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LPG सिलेंडर पर राहत मिल सकती है! 22 सितंबर से घट सकती हैं कीमतें, GST रेट जानें

नई दिल्ली 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया था, जिसमें नए GST Reform को मंजूरी दे दी गई. इस बैठक में 12  और 28 फीसदी GST स्‍लैब को हटाकर सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी को ही रखा गया. फूड आइटम्‍स से लेकर कपड़ा और कार- एसी, टीवी तक की चीजों पर जीएसटी रेट कट किया गया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी होंगे.  नए GST Reform से आम जरूरत की ज्‍यादातर चीजें 22 सितंबर से सस्‍ती हो रही हैं. खाने-पीने की चीज से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर जरूरी चीज 22 से सस्‍ती हो रही हैं. इसी बीच, लोग एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी सर्च कर रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्‍या LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या नहीं? तो आइए जानते हैं कि एलपीजी पर जीएसटी कितना लगेगा.  अभी कितना जीएसटी लगता है?  सरकार घरेलू सिलेंडर यानी रसोई गैस वाले सिलेंडर और कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर अलग-अलग जीएसटी रेट लगाती है. घरेलू स‍िलेंडर पर 5% जीएसटी वसूला जाता है तो वहीं कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर 18% GST लगता है. जीएसटी काउंसिल की तरफ से एलपीजी सिलेंडर पर GST रेट में बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि एलपीजी पर जीएसटी नहीं कम होगा.  कमर्शियल सिलेंडर पर क्‍यों 18% जीएसटी?  22 सितंबर से घरेलू और कमर्शियल यूज वाले LPG सिलेंडर के दाम अपरिवर्तित रहेंगे. इनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा. कमर्शियल एलपीजी पर 18% जीएसटी इसलिए लागू किया गया है, क्‍योंकि ये सिलेंडर व्‍यवसाय के लिए यूज किए जाते हैं, जैसे होटल ओर रेस्‍तरां में कमर्शियल सिलेंडर का यूज होता है.  ये प्रोडक्‍ट्स हो रहे सस्‍ते गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल मीटिंग में कई बड़े फैसले की मंजूदी दी गई थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद के फैसले ने 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव किया. काउंसिल ने डेली आवश्यक वस्तुओं (FMCG) और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों से लेकर शिक्षा सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि उपकरण, बीमा और ऑटोमोबाइल तक जैसी वस्‍तुओं पर GST रेट को घटा दिया.  सिर्फ तंबाकू जैसे सिन प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 40 फीसदी करने का ऐलान किया. इसमें इस बार कोल्‍ड ड्रिंग्‍स को भी रखा गया है. सुपर लग्‍जरी कारों पर भी जीएसटी रेट को 40 फीसदी कर दिया गया है. 

जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में मुठभेड़ जारी, चार जैश आतंकी घेरे में, एक जवान शहीद

उधमपुर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में शुक्रवार देर रात से ही सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. बताया जाता है कि दूदू बसंतगढ़ की पहाड़ियों पर जैश के 3 से 4 आतंकवादियों को संयुक्त बलों ने घेर लिया. जिसके बाद से लगातार गोलीबारी जारी है. इस गोलीबारी में एक जवान घायल हो गया था. जिसके बाद जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन बचाया नहीं जा सका. शुक्रवार रात 8 बजे से ही जारी है मुठभेड़ अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया. विशिष्ट सूचना के आधार पर, सेना, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और पुलिस ने सोजधार के ऊंचाई वाले इलाके से लगे दूदू पुलिस थाना क्षेत्र में एक अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप मुठभेड़ हुई. जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मुठभेड़ जारी है. एसओजी, पुलिस और भारतीय सेना की संयुक्त टीमें मौके पर मौजूद हैं. इससे पहले, व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर कहा था कि "किश्तवाड़ के सामान्य इलाके में एक खुफिया-आधारित अभियान में, व्हाइट नाइट कोर के सैनिकों ने रात लगभग 8 बजे आतंकवादियों से संपर्क स्थापित किया". एक साल में इस इलाके में हुई हैं कई मुठभेड़ पिछले एक साल में इस इलाके में कई मुठभेड़ें हुई हैं. बीते 26 जून को दूदू-बसंतगढ़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में आतंकवादी हैदर को मार गिराया था. हैदर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का एक शीर्ष कमांडर था, जो पिछले चार वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय था. इससे पहले 25 अप्रैल को बसंतगढ़ क्षेत्र में छिपे हुए आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया था.   

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से सजेगा नवभारत का भविष्य: टंक राम वर्मा

रायपुर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर एवं एनईपी इम्प्लीमेंटेशन सेल द्वारा किया गया।  राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा और रोजगार में सेतु का कार्य करेगी उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के भविष्य की दिशा और दशा तय करने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया। यह नीति 21वीं सदी के नवभारत की आधारशिला मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, सक्षम और श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। मंत्री  वर्मा ने कहा कि शिक्षा नीति के प्रथम चरण में हम प्रवेश कर चुके हैं और इसे सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। यह नीति केवल ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नैतिक, मानसिक, भावनात्मक और तकनीकी दृष्टि से भी सशक्त बनाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता, समानता, समावेशिता और सुलभता सुनिश्चित करना है। नीति के तहत पाठ्यक्रमों का पुनर्गठन, विषयों के बीच समन्वय, और शिक्षक प्रशिक्षण एवं शोध को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है। साथ ही उद्योग और शिक्षा की भागीदारी को प्रोत्साहित कर युवाओं को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।     मंत्री  वर्मा ने कहा कि सरकार ने प्राध्यापकों की कमी दूर करने के लिए 700 पदों की स्वीकृति दी है। डिजिटल संसाधन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और ई-लर्निंग सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य हो रहा है। मातृभाषा और स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भों को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विषयों की कठोर सीमाओं को समाप्त कर लचीलापन प्रदान करने के साथ ही विद्यार्थियों को सीखने की स्वतंत्रता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करना। आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक शिक्षा को प्रोत्साहन देगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो समयबद्ध योजना बनाकर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नीति के प्रावधानों को लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन का साधन है। इसका सफल क्रियान्वयन विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें सृजनशील, सामाजिक रूप से जागरूक और राष्ट्रभक्ति की भावना से परिपूर्ण बनाएगा। मंत्री  वर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जीवन को समझने और संवारने का साधन है। इस नई शिक्षा नीति के माध्यम से आने वाले समय में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और शिक्षा व्यवस्था अधिक समग्र तथा विद्यार्थी-केंद्रित होगी।  इस अवसर पर विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा की और शिक्षकों को नई शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका के बारे में मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को एनईपी के क्रियान्वयन की गहन जानकारी प्रदान करना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दृष्टि विकसित करना रहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषयों की दीवारों से मुक्त कर विज्ञान, वाणिज्य और कला जैसे क्षेत्रों को एक साथ पढ़ने की स्वतंत्रता देना है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा में भागीदारी दर को वर्तमान 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, तथा विभिन्न कॉलेजों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मध्य प्रदेश के 418 शहरों में होगा 2 लाख करोड़ का विकास, जनजीवन होगा बेहतर

भोपाल  एमपी में शहरों के विकास के लिए सड़कों पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। सड़कें अर्थव्यवस्था की धुरी बन चुकी हैं जोकि शहरों के सभी क्षेत्रों को एक क्रम में जोड़ती हैं। सड़क निर्माण और उनकी गुणवत्ता के लिए नगरीय निकायों के इंजीनियर पूरा प्रयत्न कर रहे हैं पर टेक्नोलॉजी में आ रहे नित ​नए बदलावों के साथ उन्हें अपनी कार्य प्रणाली में बदलाव की जरूरत है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विषय पर कार्यशाला आयोजित की। यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि शहरों की सड़कों से विकास को रफ्तार मिलती है। उन्होंने इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सड़कों की जरूरत जताई। कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 2 लाख करोड़ के विकास कार्य किए जाएंगे। भोपाल की आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में शुक्रवार को आईआईटी इंदौर, रूड़की, MORTH, CRRI & RODIC के विषय-विशेषज्ञों ने सड़क निर्माण के नए सिस्टम व सड़कों की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के कई तथ्य बताए। सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई कार्यशाला प्रदेश के 600 इंजीनियरों की क्षमतावर्धन भी की गई। सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विषय विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित किया। इनमें RODIC के आरएस महालहा और एचसी अरोरा ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, टेंडर प्रोसेस पर प्रस्तुतिकरण दिया। कंस्ट्रक्शन टेक्निक, क्वॉलिटी कंट्रोल, टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया, डिजिटल प्रोजेक्ट मेनेजमेंट, रीयल टाइम मॉनिटरिंग, नगर सड़कों की सुरक्षा, सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना की जानकारी दी। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। यहां की सड़कों पर यातायात का काफी दबाब है। इन सड़कों पर नगरीय क्षेत्र की अन्य अधोसंरचनाओं का भी प्रभाव पड़ता है इसलिये सड़कों की बेहतर गुणवत्ता जरूरी है।   एमपी पुलिस में निकली ‘7500 पदों’ पर सीधी भर्ती, जानें कब से शुरु होंगे आवेदन कार्यशाला में एक अहम तथ्य सामने आया। यहां बताया गया कि प्रदेश के सभी 418 शहरों में राज्य और केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं चल रहीं हैं। इन नगरीय निकायों की नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों में कायापलट कर दी जाएगी। इस दौरान सभी शहरों में कुल 2 लाख करोड़ रूपए के काम होंगे। केंद्र सरकार की अमृत, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, जलप्रदाय, सीवरेज, हरित क्षेत्र विकास और यूज्ड वाटर मेनेजमेंट आदि योजनाएं से प्रदेश के नगरीय निकायों को संवारा जा रहा है। कुल 418 नगरीय निकाय बता दें कि एमपी में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत कुल 418 नगरीय निकाय हैं। इनमें 5 छावनी परिषदें भी शामिल हैं। नगर निगम- 6 नगर पालिका- 99 न​गर परिषदें- 298 छावनी परिषदें- 5 योग- 418

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सौगात: कुनकुरी के छठघाट तालाब विकास हेतु 5.17 करोड़ मंजूर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की नई सौगातें मिल रही हैं। जिले की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री  साय अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य तथा शिक्षा क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग से विकास कार्यों को अंजाम देने में लगे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा कुनकुरी नगर पंचायत क्षेत्र में छठघाट तालाब के विकास कार्य हेतु 5 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।   इस राशि से तालाब का सौंदर्यीकरण, किनारों का सुदृढ़ीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे। कार्य पूर्ण होने के पश्चात छठघाट तालाब धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक भव्य स्वरूप प्राप्त करेगा तथा नगर की पहचान और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक जिले और नगर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर नगरीय अधोसंरचना तक हर क्षेत्र में सुनियोजित रूप से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठघाट तालाब का विकास कुनकुरी नगर की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करेगा और आने वाले समय में यह नगरवासियों के लिए गर्व का प्रतीक बनेगा। छठघाट तालाब विकास कार्य की स्वीकृति से क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल नगर की पहचान को निखारेगा, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को भी और अधिक गरिमामय बनाएगा।

अध्यक्ष हार्डिया ने छात्रवृत्ति बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने के दिए निर्देश

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा में पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी विधानसभा समिति की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता  महेन्द्र हार्डिया ने की। समिति के अध्यक्ष  हार्डिया ने कक्षा 6वीं से 8वीं तक की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर ₹100 प्रतिमाह करने और छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर ₹1500 करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। समिति सदस्य  मनोज चौधरी ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने छात्रावास योजना को जिला स्तर के साथ ब्लॉक एवं नगर पंचायत स्तर पर भी संचालित करने के लिये कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया। समिति सदस्य  संदीप जायसवाल ने विभिन्न विभाग में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने आउटसोर्स भर्ती में भी पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लागू करने की मांग रखी। बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी आवश्यक जानकारी दीं।  

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

रायपुर : एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय स्वागतयोग्य : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री  साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री  साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है। इस अवसर पर विधायक  किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित,  पूरन दास,  कौशलेश तिवारी,  हेमंत सिन्हा,  दिनेश चंद्र,  संतोष चंदेल,  प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है। मुख्यमंत्री  साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि दीपावली, धनतेरस, दीपोत्सव, देव-दीपावली एवं छठ पूजा आदि पर्वों के सुचारू आयोजन के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए दिशा-निर्देश

हर्ष उल्लास के साथ मने आगामी पर्व-त्योहार, लोगों की सुरक्षा, सुविधा का रखें पूरा ध्यान- मुख्यमंत्री – मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि दीपावली, धनतेरस, दीपोत्सव, देव-दीपावली एवं छठ पूजा आदि पर्वों के सुचारू आयोजन के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए दिशा-निर्देश – मिशन शक्ति 5.0 के सफल संचालन के लिए करें पूरी तैयारी, आमामी 21 सितंबर को हर जनपद में आयोजित की जाए महिला पुलिककार्मिकों की बाइक रैली – मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं के चिन्हित कर उन्हें प्रदेश व जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए – उपद्रवियों/अराजक तत्वों, शोहदों को उन्हीं की भाषा में मिले जवाब: मुख्यमंत्री – मुख्यमंत्री का निर्देश, पर्व- त्योहारों का समय संवेदनशील, अलर्ट रहे अधिकारीगण – माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ कठोरता से निपटेगी पुलिस – सोशल मीडिया पर चौकसी बढ़ाएगी पुलिस, हर जिले में होगी निगरानी, फेक न्यूज़ फैलाई तो कार्रवाई तय – अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचें: मुख्यमंत्री – अपराधी के मन में हो भय, आदमी के मन में हो पुलिस के प्रति विश्वास- मुख्यमंत्री – आईजीआरएस, सम्पूर्ण समाधान दिवस और सीएम हेल्पलाइन में मिलने वाली शिकायतों/समस्याओं का सही-संतुष्टिपरक समाधान होः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आगामी पर्व और त्योहारों को लोग हर्ष उल्लास के साथ मनाएं आगामी पर्व-त्योहार, लोगों की सुरक्षा, सुविधा का रखें पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री जी ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों के सुचारु आयोजन, स्वच्छता, बेहतर कानून व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (ज़ोन), समस्त पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, आदि वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव गणों से त्योहारों के दृष्टिगत उनकी विभागीय तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। मिशन शक्ति 5.0 के लिए मुख्यमंत्री जी ने दिए दिशा-निर्दश मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति कार्यक्रम नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को व्यक्त करता है। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन आगामी 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत होगी। चरणबद्ध रूप से यह अभियान एक माह तक चलेगा। इसके लिए सभी संबंधित विभाग तैयारियां सुनिश्चित करें। लोगों को जागरूक करने के लिए 21 सितंबर को सायंकाल को महिला पुलिसकार्मिकों द्वारा हर जनपद में एक बाइक रैली निकाली जाए। 22 सितंबर से सार्वजनिक स्थलों, बालिका विद्यालयों इत्यादि जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड द्वारा शोहदों को चिन्हित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिला बीट अधिकारी ग्राम पंचायतों में लोगों को महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूक करें तथा शासन की योजनाओं की जानकारी भी दें। पिंक बूथ सक्रिय रहें। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं के चिन्हित कर उन्हें प्रदेश व जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए। प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी हर कॉमन मैन को सुरक्षा देने की है। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सतत संवाद और सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग का ही परिणाम है कि हाल के वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व-त्योहार शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो रहे हैं। बीते पर्व-त्योहार पर प्रदेश में सुखद माहौल रहा। इसी तरह आगामी पर्व त्योहारों- पितृ विसर्जन, शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, गांधी जयंती, लाला बहादुर शास्त्री जयंती, अग्रेसन जयंती, महर्षि वाल्मीकि जयंती, दीपोत्सव, दीपावली और काशी की देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे विशेष त्योहारों में बेहतर टीमवर्क और जनसहयोग का यह क्रम सतत जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। पिछले अनुभवों से सीख लें। पर्व- त्योहारों के इस समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24×7 अलर्ट रहना होगा। सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। पिछले एक माह की गतिविधियों की समीक्षा करें और चिन्हित उपद्रवियों/अराजक तत्वों को पाबंद करें। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। प्रदेश में किसी भी प्रकार का उपद्रव स्वीकार नहीं किया जा सकता। अराजक तत्वों/उपद्रवियों को उनकी भाषा में ही जवाब दिया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण सोशल मीडिया पर चौकसी बढाएं। फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वाली अफवाह/फेक न्यूज़ प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल व डिजिटल मीडिया के माध्यम से घटनाओं के सही तथ्य समय पर लोगों के सामने लाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें। हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें। छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है। त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। पर्व एवं त्योहारों के दौरान पूरे प्रदेश में स्वच्छ्ता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये जायें। लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत की आपूर्ति रोस्टर के अनुरूप निर्बाध रूप से हो। विभिन्न विभागों से संबंधित संड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण निश्चित समय सीमा के अंदर पूरी कर ली जाए। जिससे त्योहारों में लोगों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए। चिकित्सालयों में दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में रहे तथा स्नेक वेनम व रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। अतिवृष्टि के कारण बाढ़ से प्रभावित जनपदों में राहत किट व सूखा खाद्य पदार्थ हर जरूरतमंद को प्राप्त हो। जनहानि पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के अंदर मुआवजा दिया जाए। निचले इलाकों में बाढ़ … Read more

रायपुर में जीएसटी चोरी का बड़ा खुलासा, 170 फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी

जाँच में 1.64 करोड़ रूपये नकद और 400 ग्राम सोना जब्त रायपुर मो. फरहान सोरठियाराज्य जीएसटी विभाग ने जीएसटी एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस नेटवर्क तथा जीएसटी प्राईम पोर्टल का उपयोग करके बोगस फर्म और बोगस बिल तैयार करने वाले सिंडिकेट का पता लगाया है। इसका मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया है, जो जीएसटी के कर सलाहकार के रूप में कार्य करता था। इस सिंडिकेट के कारण राज्य को प्रतिमाह करोड़ों रूपये के कर राजस्व का नुकसान होता था। राज्य जीएसटी की बी.आई.यू. टीम इस प्रकरण पर एक माह से कार्य कर रही थी। मास्टर माइंड मो. फरहान सोरठिया के ऑफिस में 12 सितंबर को जांच की गयी। जांच के दौरान यहां से 172 फर्मों के बारे में जानकारियां मिली। फरहान ने अपने 5 ऑफिस स्टॉफ को फर्मों का पंजीयन कराने, रिटर्न फाईल करने और ई-वे बिल तैयार करने के लिये रखा था। इसके अलावा मास्टर माइंड के आफिस से बोगस पंजीयन के लिये किरायानामा, सहमति पत्र, एफिडेविट तैयार करने के भी साक्ष्य मिले हैं। 26 बोगस फर्मों से ही 822 करोड़ का ई-वे बिल जनरेट किया गया, जबकि रिटर्न में 106 करोड रूपये का ही टर्नओव्हर दिखाया गया है। केवल इन फर्मों से ही राज्य को 100 करोड़ रूपये के जीएसटी का नुकसान होने का प्रारंभिक आंकलन है। यहां से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य के भीतर और पंजाब, असम, मणिपुर, ओडिसा में भी पंजीयन लिया गया है। पंजीयन के लिए बोगस दस्तावेज जैसे किरायानामा एवं सहमति पत्र भी तैयार किये जाते थे। इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जारी किए जा रहे थे। मो. फरहान के बोगस फर्मों से संबंधित दस्तावेज छुपाये जाने की सूचना पर विभाग ने 17 सितंबर को फरहान के चाचा मो. अब्दुल लतीफ सोरठिया के आवास में सर्च (जांच) किया गया। वहां अधिकारियों को 1 करोड़ 64 लाख रूपये के नोट और 400 ग्राम सोने के 4 बिस्किट मिले। विभाग के अधिकारियों ने इसे जब्त कर के आयकर विभाग को सूचना दे दी है। जीएसटी अधिकारियों द्वारा इन फर्मों से करोड़ों रूपए के जीएसटी फ्रॉड की राशि की गणना की जा रही है। इस प्रकरण में कई ब्रोकर, स्क्रैप डीलर और इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ लेने वाली कम्पनियाँ भी विभाग के जांच के दायरे में है। राज्य कर विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्यवाही प्रगति पर है।