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फुटबॉल का सुनहरा क्षण: डेम्बेले और एताना बोन्मटी ने बदल दी खेल की दुनिया

फ्रांस  पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के स्टार विंगर उस्मान डेम्बेले ने बैलोन डी'ओर अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। उस्मान डेम्बेले का यह पहला बैलोन डी'ओर अवॉर्ड है। उन्हें पेरिस में आयोजित समारोह में 2025 का बैलन डी’ऑर खिताब दिया गया। 28 साल के फ्रांसीसी फुटबॉलर ने बार्सिलोना के लामिन यमाल और अपने क्लब साथी विटिन्हा को पछाड़कर फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कार पर कब्जा जमाया। उन्होंने पिछले सीजन PSG के लिए 53 मैचों में 35 गोल किए। साथ ही 14 गोल असिस्ट किए। इस शानदार प्रदर्शन के चलते वह बैलोन डी'ओर जीतने में सफल रहे। डेम्बेले के लिए यह सफलता बेहद खास है, क्योंकि पिछले कई सालों में वह चोट और निरंतरता की कमी से जूझते रहे थे। लेकिन इस सीजन उन्होंने वह स्थिरता और क्लास दिखाई जिसकी उनसे उम्मीद थी। इससे पहले उन्हें चैंपियंस लीग प्लेयर ऑफ द सीजन का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जिसने PSG की ऐतिहासिक यूरोपीय विजय में उनके अहम योगदान को साबित किया। महिला कैटेगिरी में बोन्मटी का जलवा महिला कैटेगिरी में बार्सिलोना की मिडफील्डर एताना बोन्मटी ने लगातार तीसरी बार बैलोन डी'ओर जीतकर इतिहास रच दिया। 26 साल की स्पेनिश स्टार ने इस बार भी अपने शानदार खेल और निरंतरता से महिला फुटबॉल में अपनी बादशाहत कायम रखी, भले ही बार्सिलोना का यूरोपीय अभियान उम्मीद के मुताबिक न रहा हो। जियानलुइगी डोनारुम्मा ने जीती याशिन ट्रॉफी  थिएटर डु शातले, पेरिस में आयोजित 69वें बैलन डी’ऑर अवॉर्ड्स समारोह में PSG के गोलकीपर जियानलुइगी डोनारुम्मा को याशिन ट्रॉफी (बेस्ट गोलकीपर) से नवाजा गया। वहीं, बार्सिलोना की विकी लोपेज़ को विमेंस कोपा ट्रॉफी मिली। इंग्लैंड मैनेजर सरिना वीगमैन और चेल्सी की गोलकीपर हन्ना हैम्पटन भी महिला कैटेगिरी में पुरस्कार पाने वालों में रहीं। इसके अलावा PSG को क्लब ऑफ द सीजन घोषित किया गया। 

मौलाना शहाबुद्दीन बोले: आजम खान को राजनीति में नई राह अपनानी चाहिए, अखिलेश यादव पर तीखा हमला

बरेली  आजम खान 23 महीने के बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आजम खान की रिहाई से हमारे समाज के लोगों में खुशी है, लेकिन अखिलेश यादव के साथ न देने का गम भी उन्हें सताता है। मौलाना ने आजम खान को नई पार्टी बनाने की सलाह दी है। मौलाना रजवी ने कहा कि आजम खां ने समाजवादी पार्टी को खून-पसीने से सींचा। मास्टर मुलायम सिंह यादव को जनता के बीच मुल्ला मुलायम बनवाने में आजम खां की बड़ी भूमिका रही। उनके संघर्षों की बदौलत मुलायम और अखिलेश कई बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन मुश्किल घड़ी में अखिलेश यादव ने आज़म खान का साथ छोड़कर एहसान फरामोशी की। उन्होंने सलाह दी कि जेल से बाहर आने के बाद आजम खान को अपने बिखरे हुए साथियों को जोड़ना चाहिए और एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान करना चाहिए। मौलाना का दावा है कि अगर आज़म खान 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से प्रत्याशी उतारते हैं, तो उत्तर प्रदेश का मुसलमान उनके साथ खड़ा होगा और अखिलेश यादव को उनकी असली हैसियत का एहसास होगा। 23 महीने चार दिन से सीतापुर जिला जेल में बंद सपा के कद्दावर नेता आजम खान दोपहर 12.15 बजे जेल से रिहा हो गए। सफेद रंग की इनोवा कार से वह बेटे अदीब व करीबियों के साथ 12.25 पर उनकी गाड़ी रामपुर को रवाना हो गए। रिहाई का समय सुबह का था लेकिन रामपुर कोर्ट में एक मामले का चालान न जमा होने के चलते रिहाई नहीं हो सकी। हालांकि बेटा अदीब सुबह ही जेल पहुंच गया था लेकिन चालान न जमा होने की जानकारी मिलते ही उसने रामपुर संपर्क किया और प्रक्रिया को पूरा किया।  

पूनम पांडे को लवकुश रामलीला से किया गया बाहर, विरोध के बाद मंदोदरी की भूमिका छीनी गई

नई दिल्ली देशभर में नवरात्र की धूम है, दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बीच बड़ी खबर आई है कि पूनम पांडे जो दिल्ली में होने वाली भव्य लव कुश रामलीला में मंदोदरी का किरदार निभाने वाली थी, उन्हें इस भूमिका से हटा दिया गया है. उनका नाम फाइनल होने के बाद से ही जमकर विरोध हो रहा था. इसे देखते हुए लव कुश रामलीला समिति ने आखिरकार उन्हें हटाना ही वाजिब समझा. अब वो मंदोदरी का किरदार नहीं निभाएंगी.  मंदोदरी नहीं बनेंगी पूनम  सोमवार को ही पूनम ने एक वीडियो जारी कर बताया था कि वो इस किरदार को निभाने के लिए कितनी उत्साहित हैं. वो नवरात्र के पूरे 9 दिनों का व्रत भी रखेंगी. लेकिन जाहिर है कि पूनम की कोई दलील काम नहीं आई. उनके खिलाफ मिली कड़ी आपत्तियों को देखते हुए समिति ने ये फैसला लिया. अब उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस इस किरदार को निभाएंगी.  जब विरोध में लिखे गए पत्र मालूम हो कि वीएचपी से लेकर कंप्यूटर बाबा तक ने कड़ा विरोध जताया था. कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि पूनम को को मंदोदरी नहीं, बल्कि 'सूर्पनखा' बनाना चाहिए. कंप्यूटर बाबा ने कहा कि रामलीला के अध्यक्ष को इतने दिन हो गए रामलीला करते-करते, लेकिन उन्हें बुद्धि नहीं आई कि आपको किसको क्या पात्र देना चाहिए? सूर्पनखा ब्राह्मण थी, रावण की बहन थी और मंदोदरी की ननद थी. रामलीला के अध्यक्ष से में अनुरोध करूंगा कि जो जैसा है उसको वैसा ही पात्र बनाया जाए.''  वहीं वीएचपी ने विरोध में एक चिट्ठी लिखकर आग्रह किया था कि पूनम को इस भूमिका से हटा दिया जाए. पत्र में सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने इस बात पर जोर किया कि रामलीला केवल एक नाट्य-प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कारों का एक जीवंत हिस्सा है. संगठन ने यूनेस्को द्वारा रामलीला को दिए गए सांस्कृतिक महत्व का भी उल्लेख किया, जो इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पारंपरिक प्रदर्शन के रूप में पहचानता है. पूनम ने जताई थी श्रद्धा बता दें, वीडियो में पूनम में कहा था कि- दिल्ली के लाल किला में वर्ल्ड फेमस लव-कुश रामलीला में मुझे मंदोदरी का किरदार निभाने का मौका मिला है. ये बहुत ही जरूरी किरदार है. ये रावण की पत्नी थीं, मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि मुझे ये अहम रोल निभाने का मौका मिला. इसलिए मैंने तय किया है कि मैं पूरे नवरात्र का व्रत रखूंगी, ताकि मैं अपने पूरे तन और मन से साफ रहूं. और इस खूबसूरती से किरदार को निभा सकूं. जय श्री राम, मिलते हैं रामलीला में. 

सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ

मिशन शक्ति – 5  योगी सरकार के मिशन शक्ति से महिलाओं के सशक्तिकरण को मिल रही नई राह सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ मिशन के तहत महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता पर दिया जाएगा विशेष बल स्वास्थ्य और रोजगार से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी आत्मरक्षा और जीवन कौशल प्रशिक्षण होंगे आयोजित प्रत्येक जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति का पांचवां चरण 22 सितंबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस एक महीने तक चलने वाले अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। इस चरण में सबसे ज्यादा फोकस महिला सुरक्षा पर है। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर, महिला थाने और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पिंक बूथ और पेट्रोलिंग स्क्वॉड को और अधिक सशक्त किया जा रहा है, ताकि महिलाएं निर्भीक होकर समाज में अपनी भूमिका निभा सकें। मिशन शक्ति का पांचवां चरण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई दिशा तय कर रहा है। यह चरण उन्हें सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूती दे रहा है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित, सशक्त और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।  शिक्षा से खुलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत हथियार माना गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा कार्यक्रमों को और विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिक्षा ही महिलाओं को समान अवसर और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर सकती है। मिशन शक्ति के तहत चलने वाले ये कार्यक्रम न केवल महिलाओं को ज्ञान देंगे, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से भी जोड़ेंगे। स्वास्थ्य और रोजगार पर दोहरा फोकस महिला स्वास्थ्य को लेकर इस चरण में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वच्छता, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित वर्कशॉप और हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर है। इसके साथ ही, महिला उद्यमिता और स्वरोजगार योजनाओं को गति दी जा रही है। छोटे उद्योग, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के लिए सरकार वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर परिवार और समाज में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास और सुरक्षा मिशन शक्ति के पांचवे चरण में आत्मरक्षा, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। आत्मरक्षा के विशेष प्रशिक्षण से महिलाएं खुद को और दूसरों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हो रही हैं। जीवन कौशल कार्यक्रम उन्हें वित्तीय प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी निर्णय और सामाजिक दायित्वों में सक्रिय बनाएंगे। कानूनी सुरक्षा और अपराध पर सख्त कार्रवाई नोडल अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानूनी कदम भी इस चरण में शामिल हैं। प्रत्येक जिले में विशेष निगरानी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स को सक्रिय किया गया है ताकि अपराधियों को त्वरित सजा मिल सके। पुलिस प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि महिला संबंधित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण की ओर ठोस कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के चार स्तंभों पर आधारित यह पहल उत्तर प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का ठोस प्रयास साबित हो रही है।  

स्कूल और निजी बसों के लिए नए नियम लागू, मध्य प्रदेश में Motor Vehicle Act 2025 को मिली मंजूरी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बिना परमिट बस दौड़ाने पर वाहन मालिकों को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। सरकार इसके लिए और सख्ती बरतने जा रही है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सोमवार को मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) अधिनियम, 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद संशोधित नियम अब कानूनी रूप से लागू हो गए हैं। संशोधन के तहत, यदि कोई यात्री बस, स्कूल बस या लोक/निजी सेवा वाहन बिना वैध परमिट के संचालित होता पाया गया, तो प्रति सीट 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर, 40 सीटों वाली बस पर यह चालान 40,000 रुपए तक पहुंच सकता है। नया संशोधित नियम सभी व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। इससे निश्चित तौर पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करेंगे। इसके अलावा, टैक्स समय पर जमा न करने वालों को भी भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। भरना पड़ेगा चार गुना जुर्माना यदि वाहन मालिक ने टैक्स नहीं चुकाया है, तो बकाया टैक्स का चार गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी बस का 10,000 रुपए टैक्स बकाया है, तो उस पर 40,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। लाइफटाइम टैक्स पर अतिरिक्त शुल्क अगर लाइफटाइम टैक्स जमा नहीं किया गया, तो हर साल या साल के हिस्से के लिए लाइफटाइम टैक्स का 10% तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। ये संशोधन मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 की धारा 13 में किए गए हैं। विधानसभा से पारित होने के बाद अब राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं। परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने परमिट और टैक्स अपडेट कर लें, ताकि नए प्रावधानों के तहत भारी जुर्माने से बचा जा सके। 

तेज रफ्तार बाइक की भिड़ंत से युवक की मौत…

 जनकपुर  थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनटोला में शिक्षक की गाड़ी से भिडंत होने पर युवक की मौत हो गई। आज सुबह लगभग 10:00 बजे मोहनटोल के माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिवलाल अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल से माध्यमिक शाला मोहन टोला के लिए निकले थे। मगर जब मुख्य मार्ग से शिक्षक शिवलाल मुड़कर माध्यमिक शाला की ओर जा रहे थे तभी पीछे से मुकेश कुमार सिंह पिता शिव मूरत सिंह उम्र 21 वर्ष की मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स से भीड़ गई।  जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुकेश कुमार को इलाज के लिए जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र लाया गया  मगर डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया। जनकपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मुकेश के मृत्यु होने की खबर सुनकर गांव में ग़म का माहौल है।

शांति और भक्ति का नया केंद्र: जोधपुर का स्वामीनारायण मंदिर तैयार

जोधपुर  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी जोधपुर के बीच बोचासनवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर एक अद्वितीय स्थल के रूप में उभरा. ये मंदिर भक्ति का एक पवित्र स्थान और आध्यात्मिक उत्थान का एक प्रकाश स्तंभ है. यह एक दिव्य जगह है जहां मन और आत्मा को शाश्वत शांति का अनुभव होता है. भक्ति, विश्वास और कृतज्ञता से निर्मित यह मंदिर ईश्वर की असीम महानता और अनंत दिव्यता के प्रति एक विनम्र भेंट है. यह हर आत्मा को आनंद, सत्य, चेतना और परम आनंद की ओर अनंत यात्रा पर निकलने के लिए आमंत्रित करता है. यह मंदिर परिसर स्वामीनारायण संप्रदाय के संस्थापक भगवान स्वामीनारायण को समर्पित है. अपने जीवन और शिक्षा के जरिए उन्होंने हिंदू धर्म के शाश्वत सिद्धांतों के अनुसार नैतिक जीवन तथा सामाजिक उत्थान पर बल दिया. उनका जीवन आज भी दुनिया भर के लाखों लोगों को भक्ति, धार्मिकता और सत्य को दैनिक जीवन के मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करता है. इस मंदिर के पीछे प्रमुख स्वामी महाराज की प्रेरणा है. वह एक आध्यात्मिक गुरु रहे, जिनके निस्वार्थ, विनम्र और करुणामय जीवन ने अनगिनत जीवन बदल दिए. उन्होंने दुनिया भर में 1,200 से ज्यादा मंदिरों और सांस्कृतिक केंद्रों, साथ ही अस्पतालों, स्कूलों और मानवीय संस्थाओं के निर्माण को प्रेरित किया. साथ ही शांति, सद्भाव और नैतिक जीवन के अपने दृष्टिकोण से समाज का उत्थान किया. प्रमुख स्वामी महाराज हिंदू आस्था और संस्कृति के एक प्रखर प्रकाश स्तंभ थे.   इस मंदिर की परिकल्पना और साकार रूप महंत स्वामी महाराज, प्रमुख स्वामी महाराज के वर्तमान आध्यात्मिक उत्तराधिकारी और BAPS के वर्तमान गुरु, के दिव्य मार्गदर्शन में हुआ. अपने गुरु की दिव्य दृष्टि को साकार करते हुए महंत स्वामी महाराज ने दुनिया भर के हजारों स्वयंसेवकों को इस मंदिर के निर्माण के लिए समर्पण और निस्वार्थ सेवा को प्रेरित किया. उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि हमारी प्राचीन हिंदू कला, वास्तुकला और संस्कृति के बारे में जानें. शांति, सद्भाव, नैतिकता और निस्वार्थ सेवा के शाश्वत मूल्यों को अपनाएं. अपने जीवन, परिवार और समाज में विश्वास और प्रेम का प्रवाह निरंतर बना रहे. मंदिर की विशेषताएं पवित्र पूजा मंडपः यहां हर विजिटर पवित्रता, शांति और ईश्वर की दिव्य उपस्थिति का अनुभव करता है. देवताओं के दर्शन भक्तों को आंतरिक शक्ति, शांति और आध्यात्मिक आनंद से भर देते हैं. नीलकंठ अभिषेक मंडपमः भूतल पर भगवान स्वामीनारायण की नीलकंठ वर्णी के रूप में एक दीप्तिमान पंचधातु मूर्ति चमकती है. अपनी किशोरावस्था में, नीलकंठ वर्णी ने सात वर्षों तक पूरे भारत में 12,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की. इस दौरान त्याग, अनुशासन और भक्ति की प्रेरणा दी. यह मंडपम अभिषेक, प्रार्थना और चिंतन के लिए एक स्थान प्रदान करता है, जो आंतरिक शांति और आत्म-अनुशासन का संचार करता है. सभा मंडपः एक विशाल सभागार में प्रवचन, भक्ति संगीत और सत्संग सभाएं आयोजित की जाती हैं, जो दैनिक जीवन के लिए व्यावहारिक आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करती हैं. उद्यान और चिल्ड्रेन पार्कः मंदिर परिसर भूदृश्य उद्यानों से सुसज्जित है और जल्द ही इसमें एक चिल्ड्रेन पार्क भी होगा, जो सभी उम्र के विजिटर्स को शांति और आनंद प्रदान करेगा.   क्या है BAPS संगठन? बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) एक वैश्विक सामाजिक-आध्यात्मिक हिंदू संघ है, जिसकी औपचारिक स्थापना 1907 में भगवान स्वामीनारायण की परंपरा के तीसरे आध्यात्मिक उत्तराधिकारी शास्त्रीजी महाराज ने की थी. वैदिक मूल्यों पर आधारित BAPS मंदिरों, शैक्षिक सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, आपदा राहत, नशामुक्ति अभियानों, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण आदि के माध्यम से मानवता की सेवा करता है. दुनिया भर में 5,025 से अधिक केंद्रों और संयुक्त राष्ट्र में एक सलाहकार गैर सरकारी संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त, BAPS समग्र उत्थान, नैतिक जीवन और आध्यात्मिक जागृति के लिए कार्य करता है.   संस्थापक: भगवान स्वामीनारायण (1781-1830 ई.) स्थापना: 1907 में शास्त्रीजी महाराज द्वारा मुख्य उद्देश्य: नैतिक और सामाजिक उत्थान के साथ आध्यात्मिक प्रगति विजन: सद्भाव, सह-अस्तित्व और विश्व बंधुत्व को बढ़ावा देना आउटरीच: दुनिया भर में 1,700 से अधिक मंदिर, मान्यता प्राप्त मानवीय सेवाएं मुख्य सिद्धांत: अक्षरब्रह्म गुरु के मार्गदर्शन में परब्रह्म पुरुषोत्तम के प्रति अटूट भक्ति  

मुख्यमंत्री फेस तय करने का जिम्मा विधायकों को, पप्पू यादव ने कांग्रेस सम्मान पर जताई चिंता

मोतिहारी बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हैंं। इस चुनाव में महागठबंधन और एनडीए के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। लेकिन चुनाव से पहले अभी तक महागठबंधन का सीएम फेस कौन होगा? इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कई कार्यकर्ता यह कहते हैं आए हैं महागठबंधन में सीएम फेस तेजस्वी यादव होंगे। हालांकि, अभी तक इसपर महागठबंधन में शामिल घटक दलों की तरफ से साफ-साफ नहीं कहा गया है। इस बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। पप्पू यादव मोतिहारी में मौजूद थे। सांसद पप्पू यादव ने यहां महागठबंधन के सीएम फेस को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि चुनाव के बाद विधायक मुख्यमंत्री का चेहरा तय करेंगे। साथ ही साथ पप्पू यादव ने यह भी कहा है कि कांग्रेस पार्टी के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पप्पू यादव ने कहा, 'जनता हमारे विधायकों का चयन करेगी और विधायक मुख्यमंत्री का चयन करेंगे। अभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का मुद्दा नहीं है। ये हमारे नेता ने कह दिया है। एनडीए से पूछिए कि उनका सीएम फेस है क्या? अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि हम उनके नेतृत्व में लड़ेंगे लेकिन सीएम फेस बाद में देखेंगे। पप्पू यादव ने आगे कहा कि हमारे नेता का सम्मान, कांग्रेस वर्कर का सम्मान और कांग्रेस पार्टी के सम्मान, इन तीनों से कोई समझौता नहीं होगा। मोतिहारी आएंगे प्रियंका गांधी पप्पू यादव ने कहा कि मोतिहारी में प्रियंका गांधी का आगमन एनडीए सरकार के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन बनेगा। सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि वह युवाओं-बेटियों के हक की जोरदार आवाज बनेगी। प्रियंका गांधी 26 सितंबर को मोतिहारी के गांधी मैदान में रैली को संबोधित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह रैली संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए बड़ी क्रांति का प्रतीक बनेगी। यह 2025 से शुरू होकर 2029 तक देश बचाने का अभियान चलेगा।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: पंजाब में नए हाईस्पीड ट्रेन कनेक्शन पर जल्द ही हरी झंडी

चंडीगढ़  पंजाब के लिए केंद्र दो प्रमुख रेल परियोजनाओं की घोषणा करने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उनके उप-मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू मोहाली-राजपुरा रेल लिंक के शुरू होने की घोषणा करेंगे, जो 50 वर्षों से लंबित एक मांग है।  वह फिरोजपुर-नयी दिल्ली वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने की भी घोषणा करेंगे, जिसे इसी सप्ताह हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह ट्रेन बुधवार को छोड़कर पूरे सप्ताह चलेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोहाली-राजपुरा रेल लिंक आखिरकार शुरू होने जा रहा है। यह चंडीगढ़ को मालवा क्षेत्र- राजपुरा, पटियाला, संगरूर आदि से जोड़ेगा। फिरोजपुर से नयी दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन पूरे मालवा क्षेत्र को दिल्ली से भी जोड़ेगी। यह ट्रेन फिरोजपुर से बठिंडा, धुरी, पटियाला, अंबाला होते हुए नयी दिल्ली तक चलेगी।

परिवार पहचान पत्र से होगा बड़ा बदलाव, हरियाणा में एआई क्रांति फैलाएगी हर रिकॉर्ड में पारदर्शिता

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को सिर्फ पहचान या आधार लिंकिंग तक सीमित नहीं रखना चाहती। दूसरी पारी में इस योजना का चेहरा बदलने वाला है। सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस) के सहारे पीपीपी को भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड, आयकर रिटर्न (आईटीआर), बैंक अकाउंट और टीडीएस डेटा से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी ज़रूरत है। अभी तक पीपीपी केवल आधार और लाभार्थी परिवार के एक बैंक अकाउंट से जुड़ा हुआ है। लेकिन अब इसका दायरा काफी व्यापक होने जा रहा है। राज्य सरकार ने भूमि अभिलेखों को लिंक करने का काम पहले ही शुरू कर दिया है। अगले चरण में इसे केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के डाटा से भी जोड़ दिया जाएगा। यानी किसी भी परिवार की आय, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और टैक्स रिटर्न एक क्लिक में ट्रैक हो सकेंगे। हरियाणा सरकार का यह कदम कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी को स्मार्ट और पारदर्शी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी साबित हो सकता है। अब यह केवल पहचान का दस्तावेज नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्थिति का पूरा डिजिटल खाका होगा। सरकार की उम्मीद है कि पीपीपी और एआई का यह मेल हरियाणा की ‘लाभार्थी राजनीति’ को नई दिशा देगा और असली हकदारों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगा। एआई बदलेगा सरकारी योजनाओं की तस्वीर पीपीपी कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला का कहना है कि भूमि अभिलेखों और सीबीडीटी डेटा को पीपीपी से जोड़ना कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एआई से डेटा का विश्लेषण होगा, जिससे पात्रता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा। खोला के मुताबिक, योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा हो चुकी है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। 76 लाख परिवार जुड़े, 40 लाख बीपीएल हरियाणा में अब तक 76 लाख से ज्यादा परिवार पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। इनमें से 40 लाख से अधिक परिवार बीपीएल श्रेणी में दर्ज हैं। यही वजह है कि सरकार अब इस डाटा को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहती है, ताकि वास्तविक गरीब परिवारों को ही लाभ मिल सके। हालांकि बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़ने और फिर कटने को लेकर विपक्ष सरकार को घेरता भी रहा है। विधानसभा के हालिया मानसून सत्र में भी यह मुद्दा उठ चुका है। आय प्रमाण पत्र की जगह डिजिटल ट्रैकिंग अभी तक किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्र, आधार और कुछ सहायक दस्तावेज़ देना अनिवार्य था। लेकिन अब तस्वीर बदल जाएगी। एआई संचालित सिस्टम सीधे यह बता सकेगा कि किस परिवार की वास्तविक आय कितनी है, उनके पास कितनी जमीन है और वे किस टैक्स स्लैब में आते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड पहले से सरकारी विभागों में मौजूद हैं। एआई इन्हें जोड़कर पात्रता का असली नक्शा खींच देगा। योजनाओं में होगी पारदर्शिता सरकार का तर्क है कि जब लाभार्थियों का पूरा वित्तीय व भूमि डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, तो फर्जीवाड़े की संभावना बेहद कम हो जाएगी। किसी भी परिवार के कई बैंक खातों की जानकारी भी सामने आ जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का लाभ डुप्लीकेट अकाउंट या गलत दस्तावेज़ के आधार पर न लिया जाए। सरकार का कहना है कि यह कदम केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक बड़ा प्रयोग है। भविष्य की लम्बी प्लानिंग पीपीपी का यह नया स्वरूप हरियाणा को उन चुनिंदा राज्यों की कतार में खड़ा कर देगा, जो डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले चरण में आधार और बैंक अकाउंट लिंक किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में भूमि रिकॉर्ड और टैक्स डाटा इंटीग्रेशन पर काम होगा। तीसरे चरण में एआई आधारित डेटा विश्लेषण और पात्रता निर्धारण पर काम होगा।