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उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर बैन, FIR और गिरफ्तारी मेमो से भी बाहर

लखनऊ  यूपी सरकार ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही सार्वजनिक जगहों, पुलिस FIR, अरेस्ट मेमो और सरकारी डॉक्यूमेंट्स में भी किसी की कास्ट नहीं लिखी जाएगी. इस संबंध में मुख्य सचिव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले के अनुपालन में निर्देश जारी किए हैं. मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, अब पुलिस रिकॉर्ड्स जैसे कि एफआईआर और गिरफ्तारी मेमो में किसी भी व्यक्ति की जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही सरकारी और कानूनी दस्तावेजों में भी जाति से संबंधित कॉलम को हटा दिया जाएगा. ये कदम सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करेगा. हालांकि, इस फैसले से कुछ मामलों में छूट रहेगी, जहां जाति एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू है. जाति आधारित रैलियां और कार्यक्रम पर रोक निर्देशों के मुताबिक, जाति आधारित रैलियां या कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी और सोशल मीडिया, इंटरनेट पर जाति का महिमामंडन या नफरत फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ ने 19 सितंबर 2025 को एक शराब तस्करी मामले (प्रवीण छेत्री बनाम राज्य) में सुनवाई के दौरान ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता प्रवीण छेत्री ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान एफआईआर और जब्ती मेमो में अपनी जाति (भील) का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई थी. कोर्ट ने इसे संवैधानिक नैतिकता के विरुद्ध बताते हुए कहा कि जाति का महिमामंडन 'एंटी-नेशनल'(राष्ट्र-विरोधी) है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से पुलिस दस्तावेजीकरण प्रक्रियाओं में बदलाव करने का आदेश दिया था. जिनमें अभियुक्तों, मुखबिरों और गवाहों की जाति से संबंधित सभी कॉलम और प्रविष्टियां हटाने का स्पष्ट निर्देश शामिल है. 'जाति आधारित पहचान की जरूरत नहीं' कोर्ट ने डीजीपी के हलफनामे में दिए गए तर्कों (जैसे पहचान के लिए जाति आवश्यक) को खारिज करते हुए कहा कि फिंगरप्रिंट, आधार, मोबाइल नंबर और माता-पिता के विवरण जैसे आधुनिक साधनों से जाति आधारित पहचान की कोई जरूरत नहीं है. मुख्य सचिव के निर्देश अदालत के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव द्वारा 21 सितंबर 2025 को आदेशों में 10 बिंदु शामिल किए गए हैं जो जातिगत भेदभाव को जड़ से खत्म करने पर फोकस करते हैं.     पुलिस रिकॉर्ड्स और FIR में बदलाव: एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो, चार्जशीट आदि दस्तावेजों से जाति का उल्लेख पूरी तरह हटाया जाएगा. आरोपी की पहचान के लिए अब पिता के साथ-साथ माता का नाम भी जरूरी रूप से लिखा जाएगा.     NCRB और CCTNS सिस्टम: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) में जाति भरने वाले कॉलम को खाली छोड़ा जाए. पुलिस विभाग एनसीआरबी को पत्र लिखकर इस कॉलम को डिलीट करने की अपील करेगा.     सार्वजनिक स्थलों से जातीय संकेत हटाना: थानों के नोटिस बोर्ड, वाहनों, साइनबोर्ड्स और अन्य सार्वजनिक स्थलों से जाति आधारित संकेत, नारे या प्रतीक हटाए जाएंगे. केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर वाहनों पर जाति-आधारित नारों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया जाएगा.     जाति आधारित रैलियों और सोशल मीडिया पर सख्ती: जाति आधारित रैलियों या कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा. सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर जाति का महिमामंडन या घृणा फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ आईटी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.     विशेष छूट: एससी/एसटी एक्ट जैसे मामलों में जहां जाति का उल्लेख कानूनी रूप से आवश्यक हो, वहां छूट रहेगी.  

माता की सवारी से जुड़ी शुभ-अशुभ संकेत: नवरात्रि में क्या देखें और कब?

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज 22 सितंबर से हो रही है 2 अक्टूबर को नवरात्रि का समापन होगा. नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति और आस्था का सबसे प्रमुख त्योहार है. नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है. इस महापर्व का एक विशेष रहस्य यह भी है कि हर वर्ष मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आती हैं और किस पर विदा लेती हैं. यह परंपरा केवल धार्मिक विश्वास नहीं, बल्कि ज्योतिषीय गणना और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है.  रविवार और सोमवार को हो आगमन तो मां दुर्गा की सवारी का निर्धारण नवरात्रि आरंभ होने वाले दिन के आधार पर किया जाता है. अगर नवरात्रि का आरंभ सोमवार या रविवार को होता है, तो माता हाथी पर सवार होकर आती हैं. हाथी पर आगमन को बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि यह समृद्धि, उन्नति और अच्छी वर्षा का संकेत देता है. शनिवार और मंगलवार को हो आगमन तो अगर नवरात्रि की शुरुआत शनिवार या मंगलवार को होती है, तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं. घोड़े पर आगमन को अशांत परिस्थितियों, युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता या प्राकृतिक आपदाओं का सूचक माना जाता है. गुरुवार और शुक्रवार को आगमन गुरुवार और शुक्रवार को नवरात्रि शुरू होने पर माता पालकी पर आती हैं, जो घर-घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि का संकेत देता है. बुधवार को हो आगमन तो बुधवार को नवरात्रि का आरंभ होने पर मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आती हैं. नाव पर आगमन अत्यंत शुभ माना गया है क्योंकि यह भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सकारात्मक परिणामों का संकेत देता है. माता का आगमन ही नहीं प्रस्थान का भी महत्व केवल आगमन ही नहीं, बल्कि माता के प्रस्थान की सवारी का भी विशेष महत्व है. विजयादशमी के दिन माता जिस दिन विदा लेती हैं, उसी दिन के आधार पर उनकी वापसी का वाहन निर्धारित होता है. माता के प्रस्थान का मतलब रविवार और सोमवार को माता का प्रस्थान भैंसे पर माना जाता है, जो दुख और रोग की वृद्धि का संकेत देता है. मंगलवार और शनिवार को मुर्गे पर विदाई मानी जाती है, जो अस्थिरता का प्रतीक है. बुधवार और शुक्रवार को हाथी पर वापसी को अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह भरपूर समृद्धि और खुशहाली लाता है. गुरुवार को अगर माता का प्रस्थान होता है, तो यह नर वाहन अर्थात पालकी पर होता है, जिसे संतुलित और मध्यम परिणाम देने वाला माना जाता है. शारदीय नवरात्रि 2025 हाथी पर माता का आगमन वर्ष 2025 में पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर दिन सोमवार से आरंभ हो रही है. इसका अर्थ है कि मां दुर्गा इस बार हाथी पर सवार होकर आ रही हैं. यह संकेत है कि आने वाले वर्ष में भरपूर वर्षा, उर्वरता और समृद्धि का वातावरण रहेगा. यह मान्यता केवल लोक आस्था नहीं, बल्कि प्रकृति और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के परिवर्तन का द्योतक है. पौराणिक दृष्टि से देखा जाए तो मां दुर्गा का मुख्य वाहन शेर है, जो शक्ति, पराक्रम और साहस का प्रतीक है. लेकिन नवरात्रि के नौ दिनों में बदलती हुई सवारियां ब्रह्मांडीय चक्र और प्रकृति के विविध रूपों को दर्शाती हैं. यही कारण है कि भक्त माता की हर सवारी को शुभ संकेत और भविष्य का दर्पण मानते हैं.

दीवाली धमाका: सूरजकुंड मेले की एंट्री फीस बढ़ी, जानिए नया रेट

सूरजकुंड  फरीदाबाद के सूरजकुंड में इस बार फिर दीवाली मेले का आयोजन होने जा रहा है। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से यह मेला 2 से 7 अक्तूबर तक लगाया जाएगा। हालांकि इस बार मेले की एंट्री टिकट की कीमत में भारी इजाफा किया गया है। साल 2023 में जहां टिकट मात्र 30 रुपये थी, वहीं इस बार एंट्री टिकट का रेट 100 रुपये रखा गया है। पिछले साल नहीं दिखा उत्साह गौरतलब है कि 2023 में जब दीवाली मेला लगाया गया था, तब भी लोगों का उत्साह कुछ खास नहीं देखा गया था। कम टिकट दर होने के बावजूद भीड़ कम रही, जिसके कारण पिछले साल मेला आयोजित नहीं किया गया। अब इस बार टिकट की कीमत बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या लोग फिर भी मेले में पहुँचते हैं या नहीं।   पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए 100 रुपये की टिकट दर थोड़ा बोझ बन सकती है, खासकर तब जब लोग परिवार सहित मेले में आते हैं। टिकट दर में हुई वृद्धि से मेले में आने वाले लोगों की संख्या पर असर पड़ सकता है। मेला रहेगा रंग-बिरंगा मेले में इस बार करीब 500 कमर्शियल स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें दीवाली से संबंधित सजावटी सामान, खिलौने, बर्तन, आभूषण आदि की बिक्री होगी। इसके अलावा, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का खास आकर्षण रहेंगे। स्टॉल और एंट्री टिकट की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। इच्छुक लोग हरियाणा टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट haryanatourism.gov.in पर जाकर टिकट और स्टॉल की बुकिंग कर सकते हैं। बजट नहीं मिलने से बढ़े दाम हरियाणा पर्यटन निगम के एजीएम हरविंदर यादव ने जानकारी दी कि 2023 में सरकार से बजट मिलने के कारण टिकट दर कम रखी गई थी। लेकिन इस बार सरकार की ओर से कोई फंड नहीं मिला है, इसलिए मेला अपनी आय खुद जनरेट करेगा। इसी कारण एंट्री टिकट के दाम बढ़ाए गए हैं।  

घुटनों पर पाकिस्तान! 6 विकेट से भारत की धमाकेदार जीत

दुबई  एशिया कप 2025 के सुपर-4 की जंग में भी टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 6 विकेट से पटखनी दी. ग्रुप मुकाबले में भारत ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी.यानी एशिया कप में लगातार दूसरी बार टीम इंडिया ने पाक को पटखनी दी. पाकिस्तान की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए भारत के सामने 172 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने 19वें ओवर में ही जीत हासिल कर ली. अभिषेक शर्मा ने 39 गेंद में 74 रनों की तूफानी पारी खेली. गिल फिफ्टी से चूक गए. वह 47 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हुई. इस मैच में जब पाकिस्तान की टीम बल्लेबाजी कर रही थी तो भारत की खराब फील्डिंग देखने को मिली और 4 आसान कैच भारतीय फील्डर्स ने टपकाए. बुमराह ने 4 ओवर में 45 रन लुटाए. इस मुकाबले के लिए बुमराह और वरुण चक्रवर्ती की वापसी हुई थी. अर्शदीप और हर्षित राणा बाहर हुए हैं. पाक टीम में भी दो बदलाव हुए थे. ऐसे रही भारत की बैटिंग 172 रनों के जवाब में गिल और अभिषेक शर्मा बतौर सलामी बल्लेबाज उतरे. अभिषेक ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा. पहले ओवर में शाहीन ने 9 रन दिए. लेकिन इसके बाद भारतीय ओपनर्स ने पाकिस्तानी गेंदबाजों को आड़े हाथों लिया. दोनों ओर से छक्के-चौकों की बरसात हुई. 5 ओवर में भारत का स्कोर 55-0 था. 9वें ओवर में ही भारत का शतक पूरा हो गया. अभिषेक ने महज 24 गेंदों पर फिफ्टी लगाई. लेकिन 10वें ओवर में टीम इंडिया को पहला झटका लगा जब गिल 47 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन कप्तान सूर्या अपना खाता नहीं खोल सके और 11वें ओवर में आउट हो गए. 13वें ओवर में भारत को तीसरा झटका लगा जब अभिषेक 74 रन बनाकर आउट हुए. अभिषेक ने अपनी पारी में 5 छक्के और 6 चौके लगाए. इसके बाद तिलक-सैमसन ने पारी को संभालने की कोशिश की. लेकिन 17वें ओवर में भारत को चौथा झटका लगा, जब सैमसन 13 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन इसके बाद तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या ने 19वें ओवर में भारत को जीत दिला दी. एशिया कप में ये भारत की लगातार चौथी जीत है और पाकिस्तान के खिलाफ दूसरी जीत है. ऐसे रही पाकिस्तान की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी पाकिस्तान के लिए पारी का आगाज फखर जमां और फरहान ने किया. पहले ही ओवर में अभिषेक शर्मा ने फरहान का आसान कैच छोड़ दिया. पहले ओवर में पाकिस्तान ने 6 रन बनाए. लेकिन हार्दिक जब अपने खाते का दूसरा और मैच का तीसरा ओवर लेकर आए तो उन्होंने फखर जमां को आउट कर दिया. फखर 15 रन बनाकर आउट हो गए. संजू ने शानदार कैच लपका. फखर के आउट होने के बाद सैम अयूब बल्लेबाजी के लिए आए. दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की पार्टनरशिप हुई. इस दौरान फरहान ने 34 बॉल पर अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. शिवम दुबे ने सैम अयूब को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. अयूब ने 21 रन बनाए. फिर कुलदीप यादव ने हुसैन तलत को 10 रनों के निजी स्कोर पर चलता किया. इसके बाद 15वें ओवर में शिवम दुबे ने फरहान का विकेट चटकाया. फरहान 58 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद सलमान आगा और नवाज के बीच 33 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 19वें ओवर में नवाज रन आउट हो गए. पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 171 रन बनाए.

शेयर बाजार में रौनक लौटाई GST ने, ट्रंप की वीज़ा धमकी बेअसर

मुंबई  शेयर बाजार पर देश में लागू हुए जीएसटी रिफॉर्म्स को जोरदार असर देखने को मिला है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H1B वीजा बम पर टैक्स छूट भारी पड़ती नजर आई है. दरअसल, एच1वीजा फीस हाइक के ट्रंप के ऐलान के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट लेकर खुले. लेकिन कुछ ही मिनटों के बाद दोनों इंडेक्स जोरदार रिकवरी मोड में आ गए और शुरुआती गिरावट धीमी पड़ गई. जहां आईटी शेयर टूटे दिखाई दिए, तो वहीं अडानी पोर्ट्स-अडानी पावर से लेकर कोचीन शिपयार्ड तक के शेयरों में तेजी दर्ज की गई.  पहले तेज गिरावट, फिर संभले इंडेक्स  शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 82,626.23 की तुलना में बुरी तरह फिसलकर 82,151.07 के लेवल पर ओपन हुआ. इस बीच ट्रंप के H1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के चलते खासतौर पर आईटी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. लेकिन ये तेज गिरावट कुछ ही मिनटों के कारोबार में धीमी पड़ गई और बीएसई का इंडेक्स तगड़ी रिकवरी के मूड में नजर आया. खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार में ये मामूली गिरावट के साथ 82,557.88 पर कारोबार कर रहा था.  बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसमें भी सेंसेक्स की तरह ही पहले गिरावट और रिकवरी देखने को मिली. अपने पिछले बंद 25,327.05 की तुलना में ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 25,238.10 पर ओपन हुआ और फिर रिकवरी करते हुए 25,331.70 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया.  बाजार खुलते ही फिसले थे 2355 स्टॉक बाजार की खराब शुरुआत के दौरान शेयर मार्केट में लिस्टेड करीब 2,355 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले कारोबारी बंद के मुकाबले तेज या मामूली गिरावट लेकर ओपनिंग की थी, जबकि 948 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए थे. वहीं 155 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिखा और इनकी फ्लैट ओपनिंग हुई.  निफ्टी पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स जहां सबसे ज्यादा भागते हुए नजर आए, तो वहीं टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स, डॉ रेड्डीज लैब्स जैसे बड़े स्टॉक्स ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की.  ट्रंप के ऐलान का IT शेयर पर असर  अब बताते हैं डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H1B Visa Fee Hike से प्रभावित हुए शेयरों के बारे में, तो इसका सबसे ज्यादा असर आईटी शेयरों पर पड़ा. सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में लार्जकैप में शामिल टेक महिंद्रा शेयर (3.74%), टीसीएस शेयर (2.20%), इंफोसिस (2.10%), एचसीएल शेयर (1.70%) की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल हेक्सवेयर टेक शेयर (5.60%), एम्फेसिस शेयर (4%), टाटा टेक शेयर (2.10%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे.  अडानी पावर समेत ये 10 शेयर उछले बात करें, सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों के बारे में, तो सबसे तूफानी रफ्तार से गौतम अडानी के नेतृत्व वाली अडानी पावर का शेयर भागा और 18 फीसदी से ज्यादा की तेजी लेकर 167.55 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा अन्य बढ़त वाले स्टॉक्स में स्मॉलकैप कैटेगरी के स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (15%), आईआईएल (9%), बीसीएल इंडिया शेयर (7.56%), एमएमटीसी शेयर (7.50%) और नेट वेब शेयर (6%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. मिडकैप में पीईएल शेयर (5%), मुथूट फाइनेंस शेयर (3%), कोचीन शिपयार्ड शेयर (2.70%) और यस बैंक शेयर (2.10%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. 

नए साल से पहले रेलवे अलर्ट: मध्यप्रदेश की 5 ट्रेनें रद्द, 18 की होगी रूट बदल, जानें पूरी लिस्ट

ग्वालियर पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को लेकर सैर-सपाटे की योजना बनाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। वीरंगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर वाशेबल एप्रन हटाकर गिट्टी रहित पटरी बिछाने का काम होने के कारण डेढ़ माह तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 25 नवंबर से आठ जनवरी के बीच ग्वालियर होकर चलने वाली पांच जोड़ों ट्रेनों को रेलवे ने रद्द (Cancelled Train in MP) किया है, जबकि कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से संचालित किया जाएगा। कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव इसमें कई ट्रेनें ग्वालियर स्टेशन से ही झांसी के बजाय शिवपुरी-गुना होते हुए बीना तक संचालित की जाएंगी, वहीं झांसी होकर कानपुर के बीच चलने वाली कई ट्रेनों को इटावा-भिंड होकर ग्वालियर लाया जाएगा। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के शुरूआत और समाप्ति स्टेशन में बदलाव भी किया गया है।   ये ट्रेनें रहेंगी रद्द – ट्रेन क्रमांक 11901-11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 नवंबर से लेकर नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 11903-11904 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा एक्सप्रेस 25 नवंबर से नौ जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 05073-05074 बेंगलुरु सिटी-लालकुआं साप्ताहिक ट्रेन को 29 नवंबर से छह जनवरी तक रद्द किया गया है। – ट्रेन क्रमांक 07363-07364 योगनगरी ऋषिकेश-हुबली साप्ताहिक ट्रेन 27 नवंबबर से पांच जनवरी तक रद्द रहेगी। – ट्रेन क्रमांक 06597-06598 योगनगरी ऋषिकेश-यशवंतपुर को 27 नवंबर से एक जनवरी तक रद्द किया गया है। परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें – ट्रेन क्रमांक 22456 कालका-साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को 27 नवंबर से चार जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना होकर चलाया जाएगा। – ट्रेन क्रमांक 16318 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी एक्सप्रेस 24 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 20494 चंडीगढ़-मदुरै एक्सप्रेस 28 नवंबर से पांच जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16032 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई सेंट्रल 25 नवंबर से छह जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 16788 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस 27 नवंबर से एक जनवरी तक मथुरा-बयाना-सागरिया-रूठियाई-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – इसी प्रकार ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर से सात जनवरी तक तक अपने बदले हुए मार्ग ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12162 आगरा कैंट-एलटीटी लश्कर एक्सप्रेस 29 नवंबर से तीन जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22706 जम्मूतवी-तिरुपति 28 नवंबर से दो जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 12752 जम्मूतवी-नांदेड़ 30 नवंबर से चार जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 22408 हजरत निजामुद्दीन-अंबिकापुर एक्सप्रेस 25 नवंबर से छह जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 11078 जम्मूतवी-पुणे झेलम एक्सप्रेस 24 नवंबर से सात जनवरी तक ग्वालियर-गुना-बीना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक दिसंबर से पांच जनवरी तक बदले हुए मार्ग कानपुर से इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी। – ट्रेन क्रमांक 09465 अहमदाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस 28 नवंबर से दो जनवरी तक कानपुर-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलेगी।

एक क्लिक में पाएं PAN कार्ड की डुप्लीकेट कॉपी, देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

नई दिल्ली कोई भी जरूरी डॉक्यूमेंट अगर खो जाए, तो उसे फिर से बनवाने में बहुत परेशानी होती है। हालांकि Pan Card के साथ ऐसा नहीं है। अगर आपका Pan Card भी खो गया है या घर में कहीं इधर-उधर हो जाने की वजह से ऐन मौके पर मिल नहीं रहा है, तो आप घर बैठे एक क्लिक में अपना पैन कार्ड बनवा सकते हैं। इसका प्रोसेस बेहद सिंपल है और आज हम आपको इसी के बारे में डिटेल में बताने वाले हैं कि आखिर आप किस तरह से अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड बनवा सकते हैं। कैसे मिलेगा डुप्लीकेट Pan Card? अगर आप किसी भी वजह से तुरंत अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड पाना चाहते हैं, तो बता दें कि इसके तीन तरीके हैं। तीनों के बारे में डिटेल में समझने से पहले बता दें कि इन तरीकों को फॉलो करके आप अपने पैन कार्ड की सॉफ्ट कॉपी मिल जाएगी और यह किसी भी सरकारी काम में इस्तेमाल करने के लिए वैलिड होगी। सॉफ्ट कॉपी होने की वजह से आपको इसे पाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और अगर Pan Card से जुड़ा आपका कोई काम अटका हुआ है, तो आप उसे तुरंत पूरा करवा पाएंगे। अगर NSDL के जरिए बना है Pan Card अगर आपका पैन कार्ड NSDL के जरिए बना है, तो आपको Google पर NSDL Pan Card Download सर्च करना होगा। पहले लिंक पर क्लिक करने के बाद पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए दिए सिस्टम में Pan को चुन लें। इसका मतलब है कि आप पैन नंबर उपलब्ध करवा कर अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड डाउनलोड करना चाहते हैं। इसके बाद आपको अपना पैन नंबर, आधार नंबर दी गई जगहों में भरना होगा। आपके पैन के साथ लिंक्स फोन नंहर और मेल आईडी आपको अगले स्टेप में दिखाई देंगे। जिस पर भी आप ओटीपी पाना चाहते हैं, उसे चुन कर ओटीपी का अनुरोध कर दें। ओटीपी डालने के बाद आपको 8.26 रुपये भरने होंगे। इसके बाद आपका पैन कार्ड आप आसानी से डाउनलोड कर पाएंगे। अगर UTI के जरिए बना है Pan Card अगर आपका पैन कार्ड UTI के जरिए बना है, तो गूगल पर UTI PAN DOWNLOAD सर्च करके पहले लिंक पर चले जाएं। इसके बाद का प्रोसेस काफी हद तक ऊपर बताए प्रोसेस जैसा ही है। पहले लिंक पर जाने के बाद आपको Download e-Pan पर टैप करना होगा। इसके बाद अपना पैन नंबर आधार नंबर और ओटीपी की डिटेल्स भरकर आप अपना ई-पैन कार्ड पा सकेंगे। अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से बना है Pan Card अगर आपका पैन कार्ड इनकम टैक्स की वेबसाइट से बना है, तो इनकम टैक्स की साइट पर जाकर Instant E Pan पर टैप करें। वहां अपने पैन और आधार नंबर की डिटेल्स देकर आप आसानी से अपना पैन कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह आपको अपने पैन कार्ड की सॉफ्ट कॉपी आसानी से मिल जाएगी लेकिन अगर आप पीवीसी पैन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो इस लिंक पर जाकर पूरा प्रोसेस समझ सकते हैं।  

सफलता का राज़: इन लोगों से दूरी बनाना है ज़रूरी

सफल होने के लिए महान लोगों की बातों को जरूर मानना चाहिए। ये ना केवल आपको सफलता दिलाती है बल्कि लाइफ में मिलने वाले बड़े धोखे से भी बचाने में मदद करती है। चाणक्य एक महान कूटनीतिज्ञ थे और उन्होंने अपने राजा को शत्रुओं और छल करने वाले लोगों से बचाने के लिए कई तरह की नीति की बातें बताई थी। उनमे से कुछ बाते हर इंसान के जीवन में लागू होती है। 1) चाणक्य ने कहा कि भाग्य भी उन्हीं लोगों का साथ देता है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहते हैं। 2) ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए जो आपसे बात करते हुए इधर-उधर देखता हो। इसका मतलब है कि वो किसी से छुपकर आपसे मिल रहा है। 3) शरीर में आए रोग, शत्रु और किसी ऋण को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए। जितना जल्दी हो सके इसको खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। 4) मूर्ख लोगों से कभी भी वाद-विवाद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ये आपके समय और दिमाग को नष्ट करते हैं। 5) किसी इंसान के ऊंचा और महान बनने के लिए केवल उसके कर्म और गुण ही जिम्मेदार हो सकते हैं। 6) अगर आप किसी दूसरे शहर गए हैं और वहां आपकी जीविका का साधन नहीं है तो ऐसे जगह पर एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 7) जिस जगह पर आपकी इज्जत ना होती हो वहां एक पल भी नहीं रुकना चाहिए। 8) यहीं नहीं जगह कोई भी हो कुछ मित्र जरूर पास होने चाहिए। अगर ऐसी जगह जहां आपके मित्र ना हो वहां भी नहीं ठहरना चाहिए। 9)जिन जगहों पर ज्ञान की बातें ना होती हों, ऐसी जगह पर बिना समय गंवाएं हट जाना चाहिए।  

अब फिजिकल आधार कार्ड की ज़रूरत नहीं, ऐप से ही बनेगा काम

नई दिल्ली भारत सरकार जल्द ही आधार कार्ड को अपडेट करने की सुविधा को आसान बनाने वाली है। सरकार की ओर से एक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च होने वाला है, जिसके जरिए लोग अपने आधार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे- नाम, एड्रेस और जन्मतिथि को आसानी से अपडेट कर सकेंगे। यह ऐप यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UAIDI) बना रहा है। इसका उद्देश्य है लोगों के आधार अपडेट के काम को आसान करना, आकी उन्हें बार-बार आधार सेवा केंद्रों पर जाने की जरूरत न पड़े। आधार केंद्रों पर पहले स्लॉट बुक कराना होता है और फिर लंबी कतार में लगना पड़ता है। लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह ऐप जल्द ही लॉन्च होने वाला है और इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान होगा। इसका नाम फिलहाल e-Aadhaar App बताया जा रहा है। फिजिकल कार्ड न होने पर भी इससे आपका काम आसान हो सकता है। क्या-क्या अपडेट कर पाएंगे यूजर्स? इस नए आधार ऐप के जरिए यूजर्स अपने स्मार्टफोन से ही अपनी निजी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। इसमें नाम, जन्मतिथि, पता और फोन नंबर जैसी जानकारियां शामिल हैं। पहले इसके लिए आधार सेवा केंद्रों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह काम घर बैठे हो सकेगा। सरकार का कहना है कि यह ऐप इस साल के अंत तक लॉन्च हो सकता है। यह ऐप एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं देगा, जिससे समय की बचत होगी। आप प्रोसेस को ट्रैक भी कर पाएंगे। AI और फेस आईडी तकनीक का इस्तेमाल भी हुआ इस ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस आईडी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आधार से जुड़ी सेवाएं न केवल सुरक्षित होंगी, बल्कि तेज और आसान भी होंगी। फेस आईडी के जरिए यूजर्स की पहचान को और सिक्योर किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी की आशंका कम होगी। इस ऐप के आने बाद आपको केवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, जैसे फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग के लिए ही आधार केंद्र जाना होगा। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और प्रक्रिया तेज होगी। खुद ही निकाल लेगा आपके दस्तावेज इस ऐप की एक और खास बात यह है कि यह सरकारी सोर्सेस से खुद ही डेटा ले लेगा। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड और मनरेगा योजना के रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज शामिल होंगे। इसके अलावा, बिजली बिल की जानकारी भी ली जा सकती है, जिससे एड्रेस की पुष्टि करना और आसान हो जाएगा। इस यूजर्स को यह फायदा है कि उन्हें ज्यादा ज्यादा दस्तावेज जमा नहीं कराने होंगे।

जानें मंदिर में कौन-सी गलतियां बनती हैं वास्तु दोष का कारण

घर के हर हिस्से में वास्तु नियमों का ध्यान रखवी जरूरी माना गया है। इसी के साथ मंदिर भी घर का एक महत्वपूर्ण स्थान है, जिसमें यदि आप वास्तु नियमों  का ध्यान रखते हैं, तो इससे मिलने वाले सकारात्मक परिणाम बढ़ जाते हैं।   रखें इन बातों का ध्यान कभी भी घर के मंदिर को सीधा फर्श पर नहीं रखना चाहिए। इसी हमेशा थोड़ी ऊंचाई पर रखें। इसके साथ ही आपके मंदिर में हवा और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। इन नियमों का ध्यान रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इसके साथ ही आपका मंदिर शांत स्थान पर होना चाहिए, ताकि पूजा-पाठ के दौरान कोई विघ्न न पड़े। मंदिर में साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपको वास्तु दोष का सामना न करना पड़े। वहीं अगर आपके मंदिर के नीचे जूते-चप्पल रखे हैं, तो यह भी वास्तु दोष का कारण बन सकता है। मूर्ति रखने के नियम वास्तु शास्त्र में माना गया है कि मंदिर में कभी भी शनिदेव और भगवान शिव की मूर्ति को एक साथ नहीं रखना चाहिए। इसके साथ ही घर के मंदिर में मां काली, राहु, केतु, और शनि देव की मूर्ति रखने भी बचना चाहिए। वरना आपको नकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। अगर आपके मंदिर में शिवलिंग स्थापित हैं, तो उसके पास बहुत अधिक मूर्ति न रखें और एक से अधिक शिवलिंग भी अपने मंदिर में न रखें। मंदिर की सही दिशा वास्तु शास्त्र में मंदिर रखने के लिए उत्तर-पूर्वी कोने यानी ईशान कोण को सबसे उत्तम माना गया है। इसी के साथ मंदिर का मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। इन नियमों का ध्यान रखने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि  का माहौल बना रहता है। इसी के साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि मंदिर के पास बेडरूम या बाथरूम नहीं होना चाहिए। वरना आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। रख सकते हैं ये चीजें सकारात्मक परिणाम देखने के लिए आप अपने मंदिर में तुलसी का पौधा, गंगाजल और कलश आदि रख सकते हैं। इससे आपको अद्भुत परिणाम देखने को मिल सकते हैं। साथ ही घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।