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योगी सरकार की मेजबानी में लखनऊ में जुटेंगे 32 हजार युवा

सिर्फ आयोजन नहीं, 'जम्बूरी' बनेगा युवाओं के जीवन में बदलाव की प्रक्रिया योगी सरकार की मेजबानी में लखनऊ में जुटेंगे 32 हजार युवा  देशभर के 30 हजार और 2 हजार विदेशी युवा करेंगे संयुक्त अभ्यास – आत्मनिर्भरता, अनुशासन और टीमवर्क का होगा अभ्यास – राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता को मिलेगा बढ़ावा – वैश्विक भाईचारे और समाजसेवा की भावना को जगाएगा जम्बूरी  – जीवनभर की यादें, मित्रता और प्रेरणा देगा लखनऊ में होने वाला ये आयोजन लखनऊ  प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवंबर 2025 में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं के जीवन को नई दिशा देने वाली प्रक्रिया साबित होगी। देशभर के 30 हजार और 2 हजार विदेशी युवाओं के साथ भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा आयोजित यह आयोजन न केवल स्काउटिंग आंदोलन को मजबूती देगा, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक तैयार करने का भी मंच बनेगा। योगी सरकार इस महा आयोजन की मेजबान है, लिहाजा आयोजन के जरिए राष्ट्रीय एकता का संदेश भी प्रसारित होगा।  नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की मिलेगी सीख जम्बूरी की सबसे बड़ी देन युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास है। अस्थायी टेंट सिटी में सीमित संसाधनों के बीच रहकर प्रतिभागी आत्मनिर्भरता, अनुशासन और समय प्रबंधन सीखेंगे। यही अनुभव आगे चलकर उन्हें समाज और राष्ट्र के लिए प्रभावी नेतृत्वकर्ता बनाते हैं। राष्ट्रीय एकता और वैश्विक भाईचारा का पैदा होगा भाव यह आयोजन युवाओं को देश के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के कई देशों से आए साथियों से मिलने का अवसर देगा। संवाद और सहभागिता से उनमें सांस्कृतिक विविधता की समझ गहरी होगी और वैश्विक भाईचारे की भावना मजबूत होगी। यही अनुभव भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराएगा आयोजन करीब 5 दिन चलने वाले इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रोजेक्ट्स इसका अहम हिस्सा होंगे। इन गतिविधियों से युवाओं में दायित्वबोध और संवेदनशीलता का विकास होगा। यही सीख उन्हें भविष्य में समाज की बेहतरी और देश की प्रगति के लिए कार्य करने की प्रेरणा देगी। जीवनभर की यादें और रिश्ते जम्बूरी के दौरान बने अनुभव और रिश्ते जीवनभर युवाओं के साथ रहते हैं। यही कारण है कि स्काउटिंग से जुड़े लोग इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं। एडवेंचर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विज्ञान की खोज और टीमवर्क युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार करते हैं। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी मिली है। लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर बनने वाली भव्य टेंट सिटी में 32 हजार प्रतिभागियों और 3 हजार स्टाफ के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। 29 सितंबर को भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि राष्ट्रपति महोदया 28 नवंबर को इसका समापन करेंगी। भविष्य की राह तय करेगा आयोजन लखनऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जम्बूरी 2025 युवाओं को यह संदेश देगी कि राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब युवा अनुशासित, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनें। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत और ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी न केवल स्काउटिंग आंदोलन का नया अध्याय होगी, बल्कि यह भारत और विश्व के हजारों युवाओं को जीवनभर की प्रेरणा और दिशा देने वाला आयोजन भी साबित होगा।  

नयी पार्टी लॉन्च: तेज प्रताप यादव के पोस्टर पर दिखाई देंगी ये पांच मशहूर शख्सियतें

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और लालू परिवार से निकाले जाने के बाद बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल के नाम से नई पार्टी का गठन किया है। इसका चुनाव चिह्न ब्लैक बोर्ड है। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप इसी पार्टी से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेंगे। उन्होंने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का पोस्टर अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें बिहार और देश भर की 5 प्रमुख हस्तियों की तस्वीरें भी शामिल हैं। यह पोस्टर सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के पोस्टर में सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो लगा है। इसके बाद बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर है। तीसरे नंबर पर स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया का फोटो लगा है। उनके बाद लोकनायक जय प्रकाश नारायण और पांचवें नंबर पर जननायक कर्पूरी ठाकुर का फोटो है। तेज प्रताप ने इस पोस्टर के जरिए संदेश देना चाहा है कि वह गांधीवादी नैतिक मूल्यों पर चलते हुए सामाजिक न्याय की जनकेंद्रित राजनीति में यकीन रखते हैं और पिछड़े, दलित और गरीब सहित समाज के सभी शोषित वर्गों को साथ लेकर चलते हैं। हालांकि, पोस्टर में तेज प्रताप के पिता लालू की तस्वीर नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे आरजेडी से हटकर राजनीति करने जा रहे हैं। बता दें कि अनुष्का यादव के साथ रिलेशनशिप का पोस्ट एवं फोटो सार्वजनिक होने के बाद तेज प्रताप यादव को पिता लालू ने अपने परिवार से बेदखल कर दिया था। उन्हें आरजेडी से भी 6 साल के लिए निष्कासित किया गया। इसके बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। वह वैशाली जिले की महुआ सीट से खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ अन्य सीटों पर भी अपनी पार्टी के कैंडिडेट उतार सकते हैं।  

सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित पांच लाख से अधिक छात्रों को दीपावली से पहले दी जाएगी छात्रवृत्ति: सीएम योगी  – सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति – बोले, वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी जा रही – वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी – वर्ष 2017 से पहले सितंबर-अक्टूबर की छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल में दी जाती थी, इसमें भी होता था भेदभाव – सीएम बोले, हमारी सरकार ने पिछली सरकारों में छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दी स्कॉलरशिप  – विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा – हमारा प्रयास होना चाहिए हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है  लखनऊ, अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले उनके खाते में छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी। वहीं जिनकी वजह से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पायी है, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आने वाले समय में ऐसी त्रुटि न हो। किसी भी देश और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आईजीपी में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में कही। इस दौरान सीएम योगी ने कई छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की।  हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक-एक बच्चे को दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी। इसमें मनमानी होती थी। वहीं जो छात्रवृत्ति छात्रों को सितंबर-अक्टूबर में प्राप्त होनी चाहिए थी, वह छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल तक पहुंचती थी। इसमें भी भेदभाव होता था। वर्ष 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के एक-एक बच्चे को दी गयी। उन्हाेंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 से 12 वीं के अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य जाति के 4 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जा रही है। इसमें पहले चरण में 1 लाख 12 हजार छात्र  छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 25,000 छात्र-छात्राएं सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अनुसूचित जाति-जनजाति के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा गया। वर्ष 2017-18 से  2024-25 में सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं को 5,945 करोड़ रुपए उनके अकाउंट में भेजे गये।  कुछ लोग आत्मनिर्भर भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे सीएम योगी ने छात्रों से कहा कि आपके हाथों में आने वाली पीढ़ी का नेतृत्व आने वाला है, उसके लिए अभी से मानसिक रूप से तैयार रहिये। हम कैसा भारत चाहते हैं, इस पर अभी से सोचना होगा। याद रखिएगा विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है। हर छात्र और वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है। उसकी शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना है। आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है, डीबीटी के जरिये सीधे खाते में भेजी जा रही धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ 91 लाख, 2018-19 में 1,883 करोड़ 96 लाख, 2019-20 में 1,887.29 करोड़, 2020-21 में 1,505 करोड़ 53 लाख, 2021-22 में 1,581 करोड़ 42 लाख, 2022-23 में 1,813 करोड़ 97 लाख, 2023-24 में 2,608 करोड़ 13 लाख, 2024-25 में 2,861 करोड़ 38 लाख और 2025-26 में 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी गयी। सीएम ने कहा कि वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है। आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति पिछड़े वर्ग के छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार द्वारा लगातार राशि में वृद्धि करते हुए छात्रों को योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति को तकनीक से बेहतर करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन की कार्रवाई को आगे बढ़ाना, डीबीटी के माध्यम से छात्रों के अकाउंट में पैसा भेजने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बीच में किसी का भी हस्तक्षेप न हो। सीएम ने कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। दुनिया में जहां भी वंचित और उपेक्षित तबका है, अगर उन्हें विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनकी प्रायोरिटी शिक्षा होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में  वंचित छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। हर छात्र को स्कॉलरशिप देने के लिए वन नेशन वन स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई सीएम ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। आरटीई के तहत हर छात्र स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके, इसे अनिवार्य किया गया है। वहीं हर छात्र स्नातक तक शिक्षा फ्री में प्राप्त हो सके, इसके लिए अनेक स्कीम तैयार की गई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी गयी है। इसके अलावा हर छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री … Read more

शशिबाला सोनकर ने नमकीन यूनिट से लिखी महिला सशक्तीकरण की नई कहानी

मिशन शक्ति-6 योगी सरकार ने किया सहयोग, टेलर से उद्यमी बनीं मीरजापुर की शशिबाला  शशिबाला सोनकर ने नमकीन यूनिट से लिखी महिला सशक्तीकरण की नई कहानी   ओम साई आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शशिबाला की जिंदगी में हुई बदलाव की शुरुआत  – आज इनके फूड प्रोसेसिंग यूनिट में 12 नियमित और 2-5 सीजनल कर्मचारी करते हैं काम लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद की 56 वर्षीय शशिबाला सोनकर मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। कभी सिलाई कर घर का खर्च चलाने वाली शशिबाला के जीवन में योगी सरकार की योजनाओं ने बड़ा बदलाव लाया। मिशन शक्ति अभियान के तहत शशिबाला को योगी सरकार का सहयोग मिला और वह आज एक सफल उद्यमी बनकर प्रदेश भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।   छोटी बरैनी, कछवां की निवासी शशिबाला ने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत और साहस से नमकीन यूनिट का सफल उद्यम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने शशिबाला जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है, जो नारी गरिमा को नई ऊंचाई दे रही है। 12वीं तक पढ़ी-लिखी शशिबाला ने जीवन में लिंग भेदभाव और रंग-रूप जैसी चुनौतियों का सामना किया, साथ ही तीन बेटियों पालन-पोषण की जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने हर परिस्थिति को अपनी शक्ति और संकल्प से अवसर में बदला। ससुराल पक्ष से आर्थिक या नैतिक समर्थन न मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। सिलाई का काम शुरू कर उन्होंने घर खर्च और बच्चों की पढ़ाई का बोझ उठाया। 2018 में ‘ओम साई आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) से जुड़कर उनकी जिंदगी में बदलाव की शुरुआत हुई। इस समूह ने उन्हें वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया। आज वे समूह की कोषाध्यक्ष हैं और अन्य महिलाओं को सशक्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने नमकीन यूनिट शुरू करने का दिया अवसर शशिबाला का उद्यमी सफर तब रंग लाया जब डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ‘एक लाख महिला उद्यमी कार्यकम’ से उन्हें नमकीन यूनिट शुरू करने का अवसर मिला। शशिबाला बताती हैं कि “अपनी योजना को साकार करने के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया। 2 लाख रुपये (CLF से CCL), 1 लाख रुपये (CIF), 2 लाख रुपये (कैसफॉर) और 10 लाख रुपये (PMEGP के तहत आर्यावर्त बैंक से ऋण)। अपनी जमीन पर स्थापित इस फूड प्रोसेसिंग यूनिट में 12 नियमित और 2-5 सीजनल कर्मचारी काम करते हैं, जिनका मासिक वेतन 5,000 से 28,000 रुपये तक है। यूनिट मासिक 50,000 से 90,000 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही है, और उत्पाद मिर्जापुर, भदोही व वाराणसी के वितरकों तक पहुंच रहे हैं।“ अपने उद्यम को औपचारिकता और विस्तार देने के लिए शशिबाला ने Udyam Registration, FSSAI Registration, Flipkart और ONDC पर डिजिटल पंजीकरण करवाया। KBBL, udyME मेला और जिला स्तरीय उद्यमी सम्मेलनों (DEC) में भाग लेकर उन्होंने नेटवर्किंग और विपणन रणनीति सीखी। मिशन शक्ति के तहत मिले प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग ने उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास दिया, जिससे वे अपने समुदाय में बदलाव की अगुआ बन सकीं। शशिबाला कहती हैं कि उनकी अगली योजना बेकरी और चॉकलेट निर्माण इकाई स्थापित करना है, जिसमें उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक मशीनरी और अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जरूरत होगी। उनका अच्छा CIBIL स्कोर और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन भविष्य में और सहयोग दिलाने में मददगार साबित होगा। “मैंने कठिनाइयों को चुनौती मानी। सरकार की योजनाओं ने मुझे और मेरी बेटियों को सम्मान दिया।,”

सरकार की हरी झंडी के बाद निलंबित सीबीआई जज पर केस, एसीबी कर सकती है अगला कदम

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित पूर्व सीबीआई जज सुधीर परमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। अब एसीबी अदालत में पूर्व न्यायिक अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दायर कर सकेगी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व दंड प्रक्रिया संहिता के मुताबिक किसी भी लोक सेवक के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य है। राज्य चौकसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 18 महीने जांच करने के बाद परमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। पूर्व जज पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े रियल एस्टेट कंपनी एम3एम के प्रमोटर्स बसंत बंसल, पंकज बंसल और आईआरईओ के मालिक व प्रबंध निदेशक ललित गोयल व भतीजे अजय परमार के मामले में नरमी बरतने और रिश्वत लेने के आरोप थे। एसीबी से पहले ईडी ने रियल एस्टेट कंपनी के मालिकों व प्रबंध निदेशकों को घर खरीदारों और अन्य लोगों के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी में अपनी जांच कर रही थी, उसी दौरान एसीबी परमार और एक अन्य व्यक्ति के बीच व्हाट्सएप चैट के कुछ स्क्रीनशॉट मिले, जिसमें वह एम3एम मालिकों को ईडी के मामलों में मदद करने के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे।  इसी चैट में दूसरा व्यक्ति कहता है कि आईआरईओ मामले में सुधीर परमार को पहले ही 5 करोड़ रुपये दे चुका है। उसके बाद एसीबी ने सुधीर परमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उन पर यह भी आरोप है कि रिश्वत के पैसे से उन्होंने गुरुग्राम में प्रॉपर्टी भी खरीदी थी। बाद में इस मामले की जांच ईडी ने अपने हाथ में ले ली और सुधीर परमार के घर में छापे मारकर उन्हें गिरफ्तार किया। उसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।  

डॉ. इरफान अंसारी ने की स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियों की पुष्टि

रांची झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र के वितरण समारोह को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के लिए 'सबसे बड़ा दिन' बताया। डॉ अंसारी ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ अंसारी ने कहा कि 'अब समय है कि डॉक्टरों को सम्मान मिले, उनका मनोबल बढ़े। मैंने पिछले सात महीनों में इस दिशा में एक लंबी लकीर खींची है। डॉक्टरों की प्रतिष्ठा बहाल करना हमारा उद्देश्य है।' डॉ. अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कुल 10,000 कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'हमारा प्रयास है कि हर गांव, हर पंचायत तक डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। लोग महसूस करें कि झारखंड में भी एक मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था मौजूद है।' डॉ अंसारी ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में रिम्स-2 की स्थापना के साथ-साथ छह नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे। जब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बनते, तब तक डॉक्टर तैयार नहीं होंगे। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान रूप से सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, रांची समेत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि 'एक डॉक्टर 10,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे सकता है, ऐसे में 170 डॉक्टरों की नियुक्ति लाखों लोगों को राहत पहुंचाने वाली है। वहीं डॉ अंसारी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण न केवल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाएगा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।  

सुरक्षा बलों का ऑपरेशन कामयाब : झारखंड में नक्सली ठिकाने से हथियारों की भारी खेप जब्त

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीमों ने बड़ी सफलता हासिल की है। मधुबन थाना क्षेत्र के सतकीरा और पारसनाथ की पहाड़ियों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर हुई सघन छापेमारी के बाद मिली है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि कार्रवाई में जिले के जोकाई नाला और चीरवाबेड़ा इलाके में विशेष रूप से सर्चिंग की गई। इस दौरान एक एसएलआर राइफल, एक 3.3 राइफल, 113 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन पाउच, करीब 700 मीटर कोडेक्स वायर और 23 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह बरामदगी नक्सलियों की गतिविधियों को काफी हद तक प्रभावित करने वाली मानी जा रही है। वहीं डॉ कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में गिरिडीह पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की 203 और 154 बटालियन की टीमों ने मिलकर काम किया। खास बात यह है कि इस संयुक्त अभियान को अपर पुलिस अधीक्षक अभियान सुरजीत कुमार, डिप्टी कमांडेंट सीआरपीएफ 154 बटालियन अमित कुमार झा, असिस्टेंट कमांडेंट कोबरा 203 वैभव मल्होत्रा, पुलिस निरीक्षक पिंटु शर्मा (सीआरपीएफ 154/एफ), खुखरा थाना प्रभारी निरंजन कच्छप और निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित अन्य जवानों की सहभागिता से अंजाम दिया गया। बरामदगी के बाद डुमरी अनुमंडल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें एसपी डॉ. विमल कुमार और सीआरपीएफ कमांडेंट ने मीडिया को जानकारी दी। डॉ कुमार ने कहा कि नक्सल उन्मूलन अभियान निरंतर जारी रहेगा और इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन नक्सलियों की सारी गतिविधियों को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।  

शिवपुरी : बीच सड़क पर लोकायुक्त की छापेमारी, रिश्वत लेते फॉरेस्ट गॉर्ड को दबोचा

शिवपुरी जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना अंतर्गत राजापुर चौकी पर पदस्थ एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा है। वह खदान से पत्थर भरा ट्रैक्टर निकालने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था। बाद में 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि खनियाधाना के ग्राम रूपेपुर निवासी बलवीर सिंह लोधी ने 16 सितंबर को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि राजापुर चौकी पर पदस्थ फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर उससे खदान से पत्थर का ट्रैक्टर ले जाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। जबकि वह पत्थर की रॉयल्टी भी देता है। पैसे लेते ही लोकायुक्त की टीम ने दबोचा पुलिस ने बलवीर के शिकायत की जांच की। जिसके बाद आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। उसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए प्लान बनाया। फरियादी बलवीर को पूरी योजना समझाई। जब बलवीर ने राजापुर चौकी के पास  हीरापुर-पुरैनी मार्ग तिराहे पर आरक्षक तोमर को जैसे ही 5 हजार रुपए दिए तो पीछे से लोकायुक्त पुलिस टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि बलवीर ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में फॉरेस्ट गार्ड के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर से गुरुवार को हमने आरोपी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आगे की विवेचना की जा रही है।

बरेली में नमाज के बाद उपद्रव, माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

बरेली  यूपी के बरेली में जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया. प्रदर्शनकारी 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर सड़कों पर उतरे थे. आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया था. पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी भीड़ नहीं मानी और वह बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी. जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. फिलहाल, माहौल तनावपूर्ण हो गए हैं.  दरअसल, शुक्रवार को बरेली में जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. सैकड़ों लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया.  बताया जा रहा है कि श्यामगंज इलाके में प्रदर्शनकारियों और एसपी क्राइम के बीच नोकझोंक भी हुई. हालात को देखते हुए पुलिस ने श्यामगंज में दुकानें बंद करा दीं. नौमहला मस्जिद के बाहर भी भीड़ जुट गई. जब भीड़ बेकाबू हो गई तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. जिससे कुछ ही मिनट में सैकड़ों की संख्या में जमा हुए लोग भाग खड़े हुए.  आपको बता दें कि मौलाना तौकीर रजा ने 'आई लव मोहम्मद' मामले में डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की बात कही थी. उन्होंने सड़क पर उतरने का ऐलान किया था. जिसको लेकर पुलिस पहले से हाई अलर्ट पर थी. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था.  शुक्रवार को सुबह से ही इस्लामिया मैदान और बिहारीपुर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. श्यामगंज मंडी वाले रोड पर बैरिकेडिंग करने के साथ-साथ भारी फोर्स भी लगाई गई थी. दोपहर होते-होते जब लोग घरों से निकलने लगे तो माहौल गरम होने लगा. आखिर में जुमे की नमाज के बाद लोग जुलूस के रूप से नारेबाजी करते हुए सड़कों पर निकल पड़े. नारेबाजी हुई, हंगामा हुआ, पुलिस ने रोका तो झड़प हुई. इसके बाद लाठीचार्ज हुआ. 

अमित शाह का दावा: 2026 चुनाव के बाद साकार होगा ‘सोनार बांग्ला’ का सपना

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता के मशहूर संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने बंगाल और देशवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि नौ दिनों तक चलने वाला शक्ति की उपासना का यह पर्व आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया है। साथ ही उन्होंने इस दौरान मां दुर्गा से प्रार्थना की कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने, जो राज्य को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ (स्वर्णिम बंगाल) बना सके। शाह ने कहा कि मैंने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि बंगाल में ऐसी सरकार आए जो राज्य को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाए, जैसा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने सपना देखा था। शाह ने कहा कि मैंने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि इस चुनाव के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने जो 'सोनार बांग्ला' (स्वर्णिम बंगाल) की स्थापना करे। उन्होंने बंगाल को एक बार फिर शांति, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक बनाने की बात कही। ईश्वरचंद्र विद्यासागर को दी श्रद्धांजलि अमित शाह ने समाज सुधारक और शिक्षाविद ईश्वरचंद्र विद्यासागर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि विद्यासागर जी का महिला शिक्षा और समाज सुधार में योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसके साथ ही गृह मंत्री ने दुर्गा पूजा की शुरुआत में हुई भारी बारिश और इससे हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दस से ज्यादा लोगों की जान चली गई, हम सभी भाजपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।