samacharsecretary.com

श्रद्धालुओं के सपनों को साकार कर रही है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया योजना का लाभ रायपुर रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम ऑडिटोरियम में रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने भगवान राम की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रामायण आरती के साथ वातावरण राममय हो उठा।  चौधरी ने श्रद्धालुओं का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कहा कि यह योजना वास्तव में बुजुर्गों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी का भगवान राम से गहरा नाता है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान राम को हम भांजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में 14 वर्षों का वनवास समाप्त हुआ था, लेकिन कलियुग में राममंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों का संघर्ष करना पड़ा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक अयोध्या का भव्य मंदिर आज साकार हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि श्रद्धालुओं को रामलला और प्रमुख तीर्थों का दर्शन कराया जाएगा। आज रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना हजारों परिवारों के लिए आशीर्वाद बन चुकी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में राम के आदर्शों और उनके चरित्र का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक यात्री को विशेष पहचान पत्र भी प्रदान किया गया। इच्छुक श्रद्धालु आगामी यात्राओं के लिए जिला पंचायत और नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव जिले के विभिन्न विकासखण्डों से अब तक 1206 श्रद्धालु (745 पुरुष एवं 461 महिलाएं) अयोध्या, काशी और अन्य तीर्थों का दर्शन कर चुके हैं। सम्मेलन में श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया। पुसौर निवासी  खगेश्वर पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रयास से ही यह संभव हुआ। राजकुमारी साव ने यात्रा को सहज और सुखद बताते हुए कहा कि पूरी यात्रा परिवार जैसे वातावरण में पूरी हुई। उमेश सिंह सिदार ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु लगातार कार्य कर रही है। वहीं सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या दर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। सुनील थवाईत ने बताया कि यात्रा में स्वच्छ भोजन, सुरक्षा और स्वागत की उत्कृष्ट व्यवस्था रही। काशी और अयोध्या के दर्शन उनके जीवन के सबसे सुखद क्षण रहे। सम्मेलन में योजनाओं से जुड़ी अविस्मरणीय स्मृतियों को समेटे हुए वीडियो प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटो लिया गया। श्रद्धालुओं को स्मृति स्वरूप रामचरितमानस की पुस्तक, शाल, फल और यात्रा के फोटोग्राफ भेंट किए गए। इस अवसर पर नगर निगम रायगढ़ महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, नगर निगम सभापति  डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य मती सुषमा खलखो सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान में देश में सर्वाधिक एक करोड़ से अधिक की हुई स्क्रीनिंग

नारी स्वस्थ होगी तो परिवार भी होगा स्वस्थ : राज्यपाल  पटेल प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान में देश में सर्वाधिक एक करोड़ से अधिक की हुई स्क्रीनिंग राज्यपाल ने वितरित किए सिकल सेल जेनेटिक कार्ड भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि नारी स्वस्थ होगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। घर में, माँ स्वस्थ हो तो पूरे परिवार की देखभाल अच्छे से  कर सकती है। राज्यपाल  पटेल राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत सोमवार को मुरार सर्किट हाउस में  आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आयोजन स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत किया हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में सिकल सेल जेनेटिक कार्डों का वितरण भी किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहाँ एक करोड़ से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड वितरण कार्य भी प्रदेश में अनुकरणीय तरीके से हुआ है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन अभियान अमृत काल का यह एक महत्वपूर्ण अभियान है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया मुक्त मिशन का वर्ष 2023 में शुभारंभ किया था। देश से वर्ष 2047 तक सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए अभियान के रूप में तेज गति कार्य किये जा रहे हैं  है। वर्तमान में देश के 17 राज्यों के 278 जिलों का चयन कर सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन का कार्य हो रहा है।  प्रदेश के जबलपुर में अनुसंधान प्रबंधन एवं नियंत्रण केन्द्र प्रारंभ किया गया है। राज्यपाल  पटेल ने समारोह में आह्वान किया है कि सिकल सेल एनीमिया की जाँच सभी को कराना चाहिए। खासतौर से महिलाओं को इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत देश भर में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाकर नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जा रहा है। इस अभियान का लाभ उठाकर सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य की जाँच अवश्य कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सम्पूर्ण देश में लगभग 15 हजार जन औषधि केन्द्र शुरू करायें हैं।  केन्द्रों के माध्यम से लोगों को सस्ती और अच्छी दवायें उपलब्ध हो रही हैं। राज्यपाल ने युवाओं को प्रदान किए हेलमेट राज्यपाल  मंगुभाई पटेल सोमवार को परिवहन विभाग द्वारा मुरार सर्किट हाऊस में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने वाहन चलाते समय सुरक्षा के समुचित प्रबंध करने पर बल दिया। सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए चालक के साथ ही सहयात्री को भी हेलमेट पहनने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना से बचाव का प्रभावी तरीका हेलमेट पहनकर वाहन चलाना है। राज्यपाल ने कार्यक्रम में 10 युवाओं को हेलमेट का वितरण भी किया। समारोह में जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।  

गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की कलश स्थापना

गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की कलश स्थापना पहले दिन हुई माता आदिशक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की हुई आराधना गोरखपुर  शारदीय नवरात्र के पहले दिन (प्रतिपदा), सोमवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पीठ की परंपरा के अनुसार हुआ। सोमवार सायंकाल गोरक्षपीठाधीश्वर ने मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शारदीय नवरात्र प्रतिपदा का अनुष्ठान मां जगतजननी की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ। कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य कलश शोभायात्रा पारंपरिक तरीके और श्रद्धाभाव से निकाली गई। सायंकाल गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की शोभायात्रा, परंपरागत वाद्ययंत्रों घंट-घड़ियाल, तुरही, शंख की ध्वनियों और मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ आई। इसके बाद जल से भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आवाहन कर इसे स्थापित किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में श्रीमददेवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

चेहरे की खूबसूरती बढ़ाएँ: ब्लड सर्कुलेशन सुधारने और डबल चिन हटाने वाले योगासन

शरीर में फैट जमा होने की समस्या काफी आम हो चुकी है। इसके कारण कई लोगों की डबल चिन भी आ जाती है। डबल चिन ठुड्डी के नीचे जमा फैट को कहते हैं। उम्र, वजन बढ़ने या गलत पोस्चर में बैठने की वजह से यह समस्या हो सकती है। ठुड्डी के नीचे फैट बढ़ने की वजह से चेहरे का आकार बदलने लगता है। हालांकि, कुछ आसान योगासनों की मदद से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। जी हां, कुछ योगासनों से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और चेहरे के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, जिससे डबल चिन को कम करने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 योगासनों के बारे में। सिंहासन सिंहासन को चेहरे और गर्दन की मांसपेशियों के लिए सबसे अच्छा आसन माना जाता है। इस आसन में चेहरे, गले और जबड़े की मांसपेशियों में जोरदार खिंचाव होता है, जो डबल चिन वाली जगह को टोन करने में मदद करता है। कैसे करें     वज्रासन में बैठ जाएं या फिर पद्मासन लगा लें।     अपने हाथों को घुटनों पर रखें और उंगलियों को फैलाएं।     गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए मुंह को खोलें और जीभ को बाहर निकालकर ठुड्डी की ओर ले जाएं।     आंखों को पूरी तरह खुला रखें और गले से 'हा' की आवाज निकालें, जैसे शेर दहाड़ रहा हो।     इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें और फिर नॉर्मल पोजीशन आ जाएं। इसे 3-5 बार दोहराएं। उष्ट्रासन उष्ट्रासन गर्दन और गले के हिस्से में खिंचाव पैदा करता है। यह आसन थायरॉयड ग्लैंड को एक्टिव करने और गर्दन की एक्स्ट्रा चर्बी को कम करने में मददगार साबित होता है। कैसे करें?     घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं, घुटनों और पैरों को हिप्स की चौड़ाई जितना खोल लें।     हाथों को कमर पर रखें और कोहनियों को पीछे की ओर खींचें।     सांस छोड़ते हुए पीछे की ओर झुकें और हाथों से एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें।     गर्दन को रिलैक्स छोड़ दें और सिर को पीछे की ओर लटकने दें, ताकि गले में अच्छा खिंचाव महसूस हो।     30 सेकंड से 1 मिनट तक इसी स्थिति में रहें। जलंधर बंध जलंधर बंध एक बंध या लॉक है, जिसे प्राणायाम के दौरान किया जाता है। यह सीधे तौर पर गले और ठुड्डी के नीचे के हिस्से पर काम करता है, जिससे वहां की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और चर्बी कम होती है। कैसे करें?     सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।     गहरी सांस लें और सांस को रोककर रखें ।     सिर को आगे झुकाएं और ठुड्डी को छाती से सटाने की कोशिश करें।     हाथों को घुटनों पर रखकर ज्ञान मुद्रा बना सकते हैं।     जब तक हो सांस को रोककर रखें, फिर सिर को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ें।     इसे 3-5 बार दोहराएं। सर्वांगासन सर्वांगासन को 'सभी अंगों का आसन' कहा जाता है। यह थायरॉयड ग्लैंड पर दबाव डालकर मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करने में मदद करता है, जिससे वजन कंट्रोल रहता है। साथ ही, इस मुद्रा में गर्दन में खिंचाव आता है, जो डबल चिन को कम करने में सहायक है। कैसे करें?     पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के बगल में रखें।     पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और कमर को हाथों का सहारा देकर ऊपर ले जाएं।     शरीर को सीधा ऊपर की ओर खींचे, ठुड्डी छाती से सटी रहे।     शरीर का पूरा भार कंधों पर होना चाहिए।     30 सेकंड से शुरुआत करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। मत्स्यासन मत्स्यासन गर्दन और गले के हिस्से को पूरी तरह से स्ट्रेच करता है। यह आसन थायरॉयड ग्लैंड को एक्टिव करता है और गर्दन की अकड़न को दूर करके उसके आसपास जमा फैट को कम करने में मदद करता है। कैसे करें?     पद्मासन में बैठ जाएं।     पीठ के बल लेट जाएं और हाथों से पैर के अंगूठे को पकड़ें।     कोहनियों को जमीन पर टिका दें। सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को जमीन पर टिका दें।     गर्दन में गहरा खिंचाव महसूस करें। सांस लेते और छोड़ते रहें।     30 सेकंड से 1 मिनट तक इस मुद्रा में रहें।  

पवित्र नवरात्रि: फूलों, नारियल और दीपक से घर में बढ़ाएं सकारात्मक ऊर्जा

नवरात्रि का पर्व पूरे भारत में बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है. शारदीय नवरात्रि खास तौर पर मां दुर्गा की साधना के लिए बहुत शुभ मानी जाती है. इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं और उन्हें फूल, नारियल, चुनरी, वस्त्र और दीपक आदि अर्पित करते हैं, लेकिन जब नवरात्रि खत्म होती है तो ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि आखिर पूजा में चढ़ाई गई चीजों का क्या करना चाहिए? क्या इन्हें ऐसे ही फेंक देना सही है या इसके लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि पूजा के बाद जली हुई बाती, नारियल, फूल, कलश, चुनरी और कपड़े का सही तरीका क्या है.  देवी पूजा के लिए जलाई हुई बाती का क्या करें? नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा में जो बाती जलाई जाती है, उसे कभी भी कचरे में नहीं फेंकना चाहिए. चाहे वह आधी जली हो या पूरी, सभी बातियों को इकट्ठा करके पवित्र स्थान पर रख लें. नवरात्रि के आखिरी दिन इसमें कपूर, लौंग और थोड़ा सा घी डालकर दोबारा जलाएं. इसे घर में घुमाने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मकता बढ़ती है. बाद में बची हुई राख को पौधे वाले गमले में डाल दें. मान्यता है कि यह भूत नजर दोष से बचाती है. माता को चढ़ाए गए फूलों का क्या करें? फूलों में देवी की ऊर्जा मानी जाती है. इन्हें कहीं भी फेंकने की बजाय प्रसाद मानकर अपने धन स्थान या पूजा घर में रखें. बाकी फूलों को गमले या पौधे में डाल दें ताकि वह खाद के रूप में काम आ सके. यह तरीका पर्यावरण के लिए भी अच्छा माना जाता है. नवरात्रि पूजा के कलश का क्या करें? पूजा के बाद कलश का जल परिवार और घर में छिड़कें. यह घर में शुभ ऊर्जा का प्रसार करता है. बचा हुआ जल पौधों में डाल दें. कलश में रखे सिक्कों को लाल कपड़े में बांधकर धन स्थान पर रखें. इसे देवी का आशीर्वाद माना जाता है. नारियल का क्या करें? मां दुर्गा की पूजा में चढ़ाया गया नारियल बहुत पवित्र माना जाता है. इसे परिवार के सभी सदस्यों और मित्रों में प्रसाद के रूप में बांट दें, अगर नारियल सूख गया हो तो नदी या समुद्र में प्रवाहित कर दें, अगर नारियल फोड़ने पर खराब निकल जाए तो इसे भूमि में दबा दें. मान्यता है कि ऐसा नारियल आपके कष्टों को अपने ऊपर ले लेता है. चुनरी का क्या करें? मंदिर में या पूजा में मिली चुनरी में मां का आशीर्वाद माना जाता है. इसे अपने घर के पवित्र स्थान, धन स्थान या वाहन पर बांध सकते हैं. पूजा-पाठ करते समय इसे सिर पर भी रख सकते हैं, अगर इसका उपयोग न हो पाए तो इसे मंदिर में या किसी श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक दें. माता की चौकी और कपड़े का क्या करें? पूजा के बाद चौकी और वस्त्रों को साफ करके सुरक्षित रखें और आगे आने वाले अनुष्ठानों में उपयोग करें, अगर जरूरत न हो तो मंदिर में दान कर सकते हैं या किसी जरूरतमंद को दे सकते हैं.

आज जुबिन गर्ग को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि देने जुटे हजारों समर्थक

गुवाहाटी बॉलीवुड और असमिया सिंगर जुबिन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था. सिंगर की अचानक हुई मौत ने सभी को सन्न कर दिया है. असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ऐलान किया है कि सिंगर का दोबारा पोस्टमार्टम होगा. दूसरा पोस्टमार्टम होने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.  कब होगा सिंगर जुबिन का अंतिम संस्कार  गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में जुबिन का दूसरा पोस्टमार्टम होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को सरुसजई स्टेडियम लाया जाएगा. सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच अंतिम यात्रा शुरू होगी. असम सीएम हिमंत बिस्वा ने बताया कि जुबिन का पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से ले जाया जाएगा और परिवार ने 85 लोगों की सूची दी है, जिनमें कलाकार बिरादरी के सदस्य भी शामिल हैं.  सिंगर के अंतिम संस्कार के लिए सरकार 4–5 बसों की व्यवस्था करेगी. ये प्रक्रिया ठीक उसी तरह होगी जैसे एयरपोर्ट से घर तक की यात्रा थी, जहां लोग बिना किसी रोक-टोक के उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें. भीड़ नियंत्रण को लेकर सीएम सरमा ने कहा कि ये चिंता की बात है, पर जुबिन जैसे कलाकार के लिए मैं कुछ रोक नहीं सकता. जब उनका पार्थिव शरीर हमारे सामने होगा तो हम सिर्फ इंतजाम करने की कोशिश कर सकते हैं. ये कहना मुश्किल है कि व्यवस्था कितनी अनुशासित रहेगी, लेकिन उम्मीद है कि सब ठीक से हो.  हमेशा दे सकेंगे श्रद्धाजंलि हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि जुबिन की "समाधि" हमेशा रहेगी जहां लोग किसी भी दिन जा कर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं. अंतिम यात्रा का सीधा प्रसारण डिपार्टमेंट ऑफ इन्फ़ॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशंस (DIRP) द्वारा किया जाएगा. राज्य सरकार को उम्मीद है कि स्थानीय इलाकों से ही हजारों की संख्या में फैन्स जुबिन की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें विदाई देंगे. बता दें कि जुबिन का निधन सिंगापुर में स्कूबा डाइव करते हुए हो गया था. अचानक हुई उनकी मौत अब तक सभी के लिए रहस्य बनी हुई है. 23 सितंबर को फैन्स नम आंखों से उन्हें विदाई देने पहुंच रहे हैं. राजकीम सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.  जुबिन को 'गैंगस्टर', 'कृष 3' जैसी फिल्मों में 'या अली' और 'दिल तू ही बता' जैसे पॉपुलर गानों को अपनी आवाज देने के लिए जाना जाता है. 

ऑटो शेयरों में रफ्तार, बाजार में ब्रेक — निफ्टी-सेंसेक्स लाल निशान में

मुंबई  शेयर बाजार में मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, ग्रीन में खुलने के बाद दोनों इंडेक्स रेड जोन में आ गए. हालांकि, ऑटो कंपनियों के शेयरों में आई तूफानी तेजी के चलते दोनों इंडेक्स ओपनिंग के साथ सोमवार की गिरावट के उबरे हुए नजर आए थे.  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों में 150 अंक के आसपास तक उछला, लेकिन फिर अचानक 100 अंक के करीब टूट गया, लेकिन अगले ही पल फिर ग्रीन में आ गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया और 25,250 तक चढ़ा, लेकिन फिर गिरकर 25,160 तक आ गया. इससे पहले सोमवार को मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में गिरावट तेज हो गई थी और ट्रंप के H1B Visa की फीस में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद आईटी स्टॉक्स के बिखरने के चलते में सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह फिसलकर बंद हुए थे.  ऐसे चढ़त-गिरते नजर आए इंडेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 82,159.97 की तुलना में फिसलकर 82,147 पर ओपनिंग की और फिर अचानक उछाल भरते हुए  82,307.50 पर कारोबार करता दिखा, लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आई और ये 140 अंक फिसलकर 82,019 तक आ गया. एनएसई निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 25,209 पर कारोबार शुरू किया और फिर सेंसेक्स की तरह इसकी चाल भी बदलती रही. ग्लोबल मार्केट में गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  Tata से MRF तक ऑटो शेयरों का धमाल भले ही शेयर मार्केट में तगड़ा उतार-चढ़ाव दिखा, लेकिन ऑटो और ऑटो सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सरकार के GST Cut के चलते तूफानी तेजी दिखी. टाटा मोटर्स, मारुति से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा तक के शेयर ओपनिंग के साथ ही दौड़ लगाते नजर आए. Maruti 3.20%, M&M 2.60%, Tata Motors 1.50%, Ashok Leyland 2.66%, Sona Comstar 2.10%, Uno Minda 1.30%, Exide India 1.15%, MRF 1.10% की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.   ये शेयर भी ग्रीन जोन में  ऑटो स्टॉक्स के अलावा मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त के साथ ग्रीन जोन में नजर आने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो इनमें Thermax 2%, OFSS 1.75%, Glenmark 1.70%, RVNL 1.30%, Om Infra Share 15.15%, IIL 13.43%, KEC 7.58%, ATL 7.52%, PVSL 5.19% की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे.  कल संभल नहीं सका था बाजार शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन सोमवार को पूरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ कारोबार हुआ था और भारी उतार-चढ़ाव देखने के बाद दोनों इंडेक्स बड़ी गिरावट के साथ क्लोज हुए थे. सेंसेक्स 466 अंक फिसलकर 82,159.97 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी ने 124 अंक की गिरावट लेकर 25,202.35 पर क्लोजिंग की थी.खासतौर पर आईटी शेयर बुरी तर टूटे थे और टेक महिंद्रा से लेकर टीसीएस, इंफोसिस तक के शेयरों में पैसे लगाने वालों को तगड़ा नुकसान हुआ था. 

बारिश ने रोकी रफ्तार: हावड़ा स्टेशन पानी में डूबा, मेट्रो पर भी असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें करंट भी उतरने की बात सामने आई है. बिजली का करंट लगने की वजह से अब तक कुल 5 लोगों की मौत हुई है. पिछले 6 घंटों में शहर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है. इलाकों से पंप के जरिए निकाला जा रहा पानी रात भर हुई भारी बारिश के कारण, महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच जलभराव हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं. दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं कम संख्या में चलाई जा रही हैं. पानी को पंप से बाहर निकाला जा रहा है. मेट्रो रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं. अचानक मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा है और कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है. मेट्रो और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बारिश हुई है. रात भर हुई बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों में पानी भर गया. कई घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया है.  कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुताबिक, गरिया कामदाहरी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्शिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई. कोलकाता में पांच घंटे के अंदर रिकॉर्ड बारिश     कामदहारी-332 मिमी     जोधपुर पार्क- 285 मिमी     कालीघाट- 280.2 मिमी     टैप्सिया- 275 मिमी     बालीगंज- 264 मिमी     चेतला- 262 मिमी     मोमिनपुर- 234 मिमी     चिंगरीहाटा- 237 मिमी     पामर बाज़ार- 217 मिमी     धापा- 212 मिमी     सीपीटी नहर- 209.4 मिमी     उल्टाडांगा- 207 मिमी     कुदघाट- 203.4 मिमी     पागलडांगा (टंगरा)- 201 मिमी     कुलिया (टंगरा)-  196 मिमी     थन्थानिया- 195 मिमी हावड़ा और सियालदह यार्ड और कार-शेड में जलभराव  रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद, हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड, चितपुर उत्तर केबिन, विभिन्न कार-शेड और सियालदह यार्ड के विभिन्न स्थानों पर जलभराव देखा गया. हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है. जमा हुए पानी को निकालने के लिए कई जगहों पर पानी के पंप लगाए गए हैं, लेकिन आस-पास के सिविल क्षेत्र से भी पानी भर जाने के कारण, पानी वापस रेलवे यार्ड में बह रहा है, जिससे और भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं. आज यानी मंगलवार सुबह कुछ उपनगरीय ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया गया और बीच में ही शुरू कर दिया गया.  रेलवे सेवाएं प्रभावित…     सियालदह उत्तर और मुख्य: उपनगरीय खंड में प्लेटफार्म नंबर-7 से आंशिक सेवाएं शुरू हुईं.     13113 यूपी हज़ारद्वारी एक्सप्रेस को कोलकाता से रद्द कर दिया गया है.     13177 सियालदह जंगीपुर एक्सप्रेस को सियालदह से रद्द कर दिया गया है.     सियालदह दक्षिण खंड में जलभराव के कारण ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया गया है.     ट्रैक और चितपुर यार्ड में जलभराव के कारण सर्कुलर रेलवे लाइन पर ट्रेनों का ऑपरेशन स्थगित कर दिया गया है. मौसम विभाग की चेतावनी… भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बुधवार तक पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के आस-पास एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है.

जरूरी सामान की खरीददारी को लेकर हड़कंप, हांगकांग एयरपोर्ट हुआ आज से सील

हांगकांग एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र हांगकांग में आने वाले सुपर टाइफून साओला के कारण हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 36 घंटे के लिए सभी यात्री उड़ानों के लिए बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने यह जानकारी दी।हवाई अड्डा 23 सितंबर शाम 8 बजे (1200 GMT) से  25 सितंबर सुबह 8 बजे  तक बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने प्रभावित यात्रियों से संपर्क करने का भी वादा किया है।  सुपर टाइफून साओला तेज बारिश, मजबूत हवाएँ और खतरनाक परिस्थितियाँ लेकर आने की उम्मीद है। हांगकांग वेधशाला ने बताया कि मौसम में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। मंगलवार को दोपहर में  न्यूनतम स्तर का टाइफून सिग्नल जारी किया गया, जिसे शाम 8 से 10 बजे के बीच दूसरे उच्चतम स्तर तक बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से तेज हवाएँ और तूफानी हालत शहर में पहुंच सकती हैं। समुद्र से आने वाली हवाएँ उच्च इलाकों में हरिकेन जैसी ताकत तक पहुँच सकती हैं। लोग आवश्यक सामान का स्टॉक कर रहे हैं; सुपरमार्केट में लंबी कतारें लग रही हैं, दूध जैसे जरूरी सामान तेजी से बिक रहे हैं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को अपने एयरलाइन से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। उड़ानों की निलंबन केवल सुरक्षा के लिए है ताकि यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ सुरक्षित रहें।  अन्य तैयारियां     आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं।     तूफान के दौरान स्कूल और व्यवसाय बंद रहने की संभावना है।     तूफान के गुजरने के बाद ही हवाई अड्डा सामान्य संचालन फिर से शुरू करेगा।     यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे  अधिकारिक चैनलों और एयरलाइन अपडेट्स  से नियमित जानकारी लेते रहें।  

बिहार चुनाव, दिवाली-छठ के आसपास पड़ सकते हैं वोट, मुख्य चुनाव आयुक्त अगले हफ्ते पटना आएंगे

पटना बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्थितियों का आकलन करने और चुनाव की तिथि पर निर्णय लेने के लिए टीम के साथ अगले सप्ताह पटना आएंगे। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि राज्य में हालात का जायजा लेने के बाद चुनाव आयोग द्वारा किसी भी समय बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 30 सितंबर को अंतिम सूची के प्रकाशन के साथ पूरी हो जाएगी जिसके बाद चुनाव आयोग बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। बिहार में नई सरकार के गठन की समय सीमा 22 नवंबर है। इस हिसाब से बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो महीने बच गए हैं। धीरे धीरे चुनाव की तारीखों को ले कर कौतूहल बढ़ रहा है। तीन या चार चरणों में होंगे चुनाव अक्टूबर के महीने में बिहार में चुनाव की तारीख तय करने में कुछ चुनौतियां भी हैं। तीन महत्वपूर्ण त्योहार दशहरा, दीपावली और छठ पूजा अक्टूबर के महीने में होने हैं। सूत्रों का मानना है कि चुनाव की तारीखें छठ पूजा के ईदगिर्द रखने का आयोग प्रयास करेगा ताकि लाखो की संख्या में बिहार के बाहर रहने वाले प्रवासी जब त्योहार के समय घर आए तो उन्हें मतदान का अवसर मिले सके। पिछली बार 2020 के विधानसभा चुनाव 28 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच तीन चरणों मे आयोजित हुए थे। इस बार भी उम्मीद है कि बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव तीन या चार चरणों मे आयोजित किए जायेंगे।