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शिक्षा को बढ़ावा देने पर वक्फ समितियों को मिलेगा इनाम, वक्फ बोर्ड का बड़ा अभियान

भोपाल  वक्फ से होने वाली आय को समाज में तालीम को बढ़ावा देने पर खर्च करों और इनाम पाओ। प्रदेश में 15 हजार वक्फ समितियों को वक्फ बोर्ड (Waqf Board)ने टारगेट दिया है। इसके तहत पढ़ाई में अधिक से अधिक स्टूडेंट की मदद करनी होगी। इसके लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग वक्फ बोर्ड करेगा। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए प्रदेश में वक्फ समितियां हैं। जो बोर्ड के अधीन काम कर रही है। वक्फ प्रापर्टी की देखरेख से लेकर उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी इनके पास है। वक्फ संशोधन एक्ट के बाद वक्फ आय को ये समितियां शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी। हर समिति को अपने जिले में रिकॉर्ड रखना होगा। आय के मुताबिक स्कॉलरशिप देने से लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करना होगा। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग होना है। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग तय होना है। जिला स्तर पर वक्फ समितियों की तैयार होगी रिपोर्ट वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय तालीम पर खर्च होगी। वक्फ समितियों को इसकी जिम्मेदारी है। इसके आधार पर इनकी समीक्षा होगी। बेहतर काम करने वालों को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन के लिए होगा।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड दुकान और मकानों से आय वक्फ बोर्ड के मुताबिक वक्फ में कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरे सहित अन्य प्रापर्टी शामिल हैं। आय केवल दुकान और मकानों से है। ऐसे में कई जिले ऐसे हैं जहां कोई आय नहीं है। वहीं वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने 34 करोड़ की रिकवरी नोटिस जारी किए है। इनमें 27 करोड की रिकवरी भोपाल से ही होना है। इसके अलावा एक अन्य समिति को सात करोड़ का नोटिस बोर्ड ने भेजा है।

जनता को मिल सकती है और राहत, PM मोदी ने दिए GST में और कटौती के संकेत

 नोएडा नवरात्रि के पहले दिन (22 सितंबर) गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में भारी कटौती का तोहफा देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और खुशखबरी दी है। पीएम मोदी ने भविष्य में टैक्स में और ज्यादा कमी का संकेत दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ टैक्स कम होता जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में एक लाख की खरीदारी पर करीब 25 हजार का टैक्स लगता था, जो अब घटकर 5-6 हजार रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी इंटरनेशल ट्रेड शो का आगाज करते हुए गुरुवार को जीएसटी में हुई कटौती और इससे हो रही बचत का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने भविष्य में भी इसमें कमी का संकेत देते हुए कहा, 'आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं हम यहीं नहीं रुकने वाले। 2017 में हम जीएसटी लाए, आर्थिक मजबूती का काम किया। 2025 में फिर से लाए, फिर आर्थिक मजबूती करेंगे और जैसे-जैसे आर्थिक मजबूती होगी टैक्स का बोझ कम होता जाएगा। देशवासियों के आशीर्वाद से जीएसटी रिफॉर्म का सिलसिला निरंतर चलता रहेगा।' पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले इतने सारे टैक्स थे। एक प्रकार से टैक्स का जंजाल था। उसके कारण बिजनेस की कॉस्ट और परिवार का बजट दोनों ही कभी भी संतुलित नहीं हो पाते थे। एक हजार रुपये की शर्ट पर 117 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में जब हम जीएसटी लाए तो पहले जीएसटी में 170 रुपये से कम होकर 50 हो गया और अब 22 सितंबर के बाद उसी शर्ट पर सिर्फ 35 रुपये देने होंगे। 2014 में टूथपेस्ट, तेल शैंपू आदि पर कोई 100 रुपये खर्च करता था तो 31 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में टैक्स 18 रुपये रह गया। अब यही सामान 105 रुपये में मिलेगा। 131 रुपये का सामान एक 105 पर आ गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई परिवार 2014 से पहले साल में एक लाख रुपये का सामान खरीदता था तो उसे उस समय में करीब 25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था। लेकिन अब नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के बाद करीब 5-6 हजार रुपये टैक्स ही देना पड़ेगा। क्योंकि जरूरत के ज्यादातर सामान पर अब सिर्फ पांच फीसदी जीएसटी हो गया है। ट्रैक्टर से स्कूटर तक सस्ता पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले एक ट्रैक्टर खरीदने पर 70 हजार रुपये से अधिक टैक्स देना पड़ता था। अब उसी ट्रैक्टर पर सिर्फ 30 हजार का टैक्स देना पड़ता है। किसान को एक ट्रैक्टर पर 40 हजार की बचत हो रही है। थ्री व्हीलर पर तब 55 हजार का टैक्स लगता था, अब उसी पर जीएसटी करीब 35 हजार रह गया है। सीधे 20 हजार की बचत। जीएसटी कम होने की वजह से स्कूटर 2014 की तुलना में 8 हजार और मोटरसाइकिल 9 हजार सस्ती हो गई है। गरीब और मिडिल क्लास सबकी बचत हुई है। कांग्रेस पर जोरदार हमला पीएम मोदी ने टैक्स छूट का विस्तार से जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। 2014 से पहले जो सरकार चला रहे थे उसकी नाकामियां छिपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से झूठ बोल रहे हैं। सच यह है कि कांग्रेस सरकार में टैक्स की लूट थी और लूटे धन में से भी लूट होती थी। आम नागरिक को टैक्स की मार से निचोड़ा जा रहा था। हमारी सरकार ने टैक्स और महंगाई को कम किया है। देश के लोगों की आमदनी और बचत बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार में 2 लाख रुपये की आमदनी तक इनकम टैक्स माफ था, आज 12 लाख रुपये की आमदनी टैक्स फ्री है। इनकम टैक्स और जीएसटी में छूट से लोगों को ढाई लाख करोड़ की बचत हुई है।'

CMRS टीम भोपाल मेट्रो के निरीक्षण पर, OK रिपोर्ट के बाद आम जनता कर सकेगी सफर

भोपाल  कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना।  मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है। अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है। आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

रेलवे कर्मियों के लिए खुशखबरी: बोनस पर आया ताज़ा अपडेट

नई दिल्ली  रेलवे कर्मचारियों के बड़ी खुशखबरी है। खबर है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल अपनी आगामी बैठक में दिवाली बोनस के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि दिवाली और त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही रेलवे कर्मचारियों के लिए उत्पादकता-आधारित बोनस को मंजूरी दे सकता है। बता दें कि यह बोनस मुख्य रूप से गैर-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को उनके योगदान और भारतीय रेलवे की दक्षता और प्रदर्शन में सुधार के लिए दिया जाता है। पिछले साल करीब 11 लाख कर्मचारियों को यह बोनस मिला था। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा बल्कि त्योहारी खर्च में भी बढ़ोतरी हुई थी। क्या है डिटेल एक रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी बैठक में बोनस पर ऐलान संभव है। इस बीच जानकारों का मानना है कि रेलवे कर्मचारियों को बोनस का भुगतान (जो शहरी और अर्ध-शहरी भारत में एक विशाल उपभोक्ता आधार का प्रतिनिधित्व करते हैं) घरेलू खपत को सीधे बढ़ावा दे सकता है। इस साल की दीवाली पर यह कदम हाल ही में लागू जीएसटी कटौती के साथ मिलकर खुदरा और उपभोक्ता मांग को और तेज कर सकता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, त्योहारी मौसम में इस तरह की नकद बढ़ोतरी का गुणक होता है, जिससे वर्ष के अंतिम तिमाही में मांग में निरंतरता बनी रहती है। रेलवे कर्मचारियों के यूनियनों की मांग बता दें कि रेलवे कर्मचारियों के यूनियनों ने भी इस महीने सरकार से उत्पादकता बोनस बढ़ाने और आठवीं वेतन आयोग की स्थापना के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की है। भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने कहा कि अभी तक बोनस छठे वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन ₹7,000 के आधार पर दिया जा रहा है, जबकि सातवें वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹18,000 है। IREF के राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह ने इसे “अत्यंत अन्यायपूर्ण” बताया। इसी तरह, अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी संघ (AIRF) ने भी बोनस की गणना में मासिक सीमा ₹7,000 को हटाकर वर्तमान वेतन संरचना के अनुसार बढ़ाने की मांग दोहराई है।

तांत्रिक क्रिया के लिए कब्रों से छेड़छाड़ करने वाला बदमाश गिरफ्तार

खंडवा  खंडवा से निकलकर प्रदेशभर में सनसनी फैलाने वाला कब्रिस्तान छेड़छाड़ कांड आखिरकार सुलझ गया है। पुलिस ने इस घिनौने कृत्य के आरोपी तांत्रिक प्रवृत्ति के अपराधी अयूब खान (50) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलतः जावर थाने के अंतर्गत आने वाले मुंडवाड़ा गांव का रहने वाला है और पहले से ही निगरानी शुदा बदमाश है। पुलिस पूछताछ में अयूब ने स्वीकार किया कि वह कब्रों को खोदकर तंत्र क्रिया करता था। जानकारी मिली है कि इंदौर सेंट्रल जेल में सजा काटते समय उसने कुछ अपराधियों से तांत्रिक मंत्र-क्रियाएं सीखीं। इसी झूठी धारणा के चलते वह कब्रों पर छेड़छाड़ कर अपनी "शक्ति" बढ़ाने की कोशिश करता था। इसी साल 15 मई 2025 को वह जेल से बाहर आया था, जहां वह अपनी दोनों पत्नियों की हत्या के मामले में सजा काट रहा था। जेल से छूटने के महज चार दिन बाद यानी 19 मई की रात उसने खंडवा के बड़ा कब्रिस्तान और सिहाड़ा गांव में कब्रें खोदी थीं। हाल ही में 21 सितंबर को फिर से बड़ा कब्रिस्तान में कब्रों को नुकसान पहुंचाया गया। जब मुस्लिम समुदाय ने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उसी में आरोपी की पहचान हुई। अयूब खान के खिलाफ पहले से ही हत्या, चोरी और दहेज प्रताड़ना समेत करीब 13 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। दो पत्नियों की हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी थी और इसी दौरान वह जेल में तांत्रिक क्रियाओं से प्रभावित हुआ। खंडवा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने जानकारी दी कि आरोपी को हरसूद इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी का जुर्म स्वीकार करने के बाद अब उसके खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास और कब्रिस्तान में की गई वारदातें समाज में भय और असुरक्षा का कारण हैं, इसलिए उस पर कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई जरूरी है।

नीतीश सरकार ने दिया तोहफ़ा, इस महीने समय से पहले होगा वेतन भुगतान

पटना बिहार में विधान सभा का चुनाव होना है और इसकी अधिसूचना जारी होने में अब गिन कर दिन बच गए हैं।  इससे पहले हिन्दुओं का महापर्व दुर्गापूजा चल रहा है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ी घोषणा की है। यह घोषणा राज्यकर्मियों के लिए है।   मुख्यमंत्री नीतीश सरकार ने दुर्गापूजा को ध्यान में रखते हुए उनके सितंबर महीने के वेतन का भुगतान समय से पहले करने का ऐलान किया है। यह भुगतान आज यानी गुरुवार से शुरु हो जाएगा। सरकार के इस फैसले से राज्यकर्मियों ने एक बड़ी राहत की साँस ली है। क्यों कि राज्यकर्मी कर्मचारी अपने वेतन के इंतजार में बैठे हुए थे, इस घोषणा के बाद वह काफी खुश हैं। बिहार सरकार के इस घोषणा के बाद राज्यभर के कर्मचारियों में उत्साह और खुशी का माहौल है। इस संबंध में कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार से पहले वेतन मिलने से उनकी तैयारियों में आसानी होगी। अब पूरा परिवार एक साथ दुर्गापूजा की तैयारी करेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर वित्त विभाग ने यह आदेश जारी करते हुए आज गुरुवार से सितंबर महीने का वेतन भुगतान शुरू करने का निर्देश दिया है, क्यों कि बिहार सरकार का यह निर्णय दुर्गापूजा को ध्यान में रखकर लिया गया है।इसको लेकर वित्त विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर के द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार के कर्मचारी के साथ-साथ हाईकोर्ट, विधानसभा, विधान परिषद और राजभवन के कर्मियों को भी सितंबर का वेतन समय से पहले दिया जाएगा। इसके लिए आदेश की प्रति सभी कोषागार पदाधिकारियों को भेज दी गई है।

निवास में राज्य आनंद संस्थान अल्पविराम परिचय कार्यशाला संपन्न

मण्डला  निवास- शासकीय सेवकों के लिए विकासखंड स्तरीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला   राज्य आनंदम संस्थान आनंद विभाग मध्य प्रदेश शासन एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भोपाल का संयुक्त आयोजन मंडला जिले के विकासखंड निवास के कार्यालय जनपद पंचायत सभागार में आयोजित किया गया।  सर्वप्रथम मां भारती के चित्र में तिलक वंदन पुष्पहारअर्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला शुभारंभ किया गया, इसके पश्चात मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति मंजूरानी कुलस्ते, उपाध्यक्ष श्री घनश्याम सूर्यवंशी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा सोनी, मास्टर ट्रेनर राज्य आनंदम संस्थान से श्रीमति अर्चना शर्मा, श्रीमती रश्मि पाठक, श्रीमती संजुलता सिंगोर, श्रीमति वंदना तेकाम  का पुष्पहार भेंट कर स्वागत किया गया।  तत्पश्चात जन अभियान परिषद विकासखंड समन्वयक श्री सूरज  बर्मन द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित  जनपद पंचायत अध्यक्ष ने अपने  उद्बोधन में जीवन में आनंदित रहने हेतु अल्पविराम जैसे कार्यशाला में जुड़कर अपने जीवन  आनंदित करने  को कहा , उन्होंने  कहा कि ऐसे प्रशिक्षण बार बार होना चाहिए जिसमें नीचे से लेकर ऊपर तक के कर्मचारी संलित रहे, उपाध्यक्ष सूर्यवंशी जी द्वारा समस्त विभागों के शासकीय सेवकों को यह बतलाया  कि अपने से छोटे स्तर के सेवकों को भाईचारे के साथ व्यवहार कर उन्हें भी आनंदित रखें जिससे उत्साहपूर्वक सभी विभागीय कार्य संपादित हो सके तत्पश्चत मास्टर ट्रेनर अर्चना शर्मा के द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला हेतु सभी शासकीय सेवकों को प्रशिक्षित किया गया जिसमे अल्पविराम से जुड़े कुछ जीवन के प्रश्नों को सभी के सामने रखा गया।  जैसे 1.जीवन में आज तक मैं कितने लोगों की मदद किया?2. जीवन में आज तक कितने लोगों ने मेरी मदद कि?3. मैंने अपने जीवन में कितने लोगों को दुःख पहुंचाया?4. मेरे जीवन में कितने लोगों ने मुझे दुःख पहुंचाया? इन विषयों के साथ प्रशिक्षण दिया गया ,इसतरह सभी प्रशिक्षुओं के द्वारा बताया गया कि अल्पविराम परिचय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति अपने अस्त व्यस्थ जीवन में खुद को आनंदित नहीं कर पाते जिससे विभाग ने जन अभियान परिषद के सहयोग से म.प्र.के प्रत्येक विकास खण्ड में यह कार्यशाला आयोजित कर शासकीय सेवकों को आनंदित रहने हेतु अल्पविराम परिचय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है।  भोजना  उपरांत मास्टर ट्रेनरों के द्वारा अनेकों आनंदित हास्य गतिविधि कराई गई  जिसका सभी प्रशिक्षार्थियों द्वारा आनंद लिया गया, अल्पविराम परिचय कार्यशाला में परामर्शदाता श्रीमति अभिलाषा दुबे, श्री मनोज कुमार तिवारी, जय प्रकाश झारिया, उत्तम सिंह परस्ते, देवेन्द्र सिंह वरकड़े, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि संजय चौधरी, लोकेश्वर गोसाई, छात्र छात्राओं वा समस्त विभागीय अधिकारी/ कर्मचारी की उपस्थिति में कार्यशाला का समापन किया गया।

EOU की कार्रवाई: बिहार के इंजीनियर के पास करोड़ों की संदिग्ध संपत्ति बरामद

समस्तीपुर  बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में समस्तीपुर के विद्युत अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के छह ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई में फ्लैट, शॉपिंग मॉल निवेश, जमीन और संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं. प्रारंभिक जांच में 77% से अधिक संपत्ति अवैध पाई गई है.  बिहार में आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को समस्तीपुर के विद्युत अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई में गोरखपुर और वाराणसी में जमीन की खरीद, समस्तीपुर के शॉपिंग मॉल में निवेश और दानापुर स्थित फ्लैट के दस्तावेज मिले हैं. वहीं, सीवान में उनके पैतृक आवास और एक लॉकर से जुड़ी जानकारी भी ईओयू को हाथ लगी है. फ्लैट और बैंक खातों से जुड़े अहम सबूत दानापुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी में उनके फ्लैट से जमीन से संबंधित कागजात, बीमा रसीदें, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और वाहन संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए. ईओयू ने बताया कि विवेकानंद की पत्नी बॉबी के नाम पर सीवान एसबीआई में एक लॉकर भी मिला है, जिसकी तलाशी अभी ली जानी है. जांच में यह भी सामने आया कि विवेकानंद ने एचडीएफसी बैंक में मेसर्स आया इंटर प्राइजेज और मेसर्स ग्रेस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवेलपर्स के नाम पर खाते खोले थे. इन खातों में उनकी पत्नी का पैन कार्ड जुड़ा हुआ है. संदिग्ध बैंक लेनदेन का खुलासा जांच में पाया गया कि एचडीएफसी बैंक में ललन सिंह और विसर्जन सिंह के नाम से भी खाते खोले गए थे, जिनसे विवेकानंद का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी लिंक था. इन खातों में उनके पदस्थापन स्थलों से नगद और यूपीआई के माध्यम से बड़ी रकम जमा की जाती थी. बाद में यह धनराशि उनके खुद के, पत्नी के या संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खातों में ट्रांसफर की गई.  77% से अधिक की संदिग्ध संपत्ति प्रारंभिक जांच में विवेकानंद की कुल वैध आय 2.74 करोड़ रुपये पाई गई है, जबकि उनकी संपत्तियां 4.87 करोड़ रुपये से अधिक की हैं. यानी उन्होंने अपनी आय से करीब 77.84% अधिक संपत्ति अर्जित की है. ईओयू का मानना है कि दस्तावेजों के पूर्ण मूल्यांकन के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. पैतृक और खरीदी गई संपत्तियां विवेकानंद सीवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के संठी गांव के रहने वाले हैं. इसके अलावा उन्होंने रसीदचक में एक चार मंजिला मकान भी खरीदा है. जानकारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2009 में सहायक विद्युत अभियंता के रूप में सेवा शुरू की थी और अब तक सहरसा, दलसिंगसराय, हाजीपुर, मोतिहारी, पूर्णिया, छपरा, रोहतास और पटना में तैनात रह चुके हैं. ईओयू की आगे की कार्रवाई ईओयू की टीम अब तक मिले दस्तावेजों का विस्तृत आकलन कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़ी कड़ियां जोड़ने के बाद विवेकानंद के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. 

VVIP चेकअप में बड़ी चूक: गवर्नर का बीपी नहीं नाप पाई मशीन, ड्यूटी डॉक्टर पर गिरी गाज

ग्वालियर  मध्य प्रदेश गजब है। कभी आई के हाथों से चोर फोन लूट लेते हैं तो कभी डॉक्टर गवर्नर का ब्लड प्रेशर चेक नहीं कर पाते हैं। राजधानी भोपाल में पुलिस अधिकारी के साथ चोरी की वारदात के बाद अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल का ब्लड प्रेशर चेक करने में लापरवाही का मामले में विभाग एक्शन लेने की तैयारी में है। लापरवाही करने वाले डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ नोटिस भेजे जाने की तैयारी है। दरअसल, 22 सितंबर को ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी शामिल हुए थे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ग्वालियर के मुरार गेस्ट हाउस में ठहरे थे। सुबह उनका नियमित चेकअप किया जाना था। जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम पहुंची। जैसे ही बीपी चेक किया गया तो मशीन एरर बताने लगी। कई बार की गई कोशिश जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बार-बार कोशिश की लेकिन राज्यपाल का बीपी कितना था। यह जानकारी नहीं मिल सकी। इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव ने कहा था कि बीपी मशीन की बैटरी खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने मौके पर ही बैटरी बदली लेकिन उसके बाद भी जांच नहीं हो सकी। अब इस मामले में सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया गया है। सिविल सर्जन पर हो सकती है कार्रवाई जिसके बाद सिविल सर्जन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। CMHO ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब मांगा गया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में आईजी की फोन हुआ था चोरी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चोरी की वारदात सामने आई थी। अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। आईजी इंटेलिजेंस डॉ आशीष से अपराधियों ने मोबाइल छीन लिया। आईजी वीवीआईपी इलाके चार इमली में खाना खाने के बाद रात को टहल रहे थे इस दौरान बाइक से आए अपराधी फोन छीनकर भाग गए। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराधियों की तलाश शुरू कर दी।  

एसीबी ने ग्राम विकास अधिकारी सोनाक्षी यादव को 1000 रुपये रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

अजमेर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अजमेर इकाई ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सोनाक्षी यादव को एक हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवादी की मकान राशि पास करने के नाम पर रिश्वत मांग रही थी। एसीबी मुख्यालय को प्राप्त शिकायत में परिवादी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उसके मकान निर्माण की स्वीकृत राशि जारी कराने के लिए ग्राम विकास अधिकारी ने कुल 2500 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसमें से 500 रुपये वह सत्यापन के दौरान पहले ही ले चुकी थी और शेष 2000 रुपये बाद में देने को कहा गया था। सत्यापन के समय 500 रुपये प्राप्त करने के बाद, आरोपी ने परिवादी से स्पष्ट रूप से कहा कि राशि पास कराने के लिए शेष रकम चुकानी होगी। शिकायत की पुष्टि और सत्यापन के बाद एसीबी ने योजना बनाते हुए आज ट्रेप कार्रवाई की। उप महानिरीक्षक पुलिस अनिल कयाल के सुपरवीजन में, निरीक्षक कंचन भाटी के नेतृत्व में एसीबी टीम ने सोनाक्षी यादव को 1000 रुपये की रिश्वत लेते ही रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही रिश्वत की राशि बरामद कर ली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की महानिदेशक पुलिस, स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपिता से पूछताछ की जा रही है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। एसीबी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार पर सख्त निगरानी जारी है। एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क करें। ब्यूरो शिकायतकर्ताओं की पहचान को गोपनीय रखकर कार्रवाई करता है। यह गिरफ्तारी राजस्थान में चल रहे एसीबी के विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत कई विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।