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महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया का बाल निकेतन पर औचक निरीक्षण, बच्चों के हित में सख्त निर्देश

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा। मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।  

गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने सरकार कृत संकल्पित- शिक्षा मंत्री यादव

रायपुर प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार कृत संकल्पित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूरवासियों को नवनिर्मित शाला भवन की सौगात मिलने पर बधाई दी और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा  “जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा।”          शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित शाला भवन का लोकार्पण के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह भवन 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मंत्री  यादव ने गुरूर के शाला परिसर में डोम सहित कला मंच, सायकल स्टैण्ड तथा प्रार्थना स्थल में डोम निर्माण की घोषणा की। साथ ही स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उत्कृष्ट विद्यालय गुरूर के प्रार्थना स्थल में भी डोम निर्माण की घोषणा की।        शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से परीक्षा ली जाएगी। साथ ही 9 वीं से 12 वीं तक के लिए सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ई-कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नालंदा परिसरों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी ई-कोचिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की नई शिक्षा प्रणाली को दूरदर्शी बताते हुए  यादव ने कहा कि इसे दुनिया के 13 देशों में अपनाया जा चुका है। हाल ही में गुजरात जाकर वहाँ के उत्कृष्ट शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में इसरो के सैटेलाइट के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को अध्यापन कराया जा रहा है, जहाँ संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं होते। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।            कार्यक्रम में स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसकी मंत्री ने सराहना की। कार्यक्रम में विधायक मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष मती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष  प्रदीप साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  यशवंत जैन,  चेमन देशमुख, पूर्व विधायक  प्रीतम साहू एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं गण्मान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नरेंद्र मोदी: जीएसटी सुधारों के सूत्रधार और आधुनिक भारत के चाणक्य

जीएसटी सुधार- वर्तमान भारत के चाणक्य नरेंद्र मोदी  वस्तु एवं सेवा कर,जीएसटी,भारत के भूतो न भविष्यति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 1 जुलाई 2017 से लागू किया गया। स्वतंत्र भारत के आर्थिक इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण सुधार है। वर्ष 2000 में भी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जीएसटी का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। तब कांग्रेस ने विरोध किया।10 साल तक कांग्रेस की मनमोहन सरकार भी राज्यों को कर हानि, राजस्व हानि के विरुद्ध गारंटी नहीं दे सकी।राज्यों को एकीकृत कर प्रणाली हेतु आश्वस्त करने में विफल रही। मोदी सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली ने सभी राज्यों को आर्थिक गारंटी दी।फलस्वरूप राज्य सहमत हुए और 1 जुलाई 2017 से संपूर्ण देश में एक समान वस्तु एवं सेवा कर लागू हुआ।एक देश एक कर व्यवस्था आरम्भ हुई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से 15 अगस्त 2025 को भारत की जनता को संबोधित करते हुए जीएसटी में नई पीढ़ी के सुधारों एवं 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पुण्यकाल से देश में लागू करने की घोषणा की गई थी।इस संकल्पना में मोदी सरकार का अगली पीढ़ी का सुधार एवं नागरिक देवो भव: के मंत्र का पालन स्पष्ट रूप से झलकता है।जीएसटी टैक्स स्लैब में 12 और 28 प्रतिशत के स्लैब को हटा दिया गया है। प्रमुख रूप से भारत की जनता जनार्दन की दैनिक आवश्यकता की लगभग 99 प्रतिशत वस्तुओं एवं सेवाओं पर कर, शून्य या 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत कर दिया गया है।सोना,चाँदी आदि मूल्यवान धातुओं पर पूर्व की भाँति 3 प्रतिशत जीएसटी रहेगा।विलासिता एवं सिन आइटम पर 40 प्रतिशत जीएसटी रहेगा।अनेक खाद्य पदार्थ,जीवन बीमा, मेडिकल स्वास्थ्य बीमा, स्वास्थ्य सेवा पर जीएसटी शून्य होने से अत्यधिक लाभ होगा।औषधियों पर टैक्स 12 से कम कर 5 प्रतिशत कर दिया है।कृषि उपकरणों पर 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत करने से किसानों को भी लाभ होगा।निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट पर टैक्स 28 से कम होकर 18 प्रतिशत हो गया है ।आवास भी सस्ते होंगे ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एस्पिरेशनल इंडिया का उल्लेख जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण कार बाजार में देखने को मिल रहा है। मारुति सुजुकी ने कार बुकिंग का पिछले 35 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हुंडई  के शोरूम में भी 5 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा है। जीएसटी दरों में कटौती के पहले दिन मारुति ने 25,000 कारों की डिलीवरी की। मारुति के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने कहा है कि यह वास्तव में एक ऐतिहासिक क्षण है, पिछले 35 वर्षों में ऐसा पहली बार देखा गया है कि पहले ही दिन 80,000 पूछताछ दर्ज हुईं और 25,000 से अधिक कारें डिलीवर कर दी गई। उन्होंने बताया कि डिलीवरी शीघ्र ही 30,000 तक पहुंच जाएगी। कंपनी को पहले ही दिन 75,000 से 85,000 बुकिंग  प्राप्त हुईं हैं।पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का बाजार असाधारण रूप से मजबूत है और जीएसटी सुधार का प्रभाव भी अभूतपूर्व रूप से हुआ है।  नए सुधारों को लागू करवाने में,सभी राज्यों को सहमत करने में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का योगदान भी अतुलनीय है।पूर्व में वर्ष 2025-26 के बजट में मोदी सरकार ने आयकर की सीमा को 12 लाख कर दिया है।इससे भी जनता को धनलाभ हो रहा है।दोनों एतिहासिक कर सुधारों से जनता जनार्दन को प्रति वर्ष 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ होगा।अर्थ व्यवस्था में खपत बढ़ेगी।अर्थव्यवस्था में प्रतिवर्ष 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खपत बढ़ेगी।जनता जनार्दन की क्रय शक्ति बढ़ेगी।भारत भी अर्थव्यवस्था के पथ पर तीव्र गति से कुलांचे भरेगा,दौड़ेगा।वर्तमान में भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था है।विश्व में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।द्रुत गति से निकट भविष्य में पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य अर्जित कर लेगा।विश्व की तीसरी सर्वाधिक अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा।  वर्ष 2014 में मनमोहन सरकार ने अगले 30 वर्षों में 2045 तक 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को अर्जित करने का अनुमान संसद में बजट सत्र के समय बताया था।मोदी सरकार इस लक्ष्य को लगभग 20 साल पहले ही अर्जित करने जा रही है।  भारतीय स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 35 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान अनेक आर्थिक रेटिंग एजेन्सी लगा रहीं हैं।सैकड़ों आर्थिक सुधारों को लागू करने से, मोदी सरकार ने अर्थ तंत्र को अविश्वसनीय, अद्वितीय, अकल्पनीय गति प्रदान कर सशक्त और समृद्ध बनाया है। भाजपा की अनेक राज्यों की सरकार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को कंधे से कंधा मिला कर पूर्ण कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पुरूषार्थी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,भाजपा के संगठन निष्ठ,तपस्वी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल,अनुशासन प्रिय प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा,उपमुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और नेता, जनता जनार्दन से संवाद कर रहे हैं। व्यापारियों से संवाद कर रहे हैं। व्यापारियों को स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय एवं जनता को स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करने का आग्रह कर रहे हैं। जिससे भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। भारत का निर्माण क्षेत्र भी तीव्र गति से समुन्नत हो ,वृद्धि करे।  महानतम अर्थशास्त्री चाणक्य के मंत्र-तस्मान्नित्योत्थितो राजा,कुर्यादर्थानुशासनम् ।अर्थस्य मूलमुत्थानम, अनर्थस्य विपर्ययः । इस मंत्र का पालन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय अर्थव्यवस्था को समुन्नत कर रहे हैं, समृद्ध बना रहे हैं।जनता जनार्दन को आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं।अतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक भारत के चाणक्य हैं, कौटिल्य हैं, विष्णु गुप्त हैं। इति श्री। लेखक- सत्येंद्र जैन  

सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता

मंत्री  सारंग की अध्यक्षता में म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ एवं बीज संघ की साधारण सभा संपन्न सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता एमपी चीता ब्रांड बनेगा म.प्र. बीज संघ की पहचान – किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में आज समन्वय भवन, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की वार्षिक साधारण सभाएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न समितियों के सदस्य एवं संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आवास संघ की 47वीं साधारण सभा सभा की शुरुआत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ की 47वीं वार्षिक साधारण सभा से हुई। इस दौरान आवास संघ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना और नवीन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट भी रखा गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आवास संघ को प्रदेश में एक सशक्त निर्माण एजेंसी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि संघ द्वारा कराए जाने वाले सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और उन्हें समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों को आवास संघ की सदस्यता प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सदस्यता शुल्क राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जा रहा है, जिससे संघ का कॉर्पस फंड सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांसद एवं विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को भी आवास संघ के माध्यम से कराने की दिशा में पहल की जाए। बीज संघ की 20वीं साधारण सभा- ‘एमपी चीता ब्रांड’ की पहचान मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की 20वीं साधारण सभा संपन्न हुई। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है और इसमें सहकारिता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बीज उत्पादन और वितरण को लेकर गंभीर है। इसी दिशा में “एमपी चीता” नामक ब्रांड विकसित किया गया है, जो बीज संघ की पहचान बनेगा। इस ब्रांड के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि समितियां ही “एमपी चीता” ब्रांड की ब्रांड एंबेसडर होंगी। इसके लिए पांच वर्षों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे राष्ट्रीय स्तर तक स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों की उपज और आमदनी दोनों बढ़ाते हैं। “एमपी चीता” ब्रांड का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, सहकारी संस्थाओं को लाभ पहुँचाना और प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है। वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्यों की उपस्थिति सभा में सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र दीक्षित, आवास संघ के प्रबंध संचालक श्री आर.एस. विश्वकर्मा सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।

झारसुगुड़ा दौरे पर पीएम मोदी, 27 सितंबर को युवाओं से करेंगे संवाद

झारसुगुड़ा (ओडिशा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को ओडिशा के झारसुगुड़ा दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। संबलपुर के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) सचिन रामचंद्र जाधव ने पीएम मोदी के दौरे के बारे में जानकारी दी। दरअसल, पीएम मोदी का यह दौरा मूल रूप से ब्रह्मपुर में होना था, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश की संभावना के कारण इस कार्यक्रम को झारसुगुड़ा में स्थानांतरित कर दिया गया। कार्यक्रम का नया स्थान झारसुगुड़ा का अमलीपल्ली मैदान होगा। संबलपुर के राजस्व प्रभागीय आयुक्त (आरडीसी) सचिन रामचंद्र जाधव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 27 सितंबर को झारसुगुड़ा में एक भव्य आयोजन किया जाएगा। हमें जानकारी मिली है कि इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी शामिल होंगे और वे युवाओं को संबोधित भी करेंगे। उन्होंने कहा, “ये कार्यक्रम झारसुगुड़ा के अमलीपल्ली मैदान में आयोजित होगा। पीएम मोदी इस अवसर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। हमें परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से संबंधित सूचना के जल्द मिलने की उम्मीद है, जिसे मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।” मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बड़ी संख्या में युवाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरे के दौरान वे रेलवे पर विशेष जोर देते हुए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,700 करोड़ रुपए से अधिक है, जो क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी सुधारने और अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित हैं। यह दौरा देशव्यापी ‘सेवा पर्व’ पहल का हिस्सा है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस उच्च स्तरीय आयोजन के लिए जोरदार तैयारियां शुरू कर चुकी हैं।  

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का 'महाकुम्भ' : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा – रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी  – पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत – ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता – रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी से युवा होंगे तकनीक से रूबरू – फर्स्ट एड और जीवन रक्षा कौशल से सीखेंगे व्यवहारिक जीवन प्रबंधन – खेल और टीमवर्क से बढ़ेगा अनुशासन और नेतृत्व का भाव – सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यूपी को मिली जम्बूरी मेजबानी – 29 सितंबर को होगा टेंट सिटी का भूमि पूजन, मंत्रीगण करेंगे शिरकत – आयोजन बनेगा युवा शक्ति और अनुशासन का महापर्व लखनऊ  राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है।  साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।  

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई

मिशन शक्ति- 4 रेनू देवी ने दूध व्यवसाय से लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी  नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई  रेनू देवी साथ स्वरोजगार से जुड़कर 70 से अधिक महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर लखनऊ ग्राम धर्मपुर, ब्लॉक रुद्रपुर, जिला देवरिया की रेनू देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की अनुपम मिसाल पेश की है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) के सहयोग से संभव हुआ। आज रेनू न केवल अपनी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं, बल्कि अपने गाँव की 69 महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं, जो मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिख रही हैं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुहिम ने रेनू जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार दिया है। रेनू देवी का सफर तब शुरू हुआ जब वे चमेली स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जहाँ उन्हें सामूहिकता और बचत का पहला सबक मिला। हालांकि, समूह से होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस बीच, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था के दूध संकलन केंद्र (MPP) की स्थापना हुई। संस्था की बैठकों में जब रेनू ने सुना कि दूध की गुणवत्ता के लिए उचित मूल्य, व्यवस्थित संग्रह और सीधा बैंक भुगतान मिलेगा, तो उन्हें आत्मनिर्भरता का नया रास्ता दिखाई दिया। रेनू बताती हैं कि मैंने सोचा, यह मेरे लिए सम्मानजनक आजीविका और बचत का जरिया हो सकता है। संस्था से जुड़ने से पहले रेनू के पास सिर्फ 2 गाय थीं, जिनसे 4 लीटर दूध प्रतिदिन मिलता था, जो घरेलू उपयोग में चला जाता था। 7 दिसंबर 2023 को संस्था की सदस्य बनने के बाद उन्हें गुणवत्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिला। इस सहायता से प्रेरित होकर उन्होंने 3 और गायें खरीदीं और अब उनके पास 5 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 25 लीटर दूध प्राप्त होता है। यह दूध वे दूध संकलन केंद्र (MPP) पर जमा करती हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब तक उन्होंने 4.50 लाख रुपये से अधिक का सालाना व्यवसाय कर रही हैं। औसत मासिक आय 44 हजार रुपये से अधिक है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे वे नियमित बचत कर रही हैं। रेनू बताती हैं कि योगी सरकार की योजनाओं ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। वे अपने तीन बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ा रही हैं और परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद कर रही हैं। कहती हैं कि संस्था का सहयोग और समय पर भुगतान ने मुझे आत्मविश्वास दिया। अब मैं सिर्फ अपनी नहीं, अपने गाँव की महिलाओं की प्रेरणा बनना चाहती हूं। उनकी प्रेरणा से अब तक 69 महिलाएं संस्था से जुड़ चुकी हैं, जो उनके मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने रेनू जैसी हजारों महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है। सीएम योगी की दूरदर्शी नीतियों ने रेनू जैसे ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ आर्थिक स्वावलंबन का अवसर दिया है। आज वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के चेहरे के रूप में उभरी हैं, जो न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को सशक्त कर रही हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जबकि आजीविका मिशन ने उन्हें आर्थिक आजादी प्रदान की। रेनू की मेहनत और सरकार के सहयोग ने उन्हें लखपति दीदी बना दिया, जो अब गाँव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

नवरात्र में जरूर करें तुलसी से जुड़ा ये उपाय, दूर होगी आर्थिक तंगी

सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व बताया गया है. यह नौ दिवसीय पावन पर्व माता दुर्गा और उनकी नौ शक्तियों की आराधना का काल माना जाता है. मान्यता है कि इस अवधि में  सच्चे मन से उपासना करने से भक्त की मनोकामना जल्द पूरी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य का संचार होता है. इस साल शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 22 सितंबर से हो चुका है और इसका समापन 1 अक्टूबर को होगा. ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दिनों में यदि तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो जीवन की कई कठिनाइयों से मुक्ति मिल सकती है. तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान प्राप्त है. इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और घर में तुलसी का होना स्वयं में ही शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. आइए जानते हैं नवरात्र में तुलसी पूजन से जुड़े कुछ खास उपाय और उनके चमत्कारी लाभ. सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ेगा नवरात्र के नौ दिनों में रोजाना तुलसी माता के पौधे के पास घी या तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है. यह उपाय घर को  सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है. दीपक जलाने से घर में शांति, सुख और सौभाग्य का वास होता है.  दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी  नवरात्र में तुलसी माता की पूजा करते समय उन्हें लाल चुनरी पहनाना और उनके पास शृंगार सामग्री जैसे कुमकुम, चूड़ी, बिंदी आदि अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है. यह उपाय विशेष रूप से दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने वाला माना गया है. पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती हैॉ और घर-परिवार में सौहार्द का वातावरण बनता है.  आर्थिक तंगी दूर होगी यदि लंबे समय से आप आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तो नवरात्र के दिनों में यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी माना गया है. लाल कपड़े में तुलसी की कुछ पत्तियां बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखें. ऐसा करने से धन संबंधी परेशानियों का निवारण होता है और धीरे-धीरे धन-संपत्ति की वृद्धि होने लगती है. यह उपाय घर में स्थायी लक्ष्मी के वास का भी प्रतीक माना गया है.

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग

रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन रायपुर छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।                  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे। मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी। होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं। निवेश प्रक्रिया की सरलता मुख्यमंत्री  साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया। नई तकनीक और एआई सेक्टर मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पावर हब की ओर कदम उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा। कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा। सेवा क्षेत्र की नई पहचान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई … Read more

मुजफ्फरपुर सबसे आगे, लेकिन इन विधानसभा सीटों पर महिलाओं को नहीं मिली जीत

पटना बिहार की 45 विधानसभा सीटों पर अबतक एक भी महिला नहीं चुनी गई हैं। मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जिले में ही ऐसी सीटों की संख्या सबसे अधिक हैं। मुजफ्फरपुर की 11 विधानसभा क्षेत्रों में से आठ सीटों पर एक भी महिला नहीं जीती है। दूसरी तरकफ दरभंगा और समस्तीपुर में भी आठ सीटों से अब तक किसी महिला को विधान सभा की दहलीज तक जाने का मौका नहीं मिला है। राष्ट्रीय दलों ने टिकट देने में अनदेखी की तो निर्दलीय भी इन महिलाओं ने अपनी किस्मत आजमाई। लेकिन, कड़े संघर्ष के बाद भी जीत हासिल नहीं कर सकी। बिहार में मतदान करने में भले ही महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, मगर आज भी टिकट मिलने के मामले में वे पीछे हैं। इस कारण इसकी भागीदारी कम है। सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी नहीं मिल पाता टिकट: राजनीति की जानकार डॉ.तारण राय, डॉ. पूनम सिंह समेत अन्य महिलाएं कहती हैं कि सभी राजनीतिक दलों में महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी रहती है। इनमें कार्यकर्ता के तौर पर महिलाओं की मुख्य भूमिका होती है, क्योंकि महिला वोटर मतदान केंद्रों पर अधिक पहुंचती हैं। मगर विडंबना यह कि कार्यकर्ता के रूप में मेहनत करने वाली महिलाओं को टिकट देने में सभी दल पीछे हो जाते हैं। यह स्थिति तब है जब इन क्षेत्रों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से लगातार अधिक रहा है। वर्षों से लड़ रही हैं चुनाव, मगर नहीं मिली जीत डॉ. तारण राय कहती हैं कि मुजफ्फरपुर की आठ, पूर्वी चंपारण की छह, शिवहर की एक, सीतामढ़ी की तीन, समस्तीपुर और दरभंगा की आठ-आठ,पश्चिम चंपारण की चार और मधुबनी की सात सीटें ऐसी हैं जहां से महिलाओं को कभी जीत नहीं मिली। इन इलाकों में महिलाएं वर्षों से चुनाव लड़ती रही हैं, संघर्ष करती रही हैं। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर की 11 में से आठ सीटों पर आज तक कोई महिला विधायक नहीं बनी। इसमें मुजफ्फरपुर, औराई, मीनापुर, बरुराज, कांटी, साहेबगंज, कुढ़नी और सकरा जैसी सीट हैं। यह हाल तब है जब इन इलाकों में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत कहीं अधिक है। 2020 में इन इलाकों में महिलाओं का वोटिंग 62.5 % था, जबकि 55%पुरुषों ने ही मतदान किया था। मधुबनी की मधुबनी, हरलाखी, बिस्फी, खजौली, झंझारपुर, लौकहा और राजनगर सीट महिला नेतृत्व से वंचित रही हैं। इन इलाकों में महिलाओं के मत का प्रतिशत पुरुषों से 5% अधिक रहा है। पूर्वी चंपारण की 12 सीटों में से छह सीटें रक्सौल, सुगौली, हरसिद्धि, पीपरा, मोतिहारी और मधुबन से भी अबतक कोई महिला विधायक नहीं बनी है। सीतामढ़ी की तीन प्रमुख सीटें सीतामढ़ी, रीगा और सुरसंड पर आज तक महिला उम्मीदवार सफल नहीं हो सकी हैं।