह फैसल ने उन्हें बोल्ड किया. गिल के बल्ले से केवल 5 रन ही आए. लेकिन इसके बाद संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने भारतीय पारी को संभाला और 4 ओवर में भारत का स्कोर 30 रन तक पहुंचा दिया. लेकिन 38 रन बनाकर अभिषेक शर्मा का विकेट गिर गया. इसके बाद हार्दिक पंड्या भी आठवें ओवर में रन आउट हो गए. अक्षर पटेल ने पारी को संभालने की कोशिश की. 13 गेंद में 26 रन बनाए लेकिन अपना विकेट गंवा बैठे. इसके बाद 14वें ओवर में शिवम दुबे भी अपना विकेट गंवा बैठे. दुबे के बल्ले से केवल 5 रन आए. इसके बाद संजू सैमसन ने फिफ्टी लगाई. लेकिन 18वें ओवर में वह आउट हो गए. तिलक वर्मा अच्छी लय में दिख रहे थे. लेकिन 19वें ओवर में वो अपना विकेट गंवा बैठे. 18 गेंदों में उन्होंने 29 रन बनाए. भारत ने ओमान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा. पाकिस्तान को फिर कप्तान सूर्या ने दिखाए तेवर, ओमान के प्लेयर्स को भी लगाया गले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुक्रवार को ओमान पर जीत के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में एक बार फिर पाकिस्तान को तेवर दिखाए और उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया. इस मैच में भारत ने ओमान को 21 रनों से हराकर सुपर-4 चरण में प्रवेश किया. भारत ने ग्रुप-ए में यूएई, पाकिस्तान और ओमान पर लगातार जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया. सुपर-4 में भारत  रविवार को दुबई में एक बार फिर अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा.  अगले मुकाबले से पहले सूर्यकुमार से पूछा गया कि क्या टीम हाई-वोल्टेज भिड़ंत के लिए तैयार है. हालांकि, भारत के कप्तान ने पाकिस्तान का नाम लेने से परहेज़ किया और कहा कि वे सुपर-4 में किसी भी टीम से भिड़ने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, 'सुपर फोर के लिए पूरी तरह तैयार हैं.' ओमान के खिलाड़ियों से मिले गले, खूब ठहाके लगाए पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच में हैंडशेक विवाद सुर्खियों में आया था, जहां टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था. लेकिन ओमान के खिलाफ मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने साथ मिलकर खूब मस्ती की. सूर्या ने ओमान बल्लेबाजों की तारीफ की और उन्हें गले भी लगाया. टीम इंडिया के खिलाड़ी ओमान प्लेयर्स को क्रिकेट के टिप्स भी देते दिखे. ये नजारा देखकर सोशल मीडिया पर लोग पाकिस्तान की मौज ले रहे हैं. यूजर्स का कहना है कि भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान का ही बायकॉट किया है और बाकी हर मैच में खेल भावना का परिचय दे रहे हैं.

करियर का मौका: एमपी में नई ट्रेनिंग कोर्स से मिलेगा रोजगार, एलएंडटी और आरजीपीवी का समझौता

भोपाल  देशभर की तरह मध्यप्रदेश में भी लाखों युवा बेरोजगार हैं। ये युवा प्रतिभावान होने के साथ ही उच्च शिक्षित भी हैं पर उन्हें नौकरियां नहीं मिल रही। दरअसल रोजगार परक कोर्स नहीं किए जाने के कारण ये दिक्कत आती है। प्राइवेट कंपनियों और उद्योगपतियों का कहना है कि युवा उच्च शिक्षा जरूर लेते हैं पर उनमें उद्योगों के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल का अभाव पाया जाता है। एमपी में अब यह दिक्कत दूर करने की पहल की गई है। प्रदेश के तकनीकी संस्थानों से निकलनेवाले युवाओं और उद्योगों, कंपनियों के लिए जरूरी कौशल के बीच की खाई पाटने के लिए अहम करार किया गया है। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी), राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) और एलएंडटी एजूटेक के बीच एक एमओयू किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश में एलएंडटी द्वारा विकसित स्पेशल कोर्स लांच किए जा रहे हैं। कोर्स पूरा करने पर स्टूडेंट को सर्टिफिकेट मिलेंगे जोकि युवाओं को तुरंत नौकरी दिला सकेंगे। मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयीन कोर्स को उद्योगों, कंपनियों की वास्तविक मांगों से जोड़कर इंड्स्ट्री-रेडी इंजीनियर तैयार करने की पहल की गई है। प्रदेश में हर साल 50 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी स्नातक नौकरी बाजार में आ रहे हैं। अकादमिक-औद्योगिक तालमेल की जरूरत को देखते हुए एलएंडटी एजूटेक द्वारा विशेष पाठ्यक्रम बनाए गए हैं। पायलट प्रोेजेक्ट के रूप में इन्हें आरजीपीवी के माध्यम से लांच किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत तकनीकी मानव संसाधनों को वास्तविक परियोजनाओं, वर्चुअल लैब और इंडस्ट्री-लीडरशिप एनेबल्ड सत्रों के माध्यम से सक्षम बनाया जा रहा है। आरजीपीवी के कुलगुरू प्रो. राजीव त्रिपाठी, एमपीएसईडीसी, निवेश संवर्धन प्रभारी अवंतिका वर्मा और एलएंडटी एजूटेक टीम लीड राजा पांचाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।  

मौसम विभाग की चेतावनी: 20-24 सितंबर तक इन राज्यों में मूसलधार बारिश के आसार

नई दिल्ली  मानसून का यह सीज़न काफी शानदार रहा है क्योंकि इस दौरान देशभर में अच्छी बारिश हुई है। मानसून की दस्तक से अब तक करीब ढाई महीने में देशभर में जमकर बादल बरसे हैं। कई राज्यों में तो इस बार रिकॉर्ड बारिश देखने को मिली है। हालांकि अब कई जगह मानसून की रफ्तार कम हुई है, लेकिन अभी मानसून की विदाई नहीं हुई है। कुछ राज्यों में मानसून की रफ्तार अभी भी बरकरार है जिससे बारिश का सिलसिला भी जारी है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने जानकारी दी है कि मानसून की वापसी हो गई है। इससे 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) है। उत्तरपश्चिम भारत उत्तरपश्चिम भारत में पिछले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन मानसून की वापसी हो गई है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है, तो कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना है। उत्तरीपूर्व भारत उत्तरीपूर्व भारत में कई राज्यों में मानसून की रफ्तार अभी बरकरार है। मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में कुछ जगह 20-24 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। इस दौरान कुछ जगह रिमझिम बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट भी है। पूर्वी और मध्य भारत 20-24 सितंबर को पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में मानसून की वापसी हो गई है। ऐसे में मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, सिक्किम, विदर्भ और ओडिशा में कुछ जगह रुक-रूककर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में अगले 5 दिन रिमझिम बारिश भी होगी। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अलर्ट है। पश्चिम भारत पश्चिम भारत में कई जगह मानसून का असर अभी भी बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र और गोवा के कुछ जिलों में 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश का भी अलर्ट है। दक्षिण भारत दक्षिण भारत में अभी भी मानसून की रफ्तार बरकरार है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, यनम, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और केरल में 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को कुछ जिलों में तेज़ बारिश होगी। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

जल्द शुरू होगा सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण, मिट्टी जांच का काम हुआ पूरा

ग्वालियर ग्वालियर से आगरा के बीच 4613 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सिक्स लेन एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका लेने वाली कंपनी जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने मृदा परीक्षण का काम पूरा कर लिया है। गत अप्रैल माह में कंपनी को ठेका मिल गया था और उसे छह माह का समय संसाधन जुटाने के साथ ही अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दिया गया था। अब कंपनी अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अपने तीन बेस कैंप तैयार करेगी और तीन ही स्थानों से एक्सप्रेस वे के निर्माण की शुरूआत की जाएगी। फोरलेन हाईवे का होगा निर्माण हालांकि निर्माण कार्य नवंबर माह से शुरू होगा और 30 माह के अंदर कंपनी को यह काम पूरा करना होगा। नए एक्सप्रेस वे के निर्माण के साथ ही कंपनी द्वारा वर्तमान फोरलेन हाईवे के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का ठेका लेने वाली जीआर इंफ्रा कंपनी को अक्टूबर तक का समय निर्माण कार्य के लिए दिया गया है। इस बीच कंपनी ने आगरा, धौलपुर, मुरैना जिलों में साइल टेस्टिंग (मृदा परीक्षण) का काम पूरा कर लिया है, ताकि निर्माण कार्य शुरू होने पर कोई अड़चन ना आए। इसके अलावा अलाइनमेंट ठीक रहे और सारे पुल-पुलियों का काम बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए कंपनी द्वारा तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में एक साथ काम की शुरूआत की जाएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा तीन बेस ऑफिस भी तैयार किए जाएंगे। काम की शुरूआत भी जल्द ही जाएगी वर्तमान में धौलपुर में एक बेस ऑफिस का काम लगभग अंतिम चरण में है। यहां जमीन पर बाउंड्रीवॉल तैयार कर ली गई है और अंदर अस्थायी कैंप कार्यालय बनाया जाएगा। इसके अलावा भूमि के अधिग्रहण के बदले मुआवजा वितरण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी होने को है। भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाने के बाद एनएचएआइ को पजेशन दिया जाएगा। सरकारी रिकार्ड में भी एनएचएआइ के नाम पर एंट्री की प्रक्रिया की जाएगी। ऐसे में अक्टूबर तक कंपनी को जमीन भी एनएचएआइ उपलब्ध करा पाएगा। एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने बेस ऑफिस बनाने शुरू कर दिए हैं और काम की शुरूआत भी जल्द ही जाएगी। ग्वालियर व मुरैना में भी बनेंगे कार्यालय कंपनी को नए एक्सप्रेस वे के साथ ही वर्तमान हाईवे की मरम्मत का भी काम करना है। ये हाईवे निरावली रायरू तक आता है। इसके अलावा नए एक्सप्रेस वे का अलाइनमेंट भी सुसेरा गांव के पास होगा। ऐसे में कंपनी द्वारा ग्वालियर व मुरैना में भी कार्यालय बनाए जाएंगे ताकि एक ही स्थान से दोनों प्रोजेक्टों की निगरानी व संचालन में दिक्कत ना आए।  31 पुल तैयार होंगे, छह फ्लाइओवर व एक आरओबी बनेगा इस पूरे प्रोजेक्ट के अंतर्गत 31 पुल तैयार किए जाएंगे। इसमें आठ बड़े पुल और 23 छोटे पुल शामिल हैं। इसके अलावा 192 कलवर्ट यानी पुलिया भी तैयार की जाएंगी। इसके अलावा छह फ्लाइओवर और एक रेल ओवरब्रिज भी तैयार किया जाएगा। ये ओवरब्रिज जाजऊ स्टेशन के पास बनाया जाएगा। इसके अलावा चंबल नदी पर 300 मीटर लंबा हैंगिंग ब्रिज बनाया जाएगा। इस ब्रिज का कोई भी पिलर नदी में खड़ा नहीं किया जाएगा, बल्कि नदी के किनारों पर पिलर तैयार होंगे। नदी के ऊपर पूरा पुल झूलता रहेगा। ये है प्रोजेक्ट ग्वालियर से आगरा के बीच 88.400 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे का एनएच नंबर 719डी रखा गया है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद आगरा से ग्वालियर पहुंचने में एक से सवा घंटा लगेगा। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण का ठेका जीआर इंफ्रा कंपनी को दिया गया है।  

नवाचारों के हब बनेंगे टियर-2 शहर, मजबूत होगा औद्योगिक ईकोसिस्टम

आरजीपीवी-एलएंडटी एजूटेक की साझेदारी से तैयार होंगे इंडस्ट्री-रेडी इंजीनियर्स नवाचारों के हब बनेंगे टियर-2 शहर, मजबूत होगा औद्योगिक ईकोसिस्टम एमपीएसईडीसी, आरजीपीवी और एलएंडटी एजूटेक के बीच हुआ एमओयू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के तकनीकी संस्थानों से तैयार होने वाले मानव संसाधन और उद्योगों के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल के बीच की खाई पाटने के लिये निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी), राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) और एलएंडटी एजूटेक के बीच एक एमओयू किया गया है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद अब तकनीकी कौशल और औद्योगिक प्रशिक्षण में नवाचार की दृष्टि से एलएंडटी द्वारा विकसित विशेष पाठ्यक्रम आरजीपीवी के माध्यम से प्रदेश के इंजीनियंरिंग संस्थानों में लाँच किये जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक-ईकोसिस्टम सशक्त बनेगा। साथ ही भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे टियर-2 शहर नवाचार के नए केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विगत वर्षों में प्रदेश के विश्वविद्यालयीन पाठ्यक्रमों को उद्योग की वास्तविक मांगों से जोड़कर इंड्स्ट्री-रेडी इंजीनियर तैयार करने की पहल की गई है। प्रदेश में प्रति वर्ष 50 हजार से अधिक इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी स्नातक नौकरी बाजार में आ रहे हैं। अकादमिक-औद्योगिक तालमेल को आवश्यक मानते हुए एलएंडटी एजूटेक द्वारा विशेष रूप से विकसित पायलट पाठ्यक्रम आरजीपीवी के माध्यम से लाँच किये गये हैं। इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत तकनीकी मानव संसाधनों को वास्तविक परियोजनाओं, वर्चुअल लैब और इंडस्ट्री-लीडरशिप एनेबल्ड सत्रों के माध्यम से सक्षम बनाया जा रहा है। आरजीपीवी के कुलगुरू प्रो. राजीव त्रिपाठी, एमपीएसईडीसी, निवेश संवर्धन प्रभारी अवंतिका वर्मा और एलएंडटी एजूटेक टीम लीड राजा पांचाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये है। एलएंडटी एजुटेक तकनीकी और शैक्षणिक सामग्री तथा ट्रेनर-सपोर्ट प्रदान करेगी, आरजीपीवी अकादमिक समन्वय एवं विद्यार्थी चयन में भूमिका निभाएगा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग वित्तीय व तकनीकी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगा। एलएंडटी एजूटेक आरजीपीवी में दो पायलट कोर्स आरम्भ करेगी जो पांचवें सेमेस्टर से पढ़ाये जाएंगे। इनमें ‘डेटा हैंडलिंग के लिए पायथन’ और फ्रंट-एंड यूआई/यूएक्स शामिल हैं। एलएंडटी एजूटेक के पायलट पाठ्यक्रम के प्रारम्भिक बैच में 100 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा। पाठ्यक्रम में 75 घंटे का संरचित कार्यक्रम शामिल होगा। विद्यार्थियों को ‘ऑनलाइन कंटेंट + लाइव एक्सपर्ट सेशंस + प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग + वर्चुअल लैब’ से प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले पात्र विद्यार्थियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। पाठ्यक्रम में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव बढ़ाया जायेगा। प्रारंभिक बैच में आरजीपीवी में चयनित विद्यार्थियों को शामिल किया जायेगा। फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप, इंडस्ट्री-इंटर्नशिप मॅचमेकिंग, एडवांस्ड स्पेशलाइजेशन मॉड्यूल और राज्यस्तरीय रोलआउट टाइमलाइन। एमपीएसईडीसी द्वारा नियमित प्रगति रिपोर्ट और परिणामों का विश्लेषण किया जाएगा ताकि नीतिगत स्तर पर उपयुक्त निर्णय लिए जा सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक पायलट पाठ्यक्रम है, परिणाम सकारात्मक आने पर इसे प्रदेश के दूसरे टेक्निकल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मूल्यांकन में परियोजना-आधारित आकलन, ऑनलाइन टेस्ट, प्रशिक्षक-आधारित फीडबैक और वर्चुअल लैब प्रोजेक्ट की प्रस्तुति शामिल की जायेगी। पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर एलएंडटी एजूटेक तथा आरजीपीवी के सम्मिलित मानदंडों के अनुरूप ई-सर्टिफिकेट जारी किए जाएँगे।    

इस अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग, ऐसे करें पितरों को प्रसन्न

साल 2025 में 21 सितंबर, रविवार का दिन विशेष महत्व रखता है. इस दिन बनने वाले अद्भुत संयोग से इसका महत्व और भी बढ़ गया है. साल 2025 में 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या और साल का आखिरी सूर्य ग्रहण एक साथ पड़ रहा है. यह एक दुर्लभ संयोग है. इस दिन को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दिन किए जाने वाले विशेष उपाय से जीवन में सुख-समृद्धि का वास हो सकता है, साथ ही पितरों का आशीर्वाद बना रहेगा. सर्वपितृ अमावस्या का महत्व श्राद्ध पक्ष का आखिरी दिन सर्वपितृ अमावस्या होता है. इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म से पितर प्रसन्न होकर परिवार पर कृपा बरसाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. दुर्लभ संयोग 21 सितंबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा. इसी दिन आश्विन माह की अमावस्या भी है. इस दिन उन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है. अतः इस दिन सभी पितरों के नाम से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण अवश्य करना चाहिए. 21 सितंबर को करें ये उपाय दान इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और ग्रहण के बाद पुण्य लाभ के लिए दान अवश्य करें. हिंदू धर्म में दान-पुण्य को अत्यंत महत्व दिया गया है. इस दिन गेहूं, चावल, वस्त्र, दूध और चीनी का दान करना शुभ माना जाता है. इससे पितरों के साथ-साथ भगवान सूर्य देव की कृपा भी प्राप्त होती है. पीपल के पेड़ की पूजा 21 सितंबर को पीपल के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि पीपल में पितरों का वास होता है. इस दिन पीपल की जड़ पर जल अर्पित करें और दीपक जलाएं. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए यह उपाय अत्यंत फलदायी माना जाता है. पंचबलि करें सर्वपितृ अमावस्या के दिन पंचबलि जरूर करना चाहिए. इस दिन पांच जीवों को भोजन करना चाहिए. ऐसा करना शुभ होता है और यह भोजन पितरों को लगता है. पंचबलि का अर्थ है कि पांच जीवों- गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी और मछली को भोजन करवाना.